छत्तीसगढ़ / दुर्ग
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा फैमिली कोर्ट के न्यायाधीशगण एवं काउंसलर्स के साथ समीक्षा बैठक
दुर्ग - मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0’’ अभियान को प्रभावी एवं सफल बनाने के उद्देश्य से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग द्वारा फैमिली कोर्ट के न्यायाधीशगण तथा काउंसलर्स के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य पारिवारिक विवादों के सौहार्दपूर्ण, त्वरित एवं स्थायी समाधान हेतु मध्यस्थता एवं काउंसलिंग की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाना रहा।
बैठक में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग ने वैवाहिक एवं पारिवारिक मामलों में मध्यस्थता को प्राथमिक विकल्प के रूप में अपनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि फैमिली कोर्ट के प्रकरणों में संवाद, समझौता एवं आपसी सहमति के माध्यम से समाधान न केवल समय और व्यय की बचत करता है, बल्कि पारिवारिक संबंधों को भी सुरक्षित रखने में सहायक होता है।बैठक के दौरान फैमिली कोर्ट में लंबित एवं सुलह योग्य मामलों की पहचान, प्री-लिटिगेशन स्तर पर मध्यस्थता एवं काउंसलिंग को प्रोत्साहित करने, पक्षकारों को मध्यस्थता के लाभों से अवगत कराने तथा मामलों के त्वरित संदर्भन हेतु प्रभावी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। काउंसलर्स द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए तथा व्यवहारिक सुझाव भी प्रस्तुत किए गए।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग ने न्यायाधीशगण एवं काउंसलर्स को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए ’’मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0’’ अभियान के उद्देश्यों को जमीनी स्तर पर साकार करें, ताकि अधिक से अधिक पारिवारिक विवादों का समाधान सौहार्दपूर्ण ढंग से किया जा सके। बैठक के पश्चात् फैमिली कोर्ट में मध्यस्थता एवं काउंसलिंग के माध्यम से मामलों के निराकरण की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ किए जाने पर सहमति बनी, जिससे अभियान को व्यापक सफलता मिलने की अपेक्षा व्यक्त की गई।
आईआईटी भिलाई में 6वां आईईईई ईपीआरईसी 2026 सफलतापूर्वक संपन्न
दुर्ग - भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई, 4 जनवरी 2026रू भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित 6वां आईईईई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इलेक्ट्रिक पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी (ईपीआरईसी 2026) आज वैलेडिक्टरी सत्र के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आईईईई प्रायोजित यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2 से 4 जनवरी 2026 तक आयोजित किया गया, जिसमें भारत एवं विदेशों से शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों तथा छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
वैलेडिक्टरी सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. भीम सिंह, एसईआरबी नेशनल साइंस चेयर प्रोफेसर, आईआईटी दिल्ली एवं विज्ञान पुरस्कार से सम्मानित, रहे। अपने संबोधन में उन्होंने सम्मेलन की उच्च तकनीकी गुणवत्ता की सराहना की तथा अनुप्रयोग-उन्मुख शोध, नवाचार और स्टार्टअप आधारित समाधानों के माध्यम से रोजगार सृजन पर बल दिया।इस अवसर पर आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश, डीन (अनुसंधान एवं विकास) डॉ. संतोष बिस्वास तथा विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अविशेक अधिकारी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान शिक्षाविदों और उद्योग जगत के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा दिए गए मुख्य भाषणों ने तकनीकी कार्यक्रम को समृद्ध किया।ईपीआरईसी 2026 में 500 से अधिक शोधपत्र प्राप्त हुए, जिनमें से कड़ी समीक्षात्मक प्रक्रिया के पश्चात 235 शोधपत्रों का चयन किया गया और उन्हें सम्मेलन के दौरान प्रस्तुत किया गया। सम्मेलन में मुख्य भाषण, तकनीकी सत्र तथा इलेक्ट्रिक पावर और नवीकरणीय ऊर्जा के उभरते क्षेत्रों पर संवादात्मक चर्चाएँ आयोजित की गईं।
सम्मेलन का आयोजन डॉ. शैलेंद्र कुमार एवं डॉ. कृष्ण मुरारी के नेतृत्व में किया गया, जबकि सह-आयोजन अध्यक्ष के रूप में डॉ. ओम हरि गुप्ता तथा डॉ. जितेंद्र कुमार (एनआईटी जमशेदपुर) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों ने आईईईई, प्रायोजकों, वक्ताओं, समीक्षकों, स्वयंसेवकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। वैलेडिक्टरी सत्र के साथ ईपीआरईसी 2026 का सफल समापन हुआ और ईपीआरईसी 2027 के लिए मंच तैयार हुआ, जिसकी मेजबानी एनआईटी जमशेदपुर द्वारा की जाएगी।
मुख्य सड़क पर अवैध रूप से फल विक्रेताओं एवं अन्य दुकानों के लगने से आवागमन में हो रही कठिनाइयां
ग्राम पंचायत मुड़पार में नव स्थापित हैवी क्रेशर मशीन को स्थानांतरित करने दिया आवेदन
