छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
बिलासपुर पुलिस का अंतर्राज्यीय बसोर गिरोह पर प्रहार, 7 सदस्य गिरफ्तार
33 किलो चांदी और 125 ग्राम सोने के जेवर समेत 52 लाख का सामन जब्त
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में हाल ही में सोने-चांदी की दुकानों में हुई चोरी की घटनाओं के मामले में बिलासपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने शातिर 'अंतर्राज्यीय बसोर गिरोह' के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जो रायपुर, जांजगीर-चाम्पा, बालोद, बलौदा बाजार, अंबिकापुर और बिलासपुर जिले के सीपत व चकरभाठा में सक्रिय थे।
बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला और पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में, पुलिस ने घटना के बाद संदिग्धों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई अनुज कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ए.सी.सी.यू./ग्रामीण बिलासपुर और उनकी टीम द्वारा 7 दिन तक मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कैंप कर की गई।
जांच की प्रक्रिया:
घटना के बाद पुलिस की टीम ने 500 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच की और संदिग्धों के शरीर पर टैटू के निशान की पहचान की। बिलासपुर सायबर सेल टीम ने राज्य के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पहले हुई चोरी की घटनाओं के संबंध में प्राप्त तकनीकी और स्थानीय सूचना के आधार पर गिरोह की पहचान की।
आरोपियों का कबूलनामा:
पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने तपकरा जिला जशपुर में एक और ज्वेलरी शॉप में चोरी की योजना का खुलासा किया। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने बिलासपुर में चोरी की घटना के बाद चोरी का सामान अपने सहयोगियों को बेच दिया था।
इस महत्वपूर्ण सफलता के लिए पुलिस अधीक्षक बिलासपुर ने ए.सी.सी.यू. टीम, थाना सीपत और चकरभाठा पुलिस की प्रभावी कार्रवाई की सराहना की है। पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक द्वारा इस जटिल मामले को सुलझाने में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मियों को नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।
पुलिस द्वारा आरोपियों से प्रदेश में हुई अन्य चोरी की घटनाओं के बारे में विस्तृत पूछताछ की जा रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
गिरफ्तारी और बरामदगी:
33 किलो चांदी के जेवर, 125 ग्राम सोने के जेवर, 4 लाख रुपये नगद, 1 होंडा सिटी कार, 1 पल्सर मोटरसाइकिल, 6 मोबाइल फोन सहित कुल 52 लाख रुपये की संपत्ति बरामद।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बिलासपुर जिला चिकित्सालय के एनक्युएएस, लक्ष्य और मुस्कान सर्टिफिकेशन पर दी बधाई
कहा छत्तीसगढ़ सरकार लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने प्रतिबद्ध
रायपुर: उप मुख्यमंत्री तथा बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने बिलासपुर जिला चिकित्सालय को एनक्युएएस, लक्ष्य और मुस्कान सर्टिफिकेशन हासिल होने पर बधाई और शुभकामना दी है। उन्होंने आज यहां जारी अपने बधाई संदेश में कहा कि बिलासपुर जिला चिकित्सालय को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र (NQAS), प्रसूति सुविधाओं के लिए लक्ष्य (LaQshya) प्रमाण पत्र तथा नवजात एवं बाल रोग देखभाल के लिए मुस्कान (MusQan) प्रमाण पत्र जारी किए जाने पर मैं अस्पताल प्रबंधन और पूरे स्टॉफ को बधाई देता हूं। बिलासपुर जिला चिकित्सालय में पिछले सात-आठ महीनों में इलाज की व्यवस्थाएं बेहतर हुई हैं। मरीजों को वहां गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही अच्छी प्रसूति सुविधाएं तथा नवजात व बाल रोगों का बेहतर उपचार मिल रहा है, इसे भारत सरकार द्वारा जारी ये तीन गुणवत्ता प्रमाण पत्र रेखांकित कर रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अगुवाई में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बिलासपुर जिला अस्पताल में सभी विभागों में अच्छी से अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने राज्य शासन द्वारा अधोसंरचना मजबूत करने के साथ ही जांच व इलाज के लिए आधुनिक उपकरण एवं मशीनें, दवाईयां और मेडिकल स्टॉफ उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने जिला अस्पताल से जुड़े सभी लोगों को शुभकामना देते हुए उम्मीद जताई कि वे आगे भी अपनी उत्कृष्ट सेवाएं जारी रखेंगे और बिलासपुर जिले के लोगों को अच्छी चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेंगे।
कुत्तों का आतंक: 40 से ज्यादा लोगों पर हमला, निगम ने चलाया धरपकड़ अभियान
बिलासपुर। बिलासपुर में आवारा और पागल कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे शहरवासियों में दहशत का माहौल है। हाल ही में तोरवा क्षेत्र के देवरीखुर्द, ललखदान, सफेद खदान सहित अन्य इलाकों में पागल कुत्तों ने 8 मासूम बच्चों समेत 40 से अधिक लोगों को काटा है, जिसमें से तीन मासूमों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
दरअसल तोरवा क्षेत्र के देवरीखुर्द, ललखदान, सफेद खदान जैसे इलाकों में पागल कुत्ते की दहशत बनी हुई है। पागल कुत्तों ने 8 मासूमों समेत 40 से ज्यादा लोगो को काटा है। इनमें 3 मासूमों की हालत गंभीर है। सभी घायलों का सिम्स हॉस्पिटल और निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा हैं। वहीं पागल कुत्तों के काटने की लगातार मिल रही शिकायत को लेकर के नगर निगम धरपकड़ अभियान चलाकर शहरभर के आवारा कुत्तों को डॉग शेल्टर में शिफ्ट कर रही हैं।
