छत्तीसगढ़ / कोरबा
मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए करें सख्त कार्यवाही : कलेक्टर
मादक पदार्थ बेचने वालों की दुकान सील की करें कार्यवाही -एसपी
कोरबा । जिले में अवैध मादक,नशीले पदार्थों की बिक्री और ड्रग तस्करी की रोकथाम के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। नारकोटिक्स को-आर्डिनेशन की बैठक में कलेक्टर अजीत वसंत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने जिले में मादक पदार्थों की उपलब्धता, उपयोग,और बिक्री पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि मादक पदार्थों के उपयोग,बिक्री पर रोक लगाने के लिए विभागों के द्वारा लगातार छापामार कार्यवाही की जाए, तथा संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि शैक्षणिक संस्थानों के आस पास तथा प्रतिबंधित क्षेत्रों में तंबाकू, सिगरेट सहित अन्य मादक सामग्री किसी भी स्थिति में न बेची जाएं और नशीली वस्तुओं की बिक्री पर रोक लगाने के लिए राजस्व, पुलिस, नगर निगम तथा स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी आपस में समन्वय कर संयुक्त कार्यवाही करें। कलेक्टर अजीत कुमार वसंत ने नारकोटिक्स को-आर्डिनेशन की बैठक में में निर्देश दिए कि सभी मेडिकल दुकानों में भीतर और बाहर कम से कम दो सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं, ताकि गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
कलेक्टर श्री वसंत ने निर्देशित किया कि यदि किसी दुकान में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त होती पाई गई,तो उसका गुमास्ता लाइसेंस निरस्त कर नियमानुसार दुकान को सील कर आवश्यक कार्यवाही की जाए। ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस संबंध में सख्त कार्यवाही करें।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि खाद्य एवं औषधि विभाग, नगर निगम, पुलिस, समाज कल्याण, शिक्षा, आदिवासी विकास, स्वास्थ्य और आबकारी विभाग मिलकर समन्वित अभियान चलाएं। उन्होंने जिले में शैक्षिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में मादक और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लागू करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने निर्देश दिए कि जिले में अवैध मादक पदार्थों और नशीली दवाओं की खरीद-फरोख्त पर सतत निगरानी रखते हुए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले,नगर निगम आयुक्त श्रीआशुतोष पांडेय,एडिशनल एसपी,अपर कलेक्टर मनोज कुमार बंजारे,सभी एसडीएम,एसडीओपी, तहसीलदार थाना प्रभारी, सहित सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
SECL खदान क्षेत्र में 152 फर्जी मकानों का खुलासा, मुआवजा वसूली के निर्देश
कोरबा। SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) की दीपका खदान विस्तार परियोजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। ग्राम मलगांव में मुआवजे के लिए दर्ज किए गए 152 मकानों में से अधिकांश 'मौजूद ही नहीं' पाए गए। इनमें से 78 मकानों की सूची खुद SECL दीपका प्रबंधन ने दी है, जिन्हें भौतिक रूप से मौके पर मौजूद नहीं पाया गया।
गूगल अर्थ से खुली पोल, 74 मकानों की पुष्टि नहीं
वहीं, कटघोरा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने बताया कि 74 मकानों की अलग सूची, जिसमें वर्ष 2018 से 2022 तक के गूगल अर्थ चित्र संलग्न थे, उन पर भी फील्ड वेरिफिकेशन में कोई निर्माण मौजूद नहीं मिला। यानी कुल मिलाकर 152 मकान काल्पनिक या कागज़ी स्तर पर दर्शाए गए थे।
मुआवजा और नौकरी पर उठे सवाल
इस फर्जीवाड़े के एवज में मुआवजा और नौकरियों का लाभ उठाया गया, जिसे अब वसूली के निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही एसडीएम ने मुआवजा निरस्त करने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ मामलों में जमीन किसी की, नौकरी किसी और को, और मुआवजा काल्पनिक मकानधारियों को दे दिया गया।
SECL की प्रक्रिया पर सवाल, वर्षों से चल रही है गड़बड़ी
माना जा रहा है कि यह घोटाला कोई नया नहीं है, बल्कि लंबे समय से चल रही प्रणालीगत लापरवाही और मिलीभगत का नतीजा है। SECL के आंतरिक दस्तावेज और गूगल अर्थ जैसी सार्वजनिक तकनीकों ने सच्चाई उजागर की। सूचना का अधिकार (RTI) लागू होने के बाद कुछ हद तक पारदर्शिता बढ़ी, लेकिन चालाक लाभार्थी आज भी सिस्टम का दुरुपयोग कर रहे हैं।
अब आगे क्या?
