छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
बीज एवं खाद वितरण में बिलासपुर जिला अव्वल, 93% से अधिक बीज वितरण पूर्ण
किसानों को समय पर खाद बीज मिल जाने से खेती का काम जोर पकड़ा
बिलासपुर। खरीफ वर्ष 2025 के लिए जिले में किसानों को आवश्यक बीज एवं रासायनिक उर्वरक की उपलब्धता और वितरण की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि बीज वितरण कार्य लगभग पूर्णता की ओर है, जबकि उर्वरक खाद वितरण भी तेजी से चल रही है। किसानों ने समय पर खाद बीज मिलने पर खुशी जताई है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।
खरीफ सीजन 2025 के लिए जिले में अब 21,986 क्विंटल खरीफ फसलों के बीज वितरण का लक्ष्य है जिसके विरुद्ध 19464 क्विंटल बीज का सफल वितरण किया जा चुका है, जो कुल उपलब्ध बीज का 92.77 प्रतिशत होता है। प्रमुख फसल के रूप में सबसे अधिक धान 20,308 क्विंटल का वितरण हुआ है, जो इस फसल के कुल प्राप्त बीज का 93.25ः है। इसके साथ ही मक्का, उड़द, मूँग, सोयाबीन, मूँगफली जैसी फसलों के लिए भी बीज वितरित किया गया है। जिले के 114 कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से यह वितरण कार्य किया गया, जिसमें बेलगहना, मस्तूरी, सीपत, रतनपुर, तखतपुर, कोटा सहित अन्य क्षेत्रों की समितियां भी शामिल हैं। इस दौरान धान के अलावा अन्य फसलों के कुल 179 क्विंटल बीज का भंडारण रहा और 88 क्विंटल बीज वितरण किया गया।
जिले में किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से रासायनिक उर्वरक भी लगातार वितरित किए जा रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब तक जिले में 28,263 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया गया है जिसमें से 22,397 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। यह कुल प्राप्त उर्वरक का 80 प्रतिशत है।
किसानों ने खाद और बीज वितरण समय पर मिलने पर खुशी जताई और कहा कि समय पर खाद बीज मिलने से उनका खेती का काम आसानी से आगे बढ़ रहा है।मस्तूरी विकासखंड के ग्राम जैतपुरी की महिला किसान श्रीमती शीतला बाई केेंवट और किसान बिशालिक यादव ने बताया कि जैतपुरी सहकारी समिति के माध्यम से समय पर बीज और खाद मिल गया है जिससे उनका खेती किसानी का काम आसान हो गया है। किसानों ने इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।
उल्लेखनीय है किसानों को खाद और बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने कलेक्टर संजय अग्रवाल द्वारा रोजाना खाद बीज वितरण की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि किसानों को बिना किसी असुविधा के आवश्यक बीज और उर्वरक समय पर उपलब्ध हो और वितरण में किसी भी तरह की असुविधा न हों। दलदल के कारण यदि बड़ी गाड़ी के पहुंचने में दिक्कत हो रही हो तो ठेला अथवा छोटी गाड़ी में खाद का परिवहन करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा
मौसमी बीमारियों के प्रति रहें अलर्ट
बिलासपुर । कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज मस्तुरी ब्लॉक पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने आयुष्मान कार्ड की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में किसी प्रकार की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक नागरिक को समय पर और गुणवत्तापूर्ण सुविधा मिलना चाहिए। मौसमी बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया और जलजनित रोगों को लेकर अलर्ट रहने कहा। बैठक में सीईओ जिला पंचायत संदीप अग्रवाल, सहायक कलेक्टर अरविंथ कुमारन डी, एसडीएम प्रवेश पैकरा, सीएमएचओ शुभा गढ़ेवाल, डीपीएम प्यूली मजुमदार, सीईओ जनपद सहित मस्तुरी ब्लॉक के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
बैठक में कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई। मस्तुरी ब्लॉक 3 लाख 98 हजार 376 कार्ड बनने थे, जिसमें से 2 लाख 81 हजार 268 कार्ड ही बन पाये है। उन्होंने शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड अभियान चलाकर बनाने कहा। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना के लाभ से वंचित न रहे। कलेक्टर ने आयुष्मान भारत योजना के तहत व्यय वंदन कार्ड प्राथमिकता से बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मौसमी बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया और जलजनित रोगों के प्रति अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुपोषित करने के लिए जिले में पोठ लईका अभियान चलाया जा रहा है। हर आंगन बाड़ी केंद्र में हर शुक्रवार को पालक चौपाल आयोजित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग को इस पर एक साथ काम करने कहा। गर्भवती महिलाओं के पंजीयन से लेकर प्रसव तक उन्हंे स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तथा विभिन्न स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थागत प्रसव बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके लिए एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को लगातार फील्ड का दौरा करने, जमीनी स्थिति का मूल्यांकन करने और प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
