छत्तीसगढ़ / कोरबा
शिक्षा,स्वास्थ्य, संस्कृति और समाज के विकास में हो रहा है काम : केदार कश्यप
वनमंत्री ने देवपहरी में किया विकास कार्यों का शिलान्यास, भूमिपूजन
कोरबा। वन एवं जलवायु परिवर्तन, जलसंसाधन,कौशल विकास तथा सहकारिता मंत्री छत्तीसगढ़ शासन केदार कश्यप कोरबा विकासखंड अंतर्गत ग्राम देवपहरी में गौ मुखी सेवाधाम द्वारा आयोजित तिल लाडू ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने वन विभाग और जलसंसाधन विभाग के अंतर्गत लाखो रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास और भूमिपूजन किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार लगातार विकास कार्यों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है।
आज हुए शिलान्यास और भूमिपूजन से इस क्षेत्र में नए कार्यों की सौगात मिल रही है। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। उन्होंने तिल लाडू कप के आयोजन स्थल पर कहा कि गौ मुखी सेवा धाम द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के कल्याण के लिए कार्य किया जा रहा है। शिक्षा से जोड़कर उन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही है। संस्कृति से जोड़ते हुए समाज के विकास में जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमे अपने पूर्वजों के दिखाए हुए रास्ते में चलना चाहिए। उन्होंने संस्था के कार्य को सराहते हुए सहयोग करने की बात कही। इस दौरान मंत्री श्री कश्यप ने रस्साकशी,कबड्डी, तीरंदाजी के विजेताओं का सम्मान किया। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित भी किया। इस दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।
देवपहरी में वन विभाग अंतर्गत पाँच करोड़ 89 लाख के विभिन्न कार्यों का शिलान्यास किया गया। जिसमें कोरबा, केंदई, पसरखेत,जटगा,चैतमा,करतला वन परिक्षेत्र के अंतर्गत वन मार्ग,रपटा, जल स्त्रोत, पुलिया,वॉच टॉवर,आवास निर्माण सहित वन्य जीव संरक्षण की दिशा में अनेक कार्य आदि शामिल है। इसी तरह जलसंसाधन विभाग अंतर्गत 17 काय,र् 7633.62 लाख रुपए के विभिन्न कार्यों का शिलान्यास और भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, संस्था के पदाधिकारी और जलसंसाधन विभाग, वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
कर्मचारियों की कार्यालयों में उपस्थिति सुनिश्चित करें अधिकारी : कलेक्टर
अवैध धान की खरीदी रोकने, समय पर उठाव करने, टोकन का सत्यापन करने के दिए निर्देश
कोरबा । कलेक्टर अजीत वसंत ने समय सीमा की बैठक लेकर विभागीय कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने शासकीय योजनाओं के समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया कि वे समय पर ऑफिस खोलने के साथ ही अधीनस्थ कर्मचारियों की निर्धारित समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। उन्होंने सभी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाने और उपस्थिति संबंधित जानकारी समय पर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासकीय कार्य में लापरवाही पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्यों का आंकलन करते हुए कर्मचारियों का डेली डायरी बनवाकर विभाग प्रमुख को निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी को शासन के निर्धारित नियमों अनुसार कार्यालयों में उपस्थिति और आम नागरिकों की समस्याओं को सुनने के निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा की बैठक में कलेक्टर श्री वसंत ने जिले में धान की अवैध खरीदी पर रोक लगाने और आने वाले दिनों में की जा रही धान खरीदी पर निगरानी रखते हुए कटे हुए टोकन का सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में समय पर धान का उठाव करने और स्टैकिंग के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बारदाने की जानकारी ली। बैठक में कलेक्टर ने आयुष्मान वय वंदन योजना की समीक्षा की और निर्देशित किया कि छुटे हुए परिवारों का इस सप्ताह कार्ड बन जाएं। उन्होंने शिक्षा विभाग अंतर्गत अनुपस्थित शिक्षकों पर कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए कलेक्ट्रेट और तहसील में निलंबित