छत्तीसगढ़ / दंतेवाड़ा
स्वास्थ्य मंत्री ने एनीमिया मुक्त रथ को दिखाई हरी झंडी
दंतेवाड़ा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टरेट परिसर से 'एनीमिया मुक्त रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले में एनीमिया की रोकथाम एवं जन जागरूकता के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है, जो ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जाकर लोगों को एनीमिया के लक्षण, कारण, बचाव एवं उपचार की जानकारी देगा।
इस अवसर पर अध्यक्ष सीजीएमएससी दीपक महस्के, विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्रीमती प्रियंका शुक्ला, कलेक्टर कुणाल दुदावत, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा तथा स्वास्थ्य एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
मिशन मोड में चलेंगे सभी स्वास्थ्य अभियान : श्याम बिहारी जायसवाल
स्वास्थ्य मंत्री ने संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
मिशन मोड में चलेंगे सभी स्वास्थ्य अभियान
मंत्री जायसवाल ने कहा कि मलेरिया, एनीमिया, क्षय रोग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, आयुष्मान योजना और आरोग्य मेलों जैसे अभियान केन्द्र और राज्य के मिशन मोड कार्यक्रम हैं। इन्हें गुणवत्ता के साथ लागू कर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।
उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे फील्ड पर जाकर कार्यों की निगरानी करें। साथ ही मच्छरदानी के उपयोग और डीडीटी छिड़काव को जन-जागरूकता अभियान से जोड़ें। उन्होंने पारंपरिक उपाय जैसे नीम की पत्तियां व गोबर के कंडे जलाकर मच्छरों को भगाने जैसी विधियों को भी पुनर्जीवित करने की बात कही।
एनीमिया मुक्त दंतेवाड़ा अभियान का शुभारंभ
स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर ‘एनीमिया मुक्त दंतेवाड़ा अभियान’ का विधिवत शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि स्क्रीनिंग, उपचार और फॉलोअप के जरिये एनीमिया की दर को कम करना सरकार की प्राथमिकता है।
मौके पर रखी गई स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी मांगें
बैठक में विधायक चैतराम अटामी ने अतिरिक्त एंबुलेंस, रायपुर रेफर मरीजों के लिए ट्रांसपोर्ट सुविधा, बचेली स्थित अपोलो अस्पताल में पंजीयन शुल्क कम करने, छिंदनार में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालन और जिला अस्पताल में सर्जनों की नियुक्ति जैसी मांगें रखीं। मंत्री ने इन पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
स्वास्थ्य सचिव और आयुक्त की समीक्षा रिपोर्ट
बैठक में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया और आयुक्त सह संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बस्तर संभाग के कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों में संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों की पीपीटी के माध्यम से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इसमें मलेरिया, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीबी उन्मूलन, एनसीडी, आयुष्मान, क्वालिटी एश्योरेंस, पोषण पुनर्वास केंद्र, और टीकाकरण से जुड़ी योजनाओं की वर्तमान स्थिति और सुधारात्मक प्रयासों की जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि मलेरिया से किसी भी स्थिति में मृत्यु स्वीकार्य नहीं है। हर पॉजिटिव केस को दवा की पूरी खुराक मिले, मितानिनों द्वारा दी गई दवाओं की पुष्टि हो — यह सुनिश्चित करना होगा।
कलेक्टर ने दिए निर्देशों को लागू करने का आश्वासन
बैठक के अंत में दंतेवाड़ा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। बैठक में मिले निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
इस अवसर पर सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक महस्के, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, महामारी नियंत्रक एस.के. पाम्भोई, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा सहित स्वास्थ्य एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैलाडीला की वादियों में गूंजे मो. रफी के गाने , स्थानीय कलाकारों ने दी संगीतमय श्रद्धांजलि
किरंदुल। मशहूर गायक मोहम्मद रफ़ी की याद में बैलाडीला के कलाकारों ने गुरुवार शाम सुंदर संगीत कार्यक्रम के माध्यम से गीतों के ज़रिए श्रद्धांजलि दी। यह कार्यक्रम एनएमडीसी लर्निंग सेंटर,सिविल ऑफिस के पास रखा गया था।