मुआवजा वसूली की प्रक्रिया शुरू
नौकरी प्राप्त लाभार्थियों की जांच संभव
परिसंपत्तियों का दोबारा सर्वेक्षण
दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
कोरबा की खदान परियोजनाओं में मुआवजा और पुनर्वास योजनाओं में लापरवाही और भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं, लेकिन इस ताजा खुलासे ने SECL प्रबंधन की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे सरकारी योजनाओं पर जनता का विश्वास और अधिक डगमगा सकता है।
अब पर्यावरण बना ऊर्जा का साथी, न बिजली जाती है, न जेब पर भार पड़ता है
हर दिन सूरज से ऊर्जा, हर महीने बचत की गारंटी
कोरबा । ऊर्जा क्रांति की दिशा में लिए गए दूरदर्शी निर्णय आज आमजन के जीवन में राहत, सुकून और स्थायित्व का नया उजास भर रहे हैं। भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन की ऐसी जनकल्याणकारी और महत्वाकांक्षी योजनाएं अब केवल विकास की कहानियाँ नहीं, बल्कि आम परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लाने वाली वास्तविकताएं बन चुकी हैं। ये योजनाएं न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी ठोस कदम साबित हो रही हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने देशभर में लाखों परिवारों को राहत दी बल्कि परिवारों को खुशियां दी जिसमें बिजली के साथ बचत भी है, और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बचत बड़ी बात है। यह योजना केवल पर्यावरणीय संरक्षण और स्थायी ऊर्जा के भी उपयोग की ओर एक सशक्त कदम भी है।
कोरबा जिले के डीडीएम रोड निवासी आयुष अग्रवाल की कहानी इस योजना के जीवंत उदाहरण है। कभी बिजली का बिल आयुष अग्रवाल के लिए एक चिंता का विषय था। डीडीएम रोड पर स्थित उनके घर में भारी बिजली की खपत है वो बताते है उनका संयुक्त परिवार है जिसमें सब एक साथ रहते है और सभी प्रकार के घरेलू उपकरणों का उपयोग किया जाता है जिससे बिल ज्यादा आता था। घर की मासिक बजट व्यवस्था प्रभावित होती थी। आयुष बताते हैं, “पंखा, कूलर, फ्रिज और ए.सी जैसे जरूरी उपकरण के उपयोग से बिजली की खपत ज्यादा होती थी। उनके यहां आम दिनों में भी 7 सौ यूनिट की खपत रहती ही है, गर्मियों में ये 12 सौ से 13 सौ तक हो जाती है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के बारे में उन्हें उनके अपने जीजा जी से जानकारी मिलने के बाद आयुष ने योजना का लाभ लेने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने ताऊ जी के नाम से आवेदन कर 10 किलोवाट का पैनल लगवाया, योजना के तहत उन्हें सौर ऊर्जा पैनल लगवाने के लिए सब्सिडी प्रदान की गई। आवश्यक प्रक्रिया जिला प्रशासन कोरबा और ऊर्जा विभाग की सहायता से सुचारू रूप से पूर्ण की गई और उनके घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित कर दिए गए।
सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी और तकनीकी मार्गदर्शन से मुझे पूरा भरोसा मिला। अब आयुष के घर का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। पहले जहां हर महीने हजारों रुपये खर्च होते थे, अब वही पैसा बचत के रूप में जमा हो रहा है। इससे उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों ही स्तरों पर राहत मिली है। यह योजना न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि इससे पर्यावरण को भी काफी लाभ हुआ है। आयुष कहते हैं, “अब मैं गर्व से कह सकता हूं कि मैं प्रदूषण फैलाने वाले साधनों पर निर्भर नहीं हूं। हम पूरी तरह सौर ऊर्जा पर चल रहे हैं, जो स्वच्छ और हरित ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत है।”
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना ने आयुष जैसे हजारों लोगों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है। अब वे न केवल अपनी जरूरत की बिजली स्वयं उत्पन्न कर रहे हैं, बल्कि आवश्यकता से अधिक उत्पादन होने पर बिजली को ग्रिड में भेजने की योजना पर भी विचार कर रहे हैं। यह योजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक नई ऊर्जा क्रांति है जो आर्थिक स्वतंत्रता के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में देश को आगे बढ़ा रही है।
विद्यार्थियों की बढ़ेगी पहचान, नियमित शिक्षक से पढ़ाई हुई आसान
युक्ति युक्तकरण से सुदूरवर्ती गाँव सांचरबहार के शिक्षकविहीन स्कूल को मिला शिक्षक
