छत्तीसगढ़ / रायपुर
‘बिहान’ योजना से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की तस्वीर, बिलासो बाई बनीं ‘लखपति दीदी’
किराना व्यवसाय से सालाना 2 लाख रुपये तक की बचत, आत्मनिर्भरता की बनी मिसाल
रायपुर, 20 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘बिहान’ योजना के माध्यम से प्रदेशभर में ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। स्व-सहायता समूहों के जरिए महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं और ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रही हैं।
इसी कड़ी में सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनतराई की श्रीमती बिलासो बाई की सफलता की कहानी महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनकर उभरी है। कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली बिलासो बाई आज एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित हो चुकी हैं और किराना व्यवसाय से प्रतिवर्ष डेढ़ से दो लाख रुपये तक की शुद्ध बचत कर रही हैं।
संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक का सफर
श्रीमती बिलासो बाई बताती हैं कि वर्ष 2016 से पहले उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी। इसके बाद वे ‘बिहान’ योजना के अंतर्गत स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, जहां उन्हें वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन मिला। प्रारंभ में छोटे ऋण से किराना व्यवसाय शुरू किया और धीरे-धीरे अपने कार्य का विस्तार किया। बाद में उन्होंने समूह से लगभग 1 लाख रुपये का ऋण लेकर अपने व्यवसाय को और सुदृढ़ किया।
मेहनत और प्रबंधन से बढ़ी आय
निरंतर परिश्रम और बेहतर प्रबंधन के चलते आज उनकी दुकान अच्छी तरह स्थापित हो चुकी है। वे न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि अपने बच्चों के सहयोग से व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने बताया कि वे अपना ऋण भी चुका चुकी हैं और अब नियमित रूप से अच्छी बचत कर पा रही हैं।
आत्मविश्वास और सामाजिक बदलाव
बिलासो बाई ने अपनी सफलता का श्रेय शासन की योजनाओं को देते हुए कहा कि ‘बिहान’ योजना ने ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास जगाया है। अब महिलाएं घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं और परिवार के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं।
प्रदेश में बढ़ रहा ‘लखपति दीदी’ का दायरा
प्रदेश में ‘बिहान’ योजना के तहत महिलाओं को वित्तीय सहायता के साथ-साथ कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें। जिला स्तर पर निरंतर प्रयासों के चलते बड़ी संख्या में महिलाएं ‘लखपति दीदी’ के रूप में उभर रही हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
कृषि मंत्री श्री नेताम ने मिट्टी एवं बीजों की पूजा की और ट्रैक्टर चलाकर बीजों की बुआई की
कृषि विश्वविद्यालय में मनाया गया अक्ती तिहार
प्रदेश के कृषि विज्ञान केन्द्रों एवं अनुसंधान प्रक्षेत्रों में भी हुआ अक्ती तिहार का आयोजन
रायपुर, 20 अप्रैल 2026






कृषि विकास एवं किसान कल्याण कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज अक्ती तिहार के अवसर पर ट्रेक्टर चलाकर सीड ड्रील से धान बीज का रोपण किया और बाड़ी में सब्जियों के बीजों की बुआई की। कृषि मंत्री ने अच्छी फसल के लिए धरती माता से प्रार्थना की और गौ माता को चारा भी खिलाया। उन्होंने इस अवसर पर किसानों को उन्नत बीज, खाद एवं कृषि यंत्र भी वितरित किये। अक्ती तिहार का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों, अनुसंधान प्रक्षेत्रों तथा कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी किया गया।
मंत्री श्री नेताम इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अक्षय तृतीया के अवसर पर ‘‘अक्ती तिहार’’ के राज्य स्तरीय समारोह में शामिल हुए। मंत्री श्री नेताम ने इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय प्रक्षेत्र में माटी पूजन, बीज पूजन तथा ठाकुर देवता की पूजा अर्चना कर खेती किसानी के नए कार्यों की शुरूआत की।
समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि हमें कृषि में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करते हुए जैविक खेती की तरफ बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैव उर्वरकों एवं जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है जो मिट्टी और पर्यावरण की सेहत के लिए अधिक सुरक्षित हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य शासन द्वारा रासायनिक उर्वरकों को उपयोग को कम करने के लिए सुनियोजित रणनीति बनाई गई है जिसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय भी तकनीकी सहयोगी के रूप में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि अक्ती तिहार धरती के प्रति अपनी कृतिज्ञता प्रकट करने का त्यौहार है। हमें सोचना चाहिए कि प्रकृति से हम जितना ले रहे हैं उसके बदले में धरती को क्या वापस कर रहे हैं। अक्ती तिहार के अवसर पर खेती किसानी का कार्य शुरू करने के पहले हम धरती माता से प्रार्थना कर उनसे अनुमति लेते हैं तब हल चलाते हैं। धरती माता को जो क्षति होती है उसके लिए हम क्षमा मांगते हैं।
