छत्तीसगढ़ / सूरजपुर
विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर शिव पार्क में वृक्षारोपण कार्यक्रम का हुआ आयोजन
सूरजपुर/ 21 मार्च 2026
विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर शिव पार्क सूरजपुर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र सूरजपुर एवं रामानुजनगर के समस्त वन कर्मचारी उपस्थित रहे। उनके द्वारा पौधा रोपण किया गया। उपवनमंडल अधिकारी श्री अशोक कुमार तिवारी के द्वारा विश्व वानिकी दिवस के उद्देश्य के बारे में बताया गया कि सभी प्रकार के वनों के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना और उनके संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करना है। इस दिन वनीकरण और वनों के पारिस्थितिक तंत्र के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता हैl
विश्व वानिकी दिवस का मुख्य उद्देश्य: वनों की कटाई को रोकना, जैव विविधता की रक्षा करना, और लोगों को वनों के आर्थिक व पर्यावरणीय महत्व के बारे में बताना। यह दिन हमें याद दिलाता है कि जंगल ऑक्सीजन, वर्षा का पानी और पर्यावरण संतुलन के लिए अनिवार्य है।
सरगुजा ओलंपिक के लिए सूरजपुर के 410 खिलाड़ी होंगे शामिल, जिला पंचायत सीईओ ने बस को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
सूरजपुर, 20 मार्च 2026
जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग सूरजपुर द्वारा संभाग स्तरीय सरगुजा ओलंपिक प्रतियोगिता में भाग लेने जा रहे खिलाड़ियों को आज रवाना किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले ने खिलाड़ियों से भरी बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उल्लेखनीय है कि यह प्रतियोगिता 21 से 23 मार्च 2026 तक सरगुजा में आयोजित की जाएगी, जिसमें जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ी संभाग स्तर पर सूरजपुर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस प्रतियोगिता में जिले से कुल 410 खिलाड़ी 12 विभिन्न खेल विधाओं में भाग लेंगे।
जिला प्रशासन ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
बढ़ती गर्मी के बीच स्वास्थ्य विभाग सतर्क - जिले भर में हीटवेव प्रबंधन की विशेष तैयारी
जिला सूरजपुर न्यायालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य आयोजन - नारी शक्ति का हुआ सम्मान
सूरजपुर/10 मार्च 2026
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला न्यायालय सूरजपुर में नारी शक्ति के सम्मान में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन उन महिलाओं को समर्पित रहा जिन्होंने न्याय और समाज की बेहतरी में अपना अमूल्य योगदान दिया है।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ:-
अध्यक्षता: कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती प्रज्ञा पचौरी एवं श्रीमती विनीता वार्नर के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रमुख उपस्थिति: कार्यक्रम में सुश्री पायल टोपनो, श्रीमती रूचि मिश्रा एवं कुमारी हिमांशी सराफ सहित बड़ी संख्या में महिला अधिवक्तागण, न्यायालयीन कर्मचारी और पैरा लीगल वॉलेंटियर्स उपस्थित रहे।
प्रेरक संबोधन:-
न्यायाधीशों ने अपने संबोधन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश और समाज को सही दिशा दिखाने में नारी शक्ति की भूमिका सदैव अग्रणी रही है। हमें उन सभी वीरांगनाओं और व्यक्तित्वों को याद रखना चाहिए जिन्होंने महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की राह प्रशस्त की। उन्होंने उपस्थित महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें न्याय के क्षेत्र में और अधिक सशक्त होने के लिए प्रेरित किया।
सम्मान समारोह:-
इस अवसर पर एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें महिला न्यायाधीशों, वरिष्ठ महिला अधिवक्ताओं एवं वरिष्ठ पैरा लीगल वॉलेंटियर्स को न्यायाधीशों के कर-कमलों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके समर्पण और समाज के प्रति अटूट सेवा भाव का प्रतीक है।
भटगांव में ‘शतक’ फिल्म देखने उमड़ी भीड़, सिनेमाघर में गूंजे वंदे मातरम के नारे
भटगांव । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर आधारित फिल्म ‘शतक’ के प्रदर्शन के दौरान भटगांव में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। 6 मार्च को स्थानीय श्री महल सिनेमा में आयोजित शो के दौरान बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और नागरिक फिल्म देखने पहुंचे।
शाम 6 से 9 बजे तक चले तीसरे शो में सिनेमाघर दर्शकों से खचाखच भरा रहा। फिल्म की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में राष्ट्रगान गाया। इसके बाद पूरे हॉल में समय-समय पर ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे गूंजते रहे।
कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और व्यवस्था की भी मिसाल देखने को मिली। भारी भीड़ के कारण सीटें कम पड़ने पर स्वयंसेवकों ने पहले महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को बैठने की व्यवस्था कराई। इसके बाद कई स्वयंसेवक हॉल की सीढ़ियों और फर्श पर बैठकर फिल्म देखते रहे।
उपस्थित लोगों ने कहा कि ‘शतक’ फिल्म संघ के 100 वर्षों के सेवा कार्यों को दर्शाने के साथ ही राष्ट्र निर्माण के संदेश को भी मजबूत करती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति, प्रबुद्ध नागरिक और स्वयंसेवक शामिल हुए।
किसानों के खाते में हस्तांतरित हुई 273 करोड़ 55 लाख 63 हजार की राशि
कृषक उन्नति योजना अंतर्गत आदान सहायता राशि वितरण समारोह एवं किसान सम्मेलन कार्यक्रम संपन्न
सूरजपुर । छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने संकल्प के अनुरूप होली पर्व से पूर्व 28 फरवरी को राज्य के अन्नदाताओं को 10 हजार 324 करोड़ रुपये की आदान सहायता राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड स्थित रहंगी खेल मैदान में आयोजित वृहद किसान सम्मेलन कार्यक्रम से कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के 25 लाख 28 हजार किसानों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से आदान सहायता राशि अंतरित की।
सूरजपुर जिले के किसानों के लिए भी यह दिन विशेष रहा। जिले के 58 हजार 443 किसानों के खातों में 273 करोड़ 55 लाख 63 हजार रुपये की राशि अंतरित की गई। विधानसभावार आंकड़ो पर नजर डाले तो ओड़गी विकासखंड में 23 करोड़ 99 लाख 95 हजार, प्रतापपुर में 57 करोड़ 57 लाख 99 हजार, प्रेमनगर में 23 करोड़ 13 लाख 98 हजार, भैयाथान में 56 करोड़ 18 लाख 88 हजार व रामानुजनगर में 51 करोड़ 73 लाख 30 हजार और सूरजपुर में 60 करोड़ 91 लाख 52 हजार रूपये की बोनस राशि का वितरण किया गया।
जिले के सभी विकासखंडों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रतापपुर में आ.जा. सेवा सहकारी समिति चन्दौरा, रामानुजनगर में आ.जा. सेवा सहकारी समिति परशुरामपुर, सूरजपुर में आ.जा. सेवा सहकारी समिति केशवनगर, प्रेमनगर में आ.जा. सेवा सहकारी समिति कंचनपुर, भैयाथान में बाजार ग्राउंड चन्द्रमेढ़ा तथा ओड़गी में ग्राम पंचायत प्रांगण ओड़गी में कृषक बंधुओं की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजलाल राजवाड़े ने कहा कि धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि आज कृषक बंधुओं के अथक मेहनत को शासन सम्मानित कर रहीं है। सरकार ने कृषकों के उत्पान का मूल्य उपलब्ध कराने के उद्देश से कृषि उन्नति योजना शुरू की है। यह योजना किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आने वाले पीढ़ीयों को भी कृषि व्यवसाय से जुड़ने की बात कही और उपस्थित समस्त किसान बंधुओ को होली पर्व की शुभकामनाए दी।
कलेक्टर एस. जयवर्धन ने उपस्थित कृषक बंधुओं को आज के दिवस की बधाई देते हुए कहा कि किसान इस देश की रीढ़ है। इसके साथ ही उन्होने कार्यक्रम के उपस्थित जनों को पंजीकृत कृषक व कृषि संबंधित आकड़ो से अवगत कराया। इस अवसर पर उन्होने कृषक बंधुओ को फसल विविधिकरण व जल संचय/जल संरक्षण जैसे विषयों से भी अवगत कराया। इसके साथ ही एग्रीस्टेक पंजीयन का जिक्र करते हुए कृषक बंधुओ से अपील की कि वर्तमान में जो भी कृषक एग्रीस्टेक मे ंपंजीयन नही करा पाये हैं वो स्वयं व अपने अन्य कृषक साथियों का पंजीयन कराना सुनिश्चित करें।
कृषि उपसंचालक सुश्री सम्पदा पैकरा ने इस अवसर पर उपस्थित कृषक बंधुओं को केंद्र शासित व राज्य शासित योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही कृषि के लिए आवश्यक बीज एवं खाद उत्पाद के अग्रिम उठाव के बात कहीं ताकि समय से पहले कृषक बंधु अपना भण्डारण सुरक्षित कर सुगमता पूर्वक खेती कर सकें।
गौरतलब है कि कृषक उन्नति योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य प्रदान कर रही है, जो देश में सर्वाधिक है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य के 25 लाख 28 हजार किसानों से समर्थन मूल्य पर 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत अब तक किसानों को 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की आदान सहायता दी जा चुकी है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं अन्य किसान हितैषी योजनाओं सहित राज्य के अन्नदाताओं को 1.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई है। वर्ष 2026-27 के बजट में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना हेतु 600 करोड़ रुपये, सिंचाई पंपों को निःशुल्क बिजली के लिए 5500 करोड़ रुपये तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष रामानुजनगर गुलाब सिंह, जनपद सदस्य श्रीमती इन्जोरिया, रोहित सिंह, कवल साय, सुमार साय, संत साहू, कपिल पाण्डेय, पवन सिंह, रामलाल राजवाड़े, सुन्दर सिंह, विजय प्रताप सिंह, जनप्रतिनिधि, कृषक बंधु, एसडीएम श्रीमती शिवानी जायसवाल, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
