एण्डटीवी के कलाकारों कोअपने पेट्स से मिलता है दोस्ती और सुकून का एहसास
एण्डटीवी के कलाकारों कोअपने पेट्स से मिलता है दोस्ती और सुकून का एहसास मुंबई,अप्रैल 2025:पेट्स सिर्फ जानवर नहीं होते हैं, बल्कि यह बेजुबान हमारा उत्साह बढ़ाते हैं, तनावखत्म करते हैं और ऐसे साथी होते हैं, जिन्हें केवल प्यार चाहिये। नेशनल पेट डे परएण्डटीवी के कलाकार उस निस्वार्थ प्यार और वफादारी पर बात कर रहे हैं, जो किउन्हें अपने फरी फ्रेंड्स से अपनी जिन्दगी में मिली है। यह कलाकार हैं तेजस्विनीसिंह (भीमा, ‘भीमा’), हिमानी शिवपुरी (कटोरी अम्मा, ‘हप्पू की उलटन पलटन’) औरविदिशा श्रीवास्तव (अनीता भाबी, ‘भाबीजी घर पर हैं’)। भीमा में मुख्य भूमिका निभा रहीं तेजस्विनी सिंह ने बताया, ‘‘बचपन से हीडॉग्स के लिये मेरे दिल में एक खास जगह है। मैं अक्सर अपने पैरेंट्स से एक पेटलाने के लिये कहती थी, लेकिन मेरी इच्छा को किस्मत ने पूरा किया। कुछ महीने पहलेमैं वॉक कर रही थी और एक छोटा-सा, लेकिन जोश से भरा स्ट्रे पपी मेरी ओर आया। उसकीआँखों में बहुत चमक थी और वह बड़े प्यार से मेरे पैर से लिपट गया, मानो कह रहा होकि ‘मुझे घर ले चलो!’ यहाँ से हमारा रिश्ता शुरू हुआ।
मैंने उसका नाम टाइसन रखा,क्योंकि वह चुलबुला और निडर है। हम घंटों तक इधर-उधर दौड़ लगाते रहते, खिलौनों सेखेलते और एक-दूसरे के साथ हमें बड़ा मजा आता। आखिरकार मैं उसे अपने घर ले आई। आज वहसिर्फ मेरा पालतू नहीं, बल्कि एक दोस्त है और मेरा पूरा परिवार उससे प्यार करताहै। कभी-कभी तो मुझे लगता है कि उसे मुझसे ज्यादा प्यार मिलता है!’’ ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ में कटोरीअम्मा की भूमिका निभा रहीं हिमानी शिवपुरीने बताया, ‘‘पेट्स हमारी जिन्दगी को रोशन करने का एक जादुई तरीका हैं। वे जब पूंछहिलाते हैं या हमसे प्यार करते हैं, तो हमारा मूड तुरंत अच्छा हो जाता है। जानवरोंके लिये मेरा प्यार देहरादून में बिताए गए मेरे बचपन से ही शुरू हो गया था। मैं हरतरह के पेट्स के बीच पली-बढ़ी, जैसे कि बिल्ली, डॉग्स और पक्षी। मेरे पिता को सभीप्राणियों के प्रति गहरा प्यार और आदर था और उन्होंने यह भावना मुझे भी दी। वहअक्सर कहा करते थे कि जानवरों का प्यार सबसे पवित्र होता है। अपने पिता कोनिस्वार्थ भाव से जानवरों की देखभाल करते देखने का मुझ पर बड़ा असर हुआ।
बचपन से हीजानवरों से प्यार करने का आज भी मेरे जीवन पर प्रभाव है। मुंबई में जिन्दगी ज्यादाव्यस्त है और जगह भी सीमित है, लेकिन जानवरों के लिये मेरा प्यार कम नहीं हुआ है।‘हप्पू की उलटन पलटन’ के सेट पर मैं छह साल से ज्यादा समय से स्ट्रे डॉग्स कीदेखभाल कर रही हूँ। मैंने उनके नाम जेनी, टाइगर और स्कॉटी रखे हैं और वह हमारेपरिवार का अटूट हिस्सा बन चुके हैं। मैं सुनिश्चित करती हूँ कि उन्हें रोजाना पूराखाना मिले, विपरीत मौसम में भी उनके रहने के लिए एक सही स्थान हो और जरूरत होने परबेसिक मेडिकल केयर भी उन्हें मिल जाए। घर पर भी मैं दो स्ट्रे डॉग्स की नियमितदेखभाल करती हूँ और वह रोजाना मेरे पास आते हैं। हर रविवार को मैं उनके लिये खासखाना बनाती हूँ, जिसमें ओट्स, शकरकंद, अंडे, चावल और मीट होता है। उनकी वफादारी,मासूमियत और उनसे मिलने वाली तसल्ली मुझे निस्वार्थ और पवित्र प्यार का अनुभव देतीहै।’’
‘भाबीजी घर पर हैं‘ की अनीता भाबी, ऊर्फ विदिशा श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘कहा जाता हैकि पेट्स सिर्फ हमारे घरों में नहीं, बल्कि दिलों में भी रहते हैं और मुझे इस बातपर पूरा यकीन है। करीब तीन साल पहले मेरा किसी से सामना हुआ और फिर सबकुछ बदल गया।पैनी आँखों वाला एक सफेद, फरदार और मिश्रित नस्ल का पपी मेरी जिन्दगी में आया।उसकी शख्सियत खुश कर देने वाली थी और वह शरारती, लेकिन बहुत प्यार करने वाला था।मैंने उसका नाम फॉक्सी रखा, क्योंकि उसको देखकर सफेद लोमड़ी की याद आती है। वहशानदार, जिज्ञासु और जिंदादिल है। वह सिर्फ एक पेट नहीं है, बल्कि मेरा साथी,थेरैपिस्ट और मुझे सबसे ज्यादा सुनने वाला है। वह मेरा पीछा करता है, मेरे मूड कोसमझ लेता है और उसकी चालाकी अक्सर मुझे एक थका देने वाले दिन के बाद भी हंसा देतीहै। फॉक्सी ने मुझे धीरज रखना, संवेदना जताना और छोटी-छोटी चीजों में खुशियाँखोजना सिखाया है।’’ अपनेपसंदीदा कलाकारों को देखिये ‘भीमा’ में रात 8:30 बजे, ‘हप्पू की उलटन पलटन’ मेंरात 10:00 बजे और ‘भाबीजी घर पर हैं’ में रात 10:30 बजे, सोमवार से शुक्रवार सिर्फएण्डटीवी पर!