छत्तीसगढ़ / सक्ति
जिले में 711.1 मि.मी.औसत वर्षा दर्ज
सक्ती, 09 अगस्त 2026
सक्ती जिले में 1 जून 2026 से 9 अगस्त 2026 तक 711.1 मि.मी.औसत वर्षा दर्ज की गई है। बीते 24 घंटे में जिले में 22.0 मिली मीटर औसत वर्षा हुई है। भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून 2026 से अब तक जिले के सक्ती तहसील में 605.0 मिली मीटर, जैजैपुर में 538.1, मालखरौदा में 840.9, डभरा में 734.0, नया बाराद्वार में 801.5, अड़भार में 692.8, हसौद में 644.8, चंद्रपुर में 817.7, एवं भोथिया में 724.9 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है। प्राप्त जानकारी अनुसार आज की स्थिति मे तहसील सक्ती में 5.6, मिली मीटर, जैजैपुर में 5.2, मालखरौदा में 37.0, डभरा में 44.4, नया बाराद्वार में 18.5, अड़भार में 19.4, हसौद में 32.5, चंद्रपुर में 15.9, एवं भोथिया में 19.2 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है।
कभी भी खोला जा सकता है मिनीमाता बांगो जलाशय का गेट, अलर्ट जारी
मिनीमाता बांगो जलाशय में जल भराव 89.55 प्रतिशत
सक्ती 09 अगस्त 2026
मिनीमाता बांगो जलाशय में बारिश के साथ ही जलभराव में वृद्धि हुई है। बांगो जलाशय के कार्यपालन अभियंता श्री एस.के.भारती से प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत दिवस तक की स्थिति में बांगो जलाशय में जलभराव 89.55 प्रतिशत है। जलाशय में पानी की आवक बढ़ने पर कभी भी मिनीमाता जलाशय का गेट खोलकर पानी बहाया जा सकता है।
बाढ़ क्षेत्र से परिसम्पतियां हटाने की सूचना जारी
वर्षाकाल 2026 के दौरान आवश्यकता होने पर मिनी माता बांगो बांध माचाडोली से हसदेव नदी में पानी प्रवाहित किया जायेगा। कार्यपालन अभियंता मिनीमाता हसदेव बांगो बांध संभाग क्रमांक 03 माचाडोली श्री एस.के.भारती ने सर्व साधारण एवं कार्य संबंधितों को सूचित किया है कि मिनीमाता बांगो जलाशय में बारिश के साथ ही जलभराव में वृद्धि हुई है। विगत दिवस तक की स्थिति में बांगो जलाशय में जल भराव मीटर 89.55 प्रतिशत है।
उक्त बांध से नीचे, हसदेव नदी के किनारे, बाढ़ क्षेत्र में स्थापित चल-अचल सम्पत्ति सुरक्षित स्थानों पर ले जायें। बाढ़ क्षेत्र में स्थापित खनिज खदान ठेकेदार, औद्योगिक इकाईयां, संस्थानों आदि को भी सूचित किया गया है कि वे अपनी परिसम्पत्तियों को बाढ़ क्षेत्र से बाहर कर लेवें। कार्यपालन अभियंता मिनीमाता बांगो बांध ने कहा है कि अकस्मात बाढ़ से होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति के लिए जल संसाधन विभाग उत्तरदायी नहीं होगा। कार्यपालन अभियंता मिनीमाता बांगो बांध ने बाढ़ क्षेत्र में आने वाले गांवों में बाढ़ चेतावनी की मुनादी करवाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
महतारी वंदन योजना से भुनेश्वरी ने संजोए अपनी बेटियों के सुनहरे भविष्य के सपने
सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर बनीं अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा
सक्ती, 5 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ उन्हें बचत और भविष्य की बेहतर योजना बनाने के लिए भी प्रेरित कर रही है। जिले के विकासखंड सक्ती के ग्राम जाजंग की निवासी श्रीमती भुनेश्वरी इसका प्रेरणादायक उदाहरण हैं। श्रीमती भुनेश्वरी बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली सहायता राशि ने उन्हें आर्थिक आत्मविश्वास दिया है। उन्होंने इस राशि का सुनियोजित उपयोग करते हुए अपनी दोनों बेटियों के नाम सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाया और उसमें नियमित रूप से राशि जमा करना शुरू किया। इसके साथ ही शेष बची राशि से वे अपना और अपने परिवार के लिए फल फुल खरीदकर बेहतर पोषण मे अपना आर्थिक सहयोग कर रही है।