कर्मचारियों, पटवारियों के विभागीय जाँच प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूली विद्यार्थियों के जाति प्रमाणपत्र बनाने के निर्देश देते हुए कोरबा अनुभाग को छोड़कर अन्य अनुविभाग को मार्च अंतिम सप्ताह तक वंचित विद्यार्थियों के प्रमाणपत्र बनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने भवनविहीन ग्राम पंचायत भवन, पुराने जर्जर भवनों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पुराने वाहनों को नीलामी करने, स्क्रैप वाहनों की जानकारी की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिन विभागों द्वारा निर्धारित समय सीमा पूर्ण कर चुके पुराने वाहनों को नीलाम किया जा चुका हैं वे शासन को नए शासकीय वाहन के लिए पत्र प्रेषित करें। जिन्होंने नीलामी प्रक्रिया नहीं अपनाई है उन विभागों को नीलामी की प्रक्रिया शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने राष्ट्रीय सामजिक सुरक्षा पेंशन अंतर्गत सभी हितग्राहियों के आधार सीडिंग, मोबाइल नम्बर एंट्री करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप संचालक समाज कल्याण और सभी जनपद सीईओ को 15 दिवस के भीतर जानकारी पोर्टल में दर्ज करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बार-बार भौतिक सत्यापन में अनुपस्थित रहने पर संबंधित हितग्राहियों का पेंशन रोकने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बैठक में अंडर पास निर्माण, स्कूलों में किचन शेड,टॉयलेट निर्माण, सखी वन स्टॉप सेंटर,खिरटी में माध्यमिक शाला, करईनारा में पुलिया,झोराघाट पुल में अप्रोच रोड़, दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न की व्यवस्था, मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में लिफ्ट रिपेयरिंग, विद्युत विहीन ग्रामीण बसाहटों में विद्युतीकरण, चैतुरगढ़ में बिजली पहुचाने के सम्बंध में निर्देश दिए। उन्होंने जनपद अंतर्गत कार्यों की समीक्षा कर लम्बित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोरबा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत डोकरमना में विकास कार्यों की राशि में की गड़बड़ी के मामलों में सरपंच और सचिव से वसूली के निर्देश दिए।
कोरबा में सराफा व्यवसायी की हत्या का खुलासा, ड्राइवर ही निकला मास्टरमाइंड
कोरबा । कोरबा के सराफा व्यवसायी गोपाल राय सोनी की हत्या और लूट के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस जघन्य अपराध की साजिश में कोई और नहीं, बल्कि मृतक का ही कार ड्राइवर शामिल था। ड्राइवर आकाश पुरी गोस्वामी ने अपने भाई सूरज और एक अन्य साथी मोहन मिंज के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
कैसे हुई वारदात
गोपाल राय सोनी की हत्या 5 जनवरी की रात को उनके घर पर हुई। हमलावरों ने पहले धारदार हथियार से वार कर उनकी हत्या की और फिर उनकी क्रेटा कार, अटैची और मोबाइल लेकर फरार हो गए। घटना का पता तब चला जब मृतक का बेटा नचिकेता रात 10 बजे घर पहुंचा। उसने देखा कि कार गायब थी, घर अस्त-व्यस्त था, और उसके पिता खून से लथपथ फर्श पर पड़े थे। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ऐसे सुलझा मामला
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने 80 से अधिक पुलिसकर्मियों की 14 टीमें गठित की। इन टीमों ने 370 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। जांच के दौरान दो नकाबपोशों की पहचान हुई।
मुखबिर की सूचना और संदिग्धों की पूछताछ के आधार पर मोहन मिंज को हिरासत में लिया गया। शुरुआत में उसने वारदात में शामिल होने से इनकार किया, लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद उसने अपराध स्वीकार कर लिया।
साजिश का खुलासा
मोहन ने बताया कि सूरज पुरी गोस्वामी, जो पहले गोपाल राय की गाड़ी चलाता था, ने चोरी की साजिश रची थी। सूरज ने अपने भाई आकाश और मोहन के साथ मिलकर योजना बनाई। ड्राइवर आकाश ने अपने मालिक की हर गतिविधि की जानकारी दी और सही समय पर वारदात को अंजाम देने का संकेत दिया।
गिरफ्तार आरोपी:
आकाश गिरी गोस्वामी (24 वर्ष)
मोहन मिंज (23 वर्ष)
फरार आरोपी:
सूरज गिरी गोस्वामी (28 वर्ष)
बरामद सामान