तहसील कार्यालय, पीएचसी का औचक निरीक्षण -
कलेक्टर ने सीपत तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न शाखाओं में पहुंचकर राजस्व अभिलेखों की स्थिति, कर्मचारी उपस्थिति और नागरिकों को दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता की गहन समीक्षा की। यहां आए पक्षकारों श्रीमती साहिन बाई एवं पार्वती रात्रे सहित अन्य लोगों से चर्चा कर उनकी समस्याएं जानी। तहसीलदार को जल्द निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जनता को तहसील कार्यालय से जुड़ी सेवाओं में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता से काम करना चाहिए। कलेक्टर ने इस दौरान तहसील परिसर में पौधरोपण भी किया।
कलेक्टर ने इसी परिसर में बन रही नई तहसील बिल्डिंग का भी मुआयना किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी जायजा लिया। यहां कलेक्टर ने पूरे अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण किया। बताया गया कि यहां हर महीने 60 से 70 डिलीवरी होती है और प्रतिदिन 100 से ज्यादा ओपीडी होती है। कलेक्टर ने मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने कहा।
65 वर्षीय महिला के पेट से निकाला गया 10 किलो से अधिक वजन का ट्यूमर
बिलासपुर । जिले की कबीरधाम निवासी लक्ष्मी चौहान, जो पिछले दो वर्षों से पेट में सूजन और लगातार बढ़ती शारीरिक परेशानियों से जूझ रही थीं। उन्हें पिछले 10 दिनों से लगातार उल्टियां हो रही थीं और भोजन ग्रहण करने व मल-मूत्र त्याग में भी असमर्थता थी। परिजनों द्वारा उन्हें सिम्स लाया गया, सिम्स के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में भर्ती किया गया, सिम्स में उनकी जांच डॉ. नेहा सिंह के द्वारा की गई। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल भर्ती कर रक्त, मूत्र एवं सोनोग्राफी जांच की गई।
सोनोग्राफी रिपोर्ट में पेट में एक बड़ा ट्यूमर होने की पुष्टि हुई। डॉ. नेहा सिंह ने विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमन जोगी को मामले से अवगत कराया। मरीज की हालत की गंभीरता को देखते हुए डॉ. संगीता द्वारा मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. लखन सिंह एवं अधिष्ठाता डॉ. रामनेश मूर्ति से चर्चा कर जीवन रक्षक ऑपरेशन की सहमति प्राप्त की गई। सिम्स प्रबंधन द्वारा एक विशेषज्ञ टीम गठित की गई, जिसमें डॉ. संगीता रमन जोगी, डॉ. दीपिका सिंह, डॉ. रचना जैन, डॉ. अंजू गढ़वाल एवं निश्चेतना विभाग से डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. श्वेता, डॉ. प्राची, डॉ. आकांक्षा एवं नर्सिंग स्टाफ से ब्रदर अश्विनी शामिल थे।
टीम द्वारा की गई जटिल सर्जरी में मरीज के पेट से 10 किलो 660 ग्राम वजनी ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला गया। सर्जरी पूरी तरह सफल रही और फिलहाल मरीज की स्थिति पहले से बेहतर है। सिम्स प्रबंधन द्वारा डॉक्टरों की टीम को उनके समर्पण और तत्परता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया है। सिम्स के डाक्टरों के विशेषज्ञ टीम द्वारा जटिल सर्जरी कर 65 वर्षीय महिला के पेट से 10 किलो से अधिक वजन का ट्यूमर सफलता पूर्वक निकाला गया।
महादेवसाल मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए दपूमरे ने दिया 4 जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव
बिलासपुर । श्रावणी मेला में महादेवसाल मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के महादेवसाल स्टेशन पर 4 जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव दिया गया है। ये सुविधा 11 जुलाई से 9 अगस्त 2025 तक रहेगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु आसानी से मंदिर पहुंच सकें। रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इन ट्रेनों को महादेवसाल स्टेशन पर 2 मिनट के लिए रोका जाएगा।
जिन ट्रेनों को ठहराव दिया गया है, वो इस प्रकार हैं -13287/13288 दुर्ग-आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस, 18477/18478 पुरी-योगनगरी ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस, 18109/18110 टाटानगर-इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस तथा 18113/18114 टाटानगर-बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस।
रिश्वतखोरी-दुर्व्यवहार के आरोप में तहसीलदार एनके सिन्हा निलंबित
