छत्तीसगढ़ / कोरबा
लेखन एवं अन्य सामग्री क्रय हेतु निविदा
कोरबा । कार्यालय कलेक्टर कोरबा की ओर से निर्माताओं और उनके अधिकृत विक्रेताओं से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये स्टेशनरी, लेखन सामाग्री, कम्प्यूटर सामाग्री तथा अन्य सामाग्री बाजार दर पर क्रय करने मोहरबंद निविदाएं आमंत्रित की गई है। निविदा की नियम व शर्तें, स्टेशनरी एवं लेखन सामग्री की सूची तथा निविदा प्रपत्र जिला कार्यालय के स्टेशनरी शाखा से कार्यालयीन समय पर प्राप्त किये जा सकते हैं। निविदा फार्म प्रदाय की अंतिम तिथि 03 जून 2025 दोपहर तीन बजे तक, निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 04 जून दोपहर तीन बजे तक है और निविदा 04 जून 2025 को अपरांह 4 बजे खोली जायेगी।
विकसित भारत 2047 की संकल्पना को साकार करने में चिकित्सा क्षेत्र निभाए अहम भूमिका : स्वास्थ्य मंत्री
मेडिकल कॉलेज को निजी संस्थानों से बेहतर बनाने के निर्देश
कोरबा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047 “ की परिकल्पना को साकार करने हेतु स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से इस महाअभियान में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। यह विचार उन्होंने आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित स्व. बिसाहू दास महंत स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, कोरबा की स्वशासी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए।
बैठक में मेडिकल कॉलेज के संपूर्ण ढांचे, कार्यप्रणाली और सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ और सशक्त बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री श्री जायसवाल ने निर्देश दिए कि शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालयों को इस प्रकार सुसज्जित किया जाए कि वे निजी स्वास्थ्य संस्थानों से अधिक बेहतर और भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभरें। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना, ओपीडी व आईपीडी में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य परामर्श की व्यवस्था सुनिश्चित करना, और मरीजों के साथ संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करना चिकित्सा संस्थानों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से कहा, “आपके कार्य और सेवा की गुणवत्ता इस प्रकार की होनी चाहिए कि स्वयं आप एक ब्रांड बन जाएं। आम जनता को आपके कार्य से न सिर्फ चिकित्सा सेवा मिले, बल्कि उन्हें सम्मान और संवेदना का भी अनुभव हो।“
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने मेडिकल कॉलेज में स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया, आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली, सेवा की पुष्टि और समग्र प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं से संस्थान की पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि होगी।
’जनहित में डीएमएफ का बेहतर उपयोग’
बैठक में कलेक्टर अजीत वसंत ने जिला खनिज संस्थान न्यास मद से चिकित्सा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि डीएमएफ का प्रयोग जनहितकारी चिकित्सा अधोसंरचना के विकास, उपकरणों की उपलब्धता और सेवाओं के विस्तार में किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के पदेन सदस्य सचिव डॉ. के. के सहारे ने पिछली स्वशासी समिति बैठक के पालन प्रतिवेदन का वचन किया। स्वशासी समिति द्वारा पिछली बैठकों में पारित कार्यों को अनुमोदन प्रदान किया गया और प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें स्किल लैब की स्थापना, ऑन कॉल ड्यूटी एवं कार्यालयीन कार्य हेतु हल्के वाहन की खरीदी, तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित बजट पर विचार शामिल था।
’संवेदनशीलता हो चिकित्सकीय सेवा की आत्मा’
स्वास्थ्य मंत्री ने अंत में समस्त डॉक्टरों, नर्सों एवं मेडिकल स्टाफ को निर्देशित किया कि वे अपने व्यवहार में मानवीयता, संवेदनशीलता और सेवा भाव को सर्वोपरि रखें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक सेवा धर्म है, जिसे समर्पण और करुणा के साथ निभाया जाना चाहिए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, जनप्रतिनिधि,सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग, डॉ. यू . एस पैकरा,अधीक्षक डॉ. गोपाल सिंह कंवर, सीएमएचओ डॉ. केसरी, एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
