देश-विदेश
मटर की फसल में करता था गांजे की खेती, 64 किलो माल के साथ किया गिरफ्तार
मध्य प्रदेश में डिंडोरी में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। यहां एक शख्स ने बेखौफ होकर अपने खेत में गांजे की फसल उगा रखी थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने जब छापेमारी की तो पाया कि आरोपी ने अपनी मटर की फसल के साथ अवैध रूप से गांजे के पौधे लगा रखे हैं। थाना गाडासरई से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 1 फरवरी को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम जामपानी में एक व्यक्ति ने अपने घर के सामने स्थित खेत (बाड़ी) मे मटर की फसल के साथ मादक पदार्थ गांजा की फसल लगा रखी है। इसके बाद पुलिस खेत पर कार्रवाई करने पहुंची।
50 दिन की बच्ची के पास 36 डॉक्यूमेंट्स, 'वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन' में दर्ज हुआ नाम
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के रहने वाले एक दंपति की 50 दिन की बेटी समृद्धि का वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन में नाम दर्ज हुआ है. इस बेटी के परिजनों ने महज 50 दिन की उम्र में सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र और सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित जीवन उपयोगी दस्तावेजों को बनवा लिया है. समृद्धि का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन की संस्था में दर्ज होने का प्रमाण पत्र भी मिल गया है.
दरअसल छिंदवाड़ा के रहने वाले प्रिया-मनीष बन्देवार की बेटी समृद्धि बन्देवार का जन्म 26 सितंबर 2023 को हुआ था. समृद्धि ने 50 दिन की उम्र में कई शासकीय और सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित जीवन उपयोगी दस्तावेजों को अर्जित कर लिया है. वहीं इस रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के बाद समृद्धि बन्देवार अब सर्वाधिक 36 दस्तावेजों की धारक विश्व की सबसे कम उम्र की बेटी बन गई हैं. कलेक्टर मनोज पुष्प ने प्रिया-मनीष बन्देवार को इस अद्भुत, सराहनीय कार्य के लिए बधाई देते हुए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन द्वारा जारी प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया है.
समृद्धि के पिता ने क्या कहा?
समृद्धि के पिता मनीष बन्देवार ने बताया कि जागरूकता के अभाव और लापरवाही के कारण बहुत से परिजन अपने बच्चों के बुनियादी दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड आदि तक नहीं बनवाते हैं. मेरे मन में बेटियों के प्रति आदर और सद्भाव के कारण मैंने अपनी बेटी के सभी आवश्यक दस्तावेजों को बनवाने का संकल्प लिया है. बेटियों के लिए चलाई जाने वाली सरकार की कुछ योजनाओं के बारे में जानकारी थी, लेकिन जब हमने कुछ और जानकारी जुटाई तो शासन द्वारा बेटियों के हित मे चलाई जाने वाली विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त हुई.
इन योजनाओं में समृद्धि का नाम दर्ज
इसके बाद हमने यह तय कर लिया कि हम बेटियों के कल्याण के लिए चलाई जाने वाली सभी योजनाओं में हमारी बेटी समृद्धि को हिस्सा बनाएंगे. समृद्धि के पिता ने आगे बताया कि टीकाकरण कार्ड, जन्म प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, समग्र सदस्य कार्ड, ग्रीन कार्ड, लाड़ली लक्ष्मी योजना का प्रमाण पत्र, पेन कार्ड, पासपोर्ट, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, केन्द्र शासन का स्थायी जाति प्रमाण-पत्र, राज्य शासन का स्थायी जाति प्रमाण-पत्र, डिजी लॉकर खाता, पोस्ट ऑफिस बचत खाता, आर.डी.खाता, सुकन्या समृद्धि योजना खाता, एनएससी, किसान विकास पत्र, महिला सम्मान बचत पत्र में नाम दर्ज है.
इसके अलावा पीपीएफ, फिलाटेलिक डिपोजिट खाता, माय स्टाम्प, एमआईएस, एक वर्षीय टर्म डिपोजिट, 2 वर्षीय टर्म डिपोजिट, 3 वर्षीय टर्म डिपोजिट, 5 वर्षीय टर्म डिपोजिट, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया बचत खाता, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया चेक बुक, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया बचत खाता, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया चैक बुक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ए.टी.एम., यूनियन बैंक ऑफ इंडिया बचत खाता, एल.आई.सी. एजुकेशन प्लान, एलआईसी कन्यादान प्लान और निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड के मिलाकर कुल 36 दस्तावेजों में भी नाम दर्ज हो चुका है.