बिलासपुर। शिक्षक से रिश्वत मांगने और आम नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में सक्ती जिले के जैजैपुर तहसीलदार एनके सिन्हा को बिलासपुर संभाग आयुक्त सुनील कुमार जैन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कलेक्टर अमृत विकास तोपनो की अनुशंसा पर की गई है।
रिश्वत की मांग और दुर्व्यवहार का मामला
एनके सिन्हा पर आरोप है कि उन्होंने शिक्षक दिलीप चंद्रा से राजस्व प्रकरण के निराकरण के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। यह राशि तहसीलदार ने अपने ड्राइवर दुर्गेश सिदार के खाते में दो किस्तों में ट्रांसफर करवाई थी – 24 मार्च को 15,000 और 26 मार्च को 5,000 रुपये।
इसके बावजूद काम नहीं होने पर शिक्षक ने फिर से रकम की मांग को लेकर वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। भनक लगते ही तहसीलदार ने पुलिस बुलाकर शिक्षक पर झूठा केस बनाते हुए जेल भेज दिया। बाद में रिश्वत की बातचीत और दुर्व्यवहार का वीडियो वायरल हो गया, जिससे मामला तूल पकड़ गया।
वीडियो वायरल होते ही प्रशासन में हड़कंप
मामला सामने आने के बाद कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने 4 जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया। तहसीलदार ने 8 जुलाई को जवाब दिया, जो असंतोषजनक पाया गया। इसके बाद कलेक्टर ने रिपोर्ट संभागायुक्त को भेजी।
निलंबन आदेश
संभाग आयुक्त सुनील कुमार जैन ने तहसीलदार एनके सिन्हा के आचरण को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विरुद्ध मानते हुए, उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में सिन्हा का मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय सक्ती नियत किया गया है।
श्रमिक संघों की हड़ताल से एसईसीएल के कोयला उत्पादन पर नहीं
बिलासपुर। बुधवार को श्रमिक संगठनों द्वारा आहूत हड़ताल में एसईसीएल के कर्मचारियों की उपस्थिति प्रभावित रही किंतु इससे कोयला उत्पादन व ओबीआर जैसे महत्वपूर्ण कार्य संचालन अप्रभावित रहे । कर्मचारियों की उपस्थिति पहली पाली में लगभग 51 % वहीं दूसरी पाली में 47 % रही ।
दूसरी पाली में कंपनी के 20 में से 19 खुली खदानें पूर्णतया या अंशत: प्रभावित रूप में कार्य करने लगी थी । दूसरी पाली में भूमिगत खदानों में लगभग एक तिहाई खदानें सामान्य वहीं एक तिहाई अंशत: प्रभावित रूप से कार्य कर रही थी और इस प्रकार दूसरी पाली में भी UG माइंस में उपस्थिति ओसी की तुलना में कम रही ।
उत्पादन पर असर नहीं
पहली पाली में कंपनी ने 87,197 टन कोयले का उत्पादन किया जो कि मंगलवार के पहली पाली के उत्पादन (85,419) से अधिक था । ओबीआर का निष्कासन 181970 मिलियन क्यूबिक मीटर रहा जो कल पहली पाली के 1,32,433 MCuM से अधिक है ।
आधुनिकीकरण का काम शुरू होने से पहले टाटा-बिलासपुर-टाटा एक्सप्रेस रद्द
बिलासपुर । दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में गम्हरिया जंक्शन से आदित्यपुर सेक्शन के बीच ट्रैक रिलेइंग ट्रेन मशीन से आधुनिकीकरण का काम शुरू होने वाला है। यह काम 15 जुलाई से 4 अक्टूबर 2025 तक चलेगा, जिसकी वजह से कई पैसेंजर गाडिय़ों का परिचालन प्रभावित रहेगा।
रेल प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, इस दौरान कुछ ट्रेनें रद्द रहेंगी और कुछ को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। रद्द होने वाली गाडिय़ां:- 15, 19, 22, 26, 29 जुलाई और 2 अगस्त 2025 को 18113/18114 टाटा-बिलासपुर-टाटा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 12, 16, 19, 23 और 26 अगस्त 2025 को 18109/18110 टाटा-नेताजी सुभाष चंद्र बोस-टाटा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाडिय़ां:-18, 25 जुलाई और 1, 11, 18, 25 अगस्त 2025 को 18477 पुरी-योगनगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस कटक, सम्बलपुर सिटी, झारसुगुड़ा रोड और ईब होकर चलेगी। 14, 21, 28 जुलाई, 8, 15, 22, 29 अगस्त और 5, 12, 19, 26 सितंबर व 3 अक्टूबर 2025 को 18478 योगनगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस ईब, झारसुगुड़ा रोड, सम्बलपुर सिटी और कटक होकर जाएगी।
15, 22, 29 जुलाई 2025 को दुर्ग से चलने वाली 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस सिनी-काण्ड्रा जंक्शन होकर चलेगी। 18, 25 जुलाई और 1 अक्टूबर 2025 को आरा से चलने वाली 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस काण्ड्रा जंक्शन-सिनी होकर चलेगी।
दलदल के कारण बड़ी वाहन नहीं जा सकती तो छोटी गाड़ी में भेजें खाद
कलेक्टर ने टीएल बैठक में की खाद-बीज वितरण की समीक्षा