दुर्ग - जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 100 आवेदन प्राप्त हुए।
ग्राम पंचायत मुड़पार के सरपंच व ग्रामवासियों ने बताया कि जिले के ग्राम पंचायत मुड़पार में नव स्थापित हैवी क्रेशर मशीन से उत्पन्न धूल व शोर के कारण ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मशीन की स्थापना ग्राम पंचायत मुड़पार के आबादी क्षेत्र में होने के कारण ग्रामवासी आक्रोशित है। उन्होंने क्रेशर मशीन को आबादी क्षेत्र से दूर स्थानांतरित करने की मांग की है। इस पर कलेक्टर ने खनिज विभाग को तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
अहिवारा वार्डवासियों ने बताया कि अहिवारा बस स्टैंड क्षेत्र में मुख्य सड़क पर अवैध रूप से फल विक्रेताओं व अन्य दुकानों के लगने से जनसमस्या गंभीर होती जा रही है। महिलाओं, बुजुर्गों, स्कूली बच्चों और यात्रियों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर अतिक्रमण के कारण आए दिन जाम लग रहा है, वहीं स्थायी दुकानदारों का व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने अवैध अतिक्रमण हटाकर ठेले एवं दुकानों के लिए व्यवस्थित स्थान निर्धारित करने की मांग की है। इस पर कलेक्टर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी अहिवारा को निरीक्षण कर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम उमरपोटी में शासकीय भूमि पर बिना चिमनी संचालित ईंट भट्टी ग्रामीणों के लिए गंभीर परेशानी बन गई है। ग्रामवासियों ने बताया कि पिछले 10-12 वर्षों से ईंट भट्टी का संचालन किया जा रहा है, जिससे आसपास के आवासीय क्षेत्र और कृषि भूमि में धुआं व डस्ट फैल रही है। प्रदूषण के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और धान-गेहूं की फसल भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रशासन से प्रदूषण फैलाने वाली ईंट भट्टी को तत्काल बंद कराने की मांग की है।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत भेड़सर में स्थित ठेठवार तालाब के डूबान क्षेत्र और तालाब पार पर अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की। ग्रामवासियों ने बताया कि बिना पंचायत प्रस्ताव और बिना आवासीय पट्टा के मिट्टी डालकर मकान निर्माण कर लिया गया है, जिससे भविष्य में तालाब के गहरीकरण व सौंदर्यीकरण कार्य प्रभावित हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि समय रहते कार्यवाही नहीं की गई तो तालाब के डूबान क्षेत्र में अवैध निर्माण की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ेगी। उन्होंने अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कार्यवाही कर डूबान क्षेत्र को शीघ्र अतिक्रमण मुक्त कराने आवेदन दिया। इस पर कलेक्टर ने दोनों प्रकरण में तहसीलदार दुर्ग को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
ग्राम डुमरडीह के किसानों ने अवैध प्लाटिंग रोकने व किसानों को अपने खेत में जाने के लिए रास्ता प्रदान करने आवेदन दिया। किसानों ने बताया कि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध प्लाटिंग कर रास्ता को बंद कर दिया गया है। खेतों तक जाने का एकमात्र मार्ग बंद होने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने तत्काल कार्यवाही कर रास्ता बहाल कराने की मांग की है। इस पर कलेक्टर ने एसडीओ दुर्ग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
उपार्जन केन्द्रों से धान के उठाव में आई तेजी
1,02,609.19 मे. टन धान का हो चुका है उठाव
दुर्ग - राज्य सरकार की सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी नीति के कारण जिले में धान खरीदी में तेजी आ रही है। धान खरीदी और उपार्जन केन्द्रों से धान के उठाव में तेजी आई है। धान खरीदी को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की निर्णायक कदम से धान विक्रय की प्रक्रिया सरल हुई है। जिसके तहत अब दिन-रात कभी भी मोबाईल एप तुंहर टोकन के माध्यम से किसानों को धान बेचने के लिए टोकन मिलने लगा है। किसानों के लिए यह बड़ी सहुलियत है कि उनके लिए तुंहर टोकन एप अब 24 घंटे उपलब्ध है। अब मोबाईल एप से टोकन काटने के लिए किसी निर्धारित समय की बाध्यता नही है। धान बेचने के बाद त्वरित भुगतान का किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकार की व्यवस्था से प्रभावित होकर किसान अपनी उपज बेचने टोकन प्राप्त निर्धारित तिथि अनुसार पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक 77,369.72 लाख रूपए की लागत से 3,26,365.72 मे. टन धान की खरीदी हो चुकी है। समय पर भुगतान राशि मिलने पर 60680 किसान लाभान्वित हुए हैं। उपार्जन केन्द्रों से धान की उठाव भी तेजी से होने लगी है। जिससे अब दूसरे किसानों को धान बेचने का अवसर मिला है। उठाव हेतु 1,35,029.33 मे. टन धान का डीओ जारी हुआ है। अब तक उपार्जन केन्द्रों से 1,02,609.19 मे. टन धान का उठाव किया जा चुका है। सरकार की इस पारदर्शी व्यवस्था में किसान भी सहभागी बनते हुए धान बेचने के पश्चात् रकबा समर्पण करने आगे आ रहे हैं। जिससे बिचौलियों को अपनी धान खपाने का अवसर नहीं मिला है। जिले में अब तक धान बेच चुके 32867 कृषकों ने 705.00 हेक्टेयर रकबा समर्पण कर चुके हैं। उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने के लिए पहुंचने वाले किसानों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध किया गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके तहत केन्द्रों में 34,01,755 बारदाने उपलब्ध है।
