छत्तीसगढ़ / सूरजपुर
सम्पूर्णता अभियान 2.0: प्रतापपुर में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का किया गया आयोजन
सूरजपुर । नीति आयोग, भारत सरकार के निर्देशानुसार आकांक्षी विकासखंड प्रतापपुर में सम्पूर्णता अभियान 2.0 के तहत आउटरीच गतिविधियों में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। आंगनबाड़ी केंद्रों में 0 - 6 वर्ष के बच्चों का वजन एवं ऊँचाई मापन किया गया तथा पोषण प्रदर्शन, गोदभराई एवं न्योता भोज जैसे सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यालयों में विज्ञान आधारित क्विज, भाषण प्रतियोगिता एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियाँ आयोजित कर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों, गर्भवती माताओं, अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही। यह आयोजन स्वास्थ्य, पोषण एवं शिक्षा संकेतकों में सुधार की दिशा में प्रभावी कदम सिद्ध हुआ।
शिक्षक, पालक एवं अभिभावकों का 1 दिवसीय प्रशिक्षण का किया गया पालन प्रतिवेदन
सूरजपुर । परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा रायपुर के निर्देशन एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन मे तीन दिवसीय शिक्षकों और पालको का उन्मुखीकरण कार्यक्रम जिला ग्रंथालय तिलसिंवा सूरजपुर के सभा कक्ष मे 26 फरवरी से 28 फरवरी 2026 के बीच सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ माता सरस्वती के छायाचित्र मे दीप प्रज्वलन के साथ राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस प्रशिक्षण मे विभिन्न विकास खण्डों (06 विकास खण्ड) से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर से कुल 190 शिक्षक,पालक एवं मास्टर ट्रेनरों भाग लिया।
प्रशिक्षण मे मास्टर टेªनर ने समावेशी शिक्षा दिव्यांग छात्रों के अधिकार, पाठ्यक्रम अनुकूलन, कक्षा प्रबंधन, सहायक उपकरण ,आईसीटी का उपयोग और क्षमता निर्माण पर मार्गदर्शन दिया गया। इसके अलावा दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 और 21 प्रकार की दिव्यांगताओं के वारे मे जानकारी प्रदान की गई। साथ ही प्रषिक्षण मे समग्र शिक्षा अंतर्गत संचालित समावेशी शिक्षा अंतर्गत दिव्यांग छात्र/छात्राओं को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुये दिव्यांगो का र्स्वागीण विकास की लक्ष्य पर जोर दिया गया । प्रशिक्षण के अंतिम चरण मे सभी शिक्षको को दिव्यांग छात्राओं के प्रति साकारात्मक व्यवहार के साथ प्रशिक्षण का समापन किया गया।
प्रशिक्षण मे उपस्थित अजय कुमार मिश्रा जिला शिक्षा अधिकारी, मनोज कुमार साहू जिला मिशन समन्वयक, शोभनाथ चौबे सहायक परियोजना समन्वयक के द्वारा प्रशिक्षण के दौरान दिव्यांग बच्चों का शतप्रतिशत चिहांकन कर शासन द्वारा संचालित योजनाओं से लाभांवित करने पर जोर दिया गया। आयोजित जिला स्तरीय प्रषिक्षण मे मास्टर ट्रेनर विनोद यादव बी.आर.पी., किशोर मुर्खजी, प्रमाद कुमार टण्डन, रमाकांत नर्मदा, योगेश चन्द्राकर एवं सुदर्शन भृत्य का सराहनीय योगदान रहा।
शा.रेवती रमण मिश्र महाविद्यालय में 'राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी' समारोह का किया गया आयोजन
समन्वित विकास ही डिजीटल की उपादेयता सिद्ध करता है: कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन
सूरजपुर, 28 फरवरी 2026
तकनीकी ज्ञान का अधिकाधिक समुचित उपयोग किसी भी देश, समाज और परिवार को सशक्त बनाता है। मैट्रोपालिटन सिटी हैदराबाद के साथ-साथ सुदूर ग्राम्यांचल बिहारपुर जैसे गांवों के जनमानस को डिजीटल इंडिया से जोड़ा जाना आज अति आवश्यक है। बैंकिंग एवं अन्य शासकीय कृत्यों के परिपालन में आधार कार्ड को लिंक कराये जाने को लेकर नागरिकों की सहभागिता उल्लेखनीय है।
डिजीटलीकरण के द्वारा ही हम विकास मार्ग के यात्री हो सकते हैं। सकारात्मक और सार्थक डिजीटल उपकरणों के उपयोग से सामूहिक विकास संभव है। ’’ सूरजपुर जिला के कलेक्टर श्री एस.जयवर्धन ने "राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी" के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि की आसंदी से उक्ताशय के विचार व्यक्त किये।
शासकीय रेवतीरमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर के सभागार में आयोजित ‘‘ समकालीन भारत में डिजीटल नागरिक सहभागिता और समावेशी विकास ’’ विषय पर केन्द्रित एकदिवसीय समारोह में इंदिरा गांधी जनजाति केन्द्रीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के डॉ. उदय प्रताप सिंह ने की नोट स्पीकर के रुप में शोधार्थियों में डिजीटल आयामों के नवोन्मेष प्रकरणों पर शोध करने को प्रेरित किया।