कोरबा । इस गाँव में शिक्षा की मशाल जल चुकी है...स्कूल खोलकर यहाँ के विद्यार्थियों को शिक्षा से न सिर्फ जोड़ा जा चुका है..अब वर्षों से शिक्षकविहीन इस विद्यालय में नियमित शिक्षक की नियुक्ति से विद्यार्थियों के साथ गाँव के लोगों में खुशियों का वातावरण है। शिक्षकविहीन की श्रेणी में आने वाले इस विद्यालय में राज्य शासन के फैसलों के बाद अतिशेष शिक्षको के युक्ति युक्तकरण की अपनाई गई प्रक्रिया ने यहाँ ज्ञान की नई रोशनी और उम्मीदों का दीया जला दिया है।
कोरबा ब्लॉक के सुदूरवर्ती ग्राम सांचरबहार ग्राम पंचायत नकिया का आश्रित ग्राम है। इस विद्यालय में वर्षों से नियमित शिक्षक पदस्थ नहीं था। स्कूल खुलने के साथ ही गाँव के लोगों की आस थी कि उनके बच्चे भी सही ढंग से पढ़ाई कर पाएंगे, दुर्भाग्यवश उनकी आस अधूरी ही थी, क्योंकि नियमित शिक्षक नहीं होने का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ता था। गाँव में रहने वाली वृद्धा मैसो बाई खुश है कि स्कूल को नियमित शिक्षक मिल गया है अब उनका नाती-नतिनी ठीक से पढ़ाई कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि रिया और आशीष विद्यालय जाते हैं। गाँव की महिला राजकुमारी बाई ने बताया कि उनका बेटा प्रमेन्द्र स्कूल जाता है। पहले आसपास के विद्यालयों से किसी शिक्षक को स्कूल भेजकर काम चलाया जाता था।
अब नियमित शिक्षक आ जाने से हम सभी खुश है कि हमारे गाँव के स्कूल और बच्चों की नई पहचान बनेगी और उनकी पढ़ाई भी आसान होगी। युक्ति युक्तकरण से इस विद्यालय में नियुक्त सहायक शिक्षक शेखरजीत टंडन ने बताया कि विद्यालय शहर से बहुत दूर है और अभी नई नियुक्ति के साथ ही लेमरू में ठहरने की व्यवस्था कर वहाँ से नियमित विद्यालय आते हैं। उन्होंने बताया कि बारिश में आवागमन थोड़ा चुनौती है, आने वाले समय में रास्ता पक्का हो जाने के साथ ही समस्या दूर हो जाएगी। उन्होंने बताया कि युक्ति युक्तकरण के काउंसिलिंग प्रक्रिया में उन्होंने इस विद्यालय का चयन किया है। विद्यालय में अभी 11 बच्चे दर्ज है और उन्हें खुशी है कि सुदूरवर्ती गाँव सांचरबहार के विद्यार्थियों का भविष्य गढ़ने का उन्हें अवसर मिला। उन्होंने बताया कि इससे पहले दूरस्थ क्षेत्र श्यांग के स्कूल में भी पदस्थ रहकर अध्यापन कर चुके हैं, अब सांचरबहार के शासकीय प्राथमिक शाला में नियुक्त है।
कलेक्टर ने एतमानगर के निर्माणाधीन जल शोधन संयंत्र का किया औचक निरीक्षण
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में यह परियोजना शासन की एक बड़ी पहल
कोरबा । कलेक्टर अजीत वसंत ने आज पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के एतमानगर में निर्माणाधीन जल शोधन संयंत्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना की वर्तमान प्रगति, निर्माण की समय-सीमा, कार्य में आ रही बाधा एवं समाधान संबंधी उपायों की विस्तृत जानकारी ली। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले, एसडीएम पोड़ी उपरोड़ा टी आर भारद्वाज, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन विभाग के अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने मल्टीविलेज स्कीम परियोजना अंतर्गत निर्माण किए जा रहे 285 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले इस संयंत्र का निर्माण कार्य पूर्ण होने की अनुमानित समय सीमा की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो एवं निर्माण कार्य में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने निर्माण कार्य मे आने वाली तकनीकी या अन्य समस्या के सम्बंध में अविलम्ब जानकारी देने की बात कही। जिससे समय रहते समस्या का निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। कलेक्टर ने कहा कि यह परियोजना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी पहल है, जिससे जनस्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपसी समन्वय और समयबद्ध प्रयासों से यह कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए।
गौरतलब है की एतमानगर समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन इस संयंत्र की जल शुद्धिकरण क्षमता 285 लाख लीटर प्रतिदिन है। लगभग 385 करोड़ की लागत से तैयार की जा रही इस परियोजना के माध्यम से 03 विकासखंडों के 245 गांवों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। योजना के तहत बागों बांध से जल लाकर शोधन केंद्र में शुद्ध कर 742 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिये 3 विकासखंडों के 245 गांवों में पेयजल आपूर्ति की जाएगी। योजना के अंतर्गत 8 एमबीआर जल टंकियों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे 72,619 घरों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