बिलासपुर । कलेक्टर संजय अग्रवाल ने टीएल बैठक में शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता वाली फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में खाद बीज सहित खेती किसानी से जुड़े गतिविधियों की जानकारी ली। पिछले दो-तीन दिनों में पर्याप्त बारिश होने के कारण किसान कृषि कार्यों में जोर-शोर से जुटे हुए हैं। उन्होंने किसानी का कोई काम ना रुके इसलिए दलदल मार्गों पर बड़े वाहनों आवाजाही बाधित होने पर छोटी गाड़ियों से खाद सोसाइटियों में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अफसरों को दो टूक कहा कि किसानों को खाद की उपलब्धता में कोई भी हीलाहवाला स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने चाहिए।
उन्होंने अतिवृष्टि के कारण हुए नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश सभी तहसीलदारों को दिए ताकि नियमानुसार तत्परता से राहत राशि स्वीकृत किया जा सके। भारी बारिश के कारण अस्पताल, स्कूल और आंगनबाड़ी के काम तो प्रभावित नहीं हुए है, उनकी स्थिति की भी जानकारी ली। कलेक्टर ने बैठक में डीम्ड की शासी निकाय में स्वीकृत कार्य योजना के अनुरूप कार्य प्रस्ताव भेजने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए। उन्होंने एग्रीस्टेक योजना में किसानों के पंजीयन में प्रगति नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। आयुष्मान कार्ड में भी जिला पिछड़ा हुआ है। अभी तक केवल 74 प्रतिशत के आसपास प्रगति हुई है। वर्तमान शिथिलता पर स्वास्थ्य विभाग को फटकारते हुए प्रतिदिन लगभग 5000 का लक्ष्य देते हुए इसकी पूर्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह जरूरी दस्तावेज है। हर आदमी के पास इसकी उपलब्धता होनी चाहिए। पहाड़ी व दूरस्थ एरिया वाले जिले में इसमें अच्छा काम हुआ है।
बिलासपुर जिले में प्रगति नहीं होने का कोई सवाल ही नहीं पैदा नहीं होता। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित आंगनबाड़ी केदो में बच्चों की कम उपस्थिति पर भी असंतोष जाहिर किया। विभागीय सुपरवाइजर को ज्यादा से ज्यादा दौरा कर निरीक्षण करने को कहा। कलेक्टर ने बैठक में सुशासन तिहार के लंबित मामलों की भी समीक्षा की। उन्हें जल्द पूर्ण करने को कहा है। कलेक्टर ने कहा कि जिन अधिकारियों कर्मचारियों के ट्रांसफर हुए हैं उन्हें तत्काल रिलीफ कर इसका पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। बैठक में अंतर विभागीय विषयों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने शासकीय सामानों की आपूर्ति अथवा ठेकेदार के भुगतान विलंब नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में कहा कि 22 हजार उपभोक्ता राशन कार्ड का उपयोग नहीं कर रहे हैं। इनका परीक्षण कराकर नियमानुसार निरस्तीकरण की कार्यवाही किया जाए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, एडीएम शिवकुमार बनर्जी सहित सभी विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
आईटीआई कोनी में अप्रेंटिसशिप मेला 14 को
बिलासपुर। आईटीआई कोनी के सीओई भवन मे 14 जुलाई को सवेरे 9.30 बजे से अप्रेंटिसशिप मेला का आयोजन किया जाएगा। जिले के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं से विद्युतकार, फिटर, मैकेनिक डीजल, मैकेनिक ट्रेक्टर, वेेल्डर, टर्नर, कोपा व्यवसाय के उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी अपने समस्त दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर इस मेले में भाग ले सकते है। अधिक जानकारी के लिए आदर्श आद्योगिक प्रशिक्षण संस्था कोनी बिलासपुर में कार्यालयीन समय पर संपर्क कर सकतें हैं।
जब्त मादक पदार्थाें का नष्टीकरण 10 जुलाई को
बिलासपुर । जिले की विभिन्न थानों में जब्त किये गये मादक पदार्थाें का नष्टीकरण 10 जुलाई को सवेरे 10 बजे किया जाएगा। नष्टीकरण की कार्यवाही मोहतराई स्थित सुधा बॉयो पॉवर लिमिटेड की भट्ठी में उक्त तिथि को किया जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नष्टीकरण के लिए गठित जिला स्तरीय औषधि व्ययन समिति के सदस्य एवं पंचान इस दौरान उपस्थित रहेंगे।
दस या अधिक श्रमिक रखने वाले दुकानों का श्रम विभाग में कराना होगा पंजीयन
14 अगस्त तक ऑनलाइन पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य
बिलासपुर । दस अथवा इससे अधिक श्रमिक व कर्मचारी नियोजित करने वाले दुकानों और संस्थाओं को श्रम विभाग में पंजीयन कराना अनिवार्य किया गया है। श्रम विभाग के पोर्टल में 14 अगस्त 2025 तक संबंधित दुकानदार को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इस तिथि के बाद पंजीयन करने पर विलंब शुल्क देना होगा।