इस आयोजन में बैलाडीला संगीत समिति और बैलाडीला लाइव म्यूजिकल ग्रुप ने मिलकर मोहम्मद रफ़ी के पुराने और पसंदीदा गानों को लाइव ऑर्केस्ट्रा के साथ पेश किया।उनके गाने सुनकर लोग भावुक हो गए और तालियों से कलाकारों का हौसला बढ़ाया।कार्यक्रम में एनएमडीसी किरंदुल के अधिशासी निदेशक रवींद्र नारायण मुख्य मुख्य अतिथि के रुप मे मौजूद थे। उनके साथ कंपनी के कई अधिकारी और संगीत पसंद करने वाले लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस अवसर पर इवेंट मैनेजर नोमेश्वर राव, मधुकर सीतापराव, स्थानीय कलाकार पी किरण कुमार,प्रशांत कुमार वर्मा,आनंद पान,रीमा,चारु शिंदे,राजन,लखन देवांगन एवं वाई अनिल ने अपने प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
किरन्दुल एनएमडीसी अधिशासी निदेशक रविंद्र नारायण ने हरी झंडी दिखाकर प्रशिक्षण प्राप्त करने जा रहे बच्चों की बसों को किया रवाना
किरन्दुल एनएमडीसी अधिशासी निदेशक रविंद्र नारायण ने हरी झंडी दिखाकर प्रशिक्षण प्राप्त करने जा रहे बच्चों की बसों को किया रवाना
किरन्दुल।भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएमडीसी) ने अपनी कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत छत्तीसगढ़ के बस्तर और दंतेवाड़ा जिलों के 500 अनुसूचित जनजाति के युवाओं के लिए एक परिवर्तनकारी कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया हैं।किरन्दुल से 80 बच्चों को प्रशिक्षण केंद्र पहुंचाने एनएमडीसी अधिशासी निदेशक रवींद्र नारायण ने रविवार शाम 04 बजे हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया।साथ ही सभी बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।इस दौरान एनएमडीसी सीजीएम उत्पादन के पी सिंह,उपमहाप्रबंधक एचआर के एल नागवेणी,सीएसआर प्रबन्धक विवेक रक्षा,संजय पाटील,एस आर गावड़े,रोशन मिश्रा बीएल तारम व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
यह कार्यक्रम सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीआईपीईटी) हैदराबाद के सहयोग से संचालित किया जा रहा हैं,जिसमें युवाओं को प्लास्टिक और पॉलिमर प्रौद्योगिकी में तकनीकी शिक्षा पूरी तरह से निःशुल्क प्रदान की जाएगी।इस पहल के तहत एनएमडीसी ट्यूशन,प्रशिक्षण,आवास,भोजन और अन्य संबंधित खर्चों को पूर्ण रूप से प्रायोजित कर रही है। कार्यक्रम में मशीन ऑपरेटर (एनएसक्यूएफ लेवल IV सर्टिफिकेशन) जैसे अल्पकालिक पाठ्यक्रम शामिल हैं, जो 8वीं कक्षा उत्तीर्ण उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध हैं।यह छह महीने का कोर्स प्लास्टिक प्रसंस्करण,इंजेक्शन मोल्डिंग और ब्लो मोल्डिंग जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करता हैं।एनएमडीसी का यह प्रयास न केवल वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देता है, बल्कि उन समुदायों की क्षमता को भी उजागर करता है जो भारत की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण हैं।
जिला जेल दंतेवाड़ा में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
दंतेवाड़ा । जिला जेल दंतेवाड़ा में विगत दिवस स्वास्थ्य विभाग दंतेवाड़ा द्वारा परिरूद्ध बंदियों में टीवी, एड्स, एच.आई.व्ही. सिफलिस हेपेटाइटिस रोगों की जांच परीक्षण एवं उपचार हेतु एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया था।
उक्त स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सकीय दल के सदस्यों डॉ. हितेश ठाकुर चिकित्सा अधिकारी खोमेश मौर्य, सूरज सिंह, सचिन मसीह, रविन्द्र कर्मा, संजय चौधरी फार्मासिस्ट एवं योगेश चंद्र जोशी द्वारा जेल में परिरूद्ध बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण टीबी, एड्स, एचआईवी, सिफलिस हेपेटाइटिस रोगों की जांच परीक्षण किया। शिविर में चिकित्सा अधिकारी द्वारा 54 बंदियों के सामान्य बीमारियों की जांच कर दवाई वितरित किया। इसके अलावा एच.आइ. व्ही एवं सिफलिस बीमारियों के जांच परीक्षण के तहत 100 बंदियों का जांच किया गया। इस अवसर जिला जेल अधीक्षक अलोइस कुजूर, सहायक जेल अधीक्षक मनीष कुमार दिवाकर, शिक्षक शिवनारायण देवांगन, प्रहरी संतोष कुमार पोर्ते एवं अन्य जेल कर्मचारी उपस्थित थे।
नगर पंचायत बारसूर में सफाई अपनाओ-बीमारी भगाओ अभियान की हुई शुरुआत
