छत्तीसगढ़ / कोंडागांव
जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
कोण्डागांव, 17 सितम्बर 2025
साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने मंगलवार को जिला मुख्यालय के सभा कक्ष से एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केशकाल और बड़ेराजपुर विकासखंड के ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर ने जनदर्शन में पहुंचे आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता के साथ सुनी और संबंधित अधिकारियों को उनके आवेदनों पर त्वरित निराकरण हेतु निर्देशित किया।
जनदर्शन में आज कोण्डागांव की शांति पोयम ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से लाभ नहीं मिलने की शिकायत की, ग्राम बड़े गोड़सोड़ा निवासी सुभउ राम सोनवानी ने जगल में हो रहे अतिक्रमण को रोकने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। इसी प्रकार ग्राम लंजोड़ा निवासी बंसती कोसरे ने आवास की मांग, गांव पेरमापाल निवासी फुलसिंग कोर्राम ने पेरमापाल से तिमेनार तक सड़क निर्माण की मांग सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं को लेकर 29 आवेदन प्राप्त हुए।
जीपीएफ अंतिम भुगतान प्रकरणों के निराकरण हेतु शिविर 17 सितंबर को
कोण्डागांव
16 सितम्बर 2025
कार्यालय प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हक.) छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा जीपीएफ ऋणात्मक शेष Credit/Debit Unpost/Full Want/ Partwant एवं जीपीएफ अंतिम भुगतान के लम्बित प्रकरणों के त्वारित निराकरण हेतु 17 सितंबर 2025 को समय सुबह 10.00 बजे से कलेक्टोरेट सभागार प्रथम तल में शिविर आयोजित की जा रही है। जिला कोषालय अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई है कि संबंधित आहरण संवितरण अधिकारी वांछित दस्तावेज के साथ शिविर में उपस्थित होकर लम्बित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करा सकते हैं।
दीदी ई रिक्शा योजना से आदिलक्ष्मी को मिली नई राह
ई रिक्शा की हेंडिल थाम कर जीवन की राह हुई अब आसान
कोंडागांव नहरपारा की रहने वाली आदिलक्ष्मी यादव का जीवन कभी कठिनाइयों से घिरा हुआ था। परिवार की जिम्मेदारियाँ निभाने के लिए वे दूसरों के घरों में भोजन बनाकर किसी तरह रोज़मर्रा का गुजारा करती थीं। लेकिन लक्ष्मी के मन में हमेशा अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार को बेहतर भविष्य देने का सपना था।
अपने आत्मनिर्भर बनने के सपने को साकार करने के लिए उन्होंने सरकार की ‘दीदी ई-रिक्शा योजना’ के बारे में जानकारी ली। श्रम विभाग के अधिकारियों ने जब उन्हें इस योजना और शासन द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता के बारे में विस्तार से बताया, तो लक्ष्मी के जीवन की दिशा बदल गई। सरकार की इस योजना का लाभ उठाते हुए उन्होंने ई-रिक्शा खरीदी और छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीयन होने के कारण उन्हें एक लाख रुपए की सहायता राशि भी मिली। आज लक्ष्मी अपना ई-रिक्शा चलाकर प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपए तक की आय कर रही हैं। इस आय से वे न सिर्फ अपनी ई रिक्शा का ईएमआई किस्त समय पर जमा कर पाती हैं, बल्कि शेष राशि से अपने परिवार का भरण-पोषण भी अच्छे से कर रही हैं। उन्होंने बताया कि ई रिक्शा चलाकर अपने मेहनत से पैसा कमाकर उन्हें बहुत खुशी मिलती है। खुद की मेहनत और लगन से आगे बढ़ने की हिम्मत रखने वाली महिलाओं के लिए यह बहुत अच्छी योजना है।
लक्ष्मी भावुक होकर बताती हैं कि कभी जिन सड़कों पर वे दूसरों के घर काम करने के लिए पैदल चला करती थीं, आज उन्हीं सड़कों पर अपने स्वयं के ई-रिक्शा की सवारी करवाती हैं।