समृद्धि के पिता ने बेटियों के माता-पिता से की ये अपील
उन्होंने कहा कि सूबेदार नरेंद्र सिंह बेस मेमोरियल फाउंडेशन के चेयरमैन और मध्य प्रदेश पुलिस में डीएसपी के पद पर कार्यरत प्रदीप वाल्मीकि की वजह से हमारी मेहनत रंग लाई और वर्ल्ड बुक ऑफ द रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ. समृद्धि के पिता ने कहा कि इन जीवन उपयोगी दस्तावेजों को बनवाकर हमने शासन की योजनाओं के माध्यम से बेटियों के मान-सम्मान को समाज में और सशक्त बनाया है, जो और भी लोगों के लिए प्रेरणादायी हो सकता है. उन्होंने बेटियों के माता-पिता और स्वजनों से अपील की है कि वह बेटियों के सशक्तिकरण, सम्मान और भविष्य के लिए बेटियों से संबंधित सभी शासकीय दस्तावेजों को बनवाकर बेटियों के उज्जवल भविष्य की दिशा में काम करें.
BIG BREAKING छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में प्रचंड बहुमत की ओर बीजेपी...यहां देखें सुबह 11 बजे तक का रूझान...
मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में मतगणना जारी है. इस बीच रुझानों भारतीय जनता पार्टी को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत मिलता दिख रहा है. बीजेपी लगातार बढ़त बनाए हुए है रुझानों के मुताबिक तीनों राज्यों में बीजेपी की सरकार बनते दिख रही है.
सुबह 11 बजे तक आए रुझानों के अनुसार राजस्थान की 199 सीटों पर आए रुझानों में बीजेपी 117 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है और आसानी से बहुमत हासिल करते दिख रही है. वहीं कांग्रेस बीजेपी से पिछड़ती दिख रही है और 67 सीटों बढ़त बनाए हैं. अन्य 15 पर आगे हैं. मध्य प्रदेश चुनाव के रुझानों में तो बीजेपी की सूनामी दिखाई दे रही है. इधर छत्तीसगढ़ के आंकड़ें भी हैरान करने वाले हैं. यहां भी बीजेपी का जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला है और बीजेपी कांग्रेस से आगे निकल गई है और रुझानों में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है.
मध्य प्रदेश में बीजेपी को जबरदस्त बढ़त
मध्य प्रदेश में सुबह ग्यारह बजे तक सभी 230 सीटों पर आए रुझानों के मुताबिक प्रदेश में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते दिख रही है. बीजेपी 137 सीटों पर आगे है और रुझानों में पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है. कांग्रेस दूसरे नंबर पर हैं और 91 सीटों पर आगे बढ़त बनाए हैं. अन्य दो सीटों पर आगे चल रहे हैं.
छत्तीसगढ़ में रुझानों में बीजेपी को बहुमत
मध्य प्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ के रुझान भी हैरान करने वाले हैं. यहां सुबह ग्यारह बजे तक के रुझानों में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है. बीजेपी यहां 47 सीटों पर आगे है और कांग्रेस 41 सीटों पर आगे हैं, जबकि दो सीटों पर अन्य ने बढ़त बनाए हुई है. छत्तीसगढ़ में सीएम भूपेश बघेल पाटन सीट से आगे चल रहे हैं, लेकिन अंबिकापुर सीट से डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव पीछे चल रहे हैं और राजनांदगांव सीट से बीजेपी नेता और पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह आगे बने हुए हैं.
BIG BREAKING इस राज्य में भाजपा बहुमत के काफी करीब...देखें कितनों सीटों पर बढ़त बनाए हुए है पार्टी....
राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए डाले गए मतों की सुबह से अभी तक वोटों की गिनती में रुझान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में है. ताजा अपडेट के मुताबिक बीजेपी 199 सीटों में से 126 सीट पर आगे चल रही है. कांग्रेस की 61 सीटों पर बढ़त है. इसके अलावा, 12 सीटों पर अन्य प्रत्याशी आगे हैं. राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के दूसरे राउंड की मतगणना में सीएम अशोक गहलोत के धुर विरोधी और टोंक से कांग्रेस के प्रत्याशी और युवा नेता सचिन पायलट फिर आगे हो गए हैं. पहले राउंड में वह बीजेपी प्रत्याशी से पीछे हो गए थे. पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता वसुंधरा राजे भी झालरापाटन सीट पर 5 हजार वोटों से आगे चल रही हैं.
EC के रुझानों में बीजेपी 27 पर आगे
राजस्थान चुनाव आयोग के शुरुआती रुझान में बीजेपी ने 27 सीटों पर बढ़त बना ली है. जबकि कांग्रेस 18 सीटों पर आगे है. भारत आदिवासी पार्टी, बसपा और रालोद को एक एक सीट पर बढ़त मिली हुई है.