सूरजपुर जिला चिकित्सालय में पहली बार हुआ कूल्हे की हड्डी का सफल प्रत्यारोपण
सूरजपुर । जिला चिकित्सालय सूरजपुर ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में पहली बार कूल्हे की हड्डी के प्रत्यारोपण (हिप रिप्लेसमेंट) का जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस सर्जरी के साथ ही सूरजपुर जिले के मरीजों के लिए जिला अस्पताल अब एक स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने का एक बेहतर स्थान बन गया है। अब इस तरह के बड़े ऑपरेशन के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
जानकारी के अनुसार जमगहना निवासी 45 वर्षीय इंद्रजीत कई दिनों से कूल्हे के तीव्र दर्द से पीड़ित थे। हड्डी रोग विभाग में भर्ती होने के बाद जांच में पता चला कि उनके कूल्हे की हड्डी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है और इसे बदलना अनिवार्य है।
सिविल सर्जन डॉ. अजय मरकाम को जैसे ही इस गंभीर मामले की सूचना मिली, उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए सर्जरी टीम को सभी आवश्यक सुविधाएं एवं सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद आर्थाेपेडिक सर्जन डॉ. अजय साहू एवं डॉ. अमन गुप्ता ने अपनी कुशलता और अनुभव से इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
ऑपरेशन के दौरान मरीज की सुरक्षा एवं स्थिरता सुनिश्चित करने में निश्चेतना (एनेस्थीसिया) टीम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। इस टीम में डॉ. विकास भगत, डॉ. अनिल कुमार एवं रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. संदीप भगत शामिल रहे। इसके अलावा ओटी इंचार्ज श्रीमती नवीदा परवीन, सुश्री मयंका राजवाड़े, सीमा देवांगन, बोधन राजवाड़े, सुखलाल राम तथा सहायक स्टाफ सागर एवं भीक साय ने भी इस ऑपरेशन की सफलता में उल्लेखनीय योगदान दिया।
सिविल सर्जन डॉ. अजय मरकाम ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल प्रशासन मरीजों को पूर्ण स्वास्थ्य लाभ देने हेतु सदैव तत्पर है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पहले से ही कई सुविधाएं उपलब्ध हैं और आने वाले समय में इन्हें और बेहतर बनाया जाएगा, जिससे मरीजों को इलाज के लिए जिले से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने पूरी ओटी टीम को इस नई शुरुआत और सफल ऑपरेशन के लिए हार्दिक बधाई दी।
आर्थाेपेडिक सर्जन डॉ. अजय साहू ने बताया कि यह एक अत्यंत कठिन ऑपरेशन था, जिसे अस्पताल प्रबंधन एवं ओटी टीम के संपूर्ण सहयोग से सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
मरीज के परिजनों ने राहत व्यक्त करते हुए डॉ. अजय साहू, डॉ. अमन गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ. अजय मरकाम एवं समस्त ओटी टीम के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि वे बड़ी उम्मीद लेकर आए थे और जिला चिकित्सालय ने उनकी उम्मीदों पर पूरा खरा उतरा।
यह सफल सर्जरी सूरजपुर जिला चिकित्सालय की बढ़ती चिकित्सकीय क्षमता का प्रमाण है और जिलेवासियों के लिए एक शुभ संकेत है कि अब उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उनके अपने जिले में ही उपलब्ध हो रही हैं।
आयुष्मान कार्ड महा अभियान: सूरजपुर जिले में बने 11,733 आयुष्मान कार्ड
सूरजपुर । आयुष्मान भारत योजना के तहत चलाए गए तीन दिवसीय आयुष्मान कार्ड महा अभियान का सूरजपुर जिले में सफल समापन हुआ। अभियान के अंतिम दिवस प्राप्त अंतिम आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 11,733 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जो जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय कार्ययोजना और जनभागीदारी का परिणाम है।
महा अभियान के अंतिम तीन दिनों में कार्ड निर्माण की गति उल्लेखनीय रही। 26 फरवरी को 2,380 कार्ड, 27 फरवरी को 4,381 कार्ड तथा अभियान के अंतिम दिवस 28 फरवरी को प्राप्त अंतिम जानकारी तक 4,972 कार्ड बनाए गए। विशेष रूप से अभियान के आखिरी दो दिनों में कार्ड निर्माण में जबरदस्त तेजी देखी गई, जो जिले की स्वास्थ्य टीमों के समर्पित प्रयासों को दर्शाता है। महा अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक इस योजना का लाभ पहुंचाना था, जिसमें सूरजपुर जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