पुलिस ने आरोपियों से चोरी की हुई हुंडई क्रेटा कार और लूटा गया सामान, जिसकी कुल कीमत 6.25 लाख रुपये है, बरामद कर लिया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामले का खुलासा हुआ और आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाया गया। फरार आरोपी सूरज की तलाश जारी है।
अनंतिम सूची जारी, 14 से दावा आपत्ति
ऑगनबाड़ी सहायिका
कोरबा । एकीकृत बाल विकास परियोजना कोरबा (शहरी) के आंगनबाड़ी सहायिका के 05 रिक्त पदां हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये थे जिसकी जांच एवं परीक्षण उपरांत अनंतिम मूल्यांकन पत्रक जारी किया गया है। साथ ही जारी मूल्यांकन पत्रक पर दावा आपत्तियां आमंत्रित की गई है।
इच्छुक आवेदिकाएं आगामी 14 से 23 जनवरी 2025 तक कार्यालयीन दिवस में प्रातः 10 से 5.30 बजे तक परियोजना कार्यालय में अपनी दावा आपत्तियां सीधे एवं पंजीकृत डाक/स्पीड पोस्ट/कोरियर के माध्यम से जमा कर सकते है। समयावधि समाप्त होने उपरांत प्राप्त दावा आपत्तियां स्वीकार नहीं किया जाएगा। दावा आपत्ति मूल्यांकन पत्रक में दिये गये अंको के अधार पर आपत्ति, नाम, पति-पिता के नाम, जन्मतिथि त्रुटि संबंधित आवेदन पर विचार किया जाएगा एवं दावा आपत्ति में नवीन दस्तावेज स्वीकार नहीं किया जाएगा। दावा आपत्ति हेतु मूल्यांकन पत्रक परियोजना कार्यालय तथा नगर निगम के सूचना पटल पर देखे जा सकते है। इसके अतिरिक्त संबंधित वार्ड के पार्षदगणां को एवं आंगनबाड़ी केन्द्र में भी मूल्यांकन पत्रक उपलब्ध कराए गए है। जिससे समस्त आवेदिकाआें तक जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
वन भूमि पर मालिकाना हक मिलने से वनवासियों को मिली स्थिरता
वनाधिकार पत्र मिलने से मिली सुरक्षा, अब बेदखली का नहीं रहा कोई डरः सविता
कोरबा। वनभूमि में काबिज वनवासियों को उनकी जमीन का मालिकाना हक मिलने से अनेक आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों की जिंदगियां बदल रही है। अब ग्रामीण निश्चिंत होकर काबिज जमीन पर खेती कर अपना जीवन यापन कर रहें हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रहे है।
कोरबा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत सिमकेन्दा के आश्रित ग्राम तीरतडाड़ की सविता बाई को वनाधिकार पत्र मिलने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। हितग्राही ने कहा कि पूर्वजों के काबिज जमीन का स्वामित्व अधिकार मिलने से उनके परिवार के भरण-पोषण की चिंता अब नहीं रह गई है। पीढ़ी दर पीढ़ी उनका परिवार इस जमीन पर कृषि कार्य करते आया है। इसी 0.526 हेक्टेयर भूमि का वन अधिकार पत्र उन्हें प्राप्त हुआ है। सविता कहती है कि रोजगार के अन्य साधन न होने के कारण वे अपने जीवन यापन के लिए मजदूरी एवं खेती पर ही निर्भर है।
लाभार्थी ने बताया कि पहले उन्हें काबिज भूमि से बेदखली का डर रहता था परंतु अब जमीन का मालिकाना हक मिलने से बेदखली का डर नहीं है। अब वे बिना किसी चिंता के उस जमीन पर खेती कर रहे हैं। वनाधिकार पट्टा मिलने के बाद सविता ने अपनी खेती को और बेहतर बनाने की दिशा में काम शुरू किया। अब उन्हें अपनी भूमि पर फसल उगाने का पूरा अधिकार मिल गया है और वे इसकी बेहतर देखभाल भी कर रही हैं। अपनी मेहनत से वह अपने परिवार की मदद कर रही हैं। उनके द्वारा धान के साथ ही मौसमी सब्जियों का उत्पादन भी किया जा रहा है। जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि हुई है। वनाधिकार पट्टा मिलने से सविता का न केवल डर समाप्त हुआ, बल्कि उन्होंने अपनी मेहनत और कड़ी लगन से खुद को और अपने परिवार को एक नई दिशा दी है।
पहाड़ी कोरवा संझई बाई का बन रहा पीएम जनमन आवास
पति के मौत के बाद उम्मीदें हो गई थी तबाह, पीएम जनमन योजना से मिली जीने की नई राह