रिसोर्स परसन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा, उत्तरप्रदेश के प्राचार्य प्रो. सुभाष राम ने तकनीक के बदलते स्वरुप पर विस्तार से प्रकाश डाला। एमीनेंट स्पीकर का दायित्व निर्वहित करते हुए आर्या महिला महाविद्यालय प्रयागराज के प्रोफेसर अवधेश कुमार ने डिजीटल क्रांति में विद्यार्थियों की सहभागिता को रेखांकित करते हुए समावेशी विकास पर जोर दिया।
प्रथम सत्र की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य एवं अपर संचालक, उच्च शिक्षा डॉ. एस.एस. अग्रवाल ने कोरोना काल जैसे आपदा काल में भी संचार उपकरणों के महत्व पर दृष्टिपात करते हुए रोजगार की अपार संभावनाओं की ओर ध्यान दिलाया। महाविद्यालय के जनभागीदारी अध्यक्ष श्री यशवंत सिंह ने डिजीटल की ओर आम जनमानस के बढ़ते रुझान के प्रति खुशी जाहिर की। तकनीक के अंधाधुंध प्रयोग से परस्पर संवादहीनता की आशंका की ओर द्वितीय सत्र की अध्यक्षता कर रहे कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य श्री बृजलाल साहू ने सभा का ध्यान आकृष्ट किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एच.एन. दुबे ने आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बतलाया कि सामूहिक विकास हित के लिए डिजीटल माध्यमों का विवेकपूर्ण उपयोग किया आवश्यक है। छत्तीसगढ़ शासन, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा वित्त पोषित इस राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के संयोजक डॉ. अखिलेश द्विवेदी ने विस्तृत रुप से आयोजन की रुपरेखा से परिचित कराया।
पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर के कुलसचिव चन्द्रभूषण मिश्रा, राजीवगांधी पीजी कॉलेज के प्रो. एस.एन. पांडेय, शासकीय लरंगसाय अग्रणी महाविद्यालय रामानुजगंज की प्राचार्य डॉ. रोजलिली बड़ा, शासकीय महाविद्यालय विश्रामपुर के प्राचार्य डी.पी. कोरी, रेवतीरमण कॉलेज की प्राध्यापक डॉ. प्रतिभा कश्यप, राजमोहिनी महाविद्यालय अम्बिकापुर की प्रो. रीता सिंह, डॉ. प्रियंका सिंह चंदेल, शोधार्थी सम्प्रति साहू ने भी डिजीटल सहभागिता के द्वारा हो रहे समन्वित विकास की बात कही। वाड्रफनगर, राजपुर, रामानुजगंज,सरगुजा के विभिन्न महाविद्यालयों सहित कन्या महाविद्यालय सूरजपुर एवं आयोजक महाविद्यालय के प्राध्यापकगणों एवं शोधार्थियों, विद्यार्थियों की अधिकाधिक उपस्थिति उल्लेखनीय रही। डॉ. अखिलेश पांडेय, टी.आर. रहंगडाले, पूजांजली भगत ने संगोष्ठी का सफल संचालन किया।
26 से 28 फरवरी तक तीन दिवसीय आयुष्मान कार्ड महाअभियान शिविर का होगा आयोजन'
सूरजपुर, 21 फरवरी 2026
जिले में स्वास्थ्य सुरक्षा को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत आयुष्मान कार्ड महाअभियान का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देशानुसार व जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री के.डी. पैकरा के मार्गदर्शन में 26 से 28 फरवरी तक तीन दिवसीय आयुष्मान कार्ड महाअभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान के अंतर्गत जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित किए जाएंगे तथा स्वास्थ्य दल पारा, मोहल्ला एवं घर-घर जाकर वंचित हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाएंगे, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना के लाभ से वंचित न रह सके।
इन्हें मिलेगा इतना लाभ
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को पंजीकृत चिकित्सालयों में निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है। प्राथमिकता एवं अंत्योदय राशन कार्डधारी परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है, जबकि सामान्य राशन कार्डधारी हितग्राहियों को 50 हजार रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को वय वंदना आयुष्मान कार्ड के माध्यम से 5 लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार की विशेष सुविधा दी जाती है।
अब तक जिले में कुल राशन कार्डधारियों के विरुद्ध 93 प्रतिशत हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, वहीं 84 प्रतिशत वय वंदना कार्ड का निर्माण किया जा चुका है। शेष वंचित हितग्राहियों को इस महाअभियान के माध्यम से योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
जिला प्रशासन ने समस्त पात्र एवं आयुष्मान कार्ड से वंचित हितग्राहियों से अपील की है कि वे इस महाअभियान का लाभ उठाएं और 26 से 28 फरवरी के बीच नजदीकी शिविर में पहुंचकर अथवा घर पर ही अपना आयुष्मान कार्ड अवश्य बनवाएं, क्योंकि यह कार्ड किसी भी गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा का सबसे बड़ा आधार है।
17 फरवरी को शिवनंदनपुर में उद्यमिता विकास केंद्र (ईडीसी) द्वारा 18 दिवसीय स्वरोजगार उद्यम विकास कार्यक्रम (एसईडीपी) का किया गया सफल आयोजन
मातृ-पितृ दिवस पर प्राथमिक शाला उरांवपारा, मदनेश्वरपुर में किया गया भव्य कार्यक्रम
बच्चों ने प्रस्तुत की सांस्कृतिक झलकियां