सरकार बनाने के लिए 101 सीट जरूरी
राजस्थान विधानसभा की कुल 200 सीटों में 199 सीटों पर 25 नवंबर को मतदान हुआ था. श्रीकरणपुर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी गुरमीत सिंह कुन्नर के निधन की वजह से चुनाव नहीं कराए गए. राजस्थान में सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 101 सीटों पर जीत हासिल करना जरूरी है. राजस्थान में पिछले दो दशक से ज्यादा समय से सीएम की कुर्सी बीजेपी और कांग्रेस के इर्द-गिर्द घूमती रही है. प्रदेश में एक बार कांग्रेस तो दूसरी बार बीजेपी की सरकारों का बनना और गिरना एक रिवाज जैसा है. बीजेपी शुरू से कह रही थी कि इस बार भी सियासी रिवाज कायम रहेगा. जबकि कांग्रेस नेता सचिन पायलट और सीएम अशोक गहलोत दावा कर रहे थे कि इस बार परंपरा बदलेगी.
रिकॉर्ड मतदान
बता दें कि राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए 25 नवंबर को वोट डाले गए थे. एमपी की तरह राजस्थान में भी बंपर वोटिंग हुई थी. प्रदेश में पहली बार रिकॉर्ड 75.45 प्रतिशत मतदान हुआ. राजस्थान चुनाव 2018 में कांग्रेस ने 39.30 प्रतिशत वोट हासिल मिले थे और उसे 100 सीटें मिली थीं. बीजेपी को 38.77 प्रतिशत वोट मिले और पार्टी 73 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई थी.
12 गौ सांसदों की कोर कमेटी का हुआ गठन
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में गौ माता को राष्ट्र माता बनाने, गौ माता की हत्या पूरी तरह बंद करने, गौ माता की रक्षा के लिए ज्योतिष पीठाश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज की अध्यक्षता में शुक्रवार को छतरपुर तेरापंथ भवन में 12 गौ सांसदों की कोर कमेटी का गठन किया गया।
गौ संरक्षक आंदोलन के सायोजक गौ भक्त गोपाल मणि तथा संसद की कार्यवाही को विधि और धर्म सम्मत संचालन के लिए ज्योतिष पीठाश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज को उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता शास्त्री किशोर देव, विकास पाटनी, डॉ. गार्गी पण्डित, साध्वी पूर्णम्बदा, सचिव का दायित्व उत्तम भारद्वाज, सह-सचिव देवेन्द्र पाण्डेय, मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगी, सांसद पंजीयन सक्षम योगी, स्वामी नीरंजानंद, शम्भु प्रशाद पाठक, भानु हर्ष मिश्रा और आशुतोष पाण्डेय को विशेष प्रभार सौपे गये। साथ ही पूरे भारत से आए 110 गौ सांसदों ने गौ माता के सम्मान की स्थापना की शपथ ली।
रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग बढायेंगे भारत और वियतनाम
नई दिल्ली । भारत और वियतनाम साइबर सुरक्षा, सूचना सुरक्षा, सैन्य चिकित्सा और पनडुब्बी खोज एवं बचाव जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढायेंगे। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को यहां बताया कि दोनों देशों के बीच 14वीं भारत-वियतनाम रक्षा नीति वार्ता बृहस्पतिवार को यहां हुई। वार्ता की सह-अध्यक्षता रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने और वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा उप मंत्री वरिष्ठ लेफ्टिनेंट जनरल होआंग जुआन चिएन ने की।
बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के मुद्दों की समीक्षा की और जून 2022 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की वियतनाम यात्रा के दौरान ‘2030 की ओर, भारत-वियतनाम रक्षा साझेदारी पर संयुक्त विजन वक्तव्य’ पर हस्ताक्षर करने के बाद संबंधों में हुई प्रगति का उल्लेख किया। वियतनाम ने सहयोग के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों का प्रस्ताव रखा, जिनमें प्रतिनिधिमंडल का आदान-प्रदान और संवाद, स्टाफ-वार्ता, सेनाओं के बीच परस्पर सहयोग, रक्षा और प्रशिक्षण तथा रक्षा उद्योग सहयोग शामिल हैं।
रक्षा सचिव ने पाँच सूत्री प्रस्ताव का स्वागत किया तथा साइबर सुरक्षा, सूचना सुरक्षा, सैन्य चिकित्सा, पनडुब्बी खोज एवं बचाव जैसे दोनों देशों के लिए चिंता के उभरते क्षेत्रों में सहयोग का प्रस्ताव रखा। रक्षा सचिव ने मित्र देशों की क्षमता और क्षमता वृद्धि को पूरा करने के लिए घरेलू रक्षा उद्योग की क्षमता पर प्रकाश डाला तथा वियतनाम पीपुल्स आर्म्ड फोर्सेज और उनके उद्योगों के साथ उपयोगी साझेदारी के प्रति आशा व्यक्त की।
