देश-विदेश
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने यूएन में भी पाकिस्तान को फिर से धोया
वाशिंगटन । संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपना संबोधन दिया। विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने यूएनजीए में 'भारत की जनता का नमस्कार' से अपना संबोधन शुरू किया।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो संदर्भों में, उन्होंने 'भारत' शब्द का प्रयोग जोर देकर किया। 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत' अपने कर्तव्यों को समझते हुए, और 'भारत में पिछले दशक में प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता के कारण परिवर्तनकारी बदलाव भी आए हैं।'
एस जयशंकर की पोशाक की अगर बात करें, तो उन्होंने काले अस्तर वाला बंदगले का फॉर्मल पहना था, जिसकी जेब पर एक केसरिया रंग का रूमाल साफ दिखाई दे रहा था।
उन्होंने कहा, 'दुनिया के प्रति अपने दृष्टिकोण में भारत तीन प्रमुख अवधारणाओं द्वारा निर्देशित है, आत्मनिर्भरता, आत्मरक्षा और आत्मविश्वास।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने जो कुछ भी नहीं कहा, वह भी महत्वपूर्ण था, तीन देशों के नाम।
उन्होंने 'एक ऐसे पड़ोसी जो वैश्विक आतंकवाद का केंद्र है' के बारे में बात करते हुए 'पाकिस्तान' का नाम लिए बिना ही जमकर निशाना साधा।
यूएनजीए में जवाब देने के अधिकार के साथ भारत ने
अपने पड़ोसी देश को कटघरे में खड़ा कर दिया। वहीं, पाकिस्तान ने स्वीकार किया कि जयशंकर के अनुसार, 'यह वही देश है, जो आतंकवाद का केंद्र है।'
द्वितीय सचिव रेन्ताला श्रीनिवास ने कहा, यह बहुत ही चौंकाने वाली बात है कि एक पड़ोसी, जिसका नाम नहीं लिया गया था, ने फिर भी जवाब देने और सीमा पार आतंकवाद की अपनी लंबे समय से चली आ रही गतिविधियों को स्वीकार करने का फैसला किया।
पीएम मोदी ने आरएसएस की 100 वर्षों की यात्रा को बताया अद्भुत
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की 100 वर्षों की उल्लेखनीय, अभूतपूर्व और प्रेरणादायक यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि आरएसएस स्वयंसेवकों के हर प्रयास में 'राष्ट्र प्रथम' की भावना सदैव सर्वोपरि रही है।
उन्होंने कहा, अगले कुछ ही दिनों में हम विजयादशमी मनाने वाले हैं। इस बार विजयादशमी एक और वजह से बहुत विशेष है। इसी दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष हो रहे हैं। एक शताब्दी की ये यात्रा जितनी अद्भुत है, अभूतपूर्व है, उतनी ही प्रेरक है।
पीएम मोदी ने कहा कि 100 साल पहले जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी, तब देश सदियों से गुलामी की जंजीरों में बंधा था। सदियों की इस गुलामी ने हमारे स्वाभिमान और आत्मविश्वास को गहरी चोट पहुंचाई थी। विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यता के सामने पहचान का संकट खड़ा किया जा रहा था। देशवासी हीन-भावना का शिकार होने लगे थे। इसलिए देश की आजादी के साथ-साथ ये भी महत्वपूर्ण था कि देश वैचारिक गुलामी से भी आजाद हो।
इस दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने संघ संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को याद किया। उन्होंने कहा, हेडगेवार जी ने इस विषय में मंथन करना शुरू किया और फिर इसी भगीरथ कार्य के लिए उन्होंने 1925 में विजयादशमी के पावन अवसर पर 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ' की स्थापना की। उनके जाने के बाद 'गुरु जी' ने राष्ट्र सेवा के इस महायज्ञ को आगे बढ़ाया।
उन्होंने आगे कहा, परम पूज्य गुरुजी कहा करते थे, 'इदं राष्ट्राय इदं न मम' यानी, ये मेरा नहीं है, ये राष्ट्र का है। इसमें स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्र के लिए समर्पण का भाव रखने की प्रेरणा है। गुरुजी गोलवरकर जी के इस वाक्य ने लाखों स्वयंसेवकों को त्याग और सेवा की राह दिखाई है। त्याग और सेवा की भावना और अनुशासन की सीख यही संघ की सच्ची ताकत है।
लता मंगेशकर जयंती पर रिलीज़ हुआ 120 बहादुर का टीज़र 2, वीर शहीदों को श्रद्धांजलि
मुंबई । एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ ने लता मंगेशकर की जयंती के मौके पर अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म 120 बहादुर का टीज़र 2 लॉन्च कर दिया। ज़बरदस्त मोशन पोस्टर के बाद सामने आया यह नया टीज़र रोमांच और भावनाओं से भरपूर है।