सरकार की यह योजना न केवल लक्ष्मी जैसी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल भी पेश कर रही है। आज लक्ष्मी आत्मविश्वास के साथ कहती हैं कि मेहनत और सही अवसर मिलने पर महिलाएँ भी हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। आदि लक्ष्मी ने शासन से मिली सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
कोण्डागांव जिला अस्पताल ने रचा इतिहास
पहली बार लेप्रोस्कोपिक पद्धति से सफल किडनी ऑपरेशन – आर्थिक तंगी झेल रही महिला को मिला नया जीवन
12 सितंबर 2025

कोंडागांव जिला लगातार स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, 4 सितंबर 2025 का दिन भी जिले के लिए एतिहासिक दिन रहा। कोण्डागांव जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने पहली बार लेप्रोस्कोपिक पद्धति से किडनी का सफल ऑपरेशन किया। यह उपलब्धि न केवल चिकित्सा जगत के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि गरीबी और बीमारी से जूझ रही एक महिला के जीवन के लिए भी वरदान साबित हुई।
कोण्डागांव के बाजारपारा की 35 वर्षीय सावित्री कोर्राम का जीवन निरंतर संघर्ष से भरा रहा है। सावित्री के पति का कुछ वर्ष पूर्व निधन हो गया है जिससे परिवार की जिम्मेदारी अचानक उनके कंधों पर आ गई। सावित्री घर चलने के लिए दूसरों के घरों में झाड़ू–पोछा और बर्तन धोने का काम शुरू की ताकि अपने दो बेटे और दो बेटियों का पालन–पोषण कर सके। लेकिन तकदीर ने फिर करवट बदली। दो वर्ष पहले उन्हें लगातार लघुशंका की समस्या हुई। मेहनत से जोड़ी गई थोड़ी-सी रकम लेकर वह विशाखापत्तनम गईं, जहां जांच में गंभीर किडनी रोग की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी, लेकिन खर्च सुनते ही सावित्री की दुनिया जैसे थम गई। आर्थिक स्थिति ने उन्हें मजबूर किया कि वह अधूरे इलाज के साथ घर लौट आएँ। चार बच्चों की परवरिश और घर की जिम्मेदारियों के बीच सावित्री को लगा कि उनकी जिंदगी धीरे-धीरे खत्म हो रही है।
कोण्डागांव जिला अस्पताल बना सहारा
हताशा और निराशा के बीच उन्होंने जिला अस्पताल कोण्डागांव का दरवाज़ा खटखटाया। अस्पताल के सर्जन डॉ. एस. नगुलन व उनकी टीम ने जांच की और स्पष्ट किया कि उनकी एक किडनी पूरी तरह खराब हो चुकी है, जिसे निकालना ही एकमात्र विकल्प है।
सामान्य ऑपरेशन में बड़े चीरे और संक्रमण का खतरा अधिक था। यह जोखिम उठाना सावित्री के लिए कठिन था। तब डॉक्टर नगुलन ने साहसिक निर्णय लिया ऑपरेशन लेप्रोस्कोपिक तकनीक से किया जाएगा।
जिला अस्पताल से प्राप्त जानकारी अनुसार 4 सितंबर को जिला अस्पताल कोण्डागांव में सावित्री का ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन थिएटर में डॉ. एस. नगुलन के साथ डॉ. शैलेश कुमार, डॉ. अनिल देवांगन, डॉ. कृष्णा मरकाम मौजूद थे। ओटी हेड नर्स स्वप्नप्रिया, स्टाफ नर्स पुष्पलता कुंवर, हेमंत मंडावी, संजना जैन, रामेश्वरी, अर्चना, साधना और रीना ने भी अहम भूमिका निभाई। करीब तीन घंटे चले इस ऑपरेशन में सावित्री की खराब किडनी को सफलतापूर्वक निकाला गया। यह ऑपरेशन पूर्णत: सफल रहा और अब सावित्री तेजी से स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। किडनी के सफलतापूर्वक इलाज के बाद सावित्री ने कहा "पहले लगा कि गरीबी और बीमारी ने मेरी जिंदगी खत्म कर दी है। लेकिन जिला अस्पताल और आयुष्मान कार्ड ने मुझे नया जीवन दिया है।"
प्रशासन की दूरदर्शिता और टीमवर्क
इस सफलता के पीछे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की योजनाबद्ध मेहनत भी है। कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दे रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी और सिविल सर्जन डॉ. प्रेम मंडावी के मार्गदर्शन में यह ऐतिहासिक ऑपरेशन संभव हुआ।
यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाएँ निरंतर सुदृढ़ हो रही हैं। राज्य सरकार का विजन है कि अब इलाज के लिए मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। पहले बस्तर अंचल के लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए विशाखापत्तनम, रायपुर या अन्य बड़े शहरों का रुख करते थे, लेकिन अब जिला स्तर पर ही आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोण्डागांव जिला अस्पताल में हुआ यह लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन इसी दिशा में मील का पत्थर है।
ट्रेलर व हाईवा में भिड़ंत, ट्रेलर चालक की मौत
कोण्डागांव। दहीकोंगा नेशनल हाईवे 30 पर सोमवार की सुबह करीब 7 बजे एक अनियंत्रित ट्रेलर ने सामने से आ रही हाईवा को टक्कर मार दी, जिससे हाईवा मौके पर ही पलट गई।
हादसे के बाद पीछे चल रही 108 एंबुलेंस भी ट्रेलर की चपेट में आ गई। हादसे में एंबुलेंस का स्टाफ सुरक्षित रहा, उन्हें किसी भी तरह से कोई चोट नहीं आई।
वहीं ट्रेलर चालक गाड़ी में बुरी तरह फँस गया, उसे लोगों और पुलिस की मदद से घंटों की मशक्कत से बाहर निकाला गया। गंभीर रूप से घायल चालक को तत्काल जिला अस्पताल कोण्डागांव में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान ट्रेलर चालक अनिल जायसवाल निवासी मध्यप्रदेश ने दम तोड़ दिया है।
ज्ञात हो कि नेशनल हाइवे 30 पर बीती रात एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को अपने चपेट में ले लिया था, जिसमें 2 युवकों की मौत हो गई थी, वहीं 12 घण्टे के भीतर ही दूसरी बड़ी घटना दहिकोंगा के पास हुई।
वन मंत्री श्री कश्यप ने मर्दापाल व बयानार में लगभग 01 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज कोंडागांव जिले के मर्दापाल और बयानार में लगभग 01 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया, जिसमें मर्दापाल क्षेत्र के लिए 55 लाख रूपए और बयानार क्षेत्र के लिए 45.99 लाख रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर मंत्री श्री कश्यप ने क्षेत्रवासियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया।
वनमंत्री श्री कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा रहा है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। जिले के दूरस्थ अंचलों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए शासन एवं प्रशासन सतत प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जर्जर विद्यालय भवनों की आवश्यकतानुसार मरम्मत कराने या नए भवनों का निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण करें। मंत्री श्री कश्यप ने विद्यालयों में गठित समितियों की नियमित बैठक सुनिश्चित करने तथा ग्रामीणों और पालकों को बच्चों की पढ़ाई की जानकारी लेने के लिए सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में शासन-प्रशासन के साथ-साथ ग्रामीणों एवं पालकों की भी भूमिका महत्वपूर्ण है।
भूमिपूजन कार्यक्रम में वन मंत्री श्री कश्यप ने क्षेत्रवासियों को 01 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। जिसके तहत मर्दापाल के उसलीपारा के पास 6 लाख रूपए की लागत से पुलिया निर्माण कार्य, ग्राम हथकली में मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना अंतर्गत 5 लाख रूपए की लागत से आरसीसी पुलिया निर्माण कार्य, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला मूलनार में 16 लाख रूपए की लागत से अहाता निर्माण कार्य, ग्राम पंचायत मटवाल में 6 लाख रूपए की लागत से आरसीसी पुलिया निर्माण कार्य, प्राथमिक शाला गदन तरई में 16 लाख रूपए की लागत से अहाता निर्माण कार्य, ग्राम पंचायत पदनार में 6 लाख रूपए की लागत से पुलिया निर्माण कार्य शामिल है।