बैठक के बाद, रक्षा सचिव और वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा उप मंत्री ने प्रशिक्षकों और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान सहित प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए। भारत और वियतनाम के बीच रक्षा सहयोग, व्यापक रणनीतिक साझेदारी के मजबूत स्तंभों में से एक है। वियतनाम भारत की एक्ट ईस्ट नीति और हिन्द प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भागीदार है।
भारत की कृषि विविधता वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए आशा की किरण
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि कृषि क्षेत्र में भारत की विविधता इस देश को विश्व की खाद्य सुरक्षा के लिए आशा की किरण बनाती है। श्री मोदी नई दिल्ली में आयोजित कृषि अर्थशास्त्रियों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन कर रहे थे।
यह सम्मेलन भारत में 65 साल बाद आयोजित किया गया है। सात दिन के इस सम्मेलन में दुनिया भर के 1000 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं जिसमे 40 प्रतिशत से अधिक महिला डेलीगेट हैं। उद्घाटन सत्र को कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी संबोधित किया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की पहल से आज भारत में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर दुनिया में सबसे ऊंची चल रही है तथा भारत कृषि का उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मानव और जमीन के स्वास्थ्य पर भी ध्यान दे रहा है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि 65 साल पहले जब भारत ने मैसूर में इस सम्मेलन का आयोजन किया था उस समय भारत की खाद्य सुरक्षा दुनिया की चिंता का विषय था , आज भारत दुनिया की खाद्य सुरक्षा की चिंता कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व में दूध दाल और मसाले का सबसे बड़ा उत्पादक है। फल सब्जियां मछली आदि के उत्पादन में भी भारत का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि भारत में अधिकांश किसान छोटी जोत वाले किसान हैं और यह किसान ही भारत की खाद्य सुरक्षा का आधार हैं । उन्होंने कहा कि एशिया के तमाम देशों में भी भारत की तरह ही किसानों की जमीन कम हैं ,भारत का मॉडल उनके और दक्षिणी गोलार्ध के अन्य देशों के लिए एक मॉडल बन सकता है।
श्री मोदी ने कहा कि भारत एक प्राचीन देश है। भारत की कृषि और भोजन की परंपराएं भी उतनी ही प्राचीन हैं। उन्होंने संस्कृत के एक श्लोक का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में अन्न को सभी पदार्थों में सबसे श्रेष्ठ और सभी औषधीय का आधार माना गया है। श्री मोदी ने कहा कि पारंपरिक ज्ञान कि हमारी समृद्धि परंपरा भारत में कृषि प्रणाली का आधार है। उन्होंने इसी संबंध में 2000 वर्ष पूर्व लिखे गए कृषि पाराशर ग्रंथ का उल्लेख किया और कहा कि यह ग्रंथ आज विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध है।
प्रधानमंत्री ने वर्ष 2024- 25 के बजट में भारतीय कृषि प्रणाली को नैसर्गिक दृष्टि से स्वस्थ और जलवायु परिवर्तन के समक्ष जुझारू बनाने के लिए किए गए प्रावधानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने सम्मेलन के प्रतिनिधियों को भारत में मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, ड्रोन दीदी, इलेक्ट्रॉनिक कृषि मंडी और किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 10 करोड़ किसानों को डिजिटल तरीके से किया जा रहे भुगतान जैसी अनेक पहल कभी उल्लेख किया।
श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि इस सम्मेलन की चर्चाओं से किसी को स्वस्थ बनने की चुनौतियों के विषय में महत्वपूर्ण सुझाव सामने आएंगे और हमें एक दूसरे के अनुभव से सीखने का लाभ मिलेगा।
वायनाड भूस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर 344 हुई
वायनाड । केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 344 हो गई और 206 लोग अभी भी लापता हैं। रेस्क्यू टीम का शनिवार को पांचवें दिन भी ऑपरेशन जारी है।
रक्षा बलों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन सेवा और स्वयंसेवकों के 1,500 से अधिक कर्मियों वाली बचाव टीम ने शनिवार सुबह चार सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों चूरलमाला, वेल्लारीमाला, मुंडकाईल और पुंचिरीमाडोम में तलाशी शुरू कर दी है।
