छत्तीसगढ़ / जांजगीर-चाम्पा
मुख्यमंत्री साय ने लगभग 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को 500 करोड़ रुपये की दी सौगात
जिले के कुल 21135 हितग्राहियों को मिले लगभग 21 करोड़ 13 लाख रूपए की राशि
जांजगीर-चांपा । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत आज जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम प्रदेश के लगभग 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात दी है। योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से संबल बनाने के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन कृषि श्रमिकों को सशक्त बनाना है। योजना के तहत जिले 21135 हितग्राहियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से कुल 211.35 लाख रूपए अंतरित किए गए।
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना अंतर्गत आज जिला मुख्यालय के ऑडिटोरियम भवन में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया, नगर पालिका जांजगीर-नैला के अध्यक्ष रेखा देवा गढेवाल, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर ज्ञानेंद्र सिंह ठाकुर, विवेका गोपाल, आशुतोष गोस्वामी सहित गणमान्य नागरिक, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में भूमिहीन कृषक उपस्थित थे। उपस्थित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारियों एवं हितग्राहियों ने वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संबोधन सुना।
कार्यक्रम में पूर्व नेताप्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा से भूमिहीन कृषि मजदूर भाइयों के खातें में योजना के तहत आर्थिक सहायता राशि अंतरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश कृषि प्रधान प्रदेश है और यहां की अर्थव्यवस्था फसलों पर आधारित है। ऐसे में भूमिहीन कृषि मजदूर, जो खेती में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और अन्न उत्पादन में सहयोग करते हैं, उनके लिए यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह सहायता राशि भूमिहीन किसानों के लिए एक बड़ा सहारा साबित होगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी ने संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब गांव का मजदूर सशक्त होगा, तभी गांव मजबूत होगा और प्रदेश व देश का समग्र विकास संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार एक शुभचिंतक परिवार की तरह सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है। योजना के माध्यम से भूमिहीन कृषि मजदूर भाई-बहनों को सहयोग प्रदान किया जा रहा है और उनके खाते में सीधे राशि अंतरित कर उनका सम्मान किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा हितग्राहियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने ग्राम पेंड्री के किसान राजेन्द्र श्रीवास से किया संवाद :
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पेंड्री निवासी हितग्राही राजेंद्र कुमार श्रीवास से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें योजना के तहत राशि प्राप्त होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। संवाद के दौरान राजेंद्र कुमार श्रीवास ने बताया कि उन्हें दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्राप्त आर्थिक सहायता उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि वे इस राशि का उपयोग अपने पारंपरिक व्यवसाय सैलून की दुकान को आगे बढ़ाने में कर रहे हैं। अब वे अपनी दुकान में आवश्यक संसाधन बढ़ा रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
जिले के कुल 21135 हितग्राहियों को मिले 211.35 लाख रूपए की राशि :
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत जिले के 21135 पात्र परिवारों को 211.35 लाख रूपए अंतरित किया गया। जिसमें तहसील अकलतरा के 3783 हितग्राही को 37.83 लाख रूपए, चांपा के 1535 हितग्राही को 15.35 लाख रूपए, जांजगीर के 3655 हितग्राही को 36.55 लाख रूपए, नवागढ़ के 1585 हितग्राही को 15.85 लाख, पामगढ़ के 5925 हितग्राही 59.25 लाख रूपए, बम्हनीडीह के 745 हितग्राही को 7.45 लाख रूपए, बलौदा के 928 हितग्राहियों को 9.28 लाख रूपए, शिवरीनारायण के 1914 हितग्राहियों को 19.14 लाख रूपए एवं सारागांव 1065 हितग्राहियों को 10.65 लाख रूपए उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से राशि अंतरित किये गये।