समापन में मंत्री जायसवाल ने भरोसा जताया कि राज्य सरकार के मार्गदर्शन में कोरबा मेडिकल कॉलेज आने वाले वर्षों में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभरेगा।
अजगरबहार में समाधान शिविर 20 को
कोरबा । सुशासन तिहार 2025 के तृतीय चरण अन्तर्गत 20 मई मंगलवार को विकासखंड कोरबा के ग्राम अजगरबहार कलस्टर अंतर्गत सम्मिलित ग्राम पंचायत अजगरबहार, माखूरपानी, धनगांव, कछार, तिलाईडांड, सोनगुढ़ा, सोनपुरी, चुईया, जामबहार, बेला और दोंदरो हेतु हाईस्कूल भवन अजगरबहार में समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा।
वयोवृद्ध स्वास्थ्य शिविर 21 को
कोरबा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि माह मई में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर वयोवृद्ध लोगो का निःशुल्क स्वास्थ्य जॉंच एवं दवाईयों का वितरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में 21 मई बुधवार को कोरबा ब्लाक के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र श्यांग, करतला ब्लाक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोथारी, कटघोरा ब्लाक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रंजना, पोंड़ीउपरोड़ा ब्लाक के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पोंड़ीउपरोड़ा, पाली ब्लाक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उतरदा तथा शहरी क्षेत्र में यूपीएचसी ढोढ़ीपारा और कटाईनार में वयोवृद्ध स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जायेगा।
प्रदूषण जांच केन्द्र स्थापित करने परिवहन कार्यालय में किया जा सकता है आवेदन
कोरबा । कोरबा जिले में प्रदुषण जांच स्थापित करने हेतु इच्छुक आवेदक जिला परिवहन कार्यालय कोरबा में आवेदन जमा कर सकते हैं। इस हेतु आवेदक की आयु े आवेदन दिनांक को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होनी चाहिये। आवेदक हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी परीक्षा उत्तीर्ण हो। प्रदूषण जांच केंद्र संचालन हेतु आवेदक/कर्मचारी के पास आईटीआई का मेकेनिक डीजल या मेकेनिक मोटर का प्रमाण पत्र या समतुल्य प्रमाण पत्र होना चाहिये। मोटर नियमों के अधीन अपेक्षाओं के अनुपालन में मोटर से उत्सर्जित होने वाले गैस धुएं और गैस की जांच के स्मोक मीटर प्रिंटर सहित, गैस एनालाईजर प्रिंटर सहित और दोनों के ट्यूनिंग के लिए आवश्यक उपस्कर रखना होगा। ऐसे आवेदक जो मोटर वर्कशॉप चलाते हैं, पेट्रोल पंप संचालित करते हैं उन्हें विशेष प्राथमिकता दी जायेगी।
अनुसूचित जाति,जनजाति, पिछड़ा वर्ग अथवा अल्पसंख्यक समुदाय के आवेदक तथा शासन की ऋण योजनाओं में प्रदूषण जांच केन्द स्थापित करने हेतु उचित प्रतिनिधित्व दिया जायेगा। आवेदक को आवेदन फीस आवेदन पत्र हेतु तीन सौ रूपये एवं प्राधिकार पत्र हेतु आरक्षित प्रवर्ग के लिए तीन हजार रूपये, अन्य के लिए पांच हजार रूपये शुल्क होगी। प्रदूषण जांच केन्द्र के लिए प्राधिकार पत्र तीन वर्ष के लिए विधिमान्य होगी एवं एक वर्ष के लिए नवीनीकरण किया जायेगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी हेतु जिला परिवहन कार्यालय कोरबा से संपर्क किया जा सकता है।
सिविल डिफेंस वालिंटियर के नामांकन आवेदन 31 तक
कोरबा । देश में युद्ध जैसे आपात कालीन स्थिति एवं प्राकृतिक आपदा से निपटने हेतु छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आठ जिलों रायपुर, कोरबा, जगदलपुर, बिलासपुर, रायगढ़, दन्तेवाड़ा, जांजगीर-चांपा एवं धमतरी को सिविल डिफेन्स जिला घोषित किया गया है। प्रत्येक जिलों में एक-एक हजार सिविल डिफेन्स वालिंटियरों का नामांकन किया जायेगा। जिला सेनानी अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा जिले में सिविल डिफेन्स वांलिटियरों का नामांकन प्रारंभ कर दिया गया है। इच्छुक आवेदक 31 मई 2025 तक कार्यालय जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी नगर सेना कोरबा में स्वयं उपस्थित होकर नामांकन फार्म भर कर जमा कर सकते हैं। सिविल डिफेन्स वालिंटियर हेतु आयु सीमा 18 से 50 वर्ष के बीच होना चाहिए। सिविल डिफेन्स वालिंटियर बनने हेतु नामांकन भरते समय आधार कार्ड, दसवी कक्षा पास की मार्कशीट, कोरबा जिले का मूल निवासी प्रमाण पत्र, एवं पासपोर्ट साइज के 2 फोटो अनिवार्य रूप से नामांकन फार्म में चस्पा करना पड़ेगा। नामांकन पश्चात अलग-अलग बैंचों में एक-एक दिन का सिविल डिफेंस प्रशिक्षण दिया जायेगा।