दंतेवाड़ा । नगर पंचायत बारसूर द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार स्वच्छ भारत मिशन के तहत मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने नागरिकों को जल जनित एवं वेक्टर जनित बीमारियों के रोकथाम हेतु स्वच्छता को एक सचेत प्रबुद्ध एवं प्रभावी विकल्प के रूप में चयन करने हेतु अनुरोध करते हुए कहा है कि डेंगु, मलेरिया, चिकनगुनिया आदि बीमारियों के रोकथाम हेतु स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए समस्त नागरिक स्वैच्छिक प्रयास कर सकते है। जैसे घर के आस-पास पानी जमा होने न देना, घर के नालियों की सफाई, पुराने टायर, प्लास्टिक के कप, बोतलों, कबाड़, कूलर, में पानी के एकत्रण, न होने देने, घर की पानी टंकी को अच्छी तरह से ढकना इत्यादि प्रयास किया जा सकता है।
इसके साथ ही मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि, खुले स्थानों, सार्वजनिक स्थानों पर एवं नालियों में कचरा न फेक कर, दैनिक अपशिष्ट संग्रहण करने वाले स्वच्छता दीदीयों को ही गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग करके देवें, साथ ही खुले में शौच न करके, शौचालय का उपयोग करें। इस सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ अभियान अंतर्गत प्राथमिक शाला मुंडा टिकरापारा स्कूल में हाथ स्वच्छ कार्यक्रम के तहत शाला के बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए नगर वासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने को संदेश दिया।
उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु 20 तक आवेदन
दंतेवाड़ा । अनुविभागीय अधिकारी गीदम के द्वारा विकासखंड गीदम अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ेकरका, हारला, बुधपदर, नेलगोड़ा, हिरानार-02, माड़पाल, सियानार, हारम-02 बड़ेपनेड़ा, कारली-02 में शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन किए जाने हेतु दुकान आबंटन किया जाना प्रस्तावित हैं। उक्त संबंध में आवेदन प्रस्तुत करने हेतु अंतिम अवसर देते हुए दुकान संचालन हेतु इच्छुक एजेंसी यथा वृहदाकार आदिम जाति बहुउद्देशीय सहकारी समितियां, ग्राम पंचायत, महिला स्व-सहायता समूह, वन सुरक्षा समितियां,राज्य शासन द्वारा विनिर्दिष्ट, सार्वजनिक उपक्रम, अन्य उपभोक्ता सहकारी समितियां एवं प्राथमिक कृषि शाख समितियां से विहित ’’प्रारूप’’में 20 अगस्त 2025 तक षाम 5 बजे कार्यालयीन दिवस एवं समय में एसडीएम गीदम के कार्यालय में आवेदन आमंत्रित किया गया है।
कलेक्टर ने की बच्चों से मुलाकात, पूछे सवाल
दंतेवाड़ा । आज कलेक्टर कुणाल दुदावत के द्वारा आज दंतेवाड़ा एवं कटेकल्याण विकासखंड कलेक्टर ग्राम मेडोली के बालक आवासीय पोटाकेबिन, गाटम, परचेली में डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूलो के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पोटाकेबिन में अध्ययनरत बच्चों से मुलाकात की और उनसे पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछे। और जिन बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिए, जिस पर कलेक्टर ने उनकी सराहना करते हुए उन्हें और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की। इसके बाद कलेक्टर ने ग्राम बेंगलूर एवं गाटम के पोटाकेबिन का भी अवलोकन किया और वहां पर पढ़ाई कर रहे बच्चों से अंग्रेजी के सवाल भी पूछे गए। इस क्रम में कलेक्टर द्वारा ग्राम परचेली में डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल निरीक्षण करके बच्चों की शैक्षणिक स्थिति को परखने के लिए स्वयं कक्षा में जाकर गणित और अंग्रेजी के प्रश्न पूछे। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा छात्रों स्वास्थ्य परीक्षण का कार्य को भी देखा और नियमित रूप से संस्थाओं में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाने के निर्देश दिए।
बच्चों की मांगों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
ग्राम परचेली में डीएव्ही स्कूल के निरीक्षण के दौरान बच्चों ने कलेक्टर से कुछ बुनियादी सुविधाओं की माँग रखी, जिनमें स्कूल और छात्रावास से जुड़ी आवश्यकताएँ शामिल थीं। कलेक्टर ने बच्चों की बातों को गंभीरता से लेते हुए आरईएस के कार्यपालन अभियंता (ईई), जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बच्चों की माँगों के अनुरूप कार्यों को शीघ्रता से पूरा किया जाए।