डीएपी के विकल्प के रूप में सिंगल सुपर फास्फेट एवं एनपीके उर्वरक बेहतर
कोरबा । वर्षा प्रारंभ होते ही जिले में कृषि कार्य जोरो पर है। मौसम की अनुकुल परिस्थिति को देखते हुए इस वर्ष अच्छी फसल होने की संभावना है। जिले में किसानों को सहकारी समितियो के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, बीज एवं उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है।
उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के डॅबल लॉक एवं सहकारी समितियों में यूरिया 846, डी.ए.पी. 318, एम.ओ.पी. 64, एस.एस.पी. 449 एवं एन.पी.के. 73 मेट्रिक टन की उपलब्धता है। इसी प्रकार जिले की समितियों मे अब तक कुल 9602 मेट्रिक टन उर्वरक भंडारण कराया जाकर अद्यतन 8183 मेट्रिक टन उर्वरकों का वितरण कृषकों को किया जा चुका है। कृषकों के द्वारा डी.ए.पी के उपयोग को अधिक प्राथमिकता दिया जाता है जबकि इस वर्ष में डी.ए.पी. के सीमित आवक के कारण डी.ए.पी. के स्थान पर अन्य वैकल्पिक उर्वरक यथा सिंगल सुपर फास्फेट, एनपीके 20ः20ः0ः13, 12ः32ः16, लिक्विड एन.पी.के., नैनो डी.ए.पी. का पर्याप्त भंडारण जिले में किया जा रहा है। डी.ए.पी. के विकल्प के रूप में इन उर्वरकों का उपयोग कर कृषक अधिक उपज प्राप्त कर सकते है। एनपीके 20ः20ः0ः13 अमोनियम फास्फेट सल्फेट उर्वरक में नाइट्रोजन 20 प्रतिशत, फास्फोरस 20 प्रतिशत एवं सल्फर 13 प्रतिशत उपलब्ध होता है।
उर्वरक में सल्फर की उपलब्धता होने के कारण फसलों में क्लोरोफिल एवं प्रोट्रीन का निर्मा ण में महत्व पूर्ण भूमिका निभाती है तथा फसलों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। संतुलित पोषक तत्वों की पूर्ति से फसल उत्पादन में वृद्धि होती है। सिंगल सुपर फॉस्फेट में स्फूर की मात्रा 16 प्रतिशत के साथ-साथ सल्फर 11 प्रतिशत एवं कैल्सियम 21 प्रतिशत होने के कारण मृदा अम्लीयता को सुधार कर फसलों के जड़ का विकास कर पोषक तत्वों के उपलब्धता को बढ़ाती है। धान के पकने की अवधि के आधार पर कृषि वैज्ञानिकों द्वारा डी.ए.पी. उर्वरक के स्थान पर अन्य उर्वरकों के साथ संतुलित मात्रा तैयार किया गया है। जिसके उपयोग से फसलों की उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है। शासन के दिशा निर्देशानुसार उर्वरक विक्रय हेतु पी.ओ.एस. मशीन की अनिवार्यता एवं निर्धारित दर पर उर्वरकों का विक्रय सुनिश्चित करने हेतु संबंधितो को निर्देशित किया गया है। कृषकों से अपील की गई है कि नत्रजन एवं स्फूर उर्वरकों के साथ-साथ म्यूरेट ऑफ पोटाश का उपयोग अवश्य करं,े जिससे फसलों में कीड़े बिमारी की समस्या अपेक्षाकृत कम आती है। साथ ही जिंक ईडीटीए एवं बोरॉन का छिड़काव निर्धारित अनुपात में अवश्य करें जिससे फसलों की गुणवत्ता एवं उपज में वृद्धि से किसान भाई अधिक से अधिक लाभान्वित हो सकते है।
खेत में फांसी के फंदे पर लटका शव मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस को हत्या का शक
कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक युवक की फांसी के फंदे पर पेड़ में लटकी हुई लाश मिलने से हड़कंप मच गया है। युवक को जिस नायलोन रस्सी के सहारे जिस ढंग से बांधा गया था, उससे मामला संदेहास्पद बन गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना करतला थाना अंतर्गत ग्राम बोतली का है। ग्राम से लगभग 200 मीटर की दूरी पर चैनपुर के खेत में युवक की लाश मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। थोडी ही देर में ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
अनन्तिम मूल्यांकन पत्रक जारी
दावा-आपत्ति 4 तक
कोरबा । कार्यालय एकीकृत बाल विकास परियोजना कटघोरा के आंगनबाड़ी एवं पालना केन्द्र में कार्यकर्ता व सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदन मंगाये गये थे। आवेदन पत्रों के जांच एवं परीक्षण उपरांत अनन्तिम मूल्याकन पत्रक जारी किया गया है। मूल्यांकन पत्रक पर दावा आपत्ति 04 जुलाई तक आमंत्रित किया गया है। दावा आपत्ति कार्यालयीन दिवस पर प्रातः 10.30 बजे से शाम 05 बजे तक परियोजना कार्यालय कटघोरा में जमा किया जा सकता है। मूल्यांकन पत्रक परियोजना कार्यालय कटघोरा तथा जनपद पंचायत कटघोरा, नगर पालिका परिषद कटघोरा एवं दीपका के सूचना पटल पर देखे जा सकते हैं। दावा आपत्ति में नवीन दस्तावेज स्वीकार नहीं किया जायेगा।