सीईओ जिला पंचायत ने जनदर्शन में सुनी शिकायतें
कुल 97 आवेदन हुए प्राप्त
कोरबा । कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन में सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग ने आज जनदर्शन में आम नागरिकों की समस्याओं को सुना। उन्होंने जनदर्शन में प्राप्त सभी आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर निश्चित समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में कुल 97 आवेदन प्राप्त हुए।
कलेक्टर जनदर्शन में आज जाति प्रमाण पत्र,पेंशन, राशनकार्ड, वनअधिकार पत्र, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन,बंटवारा आदि आवेदन प्राप्त हुए। जनदर्शन में ग्राम पंचायत कोरबी के मनोज कुमार ने प्रधानमंत्री आवास निर्माण की मांग की। बताती निवासी अमरसिंह ने अपनी पुस्तैनी जमीन में बंटवारे और पर्ची अलग करने का आवेदन लगाया। ग्राम खमरिया पाली के अभिषेक भारद्वाज ने वर्ष 2024 में अतिवृष्टि के मुआवजा की मांग की। पाली के ग्रामीणों ने वन अधिकार पत्र के वितरण की मांग की। पाली के ही रामनाथ स्वर्णकार ने राजस्व रिकॉर्ड सुधारने का आवेदन दिया। बांसाखर्रा,गेराव के ग्रामीणों ने विशेष पिछड़ी जन जाति बिरहोर बस्ती में छिंदवारपारा में बिजली कनेक्शन तथा ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की। बालको नगर की रहने वाली देव कुमारी महंत ने प्रधानमंत्री आवास का आवेदन दिया। सीईओ जिला पंचायत ने संबंधित अधिकारियों को प्रकरण प्रेषित कर निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर अपर कलेक्टर मनोज कुमार बंजारे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
समाधान शिविर जनता और शासन के बीच में सेतु का कार्य करते हैं : विधायक
पंडरीपानी में आयोजित शिविर में 1938 में से 1915 का किया गया त्वरित निराकरण
कोरबा । जनपद पंचायत कटघोरा अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी में “सुशासन तिहार“ के अंतर्गत क्लस्टर स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल जी रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाने के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविर शासन एवं जनता के बीच एक सेतु का कार्य करते हैं, जिससे अधिकाधिक ग्रामवासी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती झूलबाई कंवर ने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान 8 से 11 अप्रैल तक ग्रामीणों ने शासन तक अपनी समस्याएं पहुंचाई थीं, जिनका निराकरण इस समाधान शिविर के माध्यम से किया जा रहा है।
शिविर में पंडरीपानी, डिंडोलभांठा, तेलसरा, ढपढप, नवागांवकला, धनरास, लोतलोता व छुरीखुर्द ग्राम पंचायतों के ग्रामीण एवं हितग्राही उपस्थित रहे। शिविर में कुल 1938 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 1915 मांग व 23 शिकायतें थीं। इनमें से 1851 मांग व 23 शिकायतों का त्वरित निराकरण किया गया।
शिविर के दौरान अधिकारियों द्वारा प्राप्त आवेदनों का वाचन एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। शिविर में 22 राशन कार्ड, 5 जॉब कार्ड, 11 पेंशन आदेश प्रतियां, 6 किसान किताबें एवं 8 जाति प्रमाण पत्र हितग्राहियों को वितरित किए गए।
इस अवसर पर जनपद सदस्य श्रीमती शारदालता यादव एवं संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच, उपसरपंच, पंचायत सचिवगण, संजय शर्मा, रघुराज सिंह, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष गोविंद सिंह कंवर, रामप्रसाद कोराम, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रोहित सिंह, तहसीलदार श्रीमती प्रियंका चंद्रा, साहू, जनपद सीईओ यशपाल सिंह,अतिरिक्त सीईओ खगेश कुमार निर्मलकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मनोरंजक गतिविधियों और ज्ञानवर्धक सवालो के बीच रंगारंग कार्यक्रम
सुशासन तिहार 2025 के लाभान्वित हितग्राहियों ने साझा किये अपने अनुभव