परचेली में स्कूल परिसर के साथ-साथ बच्चों के आश्रम छात्रावास का भी निरीक्षण करते हुए उन्होंने वहाँ की पेयजल, शौचालय, स्नानगृह (बाथरूम) तथा बिजली व्यवस्था (लाइटिंग) का जायजा लिया। उन्होंने पाया कि कुछ क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है, जिसे लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी बुनियादी सुविधाएँ शीघ्र और सुनिश्चित रूप से उपलब्ध कराई जाएँ, ताकि बच्चों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। कलेक्टर ने कटेकल्याण के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर, छात्रावास तथा शैक्षणिक व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और बच्चियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होने छात्राओं को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता का जायजा भी लिया और स्वयं भोजन का निरीक्षण कर बच्चों से उनके अनुभव साझा करने को कहा। उन्होंने छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याएं भी जानी और उनकी आवश्यकताओं को गंभीरता से संज्ञान में लेने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही कलेक्टर अतं में बडे़लखापाल कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय छात्रावास का निरीक्षण करते हुए अधीक्षिका सभी प्रकार रजिस्टर का संधारण नियमित रूप करने को निर्देश दिए।
ग्राम गाटम के कन्या पोटाकेबिन में न्यौता भोज आयोजन में छात्राओ के संग भोजन किया कलेक्टर ने
इसके साथ ही ने ग्राम गाटम के कन्या पोटा केबिन में कलेक्टर, सीईओ, अपर कलेक्टर, एसडीएम, जनप्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारियों ने न्योता भोज के आयोजन के तहत छात्राओ के संग दोपहर का भोजन भी किया। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, एसडीएम मूलचंद चौपड़ा, जनपद सीईओ दंतेवाड़ा, कटेकल्याण, जिला शिक्षा अधिकारी, एस.के. अम्बस्ट, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, पीडब्ल्यूडी, आरईएस, पीएमजीएसवाय, पीएचई, सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
गुणवत्ता सहित निर्माण करने के कलेक्टर ने दिए निर्देष
कार्य विलंब के चलते ठेकेदारों को दिए गए नोटिस
दंतेवाड़ा । आज कलेक्टर कुणाल दुदावत के द्वारा आज दंतेवाड़ा एवं कटेकल्याण विकासखंड के ग्राम मेडोली के बालक आवासीय पोटाकेबिन, मेटापाल बालक आश्रम और कटेकल्याण में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, परचेली के डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल सहित गाटम , बेगलुरू के छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने सर्वप्रथम ग्राम मेडोली के बालक आवासीय पोटाकेबिन निरीक्षण करते हुए रिनोवेशन कार्य के तहत पंखे, लाइट एवं बिजली व्यवस्था को गुणवत्ता उत्कृष्टता अनुरूप निर्मित करने के निर्देश कार्य एजेंसियों को दिए।
इस प्रकार मेटापाल बालक आश्रम का भी उन्होंने निरीक्षण किया और वहाँ चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कार्यों की धीमी गति और गुणवत्ता पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को निर्देशित किया कि सभी कार्यों को मिशन मोड में पूर्ण करते हुए पोटाकेबिन को सर्वसुविधायुक्त और उत्कृष्ट गुणवत्ता वाला बनाया जाए। इस साथ ही उन्होंने कटेकल्याण निर्माणाधीन एकलव्य आवासीय परिसर विद्यालय का निरीक्षण करते हुए उसे तय अवधि में बनाने को कहा। ग्राम गाटम में निर्माणाधीन छात्रावास का अवलोकन करते हुए उन्होंने पंचायत जनप्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि वे निर्माण प्रगति का नियमित रूप से जायजा लेते रहे।
बालक आश्रम बेंगलुरु का मुआयना करते हुए उन्होंने यहां पर आवासीय सुविधाओं की जानकारी ली और पुराने जर्जर आश्रम को ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देष अधिकारियों को दिए। इस क्रम में कलेक्टर ने कटेकल्याण में 50 सीटर प्री-मेट्रिक कन्या छात्रावास भवन एवं आदिवासी पो-मैट्रिक बालक छात्रावास निर्माण कार्य को भी देखा और संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने को कहा। इस दौरान उन्होंने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नये भवन के कार्य का अवलोकन करते हुए तय समयावधि में कार्य पूर्ण ना होने के कारण संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी के निर्देश दिए। परचेली के डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल सहित बेंगलुरु के छात्रावास का निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां चल रहे विभिन्न रेनोवेशन कार्यों को भी समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि बच्चों के लिए बनाए जा रहे इस पोटाकेबिन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध कार्य पूर्ण करने की सख्त हिदायत भी दी। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, एसडीएम मूलचंद चौपड़ा, जनपद सीईओ दंतेवाड़ा, कटेकल्याण, जिला शिक्षा अधिकारी, एस.के. अम्बस्ट, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, पीडब्ल्यूडी, आरईएस, पीएमजीएसवाय, पीएचई, सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य केन्द्रों में ग्राम पंचायतों के सहयोग से शिविर लगाने के कलेक्टर ने दिए निर्देश
स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में एन्टीवेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा
दंतेवाड़ा। आज कलेक्टर कुणाल दुदावत के द्वारा आज दंतेवाड़ा एवं कटेकल्याण विकासखंड के स्वास्थ्य केन्द्रों बालूद एवं पोन्दुम पंचायत स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप-स्वास्थ्य केंद्रों) का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने वहां संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए एएनसी (एंटी नेटल केयर) जांच, ओपीडी सेवाएं, औषधि आपूर्ति, टीकाकरण, रिकॉर्ड संधारण सहित अन्य चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से गर्भवती माताओं को समय पर आवश्यक जांच, आयरन एवं कैल्शियम की गोलियां, पोषण परामर्श तथा संस्थागत प्रसव की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कलेक्टर ने निक्षय निरामय योजना के अंतर्गत क्षय रोगियों को दी जा रही सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा वय वंदना योजना के लाभार्थियों की स्थिति की भी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से सेवा प्रदाय की गुणवत्ता, मरीजों की संख्या और नियमित उपस्थिति के विषय में चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही कलेक्टर ने स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में एन्टीवेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने उपस्थित स्वास्थ्य अमले को निर्देशित किया कि वय वंदना और आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों के ट्रेसिग के लिए क्षेत्र में शत-प्रतिशत स्वास्थ्य स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाकर शिविर का आयोजन करें।
उन्होंने आगे कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्वास्थ्य सेवाएं सिर्फ मरीजों को दवा देने तक सीमित नहीं है इसके अलावा सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ता फील्ड में जाकर सक्रिय रूप से कार्य करना भी जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से घर-घर जाकर लोगों की जांच, जागरूकता तथा सेवाओं की पहुंच को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने ने बालूद के आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया और बच्चों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी लेते हुए बच्चों को नियमित रूप से अंडा उपलब्ध कराया जाने की बात कही। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, एसडीएम मूलचंद चोपड़ा, जनपद सीईओ दंतेवाड़ा, कटेकल्याण, जिला शिक्षा अधिकारी, एस.के. अम्बस्ट, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, पीडब्ल्यूडी, आरईएस, पीएमजीएसवाय, पीएचई, सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
"छ.ग. के प्रथम त्यौहार हरेली पर प्रकाश विद्यालय में जंगल सफारी का आयोजन"
खनि पटटेदारों की भूमि सहित संपूर्ण जिले में वृहद वृक्षारोपण के संबंध में हुई महत्वपूर्ण बैठक
दंतेवाड़ा । भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देशानुसार पूरे देश में “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देना है। इसी कड़ी में दंतेवाड़ा जिले में भी इस अभियान को वृहद स्तर पर सफल बनाने हेतु आज संयुक्त जिला कार्यालय के भू-तल स्थित सभाकक्ष में खनि पटटेदारों की भूमि सहित संपूर्ण जिले में वृहद वृक्षारोपण के संबंध में हुई महत्वपूर्ण बैठक जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में किया गया।
