छत्तीसगढ़ / सारंगढ़-बिलाईगढ़
उत्कर्ष योजना में इम्पैनलमेंट हेतु आवासीय विद्यालयों से 23 तक प्रस्ताव
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना के क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित उत्कृष्ट आवासीय शिक्षण संस्थानों के इम्पैनलमेंट हेतु निर्धारित प्रपत्र में जिले में स्थित आवासीय विद्यालय अपना प्रस्ताव सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग कोसीर रोड सारंगढ़ में पंजीकृत डाक से या व्यक्तिगत रूप से 23 अप्रैल तक जमा कर सकते हैं।
योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित सीबीएसई या आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी प्रतिष्ठित आवासीय शालाओं (शाला एवं छात्रावास आदि एक ही परिसर में स्थित हो) में से विद्यालयों का चयन किया जाना है। विभाग द्वारा चयनित एवं इम्पैनल्ड विद्यालयों में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु अनुसूचित जनजाति वर्ग के 130 एवं अनुसूचित जाति वर्ग के 70 विद्यार्थियों को कुल मिलाकर अधिकतम 200 विद्यार्थियों को प्रवेश दिलाया जायेगा। संस्थाओं के चयन हेतु तय किये गये मापदण्ड आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के विभागीय बेवसाईट ट्राइबल डॉट सीजी डॉट जीओवी डॉट इन www.tribal.cg.gov.in पर उपलब्ध है, जहाँ से डाउनलोड कर अवलोकन किया जा सकता है। ऐसी इच्छुक संस्थाएं जो योजना नियम के प्रावधानों के अनुसार पात्रता रखती है, उनसे प्रस्ताव आंमत्रित है।
प्रदेश के अनुसूचित जनजाति तथा अनुसूचित जाति वर्ग के ग्रामीण प्रतिभावान छात्र, छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने, नई सोच के साथ बेहतर कैरियर चयन का अवसर प्रदान करने प्रतिस्पर्धी बनाने तथा बहुमुखी व्यक्त्वि विकास के लिए अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित जवाहर उत्कर्ष योजना (यथा संशोधित 2021) संचालित है।
वेतन के बदले रिश्वत मांगने वाला खंड शिक्षा अधिकारी गिरफ्तार
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर की टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। बरमकेला क्षेत्र में खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) नरेंद्र जांगड़े को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इस मामले में सहयोगी की भूमिका निभाने वाले संकुल समन्वयक संजय चौहान को भी गिरफ्तार किया गया है।
वेतन जारी करने के बदले मांगी गई थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, पूर्व माध्यमिक शाला झीकीपाली के शिक्षक निरंजन बरिहा और उनके सहयोगी मुकेश सोना का मार्च माह का वेतन केवल आधे घंटे की देरी के कारण रोक दिया गया था। नोटिस का जवाब देने के बावजूद वेतन जारी नहीं किया गया। आरोप है कि वेतन रिलीज करने के बदले दोनों शिक्षकों से 5-5 हजार रुपये, यानी कुल 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
शिक्षकों ने रिश्वत देने के बजाय एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई। डीएसपी अजीतेश सिंह के नेतृत्व में टीम ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि संकुल समन्वयक संजय चौहान इस लेन-देन में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था।
रंगे हाथ पकड़ाया अधिकारी
17 अप्रैल को योजनाबद्ध तरीके से शिक्षक को रिश्वत की रकम देने भेजा गया। जैसे ही खंड शिक्षा अधिकारी ने पैसे लेकर अपने टेबल के दराज में रखे, पहले से तैनात एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली।
कानूनी कार्रवाई शुरू
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। एसीबी ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी रिश्वत मांगता है, तो इसकी तुरंत शिकायत करें।
बरमकेला क्षेत्र में यह एसीबी की पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। लंबे समय से संबंधित अधिकारी के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं, जिससे शिक्षक समुदाय में भारी नाराजगी थी। शिक्षक संघ के अध्यक्ष देवम प्रकाश पटेल सहित अन्य शिक्षकों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी और जरूरी पहल बताया है।