इसी प्रकार बयानार क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोंगेरा में 6 लाख रूपए की लागत से पुलिया निर्माण कार्य, ग्राम मड़ागांव बावड़ी-चमाईपारा में 10 लाख 99 हजार रूपए की लागत से 02 आर सीसी स्लैब कल्वर्ट निर्माण कार्य, ग्राम चेमा में 5 लाख 49 हजार रूपए की लागत से स्पॉन पुलिया निर्माण कार्य और ग्राम तोड़म में 23 लाख 51 हजार की लागत से 5 बाजार शेड निर्माण कार्य, सीसी कार्य एवं गार्बेज डिस्पोजल कार्य का भूमिपूजन शामिल है।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने मर्दापाल में मिनी स्टेडियम निर्माण, पंचायत भवन के पास रंगमंच निर्माण, मध्यमिक शाला मर्दापाल के लिए वाद्ययंत्र बैड पार्टी प्रशिक्षण एवं समाग्री व्यवस्था, कांगा-पुसपाल पुलिया निर्माण, गोलावंड से हगवा रोड कुरुलुबहार नाला में पुलिया निर्माण, महिषासुर महिला मंडली के लिए वाद्ययंत्र सामाग्री व्यवस्था, स्वास्थ्य केन्द्र भवन से मुख्य मार्ग मर्दापाल के लिए सीसी रोड निर्माण एवं किचन शेड निर्माण की घोषणा की। इसी प्रकार बयानार में जोगी आलवाड में माता गुड़ी निर्माण, गणेश मंदिर राजबेड़ा के लिए मंदिर निर्माण के लिए 20 लाख की स्वीकृति, स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में भूमि का समतलीकरण, बयानार में खेल मैदान समतलीकरण, पनका समाज के लिए बयानार में समाजिक भवन निर्माण हेतु पांच लाख की घोषणा की।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती यशोदा कश्यप, पूर्व विधायक श्री सेवकराम नेताम, जनपद सदस्य श्री रूद्रपताप, श्री मनोज जैन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
मेहमान प्रशिक्षक हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित
कोण्डागांव, 28 अगस्त 2025
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनांतर्गत नेशनल स्किल्स क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क कोर्स में मापदंड अनुरूप र्प्रशिक्षकीय कार्य के संपादन के लिए निहित शर्तों के अधीन मेहमान प्रशिक्षक हेतु अंत्यावसायी व्यवसायिक प्रशिक्षण केन्द्र चिखलपुटी कोण्डागांव में 02 सितम्बर 2025 तक आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है। इसके तहत फील्ड टेक्नीशियन (घरेलु उपकरण रिपेरिंग) के प्रशिक्षक के एक पद के लिए इलेक्ट्रिकल विषय में मान्यता प्राप्त संस्था से आईटीआई, डिप्लोम, डिग्री के साथ टीओटी एवं सीआईटीएस उत्तीर्ण के साथ संबंधित कोर्स में प्रशिक्षकीय कार्य का 02 से 03 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। इच्छुक आवेदक सम्पूर्ण दस्तावेज के साथ आवेदन कर सकते हैं।
कौशल प्रशिक्षण हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित
कोण्डागांव, 28 अगस्त 2025
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनांतर्गत नेशनल स्किल्स क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क कोर्सेस के तहत् बेरोजगार युवक-युवतियों से कौशल प्रशिक्षण में प्रवेश लेने हेतु अंत्यावसायी व्यवसायिक प्रशिक्षण केन्द्र चिखलपुटी कोण्डागांव में 02 सितम्बर 2025 तक आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है। इसके तहत लाईट मोटर व्हीकल लेवल 3 (फोर व्हीलर ड्राईवर प्रशिक्षण) एवं फील्ड टेक्नीशियन (घरेलु उपकरण रिपेरिंग) का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में प्रवेश लेने हेतु आवेदन पत्र अंत्यावसायी प्रशिक्षण केन्द्र चिखलपुटी कोण्डागांव से निःशुल्क प्राप्त कर शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र आदि की स्वप्रमाणित छायाप्रति के साथ जमा कर सकते हैं।
नेशनल लोक अदालत की तैयारी को लेकर थाना प्रभारियों का लिया गया बैठक
कोंडागांव । प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव श्रीमती किरण चतुर्वेदी के मार्गदर्शन एवं उनके नेतृत्व में नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने हेतु कोण्डागांव जिले के समस्त थाना प्रभारीयों का एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजन हुआ।