सूरजपुर/14 फरवरी 2026
रामानुजनागर विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय उरांवपारा, मदनेश्वरपुर में मातृ-पितृ दिवस के अवसर पर बच्चों द्वारा विविध सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं रचनात्मक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं विद्यालय प्रार्थना के साथ हुआ, जिसके पश्चात विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता के सम्मान एवं सेवा का संकल्प लिया।
इस अवसर पर नन्हे विद्यार्थियों ने अपने माता - पिता का आरती तिलक किया, पुष्प वर्षा कर अपने माता पिता आशीर्वाद लिया। बच्चों ने “मेरे माता-पिता”, “माँ का प्यार” एवं “मेरा परिवार” विषयों पर आकर्षक चित्र बनाकर अपनी भावनाओं को रंगों के माध्यम से व्यक्त किया। बच्चों द्वारा तैयार किए गए धन्यवाद कार्ड एवं शुभकामना संदेशों ने उपस्थित अभिभावकों का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने कविता-पाठ, भाषण, समूह गीत एवं प्रेरक नारों के माध्यम से माता-पिता के त्याग, प्रेम, संरक्षण एवं मार्गदर्शन के महत्व को अत्यंत सरल एवं प्रभावी शब्दों में प्रस्तुत किया।
प्रधानपाठक संजय साहू द्वारा माता - पिता के त्याग के बारे मे बच्चों को बताया गया। किस प्रकार माता - पिता अपने बच्चों के लिए सभी खुशियों का बलिदान कर उनका लालन पालन करते है, उन्हें शिक्षा उपलब्ध कराते है, माता - पिता ही उनके प्रथम गुरु होते है,जो उन्हें चलना, बोलना, संस्कार देते है। विद्यार्थियों को सुबह उठकर सर्वप्रथम मातृभूमि को प्रणाम करना चाहिए उसके पश्चात् माता-पिता के चरण छूकर आशीर्वाद लेना चाहिए उसके पश्चात् ही आगे कि दिनचर्या प्रारम्भ करनी चाहिए। माता-पिता का दर्जा भगवान से भी ऊँचा होता है। इसलिए उनके ऋण से किसी जन्म मे मुक्त हो पाना सम्भव नहीं है इसलिए हमेशा उनका आदर करना चाहिए, उनका सत्कार सकना चाहिए, उनके आज्ञा का पालन करना चाहिए। माता-पिता हमारे जीवन के प्रथम गुरु होते हैं और उनके बिना जीवन की कल्पना अधूरी है।
अभिभावकों ने शिक्षकों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को बहुत ही सराहा, निश्चित ही ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों मे अच्छे संस्कार आते हैं। विद्या के मंदिर मे बच्चे सिर्फ किताबी शिक्षा ग्रहण नहीं करते बल्कि संस्कार भी प्राप्त करते है। और ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों को नैतिक संस्कार प्राप्त होते है।अपने उद्बोधन में कहा कि मातृ-पितृ दिवस केवल उत्सव नहीं बल्कि बच्चों में संस्कार, कृतज्ञता एवं पारिवारिक मूल्यों के विकास का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशंसा-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। पूरे आयोजन का उद्देश्य बच्चों में पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक संस्कारों एवं बड़ों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधान पाठक संजय साहू, शिक्षक रामकृपाल साहू, शिक्षिका शोभारानी किसपोट्टा, एनिमा बेक, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
शासकीय महाविद्यालय सिलफिली में युवा उत्सव व वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का हुआ आयोजन
सूरजपुर/14 फरवरी 2026
शासकीय महाविद्यालय सिलफिली में युवा उत्सव व वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य श्री अमित सिंह बनाफर ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री ठाकुर राजवाड़े, सदस्य, महाविद्यालयीन जनभागीदारी समिति, विशिष्ट अतिथि डॉ. रवींद्र तिग्गा, उद्यानिकी कथा वानिकी महाविद्यालय सिलफिली एवं श्री ललित कुमार भगत, कार्यपालन अभियंता विद्युत विभाग के अतिरिक्त श्री शोभनाथ, श्री राजेश कुशवाहा एवं श्री विनोद साहा रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कृति की देवी माँ शारदा के छायाचित्र पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन से किए। इसके साथ ही पुष्पगुच्छ से स्वागत के पश्चात छात्राओं जैतुन निशा तथा नुसरत खातून ने अतिथियों के लिए स्वागत गीत प्रस्तुत किया। छात्राओं जैतून निशा, नुसरत खातून तथा ज्योति राजवाड़े ने छत्तीसगढ़ राजगीत 'अरपा पैरी के धार' के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में एकल नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सुनीता ने तथा दूसरा स्थान विशाखा ने प्राप्त किया। समूह नृत्य प्रतियोगिता में स्वाति मिंज, ज्योति राजवाड़े, रेशमा राजवाड़े, आरती राजवाड़े तथा भारती राजवाड़े के समूह ने बेहतरीन प्रदर्शन कर दर्शकों तथा अतिथियों का मन मोह लिया। वे समूह नृत्य प्रतियोगिता के विजेता रहे। मिर्जावती तथा उसके साथियों ने नशामुक्ति पर आधारित मनमोहक तथा मनोरंजन नाटक प्रस्तुत किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य श्री अमित सिंह बनाफ़र ने महाविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि 2009 ई. से प्रारंभ महाविद्यालय ने कुल 11 छात्र-छात्राओं से अपनी यात्रा प्रारंभ की थी। आज महाविद्यालय में लगभग 300 से अधिक विद्यार्थी अध्यनरत हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं की पढ़ाई लिखाई के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा खेल गतिविधियों के प्रति उनकी रुचि की सराहना की। उन्होंने बताया कि यह महाविद्यालय अन्य महाविद्यालयों की तुलना में अधिक संस्कृत है तथा भविष्य में उसके इसी तरह रहने की अपेक्षा है।