प्रीपॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 17 अप्रैल
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । युवाओं के उच्च शिक्षा के विभिन्न कोर्स के प्रवेश परीक्षा के लिए छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल की वेबसाईट व्यापम सीजी डॉट सीजी स्टेट डॉट जीओवी डॉट इन में https://vyapamcg.cgstate.gov.in/ में ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित है। प्रीपॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 17 अप्रैल, प्रीबीएड प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 24 अप्रैल और बीएससी नर्सिंग प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 27 अप्रैल निश्चित है। सभी प्रवेश परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्र छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में बनाया गया है।
पति ने की पत्नी की हत्या, ताने से नाराज होकर वारदात को दिया अंजाम
बिलाईगढ़ । बिलाईगढ़ थाना क्षेत्र के खजरी गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पति ने अपनी ही पत्नी की गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पति राजेश साहू अपनी पत्नी कुंती साहू के तानों से नाराज था। बताया जा रहा है कि पत्नी द्वारा शराब पीने और काम नहीं करने को लेकर ताना मारने पर विवाद बढ़ गया, जिसके बाद आरोपी ने गुस्से में आकर हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की जांच एसडीओपी विजय ठाकुर के नेतृत्व में की जा रही है। साथ ही फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रही है।
फिलहाल बिलाईगढ़ पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
एसडीएम ने अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन में संलिप्त 13 ट्रेक्टर और 1 हाईवा पकड़ा
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ संजय कन्नौजे के दिशा निर्देश पर बिलाईगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व प्रफुल्ल रजक ने अपने क्षेत्र में अवैध रूप से खनिज उत्खनन, भंडारण और परिवहन में संलिप्त वाहनों पर चौतरफा कार्यवाही किया है। ग्राम बेलटिकरी में पत्थर के अवैध उत्खनन कर लोड करते हुए कुल 6 ट्रैक्टर को जब्त किया गया। इन सभी वाहनों को बिलाईगढ़ थाना को अभिरक्षा में दिया गया है।
इसी प्रकार सरसीवां के नजदीक पेंड्रावन में रेती का अवैध परिवहन करते कुल 06 ट्रैक्टर्स को जब्त किया गया।जब्ती के दौरान इन वाहनों के पास पीएम आवास या अन्य वैध दस्तावेज नहीं थे। वहीं भटगांव में रेती का अवैध परिवहन करते जब्त वाहनों 1 हाइवा और 1 ट्रैक्टर को जब्त कर थाना भटगांव को अभिरक्षा में दिया गया। जब्ती के दौरान इन सभी वाहनों के पास पीएम आवास या अन्य कोई वैध दस्तावेज नही थे।
भद्रा रीवापार समूह जलप्रदाय योजना के फील्ड पर उतरे कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे
भाठागांव में जल जीवन मिशन की हुई जांच: हितग्राही के घर पहुंचकर नल जल आपूर्ति का कलेक्टर ने किया निरीक्षण
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । महावीर जयंती पर कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने जिले के विभिन्न ग्रामों, रामभाठा, कोसीर, भाठागांव एवं भद्रा का औचक निरीक्षण कर शासकीय योजनाओं और निर्माण कार्यों की जमीनी हकीकत को जाना। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों, जल जीवन मिशन तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन के तहत नल-जल योजना की स्थिति का जायजा लेते हुए कलेक्टर ने मोटर चालू कर पानी की आपूर्ति जांची। उन्होंने सहनू दास के घर जाकर स्वयं पानी की उपलब्धता की पुष्टि की। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में दूर से पानी लाना पड़ता था, लेकिन अब घर-घर पानी पहुंच रहा है। कलेक्टर ने ग्राम सरपंच को नियमित कर वसूली, मोटर खराब होने पर शीघ्र मरम्मत तथा पंप ऑपरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्राम कोसीर में 16 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन चेकडेम का निरीक्षण किया गया।