कोरबा । जंगल में रहने वाली पहाड़ी कोरवा संझई बाई गरीबी में जैसे भी थीं खुश थीं। जब तक पति जीवित थे, वही सुख-दुःख के साथी थे। इस बीच कच्चे मकान में रहते हुए कई बार इन्होंने सपने भी संजोए कि काश वे भी पक्का मकान में रह पाए। घर की परिस्थितियों के बीच पक्का मकान बन पाना आसान नहीं था, लेकिन पति के जीते जी संझई बाई को यह असंभव भी नहीं लगता था। उन्हें उम्मीद थी कि पति के रहते एक दिन पक्का मकान जरूर बन जायेगा, लेकिन अचानक से पति की मौत के बाद संझई बाई की सारी उम्मीद टूट कर बिखर गई, उनका सपना तबाह हो गया। पक्का मकान तो दूर... घर कैसे चलाना है ? अपने बच्चे का कैसे पालन-पोषण करना है..यह सब कच्चे मकान में रह रही संझई बाई की एक नई मुसीबत बन गई। वर्षों तक संझई बाई तकलीफ सहती रही। इस बीच जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम जनमन योजना प्रारंभ की तो जंगल में विपरीत परिस्थितियों के बीच रहने वाली संझई बाई जैसी अनेक पहाड़ी कोरवा और अन्य विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के भाग खुल गए। पति के मौत के साथ ही पक्के मकान के उम्मीदों को दफन कर चुकी पहाड़ी कोरवा संझई बाई को पीएम जनमन योजना से जीने की नई राह मिल गई है...।
कोरबा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम सरडीह विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवाओं का एक बसाहट है। घने जंगल के बीच जीवन यापन करने वाले पहाड़ी कोरवाओं को जंगल में कई चुनौतियां का सामना करना पड़ता है। इसी बसाहट में रहने वाली पहाड़ी कोरवा संझई बाई भी है। जो शादी के बाद इस गाँव में आई और पति के साथ जैसे-तैसे जीवन यापन करती रही। जंगल जाना, बकरी चराना और वनोपज संग्रहण करना इनका मुख्य कार्य था। संझई बाई ने बताया कि वे कच्चे मकान में लंबे समय से रहते आए हैं। जंगल के बीच कच्चा मकान जीवन के लिए असुरक्षित तो है ही साथ ही बारिश के दिनों में मुसीबतों का एक पहाड़ जैसा भी है। जो बादल गरजने और तेज बारिश होने पर रह-रहकर हमे सताता है। उन्होंने बताया कि पति जब जीवित थे तब हम कच्चे मकान की बजाय पक्का मकान होने से ऐसे मुसीबतों से मुक्ति मिलने की बात सोचते थे। हालाँकि पक्का मकान बनवा लेना हमारे बस की बात नहीं थीं, फिर भी पति के जीवित रहते यह उम्मीद बरकरार थी कि कभी तो पकक मकान बन जायेगा। एक दिन बीमारी से पति की मौत हो गई। बहू की मौत के बाद एक बेटा था वह भी अपने चार छोटे बच्चो को छोड़कर चला गया। उनके ऊपर अपना और नाती को पालने की नई मुसीबत आन पड़ी। इस दौरान कच्चे मकान को पक्का बना लेने का सपना भी टूट गया। संझई बाई ने बताया कि वह कच्चे मकान में बारिश के दिनों की तकलीफों को सहती हुई रहती रही। पक्के मकान का उम्मीद पूरी तरह से छोड़ चुकी थी। एक दिन गाँव में जब अधिकारी आए और उनका पक्का मकान बनने की जानकारी दी तो उन्हें भरोसा नहीं हो रहा था। जब उनके खाते में पैसा आया तब यकीन हो गया कि वास्तव में उनका भी पक्का मकान बनेगा। अब जबकि संझई बाई का पक्का मकान बन रहा है तो उनकी पक्के मकान को लेकर बनीं सारी मुसीबतें खुशियों में तब्दील हो गई है। उनका कहना है कि बारिश के दिनों में जो तकलीफ उठानी पड़ती है अब आने वाले बारिश में नहीं उठानी पड़ेगी। हमारे लिए सरकार ने इतना सोचा और पक्का मकान बनवाकर हमारी तकलीफों को दूर करने का प्रयास किया है यह हम भूल नहीं पाएंगे। गौरतलब है कि जिले में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर परिवारों का पीएमजनमन योजना अंतर्गत पीएम आवास बन रहा है। प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं।
ओवरलोड राखड़ लेकर चलने वाले वाहनों पर सतत कार्यवाही करेंः कलेक्टर
वायु गुणवत्ता में सुधार हेतु एसओपी का पालन करने के दिए निर्देश
कोरबा । नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत राज्य में वायु गुणवत्ता में सुधार हेतु राज्य में गठित स्टेट लेवल मॉनिटरिंग एण्ड इंप्लिंटेशन कमेटी की बैठक के निर्णय अनुसार जारी एसओपी का पालन करने के संबंध में आज कलेक्टर अजीत वसंत की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर ने वायु गुणवत्ता में सुधार हेतु आवश्यक कदम उठाने और प्रदूषण फैलाने वाले प्रमुख कारकों पर नियंत्रण के निर्देश देते हुए नियमित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम, परिवहन अधिकारी तथा पर्यावरण अधिकारी को टीम बनाकर राखड़ लेकर चलने वाले वाहनों की जांच करने जिले की सड़कों में ओवर लोड होकर संचालित हो रहे भारी वाहनों पर कार्यवाही के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि भारी वाहन चलने वाले मार्गों में धूल उड़ने पर पानी का छिड़काव भी किया जाए। उक्त बैठक में आशुतोष पांडेय, आयुक्त, नगर पालिक निगम, क्षेत्रीय अधिकारी, छ.