लेमरू, भैंसामुड़ा, रामपुर और केंदई में जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविर 27 को
कोरबा । धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत 27 जून को विकासखंड कोरबा के ग्राम लेमरू कलस्टर में सम्मिलित ग्राम कुटुरूवां, अरसेना, सुर्वे, बड़गांव, देवपहरी, कनसरा, जाताडांड, डोकरमना, कुदरीचिंगर, गढ़उपरोड़ा, बहेरा, रांपा, केरीझेरिया, अरेतरा, लेमरू, कुउबहार, विमलता, रपता और नकिया के लिये हाई स्कूल लेमरू, विकासखंड करतला के ग्राम भैंसामुड़ा कलस्टर में सम्मिलित ग्राम भैंसामुड़ा, बधवाभांठा (सलिहाभाठा), जोगीपाली (क) और ढनढनी के लिए ग्राम भैंसामुड़ा, विकासखंड पाली के ग्राम रामपुर कलस्टर में सम्मिलित ग्राम रामपुर, अण्डीकछार, कसियाडीह, झांझ, मुरली और बम्हनीकोना के लिए ग्राम रामपुर और विकासखंड पोंड़ीउपरोड़ा के ग्राम केन्दई कलस्टर में सम्मिलित ग्राम अरसिया, नवापारा, धजाक, गिधमुड़ी, कोठीखर्रा, केन्दई, ठुठीपीपर, उचलैंगा, खिरटी, केतमा, पुटा, मदनपुर, मोरगा, पतुरियाडांड और ग्राम साखो के लिए ग्राम केन्दई में जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविर आयोजित किया जायेगा।
अनन्तिम मूल्यांकन पत्रक जारी
दावा-आपत्ति 4 तक
कोरबा । कार्यालय एकीकृत बाल विकास परियोजना कटघोरा के आंगनबाड़ी एवं पालना केन्द्र में कार्यकर्ता व सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदन मंगाये गये थे। आवेदन पत्रों के जांच एवं परीक्षण उपरांत अनन्तिम मूल्याकन पत्रक जारी किया गया है। मूल्यांकन पत्रक पर दावा आपत्ति 04 जुलाई तक आमंत्रित किया गया है। दावा आपत्ति कार्यालयीन दिवस पर प्रातः 10.30 बजे से शाम 05 बजे तक परियोजना कार्यालय कटघोरा में जमा किया जा सकता है। मूल्यांकन पत्रक परियोजना कार्यालय कटघोरा तथा जनपद पंचायत कटघोरा, नगर पालिका परिषद कटघोरा एवं दीपका के सूचना पटल पर देखे जा सकते हैं। दावा आपत्ति में नवीन दस्तावेज स्वीकार नहीं किया जायेगा।
लेमरू, भैंसामुड़ा, रामपुर और केंदई में जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविर 27 को
कोरबा। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत 27 जून को विकासखंड कोरबा के ग्राम लेमरू कलस्टर में सम्मिलित ग्राम कुटुरूवां, अरसेना, सुर्वे, बड़गांव, देवपहरी, कनसरा, जाताडांड, डोकरमना, कुदरीचिंगर, गढ़उपरोड़ा, बहेरा, रांपा, केरीझेरिया, अरेतरा, लेमरू, कुउबहार, विमलता, रपता और नकिया के लिये हाई स्कूल लेमरू, विकासखंड करतला के ग्राम भैंसामुड़ा कलस्टर में सम्मिलित ग्राम भैंसामुड़ा, बधवाभांठा (सलिहाभाठा), जोगीपाली (क) और ढनढनी के लिए ग्राम भैंसामुड़ा, विकासखंड पाली के ग्राम रामपुर कलस्टर में सम्मिलित ग्राम रामपुर, अण्डीकछार, कसियाडीह, झांझ, मुरली और बम्हनीकोना के लिए ग्राम रामपुर और विकासखंड पोंड़ीउपरोड़ा के ग्राम केन्दई कलस्टर में सम्मिलित ग्राम अरसिया, नवापारा, धजाक, गिधमुड़ी, कोठीखर्रा, केन्दई, ठुठीपीपर, उचलैंगा, खिरटी, केतमा, पुटा, मदनपुर, मोरगा, पतुरियाडांड और ग्राम साखो के लिए ग्राम केन्दई में जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविर आयोजित किया जायेगा।
शिशु शिक्षा व पोषण को मिलेगा संबल, डीएमएफ से 96 नए आंगनबाड़ी भवनों को मिली मंजूरी
12 करोड़ से अधिक राशि से नगरीय क्षेत्र के विभिन्न वार्डो में नवीन आंगनबाड़ी भवन का होगा निर्माण
कोरबा । जिला प्रशासन द्वारा शिशु शिक्षा एवं बाल विकास को संबल प्रदान करते हुए कोरबा जिले के नगरीय निकायों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में बड़ी पहल की गई है। कलेक्टर अजीत वसंत ने जिला खनिज न्यास निधि से जिले के नगरीय क्षेत्र के विभिन्न जोन के अनेक वार्डो में कुल 96 नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण हेतु 12 करोड़ 40 लाख की स्वीकृति प्रदान की है। जिसमें नगर पालिका निगम कोरबा के विभिन्न जोन अंतर्गत 88 नए आंगनबाड़ी भवन एवं नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के विभिन्न वार्डो में 08 नवीन आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कार्य शामिल है। इससे शहरी क्षेत्रों के पिछड़े परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पूर्व-प्रारंभिक शिक्षा और पोषण सेवाओं का लाभ मिलेगा। स्वीकृत कार्यो के अंतर्गत नगर पालिका निगम कोरबा क्षेत्रान्तर्गत परिवहन नगर जोन में 12 नवीन आंगनबाड़ी भवन हेतु 1 करोड़ 56 लाख, सर्वमंगला नगर जोन अंतर्गत 10 नवीन आंगनबाड़ी भवन हेतु 1 करोड़ 30 लाख, दर्री जोन भाग 01 व भाग 