शिक्षकों की मांगों को लेकर जेडी कार्यालय का घेराव, VSK ऐप का विरोध
दुर्ग - शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने प्रांताध्यक्ष रविंद्र राठौर के नेतृत्व में जेडी कार्यालय दुर्ग का घेराव किया। इस दौरान फेडरेशन ने मिडिल स्कूल हेडमास्टर पद पर पदोन्नति, उच्च वर्ग शिक्षक पद पर पदोन्नति तथा उच्च परीक्षा की अनुमति से संबंधित आदेश जारी करने की प्रमुख मांगें जेडी के समक्ष रखीं।
फेडरेशन ने मांगों के साथ-साथ विद्या समीक्षा केंद्र ऐप (VSK ऐप) को शिक्षकों के निजी मोबाइल फोन में अनिवार्य रूप से अपलोड कराने का भी विरोध किया। पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों के मोबाइल में पहले से ही राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं के कई ऐप डाउनलोड हैं, जिससे तकनीकी और व्यवहारिक परेशानियां बढ़ रही हैं।फेडरेशन का कहना है कि यदि राज्य शासन VSK ऐप के माध्यम से शिक्षकों और कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना चाहती है, तो इसके लिए उन्हें शासकीय मोबाइल उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही जिन स्कूलों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या है, वहां पहले नेटवर्क व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।पदाधिकारियों ने आशंका जताई कि निजी मोबाइल में इस तरह के ऐप डाउनलोड कराने से साइबर फ्रॉड का खतरा भी बढ़ सकता है, जो शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।घेराव कार्यक्रम में देवेंद्र हरमुख (उपाध्यक्ष), कौशल अवस्थी (प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष), बसंत कौशिक (प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष), कृष्णा वर्मा, रमेश साहू, राजकुमार यादव, एलेन यादव, प्रेम नारायण साहू, पोखन साहू (जिला अध्यक्ष दुर्ग) सहित दुर्ग संभाग के अंतर्गत विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग ने बालिका को छात्रावास में प्रवेश दिलाने में निभाई निर्णायक भूमिका
दुर्ग - न्याय व्यवस्था के मानवीय पक्ष को प्रमुखता देते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश/संरक्षक रमेश सिन्हा द्वारा बाल गृह और बाल संप्रेक्षण गृह में रह रहे शारीरिक और मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों के विकास के लिए बड़ी पहल करते हुए विभिन्न न्यायालयीन प्रकरणों में वसूली गई अर्थदण्ड की राशि इन बच्चों की देखरेख करने वाली संस्थाओं के पास जमा कराने के आदेश दिए गए हैं। इसी प्रेरणा से प्रेरित होकर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित नालसा (बालकों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं और उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाएं) योजना, 2024 के अंतर्गत तथा छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा मानवता एवं न्याय के संवैधानिक मूल्यों को साकार करते हुए एक निर्धन एवं जरूरतमंद बालिका को संजीवनी बालिका आवासीय छात्रावास दुर्ग, जिला-दुर्ग में प्रवेश दिलाने में अहम भूमिका निभाई गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पोटिया, थाना-पुलगाँव, जिला-दुर्ग निवासी एक 12 वर्षीय बालिका, जिसकी माता मानसिक रूप से कमजोर है। मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण माता अपनी नाबालिक बालिका को भी अपने साथ भिक्षाटन के लिए ले जाती थी। बालिका भिक्षाटन का कार्य करना नहीं चाहती है तथा वह पढ़ाई करना चाहती है। इसकी जानकारी प्राप्त होते ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए संबंधित विभाग एवं छात्रावास अधीक्षक से समन्वय स्थापित किया। आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति कर बालिका को विधि एवं नियमानुसार छात्रावास में प्रवेश दिलवाया गया।इस सराहनीय पहल से न केवल एक बालिका की शिक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग की समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदना भी उजागर हुई है। उक्त सकारात्मक प्रयास से शिक्षा हेतु चलाए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के उद्देश्यों के विफल होने की संभावना को भी समाप्त किया गया। इस संपूर्ण प्रक्रिया में थाना जामुल के पैरालीगल वालेंटियर की प्रमुख भूमिका रही।
नागरिक सहकारी बैंक दुर्ग में चुनाव 11 जनवरी को, नामांकन प्रक्रिया शुरू
