देश-विदेश
देश के लिए तो मैं सिर्फ एक सेवक हूं: मोदी
हिम्मतनगर ,। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि शायद दुनिया के लोग उन्हें एक देश के प्रधानमंत्री के तौर पर जानतें होंगे। परंतु देश के लिए तो मैं सिर्फ एक सेवक हूं। देशवासियों के लिए सेवा का व्रत लेकर निकला हुआ, हमेशा आपका साथी नरेन्द्रभाई हूं। यही शक्ति है जिसे लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं।
श्री मोदी ने साबरकांठा के हिम्मतनगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 2014 में जब आपने मुझे दिल्ली भेजा तो छोटे-मोटे काम करने के लिए थोड़े भेजा था। आपने मुझे चुनौतियों को चुनौती देने के लिए भेजा था। चुनौतियों को टालने के लिए नहीं चुनौतियों से टकराने के लिए भेजा था। इस मिट्टी में वह ताकत है दुनिया ने महात्मा गांधी में वो ताकत देखी थी। देश ने सरदार वल्लभ भाई पटेल में वो सामर्थ्य देखा था। इस मिट्टी में वो ताकत है जिसने मुझे पाला, पोसा और बड़ा किया और मैं आप सबकी सेवा करने में दिन-रात खपाता रहता हूं।
उन्होंने कहा कि दस साल पहले तक देश आतंकवाद की आग में जल रहा था। जब आतंकवादी आते थे तो बहुत बड़ी घटना करते थे। मुंबई में उन्होंने 26/11 किया। उस समय की सरकार डॉजियर भेजती थी। आज का भारत आतंक के आकाओं को डॉजियर नहीं डोज देता है और घर में घुसकर मारता है।
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आए 979 नागरिकों ने ली मतदान की शपथ, शपथ पत्र भी भरे
जिला परिवहन कार्यालय द्वारा यात्री बसों में मतदाता जागरूकता के बैनर पोस्टर लगाए
विदिशा,। लोकसभा निर्वाचन 2024 शत प्रतिशत मतदान के लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी बुद्धेश कुमार वैद्य के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत सीईओ एवं स्वीप के जिला नोडल अधिकारी डॉक्टर योगेश भरसट के निर्देशन में मतदाता जागरूकता अभियान के तहत जिला परिवहन कार्यालय, विदिशा में प्रतिदिन ड्राइविंग लाइसेंस आदि कार्य हेतु आने वाले आमजनों को जिला परिवहन कार्यालय में मतदान करने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है साथ ही साथ उन्हें मतदान करने हेतु शपथ दिलाई जाकर उनसे शपथ पत्र भी भरवाए जा रहे हैं।
जिला परिवहन अधिकारी बृजेश वर्मा ने बताया कि मार्च माह की 22 तारीख से अब तक कार्यालय में आए 979 नागरिकों को मतदान करने हेतु जागरूक किया गया एवं उनसे आगामी लोकसभा निर्वाचन में मतदान करने के संबंध में शपथ पत्र प्राप्त किए गए। उन्होंने बताया कि यह अभियान मतदान दिवस तक जारी रहेगा। लोकसभा निर्वाचन, 2024 हेतु मतदाता जागरूकता अभियान के तहत जिला परिवहन अधिकारी द्वारा यात्री बसों में मतदाता जागरूकता संबंधी पोस्टर, बैनर भी लगवाए जा रहे हैं।
आश्रम में 19 नाबालिगों से कुकर्म का आरोपी गिरफ्तार
उज्जैन । बड़नगर रोड स्थित गुरुकुल दंडी आश्रम में 19 नाबालिगों के साथ कुकर्म का मामला सामने आया है। बुधवार देर रात पुलिस ने फरार आरोपित सेवादार को आष्टा से गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार 6:00 बजे पुलिस उसे लेकर उज्जैन पहुंची । इस मामले में आरोपित आचार्य राहुल को पुलिस मंगलवार रात को ही गिरफ्तार कर चुकी थी। दोनों आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने पाॅक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में कायमी की है। महाकाल थाना प्रभारी अजय वर्मा ने बताया कि बड़नगर रोड स्थित गुरुकुल दंडी आश्रम में बच्चे वेद अध्ययन, कर्मकांड, पंडिताई सीखने आते हैं। मंगलवार को आश्रम में अभिभावकों व आश्रम संचालक गजानन सरस्वती की बैठक हुई थी।