सहायक श्रम आयुक्त श्रीमती ज्योति शर्मा ने बताया कि कार्यालय श्रमायुक्त, छत्तीसगढ़ से प्राप्त निर्देशानुसार छग दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा शतों) अधिनियम, 2017 तथा इसके अंतर्गत निर्मित छग दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा शर्तों का विनियम) नियम 2021 प्रदेश में दिनांक 13 फरवरी 2025 से प्रभावशील किया गया है। जिसके परिपालन में सभी दुकानों और स्थापनाओं को श्रम पहचान संख्या पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाना अनिवार्य है। छ०ग० दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 के अंतर्गत ऐसे पूर्व से पंजीकृत समस्त दुकान एवं स्थापनायें जिनमें 10 या 10 से अधिक श्रमिक अथवा कर्मचारी नियोजित हों को 6 माह के भीतर अर्थात् 14 अगस्त 2025 तक ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत किया जाकर दुकान एवं स्थापनाओं का पंजीयन कराया जाकर श्रम पहचान संख्या प्रमाण-पत्र प्राप्त करने पर निर्धारित शुल्क में छूट प्रदान की गई है।
अधिनियम के प्रभावशीलता के 6 माह अर्थात् 14 अगस्त 2025 के बाद निर्धारित शुल्क का 25 प्रतिशत विलंब शुल्क के साथ पंजीयन प्रमाण-पत्र सह श्रम पहचान संख्या प्रदाय किये जाने के निर्देश दिये गये है। इसी प्रकार कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 तथा कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 के अंतर्गत पंजीकृत दुकान एवं स्थापनाओं को इस अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत माना जावेगा, किन्तु उन्हे दिनांक 14 अगस्त 2025 के पूर्व श्रम पहचान संख्या प्राप्त करने हेतु श्रम विभाग के पोर्टल श्रमेव जयते डॉट सीजी डॉट जीओवी डॉट इन पर ऑनलाईन आवेदन करने पर कोई पंजीयन शुल्क देय नहीं होगा।
दलदल के कारण बड़ी वाहन नहीं जा सकती तो छोटी गाड़ी में भेजें खाद
कलेक्टर ने टीएल बैठक में की खाद-बीज वितरण की समीक्षा
बिलासपुर। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने टीएल बैठक में शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता वाली फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में खाद बीज सहित खेती किसानी से जुड़े गतिविधियों की जानकारी ली। पिछले दो-तीन दिनों में पर्याप्त बारिश होने के कारण किसान कृषि कार्यों में जोर-शोर से जुटे हुए हैं। उन्होंने किसानी का कोई काम ना रुके इसलिए दलदल मार्गों पर बड़े वाहनों आवाजाही बाधित होने पर छोटी गाड़ियों से खाद सोसाइटियों में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अफसरों को दो टूक कहा कि किसानों को खाद की उपलब्धता में कोई भी हीलाहवाला स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने चाहिए।
उन्होंने अतिवृष्टि के कारण हुए नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश सभी तहसीलदारों को दिए ताकि नियमानुसार तत्परता से राहत राशि स्वीकृत किया जा सके। भारी बारिश के कारण अस्पताल, स्कूल और आंगनबाड़ी के काम तो प्रभावित नहीं हुए है, उनकी स्थिति की भी जानकारी ली। कलेक्टर ने बैठक में डीम्ड की शासी निकाय में स्वीकृत कार्य योजना के अनुरूप कार्य प्रस्ताव भेजने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए। उन्होंने एग्रीस्टेक योजना में किसानों के पंजीयन में प्रगति नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। आयुष्मान कार्ड में भी जिला पिछड़ा हुआ है। अभी तक केवल 74 प्रतिशत के आसपास प्रगति हुई है। वर्तमान शिथिलता पर स्वास्थ्य विभाग को फटकारते हुए प्रतिदिन लगभग 5000 का लक्ष्य देते हुए इसकी पूर्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह जरूरी दस्तावेज है। हर आदमी के पास इसकी उपलब्धता होनी चाहिए। पहाड़ी व दूरस्थ एरिया वाले जिले में इसमें अच्छा काम हुआ है।
बिलासपुर जिले में प्रगति नहीं होने का कोई सवाल ही नहीं पैदा नहीं होता। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित आंगनबाड़ी केदो में बच्चों की कम उपस्थिति पर भी असंतोष जाहिर किया। विभागीय सुपरवाइजर को ज्यादा से ज्यादा दौरा कर निरीक्षण करने को कहा। कलेक्टर ने बैठक में सुशासन तिहार के लंबित मामलों की भी समीक्षा की। उन्हें जल्द पूर्ण करने को कहा है। कलेक्टर ने कहा कि जिन अधिकारियों कर्मचारियों के ट्रांसफर हुए हैं उन्हें तत्काल रिलीफ कर इसका पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। बैठक में अंतर विभागीय विषयों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने शासकीय सामानों की आपूर्ति अथवा ठेकेदार के भुगतान विलंब नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में कहा कि 22 हजार उपभोक्ता राशन कार्ड का उपयोग नहीं कर रहे हैं। इनका परीक्षण कराकर नियमानुसार निरस्तीकरण की कार्यवाही किया जाए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, एडीएम शिवकुमार बनर्जी सहित सभी विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं
अधिकारियों को समस्याओं का त्वरित निराकरण करने दिए निर्देश
बिलासपुर। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज साप्ताहिक जनदर्शन में दूर-दराज से आये लोगों की समस्याएं सुनी। कलेक्टर ने सभी की समस्याओं को इत्मीनान से सुना। निराकरण योग्य आवेदनों का मौके पर ही संबंधित अधिकारियों द्वारा निराकरण किया गया। साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों ने कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी निजी और सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन दिए। कलेक्टर ने त्वरित निराकरण के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए।