दुर्ग - राज्य सहकारी निर्वाचन आयोग के निर्देश और चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, दुर्ग में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। बैंक के संचालक मंडल के चुनाव को लेकर शनिवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई, जो सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी।
निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार बैंक में कुल 117 पदों के लिए चुनाव कराया जाना है। इनमें सामान्य वर्ग के 97 पद, अन्य पिछड़ा वर्ग के 19 पद और अनुसूचित जाति के लिए 1 पद शामिल है। इसके अलावा महिला वर्ग के लिए भी नियमानुसार आरक्षण लागू रहेगा।चुनाव कार्यक्रम के तहत 4 जनवरी 2026 को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और उसी दिन वैध प्रत्याशियों की सूची जारी की जाएगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि 5 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है, जिसके बाद चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा। मतदान 11 जनवरी 2026, रविवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा। मतदान समाप्ति के एक घंटे बाद मतगणना शुरू की जाएगी।बैंक चुनाव को लेकर सदस्यों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान पूर्व अध्यक्ष कमल नारायण रुंगटा, पूर्व महापौर शंकर लाल ताम्रकार, पूर्व सभापति राजेश यादव सहित संजय सिंह, मनोज ताम्रकार, अजय शर्मा, राजेश रुंगटा, प्रहलाद रुंगटा, वेंकट साईं राव, कंचन शुक्ला, दीपक चावड़ा और अन्य सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे।
वर्ष 2026 को लक्ष्य बनाकर ‘जीरो विजन’ के तहत सड़क सुरक्षा पर जोर : न्यायमूर्ति सप्रे
सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्थाओं को दिया गया प्रशस्ति पत्र
दुर्ग - न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अभय मनोहर सप्रे, अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी (पूर्व न्यायमूर्ति, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया) की अध्यक्षता में लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में आज दुर्ग संभाग की सड़क सुरक्षा को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलों में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए न्यायमूर्ति सप्रे ने जनजागरूकता अभियान के माध्यम से दुर्घटनाओं में कमी लाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने वर्ष 2024 एवं 2025 की सड़क दुर्घटनाओं, मृत्यु एवं घायलों के आंकड़ों की तुलनात्मक समीक्षा करते हुए कहा कि दोनों वर्षों में स्थिति लगभग समान है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने प्रशासन को सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में और अधिक ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।न्यायमूर्ति सप्रे ने दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर संवेदनशील क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) की पहचान करने तथा वहां शीघ्र सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को लक्ष्य बनाकर ‘जीरो विजन’ के तहत कार्य किया जाए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं, मृत्यु एवं घायलों की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके। साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े दुर्ग संभाग के अन्य जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों को प्रत्येक माह सड़क सुरक्षा की समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। सड़क सुरक्षा के लिए जनभागीदारी को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। अभियान के तहत संतुलित गति से वाहन चलाने, हेलमेट एवं सीटबेल्ट के उपयोग, यातायात संकेतों के पालन तथा शराब पीकर वाहन न चलाने के विषय में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।न्यायमूर्ति सप्रे ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु का प्रमुख कारण हेलमेट और सीटबेल्ट का उपयोग न करना है। ऐसे में बिना हेलमेट एवं बिना सीटबेल्ट वाहन चलाने वालों तथा शराब के नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कड़ी चालानी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जिले के सभी वाहनों के बीमा, फिटनेस एवं वाहन चालकों के लाइसेंस की नियमित जांच के निर्देश दिए।बैठक के दौरान न्यायमूर्ति सप्रे ने सड़क सुरक्षा अभियान 2025 के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्थाओं -जनआक्रोश नागपुर, दिशा ग्रुप भिलाई, इंद्रधनुष समूह भिलाई (बीएसपी), स्वयं सिद्धा संस्था भिलाई एवं मेरा युवा भारत दुर्ग को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इसके साथ ही जनजागरूकता के उद्देश्य से हेलमेट बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। बैठक में अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) के अध्यक्ष संजय शर्मा ने जिले के सड़क सुरक्षा परिदृश्य, दुर्घटनाओं के कारण, नियंत्रण उपाय, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग, शिक्षा एवं आकस्मिक उपचार से संबंधित भावी कार्ययोजना की जानकारी दी।