जिसमें आश्रम में पढ़ने वाले 19 बच्चों ने अपने साथ आचार्य राहुल शर्मा व सेवादार अजय ठाकुर द्वारा कुकर्म किए जाने की बात कही थी। इसके बाद संचालक सरस्वती में पुलिस बुलाकर राहुल शर्मा को गिरफ्तार करवा दिया था। अजय ठाकुर को पुलिस तलाश कर रही थी। बुधवार देर रात पुलिस ने उसे आष्टा से गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार सुबह 6 बजे पुलिस उसे लेकर उज्जैन पहुंची थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी को दोपहर में कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले की जांच को लेकर एसपी प्रदीप शर्मा ने बुधवार को ही एसआईटी का गठन कर दिया है। बताया जा रहा है कि आश्रम के सभी 19 पीड़ित बच्चों को अभिभाषक वहां से निकलने की तैयारी कर रहे हैं।
बजरी के अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण के खिलाफ सघन जांच व कार्यवाही के लिए 27 टीमें गठित
जयपुर। माइंस विभाग के निदेशक भगवती प्रसाद कलाल ने बताया है कि राज्य सरकार द्वारा बजरी के अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण के खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुए बजरी प्रभावित क्षेत्रों में सघन चैकिंग व कार्यवाही अभियान शुरु कर दिया है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों कार्मिकों के साथ ही होमगार्ड कार्मिकों को टीम में शामिल करते हुए 27 टीमों का गठन किया गया है। अभियान में जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन से समन्वय बनाते हुए स्थानीय स्तर पर पुलिस टीम का भी सहयोग लिया जाएगा।
निदेशक माइंस श्री कलाल बुधवार को खनिज भवन जयपुर में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बजरी के अवैध खनन को लेकर समीक्षा बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बजरी के अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण को लेकर सरकार गंभीर है। इसी को ध्यान में रखते हुए टोंक, देवली, केकड़ी,अजमेर, कोटा, बूंदी, झालावाड़, भीलवाड़ा, शाहपुरा, भीलवाड़ा, चित्तोड़, जोधपुर, पाली, सोजत, सिरोही, जालौर, बाड़मेर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर एवं रुपवास आदि में सघन जांच अभियान के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है।
श्री भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि विभाग द्वारा सघन जांच अभियान के लिए गठित टीमों को कार्यक्षेत्र से बाहर कार्यवाही करने के लिए आरएमएमसीआर 2017 के नियम 54, 56 और 62 के तहत अधिकृत कर दिया गया है। सघन जांच अभियान के लिए गठित टीमों द्वारा की जा रही कार्यवाही की मुख्यालय स्तर पर अतिरिक्त निदेशक विजिलेंस श्री पीआर आमेटा को मॉनिटरिंग प्रभारी बनाया गया है।
एनसीपीए भारतीय शास्त्रीय संगीत के छात्रों के लिए 'सिटी एनसीपीए स्कॉलरशिप फॉर यंग म्यूजिशियंस' के एक और संस्करण की पेशकश कर रहा है
मोदी ने की इजरायल सहित कई राष्ट्राध्यक्षों से की मुलाकात
दुबई । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अध्यक्षता में विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन सीओपी 28 के इतर यहां इज़रायल, मालदीव, स्विट्जरलैंड, उज़्बेकिस्तान और मेजबान यूएई के राष्ट्रपति और स्वीडन के प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय मुलाकातें कीं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार इज़रायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग से मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में चल रहे इजराइल-हमास संघर्ष पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री ने 7 अक्टूबर के आतंकवादी हमलों में लोगों की मौत पर संवेदना व्यक्त की और बंधकों की रिहाई का स्वागत किया।