सम्पूर्णता अभियान 2.0: प्रतापपुर में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का किया गया आयोजन
सूरजपुर । नीति आयोग, भारत सरकार के निर्देशानुसार आकांक्षी विकासखंड प्रतापपुर में सम्पूर्णता अभियान 2.0 के तहत आउटरीच गतिविधियों में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। आंगनबाड़ी केंद्रों में 0 - 6 वर्ष के बच्चों का वजन एवं ऊँचाई मापन किया गया तथा पोषण प्रदर्शन, गोदभराई एवं न्योता भोज जैसे सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यालयों में विज्ञान आधारित क्विज, भाषण प्रतियोगिता एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियाँ आयोजित कर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों, गर्भवती माताओं, अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही। यह आयोजन स्वास्थ्य, पोषण एवं शिक्षा संकेतकों में सुधार की दिशा में प्रभावी कदम सिद्ध हुआ।
शिक्षक, पालक एवं अभिभावकों का 1 दिवसीय प्रशिक्षण का किया गया पालन प्रतिवेदन
सूरजपुर । परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा रायपुर के निर्देशन एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन मे तीन दिवसीय शिक्षकों और पालको का उन्मुखीकरण कार्यक्रम जिला ग्रंथालय तिलसिंवा सूरजपुर के सभा कक्ष मे 26 फरवरी से 28 फरवरी 2026 के बीच सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ माता सरस्वती के छायाचित्र मे दीप प्रज्वलन के साथ राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस प्रशिक्षण मे विभिन्न विकास खण्डों (06 विकास खण्ड) से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर से कुल 190 शिक्षक,पालक एवं मास्टर ट्रेनरों भाग लिया।
प्रशिक्षण मे मास्टर टेªनर ने समावेशी शिक्षा दिव्यांग छात्रों के अधिकार, पाठ्यक्रम अनुकूलन, कक्षा प्रबंधन, सहायक उपकरण ,आईसीटी का उपयोग और क्षमता निर्माण पर मार्गदर्शन दिया गया। इसके अलावा दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 और 21 प्रकार की दिव्यांगताओं के वारे मे जानकारी प्रदान की गई। साथ ही प्रषिक्षण मे समग्र शिक्षा अंतर्गत संचालित समावेशी शिक्षा अंतर्गत दिव्यांग छात्र/छात्राओं को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुये दिव्यांगो का र्स्वागीण विकास की लक्ष्य पर जोर दिया गया । प्रशिक्षण के अंतिम चरण मे सभी शिक्षको को दिव्यांग छात्राओं के प्रति साकारात्मक व्यवहार के साथ प्रशिक्षण का समापन किया गया।
प्रशिक्षण मे उपस्थित अजय कुमार मिश्रा जिला शिक्षा अधिकारी, मनोज कुमार साहू जिला मिशन समन्वयक, शोभनाथ चौबे सहायक परियोजना समन्वयक के द्वारा प्रशिक्षण के दौरान दिव्यांग बच्चों का शतप्रतिशत चिहांकन कर शासन द्वारा संचालित योजनाओं से लाभांवित करने पर जोर दिया गया। आयोजित जिला स्तरीय प्रषिक्षण मे मास्टर ट्रेनर विनोद यादव बी.आर.पी., किशोर मुर्खजी, प्रमाद कुमार टण्डन, रमाकांत नर्मदा, योगेश चन्द्राकर एवं सुदर्शन भृत्य का सराहनीय योगदान रहा।
शा.रेवती रमण मिश्र महाविद्यालय में 'राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी' समारोह का किया गया आयोजन
समन्वित विकास ही डिजीटल की उपादेयता सिद्ध करता है: कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन
सूरजपुर, 28 फरवरी 2026
तकनीकी ज्ञान का अधिकाधिक समुचित उपयोग किसी भी देश, समाज और परिवार को सशक्त बनाता है। मैट्रोपालिटन सिटी हैदराबाद के साथ-साथ सुदूर ग्राम्यांचल बिहारपुर जैसे गांवों के जनमानस को डिजीटल इंडिया से जोड़ा जाना आज अति आवश्यक है। बैंकिंग एवं अन्य शासकीय कृत्यों के परिपालन में आधार कार्ड को लिंक कराये जाने को लेकर नागरिकों की सहभागिता उल्लेखनीय है।
डिजीटलीकरण के द्वारा ही हम विकास मार्ग के यात्री हो सकते हैं। सकारात्मक और सार्थक डिजीटल उपकरणों के उपयोग से सामूहिक विकास संभव है। ’’ सूरजपुर जिला के कलेक्टर श्री एस.जयवर्धन ने "राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी" के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि की आसंदी से उक्ताशय के विचार व्यक्त किये।
शासकीय रेवतीरमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर के सभागार में आयोजित ‘‘ समकालीन भारत में डिजीटल नागरिक सहभागिता और समावेशी विकास ’’ विषय पर केन्द्रित एकदिवसीय समारोह में इंदिरा गांधी जनजाति केन्द्रीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के डॉ. उदय प्रताप सिंह ने की नोट स्पीकर के रुप में शोधार्थियों में डिजीटल आयामों के नवोन्मेष प्रकरणों पर शोध करने को प्रेरित किया।