रेत के अवैध परिवहन पर की गई कार्रवाई : 13 हाईवा व 3 ट्रैक्टर जब्त
जांजगीर-चांपा । कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर रोकथाम हेतु राजस्व, पुलिस एवं खनिज विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए विभिन्न स्थानो का औचक जांच किया गया।
खनि अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान रेत के अवैध परिवहन करते पाये जाने पर अकलतरा क्षेत्र में 6 हाईवा, चांपा के हथनेवरा में 6 हाईवा व 3 ट्रैक्टर एवं पामगढ़ क्षेत्र में 1 हाईवा को जब्त कर कार्रवाई की गई। खनिजो के अवैध परिवहन के दर्ज प्रकरणों पर अवैध परिवहनकर्ताओं के विरूद्ध खांन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 से 23 (ख) के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर महोबे के निर्देशन में जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण के संबंध में खनिज विभाग द्वारा निरंतर जांच कार्यवाही की जा रही है, जो कि निरंतर जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री साय ने लगभग 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को 500 करोड़ रुपये की दी सौगात
जिले के कुल 21135 हितग्राहियों को मिले लगभग 21 करोड़ 13 लाख रूपए की राशि
जांजगीर-चांपा । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत आज जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम प्रदेश के लगभग 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात दी है। योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से संबल बनाने के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन कृषि श्रमिकों को सशक्त बनाना है। योजना के तहत जिले 21135 हितग्राहियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से कुल 211.35 लाख रूपए अंतरित किए गए।
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना अंतर्गत आज जिला मुख्यालय के ऑडिटोरियम भवन में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया, नगर पालिका जांजगीर-नैला के अध्यक्ष रेखा देवा गढेवाल, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर ज्ञानेंद्र सिंह ठाकुर, विवेका गोपाल, आशुतोष गोस्वामी सहित गणमान्य नागरिक, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में भूमिहीन कृषक उपस्थित थे। उपस्थित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारियों एवं हितग्राहियों ने वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संबोधन सुना।
कार्यक्रम में पूर्व नेताप्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा से भूमिहीन कृषि मजदूर भाइयों के खातें में योजना के तहत आर्थिक सहायता राशि अंतरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश कृषि प्रधान प्रदेश है और यहां की अर्थव्यवस्था फसलों पर आधारित है। ऐसे में भूमिहीन कृषि मजदूर, जो खेती में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और अन्न उत्पादन में सहयोग करते हैं, उनके लिए यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह सहायता राशि भूमिहीन किसानों के लिए एक बड़ा सहारा साबित होगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी ने संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब गांव का मजदूर सशक्त होगा, तभी गांव मजबूत होगा और प्रदेश व देश का समग्र विकास संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार एक शुभचिंतक परिवार की तरह सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है। योजना के माध्यम से भूमिहीन कृषि मजदूर भाई-बहनों को सहयोग प्रदान किया जा रहा है और उनके खाते में सीधे राशि अंतरित कर उनका सम्मान किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा हितग्राहियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने ग्राम पेंड्री के किसान राजेन्द्र श्रीवास से किया संवाद :