बड़े देश स्वार्थ छोड़कर, स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति श्रृंखला को सशक्त बनाएं : मोदी
दुबई । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक समुदाय का आह्वान किया कि जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने के लिए उन्हें स्वार्थ प्रेरित सोच के अंधेरे से बाहर निकलना होगा और ऊर्जा संक्रमण, न्यायपूर्ण, समावेशी एवं समानतापूर्ण बनाने के लिए दूसरे देशों को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सुलभ करके स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति श्रृंखला को सशक्त बनाना होगा।
श्री मोदी ने यहां संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अध्यक्षता में आयोजित विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन (सीओपी-28) में विशेष संबोधन में इस आह्वान के साथ ग्रीन क्रेडिट पहल की घोषणा की और सभी देशों से इससे जुड़ने की अपील भी की। इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरस भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री ने विश्व नेताओं को दो टूक शब्दों में नसीहत देते हुए कहा, पिछली शताब्दी की गलतियों को सुधारने के लिए हमारे पास बहुत ज्यादा समय नहीं है। मानव जाति के एक छोटे हिस्से ने प्रकृति का अंधाधुंध दोहन किया। लेकिन इसकी कीमत पूरी मानवता विशेषकर ग्लोबल साउथ के निवासियों को चुकानी पड़ रही है।
सिर्फ मेरा भला हो, ये सोच, दुनिया को एक अंधेरे की तरफ ले जाएगी। इस हॉल में बैठा प्रत्येक व्यक्ति, प्रत्येक राष्ट्राध्यक्ष बहुत बड़ी जिम्मेदारी के साथ यहां आया है। हम में से सभी को अपने दायित्व निभाने ही होंगे। पूरी दुनिया आज हमें देख रही है, इस धरती का भविष्य हमें देख रहा है। हमें सफल होना ही होगा।
श्री मोदी ने कहा, हमें निर्णायक होना होगा। हमें संकल्प लेना होगा कि हर देश अपने लिए जो जलवायु लक्ष्य तय कर रहा है, जो संकल्प कर रहा है, वो पूरा करके ही दिखाएगा। हमें एकता से काम करना होगा। हमें संकल्प लेना होगा कि हम मिलकर काम करेंगे, एक दूसरे का सहयोग करेंगे, साथ देंगे। हमें वैश्विक कार्बन बजट में सभी विकासशील देशों को उचित शेयर देना होगा।
हमें अधिक संतुलित होना होगा। हमें ये संकल्प लेना होगा कि अनुकूलन, शमन, जलवायु वित्तपोषण, प्रौद्योगिकी, हानि और क्षति इन सब पर संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ें। हमें महत्वाकांक्षी हाेना होगा। हमें संकल्प लेना होगा कि ऊर्जा संक्रमण, न्यायपूर्ण, समावेशी एवं समानतापूर्ण हो। हमें नवान्वेषी बनना होगा। हमें ये संकल्प लेना होगा कि नवान्वेषी तकनीक का लगातार विकास करें। अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर दूसरे देशों को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण करें। स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति श्रृंखला को सशक्त करें।
कॉलेज परिसर में हार्ट अटैक से बीएससी छात्रा की मौत
यूपी। डीएवी पीजी कॉलेज के परिसर में शुक्रवार दोपहर बाद बैडमिंटन खेलते-खेलते बीएससी प्रथम वर्ष की एक छात्रा अचानक बेहोश हो गई। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। छात्रा के परिजनों, अस्पताल प्रशासन और अपने आला अधिकारियों से बात करने के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