कोरबा । सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत कोरबा के घंटाघर ऑडिटोरियम, परिसर के चौपाटी में जनसंपर्क विभाग के माध्यम से एक दिवसीय विशेष इवेंट का आयोजन किया गया। आम नागरिकों से प्रत्यक्ष रूबरू होकर उनसे मनोरंजक गतिविधियों में शामिल किया गया। ज्ञानवर्धक सवाल भी पूछे गए और सही जवाब देने वाले प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार भी प्रदान किया गया। इस आयोजन में आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आयोजन को सफल बनाया। कार्यक्रम का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना, लाभार्थियों से संवाद स्थापित करना और सुशासन तिहार को जनसामान्य में प्रसारित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत रंगारंग सांस्कृतिक नृत्य से हुई, जिसके बाद खेल एवं मनोरंजन गतिविधियों की श्रृंखला प्रारंभ हुई। कार्यक्रम में ज्ञानवर्धक क्विज़, जिसमें सुशासन तिहार, प्रदेश सरकार की योजनाओं, शासन की पहल तथा कोरबा जिले से जुड़े सवाल शामिल रहें का खास आकर्षण रहा। युवाओं ने इसमें भाग लेकर सवालों के जवाब दिए। इस दौरान सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत अपनी समस्या को लेकर आवेदन देने वाले वे हितग्राही भी थे जिनके आवेदन का निराकरण हो गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही मनु उराव, बिन्देश्वरी, मनहरण सिह, अलख राम, बरेलाल, अंबिका यादव, पार्वती चौहान, शशी चौहान, शत्रुहन श्रीवास, पेंशन के हितग्राही अनिल सिंह, राशनकार्ड के हितग्राही सुलोचनी साहू सहित अन्य योजनाओं के लाभार्थियों ने अपने अनुभव को बताया और आवेदन जमा करने के बाद हुई कार्यवाही पर संतोष व्यक्त करते हुए सरकार की इस पहल की सराहना की।
कार्यक्रम में खेल और अन्य गतिविधियों में बड़ी संख्या में बच्चों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी दी। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। जनसंपर्क विभाग के संयुक्त संचालक श्रीमती इस्मत जहां दानी और जिला जनसम्पर्क अधिकारी कमलज्योति, जिला समन्वयक आशुतोष गौरहा ने विजेता प्रतिभागियों को पुरूस्कार वितरित किए।
कार्यक्रम को संचालन रेडियो जॉकी अनिमेष शुक्ला ने किया। उन्होंने अपनी शानदार आवाज में जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में युवाओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित कल्याणकारी योजनाओं के बारे में गहरी रुचि दिखाई और संवाद के माध्यम से जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को “जनमन“ पत्रिका और शासन की योजनाओं पर आधारित फूड वाउचर प्रदान किए गए। आयोजन में पारंपरिक लोकनृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, खेल प्रतियोगिताएँ और मनोरंजक गतिविधियाँ आयोजन को रोचक और प्रेरणादायक बनाती रहीं। एक दिवसीय इस इवेंट में न सिर्फ जनसहभागिता को प्रोत्साहित किया बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद की एक सशक्त कड़ी भी स्थापित की। इस अवसर पर जिला प्रशासन, नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी, जनसम्पर्क कार्यालय से मनीष यादव, प्रकाश दास, अशोक, नन्द कुमार आदि उपस्थित थे।
हसदेव-बांगो डूबान क्षेत्र में बनेगा छत्तीसगढ़ का पहला एक्वापार्क
केज कल्चर से मछली उत्पादन ही नहीं, ग्रामीणों के आय में हो रही वृद्धि
कोरबा । मछली पालन और उसकी आय ने हसदेव डूबान के आसपास बसे सैकड़ों ग्रामीणों की जीवन को प्रभावित किया है। केज कल्चर के माध्यम से मछली उत्पादन करने की तरकीब ने न केवल उनके हाथों में रोजगार और जेब में पैसे दिए, अपितु जीवनयापन का एक नया जरिया भी विकसित किया है। मछली उत्पादन से वे आत्मनिर्भर की राह में आगे बढ़ रहे हैं, वहीं विदेशों में खासा डिमांड वाले तिलापिया प्रजाति की मछली का पालन करने से मछली पालन करने वालों का व्यापार का द्वार सात समंदर पार भी खुलने लगा है। केज कल्चर के माध्यम से मछली उत्पादन करने वाले ग्रामीणों द्वारा तिलापिया प्रजाति के मछली का पालन किये जाने से उनकी आमदनी भी बढ़ने की संभावना है। देश के अलग-अलग राज्यों और अनेक शहरों में मछलियों को बेचकर आत्मनिर्भर की राह में कदम बढ़ाने वाले ग्रामीण विदेशों से डिमांड आने पर न सिर्फ खुश है, वे अधिक से अधिक उत्पादन कर ज्यादा से ज्यादा आय अर्जित करने की संभावना जता रहे हैं।