भाठागांव में निर्माणाधीन इंटेक वॉटर फिल्टर प्लांट का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने कार्य की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की और 30 मई तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही लेबर बढ़ाने एवं स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता देने को कहा। वहीं ग्राम भद्रा के मिरोनी बैराज में इंटेक निर्माण कार्य की अत्यंत धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने पीएचई विभाग को नोटिस जारी कर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं।
आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण :
ग्राम रामभाठा के आंगनबाड़ी केंद्र में कलेक्टर ने गंभीर कुपोषित बच्चों एवं गर्भवती माताओं की जानकारी ली। परियोजना अधिकारी ने बताया कि केंद्र को मॉडल आंगनबाड़ी के रूप में विकसित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान बच्चों ने पढ़ाई का प्रदर्शन किया, जिसमें बच्ची खुशी ने एबीसीडी और अन्य बच्चों ने पहाड़ा सुनाया। कलेक्टर ने वजन मशीन चेक किया, रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री की गुणवत्ता तथा किचन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। आंगनबाड़ी केंद्र में नल कनेक्शन लगाने का निर्देश दिए है।
कोसीर के आंगनबाड़ी केंद्र में 32 बच्चे उपस्थित मिले, जो भोजन कर रहे थे। यहां 6 गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता माधुरी कुर्रे द्वारा केंद्र की जानकारी दी गई।
कुशलाई दाई का दर्शन :
कलेक्टर ने प्रसिद्ध कुशलाई दाई मंदिर में दर्शन कर क्षेत्र का भ्रमण किया। उन्होंने 54 एकड़ में फैले बंधवा तालाब का पैदल निरीक्षण कर उसकी स्थिति का जायजा लिया।
किसानों की समस्या सुन, तालाब निरीक्षण करने पैदल गए कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे
ग्राम सिरोली में मूंगफली की खेती कर रहे किसानों से मिले कलेक्टर
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने विकासखंड सारंगढ़ के ग्राम खम्हारडीह एवं सिरोली का महावीर जयंती पर औचक निरीक्षण कर विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं जमीनी स्थिति का जायजा लिया। ग्राम खम्हारडीह में चल रहे तालाब पुनरुद्धार कार्य का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने मनरेगा के तहत संचालित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने मानव दिवस (2431) की स्थिति, श्रमिकों के लिए पेयजल व्यवस्था, श्रम पंजीयन एवं कार्य समय को लेकर मजदूरों से सीधे संवाद किया। साथ ही श्रमिक पाठ, बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति, आयुष्मान कार्ड, लखपति दीदी योजना एवं राशन कार्ड की स्थिति की भी जानकारी ली।
कलेक्टर ने गांव के सचिव से आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या एवं महिला समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की। महतारी वंदन योजना और सोख्ता गड्ढों की प्रगति पर भी चर्चा की गई, जिसमें बताया गया कि गांव में 100 से अधिक सोख्ता गड्ढों का निर्माण हो चुका है। इस दौरान कलेक्टर ने पाम ट्री का पौधारोपण भी किया।
कलेक्टर ने ग्राम सिरोली का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने किसानों से मुलाकात कर कृषि कार्यों की स्थिति जाना। किसान गीता सिंह सिदार द्वारा डेढ़ एकड़ में की जा रही मूंगफली की खेती का निरीक्षण किया गया। गांव में 35 एकड़ से अधिक क्षेत्र में मूंगफली की खेती की जा रही है। किसानों ने नर्मदा तालाब से पर्याप्त पानी नहीं मिलने की समस्या बताई। इस पर कलेक्टर स्वयं किसानों के साथ कच्चे पहाड़ी मार्ग से पैदल चलते हुए तालाब का निरीक्षण करने पहुंचे। किसानों ने बताया कि तालाब का लगभग 80 प्रतिशत पानी व्यर्थ बह जाता है। लगभग 8 एकड़ क्षेत्रफल वाले इस तालाब के आसपास करीब 300 एकड़ कृषि भूमि स्थित है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने चेक डेम निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया और मनरेगा के तहत कार्य स्वीकृत करने के निर्देश जनपद पंचायत सीईओ सारंगढ़ को दिए, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके।