साप्ताहिक जनदर्शन में आज बोदरी तहसील के ग्राम पोड़ी निवासी वृद्ध रामसहाय दिवाकर ने आज कलेक्टर से मिलकर पेंशन राशि दिलाये जाने हेतु आवेदन दिया। 74 वर्षीय वृद्ध दिवाकर ने कहा कि मैं एक उम्रदराज व्यक्ति हूं तथा रोजी मजदूरी कार्य करने में असमर्थ हूँ। शासन के योजनांतर्गत प्राप्त होने वाली पेंशन राशि मुझे नहीं मिल रही है। ग्राम पंचायत सचिव के समक्ष भी पेंशन राशि के लिए आवेदन किया गया, किन्तु आज तक लाभ प्राप्त नहीं हुआ है। कलेक्टर ने जनपद पंचायत बिल्हा सीईओ को मामले को सौंपते हुए इसके निराकरण के निर्देश दिए। सीपत तहसील के ग्राम जांजी निवासी गरिमा सिंह ने शिक्षा सहायता राशि प्रदान करने हेतु आवेदन दिया। गरिमा ने बताया कि वर्तमान में वह अभी बीपीएड की पढ़ाई कर रही है।
पिता जी लकवाग्रस्त होने के कारण शारीरिक रूप से चलने-फिरने में असमर्थ है, जिससे पूरे परिवार का पालन-पोषण उनकी माता मजदूरी करके कर रही है। कलेक्टर ने आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को भेजते हुए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बिल्हा तहसील के ग्राम पत्थरखान निवासी मनोज पांडे ने खाद एवं दवा सोसाइटी से दिलाने की मांग की। उन्होंने बताया कि ग्राम पत्थरखान बिटकुली सोसाइटी के अंतर्गत 6 गांव आते हैं। उनमें से एक गांव पत्थरखान है। सोसाइटी से खाद और दवा मिल नहीं पा रही है। कलेक्टर ने डीएमओ को इस पर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत मस्तूरी निवासी मनहरण टण्डन ने कलेक्टर के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा आवास मित्र के विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई किये जाने की का निवेदन किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत उनके नाम पर आवास स्वीकृत हुआ है। आवास निर्माण के लिए शासन से आई हुई राशि को आवास मित्र के द्वारा आहरण कर लिया गया। बार-बार राशि मांगने पर भी वह देने से इंकार कर रहा है। कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को इस संबंध में आवश्यक जांच करने के निर्देश दिए है।
अरपा तीरे पेड़ लगाना पुनीत कार्य : डॉ सोमनाथ यादव
बिलासपुर। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के आव्हान पर पूरे प्रदेश में एक पेड़ मां के नाम पर वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम हुआ। प्रसन्नता है कि बिलासपुर में भी मां अरपा नदी के तीरे स्काउट्स, गाइड्स द्वारा वृक्षारोपण का पुनीत कार्य किया गया। उक्त उदगार भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव ने मुख्य अतिथि के आसंदी से व्यक्त की।
डॉ. सोमनाथ यादव ने कहा कि जिला संघ बिलासपुर द्वारा वृक्षारोपण समारोह को मां अरपा नदी के किनारे करना निहायत जरुरी था, आज नदी सुख रही है इसलिए नदी ,तालाबों के किनारों में वृक्षारोपण करना और बड़ा होने तक सुरक्षित रखना दोनों कार्य जरूरी है इससे एक ओर नदी, तालाबों में जल भरा रहेगा और छाया, फल के साथ ही वातावरण भी प्रदूषण मुक्त होगा।
इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष जिला मुख्य आयुक्त चंद्रप्रकाश बाजपेई और विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी डॉ अनिल तिवारी ने कहा कि स्काउट्स एवं गाइड्स आज प्रण करे कि अपने जन्म दिन पर एक पेड़ लगाए और उसे बड़ा होने तक सुरक्षित रखे। विशिष्ट अतिथि माध्यमिक शिक्षा मंडल के सदस्य डॉ प्रफुल्ल शर्मा, बिलासा कला मंच के अध्यक्ष महेश श्रीवास, डॉ सुधाकर बिबे, डा भगवती प्रसाद चंद्रा,चंद्रप्रदीप बाजपेई, मनीष गुप्ता,दिनेश्वर जाधव, एम डी मानिकपुरी, विनोद गुप्ता, देवानंद दुबे, विजय यादव, भूपेंद्र शर्मा, मंजू यादव, गायत्री तिवारी नवनीत कौशिक आदि ने भी स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा किए गए सेवा कार्य की भूरी भूरी प्रशंसा की।
राम सेतु और इंदिरा सेतु के मध्य अरपा नदी किनारे वृक्षारोपण समारोह में जिला संघ बिलासपुर के जिला सचिव लता यादव, माधुरी यादव, बीना यादव, संतोष त्रिपाठी, महेंद्र बाबू टंडन, डॉ. प्रदीप कुमार निर्णेजक, शत्रुहन सूर्यवंशी, नवीन यादव, अनिल सोनवानी, शमिता शर्मा, किरण बाला पांडे, डॉ. भारती दुबे, रश्मि तिवारी,डॉ.पूनम सिंह, बिलासा कला मंच के पदाधिकारीगण, विभिन्न स्कूलों के स्काउटर, गाइडर, रोवर लीडर, रेंजर रीडर के साथ भारी संख्या में स्काउट्स एवं गाइड्स शामिल हुए।
ईंट-गारे के सहारे लखपति दीदी बनने की राह पर बैगा महिलाएं
रानी मिस्त्री का ले रही प्रशिक्षण, बिहान योजना ने दिलाई नई पहचान