इस टीज़र में अमर गीत “ए मेरे वतन के लोगों” की गूँज सुनाई देती है, जो 1962 के भारत-चीन युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के लिए कवि प्रदीप ने लिखा था और लता मंगेशकर जी ने गाकर पूरे देश को भावुक कर दिया था। उसी युद्ध की असली घटनाओं पर आधारित है 120 बहादुर, जिसमें चार्ली कंपनी के वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान को दिखाया गया है।
फरहान अख्तर मेजर शैतान सिंह के किरदार में
फिल्म का मुख्य आकर्षण है फरहान अख्तर का मेजर शैतान सिंह भाटी, PVC का किरदार। मेजर शैतान सिंह और उनकी 13 कुमाऊँ रेजिमेंट ने रेजांग ला की लड़ाई में असाधारण साहस दिखाया था। टीज़र 2 उनकी वीरता, भाईचारे और अदम्य जज़्बे को बड़े परदे पर जीवंत करता है।
लद्दाख के खूबसूरत नज़ारों में फिल्माई गई कहानी
फिल्म की शूटिंग लद्दाख के कठिन और खूबसूरत इलाकों में की गई है। हर फ्रेम रोंगटे खड़े कर देने वाला है, जो रेजांग ला के अनकहे नायकों को एक भावपूर्ण सलामी देता है।
मेकर्स और रिलीज़ डेट
निर्देशन: रज़नीश “रेज़ी” घई
प्रोड्यूसर: रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर (एक्सेल एंटरटेनमेंट), अमित चंद्रा (ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़)
रिलीज़ डेट: 21 नवंबर 2025
फिल्म 120 बहादुर शौर्य और बलिदान की उस गाथा को फिर से जीवंत करने जा रही है, जिसने इतिहास में भारतीय सेना की बहादुरी की अमिट छाप छोड़ी।
स्पष्ट और पारदर्शी कानून ही लोकतंत्र की आत्मा : ओम बिरला
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि विधायी ड्राफ्टिंग लोकतांत्रिक व्यवस्था की आत्मा है। स्पष्ट, सरल और पारदर्शी कानून ही लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाते हैं और जनता का विश्वास शासन-प्रशासन में और अधिक मजबूत करते हैं। समय के साथ बदलती परिस्थितियों के अनुरूप कानूनों में संशोधन और नए कानूनों का निर्माण आवश्यक है। हमारा प्रयास है कि हम बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त करके आने वाले समय में ऐसे विधायी मसौदे तैयार कर सकें, जो नागरिकों के कल्याण और राज्य के विकास के लिए अधिक प्रभावी साबित हों।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण, कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष यू टी खादर फरीद, हरियाणा विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ कृष्ण लाल मिड्ढा उपस्थित रहे। ओम बिरला ने कहा कि हरियाणा की धरती लोकतांत्रिक मूल्यों की सदैव प्रहरी रही है। इस राज्य ने आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर देशभर में अपनी विशेष पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों की सभी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदकर एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार लगातार लोगों के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए जवाबदेही और कानून के शासन को सुदृढ़ कर रही है। हमें भी सामूहिक प्रयासों के साथ अच्छा विधायी मसौदा तैयार करने के दृष्टिकोण से काम करना है ताकि कानून अपने उद्देश्य को पूरी तरह से पूरा कर सके। भारत का संविधान आज भी मार्गदर्शक, विधायी प्रक्रिया में संवाद और सहमति आवश्यक
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत का संविधान आज भी हम सभी के लिए एक सशक्त मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है। इसके निर्माण की प्रक्रिया एक लंबी चर्चा, विस्तृत संवाद और सहमति-असहमति के दौर से गुज़री। हर विषय पर गहन बहस हुई, लेकिन अंततः सर्वसम्मति से वह संविधान बना, जो उस समय की परिस्थितियों के अनुरूप था। उस दौर में संविधान ने देश का मार्गदर्शन किया, और आज भी यह हमारे लिए जीवंत रूप में प्रेरणा और दिशा देने का कार्य कर रहा है। संविधान ने विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की स्पष्ट शक्तियां निर्धारित की हैं, और इन्हीं सीमाओं में रहकर संसद एवं विधानसभाएं जनता की आकांक्षाओं को कानूनी स्वरूप देती हैं।
उन्होंने कहा कि कभी ऐसा समय था जब विधायी विभागों में अनुभवी विशेषज्ञ बड़ी संख्या में कार्यरत थे। लेकिन समय के साथ वे सेवानिवृत्त होते गए और धीरे-धीरे विधायी मसौदा तैयार करने वाले विशेषज्ञों की कमी महसूस होने लगी। इसी पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह अनुभव किया कि विधायी ड्राफ्टिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए निरंतर प्रशिक्षण आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य की विधानसभाएँ और राज्य सरकारें नियमित रूप से विधायी ड्राफ्टिंग से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें। इसका उद्देश्य यह है कि जिन अनुभवी विशेषज्ञों ने अनेक महत्वपूर्ण कानूनों के निर्माण में अपनी भूमिका निभाई है, उनके अनुभव का लाभ नई पीढ़ी तक पहुंच सके।