असुरन के गीता वाटिका निवासी गौरी मिश्रा (उम्र 18 वर्ष) पुत्री राजेश मिश्रा डीएवी कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी। शुक्रवार दोपहर बाद करीब ढाई बजे वह बैडमिंटन खेल रही थी, उसी दौरान अचानक बेहोश होकर गिर गई। वहां मौजूद छात्र-छात्राओं ने शोर मचाया, जिसके बाद वहां कॉलेज के शिक्षक और कर्मचारी भी जुट गए। किसी तरह छात्रा को जिला अस्पताल ले जाया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका। प्रथमदृष्टया मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है।
छात्रा के निधन की सूचना पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जिला अस्पताल पहुंच गए। छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज ने छात्रा को अस्पताल ले आने में कोई मदद नहीं की। छात्रों ने अपनी ही व्यवस्था से अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में भी काफी देर तक कॉलेज के कोई अधिकारी, शिक्षक या कर्मचारी नहीं पहुंचे।
'धन्यवाद दुबई', COP 28 समिट से लौटने के बाद वीडियो शेयर कर बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने इजराइल के राष्ट्रपति आइजैक हर्ज़ोग के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं
युद्धविराम की समाप्ति के बाद गाजा में इजराइली हवाई हमलों में मारे गए 175 लोग
गाजा । इजराइल ने शुक्रवार को युद्धविराम के समाप्त होने के बाद गाजा पट्टी पर घरों और इमारतों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए।
जिसमें कम से कम 178 लोग मारे गए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यहां यह जानकारी दी। वहीं, इजराइल का कहना है कि उसने हमास के 200 से ज्यादा ठिकानों को निशान बनाया है। गाजा से चरमपंथियों ने इजराइल में फिर से रॉकेट दागे वहीं लेबनान से सटी उत्तरी सीमा पर इजराइल और हिजबुल्ला के आतंकवादियों के बीच हमले शुरू हो गए।
युद्धविराम में मध्यस्थता करने वाले देश कतर ने कहा है कि युद्धविराम को फिर से लागू करने के प्रयास जारी हैं। इजराइल ने गाजा में सैन्य हमले रोक दिए थे और चरमपंथियों द्वारा 100 बंधकों को रिहा करने के बदले में 300 फलस्तीनी कैदियों को छोड़ा था। इजराइल का कहना है कि 115 पुरुष, 20 महिलाएं और दो बच्चों को हमास ने अभी भी बंधक बनाया हुआ है।
"एलोन मस्क को झटका! ट्विटर के हेडक्वार्टर पर लगाए गए 'X' लोगो को हटाया गया, वजह अब आई सामने"
Elon Musk ने करीब एक सप्ताह पहले Twitter का नाम बदलकर X किया था, तब से लेकर अब तक कंपनी हर जगह X ब्रांडिंग को लागू करने का प्रोसेस पूरा कर रही है. इसी बीच दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक Elon Musk को एक बड़ा झटका लगा है. दरअसल, सोमवार सुबह सामने आई जानकारी में पता चला कि पूर्व Twitter हेडक्वाटर की बिल्डिंग पर लगाए गए लाइटिंग वाले आकर्षक X Logo को हटा दिया है.
बीते हफ्ते लगा था X Logo
कंपनी ने रिब्रांडिंग के तौर पर बीते हफ्ते इस X logo को हेडक्वार्टर पर लगाया था. कंस्ट्रक्शन इंस्पेक्शन विभाग के प्रवक्ता Patrick Hannan के मुताबिक, इस तरह के लोगो को लगाने से पहले बिल्डिंग परमिट की जरूरत होती है. इसके अलावा, एक शिकायत आई थी कि बिल्डिंग की साइड में पुराना ट्विटर लोगो लगा हुआ था, जिसे पुलिस ने हटाने से रोका था और ये एक असुरक्षित स्थिति में था. हिल की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवक्ता ने बताया कि X लोगो बिल्डिंग पर एक इवेंट के लिए अस्थायी तौर पर लगाया था.
Elon Musk ने भी शेयर किया था वीडियो
Elon Musk ने हाल ही में बिल्डिंग पर न्यू लोगो का सेटअप होने के बाद एक वीडियो भी पोस्ट की थी. इसमें एरियल व्यू में ट्विटर लोगो को दिखाया. साथ ही रात के समय यह बहुत ज्यादा चमक के साथ नजर आ रहा था.