सिम्स के अधीक्षक डॉ. एसके नायक ने बताया कि, लगातार कुत्तों के काटने के मामले सामने आ रहे हैं ऐसे में अस्पताल प्रबंधन भी पूरी तरह से सतर्क हो गया है। सीजनल रूप से डॉग बाइट के केस आते है। वर्तमान समय में भी हर उम्र के लोगो अपना इलाज कराने पहुंचे हैं। सिम्स में एंटी रेबीज के इंजेक्शन और अन्य आवश्यक दवाइयां उपलब्ध है। ऐसे समय में तत्काल उपचार किया जा रहा है। फिलहाल केस बढ़े है, जिसे लेकर अस्पताल प्रबंधन अलर्ट है।
अवैध रूप से शराब बिक्री करने वालों पर पुलिस का प्रहार
बिलासपुर। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह भापुसे के निर्देशानुसार व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्चना झा एवं उप पुलिस अधीक्षक उदयन बेहार के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जा रही हैं इसी क्रम में अवैध रूप से शराब बिक्री करने की सूचना प्राप्त होने पर पुसकें मल्हार प्रभारी उप निरीक्षक भावेश शेन्डे के द्वारा कार्यवाही करने हेतु तत्काल टीम गठित किया गया पतासाजी हेतु अलग अलग स्थानों पर मुखबिर तैनात किया गया था इसी कड़ी में जरिये मुखबिर के माध्यम से सूचना मिला की ग्राम विद्याडीह में शिवराज जायसवाल नामक व्यक्ति अवैध रूप से शराब बिक्री कर रहा है मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्यवाही हेतु पुसकें प्रभारी उप निरीक्षक भावेश शेन्डे टीम के साथ मौके पर रवाना होकर ग्राम विद्याडीह में आरोपी के घर के पास पहुंचने पर पुलिस को देखकर कुछ व्यक्ति खेत जंगल की ओर भाग गये अवैध रूप से शराब बिक्री कर रहे व्यक्ति को घेराबंदी कर पकडकर पूछताछ करने पर अपना नाम शिवराज जायसवाल पिता रामायाण जायसवाल उम्र 38 साल साकिन ग्राम विद्याडीह मल्हार थाना मस्तूरी जिला बिलासपुर छ.ग.का रहने वाले बताया उसके कब्जे में रखे एक सफेद रंग के प्लास्टिक के बोरी की तलाशी लेने पर बोरी में रखा हुआ छोटा पॉलिथिन का पाउच 54 नग हाथ भट्ठी का तैयार किया हुआ महुआ शराब जुमला कीमती 5400 रू व उसके पेंट के दाहिना जेब से नगदी बिकी रकम 300 रु मिलने पर आरोपी को शराब रखने बिक्री करने के संबंध में वैध कागजात पेश करने हेतु नोटिस तामिल किया गया जिसके जवाब में उसके द्वारा कोई वैध कागजात /लाईसेंस पेश नहीं करने पर महुवा शराब 8.964 लीटर कीमती 5400 रु व बिक्री रकम 300 रु जुमला कीमती 5700 रू को जप्त कर आरोपी शिवराज जायसवाल को विधिवत दिनांक 08.09.2024 के 12/00 गिरफतार कर गिरफतारी की सूचना परिजनो को देकर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
जब्ती-कुल 8.964 लीटर हाथ भट्ठी का तैयार किया हुआ महुआ शराब व नगदी बिकी रकम 300 रु कुल जुमला कीमती 5700 रू
नाम आरोपी-शिवराज जायसवाल पिता रामायाण जायसवाल उम्र 38 साल साकिन ग्राम विद्याडीह मल्हार थाना मस्तूरी जिला बिलासपुर छ.ग.
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना : रामगोपाल को अपना आसियाना बनाने में मिली मदद
रायपुर : बिलासपुर जिले के सीपत में रहने वाले रामगोपाल धीवर और उनके परिवार पर मौसम की अनिश्चितताओं का गहरा असर होता था। भीषण गर्मी के बाद मानसून और कड़ाके की सर्दी में कच्चे घर में रहना और जीना दूभर कर देती थी। जब 53 वर्षीय रामगोपाल एक निर्माण मजदूर के रूप में ईंटें बिछाते हैं और स्तंभों, नींव और बीम को मजबूत करते हैं, तो उनके मन में अपना खुद का घर बनाने का सपना भी होता है। कई सालों की बचत के बाद एक दिन रामगोपाल ने श्रम संसाधन केंद्र से संपर्क किया और अपने परिवार की जीवन स्थिति को बेहतर बनाने के लिए योजनाओं के बारे में पूछा। उन्होंने अपने परिवार के लिए एक सभ्य जीवन स्थिति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने का दृढ़ संकल्प किया।
रामगोपाल को श्रम संसाधन केंद्र (एलआरसी) में मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के बारे में पता चला-एक सरकारी योजना जिसका उद्देश्य उनके जैसे मजदूरों को आवास सहायता प्रदान करना है। उन्होंने पाया कि यह कार्यक्रम उनके जैसे परिवारों के उत्थान के लिए था। जब रामगोपाल ने इस योजना के लिए आवेदन किया, तो वे आशंकित थे, लेकिन साथ ही आशा से भरे भी थे। अगर यह योजना साकार होती, तो यह न केवल उनकी तत्काल आवास आवश्यकताओं को पूरा करती, बल्कि उन्हें सशक्तिकरण और सुरक्षा की भावना भी प्रदान करती।
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास पक्के घर के साथ, वह और उनका परिवार चुनौतियों का सामना करने और प्रतिकूल परिस्थितियों से उबरने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे। यही कारण है कि मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक सहायता योजना जैसी पहल के माध्यम से पर्याप्त संस्थागत, कानूनी और प्रशासनिक वास्तुकला का प्रावधान महत्वपूर्ण है। रामगोपाल जैसे व्यक्तियों के लिए एक सहायक ढांचा तैयार करके, सामाजिक सुरक्षा प्रणालियाँ हाशिए पर रहने वाली आबादी के सामने आने वाले जोखिमों और कमजोरियों को प्रभावी ढंग से कम कर सकती हैं। जब रामगोपाल का आवेदन स्वीकृत हुआ, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्हें अपने परिवार के लिए एक पक्का घर बनाने के लिए एक लाख रुपये की पर्याप्त राशि मिली। रामगोपाल के जीवन भर के संघर्ष को तब और गहरा अर्थ मिला जब उनकी बहू ने सुरक्षित वातावरण में रहने के अवसर के लिए खुशी और श्री विष्णु देव सरकार का आभार व्यक्त किया।