कलेक्टर ने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने एवं ग्रामीणों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने ग्राम छोटे लेंधरा का किया औचक निरीक्षण
छात्रावास की व्यवस्थाओं से लेकर नरेगा और पीएम आवास की प्रगति का अवलोकन, लापरवाही पर सख्त
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने ग्राम छोटे लेंधरा का औचक निरीक्षण कर विभिन्न शासकीय योजनाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावास, मनरेगा कार्य और प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
ग्राम लेंधरा में संचालित 45 सीटर प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्राओं से बातचीत की और उनकी पढ़ाई व भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान छात्रा प्रिया ने पुलिस बनने की इच्छा जताई। कलेक्टर ने बच्चों से परीक्षा की तैयारी और अन्य सुविधाओं की स्थिति भी जानी। छात्राओं ने छात्रावास में बाउंड्री वॉल की कमी की समस्या बताई, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान किचन रूम में पीडीएस से मिलने वाले चावल की गुणवत्ता की जांच की गई। साथ ही खिड़कियों में जालीदार पर्दे लगाने के निर्देश छात्रावास अधीक्षिका गायत्री टंडन को दिए गए। कलेक्टर ने छात्राओं के कमरों का निरीक्षण कर पंखा और बिजली व्यवस्था की भी जानकारी ली। इस दौरान छात्रावास में पोताई का कार्य प्रगति पर पाया गया।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे आवासों की भी समीक्षा की। यहां कुल 115 आवास स्वीकृत हैं, जिनमें से 83 पूर्ण हो चुके हैं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि 13 हितग्राही आवास निर्माण में रुचि नहीं ले रहे हैं, जिस पर कलेक्टर ने उनका पंचनामा कर निरस्त करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मनरेगा से 300 मीटर नाला निर्माण प्रगति पर, 1600 एकड़ क्षेत्र के किसानों को मिलेगा केडार डेम का पानी :
कलेक्टर ने छोटे लेंधरा में मनरेगा के तहत बन रही 300 मीटर लंबी नाला निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि इस नाला के माध्यम से केडार नहर से सिंचाई के लिए पानी पहुंचेगा, जिससे लगभग 1600 एकड़ क्षेत्र में किसानों को लाभ मिलेगा।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में प्रगतिशील सतनामी समाज की जिला इकाई का गठन
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जिले में प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज की जिला इकाई का गठन रविवार को सम्पन्न हुआ। जिला मुख्यालय स्थित केशरवानी धर्मशाला में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समाज के सदस्य शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत गुरु घासीदास के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद सर्वसम्मति से मनोनयन पद्धति के जरिए जिला इकाई का गठन किया गया।
ये बने पदाधिकारी
जिला अध्यक्ष के रूप में गिरवर निराला (बिलाईगढ़) को चुना गया। उपाध्यक्ष पद पर जीवनलाल रातें (सारंगढ़), विजय कुमार भारती (बरमकेला) और अमरनाथ खटकर (सरसीवा) को जिम्मेदारी दी गई। महिला उपाध्यक्ष के रूप में रजनी बघेल, सचिव लक्ष्मण जोल्हे, सह सचिव किशोर निराला और कोषाध्यक्ष सुखीराम नौरंगे नियुक्त किए गए। प्रवक्ता मुद्रिका कुमार राय और मीडिया प्रभारी धनीराम निराला बनाए गए।
महिला और युवा प्रकोष्ठ का भी गठन
महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष श्रीमती मंजुलता आनंद को बनाया गया, जबकि युवा प्रकोष्ठ की कमान ओंकार मल्होत्रा को सौंपी गई। अन्य पदों पर भी विभिन्न सदस्यों की नियुक्ति की गई है। कुछ रिक्त पदों को दो सप्ताह के भीतर भरने की बात कही गई है।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
बैठक में प्रदेश स्तर के कई पदाधिकारी और समाज के वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि जिला इकाई के गठन से सामाजिक गतिविधियों को गति मिलेगी और समाज के विकास के लिए संगठित प्रयास किए जा सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि जिले के गठन के बाद अब तक इस संगठन की जिला इकाई का गठन नहीं हो पाया था, जिससे गतिविधियों के संचालन में कठिनाई आ रही थी। नई इकाई बनने के बाद अब सामाजिक कार्यक्रमों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति : नवीनीकरण और नवीन आवेदन की अंतिम तिथि 27 मार्च
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अध्ययनरत विद्यार्थियों को सूचित किया गया है कि, वे शिक्षा सत्र 2025-26 के पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति छात्रवृत्ति के लिए विभागीय पोर्टल पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप डॉट सीजी डॉट एनआईसी डॉट इन https://postmatric-scholarship.cg.nic.in में नवीनीकरण और नवीन आवेदन 27 मार्च 2026 तक जमा कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद शिक्षा सत्र 2025-26 के पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति छात्रवृत्ति के लिए विभागीय पोर्टल को बंद किया जाएगा।
छात्रवृत्ति हेतु पात्रता
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के पालक की आय सीमा रू. 2.50 लाख और अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु आय सीमा 1 लाख रूपये प्रतिवर्ष होना चाहिए। सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थाई जाति प्रमाण पत्र, छ.ग. का मूल निवास प्रमाण पत्र, विद्यार्थी के अध्ययनरत् पाठ्यक्रम के विगत वर्ष का परीक्षा परिणाम संलग्न करना होगा। पीएफएमएस के माध्यम से आधार आधारित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा रहा है। सभी विद्यार्थी ऑनलाईन आवेदन करते समय ध्यान रखे कि उनका बचत खाता एक्टिव हो एवं आधार सीडेड बैंक खाता नम्बर की प्रविष्टि करना सुनिश्चित करें। इस संबंध में विस्तृत जानकारी अपने जिले के कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग कार्यालय कोसीर रोड कालेज के पास सारंगढ़ से प्राप्त की जा सकती है।
अनुविभाग स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविर
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । सारंगढ़ के एसडीएम ऑफिस परिसर (कचहरी) में 27 मार्च को सुबह 10 से शाम 5 बजे तक अनुविभाग स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है, जिसमें सभी विभाग के स्टॉल होंगे। सभी विभाग अपने विभाग से संबंधित जनसुविधा, योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को प्रदान करेंगे। इस शिविर में नागरिक अपनी समस्या के निराकरण के लिए आवेदन जमा कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार, राज्य के नागरिकों के मांग, सुझाव और समस्याओं के निराकरण के लिए निरंतर सुशासन तिहार, प्रशासन गांव की ओर जैसे कई प्रकार के आयोजन करते आ रही है।
जनगणना 2027: फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण संपन्न, पहले चरण की तैयारियां तेज
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । भारत की आगामी जनगणना 2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में जिले के 26 फील्ड ट्रेनरी का तीन दिवसीय प्रशिक्षण जिला पंचायत कार्यालय सारंगढ़ में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के अंतिम दिवस में कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ संजय कन्नौजे जिला जनगणना अधिकारी उमेश कुमार माहू, अतिरिक्त जनगणना अधिकारी संजय टोप्पो एवं जनगणना निदेशालय से जिले के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी शेष प्रसाद पंडा प्रशिक्षण स्थल पर उपस्थित रहे।
कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे ने इस अवसर पर कहा कि, जनगणना 2027 का कार्य दो चरणों में संपन्न किया जाना है, पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा, जो कि जिले में 01 मई से 30 मई 2026 के बीच पूरा किया जाएगा। द्वितीय चरण का कार्य अर्थात जनसंख्या गणना का कार्य फरवरी 2027 में किया जायेगा। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम में की जाएगी। इस महत्वपूर्ण कार्य को जिले के 1500 प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों द्वारा घर-घर जाकर संपादित करेंगे।
जिला स्तर पर आयोजित इस प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर सह व्याख्याता भरत लाल देवांगन और भगवान प्रसाद बसंत ने फील्ड ट्रेनरों को जनगणना की विस्तृत प्रक्रिया, डेटा संग्रहण के तरीके, तकनीकी उपयोग तथा सर्वेक्षण से संबंधित सभी आवश्यक बिंदुओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया है कि जनगणना के प्रथम चरण में कुल 34 प्रश्नों के माध्यम से मकानों से संबंधित विभिन्न जानकारियां एकत्रित की जाएगी। इसमें मकान की स्थिति, निर्माण सामग्री, उपलब्ध सुविधाएं जैसे टीवी, इंटरनेट, मोबाइल, वाहन आदि के साथ-साथ अन्य आधारभूत जानकारी शामिल रहेगी।
जनगणना की एकत्रित जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल शासकीय योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में किया जाएगा। प्रशिक्षण के उपरांत फील्ड ट्रेनर अपने-अपने क्षेत्र के प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे, जिसके बाद वे निर्धारित अवधि में घर जाकर जानकारी संकलित करेंगे। आगामी वर्ष फरवरी 2027 में जनगणना का दूसरा चरण आयोजित किया जाएगा, जिसमें जनसंख्या से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी।
गाताडीह में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा ‘प्याऊ घर’ का शुभारंभ
राहगीरों को मिलेगी गर्मी में राहत
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के जिला संघ सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा ग्राम गाताडीह में ‘ प्याऊ घर’ का विधिवत शुभारंभ किया गया।
भीषण गर्मी और तेज धूप को ध्यान में रखते हुए प्रारंभ की गई इस जनसेवा पहल के तहत एक माह तक निरंतर राहगीरों, श्रमिकों एवं आम नागरिकों को ठंडा एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इस ‘प्याऊ घर’ का मुख्य उद्देश्य गर्मी से राहत प्रदान करते हुए मानव सेवा के भाव को सशक्त करना है।
शुभारंभ अवसर पर स्काउट्स एवं गाइड्स के सदस्य, अधिकारीगण, शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए इसे समाजहित में एक प्रेरणादायी कदम बताया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य प्रशिक्षण आयुक्त (स्काउट) डॉ. पूनम सिंह साहू उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में तिलक जायसवाल ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर गांव के गणमान्य नागरिक सुग्रीव साहू सहित अन्य प्रतिष्ठित जन भी मौजूद रहे।
अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स संगठन सदैव सेवा, अनुशासन एवं समाज कल्याण के कार्यों में अग्रणी रहा है। ‘प्याऊ घर’ जैसी पहल मानवता की सेवा और जरूरतमंदों की सहायता का सशक्त उदाहरण है। भीषण गर्मी के बीच यह व्यवस्था राहगीरों के लिए राहत का केंद्र बन रही है, जहां स्वयंसेवक निष्ठा एवं समर्पण के साथ जल सेवा प्रदान कर रहे हैं तथा स्वच्छता एवं सहयोग का संदेश भी दे रहे हैं।
इस अवसर पर यह जानकारी भी दी गई कि यह जिले का प्रथम ‘प्याऊ घर’ है तथा भविष्य में जिले के सभी ब्लॉकों में इस प्रकार की सेवा शुरू करने की योजना है, जिससे अधिकाधिक लोगों को लाभ मिल सके।कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला संगठन आयुक्त (गाइड) धात्री नायक, जिला प्रशिक्षण आयुक्त (स्काउट) शंकर लाल साहू, कब प्रियांश साहू सहित समस्त स्काउट-गाइड दल का सराहनीय योगदान रहा।