अब तक 146 शवों की पहचान हो चुकी है, जबकि 74 की पहचान होनी बाकी है। मृतकों में 30 बच्चे भी शामिल हैं। मलबे से बड़ी संख्या में क्षत-विक्षत शरीर के अंग भी बरामद किये गए हैं।
यहां लगभग 100 राहत शिविर हैं, जिनमें लगभग 9,500 लोगों को स्थानांतरित किया गया है। जिले के विभिन्न अस्पतालों में 84 लोग भर्ती हैं।
122 टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल और कन्नूर इकाई से जुड़े अभिनेता मोहनलाल अपनी इकाई के साथ शनिवार सुबह प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे।
सैन्य वर्दी पहने मोहनलाल सबसे पहले मैप्पडी में स्थित बेस कैम्प पहुंचे और रक्षा बलों से मुलाकात की। फिर वह चूरलमाला पहुंचे और बचाव दल के साथ बातचीत की।
घुसपैठ रोकने में नाकाम रहे बीएसएफ के चीफ और डिप्टी चीफ को केंद्र सरकार ने हटाया
नई दिल्ली । गृह मंत्रालय ने बीएसएफ के दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके पदों से हटा दिया है। डीजी बीएसएफ नितिन अग्रवाल और स्पेशल डीजी वाईबी खुरानिया को उनके पदों से हटाकर उनके मूल कैडर में वापस भेज दिया गया है।
डीजी बीएसएफ नितिन अग्रवाल को उनके पद से हटाकर उन्हें केरल कैडर में वापस भेज दिया गया है। अग्रवाल ने बीएसएफ के डीजी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए और सीमा सुरक्षा बल की कार्यक्षमता को मजबूत किया। हालांकि, गृह मंत्रालय के आदेश के तहत उन्हें अब उनके मूल कैडर में वापस भेजा गया है।
स्पेशल डीजी वाईबी खुरानिया को भी गृह मंत्रालय के आदेश के तहत उन्हें उनके मूल कैडर ओडिशा वापस भेज दिया गया है। खुरानिया ने बीएसएफ में विभिन्न उच्च पदों पर रहते हुए अपनी सेवाएं दी हैं और सीमा सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर अपना योगदान दिया है। लेकिन अब उन्हें भी उनके मूल कैडर में वापस भेजा गया है।
जम्मू कश्मीर में पिछले 1 साल से हो रही लगातार आतंकियों की घुसपैठ डीजी बीएसएफ और स्पेशल डीजी बीएसएफ को हटाने की मुख्य वजह है। जम्मू कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ को लेकर भारत सरकार का यह सबसे बड़ा प्रशासनिक एक्शन है जिसमें वरिष्ठतम अधिकारियों पर गाज गिरी है।
पिछले 1 महीने में इन दोनों अधिकारियों ने जम्मू कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय सीमा और लाइन ऑफ कंट्रोल का दौरा किया था और अहम बैठकों में हिस्सा लिया था। इसके अलावा पंजाब सेक्टर से लगातार हो रही आतंकी घुसपैठ को प्रभावशाली ढंग से ना काबू पाना भी इस सबसे बड़े एक्शन की बड़ी वजह है।
बीएसएफ में उच्चस्तरीय अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद, अब यह देखना होगा कि नए नियुक्त अधिकारी कैसे कार्यभार संभालते हैं और बल की कार्यक्षमता को कैसे बढ़ाते हैं। इस बदलाव के बाद, बीएसएफ के संचालन और रणनीतियों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
पिछले कई सालों में ऐसा पहली बार हुआ है जब 2 वरिष्ठतम अधिकारियों को इस तरीके से हटाया गया है जो किसी अर्धसैनिक बलों को लीड कर रहे थे। यह घटना सुरक्षा बलों के अंदर की संरचना और प्रशासनिक निर्णयों पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।
"भारत में पहली बार हुआ व्हीलचेयर का बीमा, जानिए किसने किया इंश्योरेंस ?
वर्षों की कड़ी मेहनत और सामान्य बीमा कंपनियों के साथ लगातार अनुवर्ती कार्रवाई के परिणामस्वरूप, अरमान अली अपनी महंगी व्हीलचेयर का बीमा कराने में सफल रहे हैं। यह पहली बार है कि भारत में व्हीलचेयर का बीमा किया गया है।
पहली बार व्हीलचेयर बीमा
दुनिया भर में घूमने वाले अरमान अली को अपनी जर्मन व्हीलचेयर की सुरक्षा का डर सताता था. क्योंकि वह दिव्यांग लोगों के अधिकारों के लिए दुनिया भर के सम्मेलनों और सेमिनारों में भाग लेने के लिए यात्रा करते रहते हैं। लेकिन अब वह बेहद खुश हैं कि आखिरकार उन्हें अपनी महंगी व्हीलचेयर का बीमा कराने में सफलता मिल गई है।
इसके लिए वह एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के आभारी हैं, जिसने 21 जुलाई 2023 को उनकी व्हीलचेयर के लिए सभी जोखिम बीमा पॉलिसी जारी की है। और 20 जुलाई 2024 को यह बीमा समाप्त हो जाएगा। अरमान अली की व्हीलचेयर का एसबीआई जनरल इंश्योरेंस ने 426,245 रुपये में बीमा कराया है। एबीपी लाइफ की बीमा पॉलिसी की कॉपी भी है.