खाद्य मंत्री श्री बघेल ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 3.50 करोड़ रूपये के ऋण स्वीकृति का चेक वितरित किया
रायपुर : खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेल आज छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक द्वारा नगर पंचायत नांदघाट में आयोजित स्व-सहायता समूह के ऋण स्वीकृति कैंप में शामिल होने। उन्होंने इस मौके पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन( बिहान) के तहत गठित स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 3.50 करोड़ रूपए के ऋण स्वीकृति का चेक वितरण किया।
मंत्री श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए तत्पर है। महिलाओं के लिए राज्य सरकार विभिन्न योजनाएं संचालित कर लाभान्वित कर रही है। प्रदेश के 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रत्येक माह एक-एक हजार रूपए की राशि महतारी वंदन योजना से प्रदान की जा रही है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के द्वारा महिलाओं को दिए गए लोन की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को आजीविका संवर्धन को बढ़ाने में मदद मिलेगी और महिलाएं स्वयं की व्यासायिक गतिविधियों से आर्थिक रूप से सशक्त होंगे।
कारा और बाइक की टक्कर से बुजुर्ग मौत
तखतपुर। कार और बाइक में जोरदात भिड़ंत से बाइक सवार अधेड़ की मौके पर ही मौत हो गई. एक को गंभीर चोट आई है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मृत व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई है. पुलिस मृतक की शिनाख्ती में जुटी है. यह हादसा तखतपुर थाना क्षेत्र के बिलासपुर मुंगेली राष्ट्रीय राजमार्ग के पेंड्री बाईपास में हुआ।
जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में बैलेंस बिगड़ने से कार सड़क किनारे खेत में जा घुसा. इससे कार सवार महिला और बच्चे को भी हल्की चोट आई है. घायल व्यक्ति को राहगीरों ने अपने साधन से इलाज के लिए अस्पताल भेजा. वहीं घटना की सूचना पर तखतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मर्च्युरी भेजकर मामले की जांच में जुटी है।
प्रतिवर्ष भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर इस महाउत्सव में शामिल होते हैं
बिलासपुर । सावन का महीना भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के लिए समर्पित होता है। सावन का महीना भोलेनाथ को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद पाने के लिए उत्तम माना गया है।
बिलासपुरवासी प्रतिवर्ष भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर इस महाउत्सव में शामिल होते हैं। इस साल 22 जुलाई को पहला सावन सोमवार मनाया जाएगा।
शिव मंदिर शंकर नगर के पुजारी पंडित रमेश तिवारी का कहना है कि 22 जुलाई से सावन का पहला सोमवार मनाया जाएगा। सावन का समापन 19 अगस्त को होगा।
इस साल चार के बजाए पांच सावन सोमवार होंगे। बिलासपुर के प्रसिद्ध शिवालयों में सावन के दौरान भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। शिव भक्त विशेष रूप से बिलासपुर के शिवालयों में जाकर पूजा-अर्चना करेंगे। यहां भक्तों के लिए विशेष आयोजन किए जाएंगे, जिसमें भजन-कीर्तन और रुद्राभिषेक शामिल हैं।
प्रमुख शिव मंदिर, जहां पहुंचेंगे भक्त
देवरानी-जेठानी (रुद्र-शिव) मंदिर, तालागांव,बूढ़ा महादेव, रतनपुर. पातालेश्वर महादेव, मल्हार,चांटीडीह शिव मंदिर, अष्टमुखी शिव मंदिर, मध्यनगरी
स्कूली छात्र ने फांसी लगाकर दी जान...
बिलासपुर । बिलासपुर में रेलवे ऑफिसर्स कॉलोनी में रहने वाले ADRM के बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब स्कूल जाने के लिए मां उठाने के लिए पहुंची तो कमरे में बेटे की लाश फंदे से लटकती मिली। मां के मुताबिक रात में खाने के बाद वो सोने चला गया था। युवल कुमार (16) जैन इंटरनेशनल स्कूल में ग्यारहवीं में पढ़ता था। सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रेलवे में पदस्थ ADRM श्यामसुंदर वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर हैं। गुरुवार की रात घर पर पत्नी और दो बेटे थे। पति श्यामसुंदर घर पर नहीं थे, ऑफिस के काम से शहर से बाहर थे। दोनों बेटों में युवल सबसे बड़ा बेटा था।
पुलिस के मुताबिक घटना के बाद माता-पिता सदमे में है। इसलिए उनसे ज्यादा पूछताछ नहीं हो पाई। मां बिलख-बिलखकर रो रही है। वहीं, पिता ज्यादा कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है। पुलिस ने शव का पंचनामा और पोस्टमॉर्टम के बाद उसे परिजन को सौंप दिया। बाद में उनका बयान दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी।
भिक्षावृति अधिनियम को असंवैधानिक घोषित करने की मांग, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है, जहां एक अधिवक्ता ने जनहित याचिका (पीआईएल) दायर कर प्रदेश में लागू भिक्षावृत्ति निवारण अधिनियम को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है। खास बात यह है कि याचिकाकर्ता अधिवक्ता अमन सक्सेना स्वयं इस याचिका पर डिवीजन बेंच के समक्ष पैरवी कर रहे हैं। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने इस याचिका को गंभीरता से लिया है और राज्य सरकार से विभिन्न मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा है।