देश-विदेश
अमेरिका में लापता हुई एक और भारतीय छात्रा
वाशिंगटन। अमेरिका में भारतीयों छात्रों का गायब होना या उन पर हमला होना आम बात हो गई है। यहां लगातार भारतीयों को निशाना बनाया जा रहा है। अब कैलिफोर्निया में 23 साल की एक भारतीय छात्रा लापता है। उसका पिछले हफ्ते से कुछ पता नहीं लगा है। पुलिस ने उसे ढूंढने के लिए लोगों की मदद मांगी है।
पुलिस के अनुसार, कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी सैन बर्नार्डिनो (सीएसयूएसबी) की छात्रा नितिशा कंडुला 28 मई से लापता हैं। सीएसयूएसबी के पुलिस प्रमुख जॉन गुटेरेज ने रविवार को एक्स पर कहा कि उसे आखिरी बार लॉस एंजिलिस में देखा गया था और उसके लापता होने की खबर 30 मई को मिली थी। छात्रा की खोज के लिए पुलिस ने एक नंबर (909) 537-5165 भी जारी किया है। अधिकारी ने कहा कि अगर किसी को नितिशा के बारे में कोई भी जानकारी मिलती है तो इस नंबर पर फोन करके बताएं।
दिल्ली-UP में गर्मी का सितम, बिहार-राजस्थान में लू का अलर्ट; जानें 10 राज्यों का मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, जम्मू, हिमाचल और ओडिशा में आज भीषण लू चलने के आसार हैं. ऐसे में मौसम विभाग ने ज्यादातर लोगों को घर में ही रहने की सलाह दी है.
देश में कही बारिश तो कही लू का प्रकोप है. मौसम में बदलाव तो नजर आ रहा है, लेकिन भीषण गर्मी का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है. देश की राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई है. इसके बाबजूद लोगों को गर्मी से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है. ऐसा ही हाल देश के कई राज्यों का है. मौसम विभाग ने आज भीषण लू चलने का अलर्ट जारी किया है. साथ ही लोगों को घर में रहने की सलाह दी है.
मौसम विभाग के मुताबिक, आज दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, हरियाणा, जम्मू, हिमाचल और छत्तीसगढ़ में भीषण लू चलने की संभावना है. ऐसे में विभाग ने बच्चे और बूढों को घरों में रहने की सलाह दी है. उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिन तक ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है. प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश के आसार बताए गए हैं. वहीं, कई इलाके अभी लू के प्रकोप की जद में रहेंगे. प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी अंचल में तेज धूल भरी आंधी में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है.
फिर से जोर पकड़ेगी गर्मी
बीते दो दिनों से दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी से लोगों को राहत मिली. अब फिर से गर्मी अपने प्रचंड रूप में आने वाली है. मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार यानी आज से गर्मी फिर से जोर पकड़ने वाली है, तापमान में बढ़ोत्तरी रहेगी. बुधवार को दिल्ली का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. अगले तीन दिन तक दिन में लू चलेगी, रात में चलने वाली हवाओं से जरुर राहत मिल सकती है.
इन राज्यों में भी गर्मी का कहर
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जगहों पर तापमान अभी भी 43 डिग्री या इससे ऊपर बना हुआ है. इन स्थानों पर दिन में जहां तामपान अधिक होने से लोगों को गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, रात में हवाएं ठंडी होने से राहत मिल रही है. उधर, झारखंड के उत्तर-पूर्वी, मध्य तथा दक्षिणी हिस्सों में आज तेज हवाओं और गरज के साथ बारिश के आसार हैं. कुछ इलाकों में बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है.
बिहार में मौसम सुहाना
बिहार के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है. राजधानी पटना समेत कई इलाकों में मौसम सुहाना बना रहेगा. राज्य के अलग-अलग्ब हिस्सों में मध्यम स्तर की बारिश देखने को मिल सकती है. केरल में मानसून ने दस्तक दे दी है. दिल्ली में 27 जून तक मानसून आने की उम्मीद है. वहीं, शुरूआती जुलाई में पूरे देश में मानसून छा जाएगा, जिसके बाद भीषण गर्मी से लोगों को निजात मिलेगी.