एसबीआई जनरल इंश्योरेंस द्वारा बीमाकृत
अरमान अली पिछले दो वर्षों से व्हीलचेयर और अन्य उपकरणों के लिए बीमा कवरेज की मांग कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने 22 बीमा कंपनियों को पत्र भी लिखा था. 9 कंपनियों ने इसका जवाब दिया लेकिन अंततः एसबीआई जनरल इंश्योरेंस इसका बीमा करने के लिए तैयार हो गया।
अरमान अली दिव्यांग लोगों के लिए काम करने वाली संस्था नेशनल सेंटर फॉर प्रमोशन ऑफ एम्प्लॉयमेंट फॉर डिसेबल्ड पीपल (एनसीपीईडीपी) में कार्यकारी निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।
व्हीलचेयर बहुत महंगी हैं
दरअसल, दिव्यांगों के लिए ये जरूरी उत्पाद काफी महंगे हैं, साथ ही इन चीजों पर बीमा कवरेज का भी कोई प्रावधान नहीं है। इससे ये उत्पाद लोगों की पहुंच से बाहर हो जाते हैं। अरमान अली का मानना है कि व्हीलचेयर बहुत महंगी हैं और बीमा कवरेज मिलने से इसे खरीदना और मरम्मत की लागत वहन करना आसान हो जाता है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा प्रदत्त राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को 15 अगस्त को माउंट एल्ब्रुस की चोटी पर फहराएंगी छत्तीसगढ़ की पर्वतारोही सुश्री अंकिता गुप्ता
*मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा प्रदत्त राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को 15 अगस्त को माउंट एल्ब्रुस की चोटी पर फहराएंगी छत्तीसगढ़ की पर्वतारोही सुश्री अंकिता गुप्ता*
अब आम जन से उठने लगी मध्य प्रदेश में तीसरे दल की मांग
अब आम जन से उठने लगी मध्य प्रदेश में तीसरे दल की मांग - अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)
पुणे में एनसीपी नेता वनराज आंदेकर की हत्या
पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में एक बड़ी वारदात सामने आई है। यहां अजीत पवार की पार्टी एनसीपी के पूर्व कॉर्पोरेटर वनराज आंदेकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वनराज पर धारदार हथियार से भी हमला किया गया. इस हमले में एनसीपी नेता की मौत हो गई। पुलिस पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, फायरिंग की घटना नाना पेठ इलाके में हुई। वनराज आंदेकर पर हमला रविवार रात 9.30 बजे हुआ। हमले में घायल वनराज को एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
धारदार हथियार से हमला किया
संयुक्त पुलिस आयुक्त रंजन कुमार शर्मा ने कहा कि रविवार रात करीब 9.30 बजे वनराज आंदेकर अपने चचेरे भाई के साथ इमानदार चौक पर थे। कुछ लोग आए और उन पर हमला कर दिया। इस हमले के दौरान बदमाशों ने पांच फायरिंग की और एनसीपी नेता पर धारदार हथियारों से भी हमला किया।
शर्मा ने कहा, 'क्राइम ब्रांच और अन्य जोन की टीमें आरोपियों को खोजने और गिरफ्तार करने में लगे हुए हैं। अभी तक स्पष्ट नहीं है कि आरोपी कौन हैं।' उन्होंने आगे कहा कि कुछ ज्ञात लोगों के नाम सामने आए हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है।
परिवार में कई लोग राजनीति में
वनराज आंदेकर 2017 में पुणे नगर निगम चुनाव में कॉर्पोरेटर चुने गए थे। उनकी मां राजश्री और चाचा उदयकांत भी नगरसेवक रह चुके हैं। वनराज की बहन वत्सला मेयर रह चुकी हैं।
आंध्र, गुजरात और महाराष्ट्र में भारी बारिश की चेतावनी, तेलंगाना में ऑरेंज अलर्ट
इंदौर । मौसम विभाग ने सोमवार को महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मेघालय और मिजोरम के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की है।
पिछले दो दिनों से भयंकर बाढ़ और जलभराव से जूझ रहे आंध्र और तेलंगाना में बारिश होने की संभावना है। आईएमडी ने तेलंगाना, गुजरात, असम, मेघालय और पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
2 सितंबर को देश में मौसम का अपडेट
मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा पश्चिम मध्य प्रदेश, असम, मेघालय, गुजरात क्षेत्र और मराठवाड़ा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बरसात की संभावना है।
आईएमडी ने अपने मौसम बुलेटिन में कहा कि विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर 20 सेमी से अधिक बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश, असम, मेघालय, गुजरात और मराठवाड़ा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारती वर्षा (12 सेमी) होने की संभावना है। वहीं, उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश (7 सेमी) हो सकती है।