बैठक में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती रेशमा बैरागी पटेल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोण्डागांव श्री शिवप्रकाश त्रिपाठी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव सुश्री गायत्री साय की अध्यक्षता में यह बैठक सम्पन्न हुआ।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिसमें आगामी दिनांक 13 सितम्बर 2025 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की सफल एवं न्याय प्रक्रिया की दक्षता को बढ़ाना, लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए रणनिति बनाना तथा कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु न्यायपालिका और पुलिस विभाग के बीच समन्वय स्थापित करना था।
न्यायिक अधिकारियों ने समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि सुलहनीय वादों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता से निपटाया जाए जिससे पक्षकारों को त्वरित न्याय मिल सके। इसके साथ ही लंबित मामलों की सूची तैयार कर न्यायालय के साथ समन्वय स्थापित करें ताकि मामलों का शीघ्र निस्तारण संभव हो सके।
इसके साथ ही यह भी निर्देशित किया कि विशेष तौर पर आबकारी अपराध, ट्रैफिक चालान और सामान्य अपराधों को अधिक से अधिक निराकरण पर जोर देना तथा प्री-लिटिगेशन प्रकरणों को अपने-अपने स्तर पर तामिली करवाने हेतु सुनिश्चित करना।
नेशनल लोक अदालत की तैयारी को लेकर थाना प्रभारियों का लिया गया बैठक
कोंडागांव । प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव श्रीमती किरण चतुर्वेदी के मार्गदर्शन एवं उनके नेतृत्व में नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने हेतु कोण्डागांव जिले के समस्त थाना प्रभारीयों का एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजन हुआ।
बैठक में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती रेशमा बैरागी पटेल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोण्डागांव श्री शिवप्रकाश त्रिपाठी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव सुश्री गायत्री साय की अध्यक्षता में यह बैठक सम्पन्न हुआ।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिसमें आगामी दिनांक 13 सितम्बर 2025 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की सफल एवं न्याय प्रक्रिया की दक्षता को बढ़ाना, लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए रणनिति बनाना तथा कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु न्यायपालिका और पुलिस विभाग के बीच समन्वय स्थापित करना था।
न्यायिक अधिकारियों ने समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि सुलहनीय वादों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता से निपटाया जाए जिससे पक्षकारों को त्वरित न्याय मिल सके। इसके साथ ही लंबित मामलों की सूची तैयार कर न्यायालय के साथ समन्वय स्थापित करें ताकि मामलों का शीघ्र निस्तारण संभव हो सके।
इसके साथ ही यह भी निर्देशित किया कि विशेष तौर पर आबकारी अपराध, ट्रैफिक चालान और सामान्य अपराधों को अधिक से अधिक निराकरण पर जोर देना तथा प्री-लिटिगेशन प्रकरणों को अपने-अपने स्तर पर तामिली करवाने हेतु सुनिश्चित करना।
इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को मिली सब्सिडी की राशि