ग.पर्यावरण संरक्षण मंडल, जिला उद्योग महाप्रबंधक, समस्त मुख्य नगर पालिक अधिकारी, आर.टी.ओ., मेसर्स एन.टी.पी.सी. एस.ई.सी.एल, सी.एस.ई.बी. पूर्व एवं सी.एस.ई.बी. पश्चिम तथा लैंको के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री वसंत ने निर्देशित किया कि नगरीय निकायों को सड़कों की नियमित रूप से साफ-सफाई, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, खुले में कचरा जलाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएं। उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारी को उद्योगों की चिमनी की सतत् मॉनिटरिंग करने एवं उल्लंघन की स्थिति पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी उद्योगों/खदानों को छ.ग.पर्यावरण मंडल द्वारा जारी एस.ओ.पी. का अनिवार्य रूप से पालन करने तथा एसडीएम, पुलिस, पर्यावरण एवं आरटीओ की संयुक्त टीम बनाकर एसओपी की उल्लंघन करने वाले वाहनों और उद्योगों के विरूद्ध समय-समय पर ठोस कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक खदान/उद्योग/संस्थान में परिवहन हेतु वाहनों से उत्सर्जन मानकों के अनुरूप रहना चाहिए एवं परिवहन के दौरान वाहन में वैध पी.यू.सी. प्रमाण पत्र उपलब्ध रहना चाहिए। प्रत्येक खदान / उद्योग / संस्थान में संचालित भारी वाहनों को गुणवत्ता युक्त तारपोलिन से वाहन कव्हर करने के निर्देश देते हुए कहा कि वाहन की बॉडी, जिसे तारपोलिन द्वारा ढ़का जाना है, में कोई छिद्र अथवा क्रेक नहीं होना चाहिये, जिससे इसमें भरे जाने वाला मटेरियल परिवहन के दौरान सड़क पर नहीं गिरे। तारपोलिन वाटरप्रूफ, वियर रेजिस्टेंट होनी चाहिये। यह कटी-फटी अथवा क्षतिग्रस्त नही होनी चाहिये। वाहन को तारपोलिन से कव्हर करने के पश्चात इस प्रकार बांधा जाकर सील किया जाना चाहिए ताकि परिवहन के दौरान वाहन से मटेरियल के बाहर गिरने/उड़ने की संभावना न रहे। उन्होंने जिले में इलेक्ट्रीक वाहनों को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम उठाने पहल करने के निर्देश दिए।
धान उपार्जन केंद्रों में धान की अवैध आवक की सतत निगरानी करेंः कलेक्टर
काटे गए टोकन का सत्यापन करने के दिए निर्देश
कोरबा । कलेक्टर अजीत वसंत ने आज खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के संबंध शासन से प्राप्त निर्देशानुसार, उपार्जित धान हेतु उपार्जन केन्द्र स्तर पर स्थान की पर्याप्त उपलब्धता, धान की अवैध आवक एवं रीसाइक्लिंग पर रोक को सुनिश्चित करने हेतु जिले के पंजीकृत राईस मिलर्स द्वारा किए जा रहे धान उठाव, कस्टम मिलिंग की कार्यवाही एवं धान खरीदी केन्द्रों में प्रचलित धान उपार्जन / परिदान के संबंध में राजस्व अधिकारियों, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं कोरबा, उप संचालक कृषि विभाग, खाद्य अधिकारी एवं नोडल अधिकारी सीसीबी कोरबा, सचिव, कृषि उपज मंडी कटघोरा एवं सभी धान खरीदी केन्द्रो हेतु नियुक्त नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिले के धान उपार्जन केंद्रों पर अवैध धान की आवक को पूरी तरह से रोका जाए।
कलेक्टर श्री वसंत ने अनुविभागीय अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि मिलर्स के डीएम और धान उठाव की प्रक्रिया में एकरूपता की जांच की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि धान परिवहन करने वाले वाहनों की नियमित और सघन जांच की जाए, ताकि अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के 7 धान उपार्जन केंद्र - कनकी, लैंगा,जटगा, बिंझरा कुल्हारियां,सिरमिना,रंजना आदि में विगत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष धान उत्पादन 50 प्रतिशत तक बढ़ गया है जिसकी पारदर्शिता से जांच की जाए और जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को जिले के समस्त उपार्जन केन्द्रो में धान की अवैध आवक की सतत् निगरानी रखने हेतु सख्त निर्देश दिए गए है, साथ ही प्रत्येक धान उपार्जन केन्द्रो से डी.ओ. के विरूद्ध राईस मिलरों द्वारा उठाव किए जा रहे धानमय वाहन की वीडियो कॉलिंग के माध्यम से तस्दीक करने की कड़ाई से पालन कराने हेतु उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं कोरबा एवं नोडल अधिकारी सीसीबी कोरबा को सख्त निर्देश दिए है।