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने राज्य शासन से पूछा है कि प्रदेश में ऐसे डिटेंशन सेंटर काम कर रहे हैं। सेंटरों की क्या स्थिति है। अब तक अधिनियम के तहत क्या कार्रवाई की गई है। शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच में जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अधिवक्ता अमन सक्सेना ने अपने मामले की पैरवी करते हुए कहा कि राज्य में लागू भिक्षावृति निवारण अधिनियम को असंवैधानिक घोषित करने की आवश्यकता है। अधिवक्ता की इस मांग पर चीफ जस्टिस ने पूछा कि क्या प्रदेश में इस एक्ट का दुरुपयोग किया जा रहा है। अगर ऐसी स्थिति है तो गंभीर बात है।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता ने सीजे के इस सवाल के जवाब में कहा इस एक्ट में जिस तरह की शर्तें, नियम व मापदंड तय किए गए हैं इससे इस बात की आशंका हमेशा बनी रहेगी कि इस एक्ट का दुरुपयोग कभी भी और कहीं भी हो सकता है। अधिवक्ता ने कहा कि एक्ट का दुरुपयोग होगा इसलिए यह असंवैधानिक नहीं होगा। अगर एक्ट की गलत स्वरूप में बनाया गया है तो इसे असंवैधानिक कहा जा सकता है।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता अमन सक्सेना ने डिवीजन बेंच को केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री द्वारा संसद में देशभर के राज्यों के पेश किए गए आंकड़े की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री ने वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर छत्तीसगढ़ 8 हजार भिक्षुओं के रहने का उल्लेख किया गया था। अधिवक्ता ने कहा कि 2011 के बाद देश में जनगणना की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो पाई है इसलिए यह माना जाना चाहिए कि प्रदेश में भिक्षुओं की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता द्वारा दी गई जानकारी के बाद चीफ जस्टिस सिन्हा ने राज्य शासन की ओर से पैरवी कर रहे महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारी से भारत सरकार, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत किए गए डेटा के बारे में कोर्ट को सूचित करने का निर्देश दिया है। इसके लिए राज्य शासन को दो सप्ताह का समय दिया है। चीफ जस्टिस ने कहा कि शपथ पत्र के साथ यह भी जानकारी उपलब्ध कराएं कि प्रदेश में कितने डिटेंशन सेंटर संचालित किया जा रहा है और वर्तमान में क्या स्थिति है।
पुलिस किसी भी व्यक्ति को संदेह में कर सकती है डिटेन
जनहित याचिका में अधिवक्ता ने कहा कि प्रदेश में यह अधिनियम भिक्षा को अपराध की श्रेणी में मानता है। गरीब लोग जिनके पास दो वक्त की रोटी नहीं है, अगर वे पेट भरने के लिए भीख मांगते हैं तो उनको भी अधिनियम के दायरे में लाकर मुजरिम बनाया जा सकता है। आशंका इस बात की भी प्रबल है कि इस विधान के तहत पुलिस किसी भी व्यक्ति को संदेह के आधार पर डिटेन कर डिटेंशन सेंटर के हवाले कर सकती है। याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश में 1973 मे पारित इस विधान को छत्तीसगढ सरकार ने इसी स्वरुप में ही स्वीकार कर लिया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश एक अभियान ऐसा भी
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चौक-चौराहों पर भीख मांगने वालों की पहचान कर व्यवस्थापन का अभियान चला रहा है। बच्चों को स्कूल में एडमिशन कराने के अलावा पुरुष व महिलाओं को काम दिलाया जा रहा है। अन्य प्रदेशों से आए ऐसे लोगों की पहचान कर वापस भेजने का काम भी किया जा रहा है।
हर चौक-चौराहे पर भिखारी
चौक-चौराहों पर लगे सिग्नल रेड हुआ नहीं कि ये पहुंच जाते हैं। अगर आप कार के भीतर बैठे हैं और इसे नजर अंदाज कर रहे हैं तो ये खिड़की खटखटाकर आपसे भिख मांगेंगे। छत्तीसगढ़ के बाहर से बड़ी संख्या में प्रदेश में माइग्रेट होकर आए ये लोग बच्चों के साथ नजर आते हैं। आशंका इस बात की भी है कि कहीं संगठित गिरोह के चंगुल में तो ये नहीं फंसे हैं। विवशता के चलते भिखारी तो नहीं बन गए और राहगीरों के सामने हाथ फैला रहे हैं। मामला जो भी है,गंभीर है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में पीआईएल पर सुनवाई हो रही है।
शासन की योजनाओं की जानकारी देने प्रशासन पहुंच रहा आपके द्वार: विधायक शुक्ला
बिलासपुर। जिला स्तरीय समस्या निवारण शिविर आज बिल्हा ब्लॉक के ग्राम पंचायत लखराम में आयोजित किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के तौर पर बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला मौजूद थे। कार्यक्रम में जनपद सदस्य दिलेश्वर साहू, सरपंच श्रीमती बबीता वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर अवनीश शरण, सीईओ जिला पंचायत आर पी चौहान, एडीएम आर ए कुरुवंशी मौजूद थे। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी गई। शिविर में 318 आवेदन मिले जिसमें से मौके पर ही 197 आवेदनों का निराकरण किया गया।
बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि शासन की मंशा अनुरूप जिला प्रशासन जनसमस्या निवारण शिविर के जरिए ग्रामीणों तक पहुंचकर समस्याओं का निराकरण कर रहा है। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही लाभान्वित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिविर में जिला स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित रहते हैं, जो अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही समस्याओं का समाधान भी करते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण में शामिल होकर अपनी समस्याओं का निराकरण कराने का आग्रह किया।
कलेक्टर अवनीश शरण ने कहा कि लोगों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है।