बैठक के दौरान कलेक्टर दुदावत ने कहा कि “प्रकृति हमारी माँ के समान है। जिस प्रकार माँ हमें जीवन देती है, उसी प्रकार वृक्ष हमें सांसें देते हैं। ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ केवल एक वृक्षारोपण अभियान नहीं, बल्कि यह माँ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक भावनात्मक प्रयास है। इस अभियान को हम सबको मिलकर जन आंदोलन बनाना है।” चूंकि दन्तेवाड़ा जिला एक महत्वपूर्ण खनन भू-भाग से संबंधित है। अतः इस क्षेत्र में वृहद वृक्षारोपण किया जाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विशेष तौर पर खनन प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरण को संतुलित करने और खनन से हुई पर्यावरण क्षति की भरपाई करने के लिए वृक्षारोपण ही एक मात्र उपाय है।
इस अवसर पर बैठक में सार्वजनिक एवं निजी खनन उपक्रमों जैसे एनएमडीसी को 30 हजार पौधों का, आर्सेलर मित्तल 5 हजार और आरती आयरन ओर स्पंज को 5 हजार पौधों का, तथा सीएमडीसी को 15 हजार पौधों का वृक्षारोपण लक्ष्य दिया गया है। इसके अतिरिक्त, अन्य खनिज पट्टाधारियों को भी एक-एक हजार पौधे लगाने का निर्देश दिया गया है।
कलेक्टर दुदावत ने आगे कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान अंतर्गत कुपोषित बच्चों के परिवारों को मुनगा, पपीता और कटहल जैसे पोषण वर्धक पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उनके आहार में पौष्टिकता का समावेश हो सके। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभान्वित परिवारों को भी पांच प्रकार के फलदार और औषधीय पौधे प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनके घरों के आसपास हरियाली के साथ-साथ उपयोगिता भी सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी कहा कि वृक्षारोपण केवल सरकारी परिसरों तक सीमित न रहे, बल्कि यह प्रयास गाँव-गाँव के खेत खलिहानों तक पहुंचे। इसके तहत शासकीय स्कूलों, छात्रावासों, देवगुडि़यों, मातागुडि़यों, युवा केन्द्रों, स्वास्थ्य उपकेन्द्रों और आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी पौधरोपण कराया जाएगा। इस संबंध में सभी संस्थानों से सोमवार तक लिखित सहमति पत्र देने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागों से अनुरोध किया गया कि 15 अगस्त 2025 के पूर्व यह अभियान पूर्ण किया जाए, ताकि स्वतंत्रता दिवस पर हर ग्राम और मोहल्ला हरियाली से आच्छादित हो।
उल्लेखनीय है कि एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान के सफलता पुर्वक क्रियान्वयन के लिए जिला खनिज अधिकारी को नोडल नियुक्त किया गया है। बैठक में जिला खनिज अधिकारी छबिलेश्वर मौर्य, सहायक संचालक उद्यानिकी मीना मंडावी सहित एनएमडीसी के प्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी, औद्योगिक प्रतिनिधि और जनपद पंचायत सीईओ मौजूद थे।
प्रसव पूर्व निदान तकनीकी के संबंध में हुई आवश्यक बैठक
दंतेवाड़ा । जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर आज पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत जिला सलाहकार समिति की बैठक जिला चिकित्सालय में आयोजित की गई थी।
बैठक में समिति के द्वारा जिले में पीसीपीएनडीटी के तहत विभिन्न बिंदुओं के अन्तर्गत सेन्टर द्वारा ऑनलाईन रिपोर्टिंग, प्रत्येक तीन माह में एक बार निरीक्षण, संजीवनी सोनोग्राफी सेंटर का नवीनीकरण, ठाकुर पैथोलॉजी लैब से प्राप्त आवेदन, प्रत्येक दो माह में एक बार जिला सलाहकार बैठक आयोजित करने, जिले में लिंगानुपात के संबंध में आवश्यक चर्चा की गई। इसके अलावा जिले में संचालित सोनोग्राफी सेंटर का नियमित रूप से निरीक्षण करने के साथ-साथ सभी केंद्र से नियमित रूप से रिपोर्ट की समीक्षा की गई। और जिले में नवीन आवेदन पर चर्चा कर उक्त केंद्र का निरीक्षण हेतु दल गठन करने का सुझाव सहित जिले में लिंग भेद पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर सहमति हुई।
बैठक में जिला नोडल अधिकारी (पी.एन.डी.टी.) डॉ. एस. मण्डल, डॉ. देश दीपक, शिशु रोग विशेषज्ञ, डॉ. नमन साखंला, स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. श्रावली, मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार बघेल, जन संपर्क अधिकारी रंजीत पुजारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रतीक सोनी, जिला सलाहकार (पी.एन.डी.टी.) अंकित सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता बविता पाण्डे, उपस्थित थे।
