छत्तीसगढ़ / दंतेवाड़ा
बस्तर पंडुम 2026 : जिले के चारों विकास खंडों में (बस्तर पंडुम) का हुआ आगाज
पारंपरिक उत्सव के साथ आज विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने किया शुभारंभ
19 और 20 जनवरी को ग्राम कासोली-1 में होगा जन-समस्या निवारण शिविर का आयोजन
दंतेवाड़ा : 19 और 20 जनवरी को ग्राम कासोली-1 में होगा जन-समस्या निवारण शिविर का आयोजन
27 और 28 जनवरी 2026 को राजीव युवा उत्थान योजना अंतर्गत होगा दस्तावेज सत्यापन
दंतेवाड़ा : 27 और 28 जनवरी 2026 को राजीव युवा उत्थान योजना अंतर्गत होगा दस्तावेज सत्यापन
प्रोजेक्ट ‘उन्नति’ के तहत 35 श्रमिकों को रूरल मेसन प्रशिक्षण बैच का शुभारंभ
दंतेवाड़ा, 16 जनवरी 2026
एक दिवसीय मॉडल जीपीडीपी प्रशिक्षण का हुआ आयोजन
जीपीएफ के लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु जिला कोषालय दंतेवाड़ा में 3 दिवसीय शिविर 28 से 30 जनवरी तक
जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दंतेवाड़ा में 21 जनवरी को होगा प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन
दंतेवाड़ा
विधायक श्री चैतराम अटामी द्वारा जनपद पंचायत दंतेवाड़ा में ग्रामीण हितग्राहियों को स्वेच्छानुदान राशि का वितरण
दंतेवाड़ा : विधायक श्री चैतराम अटामी द्वारा जनपद पंचायत दंतेवाड़ा में ग्रामीण हितग्राहियों को स्वेच्छानुदान राशि का वितरण
बारसूर-मुचनार: रोमांच, प्रकृति और आस्था का अनोखा संगम
रायपुर : बारसूर-मुचनार: रोमांच, प्रकृति और आस्था का अनोखा संगम
समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश
बस्तर पंडुम और गणतंत्र दिवस की तैयारियां मिशन मोड में करें - कलेक्टर श्री ध्रुव
दंतेवाड़ा, 13 जनवरी 2026 संयुक्त जिला कार्यालय के डंकनी सभाकक्ष में आज कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में आगामी बस्तर पंडुम एवं गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने दोनों आयोजनों को जिले की संस्कृति, गौरव और जनभागीदारी से जुड़े प्रमुख कार्यक्रम बताते हुए सभी विभागों को समयबद्ध एवं उच्च-गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बताया कि बस्तर पंडुम 16 एवं 17 जनवरी से ब्लॉक स्तरीय आयोजन के साथ प्रारंभ होगा। यह उत्सव आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और जीवन शैली को नई पहचान देने वाला महोत्सव है, इसलिए तैयारियाँ मिशन मोड में की जाएँ। पंडुम के तीन स्तर ब्लॉक, जिला एवं संभाग किए गए हैं। महोत्सव में कुल 12 विधाएँ शामिल रहेंगी, जिनमें पारंपरिक कला, आदिवासी शिल्प, लोक-नृत्य, संगीत, जनजातीय व्यंजन, बोली-भाषा, पारंपरिक वेशभूषा, आभूषण, वाद्य-यंत्र एवं जनजातीय जीवन शैली की विशिष्ट झलकियाँ शामिल होंगी। उन्होंने अधिकतम प्रतिभागियों का पंजीयन सुनिश्चित करने और सभी व्यवस्थाएं पहले से सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।
गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि यह राष्ट्रीय महत्व का आयोजन है, इसलिए सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, मंच व्यवस्थाएँ तथा अन्य सभी विभागीय दायित्व समयबद्ध एवं समन्वित रूप से पूरे किए जाएँ। अंत में कलेक्टर ने विभागवार लंबित प्रकरणों एवं कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रगति तेज करने, समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
कुआकोंडा विकासखंड में जिला सीईओ का निरीक्षण, विकास कार्यों की प्रगति पर दिया जोर
दंतेवाड़ा : कुआकोंडा विकासखंड में जिला सीईओ का निरीक्षण, विकास कार्यों की प्रगति पर दिया जोर
बस्तर पंडुम 2026 : जिले के जनपद पंचायत स्तर पर होगा 16 एवं 17 जनवरी बस्तर पंडुम का आयोजन
सड़क हादसे में घायल एनएमडीसी कर्मचारी को पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने समय पर पहुंचाया अस्पताल।
मानवता की मिसाल : सड़क हादसे में घायल एनएमडीसी कर्मचारी को पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने समय पर पहुंचाया अस्पताल।
आज के समय में जब लोग अक्सर दुर्घटनाओं के दौरान मूकदर्शक बने रहते हैं, ऐसे में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता और जिम्मेदारी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
शांति और विकास की ओर बस्तर का ऐतिहासिक मोड़: दंतेवाड़ा में 63 माओवादियों का आत्मसमर्पण
दंतेवाड़ा : अग्निवीर भर्ती रैली 2025-26 हेतु शारीरिक दक्षता परीक्षा दिनांक 10 जनवरी 2026 से 24 जनवरी 2026 तक
दंतेवाड़ा : उद्यमिता को नई दिशा, एमएसएमई विकास कार्यक्रम के तृतीय दिवस में विशेषज्ञों ने दिए उपयोगी मार्गदर्शन
लोन वर्राटू : दंतेवाड़ा में 63 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
दंतेवाड़ा - दंतेवाड़ा जिले में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। लोन वर्राटू (घर वापसी) अभियान के तहत 63 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 18 महिला नक्सली भी शामिल हैं। इन नक्सलियों पर कुल मिलाकर एक करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वालों में पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी के सचिव मोहन कड़ती भी शामिल है, जिसने अपनी पत्नी के साथ हथियार डाल दिए। वरिष्ठ नक्सली नेताओं के आत्मसमर्पण को नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली सिर्फ छत्तीसगढ़ के ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से जुड़े भी हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की रणनीति और दबाव लगातार प्रभावी साबित हो रहा है।
लोन वर्राटू अभियान के तहत नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे सघन अभियानों और लगातार बनाए जा रहे मनोवैज्ञानिक दबाव के चलते बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
सरकार की ओर से आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत सहायता, रोजगार और सामाजिक पुनर्वास की सुविधाएं दी जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से क्षेत्र में शांति बहाल होगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी। यह सफलता राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है।