उनका मानना है कि छोटी-छोटी बचत भविष्य में बेटी की शिक्षा और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए मजबूत आर्थिक आधार बनेगी। वे बताती हैं कि योजना से प्राप्त राशि का एक हिस्सा बेटी के भविष्य के लिए सुरक्षित रखने के साथ-साथ शेष राशि का उपयोग बच्चों सहित परिवार का पोषण स्तर बढ़ाने और अन्य आवश्यक घरेलू जरूरतों में भी करती हैं। उन्होंने कहा कि इससे उनकी बेटियों का भविष्य अधिक सुरक्षित और बेहतर होगा। भुनेश्वरी की यह पहल दर्शाती है कि यदि सरकारी योजनाओं से मिलने वाली सहायता राशि का विवेकपूर्ण उपयोग किया जाए, तो वह केवल वर्तमान की जरूरतें ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य को भी मजबूत बना सकती है। उनकी सफलता की कहानी अन्य महिलाओं को भी बचत की आदत अपनाने और योजनाओं का लाभ लेकर अपने परिवार के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने की प्रेरणा दे रही है।
परंपरागत खेती छोड़कर शेडनेट हाउस से कर रहे बेहतर लाभ अर्जित
उद्यानिकी विभाग की आधुनिक तकनीक से बदली किसान की तकदीर
शेडनेट, जैविक खेती और कृषि विविधीकरण से बढ़ी आय, बने अन्य किसानों के लिए प्रेरणा
सक्ती, 05 अगस्त 2026
जिले के विकासखंड जैजैपुर के ग्राम ओड़ेकेरा निवासी किसान श्री दिगेश्वर प्रसाद आदित्य ने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी खेती को नई दिशा दी है। कभी लगातार आर्थिक नुकसान झेलने वाले दिगेश्वर प्रसाद आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं। श्री दिगेश्वर प्रसाद लंबे समय से पारंपरिक तरीके से सब्जियों की खेती करते थे। प्रतिकूल मौसम और बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव के कारण उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया। विभाग के अधिकारियों ने उन्हें शेडनेट तकनीक से खेती करने की सलाह दी। वर्ष 2024-25 में उन्होंने अपने एक एकड़ खेत में शेडनेट स्थापित कर आधुनिक तरीके से खेती शुरू की। इसका सकारात्मक परिणाम सामने आया और उनकी फसलों को प्रतिकूल मौसम से सुरक्षा मिली। इससे उनकी आय में भी धीरे-धीरे वृद्धि होने लगी। उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और शासकीय योजनाओं के तहत प्राप्त विभागीय अनुदान से प्रेरित होकर वर्ष 2025-26 में उन्होंने शेडनेट के भीतर उन्नत तरीके से खीरे की खेती की। वैज्ञानिक पद्धति से की गई खेती के कारण उन्हें खीरे की फसल से लगभग 2 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। खीरे की खेती में मिली सफलता के बाद श्री दिगेश्वर प्रसाद ने अपनी कृषि गतिविधियों का विस्तार किया। उन्होंने जैविक खेती को अपनाते हुए रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद का उपयोग शुरू किया। इससे उनकी फसलों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और बाजार में मांग भी बढ़ी। इसके साथ ही उन्होंने कृषि विविधीकरण को अपनाकर धान एवं विभिन्न सब्जियों की खेती के साथ मुर्गी पालन भी शुरू किया। एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाने से उनकी आय के अनेक स्रोत विकसित हुए और आज उनका परिवार आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बन चुका है। श्री दिगेश्वर प्रसाद आदित्य की यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि यदि किसान आधुनिक तकनीक, विभागीय मार्गदर्शन और शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर वैज्ञानिक खेती अपनाएं, तो कम समय में बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बना सकते हैं।
जिले में 619.7 मि.मी.औसत वर्षा दर्ज
सक्ती, 05 अगस्त 2026
सक्ती जिले में 1 जून 2026 से 5 अगस्त 2026 तक 619.7 मि.मी.औसत वर्षा दर्ज की गई है। बीते 24 घंटे में जिले में 14.1 मिली मीटर औसत वर्षा हुई है। भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून 2026 से अब तक जिले के सक्ती तहसील में 564.1 मिली मीटर, जैजैपुर में 452.9, मालखरौदा में 476.4, डभरा में 633.3, नया बाराद्वार में 697.8, अड़भार में 615.6, हसौद में 550.3, चंद्रपुर में 758.5, एवं भोथिया में 628.3 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है। प्राप्त जानकारी अनुसार आज की स्थिति मे तहसील सक्ती में 6.0 मिली मीटर, जैजैपुर में 4.8, मालखरौदा में 8.0, डभरा में 2.7, नया बाराद्वार में 42.8, अड़भार में 7.4, हसौद में 19.0, चंद्रपुर में 0 एवं भोथिया में 36.0 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है।