रिसोर्स परसन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा, उत्तरप्रदेश के प्राचार्य प्रो. सुभाष राम ने तकनीक के बदलते स्वरुप पर विस्तार से प्रकाश डाला। एमीनेंट स्पीकर का दायित्व निर्वहित करते हुए आर्या महिला महाविद्यालय प्रयागराज के प्रोफेसर अवधेश कुमार ने डिजीटल क्रांति में विद्यार्थियों की सहभागिता को रेखांकित करते हुए समावेशी विकास पर जोर दिया।
प्रथम सत्र की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य एवं अपर संचालक, उच्च शिक्षा डॉ. एस.एस. अग्रवाल ने कोरोना काल जैसे आपदा काल में भी संचार उपकरणों के महत्व पर दृष्टिपात करते हुए रोजगार की अपार संभावनाओं की ओर ध्यान दिलाया। महाविद्यालय के जनभागीदारी अध्यक्ष श्री यशवंत सिंह ने डिजीटल की ओर आम जनमानस के बढ़ते रुझान के प्रति खुशी जाहिर की। तकनीक के अंधाधुंध प्रयोग से परस्पर संवादहीनता की आशंका की ओर द्वितीय सत्र की अध्यक्षता कर रहे कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य श्री बृजलाल साहू ने सभा का ध्यान आकृष्ट किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एच.एन. दुबे ने आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बतलाया कि सामूहिक विकास हित के लिए डिजीटल माध्यमों का विवेकपूर्ण उपयोग किया आवश्यक है। छत्तीसगढ़ शासन, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा वित्त पोषित इस राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के संयोजक डॉ. अखिलेश द्विवेदी ने विस्तृत रुप से आयोजन की रुपरेखा से परिचित कराया।
पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर के कुलसचिव चन्द्रभूषण मिश्रा, राजीवगांधी पीजी कॉलेज के प्रो. एस.एन. पांडेय, शासकीय लरंगसाय अग्रणी महाविद्यालय रामानुजगंज की प्राचार्य डॉ. रोजलिली बड़ा, शासकीय महाविद्यालय विश्रामपुर के प्राचार्य डी.पी. कोरी, रेवतीरमण कॉलेज की प्राध्यापक डॉ. प्रतिभा कश्यप, राजमोहिनी महाविद्यालय अम्बिकापुर की प्रो. रीता सिंह, डॉ. प्रियंका सिंह चंदेल, शोधार्थी सम्प्रति साहू ने भी डिजीटल सहभागिता के द्वारा हो रहे समन्वित विकास की बात कही। वाड्रफनगर, राजपुर, रामानुजगंज,सरगुजा के विभिन्न महाविद्यालयों सहित कन्या महाविद्यालय सूरजपुर एवं आयोजक महाविद्यालय के प्राध्यापकगणों एवं शोधार्थियों, विद्यार्थियों की अधिकाधिक उपस्थिति उल्लेखनीय रही। डॉ. अखिलेश पांडेय, टी.आर. रहंगडाले, पूजांजली भगत ने संगोष्ठी का सफल संचालन किया।
26 से 28 फरवरी तक तीन दिवसीय आयुष्मान कार्ड महाअभियान शिविर का होगा आयोजन'
सूरजपुर, 21 फरवरी 2026
जिले में स्वास्थ्य सुरक्षा को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत आयुष्मान कार्ड महाअभियान का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देशानुसार व जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री के.डी. पैकरा के मार्गदर्शन में 26 से 28 फरवरी तक तीन दिवसीय आयुष्मान कार्ड महाअभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान के अंतर्गत जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित किए जाएंगे तथा स्वास्थ्य दल पारा, मोहल्ला एवं घर-घर जाकर वंचित हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाएंगे, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना के लाभ से वंचित न रह सके।
इन्हें मिलेगा इतना लाभ
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को पंजीकृत चिकित्सालयों में निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है। प्राथमिकता एवं अंत्योदय राशन कार्डधारी परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है, जबकि सामान्य राशन कार्डधारी हितग्राहियों को 50 हजार रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को वय वंदना आयुष्मान कार्ड के माध्यम से 5 लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार की विशेष सुविधा दी जाती है।
अब तक जिले में कुल राशन कार्डधारियों के विरुद्ध 93 प्रतिशत हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, वहीं 84 प्रतिशत वय वंदना कार्ड का निर्माण किया जा चुका है। शेष वंचित हितग्राहियों को इस महाअभियान के माध्यम से योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
जिला प्रशासन ने समस्त पात्र एवं आयुष्मान कार्ड से वंचित हितग्राहियों से अपील की है कि वे इस महाअभियान का लाभ उठाएं और 26 से 28 फरवरी के बीच नजदीकी शिविर में पहुंचकर अथवा घर पर ही अपना आयुष्मान कार्ड अवश्य बनवाएं, क्योंकि यह कार्ड किसी भी गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा का सबसे बड़ा आधार है।
17 फरवरी को शिवनंदनपुर में उद्यमिता विकास केंद्र (ईडीसी) द्वारा 18 दिवसीय स्वरोजगार उद्यम विकास कार्यक्रम (एसईडीपी) का किया गया सफल आयोजन