सोनम वांगचुक को जोधपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया
नई दिल्ली । लददाख में हुई हिंसा के मामले में अरेस्ट सोनम वांगचुक को जोधपुर के सेंट्रल जेल में भेजा गया है। जानकारी के अनुसार, उन्हें विशेष विमान से कमांडो दस्ते की कड़ी निगरानी में जोधपुर लाया गया। एयरपोर्ट से जेल तक पूरे रास्ते सुरक्षा के सख्त इंतज़ाम किए गए। इस दौरान पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान स्वयं उनके साथ मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए काफिले के साथ जेल तक पहुंचे।
जोधपुर सेंट्रल जेल में सोनम वांगचुक को रखने के लिए प्रशासन ने पहले से ही विशेष इंतज़ाम किए थे। बताया जा रहा है कि सुरक्षा कारणों के चलते उन्हें उच्च सुरक्षा बैरक में रखा जाएगा।
स्थानीय पुलिस और प्रशासन फिलहाल पूरे मामले पर आधिकारिक बयान देने से बच रहे हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वांगचुक को लेकर केंद्र और राज्य स्तर पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
भारत में होने वाली है स्कोडा ऑक्टेविया RS की वापसी, मिलेगा पहले से ज्यादा दमदार अंदाज़
नई दिल्ली। भारत में स्पोर्ट्स सेडान के शौकीनों के लिए बड़ी खबर है। स्कोडा जल्द ही अपनी मशहूर परफॉर्मेंस कार ऑक्टेविया RS को एक बार फिर भारतीय बाजार में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। ऑक्टेविया RS ने भारत में हमेशा से ही एक अलग फैन बेस बनाया है और अब इसके नए अवतार का बेसब्री से इंतज़ार किया जा रहा है।
17 अक्टूबर को लॉन्च होगी ऑक्टेविया RS
स्कोडा ने पुष्टि की है कि वह अपनी परफॉर्मेंस सेडान कार को 17 अक्टूबर को लॉन्च करेगी, जबकि इच्छुक ग्राहक इसे 6 अक्टूबर से ऑनलाइन बुक कर सकेंगे। स्कोडा के अनुसार इसे विदेश से आयात करके यहां पर बेचा जाएगा और भारत में इसकी केवल 100 यूनिट मंगवाई जाएंगी। ग्राहकों को इसकी डिलीवरी 6 नवंबर से मिलेगी।
पुराने व नए वर्ज़न की तुलना
पिछला ऑक्टेविया RS भारत में पेट्रोल इंजन और स्पोर्टी लुक्स के साथ पेश किया गया था। तेज़ रफ्तार और बेहतर ड्राइविंग डायनामिक्स के कारण यह कार युवाओं और कार प्रेमियों की पहली पसंद बनी। हालांकि, सीमित संख्या में लाए जाने और ऊंची कीमत के चलते यह ज़्यादा लोगों तक नहीं पहुंच सकी।
2025 ऑक्टाविया आरएस का भारत में डेब्ल्यू इसी साल भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो में हो चुका है, और यही मॉडल देश में बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। चूंकि ऑक्टाविया आरएस रेगुलर ऑक्टाविया का स्पोर्टी वर्जन है, इसलिए इसके बाहरी डिजाइन में ज्यादा अग्रेसिव एलिमेंट्स दिए गए हैं। इसकी सिग्नेचर बटरफ्लाई ग्रिल काले रंग में है, और ‘आरएस’ बैजिंग भी काले रंग में है। अन्य एलिमेंट्स में ड्यूल-पोड मैट्रिक्स एलईडी हेडलाइट, वी-शेप एलईडी डीआरएल और पतली रैपअराउंड एलईडी टेल लाइट शामिल है। साइड में एयरोडायनामिक डिजाइन वाले 18-इंच ड्यूल-टोन अलॉय व्हील दिए गए हैं।
‘आरएस’ मॉडल होने के कारण, इसमें पूरी ब्लैक केबिन थीम के साथ डैशबोर्ड व सीटों पर कुछ रेड एक्सेंट दिए गए हैं। इसमें 3-स्पोक स्टीयरिंग व्हील के हॉर्न पेड, मैटेलिक पेडल और स्पोर्ट्स सीटों पर ‘स्कोडा’ नाम लिखा हुआ है। स्कोडा ऑक्टाविया आरएस कार में एक 13-इंच फ्री-स्टेंडिंग टचस्क्रीन, एक 10-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, ड्यूल-जोन ऑटो एसी, आगे हीटेड और पावर्ड सीटें, एम्बिएंट लाइटिंग, एक वायरलेस फोन चार्जर, और एक प्रीमियम साउंड सिस्टम जैसे फीचर मिलेंगे।
पैसेंजर की सुरक्षा के लिए इसमें कई एयरबैग, ऑटो होल्ड फंक्शन के साथ एक इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, एक टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (टीपीएमएस), एक 360 डिग्री कैमरा, और संभवत: एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) फीचर का पूरा सेट मिलेगा।
कार की खूबियां
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऑक्टाविया आरएस में 2-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया गया है, और भारत में भी इसमें यही इंजन दिया जा सकता है:
इंजन : 2-लीटर टर्बो-पेट्रोल
पावर : 265 पीएस
टॉर्क : 370 एनएम
गियरबॉक्स : 7-स्पीड डीसीटी
एसेलरेशन (0-100 किलोमीटर प्रति घंटा) : 6.4 सेकंड
टॉप स्पीड : 250 किलोमीटर प्रति घंटा
प्रमुख प्रतिद्वंदी
2025 स्कोडा ऑक्टाविया आरएस की कीमत 45 लाख रुपये (एक्स-शोरूम पैन-इंडिया) से शुरू हो सकती है। भारत में लॉन्च होने के बाद ऑक्टेविया RS का मुकाबला BMW 2 Series Gran Coupe, Mercedes A-Class Limousine, और Audi A3 जैसी प्रीमियम एंट्री-लेवल कारों से होगा। वहीं परफॉर्मेंस और कीमत के हिसाब से यह Hyundai Elantra (Turbo वर्ज़न) और Kia EV6 (स्पोर्टी इलेक्ट्रिक कार) को भी चुनौती दे सकती है।
ग्राहकों की संभावित प्रतिक्रिया
कार प्रेमियों के बीच स्कोडा ऑक्टेविया RS की जबरदस्त डिमांड है। पहले भी इसके सीमित एडिशन कुछ ही दिनों में बिक गए थे। नए वर्ज़न को लेकर उम्मीद की जा रही है कि इसकी बुकिंग शुरू होते ही ग्राहक तेजी से प्रतिक्रिया देंगे। ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कार भारत में परफॉर्मेंस सेडान सेगमेंट को फिर से जीवंत कर सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी से मिले रूस के डिप्टी पीएम दिमित्री पेत्रुशेव
नई दिल्ली। रूस के उप प्रधानमंत्री दिमित्री पेत्रुशेव ने गुरुवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह बैठक 'वर्ल्ड फूड इंडिया 2025' के अवसर पर आयोजित की गई, जिसमें दोनों नेताओं ने कृषि, उर्वरक, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने को लेकर विचार-विमर्श किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं और कहा कि वे उन्हें जल्द ही भारत में होने वाले 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत में स्वागत करने को लेकर उत्सुक हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट में इस बैठक की जानकारी देते हुए लिखा, वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 के अवसर पर रूस के उपप्रधानमंत्री दिमित्री पत्रुशेव से मिलकर प्रसन्नता हुई। हमने कृषि, उर्वरक और खाद्य प्रसंस्करण में हमारे विन-विन सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
भारत और रूस के बीच लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक संबंधों की मजबूत नींव रही है। हालिया वर्षों में दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और विज्ञान के साथ-साथ कृषि और खाद्य प्रसंस्करण में भी सहयोग बढ़ाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस के डिप्टी पीएम की यह यात्रा और प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात दोनों देशों के बीच खाद्य सुरक्षा, कृषि तकनीक और सप्लाई चेन के क्षेत्र में मजबूत साझेदारी की ओर एक और बड़ा कदम है।
बता दें कि दिल्ली में गुरुवार की शाम 'वर्ल्ड फूड इंडिया 2025' कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। यह भारत को 'वैश्विक खाद्य केंद्र' के रूप में स्थापित करने के लिए एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम है।
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, बीते 10 साल में भारत की प्रोसेसिंग कैपेसिटी में 20 गुना वृद्धि हुई है। फूड सप्लाई और वैल्यू चेन में हमारे किसानों, पशुपालकों और मछुआरों और छोटी-छोटी प्रोसेसिंग यूनिट्स की बहुत बड़ी भूमिका है। भारत में 85 प्रतिशत से अधिक स्मॉल और मार्जिनल फार्मर्स हैं। इसलिए हमने ऐसी पॉलिसी बनाई और ऐसा सपोर्ट सिस्टम डेवलप किया कि आज छोटे किसान की मार्केट बड़ी ताकत बन रही है।
भारत ने सेंट्रल अमेरिकी देशों को डिजिटल, कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में की सहयोग की पेशकश
न्यूयॉर्क । विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सेंट्रल अमेरिकी देशों को डिजिटल भुगतान प्रणाली, सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स और कृषि जैसे क्षेत्रों में भारत की विशेषज्ञता साझा करने की पेशकश की है, जिससे साझा चुनौतियों का समाधान किया जा सके।
उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि यह साझेदारी ठोस परिणाम दे सकती है, जो एक अधिक समावेशी, संतुलित और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में योगदान देगी।
उन्होंने कहा, हम डिजिटल क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ ही जलवायु कार्रवाई में निश्चित रूप से आगे बढ़ना चाहेंगे।