पे-डेटा भेजने के नाम पर 1 लाख की रिश्वत लेते प्रभारी सिविल सर्जन गिरफ्तार, ACB ने रंगे हाथ दबोचा
सक्ती । छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संतोष कुमार पटेल को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
आरोपी पर फार्मासिस्ट का पे-डेटा भेजने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा-7 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसीबी के अनुसार, फार्मासिस्ट ग्रेड-2 गंगा प्रसाद रत्नाकर ने बिलासपुर एसीबी यूनिट में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी मूल पदस्थापना सीएमएचओ कार्यालय, पोरथा (जिला सक्ती) में है, लेकिन फरवरी 2026 से वे जिला अस्पताल सक्ती में अटैचमेंट पर कार्यरत हैं।
आरोप है कि प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संतोष कुमार पटेल मई और जून 2026 का पे-डेटा तैयार कर सीएमएचओ कार्यालय नहीं भेज रहे थे और इसके बदले फरवरी से जून तक के पांच महीनों के लिए 20-20 हजार रुपये प्रति माह, यानी कुल एक लाख रुपये रिश्वत की मांग कर रहे थे।
शिकायत का सत्यापन करने पर आरोप सही पाए गए, जिसके बाद एसीबी बिलासपुर ने ट्रैप की योजना बनाई। आरोपी ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर अपने डभरा स्थित अस्थायी निवास पर बुलाया था। एसीबी टीम के निर्देश पर शिकायतकर्ता ने उन्हें डभरा कॉलेज मोड़ के पास मिलने के लिए कहा।
गुरुवार रात करीब 9 बजे डॉ. संतोष कुमार पटेल डभरा कॉलेज मोड़ पहुंचे और शिकायतकर्ता की स्कॉर्पियो में बैठकर जैसे ही एक लाख रुपये की रिश्वत ली, पहले से घात लगाए एसीबी अधिकारियों ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई।
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा-7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है
भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से रुकमणी पटेल के परिवार को मिला आर्थिक सहारा
सक्ती, 06 जुलाई 2026
राज्य शासन की जनकल्याणकारी भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। आर्थिक रूप से कमजोर एवं भूमिहीन परिवारों को सहायता प्रदान कर यह योजना उनके जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार कर रही है। विकासखंड सक्ती के ग्राम जेठा निवासी श्रीमती रुकमणी पटेल भी इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। उनके परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है तथा परिवार की आजीविका मुख्य रूप से मजदूरी पर निर्भर है। सीमित आय के कारण परिवार की आवश्यक जरूरतों और दैनिक खर्चों का प्रबंधन करना चुनौतीपूर्ण था। ऐसे समय में भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना उनके परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित हुई। योजना के अंतर्गत उन्हें प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। इस सहायता राशि का उपयोग वे घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति तथा अन्य जरूरी कार्यों में कर रही हैं, जिससे परिवार को काफी राहत मिली है। श्रीमती रुकमणी पटेल बताती हैं कि शासन की इस पहल ने उनके परिवार को आर्थिक मजबूती प्रदान की है। नियमित सहायता मिलने से उनकी चिंताएं कम हुई हैं और भविष्य के प्रति विश्वास बढ़ा है। उनका कहना है कि भूमिहीन परिवारों के लिए यह योजना अत्यंत उपयोगी है, जो जरूरत के समय संबल प्रदान करती है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उनके परिवार को नई उम्मीद, आत्मविश्वास और आर्थिक सुरक्षा मिली है।
कलेक्टर ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले समिति पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को किया सम्मानित
सहकारिता विभाग द्वारा सहकारी सप्ताह का सफल समापन, सहकार से समृद्धि अंतर्गत प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित
सक्ती, 06 जुलाई 2026
कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में सहकारिता विभाग, जिला सक्ती द्वारा 29 जून 2026 से 06 जुलाई 2026 तक जिले में सहकारी सप्ताह का आयोजन किया गया। सप्ताह भर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से "सहकार से समृद्धि" की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाने, सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने तथा किसानों, बुनकरों, मत्स्य पालकों एवं डेयरी क्षेत्र से जुड़े सदस्यों को सहकारिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो की उपस्थिति में सहकारी सप्ताह के समापन अवसर पर आज "सहकार से समृद्धि" अंतर्गत प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन कलेक्ट्रेट कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित किया गया। कार्यशाला में सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी, संस्था प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर, शाखा प्रबंधक, पर्यवेक्षक तथा विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में सहकारी संस्थाओं के प्रभावी संचालन, डिजिटलीकरण, पारदर्शिता, सुशासन तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के सफल क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही सहकारी क्षेत्र में नवाचार, सदस्य सेवाओं में सुधार तथा संस्थाओं को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाने संबंधी उपयोगी जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS), मत्स्य सहकारी समितियों, डेयरी सहकारी समितियों एवं बुनकर सहकारी समितियों को "सहकार प्रेरणा पुरस्कार" प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने सहकारी संस्थाओं द्वारा किसानों एवं ग्रामीण समुदाय के आर्थिक विकास में दिए जा रहे योगदान की सराहना करते हुए सभी संस्थाओं को नवाचार, पारदर्शिता एवं उत्कृष्ट कार्य संस्कृति अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य निष्पादन करने वाले प्रभारी संस्था प्रबंधकों, कंप्यूटर ऑपरेटरों, शाखा प्रबंधकों एवं पर्यवेक्षकों को भी प्रशस्ति प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्हें सहकारी संस्थाओं के प्रभावी संचालन, डिजिटल सेवाओं के विस्तार, सदस्य हितों के संरक्षण तथा शासन की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सहकारी सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों ने जिले में सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की। कार्यक्रम के माध्यम से सहकारी संस्थाओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहन तथा बेहतर कार्य संस्कृति विकसित करने का संदेश दिया गया। विभाग द्वारा भविष्य में भी सहकारी संस्थाओं को सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण, कार्यशालाओं एवं प्रोत्साहन कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा। इस अवसर पर सहकारिता अधिकारी, प्रभारी संस्था प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर, शाखा प्रबंधक, पर्यवेक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
आंगनबाड़ी सहायिका पद हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
सक्ती, 06 जुलाई 2026
महिला एवं बाल विकास विभाग जिला सक्ती से प्राप्त जानकारी अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र देवरमाल क्रमांक-01 में आंगनबाड़ी सहायिका का पद रिक्त होने के कारण नियुक्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित अवधि के दौरान ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया के लिए अभ्यर्थियों को 30 जून 2026 से 15 जुलाई 2026 तक वेबसाइटhttps//aww.e-Bharti.inपोर्टल पर जाकर आवश्यक दस्तावेजों की फाइल अपलोड करते हुए आवेदन कर सकते हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग जिला सक्ती से प्राप्त जानकारी अनुसार निर्धारित समय-सीमा के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर किसी प्रकार का विचार नहीं किया जाएगा। साथ ही आवेदन के समय आवश्यक दस्तावेजों की फाइल अपलोड नहीं किए जाने की स्थिति में आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया एवं अन्य जानकारी के लिए अभ्यर्थी कार्यालय एकीकृत बाल विकास परियोजना, सक्ती (रीपा भवन, लवसरा रोड, जेठा), जिला सक्ती से संपर्क कर सकते हैं।