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और जिला खनिज संस्थान न्यास के सहयोग से कोरबा जिले के सरभोंका स्थित निमउकछार हसदेव जलाशय में लगभग 800 नग केज की स्थापना की गई है। जिसमें विस्थापित ग्रामों के 9 पंजीकृत सहकारी मछुआ समितियों के 160 सदस्यों का चयन किया गया। हसदेव बांगो जलाशय में प्रभावित परिवारों के आजीविका को ध्यान रखकर सभी सदस्यों को 5-5 केज दिये गये। केज के माध्यम से मछली पालन करने वाले ग्रामीणों को शुद्ध वार्षिक आमदनी 88 हजार की हुई। मछुआ समिति के सदस्य दीपक राम मंझुवार, अमर सिंह मंझुवार, महिला सदस्य श्रीमती देवमति उइके ने बताया कि केज के माध्यम से उन्हें न सिर्फ रोजगार मिला है, उनकी आमदनी भी बढ़ी है। मछली पालन से लगभग 88 से 90 हजार रूपए मिले और इस पैसो का उपयोग घर बनाने से लेकर अन्य कार्यों में किया गया। मत्स्य विभाग के अधिकारी क्रांति कुमार बघेल ने बताया कि प्रतिवर्ष लगभग 1600 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन होता है। इस केज कल्चर से प्रतिदिन 70-80 लोगों को रोजगार मिल रहा है साथ ही साथ 15 से 20 पैगारों (चिल्लहर विक्रेता) को भी प्रतिदिन मछली मिल रही है, केज कल्चर से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लोग लाभांवित हो रहे हैं। मछली का उत्पादन करने के लिए ग्रामीणों को ट्रेनिंग भी दी गई है ताकि वे उत्तम विधि से मछली पालन कर सके। उन्होंने बताया कि यहां पंगास (बासा) और तिलापिया मछली का उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यूएसए में भी तिलापिया प्रजाति के मछली का निर्यात किया गया है। आने वाले दिनों में भी इस मछली का निर्यात होगा। मछलियों का निर्यात होने से बड़ी संख्या में क्षेत्र के ग्रामीणजन इस व्यवसाय से जुड़ पायेंगे। उनकी आमदनी भी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि एक्वा पार्क की स्थापना से स्थानीय ग्रामीणों और मछुआ सहकारी समिति के सदस्यों को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा। इससे उनकी आजीविका बढ़ेगी।
एक्वा पार्क के लिए भारत सरकार से मिली है स्वीकृति
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ का पहला एक्वा पार्क कोरबा जिले में स्थापित करने कुल 37 करोड़ 10 लाख 69 हजार रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। यहां हसदेव-बांगो डूबान अंतर्गत एतमानगर और सतरेंगा में एक्वा पार्क के रूप समें विकसित किया जाएगा। खास बात यह हैं कि एक्वा पार्क में एतमानगर में फिड मिल, फिश प्रोसेसिंग प्लांट, हेचरी तथा रिसर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम भी लगाई जाएगी। फिश प्रोसेसिंग यूनिट प्लांट में मछलियों को साफ-सुथरा कर मांस को पैकिंग, बोन को अलग करके उसका फिल्ले तैयार कर निर्यात किया जाएगा। हेचरी के माध्यम से मछली बीज का उत्पादन किया जाएगा। बांगो बांध में केज कल्चर के माध्यम से मछली का उत्पादन बढ़ाने के लिए और केज लगाए जाएंगे।
मनोरंजन के साथ खा पायेंगे मनपसंद मछली, मिलेगी मछली पालन की जानकारी
एतमानगर के साथ ही प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सतरेंगा में एक्वा पार्क का एक्सटेंशन एवं जागरूकता इकाई स्थापित होगी। यहां एक्वा म्यूजियम बनाया जाएगा। मनोरंजन के लिए अन्य सुविधाएं तथा लोगों को लिए एंगलिंग डेस्क ( गरी खेलने की व्यवस्था ) होगी। इसके साथ ही कैफेटेरिया, फलोटिंग हाउस, मोटर वोट चलाया जाएगा। आसपास के लोग यहां मनोरंजन के साथ मछली पालन को देख सकते हैं और यहां पसंदइ की मछलियां खा और खरीद भी सकते हैं।
एक्वा टूरिज्म को बढ़वा देने सहयोग किया जाएगा-कलेक्टर
कलेक्टर अजीत वसंत ने भी यहां मत्स्य उत्पादन को बढ़ा देने और ग्रामीणों को प्रोत्साहित करने निमउकछार में मत्स्य पालन स्थल का दौरा किया। उन्होंने मौके पर मत्स्य अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश देने के साथ ही जिले में केज कल्चर को बढ़ावा देने तथा इसके माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों-मछुवारों को रोजगार का अवसर प्राप्त होने से आर्थिक लाभ मिलने और केज के विस्तार के लिए जिला प्रशासन द्वारा हर प्रकार सहयोग की बात कही। उन्होंने लैण्डिग सेंटर, प्रोसेसिंग यूनिट, एक्वा पार्क विस्तार तथा एक्वा टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सहयोग करने की बात कही है।