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पेंड्री निवासी हितग्राही राजेंद्र कुमार श्रीवास से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें योजना के तहत राशि प्राप्त होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। संवाद के दौरान राजेंद्र कुमार श्रीवास ने बताया कि उन्हें दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्राप्त आर्थिक सहायता उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि वे इस राशि का उपयोग अपने पारंपरिक व्यवसाय सैलून की दुकान को आगे बढ़ाने में कर रहे हैं। अब वे अपनी दुकान में आवश्यक संसाधन बढ़ा रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
जिले के कुल 21135 हितग्राहियों को मिले 211.35 लाख रूपए की राशि :
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत जिले के 21135 पात्र परिवारों को 211.35 लाख रूपए अंतरित किया गया। जिसमें तहसील अकलतरा के 3783 हितग्राही को 37.83 लाख रूपए, चांपा के 1535 हितग्राही को 15.35 लाख रूपए, जांजगीर के 3655 हितग्राही को 36.55 लाख रूपए, नवागढ़ के 1585 हितग्राही को 15.85 लाख, पामगढ़ के 5925 हितग्राही 59.25 लाख रूपए, बम्हनीडीह के 745 हितग्राही को 7.45 लाख रूपए, बलौदा के 928 हितग्राहियों को 9.28 लाख रूपए, शिवरीनारायण के 1914 हितग्राहियों को 19.14 लाख रूपए एवं सारागांव 1065 हितग्राहियों को 10.65 लाख रूपए उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से राशि अंतरित किये गये।
विश्व क्षय दिवस के अवसर पर 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान का हुआ जिला स्तरीय शुभारंभ
टी.बी. मुक्त पंचायतों एवं मेधावी छात्राओं को किया गया सम्मानित
जांजगीर-चांपा, 24 मार्च 2026
विश्व क्षय दिवस के अवसर पर 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिला स्तरीय शुभारंभ 24 मार्च से जिला ऑडिटोरियम, जांजगीर में किया गया। इसके साथ ही टीबी मुक्त पंचायतों एवं मेधावी छात्राओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी उन्मूलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को गति देना है। इस दौरान टीबी मुक्त पंचायतों को सम्मानित किया गया और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, जिला पंचायत सदस्य श्री राजकुमार साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री लोकेश साहू, श्री पुष्पेंद्र प्रताप सिंह, श्री प्रदीप पाटले, सीएमएचओ डॉ अनिता श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनिता अग्रवाल, डीपीएम श्री उत्कर्ष तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री महोबे ने कहा कि टीबी पूरी तरह से उपचार योग्य बीमारी है, इसके लिए समय पर जांच और नियमित इलाज बेहद जरूरी है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि टीबी के लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और उपचार पूरा करें। उन्होंने क्षय रोग के विरूद्ध विशेष जागरूकता चलाने एवं स्वयं के द्वारा भी किट प्रदान करने एवं ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुचाने कहा। सीएमएचओ ने बताया कि जिले में टीबी उन्मूलन के लिए 100 दिवसीय अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें घर-घर सर्वे, स्क्रीनिंग और उपचार की व्यवस्था किया जाएगा। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी टीबी मुक्त भारत के संकल्प को दोहराया और जन जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
इसके साथ ही टी.बी. मुक्त पंचायतों एवं बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं योजना अंतर्गत सत्र 2024-25 में जिले की मेधावी छात्रा कु. खुशी देवांगन, कु. ज्योति ओग्रे, कु. ईशा, कु. अदिति देवांगन, कु. रोशनी जोगी, कु. पुष्पा चौहान को पुरस्कार प्रदान किया गया।
पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ, भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़
जांजगीर–अकलतरा संगठनात्मक प्रवास : राष्ट्रभाव, सम्मान और समर्पण का प्रेरक अध्याय पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ, भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़ के प्रदेश संयोजक संतोष साहू का जांजगीर जिले का संगठनात्मक प्रवास अत्यंत गरिमामय एवं प्रेरणादायी रहा। अकलतरा नगर में पूर्व सैनिक भाइयों, जनप्रतिनिधियों एवं समाजजनों द्वारा आत्मीय स्वागत, सत्कार एवं अभिनंदन किया गया, जिसने संगठन और समाज के बीच सुदृढ़ विश्वास को और प्रगाढ़ किया। नगर पालिका परिषद अकलतरा की अध्यक्षा श्रीमती दीप्ति रोहित सारथी के नेतृत्व में आयोजित स्वागत समारोह में पूर्व सैनिकों के सम्मान, उनके कल्याण तथा संगठन की भावी कार्ययोजना पर सार्थक एवं सकारात्मक संवाद हुआ।
मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना अंतर्गत दावा-आपत्ति
जांजगीर-चांपा। संचालनालय महिला एवं बाल विकास, इन्द्रावती भवन नवा रायपुर, अटल नगर के निर्देशानुसार जिले में 10 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह का आयोजन किया जाना है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि उक्त आयोजन हेतु प्राप्त कुल 141 आवेदनों की प्रारंभिक पात्रता सूची तैयार की गई है। सूची के अनुसार यदि किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था को किसी भी जोड़े की पात्रता, आयु या अन्य वैधानिक तथ्यों के संबंध में कोई आपत्ति हो, तो वे 09 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजे तक साक्ष्यों सहित लिखित आवेदन कार्यालयीन समय में कार्यालय कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला जांजगीर-चांपा में स्पीड पोस्ट/रजिस्टर्ड डाक अथवा व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रारंभिक सूची का अवलोकन जिले की वेबसाइट https://janjgir-champa.gov.in तथा कार्यालय के सूचना पटल पर कर सकते है।
लेखा सह एम.आई.एस. सहायक के पद पर भर्ती हेतु दावा-आपत्ति आमंत्रित
जांजगीर-चांपा, 05 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अन्तर्गत जिला, जनपद पंचायत के रिक्त पद लेखा सह एम.आई.एस. सहायक का पद संख्या-01 (अन्य पिछड़ा वर्ग-मुक्त) की भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया था। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि प्राप्त आवेदन पत्रों का छानबीन समिति द्वारा जांच उपरांत पात्र, अपात्र सूची जारी किया गया है। जिसका दावा-आपत्ति 20 फरवरी 2026 कार्यालयीन सायं 5 बजे तक आमंत्रित किया गया है। उक्त पात्र, अपात्र सूची जिला पंचायत-जांजगीर-चांपा के सूचना-पटल एवं जिला पंचायत के वेबसाइट www.janjgir-champa.gov.inएवं योजना के वेबसाइटwww.bihan.gov.inपर देखा जा सकता है।
मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना अंतर्गत दावा-आपत्ति आमंत्रित
जांजगीर-चांपा, 05 फरवरी 2026
संचालनालय महिला एवं बाल विकास, इन्द्रावती भवन नवा रायपुर, अटल नगर के निर्देशानुसार जिले में 10 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह का आयोजन किया जाना है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि उक्त आयोजन हेतु प्राप्त कुल 141 आवेदनों की प्रारंभिक पात्रता सूची तैयार की गई है। सूची के अनुसार यदि किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था को किसी भी जोड़े की पात्रता, आयु या अन्य वैधानिक तथ्यों के संबंध में कोई आपत्ति हो, तो वे 09 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजे तक साक्ष्यों सहित लिखित आवेदन कार्यालयीन समय में कार्यालय कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला जांजगीर-चांपा में स्पीड पोस्ट/रजिस्टर्ड डाक अथवा व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रारंभिक सूची का अवलोकन जिले की वेबसाइटhttps://janjgir-champa.gov.inतथा कार्यालय के सूचना पटल पर कर सकते है।
महतारी वंदन योजना: सुलेश्वरी को मिली आत्म निर्भरता की नई राह
24वीं किश्त की राशि आई खाते मे, महिलाओं में बढ़ा आत्मविश्वास
जांजगीर-चांपा, 03 फरवरी 2026
जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय निवासी श्रीमती सुलेश्वरी यादव उन महिलाओं में से एक हैं, जिनके जीवन में महतारी वंदन योजना ने नई उम्मीद, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की रोशनी भरी है। पहले आर्थिक तंगी के कारण उनका परिवार रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करता था, लेकिन आज यही योजना उनके सपनों को साकार करने का मजबूत सहारा बन गई है। मीण परिवेश में पली-बढ़ी सुलेश्वरी का जीवन हमेशा संघर्षों से भरा रहा। सीमित आय और बढ़ती महंगाई के बीच तीन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, घर का खर्च और भविष्य की जिम्मेदारियां निभाना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। वे अपने पति और तीन बच्चों के साथ जांजगीर में रहती हैं। घर के कामकाज के साथ-साथ सिलाई का कार्य कर वे परिवार की आय में सहयोग करती हैं, फिर भी सीमित संसाधनों के कारण परिवार की सभी जरूरतें पूरी कर पाना उनके लिए आसान नहीं था।