श्री नेताम ने कार्यक्रम में ड्रोन का संचालन करने वाली ड्रोन दीदी श्रीमती फुलेश्वरी निषाद को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि एक घरेलू ग्रामीण महिला श्रीमती निषाद ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त कर ड्रोन दीदी के रूप में लोगों की सेवा कर रहीं हैं, यह प्रशंसनीय है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि अक्षय तृतीया को छत्तीसगढ़ में अक्ती के नाम से भी जाना जाता है। आज के दिन हम धरती एवं बीजों की पूजा करते हैं तथा खेती किसानी के कार्य की शुरूआत करते हैं। डॉ. चंदेल ने कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अक्ती तिहार का भव्य एवं वृहद स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। आज कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी अक्ती तिहार का आयोजन किया जा रहा है। किसानों के लिए नवीन बीज बुआई तकनीकी एवं कृषि में ड्रोन का उपयोग तकनीक का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र रायपुर द्वारा “रासायनिक उर्वरकों का विकल्प” विषय पर कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा किसानों को रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर विभिन्न जैव उर्वरक एवं जैविक खाद के उपयोग की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि नील हरित काई, अजोला, राइजोबियम, एजोटोबैक्टर, एजोस्पाइरिलम, फॉस्फोरस स्थिरीकरण बैक्टीरिया जैसे जैव उर्वरकों तथा हरी खाद के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों की कमी पूरी की जा सकती है। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को नील हरित काई तथा अजोला खाद के निर्माण का प्रायोगिक प्रदर्शन भी किया गया।
समारोह में संचालक कृषि श्री राहुल देव, मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री महेन्द्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम के एमडी श्री अजय अग्रवाल, कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक, संचालक प्रक्षेत्र डॉ. एस.एस. टूटेजा, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय डॉ. अजय वर्मा, अपर संचालक कृषि अभियांत्रिकी श्री जी.के. पीढ़िया सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक कृषि वैज्ञानिक तथा बड़ी संख्या में प्रगतिशील कृषक व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
जल जीवन मिशन से ग्राम बंधी की बदली तस्वीर
पेयजल संकट से मिली राहत, बंधी बना हर घर जल ग्राम
ग्राम पंचायत और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से संभव हुआ स्थायी समाधान
रायपुर, 20 अप्रैल 2026
कबीरधाम जिले के विकासखंड सहसपुर लोहारा अंतर्गत ग्राम पंचायत बंधी में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान कर गांव की तस्वीर बदल दी है। वर्षों से पेयजल संकट से जूझ रहे इस गांव में अब हर घर तक नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है। ग्राम सभा की सहमति से ग्राम बंधी को “हर घर जल ग्राम” घोषित किया गया है, जो गांव के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पहले ग्राम बंधी में गर्मी के मौसम के दौरान जल संकट गंभीर रूप ले लेता था। हैंडपंपों का जलस्तर नीचे चला जाता था और कई जल स्रोत सूख जाते थे। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज के स्थानों से पानी लाना पड़ता था। पानी के लिए लंबी कतारें लगती थीं, जिससे घरेलू कामकाज और दैनिक दिनचर्या प्रभावित होती थी। कई बार खेती-किसानी और मजदूरी जैसे जरूरी कार्य भी बाधित होते थे। लेकिन जल जीवन मिशन के तहत नलजल योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अब ग्राम के प्रत्येक घर में नियमित जल आपूर्ति हो रही है। इससे ग्रामीणों को न केवल पेयजल संकट से राहत मिली है, बल्कि महिलाओं और बच्चों के समय और श्रम की भी बचत हो रही है। अब उन्हें पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता, जिससे उनका जीवन अधिक सहज और व्यवस्थित हो गया है।
ग्रामवासियों का कहना है कि पहले पानी की समस्या के कारण उन्हें अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब घर-घर नल से जल पहुंचने के कारण जीवन स्तर में सुधार हुआ है। स्वच्छ पेयजल मिलने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भी कमी आई है और गांव में स्वच्छता का स्तर बेहतर हुआ है। यह सफलता ग्राम पंचायत, जल एवं स्वच्छता समिति तथा ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। शासन की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना ने ग्राम बंधी की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान कर दिया है। यह गांव अब अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है कि सामूहिक सहभागिता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण विकास की नई मिसाल कायम की जा सकती है।
4.19 लाख से अधिक जांच, 4272 मरीजों को मिला विशेषज्ञ उपचार - मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान से सुदूर अंचलों तक पहुंच रही सशक्त स्वास्थ्य सेवाएं
गांव-गांव पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं दे रहीं टीमें, मरीजों को मिल रहा बेहतर उपचार
रायपुर, 20 अप्रैल 2026


बस्तर संभाग के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सुलभ बनाने की दिशा में संचालित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान सकारात्मक परिणामों के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा गांव-गांव पहुंचकर अब तक 4,19,898 से अधिक नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण (स्क्रीनिंग) किया जा चुका है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
अभियान के दौरान चिन्हित मरीजों को तत्काल निःशुल्क जांच, दवा एवं उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही गंभीर एवं जटिल मामलों में प्रभावी रेफरल व्यवस्था के माध्यम से अब तक 4,272 मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर कर विशेषज्ञ उपचार सुनिश्चित किया गया है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को भी समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों एवं सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित कर एक सुदृढ़ स्वास्थ्य तंत्र विकसित किया गया है। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स एवं नियमित स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से विशेष रूप से पहुंचविहीन क्षेत्रों तक सेवाएं प्रभावी रूप से पहुंचाई जा रही हैं।