मुख्य अतिथि श्री ठाकुर राजवाड़े ने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम करते रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक समस्याओं के प्रति जागरुक होना भी विद्यार्थियों के लिए जरूरी है। वर्तमान में संयुक्त परिवार टूट रहे हैं और उनके टूटने में मोबाइल की अहम भूमिका है। मोबाइल पर निर्भरता से बच्चों का कैरियर भी प्रभावित हो रहा है इसीलिए उन्हें उससे दूरी बनानी चाहिए अथवा उसका सही उपयोग करना चाहिए। वर्तमान समय में पर्यावरण के प्रदूषित होते चले जाने से विकट परिस्थितियाँ पैदा हो रही हैं इसीलिए सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना चाहिए तथा अधिक से अधिक पेड़ लगाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यार्थियों को स्व की पहचान होनी चाहिए। उसी से उनके जीवन जीवन का समुचित विकास हो सकेगा।
डॉ. रवींद्र तिग्गा ने कृषि कार्यों के द्वारा रोजगार प्राप्त करने के तरीके बताए। उन्होंने बताया कि सिलफिली सब्जी तथा फूलों के उत्पादन के लिए जाना जाता है। यहाँ हम गेंदे तथा गुलाब के अतिरिक्त अनेक दुर्लभ फूलों तथा सब्जियों का उत्पादन के द्वारा आर्थिक लाभ अर्जित कर सकते है। यहाँ ब्रोकली तथा मशरूम की विभिन्न प्रजातियों का उत्पादन हो सकता है। श्री ललित कुमार भगत ने रोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी। श्री विनोद साहा, श्री शोभनाथ, श्री राजेश कुशवाहा तथा श्री राहुल भगत ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।
कार्यक्रम के संचालक सहायक प्राध्यापक डॉ. अजय कुमार तिवारी ने बताया कि लोक संस्कृति का बड़ा महत्त्व है। वर्तमान युवा पीढ़ी जितनी तेज गति से पाश्चात्य सभ्यता से प्रभावित हो रही है। लोक गीत लोक नृत्य तथा लोक परंपराओं का क्षरण निश्चित है इसीलिए महाविद्यालय के अधिकांश कार्यक्रम लोक परंपराओं तथा लोक संस्कृति पर आधारित होते हैं। उन्होंने बताया कि वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में वर्ष भर की सांस्कृतिक-साहित्यिक तथा खेल संबंधी सभी गतिविधियों के लिए छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया जाता है। पुरस्कार वितरण प्रारंभ होने से पूर्व अतिथियों के आग्रह पर श्रेष्ठ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को पुनः प्रस्तुत किया गया। जिसमें स्वाति मिंज ने भरधरी लोक गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैतुन निशा तथा साथियों ने समूह गायन प्रस्तुत किया। इसके पश्चात सुनीता ने एकल नृत्य तथा ज्योति राजवाड़े और उनके साथियों ने समूह नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को आनंद से भर दिया। अंत में भूतपूर्व छात्रा अंसा राजवाड़े ने मनमोहक नृत्य कर महाविद्यालय परिवार के प्रति भूतपूर्व छात्रों के लगाव को व्यक्त किया।
प्रस्तुतियों के पश्चात वर्ष भर की खेल तथा सांस्कृतिक-साहित्यिक गतिविधियों के अतिरिक्त युवा उत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं तथा उपविजेताओं को प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह एवं मेडल से सम्मानित किया गया। इसी क्रम में सत्र 2024-25 में स्रातक कला वाणिज्य तथा विज्ञान संकाय में सर्वश्रेष्ठ प्राप्तांक हेतु क्रमशः वर्षा राजवाड़े, आरती विश्वास तथा निक्की गुप्ता को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी डॉ. अजय कुमार तिवारी ने समस्त अतिथियों, अभिभावकों, भूतपूर्व छात्रों, वर्तमान छात्र-छात्राओं तथा आयोजन में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह को सफलतापूर्वक संपन्न करने में प्राध्यापक वर्ग से श्रीमती प्रेमलता एक्का, श्रीमती शालिनी शांता कुजूर, श्रीमती अंजना, श्री आशीष कौशिक, अतिथि व्याख्याता श्री जफ़ीर, डॉ अरुणा त्रिपाठी, सुश्री करीना राठौर के साथ-साथ श्री बिरेन्द्र प्रसाद सिन्हा, श्री ताराचंद साहू, श्री अशोक राजवाड़े, श्री दिनेश, श्री हेमंत तथा श्री जय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर अभिभावक गण तथा महाविद्यालय के भूतपूर्व छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