बिलासपुर। कोटा विकासखंड के ग्राम करई कछार में स्व सहायता समूह की दीदियों को आत्मनिर्भर बनाने की विशेष पहल की जा रही है जिसके तहत बैगा, बिरहोर जनजातीय समुदाय सहित 35 महिलाओं को रानी मिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाएं साधारण घरेलू महिला है। जिन्हें विशेष पहल के तहत गांव में ही रानी मिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर यह महिलाएं आत्मनिर्भरता के लिए अपनी राह बना रही है। महिलाओं ने गांव में ही प्रशिक्षण मिलने पर खुशी जताई और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया।
पीव्हीटीजी यानी विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए शासन द्वारा अनेक योजनाएं चलायी जा रही है। इसी क्रम में दूरस्थ गांव में रहने वाले बैगा, बिरहोर परिवार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की विशेष पहल की गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना से जुड़ी इन महिलाओं को जिला पंचायत द्वारा नया प्रयोग करते हुए रानी मिस्त्री के प्रशिक्षण की व्यवस्था गांव में ही की गई है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को पीएम आवास योजना के तहत बनाये जा रहे मकान में प्रशिक्षण देने की शुरूआत की गई है ताकि उन्हें फील्ड पर ही कार्य का बेहतर अनुभव मिल सके।
पीव्हीटीजी एक ऐसा समुदाय जिनकी आजीविका मुख्य रूप से मजदूरी या जंगल पर आधारित रही है। इनका जीवन संघर्षों से भरा होता है और इन्हें आय का कोई स्थायी साधन नहीं मिलता। इन परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए महिलाओं को लखपति दीदी योजना से भी जोड़ा जा रहा है ताकि इन समुदायों की आजीविका में वृद्धि हो सके। प्रशिक्षण प्राप्त कर रही श्रीमती तुलसी बैगा ने बताया कि यहां प्रशिक्षकों द्वारा उन्हें न केवल तकनीकी ज्ञान दिया जा रहा है बल्कि कार्य के लिए मानसिक रूप से भी तैयार किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के तहत हमे फील्ड पर जाकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनवाने का प्रायोगिक अभ्यास भी कराया गया। जिसमें ईंट जोड़ने से लेकर, माप-नाप, लेवलिंग, प्लास्टर, छज्जा बनाने तक के सारे पहलुओं को सिखाया गया।
तुलसी कहती हैं कि इस काम को सीखने के बाद उनकी कमाई बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले भर में हजारों स्वीकृत आवास का निर्माण किया जाएगा। इसी तरह करहीकछार की सिया बाई बैगा ने कहा कि गांव में ही प्रशिक्षण मिलने से उनकी बड़ी समस्या का समाधान हो गया। सिया बाई कहती है कि बिहान योजना से जुड़कर बैगा-बिरहोर परिवार की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आ रहा है। अब महिलाएं अपने पारम्परिक कामों से इतर अन्य काम करके भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार को सहयोग दे पा रही है। सिया बाई ने उम्मीद जताई कि रानी मिस्त्री का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें आवास निर्माण का काम मिलना शुरू हो जाएगा क्योंकि वर्तमान में पीएम आवास योजना के तहत आवास निर्माण बड़ी संख्या में हो रहे हैं जिसमें कुशल मिस्त्रियों की आवश्यकता होगी। प्रशिक्षण के बाद उनकी अच्छी कमाई हो सकेगी।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को समूह के माध्यम से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की विशेष पहल की जाती है। महिलाओं के निःशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था के साथ ही उन्हें विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाता है ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही लखपति दीदी बन सकें।
मोबाईल वेटनरी यूनिट से किया जा रहा पशुओं का उपचार
लाभ लेने टोल फ्री नंबर 1962 पर करें कॉल
बिलासपुर। जिले में पशु चिकित्सा विभाग अंतर्गत कुल 6 मोबाईल वेटनरी यूनिट (एमवीयू) की वाहनें संचालित है। जिसमें कॉल प्राप्त होने पर एमवीयू वाहन के पशु चिकित्सकों द्वारा स्थल पर पहुंच कर उपचार एवं पशु स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराने का कार्य किया जाता है। जिले में मोबाईल वेटनरी यूनिट वाहनों का संचालन प्रतिदिन सवेरे 8 बजे से शाम 4 बजे तक रहता है। टोल फ्री नंबर 1962 में कॉल करके मोबाईल वेटनरी यूनिट की सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है।
कलेक्टर-एसपी ने बाढ़ के हालात से लोगों को राहत दिलाने अधिकारियों की ली आपात बैठक
क्षति का सर्वे कर तत्काल राहत दिलाने के निर्देश