शिविर में जिला स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित हैं। विभागों द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के साथ स्टॉल लगाए गए हैं। उन्होंने नागरिकों से सभी स्टॉल का अवलोकन करने कहा और पात्र होने पर योजनाओं का लाभ लेने कहा। कलेक्टर ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित हुए हितग्राही
शिविर में श्रम विभाग द्वारा 12 हितग्राही, कृषि विभाग द्वारा 9 हितग्राहियों को किसान क्रेडिट कार्ड सहित अन्य उपकरण, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 15 हितग्राहियों को आयुष्मानकार्ड, खाद्य विभाग द्वारा 3 हितग्राहियों को राशन कार्ड, स्कूली बच्चों को गणवेश वितरण, समाज कल्याण विभाग द्वारा 2 हितग्राहियों को स्टीक, वॉकर और हियरिंग मशीन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 5 हितग्राही, सहकारिता विभाग द्वारा 4 एवं राजस्व विभाग द्वारा 12 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। उद्यानिकी विभाग द्वारा हितग्राहियों पौधों का वितरण किया गया। शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 6 नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन्न कराया गया।
जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में टीबी, शुगर, खून जांच ब्लड प्रेशर जांच कर निःशुल्क दवाईयों का वितरण किया गया। आयुर्वेद विभाग के स्टॉल में आयुर्वेद दवाईयों का वितरण किया गया। शिविर में जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग में शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
इसी तरह आधार नवीनीकरण एवं पंजीयन कराया गया। जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, उद्यानिकी विभाग, खाद्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, समाज कल्याण विभाग, क्रेडा, विद्युत, पशु चिकित्सा, उद्योग, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पुलिस, श्रम विभाग, सहित अन्य विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर जनसामान्य को शासकीय योजनाओं की जानकारी और लाभान्वित किया। शिविर में अतिथियों द्वारा एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधे भी लगाए गए। लखराम सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में शिविर का लाभ उठाया।
माननीय उच्चतम न्यायालय के तीन न्यायाधिपतियों की उपस्थिति में छत्तीसगढ उच्च न्यायालय में राज्य स्तरीय कान्फ्रेंस का आयोजन
जिला न्यायापालिका को सशक्त बनाने तथा सिविल व आपराधिक विधि पर किया गया मंथन
एक सशक्त व निडर जिला न्यायपालिका ही लोगों के अधिकारों की रक्षा करने में और न्याय प्रदान करने में सक्षम होगी - न्यायाधिपति श्री न्यायमूर्ति सूर्यकान्त
डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स आफ छत्तीसगढ़ पुस्तक का माननीय न्यायमूर्तिगण ने किया अनावरण
रायपुर : छत्तीसगढ उच्च न्यायालय बिलासपुर में रविवार को जिला न्यायपालिका के सशक्तीकरण व सिविल व आपराधिक विधि पर राज्य स्तरीय कान्फ्रेंस आयोजित किया गया। इस एतिहासिक कान्फ्रेंस के मुख्य अतिथि सर्वाेच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय श्री न्यायमूर्ति सूर्यकान्त और कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सर्वाेच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय श्री न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा एवं माननीय श्री न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा रहे। इस कान्फ्रेंस में माननीय उच्चतम न्यायालय के तीन न्यायमूर्तिगणों द्वारा एक साथ भागीदारी किया जाना कान्फ्रेंस की गंभीरता व महत्व तथा भारत की न्यायपालिका के आधारशिला जिला न्यायपालिका की न्यायदान में महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।
राज्य स्तरीय कान्फ्रेंस का उदघाटन भारत के सर्वाेच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय श्री न्यायमूर्ति सूर्यकान्त द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। मुख्य अतिथि माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय श्री न्यायमूर्ति सूर्यकान्त द्वारा अपने उद्बोधन में व्यक्त किया कि पक्षकारों के सम्पर्क में सर्वप्रथम जिला न्यायपालिका आती है, ऐसी दशा में जिला न्यायपालिका की जिम्मेदारी व भूमिका महत्वपूर्ण है और यदि न्यायाधीश निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है तो कोई प्रक्रियात्मक व तकनीकी अड़चन न्यायाधीश को एक तार्किक निर्णय लेने में बाधा नहीं बन सकती है। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायदान में आने वाली तकनीकी व प्रक्रियात्मक बाधाओं के प्रति व्यक्तिगत दृष्टिकोण अपनाने के बजाय ऐसी बाधाओं के प्रभावी निवारण के लिए संस्थागत दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने तुच्छ व तुक्के वाली मुकदमेबाजी की बढ़ती प्रवृत्ति को हतोत्साहित करने के संबंध में जोर दिया कि न्यायपालिका में झूठ व बेबुनियाद मामलों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए एक मजबूत व साहसी जिला न्यायपालिका तुच्छ व तुक्के वाली मुकदमेबाजी को निपटने में सक्षम हो सकती है। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने जिला न्यायपालिका के सदस्यों को साहस व ईमानदारी के साथ निर्णय लेने का आह्वान किया। माननीय न्यायाधिपति ने न्यायाधीश के गुणों के संबंध में बताया कि एक न्यायाधीश को बहादुर, साहसी व अपने अंतरात्मा के प्रति ईमानदार होना चाहिए। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने जिला न्यायपालिका के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि जिला न्यायपालिका की अधीक्षण की शक्ति माननीय उच्च न्यायालय को प्राप्त है अतः जिला न्यायपालिका माननीय उच्च न्यायालय के प्रति अपनी अन्तरात्मा के प्रति और सबसे महत्वपर्ण न्याय के आकांक्षी के रूप में आम जनता के प्रति जवाबदेह है। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने आम जनता के प्रति जिला न्यायपालिका की जिम्मेदारी के संबंध में व्यवत्त किया कि एक पक्षकार किसी न्यायाधीश को नहीं जानता है और वह इस आस्था व विश्वास के साथ आता है कि उसके साथ न्याय होगा अत हमारा दायित्व है कि हम उनकी आस्था और विश्वास को बनाए रखें।