ऐसे में महतारी वंदन योजना उनके लिए संबल बनकर सामने आई। योजना के तहत हर माह मिलने वाली 1000 रुपये की सहायता राशि ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाना शुरू कर दिया। श्रीमती सुलेश्वरी ने इस महतारी वंदन से मिलने वाली सहायता राशि को बचत करना शुरू किया और पैसे को सही दिशा में उपयोग किया। धीरे-धीरे यही छोटी-छोटी बचत उनके आत्मनिर्भर बनने की मजबूत नींव बनती गई। हाल ही में योजना की 24वीं किश्त के रूप में उन्हें 1000 रुपये की राशि प्राप्त हुई। इस राशि का उपयोग वे अपने बच्चों की पढ़ाई, किताब-कॉपी, स्कूल की फीस और घर की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। अब तक मिली सहायता से उन्होंने अपने सपनों को नया आकार देना शुरू कर दिया है।
श्रीमती सुलेश्वरी कहती हैं कि महतारी वंदन योजना से मुझे बहुत सहारा मिला है। पहले मैं छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी परेशान रहती थी, लेकिन अब मुझे भरोसा है कि मैं अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हूं। सरकार की इस मदद से मेरा सपना धीरे-धीरे पूरा हो रहा है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता ने जरूरतमंद महिलाओं को सच्चे अर्थों में आर्थिक संबल प्रदान किया है। उनके अनुसार यह योजना केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और आत्मविश्वास को बढ़ाने की पहल है।
चांपा : सरल प्रक्रिया, समय पर भुगतान और बेहतर सुविधाओं से किसानों को मिल रहा है लाभ
जांजगीर-चांपा, 23 जनवरी 2026
कभी धान बेचने के लिए लंबी कतारें, असमय भुगतान और अनिश्चितता किसान की मजबूरी हुआ करती थी। लेकिन आज वही किसान आत्मविश्वास के साथ मुस्कुरा रहा है। यह बदलाव केवल व्यवस्था का नहीं, बल्कि किसान के जीवन में लौटे सम्मान और भरोसे का प्रतीक है। और यह संभव हो पाया है मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हो रही धान खरीदी और उनकी किसान हितैषी नीतियों के वजह से। जिले के ग्राम पेंड्री निवासी किसान श्री कुलन्दन सूर्यवंशी की कहानी छत्तीसगढ़ में लागू की गई पारदर्शी और किसान-हितैषी धान खरीदी व्यवस्था की सशक्त मिसाल बनकर सामने आई है। उन्होंने उपार्जन केंद्र पेंड्री में 17.20 क्विंटल धान का विक्रय किया और महसूस किया कि अब किसान सिर्फ उत्पादक नहीं, बल्कि सम्मान का भागीदार है।
किसान श्री सूर्यवंशी बताते हैं कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल का सर्वाधिक समर्थन मूल्य मिलना, उनके लिए सिर्फ एक आर्थिक लाभ नहीं बल्कि वर्षों की मेहनत का सच्चा मूल्य है। साथ ही प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की सुविधा ने उनकी आमदनी के साथ संबल प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि अब धान बेचने की प्रक्रिया डर और भ्रम की नहीं, बल्कि विश्वास और सुविधा की है। ऑनलाइन टोकन प्रणाली, डिजिटल तौल कांटा, माइक्रो एटीएम से भुगतान, समय पर टोकन कटाई और त्वरित भुगतान इन सभी व्यवस्थाओं ने किसान के समय, श्रम और सम्मान की रक्षा की है। धान लाने से लेकर भुगतान तक हर चरण सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद हो गया है। उपार्जन केंद्र पर पर्याप्त बारदाना, स्वच्छ पेयजल, बैठने की व्यवस्था और छायादार स्थान जैसी सुविधाओं ने किसानों को यह अहसास कराया कि शासन उनके साथ खड़ा है। श्री सूर्यवंशी कहते हैं कि पहले जिन कठिनाइयों से गुजरना पड़ता था, वे अब बीते दिनों की बात हो गई हैं।
समय पर भुगतान मिलने से अब वे अगली फसल की तैयारी, बच्चों की शिक्षा और परिवार की जरूरतों की योजना आत्मविश्वास के साथ बना पा रहे हैं। यह व्यवस्था केवल धान खरीदने तक सीमित नहीं, बल्कि किसान को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। श्री कुलन्दन सूर्यवंशी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते कहते है कि आज छत्तीसगढ़ का किसान खुद को असहाय नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर महसूस कर रहा है। शासन की किसान-हितैषी नीतियों ने हमारे जीवन में उम्मीद, उत्साह और खुशहाली भर दी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से रोहित का बना पक्का घर, सम्मानपूर्ण जीवन की ओर बढ़ रहा परिवार