पालन और महत्व
तिलापिया को कम लागत में पाला जा सकता है क्योंकि यह विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियों (कम ऑक्सीजन, उच्च तापमान) में जीवित रह सकती है। यह प्रोटीन, ओमेगा-3, और अन्य पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है। इसका स्वाद हल्का होता है, जो इसे विभिन्न व्यंजनों के लिए उपयुक्त बनाता है। भारत में, तिलापिया का पालन तालाबों, टैंकों और जाल पिंजरों में किया जाता है। यह मछली तेजी से बढ़ती है और 6-8 महीने में बाजार योग्य हो जाती है। आर्थिक महत्व यह मछलीपालन उद्योग में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग में है। तिलापिया सामान्य रूप से रोगों के प्रति प्रतिरोधी होती है। इसमें कैलोरी कम होती है और जल्दी पाचन होने वाली मछली होने के कारण जो षरीर के वजन के प्रति जागरूक है वे इसे अधिक पसंद करते हैं।
पंगेशियस (बासा) मछली- इस मछली में बोन कम होता है। और इसे कई प्रकार से बनाया जा सकता है। सस्ती मछली है इसलिए इसकी मांग अधिक है।
भारतीय सेना के सम्मान में तिरंगा यात्रा आज
कलेक्टर ने आम नागरिकों से तिरंगा यात्रा में शामिल होने की अपील की
कोरबा। भारतीय सेना द्वारा चलाये गये ‘‘आपरेशन सिन्दूर‘‘ की सफलता तथा भारतीय सेना के सम्मान में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये नागरिक कार्यक्रम का आयोजन 17 मई को शाम 4.30 बजे घंटाघर चौक निहारिका में किया गया है। इस अवसर पर भारतीय सेना के सम्मान में तिरंगा यात्रा भी निकाली जायेगी। कलेक्टर अजीत वसंत ने आम नागरिकों से अपील की है कि भारतीय सेना के शौर्य एवं सम्मान में तिरंगा यात्रा में शामिल होकर अपनी एकता का परिचय दें।
सुशासन तिहार अंतर्गत बक्साही में किया गया 1968 आवेदनों का निराकरण
हितग्राहियों को योजनाओं से किया गया लाभान्वित
कोरबा । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत आज शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बकसाही में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभागीय अधिकारियों द्वारा अपने विभाग से संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी के साथ प्रथम चरण में प्राप्त आवेदनों का निराकरण की जानकारी दी गई। बकसाही कलस्टर में 09 ग्राम पंचायतो से प्राप्त कुल आवेदन 1968 में 1968 आवेदनों का निराकरण कर लिया गया हैं।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह द्वारा सुशासन तिहार के महत्व को बताते हुये इसका लाभ लेने की अपील जनता से की गई एवं दिये गये आवेदनो का निराकरण सुनकर अमल करने की बात कही गई। उन्होंने अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का शतप्रतिशत निराकरण कर जनता को लाभ दिलाने कहा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों के हाथों ग्राम पंचायत चेपा, तालापार, हरनमुडी को स्वास्थ्य विभाग द्वारा टी. बी. मुक्त पंचायतों को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया। जिला खेल एवं कल्याण विभाग द्वारा शा.उ.मा.शाला बकसाही को खेल सामाग्री का वितरण किया गया। राजस्व विभाग द्वारा 11 हितग्राहियो को वन अधिकार पत्र एवं पर्ची का वितरण किया गया। श्रम विभाग द्वारा 01 श्रमकार्ड का वितरण किया गया । सहकारिता विभाग द्वारा 06 किसानो को एटीएम कार्ड और 02 किसान को क्रेडिट कार्ड का वितरण किया गया।
समाधान शिविर में विधायक प्रतिनिधि कुलदीप सिंह मरकाम, जिला पंचायत कोरबा सदस्य श्रीमती माया रूपेश कंवर, जनपद सदस्य श्रीमती उमा गुलाब टेकाम, सत्यनारायण पैकरा, श्रीमती मधुलता कुलदीप मरकाम, सरपंच ग्राम पंचायत दमिया विनोद खुरसेंगा, सरईपाली संतोष मेश्राम, डोंगानाला सीताराम नेटी, खैराडूबान श्रीमती प्रीति अगरिया, हरनमुडी श्रीमती मथुरा नानू जगत, चेपा रामकुमार, तालापार श्रीमती रमा श्याम, मुनगाडीह श्रीमती प्रमिला कोराम, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पाली श्रीमती सीमा पात्रे, खंड स्तरीय विभागो के विभाग प्रमुख सहित अधिकारी / कर्मचारी एवं बडी संख्या में ग्रामीणजन की उपस्थिति रही।
25 हजार रूपये की सहायता राशि स्वीकृत