मौसम विभाग ने तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर तेज हवाओं के साथ गरज और बौछारें पड़ने की भविष्यवाणी की है। बिहार, झारखंड, गुजरात, कोंकण, गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, त्रिपुरा और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने की संभावना है।
IMD ने उत्तरी अरब सागर, पश्चिम मध्य और उत्तर-पश्चिम अरब सागर के कई हिस्सों और आसपास के क्षेत्रों में 35 से 45 किमी प्रति घंटे की गति से हवा चलने की भविष्यवाणी की है।
राष्ट्रपति 2 से 4 सितंबर तक महाराष्ट्र के दौरे पर रहेंगी
दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 2 से 4 सितंबर, 2024 तक महाराष्ट्र का दौरा करेंगी। राष्ट्रपति 2 सितंबर को कोल्हापुर के वारणानगर में श्री वारणा महिला सहकारी समूह के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगी।
राष्ट्रपति 3 सितंबर को पुणे में सिम्बायोसिस इंटरनेशनल (डीम्ड यूनिवर्सिटी) के 21वें दीक्षांत समारोह की शोभा बढ़ाएंगी और कार्यक्रम को संबोधित करेंगी। वे उसी दिन मुम्बई में महाराष्ट्र विधान परिषद के शताब्दी वर्ष समारोह में भी भाग लेंगी।
राष्ट्रपति 4 सितंबर को लातूर के उदगीर में बुद्ध विहार का उद्घाटन करेंगी। वे उदगीर में महाराष्ट्र सरकार की 'शासन अपल्या दारी' और 'मुख्यमंत्री माझी लडकी बहिन योजना' के लाभार्थियों के एक सम्मेलन को भी संबोधित करेंगी।
स्वास्थ्य योद्धा के साथ जो घटना हुई, वह मानवता को शर्मसार करने वाली : उपराष्ट्रपति
दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज 9 अगस्त को एक स्वास्थ्य योद्धा के खिलाफ की गई हिंसा को पूरी मानवता को शर्मिंदा करने वाली क्रूरता की चरम सीमा बताया है। उत्तराखंड के ऋषिकेष में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए जगदीप धनखड़ ने कहा कि ऐसी बर्बर घटनाएं पूरी सभ्यता को शर्मिंदा करती हैं और भारत के आदर्शों को तहस-नहस कर देती हैं।
उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने कहा, “जब मानवता शर्मसार होती है, तब कुछ भटके हुए लोंगों की आवाज़ें चिंता का कारण बनती हैं। उनके इस प्रकार के विचार केवल हमारे असहनीय दर्द को बढ़ाते हैं। सही शब्दों में कहें तो वे हमारी घायल अंतरात्मा पर नमक छिड़क रहे हैं और वे कह रहे हैं कि "यह एक लक्षणात्मक विकृति है, एक सामान्य घटना है।" उन्होंने कहा कि जब यह बात कोई ऐसा व्यक्ति कहता है जो संसद सदस्य है, एक वरिष्ठ वकील है, तो यह अपराध चरम सीमा पर पहुंच जाता है। इस तरह के राक्षसी विचारों के लिए कोई बहाना नहीं हो सकता। मैं ऐसे गुमराह व्यक्तियों से अपनी इस प्रकार की सोच पर फिर से विचार करने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का आह्वान करता हूं। यह ऐसी घटना नहीं है जिसे आपको राजनीतिक चश्मे से देखना चाहिए, यह आपकी निष्पक्षता को खत्म कर देता है।”
अपने संवैधानिक पद के आधार पर चिकित्सा जगत और इस देश की महिलाओं के प्रति अपने उत्तरदायित्व को स्वीकार करते हुए, श्री धनखड़ ने कहा, “मैं आपके सामने हूं। वास्तव में एक संवैधानिक पद पर रहते हुए, मुझे अपना उत्तरदायित्व निभाना होगा, मुझे उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में अपने पद को उचित ठहराना होगा।''
चिकित्सा पेशेवरों के काम को भगवान कृष्ण द्वारा बताए गए 'निष्काम सेवा' के रूप में संदर्भित करते हुए, बिना किसी अपेक्षा के सिर्फ अपना कर्तव्य निभाते हुए, उपराष्ट्रपति ने किसी भी रूप में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा के कृत्यों की घोर निंदा की।
डॉक्टरों की कार्यस्थल पर सुरक्षा के लिए अपनी चिंता व्यक्त करते हुए, उन्होंने एक ऐसी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया जहां स्वास्थ्य योद्धा पूरी तरह से सुरक्षित रहें।
उपराष्ट्रपति महोदय ने कहा, “एक डॉक्टर सिर्फ एक हद तक ही सहायता कर सकता है। एक डॉक्टर खुद को भगवान नहीं बना सकता। वो भगवान के बराबर हैं, इसलिए जब कोई मर जाता है, भावनाओं और बेकाबू भावनाओं के कारण डॉक्टरों को वो सम्मान नहीं दिया जाता जो उन्हें मिलना चाहिए..डॉक्टरों, नर्सों, कंपाउंडरों, स्वास्थ्य योद्धाओं की सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित किया जाना चाहिए।”