माननीय श्री न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा ने अपने मुख्य भाषण में जिला न्यायपालिका के भूमिका व महत्व पर जोर देते हुए व्यक्त किया कि भारत में जिला न्यायपालिका केवल वैधानिक न्यायालय ही नहीं है बल्कि इसकी जड़ें भारत के संविधान में अवस्थित है। उन्होनें जिला न्यायपालिका के महत्व पर बल देते हुए कहा कि जिला न्यायपालिका भौगोलिक व भाषायी पहुंच में पक्षकारों के निकट होती है। जिला न्यायपालिका स्थानीय स्तर पर लोगों की प्रथा रीति-रिवाज बोली को ज्यादा अच्छे तरीके से समझती है। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने जिला न्यायपालिका की सिविल व व्यक्तिगत स्वतंत्रता की भूमिका को रेखांकित करते हुए जिला न्यायपालिका को सिविल व आपराधिक दोनों क्षेत्रों में व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षक बताया। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने जिला न्यायपालिका को आवश्यक संसाधन व तकनीकी ज्ञान से सुसज्जित करने पर जोर देते हुए आगाह किया कि न्यायिक निर्णय लेने की प्रक्रिया में पूरी तरह से प्रौद्योगिक या आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस पर निर्भर नहीं होना है क्योंकि यह साक्ष्य व तर्कों के आधार पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है।
माननीय श्री न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने उदबोधन में जिला न्यायपालिका के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिला न्यायपालिका का दृष्टिकोण व कानूनी प्रावधानों का निर्वचन बहुत महत्वपूर्ण है और यह उच्च न्यायालय व उच्चतम न्यायालय द्वारा किए जाने वाले निर्वचन के लिए आधार प्रदान करता है। माननीय न्यायाधिपति ने व्यक्त किया कि नए प्रावधानों के लागू होने से कानूनों के प्रति जिला न्यायपालिका का दृष्टिकोण व निर्वचन अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है इसलिए जिला न्यायपालिका को कानूनों को लागू करने में व निर्वचन करने में अत्यंत सतर्क रहना होगा।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि सभी के सामूहिक प्रयासों से हम एक सशक्त व प्रभावी जिला न्यायपालिका को सुनिश्चित करने में सक्षम होंगे और आज की यह कान्फ्रेंस जिला न्यायपालिका को सशक्त करने के हमारे प्रतिबद्धता को दर्शाता है। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय द्वारा विश्वास व्यवत किया गया कि आज की यह कान्फ्रेंस अपने उददेश्यों को प्राप्त करेगी और हम लोग जिला न्यायपालिका के समक्ष चुनौतियों को और बेहतर ढंग से निपटने में सक्षम होंगे तथा और अधिक सशक्त व प्रभावी जिला न्यायपालिका बनाने की दिशा में अग्रसर होंगे। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने यह भी व्यक्त किया कि इस कान्फ्रेंस के तकनीकी सत्र निश्चित तौर पर न्यायिक अधिकारियों की सिविल व आपराधिक विधि के संबंध में समझ को और विस्तृत व वर्धित करने वाला होगा।
इस कान्फ्रेंस के दौरान छत्तीसगढ जिला न्यायपालिका पर एक पुस्तक डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स आफ छत्तीसगढ़ का अनावरण माननीय न्यायमूर्तिगण द्वारा किया गया। इस पुस्तक में राज्य के समस्त जिला न्यायालयों के बारे में जानकारी के साथ साथ जिले के इतिहास, संस्कृति व विविधता के बारे में सारगर्भित जानकारी के साथ साथ न्यायिक अधिकारियों के विद्धतापूर्ण लेख भी समाविष्ट हैं ।इस राज्य स्तरीय कान्फ्रेंस के उदघाटन सत्र के समापन पर माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।
सिम्स व जिला अस्पताल में बहुत जल्द मिलेगी व्हाट्सएप से पैथोलॉजी जांच रिपोर्ट
कलेक्टर ने जिले के दोनों बड़े अस्पतालों का किया निरीक्षण
मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का लिया जायजा
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी के लिए लगातार कार्य हो रहे हैं। इसी कड़ी में अब बिलासपुर में स्थित सिम्स और जिला अस्पताल में पैथोलॉजी जांच की रिपोर्ट बहुत जल्द व्हाट्सएप मैसेज के जरिए मिलेगी। रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए मरीजों को भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण ने सिम्स और जिला अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद दोनों संस्थानों के प्रबंधन को इस आशय के निर्देश दिए हैं। पहले यह व्यवस्था जिला अस्पताल में शुरू होगी। उसके कुछ दिनों बाद सिम्स अस्पताल में।