कोरबा । अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोरबा द्वारा तहसीलदार अजगरबहार से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर 25 मई 2024 को कोदोराम पिता रामचरण रोहिदास निवासी सतरेंगा तहसील अजगरबहार की मृत्यु सड़क दुर्घटना में हो गई थी। इस संबंध में पटवारी प्रतिवेदन, पंचनामा, पुलिस में दर्ज एफआईआर, आकाल एवं आकस्मिक मृत्यु सूचना पंजी, शव परीक्षा प्रतिवेदन, अंतिम जांच प्रतिवेदन आदि दस्तावेज के आधार पर मृतक के निकटतम वारिस पत्नी लक्ष्मणिया बाई को 25 हजार रूपये की सहायता अनुदान स्वीकृत किया गया है।
वयोवृद्ध स्वास्थ्य शिविर का आयोजन 19 को
कोरबा । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि माह मई में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर वयोवृद्ध लोगो का निःशुल्क स्वास्थ्य जॉंच एवं दवाईयों का वितरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में 19 मई सोमवार को कोरबा ब्लाक के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कोरकोमा, करतला ब्लाक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खरवानी, कटघोरा ब्लाक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छुरी, पोंड़ीउपरोड़ा ब्लाक के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कटोरीनगोई, पाली ब्लाक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाफा और शहरी क्षेत्र में यूपीएचसी बांकीमोंगरा में वयोवृद्ध स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जायेगा।
सोनमणी बोरा ने किया आबंटित भूमि का निरीक्षण
कोरबा। प्रमुख सचिव सोनमणी बोरा ने आज पोंड़ीउपरोड़ा विकासखंड में नवीन एकलव्य आवासी विद्यालय हेतु आबंटित भूमि का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस अवसर पर उप सचिव बी.के.राजपूत एवं तहसीलदार भी उपस्थित थे।
सुशासन तिहार अंतर्गत मोरगा और कुदमुरा में समाधान शिविर आज
कोरबा। सुशासन तिहार 2025 के तृतीय चरण अन्तर्गत जिले के विकासखंडों के क्लस्टर ग्रामों में समाधान शिविर आयोजन कर ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। साथ ही प्राप्त आवेदनों के निराकरण की भी जानकारी दी जा रही है। इसी कड़ी में 17 मई शनिवार को विकासखंड पोंड़ीउपरोड़ा के ग्राम मोरगा कलस्टर अंतर्गत सम्मिलित ग्राम पंचायत मोरगा, धजाक, केन्दई, खिरटी, मदनपुर, पतुरियाडांड, अरसिया, गिद्धमुड़ी और साखो हेतु पुराना पुलिस चौकी के सामने मोरगा में समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा। इसी तरह विकासखंड कोरबा के ग्राम कुदमुरा कलस्टर अंतर्गत सम्मिलित ग्राम पंचायत बरपाली, मदनपुर, पसरखेत, जिल्गा, चचिया कुदमुरा, तौलीपाली और कटकोना हेतु शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल सिरमिना में समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा।
लमना, कोथारी, पण्डरीपानी और लाफा में समाधान शिविर 19 को
सुशासन तिहार 2025 के तृतीय चरण अन्तर्गत 19 मई सोमवार को विकासखंड पोंड़ीउपरोड़ा के ग्राम लमना कलस्टर अंतर्गत सम्मिलित ग्राम पंचायत लमना, मड़ई, बंजारी, बनिया, परला, चोटिया आमाटिकरा, घुंचापुर, रोदे, लाद और पोंड़ीखुर्द हेतु शासकीय हाईस्कूल लमना, विकासखंड करतला के ग्राम कोथारी कलस्टर अंतर्गत सम्मिलित ग्राम पंचायत कोथारी, बीरतराई, चिचोली, दमखांचा, देवलापाठ, घाठाद्वारी, जामपानी, जर्वे, महोरा, नवापारा रो., पुरैना, रोगदा और साजापानी हेतु हायर सेकेण्डरी स्कूल कोथारी, विकासखंड कटघोरा के ग्राम पण्डरीपानी कलस्टर में सम्मिलित ग्राम पंचायत पण्डरीपानी, डिंडोलभाठा, तेलसरा, छुरी खुर्द, धनरास, नवागांवकला, लोतलोता और ढपढप हेतु पटवारी कार्यालय के सामने पण्डरीपानी तथा पाली विकासखंड के ग्राम लाफा कलस्टर में सम्मिलित ग्राम पंचायत लाफा, जेमरा, रतखंडी, भंडारखोल, सैला, अलगीडांड, मादन और पोटापानी हेतु माध्यमिक शाला परिसर लाफा में समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा।
डीएमएफ से शहर सहित जिले के सुदूरवर्ती ग्रामों में बिछेगा सड़को का जाल
डीएमएफ से सड़क निर्माण हेतु लगभग 143 करोड़ रुपये के कार्यों का किया गया अनुमोदन