अभियान के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक का डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल (आभा) तैयार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो सके। साथ ही, यह पहल रोगों की समय पर पहचान और प्रभावी उपचार में भी सहायक सिद्ध हो रही है।
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत लगातार गांव-गांव पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक नागरिक तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचे और शत-प्रतिशत स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। चिन्हित मरीजों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के साथ बेहतर स्वास्थ्य परिणाम हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। यह अभियान बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाला साबित हो रहा है।”
राज्य शासन की प्रतिबद्धता और स्वास्थ्य विभाग के सतत प्रयासों से अभियान को निरंतर बेहतर परिणाम प्राप्त हो रहे हैं , जो बस्तर के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आईओसीएल के मुख्य महाप्रबंधक ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर, 20 अप्रैल 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) श्री अजय कुमार श्रीवास्तव ने सौजन्य मुलाकात की। मुलाकात के दौरान राज्य में पेट्रोलियम क्षेत्र के विस्तार, ईंधन आपूर्ति की सुदृढ़ व्यवस्था तथा जनसुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
इस अवसर पर आईओसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
प्रमुख सचिव, कृषि विभाग, श्रीमती शहला निगार एवं संचालक खाद्य एवं आपूर्ति,डॉ फरिहा आलम सिद्दीकी तथा Oil Companies के अधिकारी आज स्थानीय सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए।
रायपुर, 20 अप्रैल 2026
रायपुर : प्रमुख सचिव, कृषि विभाग, श्रीमती शहला निगार एवं संचालक खाद्य एवं आपूर्ति,डॉ फरिहा आलम सिद्दीकी तथा Oil Companies के अधिकारी आज स्थानीय सर्किट हाउस मं पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से ग्रामीणों ने की नई आंगनवाड़ी भवन की मांग साँकरा (धनेली):
ग्राम साँकरा के वार्ड क्रमांक 4 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 5 के लिए नए मॉडल आंगनवाड़ी भवन की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को ज्ञापन सौंपा।
शहरों में पेयजल आपूर्ति, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सख्त
अगले एक वर्ष में पेयजल समस्याओं के स्थायी समाधान के निर्देश, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर कड़ाई बरतने को कहा
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने दिनभर चली बैठक में नगर निगमों और नगरपालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की
31 मई तक सभी नगर निगमों में बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के निर्देश, बरसात में जल भराव रोकने जरूरी कदम उठाने कहा
धमतरी में पेयजल योजना में लेटलतीफी पर कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने कहा, ठेकेदार पर लगेगी पेनाल्टी
रायपुर, 20 अप्रैल 2026



उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में दिनभर चली बैठक में शहरों में पेयजल आपूर्ति की समस्याओं, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर नाराजगी जाहिर करते हुए इनके निराकरण के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने धमतरी में पेयजल योजना के काम में लेटलतीफी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने तथा ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए।
नगर निगमों और नगर पालिकाओं की आज दो अलग-अलग हुई समीक्षा बैठकों में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक श्री आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त, नगर पालिकाओं के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता एवं नगरीय प्रशासन विभाग के पांचों संभागीय क्षेत्रीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक भी बैठक में मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में नगर निगमों और नगर पालिकाओं के अधिकारियों को शहरों की जरूरत के मुताबिक कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकायों की व्यवस्था और छवि सुधारने सक्रियता व गंभीरता से काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि नगर निगम ऐसा काम करें जिससे राज्य की नगर पालिकाएं प्रेरणा ले सकें और नगर पालिका इस तरह से काम करें जिनसे नगर पंचायतें प्रेरित हो सकें। उन्होंने निकायों के अभियंताओं से कहा कि काम की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें नहीं आना चाहिए। सभी निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण हों, इस पर विशेष ध्यान दें।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने पेयजल आपूर्ति की लगातार आ रही शिकायतों पर नाखुशी और नाराजगी जाहिर करते हुए अगले वर्ष तक सभी नगर निगमों में इसके स्थाई समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरों में केवल बजट खर्च करने के उद्देश्य से काम न करें, बल्कि समस्याओं का स्थाई समाधान करें। पेयजल समस्या की शिकायतों पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगामी 31 मई तक सभी नगर निगमों में बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के काम पूर्ण करने के साथ ही बरसात में जल भराव रोकने जरूरी उपाय करने को कहा। जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम नगर निगमों में इसका भौतिक निरीक्षण करेंगी। कार्य संतोषजनक न मिलने पर स्वास्थ्य अधिकारी और इंजीनियर पर कार्रवाई की जाएगी।