02 में 14-14 नग नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु प्रत्येक भाग के लिए 1 करोड़ 82 लाख, बालको जोन में 08 आंगनबाड़ी भवन हेतु 1 करोड़ 04 लाख, पं. रविशंकर शुक्ल नगर जोन में 02 आंगनबाड़ी भवन हेतु 26 लाख, कोसाबाड़ी जोन में 13 आंगनबाड़ी भवन हेतु 1 करोड़ 69 लाख, कोरबा जोन अंतर्गत 15 आंगनबाड़ी भवन हेतु 1 करोड़ 95 लाख एवं नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के विभिन्न वार्डों में 08 नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु 96 लाख की स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही नए भवनों में बेहतर अधोसरंचना सहित अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएगी।
वर्तमान में कई आंगनबाड़ी केंद्र अस्थायी या पुराने भवनों में संचालित हो रहे हैं, जिससे बच्चों को समुचित सुविधाएं नहीं मिल पा रही। नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण से बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निश्चित ही सुधार होगा। नवनिर्मित भवनों के माध्यम से बच्चों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायक वातावरण उपलब्ध होगा। साथ ही यह कदम केंद्रों में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए भी कार्य की गुणवत्ता और सुविधा को बढ़ाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण का यह प्रयास बाल हितों की रक्षा और भविष्य की पीढ़ियों को मजबूत आधार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डीएमएफ राशि का यह प्रभावी उपयोग जिले में बाल शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा।
पदक प्राप्त राष्ट्रीय खिलाड़ियों का सम्मान
कोरबा। राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में कोरबा जिले के पदक प्राप्त राष्ट्रीय खिलाड़ीयों को आज जिला प्रशासन के निर्देशानुसार तामेश्वर उपाध्याय जी जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा ने तुलसी मानिकपुर पिता स्व नयनदास मानिकपुरी नेटबाल बालिका 19वर्ष शा उमावि विद्या. पी डब्ल्यू डी रामपुर कोरबा ने 67वीं राष्ट्रीय खेल रेवारी हरियाणा में तृतीय स्थान प्राप्त कर ब्रांज मेंडल, कु झिलमिल ठाकुर पिता स्व राजेन्द्र सिंह ठाकुर शा पू मां शा पी डब्ल्यू डी रामपुर कोरबा ने नेटबाल बालिका 14वर्ष 68वीं राष्ट्रीय खेल कोरबा छत्तीसगढ़ में गोल्ड मेडल प्राप्त किया तथा कु . पूर्वी कंवर पिता राम लखन कंवर ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल कोरबा ने ताइक्वांडो बालिका 14वर्ष में 68वीं राष्ट्रीय खेल विदिशा मध्य प्रदेश से प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल प्राप्त किया एवं वेदांत कश्यप पिता नरेश कश्यप डीपीएस बालको नगर ने ताइक्वांडो 14वर्ष बालक वर्ग में 68 वीं राष्ट्रीय शालेय खेल प्रतियोगिता विदिशा मध्य प्रदेश से तृतीय स्थान ब्रांज मेंडल प्राप्त किया। जिन्हें छत्तीसगढ़ शासन के आदेशानुसार लोक शिक्षण संचालनालय नवा रायपुर के द्वारा कु तुलसी मानिकपुरी को 10000 , कु. झिलमिल ठाकुर को 21000 , पूर्वी कंवर 21000 , वेदांत कश्यप को 10000 का बैंक ड्राफ्ट जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा के द्वारा प्रदान किया। श्री उपाध्याय ने कहा इस प्रकार से खेलो में भाग लेकर जिला एवं राज्य का नाम रोशन करते रहे।
इस अवसर पर के आर टंडन सहायक जिला क्रीड़ा अधिकारी, सनत कालेलकर , शिव कुमार कंवर व्यायाम शिक्षक एवं श्रीमती पूजा गुप्ता क्रीड़ा शाखा लिपीक तथा उनके अभिभावकगण उपस्थित रहे । पदक विजेता खिलाड़ियों ने राज्य शासन द्वारा बैंक ड्राफ्ट प्राप्त कर खुशी से जाहिर किए।
चुईया में जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविर आयोजित
शिविर में अनेक हितग्राही हुए लाभान्वित
कोरबा । विकासखण्ड कोरबा अंतर्गत कलस्टर चुईया में सम्मिलित ग्राम अजगरबहार, नरबदा, सराईसिंगार, बेला, गहनिया, परसाखोला, चुईया, भटगांव, धनगांव, पोड़ीखोहा, दोंदरो, जामबहार, रोगबहरी, कछार, गरकटरा, गौरबोरा, माखुरपारानी, सतरेंगा, सोनगुढ़ा, औराकछार, सोनपुरी, सराईपाली, कोडियाघाट, तिलाईडांड के लिए मा.शा. चुईया में जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में कुल 12 आधार कार्ड, 05 आयुष्मान, 55 राशनकार्ड नाम जोड़ने व काटने, 8 मनरेगा जॉबकार्ड, 43 पेंशन, 02 जाति प्रमाण-पत्र, 05 आय प्रमाण-पत्र, 03 निवास प्रमाण-पत्र, स्वास्थ्य जांच इत्यादि के हितग्राहियों को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कर नशा मुक्त भारत अभियान हेतु शपथ भी लिया गया।
