आदि कर्मयोगी अभियान : जन शिकायत और लाभार्थी संतृप्ति शिविर 15 तक
उत्तर बस्तर कांकेर । भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले के जनजाति बाहुल्य ग्रामों में आदि कर्मयोगी अभियान का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसका उद्देष्य आदि सेवा केन्द्रों और आदि कर्मयोगी वालिंटियर्स के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में अंतिम छोर तक शासकीय सेवा वितरण को सुदृढ़ करना है। ग्राम स्तरीय आदि सेवा केन्द्रों को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम-जनमन के अंतर्गत पात्रता संबंधी सुविधा, षिकायत निवारण, शासकीय योजनाओं के समन्वय और सामुदायिक सहभागिता के लिए स्थायी मंच के रूप में परिकल्पना की गई है। इसके साथ ही कार्यरत् आदि कर्मयोगी वालिंटियर्स का उद्देष्य प्रषिक्षित स्थानीय वालिंटियर्स के रूप में जागरूकता सृजन, नागरिक सुविधा विस्तार, षिकायत निवारण, डिजिटल दस्तावेजीकरण और सामुदायिक जागरूकता में सहयोग करना है।
यह अभियान जिले के सभी सातों विकासखंड के 552 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में क्रियान्वित किया जा रहा है। इन केन्द्रों के सुचारू संचालन से जनजातीय नागरिकों के लिए शासकीय सेवाओं को सुलभ बनाने और ग्राम स्तर पर सहभागी और उत्तरदायी शासन को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करना है। इस अभियान के अंतर्गत 13 अगस्त से 15 अगस्त तक जिले के सभी आदिसेवा केन्द्रो में जनसुनवाई (जन शिकायत निवारण और लाभार्थी संतृप्ति शिविर) का आयोजन किया किया जा रहा है। उक्त जन सुनवाई के आयोजन मंे आदिम जाति विकास विभाग, पंचायत ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, षिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, कृषि विभाग, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, राजस्व विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, बैंकिग एवं सीएससी और अन्य संबंधित विभागों के जिला एवं विकासखण्ड स्तर के अधिकारियों की भागीदारी सुनिष्चित करते हुए षिविरों में इन विभागों के योजनाओं के सुविधाओं से लाभान्वित करने के निर्देष दिये गये हैं। आदि कर्मयोगी वालिंटियर्स की सहभागिता सुनिष्चित करते हुए आदि सेवा केन्द्रों में जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित करने तथा जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा निर्मित एनआईसी पोर्टल https://adiprasaran.tribal.gov.in/jansunwai/CreateUsers.aspx पर की गई कार्यवाही की जानकारी अपलोड करने के लिए निर्देशित किया गया है।