गैर-सरकारी संगठनों की चयनात्मक चुप्पी की आलोचना करते हुए, श्री धनखड़ ने कहा कि “कुछ गैर-सरकारी संगठन एक घटना को लेकर सड़क पर हैं, तो एक दूसरी घटना पर कुछ भी ना बोलने की स्थिति में हैं। हमें उनसे सवाल करना होगा। उनकी चुप्पी 9 अगस्त 2024 को इस जघन्य अपराध के अपराधियों के दोषी कुकृत्य से भी बदतर है। जो लोग राजनीति करना चाहते हैं और ब्राउनी पॉइंट अर्जित करना चाहते हैं, वे अपनी अंतरात्मा की आवाज का जवाब नहीं दे रहे हैं।"
ऐसी घटनाओं को रोकने और एक ऐसी व्यवस्था तैयार करने के समाज के दायित्व को रेखांकित करते हुए जहां महिलाएं सुरक्षित महसूस करें, उपराष्ट्रपति ने जोर देकर कहा, “जिसने भी यह किया है उसे उत्तरदायी ठहराया जाएगा लेकिन समाज को भी उत्तरदायी ठहराया जाना चाहिए। समाज अपने दायित्व से बच नहीं सकता। मैं इसे सरकार या राजनीतिक दलों का मामला नहीं बनाना चाहता। यह समाज का मामला है, यह हमारे लिए अस्तित्व संबंधी चुनौती है। इसने हमारे अस्तित्व की बुनियाद को हिलाकर रख दिया है। इसने सवाल उठाया है कि भारत किसके लिए खड़ा है और हजारों वर्षों से किसके लिए खड़ा है।''
उपराष्ट्रपति महोदय ने कहा, “यह ब्राउनी पॉइंट अर्जित करने, राजनीतिक लाभ प्राप्त करने का अवसर नहीं है। यह गैर पक्षपातपूर्ण है। इसके लिए द्विदलीय ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। लोकतंत्र में सभी हितधारकों को एक मंच पर आने की आवश्यकता है।"
इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, ऋषिकेश के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर मीनू सिंह, विद्यार्थी, अस्पताल के कर्मचारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
मध्य प्रदेश में अगले चार दिन कभी तेज, तो कभी हल्की बारिश के आसार
भोपाल। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि अवदाब के क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश के अधिकतर जिलों में बारिशका सिलसिला शुरू हो गया है। भोपाल में बारिश को दौर जारी है। सितंबर की शुरूआत से ही अच्छी बारिश हो रही है। सितंबर महीने में भोपाल में करीब 7 इंच बारिश होने का ट्रेंड है। अच्छी बारिश होने का अनुमान जताया है। भोपाल में रविवार को केरवा डैम के 8 में से 3 गेट खुल गए।
अवदाब के क्षेत्र के सोमवार को विदर्भ के आसपास पहुंचकर कुछ कमजोर होकर गहरे कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने के आसार हैं। इस मौसम प्रणाली के असर से ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन संभाग के जिलों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला दो से तीन दिन तक बना रह सकता है।
बना रहेगा बारिश का दौर
इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। शेष क्षेत्रों में भी हल्की बारिश होने के आसार हैं। उधर पांच सितंबर को एक अन्य मौसम प्रणाली के बंगाल की खाड़ी में बनने के संकेत मिले हैं। इस वजह से बारिश का दौर अभी बना रहेगा।
इस मानसून भोपाल में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। भोपाल की सामान्य बारिश 37.6 इंच है, जबकि इस बार 41 इंच से ज्यादा पानी गिर गया है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिन कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होने का अनुमान जताया है। धूप भी खिली रहेगी।
झमाझम बारिश के कारण कोलांस नदी उफान पर है
सीहोर जिले में रविवार को हुई झमाझम बारिश के कारण कोलांस नदी उफान पर है। इसके चलते राजधानी के बड़े तालाब के जलस्तर में तेजी से इजाफा हो रहा है। इसके मद्देनजर निगम प्रशासन को भदभदा डैम का गेट क्रंमाक छह रविवार शाम साढ़े सात बजे खोलना पड़ा। भदभदा डैम के प्रभारी ने बताया कि बड़े तालाब में पानी के लेवल का मेंटन करने के लिए भदभदाडैम का एक गेट रातभर खुला रहेगा।
चूंकि भदभदा डैम से छोड़े जाने वाला पानी कलियासोत डैम पर पहुंचता है। तब कलियासोत डैम के गेट भी खोल दिए जाते हैं। लिहाजा कलियासोत डैम के गेट भी खुलना तय है। हालांकि जब इस बारे में कलियासोत डैम के प्रभारी नितिन कुहिकर से इस बारें में जब जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
आपको बता दें कि बारिश के इस सीजन में अब तक भदभदा डैम का गेट चौथी बार खोला जा रहा है। इसके पहले भदभदा डैम के गेट तीन बार पहले खुल चुके है।