इस दौरान कलेक्टर ने सिम्स अस्पताल का जायज़ा लिया। उन्होंने अस्पताल की सुविधाओं में वृद्धि के लिए किए जा रहे निर्माण कार्यों को देखा। विभिन्न वार्डों में पहुंचकर मरीजों से मुलाकात की। अस्पताल से मिल रहे भोजन, इलाज और दवाइयों की जानकारी ली। मरीजों के लिए 6 लिफ्ट हैं। इनमें से एक बंद पड़े लिफ्ट को 2 दिन में सुधारने के निर्देश दिए एवं दो अन्य लिफ्ट के सिविल वर्क को 1 माह में पूर्ण करने के लिए कहा है। कलेक्टर ने अधीक्षक कक्ष में संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की। डॉक्टरों से मौसमी बीमारियों के संक्रमण की जानकारी लेकर तत्परता से इलाज करने के सख्त निर्देश दिए।
सिम्स अस्पताल के बाद कलेक्टर जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने हमर लैब और बर्न यूनिट को जल्द शुरू करने बाकी काम जल्द पूर्ण करने को कहा है। आपातकालीन वार्ड एक में मरीजों के लिए एक ए.सी. की स्वीकृति दी। उन्होंने जिला अस्पताल में पैथोलॉजी रिपोर्ट व्हाट्सएप में देने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को अनावश्यक बार बार आने जाने की परेशानी न हों। सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि फिलहाल पैथोलॉजी विभाग में 96 प्रकार की जांच सुविधा उपलब्ध है। लगभग 150 मरीजों की 500 प्रकार की जांच हर रोज की जाती है। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर दिन 300 मरीज इलाज कराने आते हैं।
बिलासपुर तहसील कार्यालय में हितग्राही परेशान
बिलासपुर। तहसील कार्यालय जिले की सबसे महत्वपूर्ण जगहों में से एक है। सुबह 10 बजे जैसे ही कार्यालय खुलता है, लोग अपनी समस्याएं लेकर यहां पहुंच जाते हैं। लेकिन यहां के अधिकारियों के आने का कोई टाइम टेबल ही नहीं है।
नईदुनिया की टीम सोमवार सुबह 10 बजे तहसील कार्यालय पहुंची। धीरे-धीरे अधिकारियों व कर्मचारियों का आने का सिलसिला शुरू हो गया। अपनी समस्याएं लेकर हितग्राही भी पहुंचने लगे थे। टीम सबसे पहले तहसीलदार मुकेश देवांगन के कक्ष में पहुंची। यहां कर्मचारी तो बैठे हुए थे, लेकिन तहसीलदार की कुर्सी खाली थी। कर्मचारी से बात की, तो पता चला कि तहसीलदार जल्द ही आने वाले हैं। लेकिन 12 से 12.30 बजने के बाद भी तहसीलदार कार्यालय नहीं पहुंचे।
कर्मचारियों का कहना था कि कई बार ड्यूटी होने की वजह से साहब देर से आते हैं। इसी दौरान टीम की मुलाकात एक 75 वर्षीय बुजुर्ग से हुई। बुजुर्ग ने बताया, मैं सुबह 10.30 बजे से तहसीलदार मुकेश देवांगन का इंतजार कर रहा हूं। पटवारी की गलती से मेरी सात डिसमिल जमीन विवादित हो गई है। चार डिसमिल जमीन पर किसी और का नाम दर्ज कर दिया गया है और बाकी की तीन डिसमिल जमीन अधिकारियों के रिकार्ड से गायब हो गई है। मैं पिछले चार साल से यहां आ रहा हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सुबह 11.40 बज गए, लेकिन मंगला और सरकंडा क्षेत्र की प्रभारी नायब तहसीलदार नेहा विश्वकर्मा भी अपने कार्यालय नहीं पहुंची थीं। 12 बज गए, लेकिन उनकी कुर्सी भी खाली ही रही। कर्मचारियों ने बताया कि कई बार ड्यूटी पर होने की वजह से वह देर से आती हैं।
अधिकारी कह रहे हैं, मेरी जमीन चोरी हो गई
राधेश्याम साहू पिता शिवदत्त (75), निवासी मोपका, ने बताया कि वर्ष 1982 तक उनकी जमीन सही-सलामत थी। उनके घर के पास स्थित कोठार की सात डिसमिल जमीन में से चार डिसमिल जमीन पटवारी ने किसी और के नाम पर दर्ज कर दी और बची हुई 3 डिसमिल जमीन के बारे में अधिकारियों का कहना है कि उसका कोई रिकार्ड उनके पास नहीं है। अपनी जमीन के दस्तावेज लेकर वह पटवारी द्वारा की गई गलती को सुधरवाने के लिए राधेश्याम पिछले 4 साल से तहसीलदार कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।राधेश्याम का कहना है कि उनकी जमीन किसी ने चोरी कर ली है जिसे अधिकारी नहीं खोज रहे है।
सरकार दे रही अलग अलग किसानों को अलग अलग तरह की सब्सिडी
बिलासपुर। पानी की कमी वाले क्षेत्र या ऐसे किसान जो उद्यानिकी फसल जैसे सब्जी, फल या फूलों की खेती करना चाहते है उनके लिए टपक सिंचाई प्रणाली (ड्रिप सिस्टम) बेहद जरुरी है। जिले के किसानो के बीच भी इसका महत्त्व बढ़ा है। अपने खेतों में इसे लगवा चुके किसान आकाश राय कहते है कि इसमें रखरखाव भी कम करना पड़ता है फसलों की उपज में वृद्धि भी होती है।
सीयू के वानिकी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अजय कुमार सिंह बताते हैं कि ड्रिप सिस्टम आज के समय में वानिकी फसलों के लिए आवशयक उपकरण में से एक है। क्यूंकि पानी की सही मात्रा और समय पर आपूर्ति होने से फसलों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाती है। इससे न केवल पानी, बल्कि खाद और अन्य पोषक तत्वों को भी सीधे पौधों तक पहुँचाया जा सकता है।
बिलासपुर शहर में कांग्रेस का बोल रहा है बोलबाला,,,,,,,,,,,,,,
बिलासपुर शहर में कांग्रेस का जनसंपर्क बहुत तेजी से बढ़ते दिख रहा है वही शहर के विधायक प्रत्याशी शैलेश पांडे को जनता से बहुत ज्यादा प्यार मिल रहा है गरीब रिक्शा वाले ठेला वाले लोग का बोलना है कि आपके कार्य शरीर में आपका हमेशा समर्थन रहा है तो हम तो आपके साथ ही है लगातार यह 5 साल में शैलेश पांडे जी ने जनता किस लगातार रूबरू रहे हैं यह अभी इनको बहुत ज्यादा फायदा के रूप में दिख रहा है शैलेश पांडे जी का व्यवहार अब जनसंपर्क करने से बहुत ज्यादा सामने आ रहा है और लगातार जो वार्ड में भी सर्वे किया जा रहा है वहां से आशीर्वाद ही प्राप्त हो रहा है अब देखने को 17 तारीख को ही मिलेगा कि कितना प्यार उमर कर सामने आया है
महाप्रभु की रथयात्रा में दिखा श्रद्धा और भक्ति का महासंगम, डिप्टी सीएम साव ने खींचा रथ