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग है और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं पुलिस विभाग मिलकर इन प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाएंगे। इस अवसर पर संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, आईजी रामगोपाल गर्ग, पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, अपर कलेक्टर अभिषेक अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर हरवंश मिरी, एसडीएम सोनल डेविड, महेश राजपूत, उत्तम धु्रव, हितेश पिस्दा, नगर निगम आयुक्त भिलाई राजीव पाण्डेय, नगर निगम आयुक्त दुर्ग सुमित अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त रिसाली मोनिका शर्मा, नगर निगम आयुक्त चरोदा डी.एस.राजपूत, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी एस.एल.लकडा, यातायात विभाग, पुलिस विभाग एएसपी ऋचा मिश्रा सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
श्रेया अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत, डॉक्टर और प्रबंधक पर मामला दर्ज
दुर्ग - धमधा थाना क्षेत्र अंतर्गत श्रेया अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के मामले में अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने इस प्रकरण में अस्पताल के डॉक्टर अभिषेक पांडे और प्रबंधक मनीष राजपूत के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, महिला का ऑपरेशन होने के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई, लेकिन समय पर उचित और प्रभावी इलाज नहीं दिया गया। परिजनों का आरोप है कि महिला की स्थिति गंभीर होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही बरती और बिना डॉक्टर की निगरानी तथा अधूरे संसाधनों वाली एंबुलेंस से उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया। दूसरे अस्पताल पहुंचने पर इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई।इस मामले में स्थानीय अधिवक्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाई गई धाराओं पर कड़ी आपत्ति जताई है। वकीलों का कहना है कि यह मामला केवल सामान्य लापरवाही का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवा संस्थान (नियमन तथा नियंत्रण) अधिनियम, 2010 के तहत गंभीर आपराधिक लापरवाही की श्रेणी में आता है।
अधिवक्ताओं के अनुसार, अधिनियम की धारा 13 में लापरवाही से मरीज की मृत्यु होने पर अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने, दंडात्मक कार्रवाई और आर्थिक जुर्माने का स्पष्ट प्रावधान है। साथ ही बिना पर्याप्त संसाधन, डॉक्टर और जीवन रक्षक उपकरणों के मरीज को रेफर करना भी अधिनियम का उल्लंघन है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि गंभीर धाराएं नहीं जोड़ी गईं तो वे न्यायालय का रुख करेंगे।
छत्तीसगढ़ सड़क सुरक्षा की समीक्षा बैठक 3 को
सुप्रीम कोर्ट कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस अभय मनोहर सप्रे करेंगे बैठक की अध्यक्षता
दुर्ग, 02 जनवरी 2026/ सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के अध्यक्ष एवं माननीय पूर्व न्यायमूर्ति (सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया) अभय मनोहर सप्रे के छत्तीसगढ़ आगमन और दुर्ग प्रवास के दौरान 03 जनवरी 2026 को सड़क सुरक्षा संबंधी विषयों पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई है। यह बैठक पूर्वान्ह 11.30 बजे लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में आयोजित होगी, जिसमें सड़क सुरक्षा से जुड़ी लीड एजेंसी के पदाधिकारियों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इस बैठक में दुर्ग एवं भिलाई क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंप संचालकों के साथ-साथ जिले के समस्त शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान दुर्ग संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक रेंज, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, लोक निर्माण विभाग, एन.एच.ए.आई., एन.एच., स्वास्थ्य, शिक्षा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) एवं परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहकर सड़क सुरक्षा के मानकों और विभागीय क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।
विभिन्न विकास कार्यों हेतु 235 लाख से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति
दुर्ग, 02 जनवरी 2026/ कलेक्टर अभिजीत सिंह ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए पाटन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 235.64 लाख रूपए (दो करोड़ पैंतीस लाख चौंसठ हजार आठ सौ उनसठ रूपए) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। पाटन विधायक भूपेश बघेल द्वारा अनुशंसित इन कार्यों का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पाटन द्वारा किया जाएगा। जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार पाटन क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में विकास कार्यों के लिए राशि आवंटित की गई है। इस स्वीकृति के तहत ग्राम कौही मंस सभागार और सोनपुर में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 10-10 लाख रूपए स्वीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार ग्राम बोहारडीह, ग्राम पंचायत मानिक चौरी, गुजरा, भनसुली (आर), निपानी, केसरा, कोपेडीह, नारधी, असोगा और कौही (किचन शेड) में निर्माण कार्यों हेतु प्रति कार्य 6.50 लाख रूपए तथा ग्राम खम्हरिया में आहता निर्माण हेतु 6 लाख रूपए स्वीकृत हुए हैं। इसी तरह ग्राम देमार, जामगांव (आर), बेल्हारी, चंगोरी, सुरपा, तर्रा, आगेसरा, कसही, कुम्हली, छाटा, जरवाय और ग्राम पंचायत केसरा में सीसी रोड, नाली व कांक्रीटीकरण कार्यों हेतु प्रति कार्य 5.20 लाख रूपए की मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त ग्राम बोदल में अहाता निर्माण व कलामंच व अतिरिक्त कक्ष निर्माण व ग्राम ऊफरा और सावनी में कलामंच निर्माण हेतु 5-5 लाख रूपए, ग्राम पंचायत मटंग, उमरपोटी और अमरीखुर्द में शमशान घाट में प्रतीक्षालय निर्माण हेतु 4.78 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। ग्राम सावनी, उफरा और गातापार में प्रतीक्षालय, कलामंच व शेड निर्माण हेतु 5 लाख रूपए व ग्राम सेलूद में सौंदर्यीकरण कार्य हेतु 5.13 लाख रूपए, ग्राम तर्रा में रेस्ट हाउस के सामने नाली निर्माण हेतु 3.94 लाख रूपए, ग्राम देमार व धौराभाठा में मंच निर्माण हेतु तथा ग्राम रानीतराई में पचरी निर्माण हेतु 3-3 लाख रूपए, ग्राम खर्रा में शाला प्रांगण में शौचालय निर्माण हेतु 2.99 लाख रूपए, ग्राम कानाकोट में चबुतरा निर्माण हेतु 2.50 लाख तथा ग्राम पतोरा में चेकर टाईल्स एवं बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 2 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
दुर्ग, 02 जनवरी 2026/ जनपद पंचायत पाटन के ग्राम करसा में आज प्रोजेक्ट उन्नति के अंतर्गत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से जुड़े श्रमिकों एवं ग्रामीण महिला-पुरुषों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने 30 दिवसीय रूरल मेसन (राजमिस्त्री) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), दुर्ग द्वारा जनपद पंचायत पाटन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसमें कुल 35 प्रतिभागी ने भाग लिया। यह पहल मनरेगा अंतर्गत 100 दिवस का कार्य पूर्ण कर चुके श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण हेतु कुशल राजमिस्त्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रारंभ की गई है।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर श्रीमती अनीता चारभे द्वारा प्रतिभागियों को ईंट-पत्थर चिनाई, प्लास्टरिंग, टाइल एवं फर्श बिछाना, छत ढलाई, कंक्रीट मिश्रण, वॉटरप्रूफिंग तथा निर्माण कार्य से संबंधित सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिभागियों को अकुशल श्रमिक की श्रेणी में 30 दिवस की मजदूरी राशि भी प्रदान की जाएगी। यह प्रशिक्षण ग्रामीण युवाओं को तकनीकी दक्षता प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार एवं स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कुशल राजमिस्त्रियों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे आवास निर्माण की गुणवत्ता एवं गति दोनों में सुधार आएगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों को मजबूती मिलेगी। बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), दुर्ग भारत सरकार समर्थित संस्थान है, जो ग्रामीण युवाओं को निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल विकास, उद्यमिता एवं वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देता है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और भारतीय ज्ञान प्रणाली के एकीकरण विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन
भारतीय ज्ञान परम्परा अतीत ही नहीं, वर्तमान और भविष्य की मार्गदर्शक : टंकराम वर्मा
दुर्ग, 02 जनवरी 2026/ राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और भारतीय ज्ञान प्रणाली का एकीकरण एक समग्र शैक्षिक परिकल्पना” विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन आज राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा और कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब द्वारा शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में किया गया।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय सभ्यता और संस्कृति की महान परम्परा का प्रतिनिधित्व करती है। यह नीति केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन जीने की समग्र और समर्थ शैली प्रस्तुत करती है। भारतीय ज्ञान परम्परा वेद, उपनिषद, महाभारत, आयुर्वेद, गणित, योग, दर्शन, पुराण, ज्योतिष और खगोल शास्त्र जैसी विविध विधाओं में निहित है। उन्होंने कहा कि भारतीय परम्परा का मूल आधार अध्यात्म, नैतिकता और व्यवहारिकता है। गुरुकुल प्रणाली में शिक्षा केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं था, बल्कि चरित्र निर्माण, अनुशासन और समाज सेवा की भावना को जागृत करना भी था। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि आधुनिक युग में पाश्चात्य प्रभाव के कारण भारतीय ज्ञान परम्परा का महत्व कुछ हद तक कम हुआ है, लेकिन अब इसके संरक्षण और संवर्धन की पुनः आवश्यकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भारतीय ज्ञान प्रणाली के पुनरुत्थान पर विशेष बल दिया गया है। यह सेमिनार भी उसी प्रयास का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी मार्गदर्शक है। जब तक हम इसे अपने जीवन और शिक्षा प्रणाली में आत्मसात नहीं करेंगे, तब तक इसका संरक्षण संभव नहीं है। कार्यक्रम में उपस्थित विद्वानों के विचारों के आदान-प्रदान से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को और अधिक समृद्ध बनाने में सहयोग मिलेगा। यह नीति भारत की दिशा और दशा तय करने वाली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 2047 विकसित भारत के विजन को साकार करने में यह नीति महत्वपूर्ण योगदान देगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह नीति हम सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है, ताकि इसे बेहतर तरीके से लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति आने वाली पीढ़ी को आधुनिकता के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परम्परा, इतिहास और संस्कृति से जोड़ना है। इसके लिए विभाग लगातार इस दिशा में प्रयासरत है और निश्चित रूप से भविष्य में भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में यह नीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय सचिव, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास (नई दिल्ली) डॉ. अतुल कोठारी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का गहन अध्ययन कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है और यह तभी संभव है, जब सभी विद्वानों मिलकर इस नीति को धरातल पर उतारने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करें।
इस अवसर पर गुरू घासीदास केन्द्रीय वि.वि. बिलासपुर के कुलपति प्रो.आलोक चक्रवाल, आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग संतोष कुमार देवांगन, शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर प्रो. ए.डी.एन.वाजपेई, पंडित सुंदर लाल शर्मा विश्वविद्यालय बिलासपुर प्रो. विरेन्द्र कुमार सारस्वत, छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई डॉ.अरूण अरोरा, क्षेत्रीय अपर संचालक सहित राष्ट्रीय शिक्षा नीति के नोडल, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के अधिकारी व बड़ी संख्या में सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित थे।
आईआईटी भिलाई में 6वां IEEE EPREC 2026 सम्मेलन उद्घाटित, सहयोगात्मक अनुसंधान एवं नवीकरणीय ऊर्जा अनुप्रयोगों पर विशेष बल
दुर्ग, 02 जनवरी 2026 / भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आज 6वें IEEE अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ऑन इलेक्ट्रिक पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी (EPREC 2026) का शुभारंभ किया गया। IEEE के तत्वावधान में आयोजित यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2 से 4 जनवरी 2026 तक आईआईटी भिलाई में संपन्न हो रहा है। सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविद्, शोधकर्ता एवं उद्योग विशेषज्ञ विद्युत शक्ति तथा नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों में उभरती प्रवृत्तियों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
आईआईटी भिलाई में आयोजित उद्घाटन समारोह में संस्थान सहित देश के अन्य प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिष्ठित अतिथि, संकाय सदस्य, शोधकर्ता एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
समारोह के मुख्य अतिथि नारायण प्रसाद पाधी, निदेशक, मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जयपुर रहे। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ एवं अन्य खनिज-समृद्ध क्षेत्रों के लिए खनन मशीनरी में नवीकरणीय ऊर्जा आधारित समाधानों पर केंद्रित अनुसंधान की आवश्यकता पर बल देते हुए क्षेत्र-विशिष्ट, सतत एवं अनुप्रयोग-उन्मुख तकनीकी विकास की महत्ता को रेखांकित किया।
इस अवसर पर उपस्थित अन्य विशिष्ट अतिथियों में राजीव प्रकाश, निदेशक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई ने शक्ति एवं ऊर्जा क्षेत्रों में उत्पाद-विकास तथा अनुप्रयोग-उन्मुख अनुसंधान पर बढ़ते फोकस की आवश्यकता बताई। गौतम सूत्रधार, निदेशक, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर ने बहु-संस्थागत सहयोग के माध्यम से ज्ञान-साझेदारी सुदृढ़ करने पर जोर दिया, जबकि रमेश बंसल, शारजाह विश्वविद्यालय ने उच्च-गुणवत्ता वाले शोध-आउटपुट को बनाए रखने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