अल-नीनो की संभावित स्थिति को देखते हुए किसानों के लिए महत्वपूर्ण कृषि सलाह जारी
खरीफ 2026 में मौसम की अनिश्चितता से निपटने के लिए कृषि विभाग ने जारी की सामान्य आकस्मिक कार्ययोजना
सक्ती, 06 जुलाई 2026
खरीफ वर्ष 2026 में अल-नीनो के संभावित प्रभाव के कारण मानसून के देर से आने, समय से पहले समाप्त होने तथा फसल अवधि के दौरान वर्षा में लंबे अंतराल (खण्ड वर्षा) की संभावना को ध्यान में रखते हुए किसानों को कृषि कार्यों की अग्रिम तैयारी करने की सलाह दी गई है। किसानों से कहा गया है कि वर्षा प्रारंभ होने से पूर्व खेतों एवं मेड़ों की सफाई कर लें तथा जुताई एवं अन्य आवश्यक भूमि तैयारी कार्य समय पर पूर्ण करें। साथ ही कम एवं मध्यम अवधि में पकने वाली फसलों एवं किस्मों का चयन करें, जिससे वर्षा की अनिश्चितता का प्रभाव कम किया जा सके।
कम वर्षा की संभावना को देखते हुए धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) विधि को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है। रोपा विधि की अपेक्षा डीएसआर में लगभग 20 प्रतिशत पानी की बचत होती है, उत्पादन लागत लगभग 5000 रुपये प्रति एकड़ कम आती है तथा फसल 12 से 15 दिन पहले पक जाती है। धान की खेती में उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए खेतों में मेड़बंदी करने पर विशेष जोर दिया गया है। उच्च भूमि वाले क्षेत्रों में किसानों को धान के स्थान पर दलहनी फसलें जैसे अरहर, मूंग एवं उड़द तथा तिलहनी फसलें जैसे मूंगफली, तिल, रामतिल एवं सोयाबीन की खेती अपनाने की सलाह दी गई है। फसलों की बुवाई कतार पद्धति से करने पर बल दिया गया है, जिससे खरपतवार नियंत्रण, पौधों की बेहतर वृद्धि एवं भूमि में नमी संरक्षण संभव हो सके। कतारों में बोई गई फसलों की जड़ें अधिक गहराई तक विकसित होती हैं, जिससे सूखे की स्थिति में भी फसल अपेक्षाकृत सुरक्षित रहती है।
खरपतवार नियंत्रण के लिए बुवाई के 3 से 5 दिन के भीतर अनुशंसित मात्रा में अंकुरण पूर्व खरपतवारनाशी दवाओं का उपयोग करने तथा 20 से 25 दिन बाद पुनः खरपतवार नियंत्रण उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। सभी फसलों के बीजों का बुवाई पूर्व उपचार करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। फफूंदनाशी के रूप में कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज तथा कीटनाशी के रूप में थायोमेथोक्साम या इमिडाक्लोप्रिड 1.5 मिली प्रति किलोग्राम बीज उपयोग करने की सलाह दी गई है। वहीं जैव उर्वरकों में धान हेतु एजोस्पिरिलम, अन्य फसलों हेतु एजोटोबैक्टर तथा दलहनी फसलों हेतु राइजोबियम (10 मि.ली. प्रति किलोग्राम बीज) के उपयोग की अनुशंसा की गई है। यदि बुवाई के पश्चात 15 जुलाई तक अंकुरण नहीं होता है तो पुनः बुवाई करने तथा सामान्य बीज दर की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक बीज उपयोग करने की सलाह दी गई है। किसानों से जुलाई माह के अंत तक मूंग एवं उड़द की बुवाई पूर्ण करने तथा अगस्त माह में तिल, सूरजमुखी एवं मध्यम अवधि वाली अरहर की बुवाई करने का आग्रह किया गया है। भूमि की नमी बनाए रखने और फसलों को सूखे के प्रभाव से बचाने के लिए मल्चिंग तकनीक अपनाने की सलाह दी गई है। साथ ही गांवों के नालों पर सीमेंट की बोरियों में रेत भरकर अस्थायी बाँध बनाने एवं वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। नालों, डबरियों, तालाबों, कुओं एवं अन्य जल संरचनाओं में वर्षा जल एकत्रित कर लंबे शुष्क अंतराल के दौरान जीवन रक्षक सिंचाई (लाइफ सेविंग इरिगेशन) के रूप में उपयोग करने की बात कही गई है। कम वर्षा की स्थिति में नत्रजन उर्वरकों का सीमित उपयोग करने तथा इसके स्थान पर 2 प्रतिशत यूरिया घोल के पर्णीय छिड़काव अथवा प्रति एकड़ दो बोतल नैनो यूरिया के उपयोग की सलाह दी गई है। दलहनी एवं तिलहनी फसलों में बुवाई के लगभग एक माह बाद 2 प्रतिशत डी.