आईटी कंपनी की बिल्डिंग में लगी आग
नई दिल्ली । इन दिनों भीषण गर्मी के बीच नोएडा में आग लगने की घटना लगातार सामने आ रही है। पिछले तीन दिन से लगातार नोएडा में कहीं न कहीं, किसी न किसी कारण से आग लग जा रही है। यहां शनिवार की दोपहर एक आईटी कंपनी की बिल्डिंग में अचानक आग लग गई। आग की चपेट में बिल्डिंग में स्थित एक ऑफिस भी आ गई। बिल्डिंग में आग लगने के बाद उसमें मौजूद ऑफिस के लोग बाहर निकल गए। वहीं आग लगने के बाद बिल्डिंग के आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वैसे अभी आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंची है और आग पर काबू पाने की कोशिश में लग गई है।
इन दिनों लगातार नोएडा में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही है। शुक्रवार को भी नोएडा के आम्रपाली जोडिएक सोसाइटी के अंदर एक दुकान में आग लग गई थी। इस आग से आसपास के दुकानों को भी नुकसान पहुंचाया था. हालांकि, फायर ब्रिगेड ने समय रहते आग पर काबू पा लिया जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
मानसून ने पकड़ी रफ्तार, जल्द मिलेगी भीषण गर्मी से राहत
नई दिल्ली। लोगों को भीषण गर्मी से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल, इन दिनों मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है, जिसके चले केरल में भारी बारिश हो रही है, जिसे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कोट्टायम और इडुक्की जिले में बारिश के बाद जलजमाव की स्थिति बन गई है। वहीं मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट भी जारी किया है।
असम, मणिपुर में भारी बारिश
केरल के अलावा असम और मणिपुर में भी भारी बारिश हो रही है और कई जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। मणिपुर में बराक नदी तो वहीं असम में ब्रह्मपुत्र सहित अन्य नदियां खतरे के निशान से ऊपर है।
इन राज्यों में होगी बारिश
पाकिस्तान की ओर से हवाएं अरब सागर की ओर बह रही है। जिससे उत्तर भारत के राज्यों में भी आगामी कुछ दिनों में बारिश के आसार है, साथ ही तपिश से भी राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल उत्तरी राज्यों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी देखने को मिल रही है। जानकारी के अनुसार इन मौसमी परिवर्तन के कारण उत्तर पूर्वी उत्तर प्रदेश, दक्षिण पूर्वी बिहार, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, और पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है।
पूर्वोत्तर के राज्यों में होगी बारिश
चक्रवात रेमल का असर पूर्वोत्तर के राज्यों में दिखाई दे रहा है, जिसके चलते यहां कई स्थानों पर बारिश हो रही है। मुख्य नदियों सहित अन्य सहायक नदियां भी उफान पर है और कई जिलों में तो बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं।
बिहार: भीषण गर्मी के चलते सभी स्कूल, कोचिंग और आंगनवाड़ी सेंटर इस तारीख तक बंद, आदेश जारी
Bihar School Closed News: पूरे उत्तर भारत सहित देश के अन्य राज्यों में इस वक्त कड़ाके की गर्मी पड़ रही है। जिसको लेकर मौसम विज्ञान विभाग ने कई जगहों पर रेड और पिंक अलर्ट जारी किया है। गर्मी से आलम यह है कि लोग घरों से बाहर सिर्फ जरूरी काम के सिलसिले में ही निकल रहे हैं। वहीं, बढ़ती गर्मी की वजह से लगभग हर शहर में बिजली कटौती की समस्या भी आम हो गई है। वहीं, इसी बीच बिहार सरकार की तरफ से बढ़ती गर्मी को देखते हुए शैक्षणिक संस्थानों को लेकर नया आदेश जारी किया गया है।
8 जून तक सभी शैक्षणिक संस्थान बंद करने के निर्देश
बढ़ती गर्मी के चलते बिहार सरकार ने 8 जून तक प्राइवेट, सरकारी स्कूलों, कोचिंग संस्थानों, और आंगनवाड़ी सेंटर्स को बंद करने का निर्देश दिया है। आदेश में कहा गया है कि जो संस्थान अवहेलना करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बिहार में औरंगाबाद सबसे गर्म
बिहार का औरंगाबाद बुधवार को सबसे गर्म जिला रहा। यहां पर पर तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से कहा गया है कि यह बिहार में अब तक का सबसे अधिकतम तापमान रहा है।
मालदीव को लेकर कांग्रेस के आरोप पर EaseMyTrip ने दिया जवाब, कहा- कभी नहीं बदलेगी राष्ट्रवादी सोच
ट्रैवल कंपनी ईजमाइट्रिप के सीईओ निशांत पिट्टी ने मालदीव के लिए हाल में फ्लाइटों की बुकिंग से उठे विवाद पर कांग्रेस से कहा है कि 16 मई और 26 मई के बीच कुछ बुकिंग हुईं जरूर थीं लेकिन वह कंपनी ने फौरन ही हटा दीं। इसा साल प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में इंटरनेट मीडिया पर ईजमाइट्रिप कंपनी ने मालदीव की बुकिंग नहीं लेने का एलान करके बहुत सुर्खियां बटोरी थीं।
ट्रैवल कंपनी ईजमाइट्रिप के सीईओ निशांत पिट्टी ने मालदीव (Maldives) के लिए हाल में फ्लाइटों की बुकिंग से उठे विवाद पर कांग्रेस से कहा है कि 16 मई और 26 मई के बीच कुछ बुकिंग हुईं जरूर थीं, लेकिन वह कंपनी ने फौरन ही हटा दीं।
इस साल जनवरी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समर्थन में इंटरनेट मीडिया एक्स पर ईजमाइट्रिप कंपनी ने मालदीव की बुकिंग नहीं लेने का एलान करके बहुत सुर्खियां बटोरी थीं। लेकिन हाल में वहां के लिए भारतीय पर्यटकों की बुकिंग लेने के मामले सामने आने पर केरल कांग्रेस ने आपत्ति जताई थी।
बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में हाथियों के लिए की गई विशेष व्यवस्था