संतोष बिस्वास, अधिष्ठाता (अनुसंधान एवं विकास), आईआईटी भिलाई ने संस्थान में चल रही अनुसंधान पहलों एवं प्रायोजित परियोजनाओं की जानकारी साझा की।
सम्मेलन का आयोजन शैलेन्द्र कुमार के नेतृत्व में किया जा रहा है, जिन्होंने स्वागत भाषण में सम्मेलन के उद्देश्यों एवं कार्यक्षेत्र को रेखांकित किया। कृष्ण मुरारी, विभागाध्यक्ष, विद्युत अभियांत्रिकी, आईआईटी भिलाई ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। आयोजन अध्यक्षों के रूप में ओ. एच. गुप्ता एवं जितेन्द्र कुमार, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर भी सहयोग कर रहे हैं।
सम्मेलन में कुल 500 से अधिक शोध-पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से कठोर सहकर्मी-समीक्षा प्रक्रिया के पश्चात 235 शोध-पत्र प्रस्तुति हेतु चयनित किए गए, जिससे उच्च स्तरीय शोध-गुणवत्ता एवं तकनीकी उत्कृष्टता सुनिश्चित हुई।
EPREC 2026 के अंतर्गत मुख्य भाषण, तकनीकी शोध-पत्र प्रस्तुतियाँ तथा संवादात्मक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य नवाचार को प्रोत्साहित करना, सहयोग को सुदृढ़ करना तथा विद्युत शक्ति एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में ज्ञान-विनिमय को बढ़ावा देना है।
विद्युत अभियांत्रिकी विभाग, आईआईटी भिलाई ने IEEE एमपी सेक्शन, IEEE इंडस्ट्री एप्लिकेशन सोसाइटी, सभी विशिष्ट अतिथियों, आयोजन समिति के सदस्यों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से उद्घाटन समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
शराब दुकान में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग - आबकारी विभाग और शराब दुकान में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने नकद और ऑनलाइन भुगतान के जरिए युवाओं से रकम ऐंठी थी। ठगी का एहसास होने पर पीड़ितों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चंद घंटों में ही आरोपी को धर दबोचा। मामला धमधा थाना क्षेत्र का है।
प्रार्थी घनश्याम सोनकर (31 वर्ष), निवासी सोनकर पारा, थाना धमधा, जिला दुर्ग ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि ओमकुमार सिन्हा, निवासी बागेश्वर सिटी, राजनांदगांव ने उसे और उसके परिचितों को आबकारी विभाग व शराब दुकान में नौकरी दिलाने का लालच दिया। इस दौरान आरोपी ने अलग-अलग लोगों से कुल 6 लाख 51 हजार 817 रुपये की ठगी की।शिकायत के अनुसार शुभम सोनकर से 1 लाख रुपये, गजेंद्र सोनकर से 90 हजार रुपये, प्रियांश सोनकर से 12 हजार रुपये और हेम सिंह साहू से 1 लाख 20 हजार रुपये फोन-पे और स्कैनर के माध्यम से लिए गए। इसके अलावा प्रियांश सोनकर से 1 लाख 8 हजार रुपये नकद, गजेंद्र सोनकर से 30 हजार रुपये नकद और नागेश से 37 हजार रुपये नकद लिए गए।प्रार्थी की शिकायत पर थाना धमधा में अपराध क्रमांक 01/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी ओमकुमार सिन्हा उर्फ ओमप्रकाश को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने ठगी करना स्वीकार कर लिया।पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
गिरफ्तार आरोपी
ओमकुमार सिन्हा उर्फ ओमप्रकाश (31 वर्ष), निवासी बागेश्वर सिटी, राजनांदगांव
सेवा और विकास के दो वर्ष पूर्ण होने पर भिलाई में विशेष कार्यक्रम का हुआ आयोजन
जनजागरूकता बढ़ाने पल्स पोलियो प्रचार वाहन रवाना, घर-घर दिया जाएगा संदेश
- 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को 21 दिसंबर से पिलाई जाएगी पल्स पोलियो दवा
दुर्ग । ’देश का भविष्य बचाओ, पोलियो की दवा हर बार पिलाओ” के संदेश के साथ राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पल्स पोलियो अभियान की जिले में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अभियान का संचालन कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
पल्स पोलियो अभियान के तहत व्यापक प्रचार-प्रसार के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा वाहन को रवाना किया गया। यह वाहन विभिन्न वार्डाे, बस्तियों एवं प्रमुख मार्गाे से गुजरते हुए लाउडस्पीकर के माध्यम से पल्स पोलियो अभियान की जानकारी आमजन तक पहंुचाएगा। पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को 21 दिसंबर 2025 को निर्धारित बूथों पर तथा 22 एवं 23 दिसंबर को घर-घर भ्रमण कर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। दुर्ग जिले में कुल 2 लाख 59 हजार 188 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शत-प्रतिशत सफलता हेतु शहरी दुर्ग में 127, शहरी भिलाई 223, शहरी चरोदा 55, धमधा 214, पाटन 236 एवं निकुम में 137 बूथ बनाया गया एवं 13 चलित एवं 25 ट्रांजिट टीम बनाई गई। जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही सभी विकासखंडों में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों का प्रशिक्षण भी पूर्ण कर लिया गया है।