"रेलवे बोर्ड की पहली महिला CEO और अध्यक्ष बनेंगी जया वर्मा सिन्हा: जानिये कौन है जया वर्मा"
नई दिल्ली: रेलवे बोर्ड की नई अध्यक्ष और सीईओं के रूप मे जया वर्मा सिन्हा की नियुक्ति को मंजूरी दे दी गयी है। रेल्वे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओं रहे अनिल कुमार लाहोटी की जगह जया वर्मा लेंगी और 1 सितंबरए 2023 को पदभार ग्रहण करेंगी। आपको बता दे कि जया वर्मा सिन्हा रेलवे बोर्ड की पहली महिला अध्यक्ष हैं, विजयलक्ष्मी विश्वनाथन रेलवे बोर्ड की पहली महिला सदस्य थीं।
गौतरलब हैं कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ के रूप में जया वर्मा सिन्हा की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। जया वर्मा एक दिन बाद 1 सितंबर से रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष और सीईओं का पदभार संभालेंगी। 1988 बैच की भारतीय रेलवे यातायात सेवा की अधिकारी जया वर्मा वर्तमान में रेलवे बोर्ड के सदस्य संचालन और व्यवसाय विकास के रूप में काम कर रही हैं।
वह ऐसे समय में बोर्ड का प्रभार संभालेंगी जब भारतीय रेलवे को केंद्र सरकार से रिकॉर्ड बजटीय आवंटन मिला हुआ है। केंद्रीय बजट 2023-24 में भारतीय रेलवे को 2.74 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत परिव्यय आवंटित किया गया है। यह राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर को किया गया अब तक का सबसे अधिक आवंटन है। वित्त वर्ष 2022-23 में रेलवे के लिए 1.37 लाख करोड़ रुपये का सकल बजटीय आवंटन किया गया था।
एक देश, एक चुनाव: सरकार गठित करेगी कमेटी, पूर्व राष्ट्रपति कोविंद अध्यक्ष
नई दिल्ली : केंद्र सरकार के द्वारा 18 से 22 सितंबर तक संसद के विशेष सत्र के ऐलान के एक दिन बाद आज शुक्रवार 1 सितंबर को "एक राष्ट्र, एक चुनाव" (One Nation, One Election) की संभावनाओं पर विचार करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। इस संबंध में जल्द ही नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है।
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी सूत्रों ने समिति के गठन की पुष्टि की है। बता दें कि संसद के विशेष सत्र के लिए एजेंडा अभी तक सामने नहीं आया है। रिपोर्ट के मुताबिक समिति का गठन न केवल इस संबंध में जल्द ही एक कानून लाने की स्थिति तलाशने के लिए किया गया है, बल्कि आम सहमति और कानून को सुचारू रूप से पारित करने के लिए अन्य राजनीतिक दलों तक पहुंचने के लिए भी किया गया है।
क्यों एक साथ चुनाव कराना चाहती है सरकार?
बता दें कि चुनाव कराने की वित्तीय लागत, बार-बार प्रशासनिक स्थिरता, सुरक्षा बलों की तैनाती में होने वाली परेशानी और राजनीतिक दलों की वित्तीय लागत को देखते हुए मौजूदा सरकार एक देश, एक चुनाव की योजना पर विचार कर रही है। इसके तहत सरकार लोकसभा और सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराना चाहती है। साल 1951-52 में लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ हुए थे। इसके बाद 1957, 1962 और 1967 में भी लोकसभा और सभी विधानसभाओं के चुनाव एक साथ हुए, लेकिन बाद में 1968, 1969 में कुछ विधानसभाओं के समय से पहले भंग होने और 1970 में लोकसभा को समय से पहले भंग होने से यह साथ चुनाव कराने का चक्र बाधित हो गया। यही वजह है कि अब स्थिति ये हो गई है कि हर साल कहीं ना कहीं चुनाव हो रहे होते हैं। ऐसे में सरकार फिर से लोकसभा और सभी विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। अब इस दिशा में कमेटी का गठन एक बड़ा कदम है।
सरकार के लिए भी आसान नहीं है फैसला
सरकार ने एक देश, एक चुनाव की संभावनाओं पर विचार के लिए कमेटी का गठन कर दिया है। हालांकि सरकार के लिए भी इस फैसले को लागू करना और इस संबंध में कानून बनाना आसान नहीं होगा। दरअसल एक साथ चुनाव कराने के लिए कई विधानसभाओं के कार्यकाल में मनमाने ढंग से कटौती करनी पड़ेगी। जिसका विरोध होना तय है।
क्षेत्रीय दलों को हो सकता है नुकसान
राजनीति के जानकारों का मानना है कि एक देश, एक चुनाव अगर देश में लागू हो जाता है तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान क्षेत्रीय दलों को होगा। दरअसल लोकसभा चुनाव में आमतौर पर मतदाता राष्ट्रीय मुद्दों के आधार पर और राष्ट्रीय पार्टी को वोट देना पसंद करते हैं। ऐसे में अगर लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव होंगे तो हो सकता है कि क्षेत्रीय दलों को इसका नुकसान झेलना पड़े।
भारत की अध्यक्षता में G20: जानिए इसका महत्व और स्थापना का इतिहास
ग्रुप ऑफ ट्वेंटी (G20) अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच है. यह सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मुद्दों पर वैश्विक संरचना और अधिशासन निर्धारित करने तथा उसे मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. भारत 1 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक G20 की अध्यक्षता कर रहा है.