उमरिया। जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान और गर्मी को लेकर वन्य प्राणी भी परेशान हैं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के जंगलों में वन्य प्राणी पानी और ठंडे स्थानों की तलाश कर अपना ठिकाना बना रहे हैं।टाइगर रिजर्व में बाघ ठंडे स्थान और पानी में अठखेलियां करते हुए दिखाई दे रहे हैं, तो जंगली हाथी तालाबो के आसपास नजर आते हैं। ऐसे में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के विभागीय हाथियों का गर्मी से बचाव करने के लिए प्रबंधन ने विशेष व्यवस्था की है। सुबह और शाम को ही काम, खाने में गन्ने की मात्रा अधिक बढ़ती गर्मी को लेकर टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने विभाग के हाथियों के लिए सुबह 10 बजे से पहले और शाम को धूप कम होने के बाद ही काम लिया जाता है। गर्मी में हाथियों के लिए विशेष गन्ने की व्यवस्था की जाती है।
चीतल का शिकार : तीन आरोपियों के विरूध्द मामला कायम
उमरिया।वनमण्डलाधिकारी ने बताया कि वन परिक्षेत्र नौरोजाबाद अन्तर्गत बीट रहठा में चीतल के शिकार की सूचना मुखबिर से प्राप्त होने पर वन परिक्षेत्राधिकारी एवं परिक्षेत्र के कर्मचारियों ने ग्राम रहठा निवासी राजमणी सिंह पिता मनोहर सिंह के आवास पर पहुंचकर घर की तलाशी ली जिसमें तलाशी के दौरान 1 नग नर चीतल मृत अवस्था में घर की रसोई में पाया गया । जिसके उपरांत प्रकरण की जांच करते हुए परिवार के 3 सदस्यों को आरोपी बनाया गया । आरोपियों के विरूद्ध वन्य जीव संरक्षण 1972 की शिकार के धाराओं के तहत विवेचना / जांच की जा रही है। प्रकरण में वेटनरी डॉक्टर की उपस्थिति में शव परीक्षण किया गया , एवं प्रक्रियाओं का पालन करते हुए शवदाह की प्रक्रिया पूर्ण की गई प्रकरण की विवेचना जारी है।
इटली में दिखा जाह्नवी का बॉयफ्रेंड संग रोमांस
मुंबई ।'बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर अपनी फिल्मों से ज्यादा अपने रिलेशनशिप को लेकर इन दिनों चर्चा में बनी रहती हैं। ऐसे में एक्ट्रेस एक बार फिर अपनी लव-लाइफ को लेकर चर्चा में आ गई हैं। दरअसल, हाल ही में जाह्नवी कपूर का एक वीडियो सामने आया है, जो कि अनंत-राधिका की प्री-वेडिंग के दौरान का है। इस वीडियो में जाह्नवी कपूर अपने ब्वॉयफ्रेंड शिखर पहाड़िया संग भरी महफिल में रोमांस करती हुई नजर आ रही हैं। वीडियो में आप देख सकते हैं कि जाह्नवी कपूर प्लेट में कुछ खा रही होती हैं, इतने में उनके बगल में खड़े शिखर पहाड़िया उन्हें अपने हाथ से खिलाने के लिए इशारा करते हैं। इसके बाद आप देखेंगे कि जाह्नवी कपूर उन्हें अपनी चम्मच से बीच-बीच में खिलाती हुई नजर आ रही हैं। इस वीडियो को देख सोशल मीडिया पर फैंस ने इस कपल को बेस्ट कपल का टैग दे दिया है। फैंस को दोनों के बीच की ये क्यूट केमेस्ट्री खूब पसंद आ रही हैं।
दर्दनाक हादसा, कार में आग, चार लोग जिंदा जले
मेरठ । मेरठ के कावड़ पटरी मार्ग पर दिल्ली से हरिद्वार जा रही कार में अचानक आग लग गई। कार सवार लोग जब तक कुछ कर पाते आग विकराल रूप धारण कर लिया था। हादसे में चार लोगों की मौत हुई है। कावड़ पटरी मार्ग पर दिल्ली से हरिद्वार जा रहे सेंट्रो कार सवार चार लोग जिंदा जल गए। कार में जिस वक्त आग लगी सभी लोग चीखने और चिल्लाने लगे, लेकिन चाह कर भी कोई मदद नहीं कर पाया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और जिसने भी कार के अंदर अधजले शव देखे उसकी ही रूह कांप गई। ये दर्दनाक हादसा मेरठ के जानी थाना इलाके के भोला की झाल कावड़ पटरी मार्ग के पास हुआ।
हादसे के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली की तरफ से सेंट्रो कार संख्या डीएल 4सी एपी 4792 हरिद्वार की तरफ जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चलती कार में अचानक से आग की लपटे उठने लगी। कोई कुछ समझ पाता कि कार रुक गई और आग का गोला बन गई।
एग्जिट पोल : शेयर बाजार की धमाकेदार ओपनिंग
सेंसेक्स 2595 अंक उछलकर खुला, निफ्टी 23,300 के पार
मुंबई। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों से पहले एग्जिट पोल में एनडीए की सरकार बनने के अनुमान से घरेलू शेयर बाजार ने सोमवार को धमाकेदार ओपनिंग की है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का इंडेक्स सेंसेक्स बाजार खुलते ही 2595 अंक उछलकर खुला। सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर सेंसेक्स 2594.53 अंक की जोरदार बढ़त के साथ 7655.84 के लेवल पर शानदार कारोबार करता हुआ खुला। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क निफ्टी भी 788.85 अंकों की जोरदार तेजी के साथ 23319.55 के लेवल पर कारोबार कर रहा था। व्यापक सूचकांक सकारात्मक दायरे में खुले। बैंक निफ्टी सूचकांक 1905.90 अंक या 3.89% बढ़कर 50,889.85 पर खुला।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सवेरे ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक से दूरभाष पर चर्चा की
उन्होंने ओडिशा के बालासोर जिले में हुए ट्रेन हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए, अपनी संवेदना प्रकट की
श्री भूपेश बघेल ने श्री नवीन पटनायक से कहा कि छत्तीसगढ़ की ओर से ओडिशा को हर संभव मदद की जायेगी
श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग हताहतों के परिजनों के दुख में साथ खड़े हैं, घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं
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ओडिशा के बालासोर जिले में तीन ट्रेनों की टक्कर हो गई,! जानें देश में कब-कब हुए ट्रेन हादसे?
ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार को तीन ट्रेनों की टक्कर हो गई है. यहां बहनागा स्टेशन के पास SMVB-हावड़ा एक्सप्रेस (12864), कोरोमंडल एक्सप्रेस और मालगाड़ी की टक्कर हुई है.सबसे पहले हावड़ा एक्सप्रेस की मालगाड़ी से टक्कर हुई, उसके बाद मालगाड़ी कोरोमंडल से जा टकराई. हादसे में 233 लोगों की मौत हो गई. 900 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. कोरोमंडल एक्सप्रेस पश्चिम बंगाल में कोलकाता के हावड़ा स्टेशन और तमिलनाडु के चेन्नई के बीच चलती है.
हादसे में 15 बोगी पटरी से उतरी हैं. 7 बोगियां पूरी तरह पलट गई हैं. कई लोगों के बोगी के अंदर फंसे होने की बात कही जा रही है. जानिए देश में कब-कब बड़े ट्रेन हादसे हुए हैं...
इससे पहले 14 जनवरी 2022 को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में दोमोहानी के पास हादसा हुआ था. इसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी. राजस्थान के बीकानेर से असम के गुवाहाटी जा रही बीकानेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस की 12 बोगियां पटरी से उतर गई थीं. तब 34 महीने बाद रेल हादसा हुआ था. अब 16 महीने बाद यानी जून 2023 में दूसरा रेल हादसा सामने आया है.
अब कहां हादसा हुआ...
ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार शाम बहनागा स्टेशन के पास ट्रेन हादसा हो गया. यहां कोरोमंडल एक्सप्रेस (12841) और मालगाड़ी आपस में टकरा गई. हादसे में 50 लोगों की मौत हो गई. 350 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए हैं. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कोरोमंडल एक्सप्रेस की 15 बोगी पटरी से उतर गईं. ट्रेन के कई डिब्बे मालगाड़ी पर चढ़ गए. यह ट्रेन पश्चिम बंगाल के शालीमार से चेन्नई सेंट्रल जा रही थी. 200 किमी बाद ट्रेन हादसे का शिकार हो गई.
ट्रेनों के आपस में टकराने का ये चौथा हादसा...
27 जनवरी, 1982: आगरा के पास घने कोहरे में एक मालगाड़ी और एक एक्सप्रेस पैसेंजर ट्रेन की आमने-सामने टक्कर हो गई थी, जिसमें 50 लोगों की मौत हो गई थी.
14 मई, 1995: मद्रास-कन्याकुमारी एक्सप्रेस सलेम के पास एक मालगाड़ी से टकरा गई थी, जिसमें 52 लोगों की मौत हो गई थी.
14 दिसंबर, 2004: जम्मू तवी एक्सप्रेस और जालंधर-अमृतसर पैसेंजर ट्रेन आपस में टकरा गई थीं. ये हादसा होशियारपुर, पंजाब के पास हुआ था. हादसे में 39 यात्रियों की मौत हो गई थी.
2 जून 2023: ओडिशा के बालासोर में कोरोमंडल एक्सप्रेस सामने से आ रही मालगाड़ी से टकरा गई. हादसे में अब तक 50 लोगों की मौत हो गई है. 350 से ज्यादा लोग घायल हो गए.
मार्च 2019 के बाद किसी रेल हादसे में मौत
साल 2022 में देश में 34 महीने बाद कोई रेल हादसा हुआ है, जिसमें किसी की मौत हुई है. इससे पहले 22 मार्च 2019 को रेल हादसे में मौत हुई थी. 12 फरवरी 2021 को तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल ने राज्यसभा में इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि 22 मार्च 2019 के बाद कोई ऐसा रेल हादसा नहीं हुआ, जिसमें किसी की मौत हुई हो.
इससे पहले कब-कब रेलवे हादसे हुए...
कदलुंदी नदी पुल हादसा (केरल, 2001)
केरल में वर्ष 2001 में हुए कदलुंडी नदी रेल पुल हादसे में 50 से अधिक लोगों की जान गई थी. सबसे बड़ी ट्रेन दुर्घटनाओं में से एक इस हादसे में लगभग 300 लोग घायल हुए थे और कम से कम 57 लोगों की जान गई थी. ट्रेन केरल में कोझीकोड के पास कदलुंडी नदी पर पुल 924 को पार कर रही थी. जब एक डिब्बा टूट गया और ट्रेन पटरी से उतर गई. भारी मानसून और ट्रेन में ही कुछ खामियां के चलते ये हादसा हुआ था.
रफीगंज रेल पुल (बिहार, 2002)
10 सितंबर 2002 को तेज रफ्तार राजधानी एक्सप्रेस उत्तर-मध्य भारत में धावे नदी पर बने पुल पर पटरी से उतर गई थी. इस हादसे में तकरीबन 130 लोगों की मौत हो गई थी. शुरुआत में दुर्घटना का कारण पुराने पुल में जंग लगना बताया गया था मगर बाद में पता चला कि दुर्घटना इलाके के नक्सलियों द्वारा जानबूझकर की गई थी.