बिलासपुर । कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं एसएसपी रजनेश सिंह ने जिले में अतिवृष्टि एवं बाढ़ के हालात से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के लिए अधिकारियों की आपात बैठक ली। उन्होंने बैठक में बाढ़ पीड़ित लोगों की हरसंभव सहायता के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ एवं अतिवृष्टि से जो भी नुकसान हुआ है उनका सर्वे कर तत्काल आरबीसी 6-4 के तहत सहायता दिया जायेगा। कलेक्टर-एसपी ने कहा कि स्थिति में सुधार आने तक कोई भी अधिकारी कार्यालय में नहीं बैठेगा। टीम बनाकर अधिकारी बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों का संयुक्त दौरा करेंगे और लोगों को आपदा से निपटने में जरूरी मदद करेंगे। उन्होंने वीसी के जरिए अधिकारियों से जुड़कर एक-एक तहसील की मैदानी हालात की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि बाढ़ के हालात से निपटना एवं लोगों को राहत दिलाना फिलहाल प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि एक -डेढ़ माह के बराबर पानी पिछले दो-तीन दिन में बरस चुका है। उम्मीद से ज्यादा एकाएक ज्यादा पानी गिरने से कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है। लेकिन प्रशासन के हस्तक्षेप से स्थितियों में सुधार आया है। उन्होंने पूरा प्रशासनिक सिस्टम को बाढ़ से बचाव कार्य में झोंक दिए हैं। अग्रवाल ने नियमित दौरा कर संवेदनशील ग्रामों और निचले क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अफसरों से कहा कि प्रभावित लोगों के पास जाएं, उनकी तकलीफ सुने। यदि उनका मकान अतिवृष्टि से जर्जर या नष्ट हो गया है तो उन्हें नजदीक के स्कूल अथवा आंगनबाड़ी में ठहराएं। उनके खाने और पीने का इंतजाम किया जाये। आरबीसी 6-4 का प्रकरण बनाकर उन्हें तत्काल मुआवजा दिलाया जाए। बैठक में बताया गया कि बिल्हा के वार्ड 8 एवं 9, मस्तुरी के ईटवापाली, कोटा के तेन्दूभांठा,बांसाझाल, चपोरा, मोहदा, केंदाडांड, मोहदा, पचरा, टोनासागर सेमरा और तखतपुर के मनियारी नदी के किनारे कुछ गांव प्रभावित हुए है। बिलासपुर शहर में गोकने नाला के निचले क्षेत्र सहित गंगानगर, श्रीकांत वर्मा मार्ग, बंधवापारा, तोरवा एरिया में 8-10 स्थलों पर जलभराव की स्थिति बनी थी, जिसे कच्चे नाले बनाकर पानी बाहर निकाला गया है।
कलेक्टर ने लोगों के पानी में फंस जाने पर बचाव के लिए उपलब्ध संसाधनों की भी जानकारी ली। होमगार्डस ने बताया कि जिले में पांच नाव उपलब्ध हैं। दो टीम चौबीसों घण्टे तैयार रहती है। लाईफ जैकेट और अन्य ग्रामीण क्षेत्र में तैराकों की सूची बनाकर उनका भी सहयोग लिया जाये। मछुआरे इस कार्य में काफी मददगार हो सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों को बाढ़ की स्थिति एवं उनकी जागरूकता के लिए मुनादी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि अभी अच्छा मौका है । जल के प्राकृतिक बहाव में यदि कोई अड़चन आ रही है तो उसे तोड़ दिया जाए। लोक निर्माण एवं सिंचाई विभाग के इंजीनियर भी टीम के साथ दौरा करें। यदि पुल के ऊपर पानी बह रहा हो तो बैरिकेड लगाकर यातायात रोक दिया जाए। बेहतर होगा कि गांव में उपलब्ध ट्रेक्टर ट्राली अड़ाकर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया जाये। कलेक्टर-एसपी ने लोगों को पुल के ऊपर बहते पानी में पार नहीं करने की अपील भी की है। कलेक्टर ने कहा कि जीपीएम जिले में भारी बारिश के कारण अरपा भैंसाझार से और ज्यादा मात्रा में पानी छोड़ा जायेगा। अरपा नदी के किनारे लोगों को और सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के हालात से लोगों की जान और माल बचाना है। इसके लिए जो भी जरूरी उपाय मैदानी स्तर में करना है ,उसे करें। किसी बड़े अधिकारी के अनुमति का इंतजार किए बिना जनहित में निर्णय लिया जा सकता है। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को भी चेताया। उन्होंने कहा कि बरसात में दूषित पेयजल से डायरिया फैलने की संभावना बनी हुई है। लिहाजा मुस्तैदी से सभी प्रकार के दवाईयों की उपलब्धता रहे। इससे ज्यादा कोई मरीज अस्पताल में आता है तो तुरंत उसका इलाज शुरू किया जाना चाहिए। किसी तरह की औपचारिकता बाद में भी पूरी की जा सकती है।
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि प्रशासन एवं पुलिस की टीम आपसी तालमेल के साथ काम करते दिखने चाहिए। इससे समाज में अच्छा संदेश जाता है। बैठक के बाद जाकर अपने अनुविभाग में भी संयुक्त बैठक करें। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी नजर रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए। यदि कोई तथ्यहीन खबर की जानकारी आये तो तत्काल उसका खण्डन करते हुए सही जानकारी दिया जाये। पानी ज्यादा गिरने से लोग जलप्रपात और झरने का आनंद उठाने बड़ी संख्या मंे पहुंच जाते हैं, उन्हें वहां पर भी सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कानून-व्यवस्था को बनाये रखने के लिए भी जरूरी निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल,एडीएम शिवकुमार बनर्जी सहित पुलिस अधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एसडीएम, तहसीलदार, थानेदार आदि शामिल हुए।