ए.पी. घोल का पर्णीय छिड़काव करने से पौधों की वृद्धि एवं उत्पादन क्षमता में सुधार होने की जानकारी दी गई है। किसानों को मौसम पूर्वानुमान के आधार पर कृषि कार्यों की योजना बनाने, उपलब्ध जल संसाधनों का समुचित उपयोग करने तथा ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया है। साथ ही फसल विविधीकरण अपनाकर जोखिम कम करने और एक ही फसल पर निर्भरता से बचने की सलाह दी गई है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि कृषि संबंधी किसी भी कठिनाई या समस्या के समाधान के लिए अपने निकटस्थ कृषि महाविद्यालय, अनुसंधान केन्द्र, कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त करें। अल-नीनो की संभावित परिस्थितियों में समय पर तैयारी और वैज्ञानिक कृषि प्रबंधन अपनाकर फसलों की सुरक्षा एवं उत्पादन को बेहतर बनाया जा सकता है।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान अंतर्गत जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक 07 जुलाई को
सक्ती, 06 जुलाई 2026
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान अंतर्गत जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार 07 जुलाई 2026 को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक कलेक्टोरेट सभा कक्ष में समय-सीमा की बैठक के पश्चात आयोजित की जाएगी। बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने संबंधित अधिकारियों एवं समिति के सदस्यों से निर्धारित समय पर बैठक में उपस्थित होने का आग्रह किया है।
महतारी वंदन योजना से लक्ष्मीन सिदार के जीवन में आई आर्थिक मजबूती
सक्ती, 01 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर परिवार की जिम्मेदारियों में सहभागी बनने का अवसर दे रही है। सक्ती जिले के ग्राम पंचायत जेठा निवासी श्रीमती लक्ष्मीन सिदार भी इस योजना से लाभान्वित होकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार का अनुभव कर रही हैं। श्रीमती लक्ष्मीन सिदार बताती हैं कि पहले घरेलू खर्चों और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता राशि ने उनके परिवार को आर्थिक राहत प्रदान की है। योजना की राशि नियमित रूप से उनके बैंक खाते में जमा हो रही है और अब तक उन्हें 28वीं किस्त प्राप्त हो चुकी है। वे प्राप्त राशि का उपयोग बच्चों की पालन पोषण तथा घर की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। इससे परिवार का आर्थिक बोझ कम हुआ है और बच्चों की पढ़ाई भी सुचारु रूप से जारी है। श्रीमती लक्ष्मीन सिदार का कहना है कि इस योजना ने उन्हें आर्थिक सहायता के साथ आत्मविश्वास भी दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए एक सशक्त सहारा बनकर उनके जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त कर रही है।
उत्कर्ष योजना के अंतर्गत कक्षा 6वीं प्रवेश प्रक्रिया स्थगित
सक्ती : उत्कर्ष योजना के अंतर्गत कक्षा 6वीं प्रवेश प्रक्रिया स्थगित
सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत 01 जून को बंदोरा में समाधान शिविर का होगा आयोजन
सक्ती : सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत 01 जून को बंदोरा में समाधान शिविर का होगा आयोजन
महिला एवं बाल विकास विभाग में सहायक ग्रेड-03 पद हेतु कौशल परीक्षा की तिथि घोषित
सक्ती : महिला एवं बाल विकास विभाग में सहायक ग्रेड-03 पद हेतु कौशल परीक्षा की तिथि घोषित
समाधान शिविर में बना आयुष्मान कार्ड, श्री लीलाराम कश्यप को मिली बड़ी राहत
सक्ती : समाधान शिविर में बना आयुष्मान कार्ड, श्री लीलाराम कश्यप को मिली बड़ी राहत
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए मल्दा में समाधान शिविर किया गया आयोजित
सक्ती : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए मल्दा में समाधान शिविर किया गया आयोजित