वलिगोंडा रेलवे ब्रिज (तेलंगाना, 2005)
अचानक आई बाढ़ के कारण हैदराबाद के निकट वेलिगोंडा में स्थित एक छोटा पुल बह गया. 29 अक्टूबर 2005 को एक ट्रेन पुल के इस हिस्से को पार कर रही थी. ट्रेन को जानकारी नहीं थी कि पुल का एक हिस्सा गायब है और यह ट्रेन अपने सवारों समेत पानी में उतरती चली गई. इस हादसे में लगभग 114 लोग मारे गए और 200 से अधिक घायल हो गए.
भागलपुर (बिहार, 2006)
हावड़ा जमालपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस पर दिसंबर 2006 में 150 साल पुराना एक ओवर ब्रिज गिर गया. इस घटना में लगभग 30 लोगों की मौत हो गई थी.
पंजागुट्टा पुल (तेलंगाना, 2007)
हैदराबाद के पंजागुट्टा में एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर सितंबर 2007 में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. पुल के नीचे से गुजरने वाले वाहनों पर फ्लाईओवर का मलबा गिरा जिससे कई लोग घायल हुए. हादसे में 15 लोगों की मौत भी हुई थी.
कोटा चंबल ब्रिज (राजस्थान, 2009)
दिसंबर 2009 में राजस्थान के कोटा जिले में चंबल नदी पर एक निर्माणाधीन पुल ढह गया जिससे मलबे में फंसे लगभग 28 मजदूरों की मौत हो गई थी. इस परियोजना के प्रभारी हुंडई और गैमन के 14 अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही का मामला भी दर्ज किया गया था.
कोलकाता फ्लाईओवर (पश्चिम बंगाल, 2016)
31 मार्च 2016 को, कोलकाता में निर्माणाधीन विवेकानंद फ्लाईओवर गिर गया जिसमें 27 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और लगभग 80 घायल हो गए. कंस्ट्रक्शन फर्म, IVRCL के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था.
मुंबई-गोवा राजमार्ग पुल (महाराष्ट्र, 2016)
2 अगस्त 2016 की देर रात मुंबई-गोवा राजमार्ग पर सावित्री नदी पर ब्रिटिश काल के एक पुल के गिरने से लगभग 41 लोगों की मौत हो गई. तकरीबन एक दर्जन वाहन नदी में गिर गए जिसमें कई लोग घायल हुए थे.
मुंबई फुट ओवर ब्रिज, (महाराष्ट्र, 2017)
एलफिंस्टन रोड रेलवे स्टेशन पर एक फुट ओवर ब्रिज 29 सितंबर, 2017 को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 29 यात्रियों की मौत हो गई थी.
माजेरहाट ब्रिज, कोलकाता (पश्चिम बंगाल, 2018)
कोलकाता में 04 सितंबर, 2018 को एक बड़ा पुल ढह गया. माजेरहाट ब्रिज, दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम कोलकाता के बीच मुख्य कनेक्टर्स में से एक था. शाम के ट्रैफिक के भार के चलते पूरा पुल नीचे गिर गया, जिससे 3 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 20 लोग घायल हो गए.
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मोदी सरकार ने दी दुनिया की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना को मंजूरी। *
किसानों की आय में होगी वृद्धि तथा पैक्स होंगे सशक्त__ शशिकांत द्विवेदी
भारतीय जनता पार्टी सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक शशिकांत द्विवेदी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना को मंजूरी दी गई है। सहकारिता के माध्यम से अगले पांच वर्षों में 2150लाख मैट्रिक टन अन्न भंडारण क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
अभी तक देश में कुल 1450लाख टन अन्न भंडारण की क्षमता है। किंतु अब सहकारिता के क्षेत्र में सात सौ लाख मैट्रिक टन भंडारण की अतिरिक्त क्षमता बढ़ाने पर काम शुरू हो जाएगा। इस पर लगभग एक लाख करोड रुपए खर्च होंगे। सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक शशिकांत द्विवेदी ने बताया कि मौजूदा योजना काफी लाभकारी है ।यह न केवल पैक्स के स्तर पर गोदामों के निर्माण द्वारा देश में भंडारण के आधारभूत संरचना के कमियों को दूर करेगी बल्कि पैक्स को कई अन्य गतिविधियां संचालित करने में सक्षम बनाएगी।
श्री द्विवेदी ने बताया कि केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी की अध्यक्षता में अंतर मंत्रालयीन समिति (आई एम सी) के गठन किए जाने का निर्णय लिया गया है। जिसमें कृषि और किसान कल्याण मंत्री, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और संबंधित मंत्रालयों के सचिव सदस्य के रूप में शामिल होंगे ।यह योजना न केवल पैक्स के स्तर पर गोदामों के निर्माण द्वारा देश में भंडारण के इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर करेगी बल्कि पैक्स को कई अन्य गतिविधियां करने के लिए सक्षम बनाएगी।