शिविर में जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 01 श्रीमती रेणुका राठिया, जनपद सदस्य क्षेत्र सोनपुरी रफीक मेनन (पप्पू भैया), अजगरबहार सरपंच नारायण सिंह, चुईया सरपंच श्रीमती पूजा राठिया, धनगांव सरपंच कलेश सिंह पैकरा, सोनपुरी सरपंच श्रीमती सरस्वती कंवर, जामबहार सरपंच उपसिंह कंवर, तिलाईडांड सरपंच डिगपाल सिंह कंवर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा श्रीमती कौशाम्बी गबेल, विकास विस्तार अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा श्रीमती महेश्वरी साव, अन्य विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहें।
यह अभियान जनजातीय समुदाय के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हे मुख्य धारा में शामिल करने व सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिसके माध्यम से उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से रोशन हुआ अशोक का जीवन
मुफ्त बिजली से राहत, पर्यावरण की भी सुरक्षा
कोरबा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में संचालित प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आज आम नागरिकों के जीवन में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। यह योजना न केवल घरेलू बिजली संकट का समाधान बन रही है, बल्कि आर्थिक राहत और स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो रही है।
बीते वर्षों में बिजली बिलों की बढ़ती लागत और गर्मियों में अघोषित बिजली कटौती जैसी समस्याओं से आमजन त्रस्त थे। ऐसे में यह योजना लोगों के लिए आशा की एक किरण बनकर आई है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत आम नागरिक अब अपने घर की छतों पर सौर पैनल लगाकर प्रतिमाह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उत्पन्न कर रहे हैं, जिससे न केवल उनका मासिक खर्च कम हुआ है, बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का रास्ता भी खुला है।
योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा 30 हजार से 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही, कम ब्याज दर पर ऋण की सुविधा से अब मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के लोग भी सौर ऊर्जा की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। यह योजना हर उस नागरिक तक पहुंच रही है जो बिजली के भारी बिल और बार-बार की कटौती से परेशान था।
कोरबा जिले के छुरी गांव निवासी अशोक अग्रवाल इस योजना के सफल लाभार्थियों में से एक हैं। उन्होंने बताया कि योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तुरंत अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता वाला सोलर पैनल स्थापित कराया। महज 3 से 4 दिनों में यह सिस्टम तैयार होकर बिजली उत्पादन शुरू कर चुका है।
उन्हें शासन की ओर से 78,000 रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे सिस्टम की लागत बहुत कम हो गई। श्री अग्रवाल के घर के बगल में ही उनका राइस मिल भी है, जिससे पहले बिजली की खपत अधिक और बिल काफी भारी आता था। लेकिन अब सोलर सिस्टम लगने के बाद से उनका बिजली बिल शून्य हो गया है, और बिजली की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित हो गई है।
श्री अग्रवाल ने बताया, “पहले गर्मियों में जरा सी बारिश या बिजली चमकने पर सप्लाई कट जाती थी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। पूरे मौसम भर बिजली मिलती रही, जिससे परिवार को काफी राहत मिली।” उन्होंने कहा कि कोरबा जैसे औद्योगिक जिले में जहां बिजली की मांग अधिक रहती है, वहां यह योजना गर्मी के मौसम में रामबाण सिद्ध हो रही है। उन्होंने बताया कि अब कोरबा जिले में लोग तेजी से इस योजना को अपना रहे हैं और अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल इंस्टॉल कर रहे हैं। श्री अग्रवाल स्वयं भी अपने अनुभव को लोगों के साथ साझा कर उन्हें योजना के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने परिचितों को भी सोलर सिस्टम अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