ग्राम बैजनाथपुर में नशा मुक्ति का संदेश लेकर राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविर का किया गया शुभारंभ
सूरजपुर/14 फरवरी 2026
राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई शासकीय नवीन महाविद्यालय ओड़गी का विशेष सात दिवसीय शिविर ग्राम बैजनाथपुर में 13 फरवरी को प्रारंभ हुआ इस वर्ष शिविर की थीम "नशा मुक्त" समाज के लिए युवा पर आधारित है।
शिविर के उदघाटन जनपद सदस्य प्रतिनिधि सुश्री नेहा सिंह की मुख्य अतिथि में तथा ग्राम सरपंच दुलार सिंह आगरे की अध्यक्षता में स्वामी विवेकानंद, मां सरस्वती, तथा छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया गया।
महाविद्यालय प्राचार्य व राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी रंजीत कुमार सातपुते ने अपने शुरुआती उदबोधन में शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत की उन्होंने कहा इस शिविर को लगाने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों तथा समाज के व्यक्तियों में जन जागरूकता जगाना है जिसके अंतर्गत समाज में स्वच्छता,स्वास्थ्य,मतदाता जागरूकता,नशा मुक्ति, बाल विवाह, पर्यावरण संरक्षण,प्रकृति प्रेम आदि है।
सुश्री नेहा सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहां की मैं भी अपने अपने विद्यार्थी जीवन में राष्ट्रीय सेवा योजना आयोग इकाई से जुड़ी हुई थी अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना व्यक्ति में आत्म अनुशासन सिखाता है साथ-ही समाज से जुड़ने का मौका प्रदान करता है ग्राम सरपंच आगरे जी ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि स्वयंसेवक हमारे ग्राम आए हैं यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है निश्चित ही स्वयंसेवक सात दिन यहां रहकर ग्राम में अनेक प्रकार की जागरूकता फैलाएंगे शिविर मे विशेष योगदान करने कु. सीता इस शिविर मे अपनी सहभागिता कर रही है।
इस शिविर के आयोजन में विशेष भूमिका निभाने में महाविद्यालय से सहायक प्राध्यापक दिनेश कुमार, डॉ. राहुल साहू, डॉ. अनिल कुमार एवं डॉ. सुजीत कुमार उपस्थित थे।
जिला बाल संरक्षण की टीम द्वारा रोकवाई गई दो नाबालिको का विवाह
सूरजपुर, 09 फरवरी 2026

जिला सूरजपुर में कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देश पर बाल विवाह पर प्रशासन की टीम कड़ी नजर रख रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री शुभम बंसल के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग सूरजपुर को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने को अग्रसर है। जिला बाल संरक्षण श्री अधिकारी मनोज जायसवाल को दो अलग-अलग विकासखण्ड सूरजपुर एवं रामानुजनगर में सूचना प्राप्त हुई कि 16 वर्षीय लड़कियां जो ग्यारहवी में अध्ययनरत हैं उसकी सगाई कर घर वाले विवाह करने वाले है।
सूचना के बाद जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने दोनो का सत्यापन स्कूलों से कराया और दोनो नाबालिकों की उम्र 16 वर्ष पाये जाने पर मौके पर दो टीमे भेजी गई और सगाई के समय ही सभी को समझाईस दी गई।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि छ.ग. शासन ने ग्राम पचांयत के समस्त सचिवों एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के समस्त पर्यवेक्षको को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी बनाया है। सभी की जिम्मेदारी है कि उनके ग्राम पंचायत एवं सेक्टर में बाल विवाह ना हो। एवं बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों के सम्बन्ध में जानकारी दी गई।
बाल विवाह प्रतिशेध अधिनियम 2006 के अन्तर्गत सजा के सम्बन्ध में भी बताया गया दोनो स्थानों में बालिकाओं को आगे की पढ़ाई जारी रखने और शिक्षा से ही सब कुछ प्राप्त होने की समझाईस दी गई। लड़की एवं परिवार वालो ने पहले पढाई फिर विदाई को स्वीकार किया और बालिका की शिक्षा को जारी रखने और उम्र हो जाने पर विवाह करने को तैयार हुए। इस आशय का पंचनामा एवं कथन लेकर विवाह को स्थगित करा दिया गया।
बाल विवाह रोकवाने वालों में जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री मनोज जायसवाल, रामानुजनगर परियोजना अधिकारी सुश्री अनुराधा आर्या, सूरजपुर पर्यवेक्षक श्रीमति दीपा बैरागी, चाईल्ड लाईन से श्री दिनेश यादव, श्रीमती यशोदा गुप्ता, पुलिस विभाग से श्री शिवलोचन पैकरा, श्री रामप्रकाश उपस्थित थे।
शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था द्वारा मेहमान प्रवक्ता हेतु 11 तक आवेदन