जैसे भारतीय खाद्य निगम के लिए प्रोक्योरमेंट सेंटर के रूप में कार्य करना , कॉमन प्रसंस्करण इकाईयां स्थापित करना जिसमें कृषि उपजों की जांच, छंटाई, ग्रेडिंग इकाई आदि शामिल है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर विकेंद्रीकृत भंडारण क्षमता बनने से खाद्यान्न की बर्बादी कम होगी और देश में खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी ।स्थानीय स्तर पर भंडारण क्षमता बनने से किसानों को विभिन्न विकल्प प्रदान करके फसलों की बहुत कम मूल्य पर आकस्मिक बिक्री पर रोक लगेगी और किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। जिससे किसानों के आय में वृद्धि होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने सहकारी समितियों की ताकत को उन्हें सफल और जीवंत संस्थान बनाने में उपयोग करने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया है ।जिससे सहकार से समृद्धि की परिकल्पना को साकार किया जा सके ।
इस परिकल्पना को साकार करने में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय ने विश्व की सबसे बड़ी भंडारण योजना लाया है। इस योजना में पैक्स के स्तर पर भंडारगृह , प्रसंस्करण इकाई, कृषि यंत्रों को किराए पर दिए जाने वाले सेंटर (कस्टम हायरिंग सेंटर), आदि कई तरह की कृषि अधोसंरचनाएं स्थापित करना शामिल है। जिससे पैक्स को बहुउद्देशीय बनाया जा सके। पैक्स स्तर पर गोडाउन के निर्माण और पर्याप्त भंडारण क्षमता निर्माण से खाद्यान्नों की बर्बादी में कमी आएगी। देश की खाद्य सुरक्षा सशक्त और किसानों को अपनी फसल का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा। श्री द्विवेदी ने बताया कि देश में लगभग एक लाख से ज्यादा सक्रिय पैक्स हैं जिनके 13 करोड़ से भी ज्यादा किसान सदस्य हैं।
भारतीय अर्थ व्यवस्था कृषि और ग्रामीण परिदृश्य को बदलने और जमीनी स्तर पर लाभ लेने के लिए पैक्स के स्तर पर विकेंद्रीकृत भंडारण क्षमता के साथ-साथ अन्य कृषि अधोसंरचना निर्माण के लिए यह पहल की गई है जिससे न केवल देश की खाद्य सुरक्षा सुदृढ़ होगी बल्कि सहकारी समितियां भी एक जीवंत आर्थिक संस्था के रूप में काम कर सकेगी ।केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा पैक्स को भी पेट्रोल/डीजल पंप खोलने की मंजूरी दी गई है साथ ही एलपीजी रसोई गैस की डिस्ट्रीब्यूटरशिप भी पैक्स को मिलेगी।
जेम पोर्टल पर सहकारी समितियों को खरीददार के रुप में शामिल किया गया है। इस तरह 25 से अधिक अन्य गतिविधियों के माध्यम से देश के 13 करोड़ से अधिक किसानों की आय बढ़ाने में पैक्स सहायक सिद्ध होंगे। पैक्स को सशक्त बनाने के लिए सहकारिता के माध्यम से विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना को मंजूरी दिए जाने पर प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवम् केंद्रीय गृह एवम् सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी को सहकारिता प्रकोष्ठ की ओर से धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त करता हूं।
केन्या में कर-विरोधी प्रदर्शनों में 39 लोगों की मौत
नैरोबी । केन्या में मंगलवार को कर विरोधी प्रदर्शनों के नए दौर के युवा सड़कों पर उतर आए और हाल ही में इन प्रदर्शनों में कम से कम 39 लोग मारे गए और कई घायल हो गए। केन्या की राजधानी नैरोबी में सोमवार शाम को जारी एक बयान में राज्य द्वारा वित्तपोषित केन्या राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (केएनसीएचआर) की अध्यक्ष रोज़लाइन ओडेडे ने कहा, हमारे रिकॉर्ड से पता चलता है कि देश भर में विरोध-प्रदर्शनों के संबंध में 39 लोगों की मौत हो गई है और 361 लोग घायल हुए हैं।
केएनसीएचआर ने कहा कि अनैच्छिक रूप से गायब होने के 32 मामले और प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के 627 मामले थे जो कई तरह की अलोकप्रिय कर वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, जिन्हें अब वापस ले लिया गया है।
ट्यूनीशिया में होंगे 6 अक्टूबर को राष्ट्रपति का चुनाव
काहिरा । ट्यूनीशिया के मौजूदा राष्ट्रपति कैस सैयद के आदेश के अनुसार ट्यूनीशिया में अगला राष्ट्रपति चुनाव 6 अक्टूबर को होगा। सईद के कार्यालय द्वारा मंगलवार को प्रकाशित डिक्री में कहा गया, 2 जुलाई, 2024 को, गणतंत्र के राष्ट्रपति कैस सैयद ने 6 अक्टूबर, 2024 को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदाताओं को आमंत्रित करने का आदेश जारी किया।
सईद 2019 से पद पर हैं और दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ सकते हैं। सईद ने सरकार को 25 जुलाई, 2021 को बर्खास्त कर दिया और संसद और ट्यूनीशिया की इस्लामी पार्टी, एन्नाहदा के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि के खिलाफ संसद को निलंबित कर दिया।
हाथरस में सत्संग समागम हादसा, 120 की मौत