कोंडागांव। जिला कोण्डागांव अंतर्गत क्रय किये गए इलेक्ट्रिक वाहनों के वाहन स्वामियों को जिला परिवहन कार्यालय कोण्डागांव के द्वारा शासन के निर्देशानुसार उनके बैंक खाते में सब्सिडी की राशि का हस्तांतरण डीबीटी के माध्यम कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा इलेक्ट्रीक वाहन खरीदी को बढ़ावा देने हेतु राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू किया गया है। जिसके अंतर्गत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदी करने पर वाहन के मूल्य का 10 प्रतिशत राशि सब्सिडी के रूप में राज्य शासन द्वारा प्रदाय किया जाता है।
जिला परिवहन अधिकारी द्वारा बताया गया कि जिला कोण्डागांव अंतर्गत अभी तक कुल 84 इलेक्ट्रिक वाहन स्वामियों को कुल 08 लाख 12 हजार 758 रुपये उनके बैंक खाते में सब्सिडी की राशि के रुप में हस्तांतरण किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि जिन वाहन स्वामियों द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा गया है, परंतु सब्सिडी की राशि उनके बैंक खाते में प्राप्त नहीं हुई है, ऐसे वाहन स्वामी जिला परिवहन कार्यालय, कोण्डागांव में कार्यालयीन दिवस में संपर्क कर सकते हैं।
कलेक्टर ने कोदागांव में सर्वे कार्य का किया निरीक्षण
कोंडागांव । जिले की सभी तहसीलों में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य शुरू हो गया है। 15 अगस्त से आरंभ हुआ यह सर्वे 30 सितम्बर तक चलेगा। सर्वे का उद्देश्य किसानों की वास्तविक फसल स्थिति का आकलन कर उन्हें राज्य और केंद्र शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाना है। साथ ही यह पहल खेती को नई तकनीक से जोड़कर पारदर्शिता और किसानों की आय वृद्धि की दिशा में अहम कदम साबित होगी।
कलेक्टर नुपुर राशि पन्ना ने बुधवार को ग्राम कोदागांव पहुंचकर चल रहे सर्वे कार्य का निरीक्षण किया और सर्वे प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली। फील्ड स्तर पर सर्वेयर खेत में जाकर फसल की स्थिति का विवरण एग्रीटेक एप में दर्ज कर रहे हैं और साथ ही फसल का फोटो अपलोड कर रहे हैं। इन प्रविष्टियों का सत्यापन बाद में पटवारी और वरिष्ठ अधिकारी करेंगे, जिससे फसल और भूमि संबंधी जानकारी का सटीक मूल्यांकन हो सकेगा।
खरीफ वर्ष 2025-26 हेतु कोंडागांव जिले के कुल 281 ग्रामों में 34 हजार खसरों का सर्वे किया जाना है। इसके लिए स्थानीय 12वीं पास युवाओं को सर्वेयर के रूप में चुना गया है। इन्हें डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट उपलब्ध कराया गया है, जिससे युवा अपने मोबाइल के माध्यम से सर्वे का कार्य कर रहे हैं, और उन्हें प्रति खसरा 10 रुपये मानदेय देने मिल रहा है।
कोण्डागांव में स्वतंत्रता दिवस उत्सव, निगम बोले- 'भारत जल्द बनेगा तीसरी आर्थिक शक्ति
कोण्डागांव । स्वतंत्रता दिवस पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित बालगृह (बालिका), कोण्डागांव में ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य अतिथि एवं परिषद के संयुक्त सचिव राजेन्द्र कुमार निगम ने ध्वजारोहण किया और राष्ट्रगान में सभी ने भाग लिया।
बालिकाओं — कु. लिलेश्वरी, कु. गोमती नाग, कु. डाली कश्यप, कु. पाली मंडावी — ने नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि कु. राजेश्वरी, कु. शिवबती, कु. मनीषा और कु. लिलेश्वरी ने समूहगान किया।
अपने संबोधन में निगम ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद उद्योग, व्यापार, सेना और किसानों के परिश्रम से भारत विश्व की चौथी आर्थिक शक्ति बन चुका है और जल्द ही तीसरी आर्थिक शक्ति बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि देश बहुत जल्दी नक्सल आतंकवाद से मुक्त होगा और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सभी को योगदान देना होगा।