सूरजपुर । शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था सूरजपुर के नोडल क्षेत्र के अंतर्गत जिला सूरजपुर में संचालित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में प्रशिक्षण अधिकारी के स्वीकृत पदों के रिक्त पदों के विरुद्ध व्यवसायो/विषयों के लिये प्रशिक्षण सत्र 2025-26 हेतु मेहमान प्रवक्ता (गेस्ट लेक्चर) हेतु निर्धारित प्रारूप में आवेदन आमंत्रित किया गया हैं। जिसमें कोपा (कम्प्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट) हेतु 01 पद, प्लंबर हेतु 01 पद एवं विद्युत कार हेतु 01 पद कुल 03 पद रिक्त हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 11 फरवरी अपरान्ह 5:30 बजे तक है। आवेदको द्वारा स्पीड पोस्ट,पंजीकृत डाक, स्वयं नोडल आईटीआई सूरजपुर में उपस्थित होकर जमा कर सकते है। निर्धारित अंतिम तिथि एवं समय के पश्चात प्राप्त/जमा आवेदनो पर विचार नहीं किया जावेगा। अधिक जानकारी हेतु रोजगार और नियोजन के आगामी अंक शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था सूरजपुर की सूचना पटल (नोटिस बोर्ड) पर देख सकते हैं एवं सूरजपुर के एन.आई.सी. के वेबसाईट Surajpur.nic.in से डाउनलोड कर सकतें हैं।
09 फरवरी से सोमवार को लगेगा कलेक्टर जनदर्शन
सूरजपुर 08 फरवरी 2026
कलेक्टर जनदर्शन के समय में संशोधन किया गया है, 09 फरवरी से जनदर्शन मंगलवार की जगह प्रत्येक सोमवार को आयोजित किया जायेगा। इसके साथ ही समय-सीमा, राजस्व, कानून व्यवस्था, सड़क सुरक्षा समिति, NCORD, छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम और दोषमुक्ति प्रकरणों की
समीक्षा/ पास्को अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों के सम्बंध में जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक भी प्रत्येक सोमवार को अपने पूर्व निर्धारित समय से आयोजित की जायेगी।
जिला प्रशासन की आमजन से अपील है कि जनदर्शन के लिए सोमवार को अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें ।
कलेक्टर की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक संपन्न
सूरजपुर, 03 फरवरी 2026
कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन ने आज राजस्व विभाग के कामकाजों की समीक्षा की। उन्होंने अनुविभाग एवं तहसीलवार राजस्व प्रकरणों की गहन समीक्षा की। उन्होंने न्यायालयवार राजस्व प्रकरणों की जानकारी लेते हुए उनके निराकरण के अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी प्रकरण समय-सीमा के भीतर ही निराकृत किये जाये। बैठक में अभिलेख सुधार, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, भू-अर्जन, पट्टा, अभिलेख का दुरुस्तीकरण सहित अन्य राजस्व प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने धान खरीदी के सम्बन्ध में भी जानकारी ली । इसके अलावा एस आई आर के तहत नो मैपिंग मतदाताओं के सम्बन्ध में भी आवश्यक चर्चा की।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री जगन्नाथ वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र शर्मा,डिप्टी कलेक्टर,सर्व एसडीएम व अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।
सूरजपुर में 28 से 30 जनवरी सामान्य भविष्य निधि शिविर का किया जा रहा आयोजन
सूरजपुर/20 जनवरी 2026
महालेखाकार, छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) से संबंधित लंबित एवं जटिल प्रकरणों के निराकरण हेतु सूरजपुर जिले में विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर दिनांक 28, 29 एवं 30 जनवरी 2026 को जनपद पंचायत सूरजपुर के सभाकक्ष में आयोजित होगा।
शिविर में उन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा, जिनका सामान्य भविष्य निधि का अंतिम भुगतान प्रकरण महालेखाकार कार्यालय को प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसके साथ ही ऋणात्मक शेष (नेगेटिव बेलेंस) वाले प्रकरण, ऐसे कर्मचारी जो सेवानिवृत्त अथवा दिवंगत हो चुके हैं, और जिनके जीपीएफ खाते में ऋणात्मक शेष है, तथा वे प्रकरण जिनमें अंतिम भुगतान अब तक प्रस्तुत नहीं हुआ है, शामिल रहेंगे।
इसके अतिरिक्त, उन कर्मचारियों के मिसिंग क्रेडिट से संबंधित प्रकरणों का भी समाधान किया जाएगा, जिनका सामान्य भविष्य निधि अंशदान उनके जीपीएफ खाते में क्रेडिट नहीं हुआ है। सूरजपुर जिले के समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित सामान्य भविष्य निधि के लंबित प्रकरणों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथियों में महालेखाकार रायपुर द्वारा आयोजित इस शिविर में प्रस्तुत करें, ताकि प्रकरणों का शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
26 जनवरी को हर ग्राम में लगेगा ‘उल्लास मेला’, नव साक्षरों को मिलेगा सीखने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर
सूरजपुर/20 जनवरी 2026
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत संचालित उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के प्रत्येक ग्राम में उल्लास मेला आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण, रायपुर द्वारा 12 जनवरी 2026 को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