उत्तर प्रदेष के हाथरस जिले के ग्राम पुलराई में नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग समागम में मची भगदड़ में 120 से ज्यादा श्रद्धालुओं की असमय मौत हो गई। इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। मौत की यह भयावह त्रासदी कोई पहली घटना नहीं है।
अंधभक्त धर्मपरायण देष में ब्रह्मज्ञान देने के आयोजन निरंतर होते रहते हैं, उसी अनुपात में दुर्घटनाएं भी घटती रहती हैं। तीर्थस्थलों की आवाजाही में होने वाली वाहन दुर्घटनाओं में भी बड़ी संख्या में लोग हर साल काल के गाल में समा जाते हैं। पिछले माह संपन्न हुई हज यात्रा में भी एक हजार के करीब लोग भीशण गर्मी के चलते मक्का में मौत की नींद सो गए थे। इसमें 78 भारतीय थे।
आजकल राजनेताओं और फिल्म जगत की बड़ी हस्तियों द्वारा बाबाओं की षरण में जाने से आम आदमी यह सोचने लगा है कि ब्रह्म और भविश्य के इन अलौकिक ज्ञाताओं के पास वाकई अदृष्य षक्तियां नियंत्रण में हैं। गोया, बाबा बाघेष्वर धाम के धीरेंद्र षास्त्री और सीहोर के प्रदीप मिश्रा भी आसानी से अपने प्रवचनों के लिए लाखों की भीड़ जुटा लेते हैं। भीड़ उम्मीद से ज्यादा हो जाती है और प्रषासन प्रबंधन में अकसर चूक जाता है।
फलतः भगदड़ में ही सैंकड़ों लोग मर जाते हैं। आज कल नेता बाबाओं की इस भीड़ को मतदाता समझने लगे हैं। अतएव वोट के लालच में इन समागमों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का दोहन कथित बाबाओं के मध्ययम से स्वयं एव ंअपने दल के लिए दोहन करने में कोई संकोच नहीं करते हैं। वैभव और विलास में डूबे बाबा भी इन नेताओं की पैरवी करने लग जाते हैं। नतीजतन उचित प्रबंधन की प्रशासन अनदेखी कर देता है।
उत्तर प्रदेष की पुलिस सेवा में आरक्षक रहे सूरजपाल जाटव को एकाएक आध्यात्मिक ज्ञान हो गया और वे नारायण साकार उर्फ भोले बाबा के रूप में सत्संग कर ब्रह्मज्ञान की रसधारा बहाने लग गए।
सूरजपाल ने 1997 में नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर आध्यात्मिक मार्ग पर चल पड़े थे। बाबा कांसीनगर में पटियाली तहसील के बहादुर नगर के रहने वाले हैं। यही उन्होंने अपने घर को आश्रम का रूप दे दिया और प्रवचन शुरू कर दिए। बीते कुछ सालों में ही उन्होंने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में अपने असंख्य भक्त बना लिए। चमत्कारी बाबा के रूप में प्रसिद्धि मिल गई तो उनकी पत्नी भी माताश्री कही जाने लगी। भोले बाबा के सत्संग में लोग अपनी परेषानियां लेकर पहुंचने लगे। उनके द्वारा हाथ से छूकर बीमारियों को दूर करने का चमत्कार जुड़ गया। अतएव चमत्कार से वषीभूत उनके अनुयायियों का कारवां बढ़ता चला गया।
वे काशी नगर के अलावा अनेक जगह बुलावे पर प्रवचन देने जाने लगे। पुलराई में जहां यह त्रासदी घटी है, वहां 80,000 से ज्यादा भक्त पहुंचे थे। जबकि प्रशासन को सूचना 50,000 लोगों के पहुंचने की दी गई थी। सत्संग जब समाप्त हुआ तो अनुमान से ज्यादा पहुंचे भक्त बाबा के चरण छूने की होड़ में लग गए और एक-दूसरे को मची भगदड़ में कुचलने लग गए। ऐसे मामलों में कभी कोई कठोर कार्यवाही हुई हो अब तक देखने में नहीं आया है। गोया, यह मामला भी कुछ दिन चर्चा में रहने के बाद षून्य में बदल जाएगा।
2018 में अमृतसर में रावण दहन के अवसर पर हुए रेल हादसे में 61 लोग मारे गए थे। सीधे-सीधे यह प्रषासनिक लापरवाही थी। देष में धार्मिक मेलों और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान भीड़ में भगदड़ मचने से होने वाले हादसों का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है।
ठीक इसी किस्म की लापरवाही केरल में कोल्लम के पास पुत्तिंगल देवी मंदिर परिसर में हुई त्रासदी के समय देखने में आई थी। इस घटना में 110 लोग मारे गए थे और 383 लोग घायल हुए थे। यह ऐसी घटना थी, जिसे मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन सचेत रहते तो टाला जा सकता था। क्योंकि मलयालम नववर्श के उपलक्ष में हर वर्श जो उत्सव होता है, उसमें बड़ी मात्रा में आतिषबाजी की जाती है और इसका भंडारण मंदिर परिसर में ही किया जाता है।
आतिषबाजी चलाने के दौरान एक चिंगारी भंडार में रखी आतिषबाजी तक पहुंच गई और भीशण त्रासदी में लोगों की दर्दनाक मौतें हो गईं। यह हादसा इतना बड़ा और हृदयविदारक था कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिकित्सकों का दल लेकर कोल्लम पहुंचना पड़ा था। लेकिन इस तरह से संवेदना जताकर और मुआवजा देने की खानापूर्ति कर देने भर से मंदिर हादसों का क्रम टूटने वाला नहीं हैं।
जरूरत तो शीर्ष न्यायालय के उस निर्देश का पालन करने की है, जिसमें मंदिरों में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी समान नीति बनाने का उल्लेख है। यदि प्रधानमंत्री इस हादसे से सबक लेकर इस नीति को बनाने का काम करते तो शायद यह हादसा नहीं हुआ होता ?