ग्रुप ऑफ ट्वेंटी (G20) में 19 देश (अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका) और यूरोपीय संघ शामिल हैं. G20 सदस्य देशों में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 85%, वैश्विक व्यापार का 75% से अधिक और विश्व की लगभग दो-तिहाई आबादी है.
G20 की स्थापना
G20 की स्थापना 1999 में एशियाई वित्तीय संकट के बाद वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों के लिए वैश्विक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक मंच के रूप में की गई थी.
G20 शिखर सम्मेलन प्रतिवर्ष एक क्रमिक अध्यक्षता में आयोजित किया जाता है. शुरुआत में G20 व्यापक आर्थिक मुद्दों पर केंद्रित था, परंतु बाद में इसके एजेंडे में विस्तार करते हुए इसमें अन्य बातों के साथ व्यापार, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और भ्रष्टाचार-विरोध शामिल किया गया.
G20 की कार्यशैली
- G20 अध्यक्षता के तहत एक वर्ष के लिए G20 एजेंडा का संचालन किया जाता है और शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाता है. G20 में दो समानांतर ट्रैक होते हैं: वित्त ट्रैक और शेरपा ट्रैक. वित्त मंत्री और सेंट्रल बैंक के गवर्नर वित्त ट्रैक का नेतृत्व करते हैं जबकि शेरपा ट्रैक का नेतृत्व शेरपा करते हैं.
- शेरपा पक्ष की ओर से G20 प्रक्रिया का समन्वय सदस्य देशों के शेरपाओं द्वारा किया जाता है, जो नेताओं के निजी प्रतिनिधि होते हैं. वित्त ट्रैक का नेतृत्व सदस्य देशों के वित्त मंत्री और सेंट्रल बैंक गवर्नर करते हैं. दो ट्रैक के भीतर, विषयगत रूप से उन्मुख कार्य समूह हैं जिनमें सदस्यों के संबंधित मंत्रालयों के साथ-साथ आमंत्रित/अतिथि देशों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेते हैं (वित्त ट्रैक मुख्य रूप से वित्त मंत्रालय के नेतृत्व में है). ये कार्य समूह प्रत्येक अध्यक्षता के पूरे कार्यकाल में नियमित बैठकें करते हैं. शेरपा वर्ष के दौरान हुई वार्ता का पर्यवेक्षण करते हैं, शिखर सम्मेलन के लिए एजेंडा आइटम पर चर्चा करते हैं और G20 के मूल कार्य का समन्वय करते हैं.
- इसके अलावा, ऐसे सम्पर्क समूह हैं जो G20 देशों के नागरिक समाजों, सांसदों, विचार मचों, महिलाओं, युवाओं, श्रमिकों, व्यवसायों और शोधकर्ताओं को एक साथ लाते हैं.
- इस समूह का कोई स्थायी सचिवालय नहीं है. इसकी अध्यक्षता ट्रोइका द्वारा समर्थित है – पिछला, वर्तमान और आने वाला अध्यक्षता. भारत की अध्यक्षता के दौरान, ट्रोइका में क्रमशः इंडोनेशिया, भारत और ब्राजील शामिल होंगे.