श्री साव ने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत अपूर्ण आवासों को सितम्बर-2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अप्रारंभ आवासों के निर्माण एक माह के भीतर हर हाल में शुरू करने के साथ ही मार्च-2026 में स्वीकृत सभी आवासों को वर्षा ऋतु के पहले प्रारंभ करने को कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत निर्धारित 18 माह की अवधि में निर्माण पूर्ण करने वाले हितग्राहियों के प्रस्ताव अविलंब विभाग को भेजने के निर्देश दिए, ताकि ऐसे हितग्राहियों को मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना की 32 हजार 850 रुपए की अतिरिक्त राशि प्रदान की जा सके।
श्री साव ने पीएम स्वनिधि योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स को दिलाने बैंकों से बात कर ऋण स्वीकृत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरों में भूजल को रिचार्ज करने के लिए डीएमएफ, सीएसआर और जन सहयोग से अधिक से अधिक संख्या में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्य कराने को कहा। श्री साव ने शहरों को सुंदर, स्वच्छ और सुविधापूर्ण बनाने के मिशन में वर्तमान समय की जरूरतों और तकनीकों के साथ नई कार्य पद्धति अपनाने के निर्देश निकायों के अधिकारियों को दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उप सचिव श्री भागवत जायसवाल, अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।
इन कार्यों और योजनाओं की हुई समीक्षा
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज दो सत्रों में मैराथन बैठकों में नगरीय निकायों में राजस्व वसूली, विद्युत देयकों के भुगतान, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास व 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नालंदा परिसरों, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाओं, आपदा प्रबंधन, गोधाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट (I-got) कर्मयोगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की समीक्षा की। वे 21 अप्रैल को दिनभर नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा करेंगे।
महतारी वंदन योजना से मिली नई दिशा, श्रीमती प्रेम बाई बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
गुपचुप ठेले से बढ़ाई आय, परिवार को मिला मजबूत सहारा
रायपुर, 20 अप्रैल 2026
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। ग्रामीण अंचलों की महिलाएं इस योजना के जरिए आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर रही हैं। सक्ती जिले के विकासखंड सक्ती अंतर्गत ग्राम भूरसीडीह की निवासी श्रीमती प्रेम बाई पटेल इसकी प्रेरक उदाहरण हैं।
श्रीमती प्रेम बाई पटेल को योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता की अब तक 26वीं किस्त प्राप्त हो चुकी है। इस नियमित सहयोग ने उनके जीवन में उल्लेखनीय बदलाव लाया है। उन्होंने प्राप्त राशि का उपयोग करते हुए गुपचुप (पानीपुरी) का ठेला शुरू किया, जिसे वे गांव-गांव घूमकर संचालित करती हैं। इस छोटे व्यवसाय से उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनका परिवार अब आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है।
श्रीमती प्रेम बाई इस आय से घर की आवश्यक जरूरतों—जैसे राशन एवं अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री—की पूर्ति कर रही हैं। साथ ही वे अपने बच्चों के भविष्य के लिए भी बचत कर पा रही हैं। वे बताती हैं कि पहले जहां आर्थिक परेशानियां थीं, वहीं अब उनके जीवन में स्थिरता आई है, आत्मविश्वास बढ़ा है और स्वावलंबन की भावना विकसित हुई है।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करने और महिलाओं के समग्र विकास के उद्देश्य से यह योजना मार्च 2024 में प्रारंभ की गई थी। तब से अब तक प्रदेश की हितग्राही महिलाओं को प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि नियमित रूप से प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत अब तक 26 किस्तों में कुल 16,881 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिससे लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिला है।
श्रीमती प्रेम बाई पटेल ने इस योजना से हुए सकारात्मक परिवर्तन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी है और अब वे सम्मानपूर्वक आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।
क्रमांक-527/दानेश्वरी/
ट्रेफिक सिंग्नल में प्रतीक्षा करने वालों को अब तेज धूप व बारिश में नहीं होगी परेशानी चौक.चौराहों में बनेंगे प्रतीक्षा शेड
उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपए से बनने वाले 02 प्रतीक्षा शेड निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन
सुभाष ब्लाक सतनामी समाज व किन्नर समाज को मिलेंगे उनके अपने भवन विविध 02 स्थानों पर भवनों के निर्माण का किया गया भूमिपूजन
रायपुर 20 अप्रैल 2026

शहर के चौक-चौराहों में लगे ट्रेफिक सिंग्नल के लाल होने के कारण नागरिको वाहन चालकों के रूकने के समय तेज धूप व बारिश के पानी से अब परेशानी नही होगी क्योंकि निगम शहर के ट्रेफिक सिग्नल वाले प्रमुख चौक-चौराहों में प्रतीक्षा शेड का निर्माण करा रहा है। रविवार को प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपये की लागत से बनने जा रहे 02 प्रतीक्षा शेड के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।