किसानों को मिली ’’मिलेट मिक्सी’’, पोषण सुरक्षा की ओर एक मजबूत कदम
दंतेवाड़ा । जिला प्रशासन ने पोषण सुरक्षा और किसानों की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिले में मिलेट्स जैसे पारंपरिक और पोषणयुक्त अनाज जैसे कोदो, कोसरा और रागी के उपयोग को प्रोत्साहित करते हुए प्रशासन द्वारा गीदम विकासखंड के 20 किसानों को मिलेट मिक्सी वितरित की गई है। इस पहल का उद्देश्य न केवल मिलेट्स के घरेलू उपयोग को बढ़ावा देना है, बल्कि इन फसलों के उत्पादन का अधिकतम लाभ किसानों को दिलाना भी है।
कार्यक्रम का आयोजन और सहभागिता :
वितरण कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि विभाग की सभापति ममता मंडावी के करकमलों से किया गया। इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित थे। कार्यक्रम में मिलेट आधारित जीवनशैली को अपनाने और इसे ग्रामीण अंचल में प्रोत्साहित करने की दिशा में सार्थक संवाद भी हुआ।
मिलेट्स की खेती और चुनौतियां :
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में दंतेवाड़ा जिले में लगभग 16 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कोदो, कोसरा और रागी जैसी फसलें उगाई जाती हैं। हालांकि इन फसलों की स्थानीय प्रोसेसिंग सुविधाओं की कमी के चलते अधिकांश किसान इन्हें खुले बाजार में बेचने को विवश हैं, जिससे उन्हें इनका पूरा मूल्य नहीं मिल पाता। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए किसानों को प्रोसेसिंग उपकरण प्रदान कर उन्हें स्वयं के उपभोग तथा मूल्यवर्धन की दिशा में सक्षम बनाने का प्रयास किया गया है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को घर पर ही अनाजों की प्रोसेसिंग की सुविधा देना है, जिससे वे मिलेट्स को अपने दैनिक आहार में शामिल कर सकें। इससे न केवल ग्रामीण परिवारों में पोषण स्तर में सुधार होगा, बल्कि इन अनाजों की बाजार में मांग और मूल्य में भी वृद्धि होगी। साथ ही, यह खाद्य विविधता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने में सहायक सिद्ध होगा।
इसके अलावा कोदो, कोसरा और रागी जैसे अनाज पोषण का भंडार हैं, जिनमें फाइबर, आयरन, कैल्शियम, जिंक और बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इनका सेवन मधुमेह और मोटापे जैसी बीमारियों के नियंत्रण में सहायक होता है। साथ ही, इनमें फाइबर की अधिकता इन्हें पाचन के लिए लाभकारी बनाती है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाती है। विशेष रूप से रागी में उच्च मात्रा में कैल्शियम होता है, जो बच्चों और महिलाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है। इन फसलों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये कम पानी और उर्वरक में भी अच्छी उपज देती हैं, जिससे ये पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ कृषि का उत्कृष्ट उदाहरण बनती हैं।
जिला प्रशासन द्वारा आगामी समय में जिले के सभी मिलेट उत्पादक किसानों को चरणबद्ध रूप से प्रोसेसिंग उपकरण प्रदान करने की योजना बनाई गई है। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर उत्पाद आधारित विपणन रणनीतियों को भी लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करते हुए जिले को मिलेट आधारित पोषण मॉडल के रूप में स्थापित करना है।
लीगल एड डिफेंस द्वारा कार्यालय सहायक के 01, भृत्य के 02 रिक्त पदों (संविदा) के संबंध में आवेदन आमंत्रित 12 अगस्त तक किये जा सकते है आवेदन
दंतेवाड़ा, 25 जुलाई 2025
कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, द्वारा जारी विज्ञप्ति अनुसार कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित लीगल एड डिफेंस काउंसिल दंतेवाड़ा के स्थापना हेतु नालसा लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम संशोधित स्कीम 2022 में जारी दिशा निर्देश एवं छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के पत्र क्रमांक 7490/एल.ए.डी.सी.एस.-23/2024 दिनांक 11 जुलाई 2024 में दिए निर्देशानुसार 01 पद कार्यालय सहायक एवं 02 पद कार्यालय भृत्य (संविदा) हेतु निर्धारित मानदेय पर भारतीय नागरिकों से आवेदन आमंत्रित किए जाते है। आवेदन कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, जिला दंतेवाड़ा छ.ग. पिन नम्बर 494449 के कार्यालय में प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 12 अगस्त 2025 संध्या 05 बजे तक (स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से) निर्धारित किया गया है। विज्ञापन के संबंध में सम्पूर्ण जानकारी, शर्ते वेब साईटhttps://dantewada.dcourts.gov. in पर उपलब्ध है।