सेंट्रल अमेरिकन इंटीग्रेशन सिस्टम (सिका), जिसमें आठ देश शामिल हैं, क्षेत्रीय आर्थिक और राजनीतिक सहयोग के लिए काम करती है। भारत ने 2004 से इस समूह के साथ मंत्रिस्तरीय स्तर पर काम करना शुरू किया था।
जयशंकर ने कहा कि भारत का सिका के साथ सहयोग काफी गहरा हुआ है, क्योंकि दोनों ने कोरोना महामारी के बाद की रिकवरी, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल परिवर्तन, विकास के लिए वित्तपोषण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का समाधान करने में प्रगति की है।
उन्होंने भारत में विकसित यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को बढ़ावा देते हुए कहा कि इसने निर्बाध, वास्तविक समय और सुरक्षित धन हस्तांतरण सुनिश्चित करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
उन्होंने बताया, आज, दुनिया के आधे से अधिक कैशलेस भुगतान भारत में इसी सिस्टम के कारण होते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत का निजी क्षेत्र सिका देशों में कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स और आईटी जैसे क्षेत्रों में निवेश करने में रुचि दिखा रहा है, जहां भारत ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहा है।
जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई के संदर्भ में जयशंकर ने कहा कि भारत की कई कंपनियों ने सौर, हरित हाइड्रोजन और बायोएनर्जी जैसे क्षेत्रों में विश्व स्तर पर अपनी उपस्थिति बनाई है, जो सहयोग के अन्य संभावित क्षेत्र हो सकते हैं।
उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान भारत द्वारा सिका देशों को टीके आपूर्ति करके क्षेत्र के साथ संबंधों को मजबूत करने की बात को याद किया। उन्होंने कहा कि भारत, सिका के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने और किफायती स्वास्थ्य सेवा का समर्थन करने के लिए तैयार है।
जयशंकर ने बताया कि पिछले साल जब सिका देशों को तूफानों से बुनियादी ढांचे और आजीविका को व्यापक नुकसान हुआ था, तब भारत ने एकजुटता के प्रतीक के रूप में आवश्यक दवाएं, राहत सामग्री और आपातकालीन सहायता प्रदान की थी।
रिटायर हुआ मिग-21 फाइटर जेट, चंडीगढ़ में भावुक विदाई समारोह
चंडीगढ़। भारतीय वायुसेना के सबसे पुराने और चर्चित फाइटर जेट मिग-21 को आधिकारिक रूप से रिटायर कर दिया गया। चंडीगढ़ में आयोजित भावुक विदाई समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हुए और इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारतीय वायु सेना के मिग-21 लड़ाकू विमान बेड़े के डीकमीशनिंग समारोह में शामिल हुए। सीडीएस जनरल अनिल चौहान, सीओएएस जनरल उपेन्द्र द्विवेदी और सीएनएस एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी भी मौजूद थे।
रक्षा मंत्रालय ने अपने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर लिखा, हम तुम्हें याद रखेंगे, मिग-21। भारतीय वायुसेना के महान प्रतीक और इस निडर योद्धा ने अपनी वीरता की छाप पीढ़ियों तक बनाए रखी है। इसकी अंतिम उड़ान एक ऐतिहासिक युग के अंत का प्रतीक है। भारतीय वायुसेना गर्व के साथ इसकी विरासत का जश्न मनाती है। साथ ही, वायुसेना इनोवेशन और स्ट्रैंथ के एक नए अध्याय की शुरुआत कर रही है। आइए, मिग-21 की सेवानिवृत्ति को भव्य विदाई के साथ सम्मानित करें।
लगभग 6 दशक पहले, साल 1963 में मिग-21 को भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था। पहला मिग-21 स्क्वाड्रन 1963 में चंडीगढ़ में स्थापित किया गया था। भारतीय वायुसेना में शामिल होने के बाद इस लड़ाकू विमान ने कई मोर्चों पर भारत की जीत में भूमिका निभाई।
संख्या में सीमित होने के कारण भी मिग-21 विमानों ने 1965 के युद्ध में भूमिका निभाई। 1971 के युद्ध में इन फाइटर जेट्स का योगदान और भी महत्वपूर्ण रहा। इससे भारतीय वायुसेना को पश्चिमी क्षेत्र के महत्वपूर्ण बिंदुओं और क्षेत्रों पर हवाई श्रेष्ठता मिली। मिग-21 को कारगिल युद्ध में भी तैनात किया गया था। यह अक्सर कमांडरों की पहली पसंद होता था।
इसकी आसमान में गर्जना राष्ट्र के आत्मविश्वास के साथ गूंजती थी। इसे कई फिल्मों में भी दर्शाया गया है। इस विमान से जुड़ी अनगिनत कहानियां और किस्से हैं, जिन्हें मिग-21 हमेशा के लिए पीछे छोड़ रहा है।
प्रियंका गांधी पटना में 2000 महिलाओं से करेंगी बात