उल्लास कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के उन व्यस्कों को सशक्त बनाना है, जिन्होंने औपचारिक स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं की है। राज्य में वर्ष 2023 से प्रारंभ इस कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक लगभग 10 लाख नव साक्षर साक्षर हो चुके हैं, जिन्हें एनआईओएस के माध्यम से प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए हैं।
गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाले उल्लास मेले में बुनियादी साक्षरता, संख्याज्ञान, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य साक्षरता एवं जीवन कौशल से संबंधित विभिन्न स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों का निर्माण एवं संचालन नव साक्षर, स्वयंसेवक एवं शिक्षार्थियों द्वारा किया जाएगा, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
निर्देशानुसार मेला ध्वजारोहण कार्यक्रम के पश्चात् आयोजित किया जाएगा। ग्राम प्रभारी द्वारा स्टॉल संचालन की पूर्व तैयारी कराई जाएगी तथा दो दिन पूर्व मेले का डेमो अनिवार्य रूप से किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ उल्लास शपथ के साथ होगा। आवश्यकता अनुसार सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं फूड स्टॉल भी लगाए जा सकेंगे।
उल्लास मेला केवल 26 जनवरी तक सीमित न रहकर आगामी राष्ट्रीय पर्वों, त्योहारों एवं महत्वपूर्ण दिवसों पर भी आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया, टी.वी, रेडियो एवं अन्य माध्यमों से किया जाएगा। आयोजन से संबंधित समस्त जानकारी 10 फरवरी 2026 तक जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण कार्यालय को भेजी जाएगी। उल्लास मेला नव साक्षरों को शिक्षा के साथ-साथ जीवनोपयोगी कौशलों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सूरजपुर जिले को पूर्ण साक्षर करने कलेक्टर ने जारी किए निर्देश
सूरजपुर/20 जनवरी 2026
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप जिले को पूर्ण साक्षर घोषित किए जाने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन की ओर से समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक (समग्र शिक्षा) एवं विकासखंड परियोजना अधिकारी (साक्षरता) को निर्देश जारी किए गए हैं।
यह निर्देश कार्यालय राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर के पत्र के संदर्भ में जारी किए गए हैं। पत्र में उल्लेख किया गया है कि बुनियादी साक्षरता, शिक्षा प्राप्त करने और जीविकोपार्जन का अवसर प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। साक्षरता न केवल व्यक्ति के व्यक्तित्व, नागरिक एवं आर्थिक विकास में सहायक है, बल्कि आजीवन सीखने के नए अवसर भी प्रदान करती है। इसी उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, जिसका लक्ष्य 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे वयस्कों को सशक्त बनाना है, जिन्होंने औपचारिक स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं की है।
पत्र में साक्षरता की स्पष्ट परिभाषा देते हुए बताया गया है कि साक्षरता का आशय केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समझ के साथ गणना करने की क्षमता, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता एवं अन्य महत्वपूर्ण जीवन कौशलों से भी जुड़ा हुआ है। किसी राज्य या जिले में 95 प्रतिशत साक्षरता स्तर प्राप्त होने पर उसे पूर्ण साक्षर के समतुल्य माना जा सकता है। उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक मूल्यांकन परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात गैर-साक्षर व्यक्ति को साक्षर घोषित किया जाएगा।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करते हुए जिले में चिन्हित निरक्षर व्यक्तियों को उल्लास कार्यक्रम से जोड़कर साक्षर घोषित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए तथा की गई कार्यवाही से जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण सूरजपुर को अवगत कराया जाए।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (IICDEM)2026, 21 से 23 जनवरी तक
70 से अधिक देशों के लगभग 100 प्रतिनिधि होंगे शामिल
तीन दिनों में 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें, 36 ब्रेकआउट सत्र प्रस्तावित
सूरजपुर /20 जनवरी 2026
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन पर पहले इंडिया इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IICDEM) 2026 के आयोजन के लिए पूर्णतः तैयार है। तीन दिवसीय यह सम्मेलन, भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (IICDEM) द्वारा 21 जनवरी से आयोजित किया जा रहा है, जो नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में संपन्न होगा।