मातृ-पितृ दिवस पर प्राथमिक शाला उरांवपारा, मदनेश्वरपुर में किया गया भव्य कार्यक्रम
बच्चों ने प्रस्तुत की सांस्कृतिक झलकियां
सूरजपुर/14 फरवरी 2026
रामानुजनागर विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय उरांवपारा, मदनेश्वरपुर में मातृ-पितृ दिवस के अवसर पर बच्चों द्वारा विविध सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं रचनात्मक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं विद्यालय प्रार्थना के साथ हुआ, जिसके पश्चात विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता के सम्मान एवं सेवा का संकल्प लिया।
इस अवसर पर नन्हे विद्यार्थियों ने अपने माता - पिता का आरती तिलक किया, पुष्प वर्षा कर अपने माता पिता आशीर्वाद लिया। बच्चों ने “मेरे माता-पिता”, “माँ का प्यार” एवं “मेरा परिवार” विषयों पर आकर्षक चित्र बनाकर अपनी भावनाओं को रंगों के माध्यम से व्यक्त किया। बच्चों द्वारा तैयार किए गए धन्यवाद कार्ड एवं शुभकामना संदेशों ने उपस्थित अभिभावकों का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने कविता-पाठ, भाषण, समूह गीत एवं प्रेरक नारों के माध्यम से माता-पिता के त्याग, प्रेम, संरक्षण एवं मार्गदर्शन के महत्व को अत्यंत सरल एवं प्रभावी शब्दों में प्रस्तुत किया।
प्रधानपाठक संजय साहू द्वारा माता - पिता के त्याग के बारे मे बच्चों को बताया गया। किस प्रकार माता - पिता अपने बच्चों के लिए सभी खुशियों का बलिदान कर उनका लालन पालन करते है, उन्हें शिक्षा उपलब्ध कराते है, माता - पिता ही उनके प्रथम गुरु होते है,जो उन्हें चलना, बोलना, संस्कार देते है। विद्यार्थियों को सुबह उठकर सर्वप्रथम मातृभूमि को प्रणाम करना चाहिए उसके पश्चात् माता-पिता के चरण छूकर आशीर्वाद लेना चाहिए उसके पश्चात् ही आगे कि दिनचर्या प्रारम्भ करनी चाहिए। माता-पिता का दर्जा भगवान से भी ऊँचा होता है। इसलिए उनके ऋण से किसी जन्म मे मुक्त हो पाना सम्भव नहीं है इसलिए हमेशा उनका आदर करना चाहिए, उनका सत्कार सकना चाहिए, उनके आज्ञा का पालन करना चाहिए। माता-पिता हमारे जीवन के प्रथम गुरु होते हैं और उनके बिना जीवन की कल्पना अधूरी है।
अभिभावकों ने शिक्षकों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को बहुत ही सराहा, निश्चित ही ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों मे अच्छे संस्कार आते हैं। विद्या के मंदिर मे बच्चे सिर्फ किताबी शिक्षा ग्रहण नहीं करते बल्कि संस्कार भी प्राप्त करते है। और ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों को नैतिक संस्कार प्राप्त होते है।अपने उद्बोधन में कहा कि मातृ-पितृ दिवस केवल उत्सव नहीं बल्कि बच्चों में संस्कार, कृतज्ञता एवं पारिवारिक मूल्यों के विकास का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशंसा-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। पूरे आयोजन का उद्देश्य बच्चों में पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक संस्कारों एवं बड़ों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधान पाठक संजय साहू, शिक्षक रामकृपाल साहू, शिक्षिका शोभारानी किसपोट्टा, एनिमा बेक, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
शासकीय महाविद्यालय सिलफिली में युवा उत्सव व वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का हुआ आयोजन
सूरजपुर/14 फरवरी 2026
शासकीय महाविद्यालय सिलफिली में युवा उत्सव व वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य श्री अमित सिंह बनाफर ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री ठाकुर राजवाड़े, सदस्य, महाविद्यालयीन जनभागीदारी समिति, विशिष्ट अतिथि डॉ. रवींद्र तिग्गा, उद्यानिकी कथा वानिकी महाविद्यालय सिलफिली एवं श्री ललित कुमार भगत, कार्यपालन अभियंता विद्युत विभाग के अतिरिक्त श्री शोभनाथ, श्री राजेश कुशवाहा एवं श्री विनोद साहा रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कृति की देवी माँ शारदा के छायाचित्र पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन से किए। इसके साथ ही पुष्पगुच्छ से स्वागत के पश्चात छात्राओं जैतुन निशा तथा नुसरत खातून ने अतिथियों के लिए स्वागत गीत प्रस्तुत किया। छात्राओं जैतून निशा, नुसरत खातून तथा ज्योति राजवाड़े ने छत्तीसगढ़ राजगीत 'अरपा पैरी के धार' के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में एकल नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सुनीता ने तथा दूसरा स्थान विशाखा ने प्राप्त किया। समूह नृत्य प्रतियोगिता में स्वाति मिंज, ज्योति राजवाड़े, रेशमा राजवाड़े, आरती राजवाड़े तथा भारती राजवाड़े के समूह