छत्तीसगढ़ी एवं संस्कृतिक क्रीड़ा मंडल के तत्वाधान में आयजित :
छत्तीसगढ़ का पहली तिहार हरेली त्यौहार धूमधाम से मनाया गया
गेढ़ी खेल इस कार्यक्रम को चार चाँद लगा दिया ।
किरंदुल । छत्तीसगढ़ भवन किरंदुल में छ्त्तीसगढ़ी सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा मंडल के तत्वाधान में गुरूवार शाम को छत्तीसगढ़ का प्रथम त्यौहार हरेली महापर्व का आयोजन एनएमडीसी के मुख्य महाप्रबंधक (उत्पादन) के.पी.सिंग के मुख्य आतिथ्य तथा विशेष अतिथिगण महाप्रबंधक खनन एस के कोचर, उपमहाप्रबंधक (कार्मिक विभाग) के.एल.नागवेणी, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष, रूबी सिंह, शैलेन्द्र सिंह, किरन्दुल शशिभूषण महापात्रा ,श्रमिक संघ इंटक के सचिव ए के सिंह,उप निरीक्षक लीलाराम गंगबेर, उत्कर्ष देवांगन, शाखा प्रबंधक एस बीआई तथा किरन्दुल नगर के विभिन्न छत्तीसगढी समाज के प्रमुख एवं महिला प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पूरी रीति-रिवाज के साथ किया गया।सावन माह के कृष्ण पक्ष अमावस्या में मनाया जाने वाला हरेली पर्व में अच्छी फसल की कामना के साथ अन्नदाता बैल और हल सहित कृषि कार्य में उपयोग होने वाले अन्य उपकरणों और औजारों की विशेष पूजा अर्चना कर खेती किसानी का कार्य प्रारम्भ करते है। अतिथिगणों के साथ पूजा का कार्यक्रम कचरू बैगा के करकमलों से सम्पन्न हुआ, देवेन्द्र साहू, पिलेश्वर निषाद , कीर्ति राणा, सावित्री निषाद व साथियों ने छत्तीसगढ़ राज्य गीत प्रस्तुत किया।सचिव पी एल साहू ने स्वागत उदबोधन में छत्तीसगढ के प्रथम तिहार हरेली के महत्व को बताते हुए सभी को पर्व की बधाई दी । उपस्थित सदस्यों ने छत्तीसगढी हरेली गीत के साथ गेड़ी का भरपुर आनंद लिया।कार्यक्रम के अंत मे प्रसाद व मिष्ठान वितरण किया गया।धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष लोकनाथ एवं कार्यक्रम का संचालन बी एल तारम ने किया ।
हरेली महापर्व के इस शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा मंडल के अध्यक्ष लोकनाथ चुरेन्द्र, सचिव पी एल साहू, कार्यालय सचिव डागेंद्र वर्मा,संरक्षक नागेश्वर नांदल, उप महाप्रबंधक (खनन),शुशांत रामटेके,विनोद मंडले,पलक राम,कल्याण सिंघ रावटे, देवेन्द्र लाला साहू,पतिराम , पिलेश्वर निषाद, परमेन्द्र पटेल,गुलेंद्र, दिलीप ठाकुर,लीलाधर यादव,जीवन साहू,, घनश्याम वर्मा, वीरेंद्र साहू, दिलीप ठाकुर,मोहित देशमुख,वीरेन्द्र वैष्णव,ओमकुमार साहु,अनिल साहु,योगेश साहू, सूरज सिप्पी,पार्षद अमृत टंडन, गौरीशंकर जाटवार, गणेश,अनुराग,चंचल देवांगन,गोविंद उइके,जीवन साहू, , पार्षद कीर्तनी राणा ,पार्षद गायत्री ,ईश्वरी वर्मा, ,सहित संस्था के सभी वरिष्ठ सदस्य एवं मातृ शक्तियां तथा बच्चे भारी संख्या मे उपस्थित थे।
28 को होगा जिला चिकित्सालय में मेगा ब्लड डोनेशन कैम्प
कलेक्टर द्वारा रक्तदान पुनीत कार्य में सहभागी बनने के लिए नागरिकों से की गई अपील
दंतेवाड़ा । रक्तदान एक महादान है और इससे हम किसी जरूरतमंद को जीवनदान दे सकते है। इस परिप्रेक्ष्य में दिनांक 28 जुलाई 2025 को भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, दंतेवाड़ा द्वारा जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा में मेगा ब्लड डोनेशन कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। उक्त कैम्प का आयोजन जिला प्रशासन एवं रेडक्रॉस के सहयोग से किया जा रहा है। इस संबंध में कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा आम नागरिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों एवं विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे सभी इस शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और जरूरतमंदों के जीवन में आशा की नई किरण बनें। क्योंकि रक्तदान से कई जीवन सुरक्षित हो सकते है। अतः इस पुनीत कार्य में सहभागी बनकर दूसरों को भी प्रेरित करें। नागरिकों का बहुमूल्य सहयोग इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।