महंगाई पर नजर, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की संभावना,देखे
दिल्ली: देश में महंगाई पर काबू पाने के लिए केंद्रीय सरकार बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है। बीते दिनों रसोई गैस की कीमतों में कटौती की है। भारत सरकार के इस कदम से मुद्रास्फीति कम हो सकती है। कुछ प्रमुख त्योहारों और प्रमुख चुनावों से पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की ओर ध्यान केंद्रित हो सकता है।
अब महंगाई को और कम करने और पेट्रोल और डीजल के दाम को कटौती होने की संभावना है। इसके दो जगहों से संकेत मिल रहे है। पहला संकेत केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की ओर से एक इंटरव्यू ने दिया गया है। वहीं दूसरा संकेत ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों की कटौती संकेत मिले है। बता दें कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत नहीं दी गई। मई 2022 के बाद से देश में फ्यूल की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
हरदीप सिंह पुरी ने दिए संकेत
हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक इंटरव्यू संकेत दिया है आने वाले दिनों महंगाई से जूझ रही जनता को बड़ी राहत मिलने वाली है। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों को फ्यूल की कीमतें कम करने के प्रयास में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों को कम करने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 4 नवंबर, 2021 में टैक्स को कम करते हुए पेट्रोल पर 5 रुपए और डीजल की कीमत में कटौती की थी। इसके बाद 22 मई, 2022 को सरकार ने फिर टैक्स को कम किया और पेट्रोल पर 8 रुपये और डीजल पर 6 रुपये प्रति लीटर की राहत दी।
एलपीजी के बाद, पेट्रोल- डीजल का नंबर
राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित पांच राज्यों में इस साल की आखिरी तिमाही में चुनाव होने वाले है। इसके बाद 2024 की शुरुआत में आम चुनाव होंगे। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीसरे टर्म को लेकर पूरी कोशिश में लगे हुए है। इसको लेकर अर्थशास्त्रियों ने कहा कि महंगाई को कंट्रोल करने और रूरल इनकम को सपोर्ट करने के लिए और अधिक राजकोषीय उपायों पर चर्चा हो सकती है। माना जा रहा है चुनाव नजदीक आने पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की जाएगी।
गैस सिलेंडर हुआ 200 रुपए सस्ता
आपको बता दें कि भारत सरकार ने मंगलवार को 14.2 किलोग्राम गैस वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 200 रुपए की कमी की है। इससे लगभग 300 मिलियन उपभोक्ताओं को राहत मिली। खाद्य पदार्थों की कीमतें कम करने और घरेलू बजट को नियंत्रण में रखने के लिए भारत ने पहले ही चावल, गेहूं और प्याज जैसे मुख्य खाद्य पदार्थों के निर्यात को सख्त कर दिया है।
मोदी सरकार की विशेष सत्र में 'एक देश, एक चुनाव' बिल पेशी की जा सकती है,देखे
केंद्र सरकार ने 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है. सरकार से जुड़े कुछ सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि संसद के इस विशेष सत्र में मोदी सरकार ‘एक देश, एक चुनाव’ (one nation one election) वाला बिल ला सकती है. यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) और महिला आरक्षण बिल भी पेश किया जा सकता है.
दरअसल काफी समय से वन नेशन-वन इलेक्शन’ को लेकर चर्चा चल रही है. लॉ कमीशन ने इस साल जनवरी में इसको लेकर राजनीतिक दलों से छह सवालों के जवाब मांगे थे. केंद्र सरकार इस बिल को लागू करना चाहती है, दूसरी ओर राजनीतिक दल इसका विरोध कर रहे हैं. चुनाव से पहले शीतकालीन सत्र भी है तो उससे पहले यह फैसला क्यों लिया गया. विपक्ष की ओर से इस फैसले पर सवाल खड़े किए गए हैं.
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ऐसी कौन सी इमरजेंसी है, शीतकालीन सत्र तो होना है. विपक्ष के सवाल के बीच समय पूर्व चुनाव, संसद की नई बिल्डिंग में प्रवेश, चंद्रयान और जी 20, विधानसभा चुनाव से पहले कोई बड़ा फैसला, एक देश एक चुनाव का बिल, इसको लेकर अलग-अलग चर्चा शुरू हो गई है.
18 सितंबर से शुरू होगा संसद का विशेष सत्र: केंद्र सरकार ने घोषित किया
नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र खत्म हुए बमुश्किल 20 दिन ही हुए हैं, कि केंद्र सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की घोषणा कर सनसनी पैदा कर दी है. 18 सितंबर से 22 सितंबर तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही चलेगी. इस बात की जानकारी संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को दी.
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ट्वीट कर बताया कि संसद का विशेष सत्र (17वीं लोकसभा का 13वां सत्र और राज्यसभा का 261वां सत्र) आगामी 18 से 22 सितंबर के दौरान होगा, जिसमें 5 बैठकें होंगी. अमृत काल के समय में होने वाले इस सत्र में संसद में सार्थक चर्चा और बहस होने को लेकर आशान्वित हूं.
इसके पहले 20 जुलाई से शुरू हुआ संसद का मॉनसून सत्र 11 अगस्त तक चला था. इस दौरान विपक्ष ने मणिपुर हिंसा मामले और महिलाओं के सामने आए वीडियो को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के बयान की मांग की थी. इसके बाद विपक्ष की ओर से सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया था. अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अंत में जवाब दिया था. बाद में विपक्ष का प्रस्ताव गिर गया.