दर्षनलाभ की जल्दबाजी व कुप्रबंधन से उपजने वाली भगदड़ व आगजनी का सिलसिला जारी है। धर्म स्थल हमें इस बात के लिए प्रेरित करते हैं कि हम कम से कम षालीनता और आत्मानुषासन का परिचय दें। किंतु इस बात की परवाह आयोजकों और प्रषासनिक अधिकारियों को नहीं होती। इसलिए उनकी जो सजगता घटना के पूर्व सामने आनी चाहिए, वह अकसर देखने में नहीं आती। लिहाजा आजादी के बाद से ही राजनीतिक और प्रशासनिक तंत्र उस अनियंत्रित स्थिति को काबू करने की कोषिष में लगा रहता है, जिसे वह समय पर नियंत्रित करने की कोशिश करता तो हालात कमलेश बेकाबू ही नहीं हुए होते ?
हमारे धार्मिक-आध्यात्मिक आयोजन विराट रुप लेते जा रहे हैं। कुंभ मेलों में तो विषेश पर्वों के अवसर पर एक साथ तीन-तीन करोड़ तक लोग एक निष्चित समय के बीच स्नान करते हैं। दरअसल भीड़ के अनुपात में यातायात और सुरक्षा के इंतजाम देखने में नहीं आते। जबकि षासन-प्रषासन के पास पिछले पर्वों के आंकड़े हाते हैं। बावजूद लपरवाही बरतना हैरान करने वाली बात है। दरअसल, कुंभ या अन्य मेलों में जितनी भीड़ पहुंचती है और उसके प्रबंधन के लिए जिस प्रबंध कौषल की जरुरत होती है, उसकी दूसरे देषों के लोग कल्पना भी नहीं कर सकते ? इसलिए हमारे यहां लगने वाले मेलों के प्रबंधन की सीख हम विदेशी साहित्य और प्रशिक्षण से नहीं ले सकते ? क्योंकि दुनिया के किसी अन्य देष में किसी एक दिन और विशेष मुहूर्त के समय लाखों-करोडों़ की भीड़ जुटने की उम्मीद ही नहीं की जा सकती ? बावजूद हमारे नौकरषाह भीड़ प्रबंधन का प्रषिक्षण लेने खासतौर से योरुपीय देषों में जाते हैं। प्रबंधन के ऐसे प्रशिक्षण विदेशी सैर-सपाटे के बहाने हैं, इनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं होता। ऐसे प्रबंधनों के पाठ हमें खुद अपने देशज ज्ञान और अनुभव से लिखने होंगे।
प्रषासन के साथ हमारे राजनेता, उद्योगपति, फिल्मी सितारे और आला अधिकारी भी धार्मिक लाभ लेने की होड़ में व्यवस्था को भंग करने का काम करते हैं। इनकी वीआईपी व्यवस्था और यज्ञ कुण्ड अथवा मंदिरों में मूर्तिस्थल तक ही हर हाल में पहुंचने की रूढ़ मनोदषा, मौजूदा प्रबंधन को लाचार बनाने का काम करती है। नतीजतन भीड़ ठसाठस के हालात में आ जाती है। ऐसे में कोई महिला या बच्चा गिरकर अनजाने में भीड़ के पैरों तले रौंद दिया जाता है और भगदड़ मच जाती है। धार्मिक स्थलों पर भीड़ बढ़ाने का काम मीडिया भी कर रहा है। इलेक्ट्रोनिक मीडिया टीआरपी के लालच में इसमें अहम् भूमिका निभाता है। वह हरेक छोटे बड़े मंदिर के दर्षन को चमात्कारिक लाभ से जोड़कर देष के भोले-भाले भक्तगणों से एक तरह का छल कर रहा है। इस मीडिया के अस्तित्व में आने के बाद धर्म के क्षेत्र में कर्मकाण्ड और पाखण्ड का आंडबर जितना बड़ा है, उतना पहले कभी देखने में नहीं आया। निर्मल बाबा, कृपालू महाराज और आषाराम बापू, रामपाल जैसे संतों का महिमामंडन इसी मीडिया ने किया था। हालांकि यही मीडिया पाखण्ड के सार्वजनिक खुलासे के बाद मूर्तिभंजक की भूमिका में भी खड़ा हो जाता है।
मीडिया का यही नाट्य रूपांतरण अलौकिक कलावाद, धार्मिक आस्था के बहाने व्यक्ति को निष्क्रिय व अंधविष्वासी बनाता है। यही भावना मानवीय मसलों को यथास्थिति में बनाए रखने का काम करती है और हम ईश्वर अथवा भाग्य आधारित अवधारणा को प्रतिफल व नियति का कारक मानने लग जाते हैं। दरअसल मीडिया, राजनेता और बुद्धिजीवियों का काम लोगों को जागरूक बनाने का है, लेकिन निजी लाभ का लालची मीडिया, धर्मभीरु राजनेता और धर्म की आंतरिक आध्यात्मिकता से अज्ञान बुद्धिजीवी भी धर्म के छद्म का शिकार होते दिखाई देते हैं। यही वजह है कि पिछले एक दशक के भीतर मंदिर हादसों में कई हजार से भी ज्यादा भक्त मारे जा चुके हैं। 2013 में घटित केदारनाथ हादसे में तो कई हजार लोग दफन हो गए थे। बावजूद श्रद्धालु हैं कि दर्शन, श्रद्धा, पूजा और भक्ति से यह अर्थ निकालने में लगे हैं कि इनको संपन्न करने से इस जन्म में किए पाप धुल जाएंगे, मोक्ष मिल जाएगा और परलोक भी सुधर जाएगा। गोया, पुनर्जन्म हुआ भी तो श्रेष्ठ वर्ण में होने के साथ समृद्ध व वैभवशाली होगा ? जाहिर है, धार्मिक हादसों से छुटकारा पाने की कोई उम्मीद निकट भविष्य में दिखाई नहीं दे रही है ?