बैठक में विपणन एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को राईस मिलर्स द्वारा डी.ओ अनुसार उठाव किए जा रहे धान का मात्रात्मक परीक्षण राईस मिल परिसर में उपस्थित होकर किए जाने के निर्देश दिए गए है। किसी भी दशा में धान की रिसाईकलिंग एवं धान की अवैध आवक रोके जाने की हर संभव प्रयास किए जाने के सख्त निर्देश दिए गए है, साथ ही प्रत्येक उपार्जन केन्द्र स्तर पर जारी टोकन में से प्रतिदिवस 5 टोकनों का सत्यापन पटवारियों के माध्यम से कराने हेतु सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही सत्यापन में जारी टोकन में उपलब्ध धान की मात्रा अनुसार खरीदी किया जावे तथा कृषकों धान विक्रय पश्चात शेष रकबा के समर्पण हेतु सहमति उपरांत रकबा का समर्पण करने हेतु निर्देशित किया गया है। खाद्य निरीक्षक एवं सहकारिता निरीक्षको को अपने क्षेत्र के समितियों की सतत निगरानी करते हुए समिति स्तर पर धान की अवैध विक्रय पर रोकने हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होंने हिदायत दी है कि धान के अवैध विक्रय पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जायेगी एवं सख्त कार्यवाही की जाएगी।
डीएमएफ के माध्यम से किए जा रहे विकास कार्य, जिलेवासियों को मिलेगा लाभ
पॉलिटेक्निक कॉलेज कोरबा में 132.04 लाख की लागत से अनेक निर्माण व मरम्मत कार्यो की दी गई स्वीकृति
कोरबा । जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज न्यास मद द्वारा करोड़ो की राशि से जिले में अनेक विकास कार्य किए जा रहे हैं। जिनमें स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार एवं शैक्षणिक भवनों को बेहतर बनाने हेतु अनेक निर्माण एवं मरम्मत कार्य, पहुँचविहीन क्षेत्रों में सड़क व पुल-पुलिया निर्माण, सहित अन्य कार्य किया जा रहा है। इन कार्यों के पूर्ण होने से स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
इसी कड़ी में कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत 33 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओ में प्रार्थना शेड हेतु 2.90 करोड़, 36 हाई एवं हायर सेकंडरी स्कूल में सायकल स्टैंड निर्माण कार्य हेतु 2.26 करोड़ की राशि जारी की गई है। इसमें ग्राम पंचायत को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है। जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड के दूरस्थ ग्राम पंचायत साखों के आश्रित बसाहट रनई में आवागमन की सुगम व्यवस्था हेतु लगभग 35 लाख से पुल निर्माण एवं आस पास के बसाहट के बच्चों के लिए स्थायी शैक्षणिक संस्थान की व्यवस्था के तहत सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20 लाख की स्वीकृति दी गई है। बसाहट में पुल व सामुदायिक भवन बन जाने से आमजनो को हाथी से होने वाले जान माल की नुकसान से राहत मिलेगी साथ ही बच्चे सकारात्मक वातावरण में पढ़ाई का लाभ ले सकेंगे। पुल निर्माण के लिए वन विभाग को निर्माण एजेंसी नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व कलेक्टर द्वारा इस क्षेत्र का दौरा किया गया था। इस दौरान क्षेत्र की ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर के समक्ष कई मांगे रखी गई थी। इसी तरह पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड के ग्राम मढ़ोढा से मातिन रोड के लिए 98 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस सड़क के बनने से पांच गांव में कनेक्टीविटी होने के साथ ही मातिन दाई मंदिर तक श्रद्धालुओं का आवागमन आसान हो जायेगा।