कोरबा शहर के विभिन्न चौक. चौराहों में आवागमन व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के मद्देनजर ट्रेफिक सिग्नल स्थापित किये गये हैंए इन चौक-चौराहों से गुजरने वाले नागरिकों, वाहन चालकों को ट्रेफिक लाल होने के समय रूक कर प्रतीक्षा करनी होती है जिससे विशेष रूप से तेज धूप व बारिश के दौरान उन्हें परेशानी होती है। नागरिकों, वाहन चालकों को इस परेशानी से छुटकारा दिलाने हेतु नगर पालिक निगम केारबा द्वारा शहर के विभिन्न चौक-चौराहों में सड़क के ऊपर प्रतीक्षा शेड बनाये जाने की योजना बनाई गई है। प्रारंभ में सीएसईबी चौक में 02 नग प्रतीक्षा शेड बनाये जायेंगे जिनका भूमिपूजन रविवार को उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के करकमलों से सम्पन्न हुआ तथा प्रतीक्षा शेड का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया।

आमजन को गर्मी, बरसात में नही होगी परेशानी
इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि चौक-चौराहों पर सड़क के ऊपर प्रतीक्षा शेड बन जाने से गर्मी की तेज धूप व बारिश के पानी से अब आमनागरिकों वाहन चालकों को परेशानी नही होगी महापौर श्रीमती राजपूत का यह कार्य सराहनीय है जो उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। कोरबा शहर के सड़कों के डामरीकरण की चर्चा करते हुये उद्योग मंत्री श्री देवंागन ने कहा कि शहर की सभी सड़कों के डामरीकरण नवीनीकरण हेतु शासन द्वारा राशि स्वीकृत किये जाने के बाद निविदा आदि की कार्यवाही पूरी कर ली गई है 02 प्रमुख सड़कों के डामरीकरण का भूमिपूजन भी किया जा चुका है किन्तु ईरान इजरायल युद्ध के परिणाम स्वरूप डामर मिलने में अत्यंत कठिनाई हो रही है ठेकेदारों को डामर नहीं मिल पा रहा है इसके कारण डामरीकरण कार्य में देरी हो रही है, उन्होने कहा कि जैसे ही डामर की उपलब्धता बनेगी तेजी के साथ शहर की सड़कों का कायाकल्प कर दिया जायेगा। उन्होने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय व उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरूण साव के आशीर्वाद से कोरबा में विकास कार्याे हेतु धनराशि की कोई कमी नहीं हो रही तथा कोरबा का तेजी से विकास हो रहा है।
उद्योग मंत्री की प्रेरणा से बन रहे प्रतीक्षा शेड
महापौर श्रीमती राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन की प्रेरणा से मेरे मन में विचार आया कि सिग्नल के दौरान चौक-चौराहों में रूकने के दौरान तेज धूप व बारिश से आमलोगों को होने वाली परेशानी से कैसे छुटकारा दिलाया जाय तब चौक-चौराहों में प्रतीक्षा शेड निर्माण की योजना बनी जिसके प्रथम चरण में सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपये की लागत से 02 प्रतीक्षा शेड बनेंगे इसके बाद दूसरे प्रमुख चौक.चौराहों पर भी शेडों का निर्माण होगा उन्होने बताया कि सीएसईबी चौक में आमनागरिकों की सुविधा हेतु सर्वसुविधायुक्त शौचालय भी बनाया जा रहा है वहीं चौक में स्थित पुराने जर्जर प्रतीक्षालय के स्थान पर सर्वसुविधायुक्त आधुनिक व वातानुकूलित प्रतीक्षालय का निर्माण भी कराया जायेगा।
सतनामी समाज व किन्नर समाज को मिलेंगे उनके अपने भवन
उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत द्वारा सुभाष ब्लाक जैतखंभ के पास सतनामी समाज के लिये 15 लाख रूपये की लागत से बनने जा रहे सामुदायिक भवन एवं हेलीपेड के पास किन्नर समाज के लिये 10 लाख रूपये से बनने जा रहे भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया। इस मौके पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि कोरबा में 52 समाजों के लिये उनके अपने भवन निर्मित कराये गये हैं तथा आज लगभग सभी समाजों के लिये उनके अपने भवन उपलब्ध हैं।
भूमिपूजन कार्यक्रमों के दौरान सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर पार्षद नरेन्द्र देवांगन, लक्ष्मण श्रीवास, मुकुंद सिंह कंवर, धनकुमारी गगर्, ममता यादव, सिमरनजीत कौर, नारायण लाल कुर्रे, प्रभा टीकम राठौर, रूबी देवी सागर, मण्डल अध्यक्ष राजेश राठौर एवं योगेश मिश्रा, सुशील गर्ग, शैलेन्द्र सिंह, पप्पी प्रफुल्ल, तिवारी नरेन्द्र, पाटनवार, गुलजार सिंह, आर पी खाण्डे, आर डी भारद्वाज, मालती देवी, दूजराम मिलन, विमला निराला, लक्ष्मीन खाण्डे, द्रौपदी मिरी धनबाई, विमला कुर्रे, अनिता बंजारे, सुफल महिलांगे, संतोष टण्डन, छतराम खुंटे, संतोष सुमन, सुरेन्द्र राजवाडे़, आशीष द्विवेदी, हेमंत देवांगन, विजय गुप्ता, मनोज सिंह, दिनेश कुमार, दीपक यादव, फुलगिरी गोस्वामी, गुलशन सोनी, गणेश भवसागर, गिरधारी रजक, लक्ष्मी महाराज आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
आम चुनाव और उपचुनाव 2026: अवैध सोशल मीडिया सामग्री पर ईसीआई की कार्रवाई
रायपुर 20 अप्रैल 2026
भारत निर्वाचन आयोग ने दोहराया है कि सभी हितधारक सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000, आईटी नियम, 2021 और आदर्श आचार संहिता सहित मौजूदा कानूनी प्रावधानों के अनुपालन में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदार और नैतिक उपयोग सुनिश्चित करेंगे।आयोग ने निर्देश दिया है कि किसी भी भ्रामक या अवैध एआई-जनित या हेरफेर की गई सामग्री पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के संज्ञान में लाए जाने के 3 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और अभियान प्रतिनिधियों के लिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि प्रचार के लिए उपयोग की जाने वाली किसी भी सिंथेटिक रूप से निर्मित या एआई-परिवर्तित सामग्री को स्पष्ट रूप से "एआई-जनित", "डिजिटल रूप से संवर्धित" या "सिंथेटिक सामग्री" के रूप में लेबल किया जाए, साथ ही पारदर्शिता और मतदाता विश्वास बनाए रखने के लिए मूल इकाई का खुलासा भी किया जाए।
असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के चल रहे चुनावों में, ऐसी सोशल मीडिया सामग्री जैसे कि पोस्ट जो आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन हैं, कानून और व्यवस्था को बाधित करते हैं या जिनमें बाधित करने की क्षमता है, और मतदान प्रक्रिया या मशीनरी के खिलाफ झूठी कहानियों की निगरानी की जा रही है और आईटी अधिनियम के तहत अधिसूचित संबंधित राज्य आईटी नोडल अधिकारियों द्वारा उन पर कार्रवाई की जा रही है। तदनुसार 15 मार्च 2026 को चुनावों की घोषणा के बाद से चल रहे चुनावों में सामग्री को हटाने, एफआईआर , स्पष्टीकरण और खंडन सहित 11 हजार से अधिक ऐसे सोशल मीडिया पोस्ट/यूआरएल की पहचान की गई है और उन पर कार्रवाई की गई है।
आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत प्रावधानों को भी दोहराया, जो मतदान की समाप्ति से पहले 48 घंटे की मौन अवधि के दौरान मतदान क्षेत्रों में किसी भी चुनावी मामले के प्रदर्शन को प्रतिबंधित करते हैं। टेलीविजन, रेडियो, प्रिंट और सोशल मीडिया सहित मीडिया प्लेटफॉर्मों को इन प्रावधानों का सख्ती से पालन करना आवश्यक है।इसके अतिरिक्त, नागरिक/राजनीतिक दल/उम्मीदवार ईसीआई-नेट पर 'सी-विजिल' मॉड्यूल का उपयोग करके आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की रिपोर्ट कर सकते हैं। 15 मार्च से 19 अप्रैल तक, इन चुनावों में सी-विजिल ऐप का उपयोग करके 3,23,099 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 3,10,393 शिकायतें यानी 96.01% शिकायतों का समाधान 100 मिनट की निर्धारित समय अवधि के भीतर किया गया।
बरडीह जलाशय की नहर लाईनिंग कार्य के लिए 2.43 करोड़ रुपये स्वीकृत
रायपुर, 20 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा रायपुर जिले के विकासखण्ड-धरसींवा की बरडीह जलाशय के नहर लाईनिंग एवं जीर्णोद्धार कार्य के लिए 02 करोड़ 43 लाख 98 हजार रुपये की राशि स्वीकृत किये गये हैं। योजना के प्रस्तावित कार्यों को पूर्ण होने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 101 हेक्टेयर के विरूद्ध 41 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। योजना के कार्य को पूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता महानदी गोदीवरी कछार, जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
नांदघाट एनीकट के कार्यों के लिए 4.24 करोड़ रुपये स्वीकृत
रायपुर, 20 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बेमेतरा जिले के नवागढ़ तहसील के अंतर्गत नांदघाट एनीकट के एबटमेंट रिटर्न सी.सी. ब्लॉक तथा तट संरक्षण कार्य राईट ब्लैक एवं लेफ्ट में सी ब्लॉक कार्य के लिए 4 करोड़ 24 लाख 31 हजार रुपये की राशि स्वीकृत किये गये हैं। योजना के तहत तटबंध निर्माण किया जाना है। मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ का किया भूमिपूजन
150 अत्याधुनिक कमरों सहित भव्य परिसर से मध्य भारत में बनेगी नई पहचान
सेवा और सामाजिक चेतना का बनेगा नया केंद्र
रायपुर, 20 अप्रैल 2026

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर में प्रस्तावित ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ का विधिवत भूमिपूजन कर आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि परम पूज्य महाराजा अग्रसेन जी के वंशज होने का गौरव केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि एक पुनीत उत्तरदायित्व भी है। सेवा, त्याग और लोकमंगल की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह परियोजना समाज के सामूहिक संकल्प और सहभागिता का प्रतीक बनेगी।
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि किसी भी भवन की सार्थकता केवल उसके भौतिक स्वरूप में नहीं, बल्कि उसमें निहित सेवा भावना और समाज के प्रति समर्पण में होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि समस्त समाज के सहयोग से निर्मित ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ आने वाले समय में जनसेवा, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि यह भव्य परिसर 150 अत्याधुनिक कमरों, विशाल हॉल तथा सर्वसुविधायुक्त लॉन से सुसज्जित होगा, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।

इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अग्र समाज का इतिहास सेवा, समर्पण और लोककल्याण की गौरवशाली परंपरा से परिपूर्ण रहा है। हमारे पूर्वजों ने धर्मशालाएं, बावड़ियां और अन्न क्षेत्र बनाकर मानवता की सेवा का आदर्श प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी भवन केवल ईंट-पत्थरों से नहीं, बल्कि उसमें समाहित भावना, सहभागिता और सेवा के भाव से जीवंत बनता है।


सांसद श्री अग्रवाल ने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे इस प्रकल्प को सफल बनाने के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति को भी जोड़ें। साथ ही उन्होंने गरीब बच्चों की शिक्षा, जरूरतमंद मरीजों के उपचार और बेटियों के सम्मानजनक विवाह में सहयोग देने का संकल्प लेने की अपील की, ताकि ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ वास्तव में समाज सेवा का जीवंत केंद्र बन सके।
कार्यक्रम में अग्रवाल सभा अंबिकापुर के अध्यक्ष श्री संजय मित्तल, श्री अजय अग्रवाल, श्री बाबूलाल गोयल, श्री योगेश अग्रवाल, श्री विनोद, श्री कृष्ण कुमार, श्री मनोज जैन सहित समाज के अनेक गणमान्य एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
साय सरकार के प्रयासों से साकार हुआ सपना
प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली मन्नू-बिमला राठौर की जिंदगी
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीणों को मिल रहा सुरक्षित आवास
कच्चे घर से पक्के मकान तक का सफर बना प्रेरणादायक