IICDEM 2026, लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन के क्षेत्र में भारत द्वारा आयोजित अब तक का अपनी तरह का सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन होने जा रहा है। इसमें विश्व के 70 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए लगभग 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की भागीदारी अपेक्षित है। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, भारत में स्थित विदेशी मिशनों तथा निर्वाचन क्षेत्र के अकादमिक एवं व्यावहारिक विशेषज्ञ भी सम्मेलन में सम्मिलित होंगे।
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू एवं डॉ. विवेक जोशी के साथ, 21 जनवरी 2026 को आयोजित उद्घाटन सत्र में प्रतिनिधियों का स्वागत करेंगे तथा सम्मेलन की कार्यवाही का शुभारंभ करेंगे।
तीन दिवसीय कार्यक्रम में निर्वाचन प्रबंधन निकायों (ईएमबीएस)के सामान्य एवं पूर्ण सत्र शामिल होंगे, जिनमें उद्घाटन सत्र, ईएमबी नेताओं का पूर्ण सत्र, ईएमबी कार्य समूह बैठके, साथ ही वैश्विक निर्वाचन संबंधी मुद्दों, आदर्श अंतरराष्ट्रीय निर्वाचन मानकों तथा निर्वाचन प्रक्रियाओं में नवाचार एवं सर्वोत्तम प्रथाओं पर केंद्रित विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे।
सम्मेलन के दौरान कुल 36 विषयगत समूहों द्वारा गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। इन समूहों का नेतृत्व राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) करेंगे तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अकादमिक विशेषज्ञों का सहयोग प्राप्त होगा। इन चर्चाओं में 4 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटीएस), 6 भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएमएस), 12 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयूएस) तथा भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थाओं की भागीदारी भी होगी।
भारत निर्वाचन आयोग विश्वभर के निर्वाचन प्रबंधन निकायों के समक्ष उपस्थित विभिन्न चुनौतियों पर सहयोग एवं विमर्श को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें आयोजित करेगा। इस अवसर पर आयोग द्वारा निर्वाचन संबंधी समस्त जानकारी एवं सेवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल मंच ECINET का औपचारिक शुभारंभ भी किया जाएगा।
सम्मेलन के साथ-साथ एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें भारत में निर्वाचन प्रक्रिया के विशाल स्वरूप एवं जटिलता के साथ-साथ निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन सूची की तैयारी और चुनाव संचालन, इन दोनों प्रमुख स्तंभों को सुदृढ़ करने हेतु हाल में की गई पहलों को प्रदर्शित किया जाएगा।
IICDEM-2026 के प्रथम दिवस पर विश्व के सबसे बड़े चुनाव, लोकसभा चुनाव 2024, की परिकल्पना एवं क्रियान्वयन को रेखांकित करने वाली डॉक्यू-सीरीज़ “इंडिया डिसाइड्स” का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
जन-जन को साक्षर बनाने कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन ने दिलाई शपथ
सूरजपुर/20 जनवरी 2026
जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के मार्गदर्शन में उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत व्यापक स्तर पर अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन ने सभी जिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जन-जन को साक्षर बनाने की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण के दौरान अधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे उल्लास - नव भारत साक्षरता कार्यक्रम से जुड़कर शिक्षार्थियों को शिक्षा प्रदान करेंगे तथा कर्तव्यपूर्ण भाव से इसमें सक्रिय योगदान देंगे। शपथ में यह भी प्रतिज्ञा की गई कि शिक्षार्थियों को साक्षर बनाने हेतु अपने पूर्ण ज्ञान एवं कौशल का उपयोग किया जाएगा और समाज के प्रत्येक वर्ग को साक्षर बनाने के लिए लोगों को निरंतर प्रेरित किया जाएगा।
शपथ में यह संकल्प दोहराया गया कि देश का प्रत्येक नागरिक साक्षर बने, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे और साक्षरता अभियान को जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन ने कहा कि साक्षरता किसी भी समाज के विकास की आधारशिला है। उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे नागरिकों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो अब तक औपचारिक शिक्षा से वंचित रहे हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए जिले को पूर्ण साक्षर बनाने में योगदान दें।