श्री अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को इस प्रभावी और दूरगामी योजना के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल वर्तमान की आवश्यकता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का सशक्त मार्ग है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आज न केवल बिजली संकट का समाधान बन रही है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता का एक सफल मॉडल भी बनकर उभर रही है। कोरबा जिले सहित पूरे प्रदेश में अब इस योजना की सफलता की कहानियां रोजाना गढ़ी जा रही हैं। जिससे आमजन सौर ऊर्जा के माध्यम से प्रकाशमय और सशक्त भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकें।
उचित मूल्य दुकान के संचालन, आवेदन आमंत्रित
इच्छुक महिला स्व सहायता समूह, ग्राम पंचायत, वन समिति, लेम्पस, सहकारी समिति कर सकते हैं आवेदन
कोरबा । जिले में एक ही संचालक संस्था द्वारा 02 से अधिक उचित मूल्य दुकानों का संचालन मूल आवंटित/संलग्नीकरण के तहत किया जा रहा है। जिसके अनुसार 18 संचालक संस्था द्वारा कुल 77 शासकीय उचित मूल्य दुकानों का संचालन किया जा रहा है। शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार 01 संचालक संस्था द्वारा अधिकतम 02 उचित मूल्य दुकान संचालन किया जाना है। एक ही संचालक संस्था द्वारा 02 से अधिक दुकान संचालित किए जाने पर उक्त दुकानों के लिए नवीन संचालक संस्था/समूह को आबंटित किए जाने हेतु कलेक्टर द्वारा समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देशित किया गया है।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोरबा अंतर्गत विकासखंड कोरबा के ग्राम पचांयत मदनपुर, मुदुनारा, रजगामार, कुदुरमाल, सतरेंगा, लेमरू, सोनगुढा, धनगांव, बेन्दरकोना, बेला, चुईया एवं पंडरीपानी, विकासखंड-करतला के ग्राम पंचायत पहाडगांव, अनुविभाग कटघोरा अंतर्गत - ग्राम पंचायत ढ़पढ़प एवं अनुविभाग- पोडीउपरोडा अंतर्गत ग्राम पंचायत नगोई बछेरा एवं परला हेतु नवीन संस्था को आंबटित कर आबंटन आदेश जारी किया गया है। इस प्रकार जिले में कुल 16 ग्राम पंचायतों में उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु नवीन संस्था को आबंटित किया गया हैं।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोरबा अंतर्गत विकासखंड कोरबा के ग्राम पंचायत चिर्रा, डोकरमना, बड़गांव, अरसेना, चचिया, देवपहरी, अजगरबहार, गढ़उपरोडा, सिमकेंदा, मसान, लबेद एवं चाकामार, विकासखंड -करतला के ग्राम पंचायत रीवांपार, अनुविभाग कटघोरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बतारी, रंजना एवं अरदा, अनुविभाग पाली अंतर्गत ग्राम पचांयत जेमरा, अनुविभाग पोडीउपरोडा अंतर्गत ग्राम पचांयत अमझर, चन्द्रौटी, भांवर, चोटिया (लमना) एवं ग्राम पंचायत साखो में नवीन संस्था को उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित कर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। इस प्रकार जिले मे ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कुल 22 ग्राम पंचायतों में संचालित उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु विज्ञापन जारी किया गया है।
उक्त ग्राम पंचायतों में संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन हेतु इच्छुक महिला स्व सहायता समूह, ग्राम पंचायत, वन समिति, लेम्पस, सहकारी समिति जिनका पंजीयन फर्म्स एवं सोसायटी बिलासपुर एवं सहकारी संस्थाएं में पंजीकृत सस्थाएं जिनका पंजीयन 02 माह पूर्व का होने पर संबंधित अनुविभागीय कार्यालय में आवेदन सह दस्तावेज प्रस्तुत किया जा सकता है। जिस पर अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय द्वारा दुकान आबंटन की नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।
लाभ संतृप्ति शिविर का आयोजन 26 को
कोरबा । धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत 26 जून को विकासखंड कटघोरा के ग्राम विजयपुर कलस्टर में सम्मिलित ग्राम विजयपुर, अमपुर, सिंघाली और मोहनपुर के लिये ग्राम विजयपुर, विकासखंड करतला के ग्राम पुरैना कलस्टर में सम्मिलित ग्राम पुरैना, खरहरी, जर्वे, गितारी, महोरा और चिचोली के लिए ग्राम पुरैना, विकासखंड पाली के ग्राम नोनबिर्रा कलस्टर में सम्मिलित ग्राम नोनबिर्रा, उड़ता, पुटा, चोढ़ा, छिंदपानी, धौराभांठा और ग्राम करतला के लिए ग्राम नोनबिर्रा और विकासखंड पोंड़ीउपरोड़ा के ग्राम छिंदिया कलस्टर में सम्मिलित ग्राम अटारी, कुदरीकला, बुढ़ापारा, कुरथा, छिंदिया, बाबूपारा, दम्हामुड़ा, घोसरा, जामकछार, खम्हारमुड़ा, कुल्हरिया, नवापारा सि, पालढुरैना, पाली, सिमगा, सरपता, सिरमिना, मिसिया और ग्राम झिनपुरी के लिए ग्राम छिंदिया में जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविर आयोजित किया जायेगा।