कोरबा। जिला खनिज न्यास संस्थान के माध्यम से कोरबा जिले में शिक्षा,स्वास्थ्य, सहित अन्य विकास कार्यों को लगातार गति दी जा रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर अजीत वसंत ने सुशासन तिहार में आई सड़को की मांग, जनप्रतिनिधियों और आमनागरिको के द्वारा लम्बे समय से की जा रही मांगों को ध्यान रखकर जिले के अनेक महत्वपूर्ण सड़कों का चयन किया है। डीएमएफ से लगभग 22 सड़को की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके लिए लगभग 143 करोड़ रुपए का अनुमोदन किया गया है। जल्द ही इन सड़कों के निर्माण सम्बंधित प्रक्रिया प्रारंभ होगी। सड़को के बनने से कोरबा जिले के दूरस्थ और आवागमन को लेकर परेशानी झेलने वाले क्षेत्रों के ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। आवागमन आसान होगी।
कलेक्टर वसंत ने जिला कोरबा के गिधौरी चारपारा मार्ग लंबाई 5.625 किमी पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य हेतु 7 करोड़ 73 लाख 53 हजार 700 रूपये, जिला कोरबा के पक्की सड़क का निर्माण हिर्रीआमा से बदरागढ मार्ग लंबाई 7.00 कि.मी. वास्तविक लंबाई 06 किलोमीटर पुल पुलिया सहित निर्माण हेतु 7 करोड़ 12 लाख 08 हजार रूपये, विकासखंड पोड़ी उपरोडा के ग्राम पाथा से खरबहरा धनुहारपारा लंबाई 4.00 किमी वास्तविक लंबाई 1.80 किमी का निर्माण कार्य हेतु 02 करोड़ 14 लाख 32 हजार रूपये, जिला कोरबा के डोगरी से मुढाली मार्ग लंबाई 3.00 किमी; वास्तविक लंबाई 2.175 कि.मी. का निर्माण कार्य हेतु 02 करोड़ 20 लाख 42 हजार, विकासखण्ड पोड़ी उपरोड़ा के ग्राम पनगवा से जल्के पहुँच मार्ग लंबाई 05 किलोमीटर वास्तविक लंबाई 4.10 किलोमीटर का निर्माण कार्य हेतु 04 करोड़ 75 लाख 70 हजार, विकासखण्ड कटघोरा के पण्डरीपानी से छुरी बकराबाजार व्हाया बिरवट मार्ग लंबाई 04 किलोमीटर वास्तविक लंबाई 02 किलोमीटर का निर्माण कार्य हेतु 01 करोड़ 95 लाख 75 हजार, विकासखण्ड पोंडीउपरांड़ा के ग्राम पाथा से छिन्दमेंर गाढाघाट तक लंबाई 04 किलोमीटर वास्तविक लंबाई 3.27 किलोमीटर का निर्माण कार्य हेतु 03 करोड़ 10 लाख 94 हजार, विकासखण्ड पोडीउपरोड़ा के मुड़ाभाठा से भदरापारा मुख्य मार्ग तक लंबाई 04 किलोमीटर पुल-पुलिया सहित निर्माण कार्य हेतु 04 करोड़ 36 लाख, 57 हजार, जिला कोरबा के ओझायाईन से रामपुर पहुंच मार्ग लंबाई 08 किलोमीटर का निर्माण कार्य हेतु 02 करोड़ 37 लाख 14 हजार रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
इसी तरह जिला कोरबा विकासखण्ड पाली के ग्राम पोलमी से तिलहा मार्ग लंबाई 1.40 किलोमीटर का सड़क निर्माण कार्य हेतु 01 करोड़ 24 लाख 41 हजार रूपये, जमनीपाली से गजरा मार्ग लंबाई 06 किलोमीटर वास्तवकि लंबाई 05 किलोमीटर का निर्माण कार्य हेतु 02 करोड़ 12 लाख, 75 हजार, रामपुर से सिरली पहुंच मार्ग निर्माण कार्य लंबाई 08 किलोमीटर वास्तविक लंबाई 4.60 किलोमीटर का निर्माण कार्य हेतु 08 करोड़ 08 लाख 55 हजार, झगरहा कोरकोमा पसरखत चचिया मार्ग मुख्य जिला मार्ग लंबाई 29 किलोमीटर वास्तविक लंबाई 24.20 किलोमीटर का निर्माण कार्य हेतु 29 करोड़ 80 लाख 75 हजार, ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक लंबाई 2.84 किलोमीटर 2 लेन सी.सी. मार्ग निर्माण कार्य हेतु 29 करोड़ 42 लाख 96 हजार, मुड़ापारा दादर से भालूसटका होते हुए रिस्दा बायपास मार्ग निर्माण कार्य लंबाई 1.80 किलोमीटर वास्तविक लंबाई 0.72 किलोमीटर हेतु एक करोड़ 58 लाख 11 हजार, दुल्लापुर से बोरिमुड़ा मार्ग लंबाई 4.10 किलोमीटर पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य हेतु 03 करोड़ 89 लाख, 55 हजार, ओढालीडीह से तिलैहापारा घटोई मंदिर मार्ग लंबाई 5.70 किलोमीटर पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य हेतु 06 करोड़ 18 लाख, 04 हजार,
सक्ती कोरबा मार्ग रा.मा.क्र.4 के किलोमीटर 42/8 से 45/10 कुल 3.40 किलोमीटर का उन्नयन कार्य हेतु 07 करोड़ 22 लाख 21 हजार, रिंग रोड मुख्य मार्ग से डिगापुर पहुंच मार्ग लंबाई 1.30 किलोमीटर पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य हेतु 01 करोड़ 87 लाख 98 हजार,
सीलीभुडु कुदरीचिंगार मार्ग लंबाई 5.80 किलोमीटर का मजबूतीकरण एवं उन्नतीकरण कार्य हेतु 04 करोड़ 38 लाख 83 हजार, जिला कोरबा के पर्यटन स्थल चैतुरगढ़ में जेमरा चैतुरगढ सडक के सी.सी. शोल्डर चौडीकरण लंबाई 6.60 किलोमीटर कार्य हेतु 05 करोड़ 33 लाख 50 हजार और घिनारा से खुंटाकुड़ा मार्ग का लंबाई 10 किलोमीटर वास्तविक लंबाई 4.525 किलोमीटर पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य हेतु 05 करोड़ 80 लाख 75 हजार रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।