डीएमएफ अंतर्गत पॉलिटेक्निक कॉलेज कोरबा के मुख्य भवन एवं छात्रावास भवन में विभिन्न रेनोवेशन कार्य पूर्ण करने हेतु 132.04 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसके अंतर्गत पॉलिटेक्निक कॉलेज के मुख्य भवन में प्लिंथ प्रोटेक्शन एवं पेसेज फ्लोरिंग कार्य हेतु 11.55 लाख, दरवाजा एवं खिड़कियों का उन्नयन कार्य हेतु 11.39 लाख, मुख्य भवन के वर्कशॉप का रेनोवेशन एवं प्रसाधन कक्ष का उन्नयन कार्य एवं छज्जा मरम्मत कार्य हेतु 13.65 लाख, मुख्य भवन के 03 कक्ष (02 कक्षों में) मुम्टी एवं प्रथम तल में स्थित ग्रंथालय कक्ष का रेनोवेशन कार्य हेतु 18.74 लाख, छात्रावास भवन के प्रसाधन कक्ष का रेनोवेशन कार्य हेतु 14 लाख, छात्रावास भवन में फ्लोरिंग, पैरापेट वॉल, रुफ सिपेज उपचार एवं पेटिंग कार्य हेतु 13.72 लाख एवं छात्रावास भवन के दरवाजा एवं खिड़कियों का रेनोवेशन हेतु 14.55 लाख, बालक छात्रावास व सी टाइप क्वार्टर तक पहुँच मार्ग में बीटी नवीनीकरण कार्य हेतु 18.11 लाख एवं मुख्य सड़क से कॉलेज भवन व वर्कशॉप तक वीटी नवीनीकरण तथा मजबूतीकरण कार्य हेतु 16.33 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है। उच्च शिक्षा अंतर्गत मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में सेल्फ सपोटेड डोम और किचनशेड निर्माण हेतु 75 लाख की स्वीकृति दी गई है, इससे 250 विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। साथ ही जिले के 6 महाविद्यालयों में डेस्कटॉप व ड्यूल डेस्क प्रदाय हेतु 64 लाख, आईटीआई पाली के मरम्मत हेतु 40 लाख की स्वीकृति दी गई है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान कोरबा में 68.88 लाख की राशि से अनेक निर्माण कार्य किए जाएंगे। जिसमें डाइट भवन में वाहनों के लिए पार्किंग शेड निर्माण हेतु 2.62 लाख, आरसीसी डेन का निर्माण कार्य 9.86 लाख, भवन के प्रशिक्षण केंद्र का रेनोवेशन कार्य हेतु 11.59 लाख, संस्थान के बालक छात्रावास भवन 13.23 लाख व बालिका छात्रावास भवन का रेनोवेशन कार्य हेतु 12.95 लाख एवं संस्था के मुख्य भवन के मरम्मत हेतु 18.63 लाख की स्वीकृति जारी की गई है।
डीएमएफ के माध्यम से किए जा रहे विकास कार्य, जिलेवासियों को मिलेगा लाभ
पॉलिटेक्निक कॉलेज कोरबा में 132.04 लाख की लागत से अनेक निर्माण व मरम्मत कार्यो की दी गई स्वीकृति
कोरबा । जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज न्यास मद द्वारा करोड़ो की राशि से जिले में अनेक विकास कार्य किए जा रहे हैं। जिनमें स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार एवं शैक्षणिक भवनों को बेहतर बनाने हेतु अनेक निर्माण एवं मरम्मत कार्य, पहुँचविहीन क्षेत्रों में सड़क व पुल-पुलिया निर्माण, सहित अन्य कार्य किया जा रहा है। इन कार्यों के पूर्ण होने से स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
इसी कड़ी में कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत 33 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओ में प्रार्थना शेड हेतु 2.90 करोड़, 36 हाई एवं हायर सेकंडरी स्कूल में सायकल स्टैंड निर्माण कार्य हेतु 2.26 करोड़ की राशि जारी की गई है। इसमें ग्राम पंचायत को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है। जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड के दूरस्थ ग्राम पंचायत साखों के आश्रित बसाहट रनई में आवागमन की सुगम व्यवस्था हेतु लगभग 35 लाख से पुल निर्माण एवं आस पास के बसाहट के बच्चों के लिए स्थायी शैक्षणिक संस्थान की व्यवस्था के तहत सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20 लाख की स्वीकृति दी गई है। बसाहट में पुल व सामुदायिक भवन बन जाने से आमजनो को हाथी से होने वाले जान माल की नुकसान से राहत मिलेगी साथ ही बच्चे सकारात्मक वातावरण में पढ़ाई का लाभ ले सकेंगे। पुल निर्माण के लिए वन विभाग को निर्माण एजेंसी नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व कलेक्टर द्वारा इस क्षेत्र का दौरा किया गया था। इस दौरान क्षेत्र की ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर के समक्ष कई मांगे रखी गई थी। इसी तरह पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड के ग्राम मढ़ोढा से मातिन रोड के लिए 98 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस सड़क के बनने से पांच गांव में कनेक्टीविटी होने के साथ ही मातिन दाई मंदिर तक श्रद्धालुओं का आवागमन आसान हो जायेगा।