पटना। कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री और सांसद प्रियंका गांधी शुक्रवार 26 सितंबर को दूसरी बार बिहार दौरे पर हैं। पटना के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम में वह 2000 महिलाओं के संवाद करेंगी। इन महिलाओं में मनरेगा मजदूर, जीविका दीदी, आंगनबाड़ी सेविकाएं, आशा वर्कर, वकील और डॉक्टर महिलाएं शामिल होंगी। इसके बाद मोतिहारी में वह अपनी पहली चुनावी सभा को संबोधित करेंगी।
महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि आज बिहार की बहन बेटियों के लिए आवाज उठाने प्रियंका गांधी बिहार दौरे पर आ रही है। वह सदाकत आश्रम में महिलाओं से बातचीत करेंगी। राज्य के सभी जिलों से महिलाएं उनसे बात करने पहुंची हैं। इस संवाद में हर वर्ग की महिलाओं को शामिल करने का प्रयास किया गया है। सूत्र बता रहे हैं प्रियंका गांधी महिलाओं के लिए कुछ बड़ा एलान कर सकती हैं, जो इंडिया गठबंधन के घोषणा पत्र में शामिल होगा।
झारखंड के चाईबासा में 10 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
चाईबासा । झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर गुरुवार को भाकपा (माओवादी) संगठन के 10 सक्रिय नक्सलियों ने चाईबासा में आत्मसमर्पण किया।
पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता, आईजी अभियान एस. माइकल राज, आईजी ऑपरेशन सीआरपीएफ साकेत कुमार सिंह, आईजी सीआरपीएफ अनूप बिरथरे, डीआईजी कोल्हान अनुरंजन किस्पोट्टा, सीआरपीएफ के वरीय अधिकारी एवं चाईबासा एसपी अमित रेणु की मौजूदगी में यह आत्मसमर्पण हुआ।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में रांदो बोइपाई उर्फ कांति, गार्टी कोड़ा, जॉन उर्फ जोहन पुरती, निरसो सीदू उर्फ आशा, घोनोर देवगम, गोमेया कोड़ा उर्फ टारजन, कैरा कोड़ा, कैरी कायम उर्फ गुलांची, सावित्री गोप उर्फ फुटबॉल और प्रदीप सिंह मुण्डा शामिल हैं।
रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर से अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण
नई दिल्ली। भारत ने रक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर प्रणाली से मध्यम दूरी की अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल प्रक्षेपण किया। अगली पीढ़ी की यह मिसाइल 2,000 किलोमीटर तक मारक क्षमता रखती है और अत्याधुनिक तकनीक से लैस है।
पहली बार रेल नेटवर्क से परीक्षण
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट कर जानकारी दी कि विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर से यह अपनी तरह का पहला प्रक्षेपण है। इस प्रणाली को बिना किसी अतिरिक्त उपकरण के सीधे रेल नेटवर्क पर संचालित किया जा सकता है। इससे देशभर में कहीं भी, कम समय और कम दृश्यता के साथ मिसाइल लॉन्च करने की सुविधा मिलेगी।
भारत हुआ चुनिंदा देशों की सूची में शामिल
राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर डीआरडीओ (DRDO), सामरिक बल कमान और सशस्त्र बलों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस सफल परीक्षण के साथ भारत अब उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिनके पास चलते-फिरते रेल नेटवर्क से कैनिस्टराइज्ड प्रक्षेपण प्रणाली विकसित करने की क्षमता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रेटर नोएडा में किया इंटरनेशनल ट्रेड शो का शुभारंभ
ग्रेटर नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में आयोजित ‘इंटरनेशनल ट्रेड शो’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने देश-विदेश के निवेशकों से उत्तर प्रदेश में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य में विकास की अपार संभावनाएं हैं और यह निवेश के लिए एक उभरता हुआ केंद्र बन चुका है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन चुका है। यह सबसे ज्यादा इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला राज्य है। हैरिटेज टूरिज्म में उत्तर प्रदेश नंबर वन है और नमामि गंगे जैसे अभियानों ने उत्तर प्रदेश को क्रूज टूरिज्म के लिए उसके मैप पर लाकर अपना स्थान बनाया है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश की 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' योजना की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा, इसने राज्य के कई जिलों के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया है। मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश रिकॉर्ड बना रहा है।