बालगृह अधीक्षिका श्रीमती मणि शर्मा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बालिका गृह का नाम रोशन करने में सभी के सहयोग को रेखांकित किया और बच्चों को अच्छे आचरण व देश की प्रगति में योगदान के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन आर्ट-क्राफ्ट-म्यूजिक टीचर मनप्रीत कौर ने किया। विशेष उल्लेखनीय है कि कोंडागांव के मुख्य समारोह में बालिका गृह की कु. ममता नेताम और कु. रंजीता कोरेटी को खेल विभाग द्वारा सम्मानित किया गया, प्रशस्ति पत्र विधायक लता उसेंडी ने प्रदान किया। कार्यक्रम में सभी को मिष्ठान वितरित किया गया।
इसी क्रम में रायपुर स्थित परिषद के मुख्यालय, वाणी वाचन श्रवण एवं बहु प्रशिक्षण पुनर्वास केंद्र, और माना कैम्प के बालगृह में भी ध्वजारोहण, राष्ट्रगान और मिठाई वितरण किया गया।
‘हर घर तिरंगा‘ के साथ स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प
कोण्डागांव । ‘हर घर तिरंगा‘ राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत विकासखंड केशकाल के ग्राम गारावांडी में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग कोण्डागांव द्वारा विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को राष्ट्र निर्माण का मूल आधार माना है, और उसी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए यह आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामवासियों ने जोश और उत्साह के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान कई अहम विषयों पर चर्चा हुई, जैसे सिंगल यूज़ प्लास्टिक के प्रयोग में कमी लाना, स्वच्छता का महत्व समझना, और सुरक्षित व स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना। इस मौके पर ग्रामवासियों ने यह वचन लिया कि वे गांव को हमेशा स्वच्छ रखेंगे, प्लास्टिक का उपयोग घटाएंगे, जल का संरक्षण करेंगे और दूसरों को भी इन कार्यों के लिए प्रेरित करेंगे।
इस दौरान ग्रामीणों ने मिलकर पंचायत भवन, विद्यालय परिसर और ओवरहेड टैंक के आसपास के क्षेत्रों की सफाई की, साथ ही इन स्थानों पर वृक्षारोपण किया, जिससे स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी पूरे गांव में प्रसारित हो।
इस कार्यक्रम में ग्राम के उपसरपंच पप्पू मंडावी ने कहा कि स्वच्छ और जल-संपन्न गांव ही मजबूत, समृद्ध और स्वस्थ समाज की नींव रखते हैं। यह हम सबका दायित्व है कि हम अपने गांव को स्वच्छ बनाए रखें, जल व पर्यावरण की सुरक्षा करें, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य पा सकें।
इस अवसर पर जल जीवन मिशन, कोण्डागांव की टीम से सुहानी बक्शी, हेमलता यादव, मितलेश साहू और श्यामलाल कोर्राम, प्रधानाध्यापक रामप्रसाद नेताम एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
‘हर घर तिरंगा‘ के साथ स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प
कोण्डागांव । ‘हर घर तिरंगा‘ राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत विकासखंड केशकाल के ग्राम गारावांडी में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग कोण्डागांव द्वारा विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को राष्ट्र निर्माण का मूल आधार माना है, और उसी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए यह आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामवासियों ने जोश और उत्साह के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान कई अहम विषयों पर चर्चा हुई, जैसे सिंगल यूज़ प्लास्टिक के प्रयोग में कमी लाना, स्वच्छता का महत्व समझना, और सुरक्षित व स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना। इस मौके पर ग्रामवासियों ने यह वचन लिया कि वे गांव को हमेशा स्वच्छ रखेंगे, प्लास्टिक का उपयोग घटाएंगे, जल का संरक्षण करेंगे और दूसरों को भी इन कार्यों के लिए प्रेरित करेंगे।