यह पहल समाज में सेवा, सहयोग एवं मानवता के मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रेरणादायी प्रयास के रूप में सामने आई है।राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंग खालसा के निर्देशानुसार तथा राज्य सचिव बृजेश बाजपेई के मार्गदर्शन में, जिला मुख्य आयुक्त अजय गोपाल एवं जिला शिक्षा अधिकारी पदेन जिला आयुक्त जे आर डहरिया के मार्गदर्शन में यह कार्य किया जा रहा है।
गोरखनाथ को मिलेगा न्याय? आश्रम से निकाले गए वृद्ध दंपति ने लगाई न्याय की गुहार
सारंगढ़ । सारंगढ़ में एक वृद्ध दंपति को आश्रम से बाहर निकालने का मामला सामने आने के बाद सवाल खड़े हो गए हैं। गोरखनाथ नायक और उनकी पत्नी पद्मा ने जिला प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए पूरे मामले की जांच की अपील की है।
जानकारी के अनुसार, बरमकेला विकासखंड के खोरी गांव निवासी गोरखनाथ नायक अपनी पत्नी के साथ पारिवारिक प्रताड़ना से परेशान होकर घर छोड़ने को मजबूर हुए थे। उनका आरोप है कि उनका पुत्र नशे की लत के कारण उनके साथ मारपीट करता था। इसके बाद वे जनवरी 2026 में सारंगढ़ स्थित आशा निकेतन वृद्धाश्रम में रहने लगे थे।
गोरखनाथ का कहना है कि करीब दो महीने तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन 14 मार्च को अचानक आश्रम प्रबंधन ने उन्हें बाहर निकाल दिया। दंपति का आरोप है कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और बिना ठोस कारण बताए आश्रम से निकाल दिया गया।
आश्रम से निकाले जाने के बाद गोरखनाथ सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां से उन्हें अस्थायी रूप से सियान सदन भेज दिया गया। इसके बाद उन्होंने 16 मार्च को कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर न्याय की मांग की। साथ ही सिटी कोतवाली में भी आवेदन दिया है।
दंपति ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें किसी व्यक्ति द्वारा वाहन में बैठाकर घर छोड़ने के बहाने जंगल में छोड़ दिया गया, जो पूरे मामले को और गंभीर बना देता है।
17 मार्च को जनदर्शन में फिर से कलेक्टर के सामने पहुंचकर गोरखनाथ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि यदि आशा निकेतन एक सरकारी वृद्धाश्रम है, तो वहां से वृद्ध दंपति को बाहर क्यों किया गया और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था कहां थी। फिलहाल मामले में जांच की आवश्यकता बताई जा रही है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने मनाया जल उत्सव पखवाड़ा
सारंगढ़ - बिलाईगढ़ । अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सारंगढ़ के मंडी प्रांगण में महिला सशक्तिकरण को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं की सामाजिक भागीदारी, उनके अधिकारों तथा समाज के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे, सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, सत्ताधारी राजनीतिक जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता रमाशंकर कश्यप एवं सहायक अभियंता बी एल खरे मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सभी मुख्य अतिथियों ने बारी बारी से सभी का सम्बोधन किया। महिलाओं को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने और समाज के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया गया।
तत्पश्चात ग्राम पंचायत अमलीपाली 'ब' की महिला सरपंच रत्ना निरंजन पटेल, ग्राम पंचायत बटाऊपाली 'ब' की महिला सरपंच फूलबाई सिदार और ग्राम पंचायत बोइरडीह की महिला सरपंच दामेश्वरी साहू को सभी मुख्य अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनके अलावा स्वसहायता समूह, जल बहिनियों एवं समिति की महिला सदस्यों का भी प्रमाण पत्र देकर सम्मान किया गया। उपस्थित अतिथियों एवं अधिकारियों ने जल की बचत, वर्षा जल संचयन तथा पानी के समुचित उपयोग के प्रति सभी को जागरूक रहने का संदेश दिया, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके। इसके सफल होने के लिए सभी से जल शपथ भी ग्रहण करवाया गया।