रायपुर, 20 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ में साय सरकार के संवेदनशील नेतृत्व और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से अब गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना तेजी से साकार हो रहा है। इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण जनपद पंचायत गौरेला के ग्राम पंचायत गोरखपुर में देखने को मिला, जहां श्री मन्नू राठौर और उनकी पत्नी श्रीमती बिमला राठौर ने योजना का लाभ लेकर अपने जीवन की दिशा ही बदल दी।
कभी कच्चे और जर्जर मकान में जीवन यापन करने वाला यह परिवार हर मौसम में कठिनाइयों का सामना करता था। बरसात में टपकती छत, गर्मी और सर्दी में असुरक्षित वातावरण ने उनके जीवन को बेहद चुनौतीपूर्ण बना रखा था। सीमित आय के कारण पक्का घर बनाना उनके लिए एक दूर का सपना था।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1 लाख 20 हजार रुपये की स्वीकृति मिली। यह आर्थिक सहायता उनके जीवन में नई उम्मीद बनकर आई। योजना से प्राप्त राशि और अपनी मेहनत के बल पर मन्नू राठौर ने धीरे-धीरे अपने सपनों का पक्का घर तैयार कर लिया।
आज उनका परिवार एक सुरक्षित, स्वच्छ और मजबूत मकान में निवास कर रहा है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिला है, वहीं पूरे परिवार के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है। श्रीमती बिमला राठौर बताती हैं कि अब उन्हें बारिश या तूफान की कोई चिंता नहीं रहती और वे अपने घर में गर्व और सम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास निरंतर जारी है। साय सरकार की प्रतिबद्धता के चलते ही आज हजारों जरूरतमंद परिवारों को न केवल पक्का आवास मिल रहा है, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व, सुरक्षा और सम्मान भी सुनिश्चित हो रहा है।
बस्तर के लिए खुलेगा वैश्विक द्वार, 4 घंटे में पूरा होगा समंदर तक का सफर
रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से बस्तर को मिलेगा वैश्विक कनेक्शन
बस्तर से बंदरगाह तक सीधी राह, इकोनॉमिक कॉरिडोर से विकास को मिलेगी नई दिशा
रायपुर ,19 अप्रैल 2026


बस्तर की प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) एक क्रांतिकारी कदम साबित होने जा रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा यह 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर न केवल दूरियों को कम करेगा, बल्कि बस्तर के स्थानीय उत्पादों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों तक पहुँच प्रदान कर लैंड-लॉक्ड क्षेत्र की बाधाओं को समाप्त करेगा।
दुर्गम घाटों से मुक्ति और समय की बड़ी बचत
वर्तमान में जगदलपुर से विशाखापट्टनम की यात्रा ओडिशा के कोरापुट और जयपुर के कठिन घाटों से होकर गुजरती है, जिसमें 7 से 9 घंटे का समय लगता है। भारी वाहनों के लिए यह मार्ग न केवल थकाऊ है, बल्कि डीजल की खपत और मेंटेनेंस के लिहाज से भी खर्चीला है। नया कॉरिडोर इस यात्रा को मात्र 3.5 से 4 घंटे में समेट देगा। सीधा और घाट-मुक्त रास्ता होने के कारण वाहनों का परिचालन खर्च काफी कम हो जाएगा, जिससे परिवहन क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी।
नबरंगपुर इंटरचेंज: बस्तर का प्रवेश द्वार
रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) छत्तीसगढ़ के रायपुर, धमतरी, कांकेर और कोंडागांव जिलों से गुजर रहा है। जगदलपुर मुख्यालय को इस कॉरिडोर से जोड़ने के लिए ओडिशा के नबरंगपुर का दासपुर इंटरचेंज महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। जगदलपुर का ट्रैफिक मात्र 50-60 किमी का सफर तय कर नबरंगपुर इंटरचेंज के माध्यम से रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर में शामिल हो सकेगा, जिससे बस्तर सीधे विशाखापट्टनम पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
बस्तरिया ब्रांड का अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश
इस कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव बस्तर की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। अब बस्तर की अरेबिका कॉफी, जैविक इमली, महुआ उत्पाद और प्रसिद्ध ढोकरा शिल्प को विशाखापट्टनम पोर्ट तक पहुँचाना सुगम होगा। कम लॉजिस्टिक लागत के कारण ये उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध होंगे, जिससे स्थानीय किसानों, संग्रहकर्ताओं और शिल्पकारों को उनकी उपज का बेहतर अंतरराष्ट्रीय मूल्य मिल सकेगा।
सामाजिक और आर्थिक उत्थान
बस्तर, कांकेर और कोंडागांव जैसे आकांक्षी जिलों को इस परियोजना से सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं इन सुदूर क्षेत्रों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी। इस राजमार्ग के माध्यम से बस्तर का कृषि उत्पाद और इस्पात सीधे रायपुर, दुर्ग-भिलाई और विशाखापट्टनम जैसे औद्योगिक केंद्रों से जुड़ जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी, प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और सर्विस सेक्टर में हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर बस्तर में औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाने के लिए तैयार है।
औद्योगिक और खनिज विकास
बस्तर क्षेत्र लौह अयस्क और अन्य खनिजों से समृद्ध है। यह कॉरिडोर इन खनिजों को विशाखापत्तनम पोर्ट तक तेजी से पहुंचाने में मदद करेगा, जिससे निर्यात और व्यापार में भारी उछाल आएगा। कॉरिडोर के किनारे नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान का विस्तार
कनेक्टिविटी में सुधार होने से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा, दंतेश्वरी मंदिर, ढोलकल गणेश, कुतुमसर गुफा और चित्रकोट-तीरथगढ़ जैसे जलप्रपातों तक पहुंच आसान होगी। इससे न केवल पर्यटन राजस्व बढ़ेगा, बल्कि आदिम संस्कृति और लोक कलाओं को भी वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलेगी।
पर्यावरण और इंजीनियरिंग का तालमेल