पीएम ने बताया कि आज पूरे भारत में जितने मोबाइल फोन बनते हैं, उसमें से 55 प्रतिशत मोबाइल उत्तर प्रदेश में बनते हैं। इसके साथ ही, यूपी अब सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूती देगा। उन्होंने जानकारी दी कि यहां से कुछ किलोमीटर दूर ही एक बड़ी सेमीकंडक्टर फैसिलिटी पर काम शुरू होने वाला है।
रक्षा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की भूमिका पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा, हमारी सेनाएं स्वदेशी उपकरण चाहती हैं। दूसरों पर निर्भरता को कम करना चाहती हैं। इसलिए भारत में ही हम बायब्रेंट डिफेंस सेक्टर डेवलप कर रहे हैं। पुर्जा-पुर्जा पर मेड इन इंडिया की छाप हो, ऐसा इकोसिस्टम बना रहे हैं। उत्तर प्रदेश इसमें बड़ी भूमिका निभा रहा है। बहुत जल्द रूस के सहयोग से बनी फैक्ट्री से एके 203 राइफल का उत्पादन शुरू होने वाला है। यूपी में डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है, जहां ब्रह्मोस मिसाइल समेत अनेक अस्त्र-शस्त्र का निर्माण शुरू हो चुका है।
प्रधानमंत्री ने निवेशकों से अपील की कि वे उत्तर प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग के लिए निवेश करें। उन्होंने कहा, मैं सभी से आह्वान करता हूं कि उत्तर प्रदेश में निवेश करें। राज्य में मैन्युफैक्चरिंग करें। यहां लाखों एमएसएमई का मजबूत नेटवर्क है। यह लगातार बढ़ रहा है। इनके सामर्थ का इस्तेमाल करके एक कंप्लीट प्रोडक्ट यहीं पर बनाएं। इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार आपके साथ है।
केंद्र ने सीडीएस जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल मई 2026 तक बढ़ाया
नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने बुधवार को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) और सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के रूप में जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई, 2026 तक बढ़ा दिया। गौरतलब है कि अपने पूर्ववर्ती जनरल बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर दुर्घटना में आकस्मिक निधन के बाद, वे 28 सितंबर, 2022 को सीडीएस बने थे।
उन्हें सीडीएस के रूप में सेवा देने के लिए सेवानिवृत्ति से वापस बुलाया गया था, और वे पहले तीन स्टार नियुक्त अधिकारी हैं, यह भूमिका पारंपरिक रूप से चार स्टार अधिकारी को दी जाती है। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के रहने वाले जनरल चौहान इसी वर्ष 58वें पाठ्यक्रम के भाग के रूप में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला (एनडीए) में शामिल हुए।
इसके बाद, वे 1980 में 68वें कोर्स के तहत भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून (आईएमए) में शामिल हुए। वे डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन से भी स्नातक हैं। जनरल चौहान 1981 में भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त हुए थे और उनका एक विशिष्ट और शानदार करियर रहा है, जिसमें उन्होंने प्रमुख कमांड और स्टाफ नियुक्तियां की हैं।
अपने शानदार करियर में, उन्होंने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में व्यापक रूप से काम किया है। इसके अलावा, जनवरी 2018 में, उन्हें सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) नियुक्त किया गया, जिस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 2019 के बालाकोट हवाई हमले के क्रियान्वयन की निगरानी की।
जनरल चौहान को भारतीय सेना के प्रति उनकी अनुकरणीय सेवाओं के लिए परम विशिष्ट सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया।
कृषि विकास अधिकारी द्वारा जैविक खेती मिशन योजना अंतर्गत राज्य के बाहर पांच दिवसीय भ्रमण सह प्रशिक्षण कार्यक्रम
उड़ीसा- कृषि विभाग कार्यालय वशिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा जैविक खेती मिशन योजना अंतर्गत राज्य के बाहर पांच दिवसीय भ्रमण सह प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी भुवनेश्वर (उड़ीसा); एवं सेंट्रल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट कटक (उड़ीसा) 36 कृषक सह 6 अधिकारियों को दिनांक 24.09.2025 से 29.092025 तक शमलित होने के लिए रवाना हुए इस उपलक्ष्य में श्री मुकेश कोड़ों अध्यक्ष जनपद पंचायत डौंडी, राजहरा व्यापारी संघ के अध्यक्ष श्री गोविंद वाधवानी,श्री मनोज दुबे नगर पालिका उपाध्यक्ष, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी अल्पसंख्यक एवं प्रदेश मंत्री चैंबर ऑफ कॉमर्स श्री स्वाधीन जैन ,श्री संजीव सिंग पार्षद नगर पालिका दल्ली राजहरा,श्री जयदीप गुप्ता भाजपा प्रदेश कार्यकारणी सदस्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा हितेश कुमार द्वारा कृषक बंधुओं को अग्रिम बधाई दी गई एवं हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया
UK-कनाडा, ऑस्ट्रेलिया के बाद पुर्तगाल ने भी दी फिलिस्तीन को मान्यता
वाशिंगटन । कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम के बाद पुर्तगाल ने भी स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य को आधिकारिक मान्यता देने की घोषणा की है। रविवार को, पुर्तगाली विदेश मंत्री पाउलो रंगेल ने यह एलान किया। उन्होंने कहा कि पुर्तगाल अब आधिकारिक तौर पर फिलिस्तीन राज्य को मान्यता देता है। इसके साथ ही, विदेश मंत्री ने इस्राइल के साथ द्वि-राज्य समाधान का समर्थन करते हुए इसे दोनों देशों और क्षेत्र में स्थायी शांति का एकमात्र रास्ता बताया।
वार्षिक संयुक्त राष्ट्र महासभा से पहले न्यूयॉर्क में पत्रकारों से बात करते हुए रेंजेल ने कहा कि फिलिस्तीन राज्य को मान्यता देना एक मौलिक, सुसंगत और व्यापक रूप से सहमत नीति की पूर्ति है। उन्होंने कहा कि पुर्तगाल द्वि-राज्य समाधान को न्यायसंगत और स्थायी शांति का एकमात्र रास्ता मानता है, जो इस्राइल और फिलिस्तीन के बीच सह-अस्तित्व और शांतिपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देता है।
स्वदेशी के मंत्र को बनाना होगा आत्मनिर्भर भारत का आधार : मोदी
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी के मंत्र को आत्मनिर्भर भारत का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा है कि सभी लोगों को फिर से देश की मजबूती के लिए स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना चाहिये।
श्री मोदी ने रविवार को राष्ट्र के नाम अपने संदेश में कहा कि हर घर को 'मेड इन इंडिया' के गौरव का प्रतीक बनना चाहिए और स्वदेश में निर्मित वस्तुओं को हमारे स्वभाव का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने जीएसटी दरों में कमी, नियमों तथा प्रक्रियाओं के सरलीकरण को सरकार का इस दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे भारत का स्वर्णिम युग लौट आएगा जिससे देश के विकास को गति मिलेगी तथा विश्व मंच पर भारतीय वस्तुओं को नयी पहचान मिल सकेगी।
श्री मोदी ने सूक्ष्म, लघु, और मध्यम उद्योगों(एमएसएमई) तथा घरेलू उद्योगों को देश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कुटीर उद्योगों के मजबूत होने से स्वदेशीकरण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में बहुत लाभ होगा। जीएसटी की नयी दरों से कुटीर उद्योगों को बहुत बड़ा फायदा होने वाला है, इससे उनकी बिक्री बढ़ेगी, उन्हें कम टैक्स देना पड़ेगा और उन्हें दोहरा लाभ होगा।
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के लिये सभी राज्यों से आह्वान करते हुये कहा आज मैं सभी राज्य सरकारों से अपील करता हूँ कि आत्मनिर्भर भारत अभियान और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ-साथ, आप अपने राज्यों में पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ विनिर्माण को गति दें और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाएं। आज जाने-अनजाने में, कई विदेशी उत्पाद हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बन गए हैं। हमें ऐसे उत्पाद खरीदने चाहिए जो मेड इन इंडिया हों, हमारे देश के युवाओं की मेहनत से बने हों—ऐसे उत्पाद जिनमें हमारे बेटे-बेटियों का पसीना लगा हो।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुँचने के लिए आत्मनिर्भरता के पथ पर चलने की ज़रूरत है और देश को आत्मनिर्भर बनाने की एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी हमारे एमएसएमई पर भी है। देश के लोगों को जो चाहिए, जो हम अपने देश में बना सकते हैं, वो हमें यहीं देश में बनाने चाहिए। जीएसटी दरों में कमी और नियमों तथा प्रक्रियाओं के सरलीकरण से एमएसएमई, लघु उद्योगों और कुटीर उद्योगों पर असाधारण असर होने वाला है और उन्हें इसका कई तरह से लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने स्वदेशी को विकास के लिए एक मंत्र बताया और कहा "जिस तरह स्वदेशी के मंत्र से देश की आज़ादी को बल मिला उसी तरह अब इससे देश की समृद्धि को भी बल मिलेगा।