जांजगीर-चांपा, 21 जनवरी 2026
जिले के ग्राम पंचायत बनाहिल में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण ने एक गरीब परिवार के जीवन में खुशियों की नई रोशनी भर दी है। ग्राम बनाहिल निवासी हितग्राही रोहित, पिता बिसाहू राम वर्षों से खपरे व टीन की छत से बने कच्चे मकान में जीवन यापन कर रहे थे। बरसात के दिनों में पानी टपकना, ठंड व गर्मी की मार तथा असुरक्षित आवास उनकी रोजमर्रा की समस्या बन चुकी थी। आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए केवल एक सपना था।
शासन की प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण ने इस सपने को साकार किया। वित्तीय वर्ष 2024 25 में हितग्राही रोहित का आवास स्वीकृत किया गया तथा 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खाते में प्रदान की गई। इसके पश्चात निर्धारित समय-सीमा में आवास निर्माण पूर्ण कर लिया गया, जिसकी पूर्णता वर्ष 2025 26 में हुई। आज रोहित अपने पक्के, सुरक्षित और सम्मानजनक मकान में परिवार सहित सुखपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। साथ ही वे उज्जवला योजना के अंतर्गत एल.पी.जी. कनेक्शन तथा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जलवाहित शौचालय जैसी सुविधाओं से भी लाभान्वित हैं।
हितग्राही रोहित कहते है कि प्रधानमंत्री आवास योजना मेरे लिए वरदान साबित हुई है। आज मेरे सिर पर पक्की छत है। यह सपना मैंने कभी सोचा भी नहीं था। इसके लिए मैं शासन-प्रशासन का धन्यवाद करता हूँ।” प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण वास्तव में गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित आवास के साथ सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान करने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रही है।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मड़वा धान खरीदी केंद्रों का किया निरीक्षण
जांजगीर-चांपा - कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने आज मड़वा स्थित धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी समितियों में आगामी 7 खरीदी दिवस के जारी टोकन का विवरण संबंधित पटवारी, आरएईओ प्राप्त करेंगे। राजस्व और कृषि विभाग की टीम जारी टोकन में दूसरे और तीसरे टोकन का शत-प्रतिशत सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही धान खरीदी केंद्र में धान पहुंचते ही उसकी रजिस्टर में विधिवत एंट्री दर्ज की जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
कलेक्टर महोबे ने खरीदी केंद्र में उपस्थित किसानों से संवाद कर टोकन व्यवस्था, धान तौल, भुगतान प्रक्रिया एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों से धान की खरीदी पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने आवंटित उपार्जन केंद्रों में साप्ताहिक आबंटित पी.वी. (भौतिक सत्यापन) अनिवार्य रूप से पूर्ण करें तथा उसकी रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करें। साथ ही धान के अलग अलग किस्म के आधार पर स्टैकिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर खाद्य अधिकारी कौशल साहू, सीसीबी नोडल अधिकारी अमित साहू, विनय पटेल सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
ऑनलाइन 24×7 टोकन सुविधा से धान खरीदी हुई सरल : 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा
किसान-हितैषी सुशासन का प्रभाव—किसान भीम गोंड़ ने साझा किया अनुभव
प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली ज़िंदगी
जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड अकलतरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बनाहिल के निवासी हरप्रसाद के लिए पक्का घर कभी केवल एक सपना था। सीमित आय और आर्थिक तंगी के कारण वे वर्षों से खपरे और टीन की छत वाले कच्चे मकान में रहने को विवश थे। बरसात का मौसम उनके लिए सबसे कठिन होता। संसाधनों के अभाव में न तो नया घर बनाना संभव था और न ही पुराने छप्पर की समुचित मरम्मत।
आर्थिक सशक्तिकरण से बदलती महिलाओं की तस्वीर