कांकेर जिले के बासनवाही के मंझिनगढ़ पहाड़ी (केशकाल) को चीरकर 2.79 किमी लंबी छत्तीसगढ़ की पहली ट्विन-ट्यूब टनल बनाई जा रही है। यह टनल उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के इको-सेंसिटिव जोन से गुजरती है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि वन्यजीवों का आवागमन बाधित न हो। साथ ही पूरे राजमार्ग में मंकी कैनोपी, एनिमल अंडरपास और ओवरपास बनाए जा रहे हैं ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।
रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर
रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH 130CD) बस्तर संभाग और पूरे छत्तीसगढ़ के आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाली एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। लगभग 16,491 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह 464 किमी लंबा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर न केवल दूरी कम करेगा, बल्कि बस्तर जैसे जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने में सेतु का काम करेगा। यह कॉरिडोर बस्तर को विश्व व्यापार की मुख्यधारा से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह परियोजना सही मायने में बस्तर की आत्मनिर्भरता और वैश्विक पहचान का आधार बनेगी।
"रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विकास का नया द्वार खोलने जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से हम राज्य में आधुनिक और मजबूत अधोसंरचना का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। इससे न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर जैसे क्षेत्रों को मुख्य धारा की अर्थव्यवस्था से जोड़कर समावेशी और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाए। यह परियोजना आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
"रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश में कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को नई गति देगा। विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क तैयार कर नागरिकों और माल परिवहन को सुगम, सुरक्षित और तेज बनाया जा रहा है। इस कॉरिडोर से बस्तर सीधे बंदरगाह से जुड़कर व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। हमारी प्राथमिकता है कि हर क्षेत्र तक बेहतर सड़क और बुनियादी सुविधाएं पहुंचें, जिससे प्रदेश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।" - उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने किया मावा मोदोल लाइब्रेरी चारामा का शुभारंभ
रायपुर ,19 अप्रैल 2026


प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खेलकूल और युवा कल्याण एवं उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज रविवार को कांकेर जिले के चारामा में मावा मोदोल लाइब्रेरी का लोकार्पण किया। लोकार्पण पश्चात उन्होंने लाईब्रेरी का अवलोकन कर वहां अध्ययनरत युवाओं से संवाद किया तथा उनसे अपने विद्यार्थी जीवन को साझा करते हुए कहा कि लगन से पढ़ाई करें, सरकार जो सुविधाएं उपलब्ध करा रहीं है, उसका लाभ उठाए और सफल होकर अपने देश-प्रदेश व क्षेत्र का नाम रौशन करें। देश के प्रति हमेशा निष्ठावान रहें। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दी। कुल 43 लाख रूपए की लागत से निर्मित इस सर्वसुविधायुक्त लाईब्रेरी में एक साथ 75 विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंंगे। इस मौके पर छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड के अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी विशेष रूप से उपस्थित थी।
लाईब्रेरी के शुभारंभ अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लगातार बच्चों के भविष्य को गढ़ने का कार्य किया जा रहा है। चाहे दिल्ली मे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराना हो, अथवा प्रदेश में लाईब्रेरी व नालंदा परिसरों की स्थापना, विधार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समूचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। कांकेर जिले में भी जिला प्रशासन द्वारा लगातार बच्चों के लिए अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है, इसी कड़ी में आज मावा मोदोल लाईब्रेरी चारामा का शुभारंभ हो रहा है। पूरे क्षेत्र के बच्चे यहां अच्छे वातावरण में पढ़ाई कर अपना भविष्य गढ़ सकते हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों सहित प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे सभी युवाओं एवं उनके पालकों को अपनी शुभकामनाएं भी दी।
समारोह को स्थानीय विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मावा मोदोल लाइब्रेरी की स्थापना से इस क्षेत्र के बच्चों को लाइब्रेरी का लाभ मिलेगा। मावा मोदोल लाईब्रेरी में अच्छी तैयारी कर बच्चे अपना भविष्य संवार सकते हैं। कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसार ने अपने उद्बोधन में बताया कि जिले के सभी 11 तहसील मुख्यालय में मावा मोदोल लाईब्रेरी की स्थापना की जाएगी, ताकि उस क्षेत्र के बच्चे लाईब्रेरी में पढ़ाई कर उच्च पदों पर आसीन हो सके। कांकेर जिले का यह छंटवा लाईब्रेरी है, इससे पूर्व कांकेर, भानुप्रतापपुर, कोरर, दुर्गूकोंदल और अंतागढ़ में मावा मोदोल निःशुल्क लाईब्रेरी संचालित की जा रही है। कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद कांकेर के अध्यक्ष श्री अरुण कौशिक, नगर पंचायत चारामा के अक्ष्यक्ष भुनेश्वर नाग, पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा, सीईओ जिला पंचायत श्री हरेश मंडावी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रमेश निषाद, महेश जैन, उमादेवी शर्मा सहित गणमान्य नागरिक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर विद्यार्थी एवं शिक्षकगण उपस्थित थे ।