इसके अतिरिक्त जिला समन्वयक खेमेश गबेल, आशीष गवेल, संतोष राठौर तथा केमिस्ट के पद पर कार्यरत दिनेश कुमार साहू की भी उपस्थिति रही।कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण के साथ- साथ पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता का भी संदेश दिया गया।
सारंगढ़ के होटल और दुकान में खाद्य सुरक्षा टीम ने की जांच
अत्यधिक रंग युक्त खाद्य पदार्थों से बचने की अपील
सारंगढ़ बिलाईगढ़,। होली एवं अन्य त्योहारों को देखते हुए ज़िले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने जाँच अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे के निर्देशानुसार विभिन्न मिठाई व किराना दुकानों और खाद्य विनिर्माण प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।
विभागीय टीम की ओर से सारंगढ़ के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया इस दौरान मिठाईयों और बेसन, सूजी और अन्य खाद्य सामग्री जैसे विभिन्न प्रकार के दालों के नमूने जाँच के लिए संग्रहित किए गए। कमी पाए जाने पर फर्म संचालकों को नोटिस दिया गया है तथा सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने उपभोक्ताओं से खुले और अत्यधिक रंग युक्त खाद्य पदार्थों से बचने की अपील की है। खाद्य सामग्री ख़रीदते समय उसके लेबल, निर्माण तिथि और उपयोग अवधि अवश्य जाँचने की सलाह दी गई है। किसी भी प्रकार की गुणवत्ता संबंधित शिकायत होने पर विभाग को सूचित करने का आग्रह किया गया है ताकि नियमानुसार कार्यवाही की जा सके। विभागीय टीम में अभिहित अधिकारी भारत भूषण पटेल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी शांतनु भट्टाचार्य और वरुण पटेल उपस्थित थे।
अब नलकूप खनन हेतु एसडीएम से लेना होगा लिखित अनुमति
बिना अनुमति बोर खनन 31 जुलाई तक प्रतिबंधित, कलेक्टर ने किया आदेश जारी
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जिले में ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ संजय कन्नौजे द्वारा छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (क्रमांक 3), 1987 की धारा 03 के तहत सारंगढ़ बिलाईगढ़ संपूर्ण जिले को 01 मार्च 2026 से 31 जुलाई 2026 तक जलाभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। इस अवधि में अधिनियम की धारा 06 के अंतर्गत सारंगढ़ बिलाईगढ जिले में सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई नया नलकूप (बोर) पेयजल अथवा पेयजल के अलावा किसी भी अन्य प्रयोजन के लिए खनन नहीं किया जा सकेगा, लेकिन शासकीय एजेंसी जैसे- लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को संपूर्ण जिले में तथा नगरपालिका परिषद एवं नगर पंचायतों को केवल पेयजल हेतु अपने नगरीय निकाय की सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में नलकूप खनन हेतु अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें केवल इस अवधि में खनन कराये गये नलकूपों की जानकारी प्राधिकृत अधिकारी को भेजना होगा।
नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप खनन हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से विधिवत अनुमति की आवश्यकता होगी।
जन सुविधा को ध्यान में रखते हुए अधिनियम की धारा 06 के अंतर्गत नलकूप खनन हेतु अनुमति प्रदान करने के लिए राजस्व अनुविभाग सारंगढ़ के तहत् आने वाला क्षेत्र के लिए अनुविभागीय अधिकारी (रा.), सारगढ़ और राजस्व अनुविभाग बिलाईगढ़ के तहत् आने वाला क्षेत्र के लिए अनुविभागीय अधिकारी (रा.) बिलाईगढ़ को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। ये अधिकारी अपने अपने कार्य क्षेत्र में छ.ग. पेयजल परिरक्षण अधिनियमों में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार नलकूप खनन आवश्यक होने पर अनुमति प्रदान करने की कार्यवाही करेंगे। यदि किसी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा इस अधिनियम के उल्लंघन में नलकूप खनन करना पाया जाता है तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।