ने बेहतरीन प्रदर्शन कर दर्शकों तथा अतिथियों का मन मोह लिया। वे समूह नृत्य प्रतियोगिता के विजेता रहे। मिर्जावती तथा उसके साथियों ने नशामुक्ति पर आधारित मनमोहक तथा मनोरंजन नाटक प्रस्तुत किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य श्री अमित सिंह बनाफ़र ने महाविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि 2009 ई. से प्रारंभ महाविद्यालय ने कुल 11 छात्र-छात्राओं से अपनी यात्रा प्रारंभ की थी। आज महाविद्यालय में लगभग 300 से अधिक विद्यार्थी अध्यनरत हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं की पढ़ाई लिखाई के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा खेल गतिविधियों के प्रति उनकी रुचि की सराहना की। उन्होंने बताया कि यह महाविद्यालय अन्य महाविद्यालयों की तुलना में अधिक संस्कृत है तथा भविष्य में उसके इसी तरह रहने की अपेक्षा है।
मुख्य अतिथि श्री ठाकुर राजवाड़े ने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम करते रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक समस्याओं के प्रति जागरुक होना भी विद्यार्थियों के लिए जरूरी है। वर्तमान में संयुक्त परिवार टूट रहे हैं और उनके टूटने में मोबाइल की अहम भूमिका है। मोबाइल पर निर्भरता से बच्चों का कैरियर भी प्रभावित हो रहा है इसीलिए उन्हें उससे दूरी बनानी चाहिए अथवा उसका सही उपयोग करना चाहिए। वर्तमान समय में पर्यावरण के प्रदूषित होते चले जाने से विकट परिस्थितियाँ पैदा हो रही हैं इसीलिए सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना चाहिए तथा अधिक से अधिक पेड़ लगाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यार्थियों को स्व की पहचान होनी चाहिए। उसी से उनके जीवन जीवन का समुचित विकास हो सकेगा।
डॉ. रवींद्र तिग्गा ने कृषि कार्यों के द्वारा रोजगार प्राप्त करने के तरीके बताए। उन्होंने बताया कि सिलफिली सब्जी तथा फूलों के उत्पादन के लिए जाना जाता है। यहाँ हम गेंदे तथा गुलाब के अतिरिक्त अनेक दुर्लभ फूलों तथा सब्जियों का उत्पादन के द्वारा आर्थिक लाभ अर्जित कर सकते है। यहाँ ब्रोकली तथा मशरूम की विभिन्न प्रजातियों का उत्पादन हो सकता है। श्री ललित कुमार भगत ने रोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी। श्री विनोद साहा, श्री शोभनाथ, श्री राजेश कुशवाहा तथा श्री राहुल भगत ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।
कार्यक्रम के संचालक सहायक प्राध्यापक डॉ. अजय कुमार तिवारी ने बताया कि लोक संस्कृति का बड़ा महत्त्व है। वर्तमान युवा पीढ़ी जितनी तेज गति से पाश्चात्य सभ्यता से प्रभावित हो रही है। लोक गीत लोक नृत्य तथा लोक परंपराओं का क्षरण निश्चित है इसीलिए महाविद्यालय के अधिकांश कार्यक्रम लोक परंपराओं तथा लोक संस्कृति पर आधारित होते हैं। उन्होंने बताया कि वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में वर्ष भर की सांस्कृतिक-साहित्यिक तथा खेल संबंधी सभी गतिविधियों के लिए छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया जाता है। पुरस्कार वितरण प्रारंभ होने से पूर्व अतिथियों के आग्रह पर श्रेष्ठ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को पुनः प्रस्तुत किया गया। जिसमें स्वाति मिंज ने भरधरी लोक गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैतुन निशा तथा साथियों ने समूह गायन प्रस्तुत किया। इसके पश्चात सुनीता ने एकल नृत्य तथा ज्योति राजवाड़े और उनके साथियों ने समूह नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को आनंद से भर दिया। अंत में भूतपूर्व छात्रा अंसा राजवाड़े ने मनमोहक नृत्य कर महाविद्यालय परिवार के प्रति भूतपूर्व छात्रों के लगाव को व्यक्त किया।
प्रस्तुतियों के पश्चात वर्ष भर की खेल तथा सांस्कृतिक-साहित्यिक गतिविधियों के अतिरिक्त युवा उत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं तथा उपविजेताओं को प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह एवं मेडल से सम्मानित किया गया। इसी क्रम में सत्र 2024-25 में स्रातक कला वाणिज्य तथा विज्ञान संकाय में सर्वश्रेष्ठ प्राप्तांक हेतु क्रमशः वर्षा राजवाड़े, आरती विश्वास तथा निक्की गुप्ता को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी डॉ. अजय कुमार तिवारी ने समस्त अतिथियों, अभिभावकों, भूतपूर्व छात्रों, वर्तमान छात्र-छात्राओं तथा आयोजन में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह को सफलतापूर्वक संपन्न करने में प्राध्यापक वर्ग से श्रीमती प्रेमलता एक्का, श्रीमती शालिनी शांता कुजूर, श्रीमती अंजना, श्री आशीष कौशिक, अतिथि व्याख्याता श्री जफ़ीर, डॉ अरुणा त्रिपाठी, सुश्री करीना राठौर के साथ-साथ श्री बिरेन्द्र प्रसाद सिन्हा, श्री ताराचंद साहू, श्री अशोक राजवाड़े, श्री दिनेश, श्री हेमंत तथा श्री जय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर अभिभावक गण तथा महाविद्यालय के भूतपूर्व छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