इस दौरान ग्रामीणों ने मिलकर पंचायत भवन, विद्यालय परिसर और ओवरहेड टैंक के आसपास के क्षेत्रों की सफाई की, साथ ही इन स्थानों पर वृक्षारोपण किया, जिससे स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी पूरे गांव में प्रसारित हो।
इस कार्यक्रम में ग्राम के उपसरपंच पप्पू मंडावी ने कहा कि स्वच्छ और जल-संपन्न गांव ही मजबूत, समृद्ध और स्वस्थ समाज की नींव रखते हैं। यह हम सबका दायित्व है कि हम अपने गांव को स्वच्छ बनाए रखें, जल व पर्यावरण की सुरक्षा करें, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य पा सकें।
इस अवसर पर जल जीवन मिशन, कोण्डागांव की टीम से सुहानी बक्शी, हेमलता यादव, मितलेश साहू और श्यामलाल कोर्राम, प्रधानाध्यापक रामप्रसाद नेताम एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
बने खाबो बने रहिबो अभियान: जांच के लिए भेजे गए 15 नमूने
कोंडागांव। राज्य शासन के निर्देशानुसार 'बने खाबो बने रहिबो' नाम से चलाये जा रहे अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला कोण्डागांव द्वारा अभियान के तीसरे दिन कोण्डागांव के मिष्ठान भण्डार, होटलों और स्ट्रीट फूड वेडर्स की जांच की गई।
स्ट्रीट फूड वेडर्स को जागरूक करने हेड कव्हर वितरीत किया गया और होटल संचालकों को अपने खाद्य परिसर में न्यूज पेपर का उपयोग नहीं करने के संबंध में डिस्प्ले लगवाया गया। इसके साथ ही प्रेम स्वीट्स एण्ड रेस्टोरेंट, कोण्डागांव से बर्फी का नमूना लिया गया। इसी प्रकार पटेल होटल, शामपुर से जांच हेतु गुलाब जामुन और बालूशाही का नमूना, राधे बीकानेर स्वीट्स से मावा और नमकीन मिक्चर का नमूना तथा अन्ना मिक्चर से भी नमकीन मिक्चर का नमूना लेकर इन्हें जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला-कोण्डागांव द्वारा, "बने खाबो बने रहियो" जागरूकता अभियान के तहत कुल पंद्रह नमूने लेकर जांच हेतु भेजे गए हैं तथा मिष्ठान भण्डार, होटलों और स्ट्रीट फूड वेडर्स को खाद्य सुरक्षा एव मानक अधिनियम 2006 की जानकारी देकर, साफ सफाई, स्वच्छता, अखबारी कागज के उपयोग को हतोत्साहित कर, तेल को बार बार गर्म कर उपयोग करने को हतोत्साहित कर, खाद्य सामाग्रियों के उचित रख रखाव, फूड हैंडलर्स की स्वच्छता का महत्व, वर्षा ऋतु में ध्यान देने वाली विशेष सावधानियों आदि के बारे में जानकारी देकर, हेड कव्हर वितरित कर जागरूक करने का प्रयास किया गया और इनका पालन करने के लिए निर्देशित किया गया।
विकासखंड स्तरीय आंकलन शिविर में 99 बच्चों की जांच
कोण्डागांव । विकासखंड स्त्रोत समन्वयक कार्यालय विश्रामपुरी में मंगलवार को दिव्यांग बच्चों का आंकलन शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 99 बच्चों की मेडिकल ऑफिसर्स द्वारा बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर 40 बच्चों का प्रमाण पत्र बनाया गया। वहीं 5 लोगों को उपचार हेतु जिला चिकित्सालय रेफर किया गया।
इस शिविर में प्राथमिक माध्यमिक हाई हायर सेकेंडरी स्कूलों में अध्यनरत दिव्यांग बच्चों का मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच किया गया। इस शिविर में दिव्यांग बच्चों का जिला मेडिकल बोर्ड के द्वारा सर्जरी स्पीच थेरेपी फिजियोथैरेपी का चिन्हांकन किया गया। इस आंकलन शिविर में दिव्यांग बच्चों को सामग्री एवं सहायक उपकरण प्रदान करने के लिए भी चिन्हांकित किया गया, साथ ही दिव्यांग बच्चों के पालको एवं बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम में जिला मेडिकल बोर्ड डॉ. प्रतीक चौधरी एवं सहायक नेत्र विशेषज्ञ डॉ. नकलेश सोरी, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट मधु इंस्ट्रक्टर ऑडियोमेट्रिक संकल्प डॉ. करुणा मेश्राम बघेल, जिला मिशन समन्वयक ईमल बघेल सहायक परियोजना अधिकारी एस.आर मरावी एवं खंड शिक्षा अधिकारी सी.एल मंडावी सहायक खंड शिक्षा अधिकारी दीपेश सेठिया, खंड स्त्रोत समन्वयक ज्ञानी साहू उपस्थित रहे।