बिलासपुर। भक्तों की भीड़ मंदिर प्रांगण में उमड़ी, और भगवान जगन्नाथ की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालू उत्सुकता से टूट पड़े। जय जगन्नाथ के जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा और धार्मिक माहौल ने सभी को अभिभूत कर दिया। रथ खींचने के लिए लंबी कतारें लगी रही, जिसमें हर कोई महाप्रभु के रथ को खींचने का सौभाग्य पाना चाहता था।
रथयात्रा के दौरान सड़कों पर जगह-जगह भोग प्रसाद का वितरण किया गया। छेरापहर की परंपरा को निभाते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने विधिवत पूजा-अर्चना की और रथयात्रा (गुंडिचा) ने नगर भ्रमण किया। परंपरानुसार राजा के रूप में झाडु लगाया। इस मौके पर सूर्य पूजा, नवग्रह पूजा, श्रृंगार और मंगल अर्पण का विशेष आयोजन किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को असीम आनंद की अनुभूति हुई।
रथयात्रा की भीड़ इतनी विशाल थी कि नगर की सड़कों पर हर तरफ भक्तों का हुजूम दिखाई दे रहा था। सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए रेलवे सुरक्षा बल और पुलिस विभाग ने व्यापक इंतजाम किए थे। भीड़ के बीच शुरूआत में भक्तों के हाथ से रस्सी भी छूटी। समिति ने तत्काल से बदला।
मंदिर में ऐसे हुई शुरूआत
ब्रम्हमुहुर्त में पूजा-अर्चना प्रारंभ हुआ। पंडित पुजारी गोविंद पाढ़ी ने मंत्र पढ़े।
सुबह की शुरुआत सूर्य पूजा से हुई, जिसमें सूर्य देवता को अर्घ्य अर्पित किया गया।
नवग्रह पूजा का आयोजन हुआ, जिसमें नौ ग्रहों की विशेष पूजा कर आशीर्वाद लिया।
महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का भव्य श्रृंगार किया गया, दिव्य स्वरूप दिखा।
मंगल अर्पण के साथ विशेष मंत्रों का उच्चारण कर 56 भोग अर्पित किया गया।
कनिका महाप्रसाद का वितरण किया गया। ग्रहण करने भक्तों की भारी भीड़ जुटी।
धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव
रथयात्रा के इस भव्य आयोजन ने न्यायधानी के नागरिकों को एक अद्वितीय धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान किया। भक्तों की अपार श्रद्धा और उत्साह ने इस अवसर को और भी यादगार बना दिया। इस वर्ष, रथयात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। हर किसी के चेहरे पर श्रद्धा और भक्ति की चमक स्पष्ट दिख रही थी। रथयात्रा ने न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
कदम-कदम पर बंटे महाप्रसाद
रथयात्रा श्री जगन्नाथ मंदिर से निकलकर तितली चौक, स्टेशन , तार बाहर, गांधी चौक, दयालबंद, तोरवा थाना काली , मंदिर होते हुए देर शाम ओड़िया स्कूल पहुंची। यहां अस्थाई रूप से गुंडिचा मंदिर का निर्माण किया गया है। इससे पहले रास्ते में जगह-जगह रथ यात्रा का स्वागत किया गया। अलग अलग संगठन, समिति और दलों द्वारा पुष्प वर्षा कर रथ यात्रा का स्वागत किया गया। सभी, रथ यात्रा के रथ की रस्सी खींच कर पुण्य लाभ अर्जन करते दिखे।
जयकारों से गूंज उठा आसमान
रथयात्रा जैसे ही मंदिर परिसर से बाहर निकली, पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। "जय जगन्नाथ", "जय बलभद्र", "जय सुभद्रा" के जयकारों से आसमान गूंज उठा। भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। रथयात्रा के मार्ग पर जगह-जगह भक्तों ने भगवान को भोग लगाया और पुष्प वर्षा की।रथ को खींचते हुए अपनी भक्ति का प्रदर्शन किया। भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए शहर के कोने-कोने से लोग उमड़े थे।
14 दिन बाद खुला मंदिर का कपाट,हुए दर्शन
मान्यता के अनुसार, देव पूर्णिमा के अवसर पर भगवान श्रीश्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को पुरोहितों द्वारा 108 कलश जल और 64 प्रकार की जड़ी-बूटियों से महास्नान कराया गया था। इसके बाद, महाप्रभु बीमार हो गए और अणासार कक्ष में विश्राम के लिए चले गए। तब से 14 दिनों के लिए मंदिर का कपाट बंद है। अब, भगवान स्वस्थ होने के बाद उनके नवजोबन रूवरूप के दर्शन हुए।जिसके बाद भक्तों के लिए मंदिर का कपाट भी खुल गया और भक्तों को दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआा।
रात 10 बजे मौके के घर अभिनंदन
महाप्रभु रथयात्रा के माध्यम से रात 10 बजे मौसी के बुलावे पर उनके घर गुंडिचा पहुंचे। मान्यता अनुसार यहां मौसी मां के हाथ के बने विशिष्ट पकवान खाकर तीनों भगवान पूर्ण रूप से स्वस्थ हो उठेंगे, जिसके बाद बाहुडा यात्रा कर तीनों एक बार फिर उसी मार्ग से होते हुए श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचेंगे, जहां रूठी हुई देवी लक्ष्मी को मनाने के बाद तीनों पुनः मंदिर प्रवेश करेंगे और फिर मंदिर में ही भक्तों को दर्शन लाभ देंगे।
महापौर ने अर्पित किया फल,भोग-भंडारा
रथयात्रा के उपलक्ष्य में महापौर रामशरण यादव ने महाप्रभु को फल की टोकरी अर्पित किया। वहीं कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष धर्मेश शर्मा, कांग्रेस कमेटी आयोजन समिति के अध्यक्ष राकेश सिंह, बापी डे, पार्षद अजय यादव, साईं भास्कर, विनोद कछुआ, अरविंद शुक्ला, साकेत मिश्रा, राजा व्यास विजय सिंह निरुपम चक्रवर्ती कार्तिक घोष रेलवे मेंस कांग्रेस के विजय अग्निहोत्री ने भक्तों को भोग का वितरण किया।
विधायक अटल ने की सुख समृद्धि की कामना
कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने भी महाप्रभु के दर्शन किए। शहरवासियों सहित सभी के लिए सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर प्रमुख रूप से अनूप सिन्हा सहित प्रमोद नायक, राकेश शर्मा, गोपी राव, कौशिक एक्स राव, एमपी सिंह बंटी सिंह, शरद यादव, मनीषा शाह, आनंद डोरस, प्रकाश राव, जग्गा अवस्थी, सुरेश दास मानिकपुरी, वासु राव, पावस अग्रवाल, निरंजन नाथ, सरजू समुद्रे उपस्थित थे।