ग्राम बैजनाथपुर में नशा मुक्ति का संदेश लेकर राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविर का किया गया शुभारंभ
सूरजपुर/14 फरवरी 2026
राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई शासकीय नवीन महाविद्यालय ओड़गी का विशेष सात दिवसीय शिविर ग्राम बैजनाथपुर में 13 फरवरी को प्रारंभ हुआ इस वर्ष शिविर की थीम "नशा मुक्त" समाज के लिए युवा पर आधारित है।
शिविर के उदघाटन जनपद सदस्य प्रतिनिधि सुश्री नेहा सिंह की मुख्य अतिथि में तथा ग्राम सरपंच दुलार सिंह आगरे की अध्यक्षता में स्वामी विवेकानंद, मां सरस्वती, तथा छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया गया।
महाविद्यालय प्राचार्य व राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी रंजीत कुमार सातपुते ने अपने शुरुआती उदबोधन में शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत की उन्होंने कहा इस शिविर को लगाने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों तथा समाज के व्यक्तियों में जन जागरूकता जगाना है जिसके अंतर्गत समाज में स्वच्छता,स्वास्थ्य,मतदाता जागरूकता,नशा मुक्ति, बाल विवाह, पर्यावरण संरक्षण,प्रकृति प्रेम आदि है।
सुश्री नेहा सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहां की मैं भी अपने अपने विद्यार्थी जीवन में राष्ट्रीय सेवा योजना आयोग इकाई से जुड़ी हुई थी अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना व्यक्ति में आत्म अनुशासन सिखाता है साथ-ही समाज से जुड़ने का मौका प्रदान करता है ग्राम सरपंच आगरे जी ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि स्वयंसेवक हमारे ग्राम आए हैं यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है निश्चित ही स्वयंसेवक सात दिन यहां रहकर ग्राम में अनेक प्रकार की जागरूकता फैलाएंगे शिविर मे विशेष योगदान करने कु. सीता इस शिविर मे अपनी सहभागिता कर रही है।
इस शिविर के आयोजन में विशेष भूमिका निभाने में महाविद्यालय से सहायक प्राध्यापक दिनेश कुमार, डॉ. राहुल साहू, डॉ. अनिल कुमार एवं डॉ. सुजीत कुमार उपस्थित थे।
जिला बाल संरक्षण की टीम द्वारा रोकवाई गई दो नाबालिको का विवाह
सूरजपुर, 09 फरवरी 2026

जिला सूरजपुर में कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देश पर बाल विवाह पर प्रशासन की टीम कड़ी नजर रख रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री शुभम बंसल के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग सूरजपुर को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने को अग्रसर है। जिला बाल संरक्षण श्री अधिकारी मनोज जायसवाल को दो अलग-अलग विकासखण्ड सूरजपुर एवं रामानुजनगर में सूचना प्राप्त हुई कि 16 वर्षीय लड़कियां जो ग्यारहवी में अध्ययनरत हैं उसकी सगाई कर घर वाले विवाह करने वाले है।
सूचना के बाद जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने दोनो का सत्यापन स्कूलों से कराया और दोनो नाबालिकों की उम्र 16 वर्ष पाये जाने पर मौके पर दो टीमे भेजी गई और सगाई के समय ही सभी को समझाईस दी गई।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि छ.ग. शासन ने ग्राम पचांयत के समस्त सचिवों एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के समस्त पर्यवेक्षको को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी बनाया है। सभी की जिम्मेदारी है कि उनके ग्राम पंचायत एवं सेक्टर में बाल विवाह ना हो। एवं बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों के सम्बन्ध में जानकारी दी गई।
बाल विवाह प्रतिशेध अधिनियम 2006 के अन्तर्गत सजा के सम्बन्ध में भी बताया गया दोनो स्थानों में बालिकाओं को आगे की पढ़ाई जारी रखने और शिक्षा से ही सब कुछ प्राप्त होने की समझाईस दी गई। लड़की एवं परिवार वालो ने पहले पढाई फिर विदाई को स्वीकार किया और बालिका की शिक्षा को जारी रखने और उम्र हो जाने पर विवाह करने को तैयार हुए। इस आशय का पंचनामा एवं कथन लेकर विवाह को स्थगित करा दिया गया।
बाल विवाह रोकवाने वालों में जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री मनोज जायसवाल, रामानुजनगर परियोजना अधिकारी सुश्री अनुराधा आर्या, सूरजपुर पर्यवेक्षक श्रीमति दीपा बैरागी, चाईल्ड लाईन से श्री दिनेश यादव, श्रीमती यशोदा गुप्ता, पुलिस विभाग से श्री शिवलोचन पैकरा, श्री रामप्रकाश उपस्थित थे।