डीएमएफ अंतर्गत पॉलिटेक्निक कॉलेज कोरबा के मुख्य भवन एवं छात्रावास भवन में विभिन्न रेनोवेशन कार्य पूर्ण करने हेतु 132.04 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसके अंतर्गत पॉलिटेक्निक कॉलेज के मुख्य भवन में प्लिंथ प्रोटेक्शन एवं पेसेज फ्लोरिंग कार्य हेतु 11.55 लाख, दरवाजा एवं खिड़कियों का उन्नयन कार्य हेतु 11.39 लाख, मुख्य भवन के वर्कशॉप का रेनोवेशन एवं प्रसाधन कक्ष का उन्नयन कार्य एवं छज्जा मरम्मत कार्य हेतु 13.65 लाख, मुख्य भवन के 03 कक्ष (02 कक्षों में) मुम्टी एवं प्रथम तल में स्थित ग्रंथालय कक्ष का रेनोवेशन कार्य हेतु 18.74 लाख, छात्रावास भवन के प्रसाधन कक्ष का रेनोवेशन कार्य हेतु 14 लाख, छात्रावास भवन में फ्लोरिंग, पैरापेट वॉल, रुफ सिपेज उपचार एवं पेटिंग कार्य हेतु 13.72 लाख एवं छात्रावास भवन के दरवाजा एवं खिड़कियों का रेनोवेशन हेतु 14.55 लाख, बालक छात्रावास व सी टाइप क्वार्टर तक पहुँच मार्ग में बीटी नवीनीकरण कार्य हेतु 18.11 लाख एवं मुख्य सड़क से कॉलेज भवन व वर्कशॉप तक वीटी नवीनीकरण तथा मजबूतीकरण कार्य हेतु 16.33 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है। उच्च शिक्षा अंतर्गत मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में सेल्फ सपोटेड डोम और किचनशेड निर्माण हेतु 75 लाख की स्वीकृति दी गई है, इससे 250 विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। साथ ही जिले के 6 महाविद्यालयों में डेस्कटॉप व ड्यूल डेस्क प्रदाय हेतु 64 लाख, आईटीआई पाली के मरम्मत हेतु 40 लाख की स्वीकृति दी गई है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान कोरबा में 68.88 लाख की राशि से अनेक निर्माण कार्य किए जाएंगे। जिसमें डाइट भवन में वाहनों के लिए पार्किंग शेड निर्माण हेतु 2.62 लाख, आरसीसी डेन का निर्माण कार्य 9.86 लाख, भवन के प्रशिक्षण केंद्र का रेनोवेशन कार्य हेतु 11.59 लाख, संस्थान के बालक छात्रावास भवन 13.23 लाख व बालिका छात्रावास भवन का रेनोवेशन कार्य हेतु 12.95 लाख एवं संस्था के मुख्य भवन के मरम्मत हेतु 18.63 लाख की स्वीकृति जारी की गई है।
खाई में गिरी कार: एसईसीएल के दो कर्मचारियों की मौत, दो गंभीर...
कोरबा । कोरबा जिले में बड़ा हादसा हो गया है। खाई में कार गिरने से एसईसीएल के दो कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई, दो अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा मदनपुर घाटी के पास हुआ। कार कई बार पलटी खाते हुए खाई में गिर गई। घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। मामला बांगो थाना क्षेत्र का है।
मिली जानकारी के अनुसार एसईसीएल के चार कर्मचारी शनिवार सुबह कुसमुंडा से सूरजपुर के श्रीनगर कोटपटना जा रहे थे। तभी बांगो थाना क्षेत्र के मदनपुर घाटी के पास तेज रफ्तार कर अनियंत्रित होकर 25 फीट नीचे गहरी खाई में गिर गई। कार कई बार पलटी खाते हुए खाई में गिरी जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। राहगीरों ने घटना को देखा और मदद की तथा पुलिस और संजीवनी 108 एंबुलेंस को बुलाया।
सूचना पाकर जब बांगो पुलिस पहुंची तो उन्हें कार के परखच्चे उड़े हुए मिले। मौके पर ही दो कार सवार कर्मचारियों की मौत हो गई थी। वही दो गंभीर रूप से घायल थे। जिन्हें पुलिस ने संजीवनी 108 के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया।
हादसे में 35 वर्षीय गणेश प्रजापति और 35 वर्षीय रुद्रेश्वर गोड ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गणेश प्रजापति कुसमुंडा एसईसीएल में सीपीएल विभाग में कार्यरत था। रुद्रेश्वर गोड केबल विभाग में कार्यरत था। मिली जानकारी के अनुसार जब कार पलटी तो दोनों कार के नीचे दब गए थे। इन दोनों के अलावा कर में सवार एसईसीएल के दो अन्य कर्मचारी बिहारी प्रजापति तथा श्याम लाल प्रजापति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है ।
चिर्रा में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन
ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की योजनाओं से किया गया लाभान्वित
कोरबा । कोरबा विकासखंड के सुदूरवर्ती ग्राम पंचायत चिर्रा में आज विधायक रामपुर फूल सिंह राठिया एवं कलेक्टर अजीत वसंत की उपस्थिति में जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष कोरबा हरेश कंवर, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग,एसडीएम कोरबा सरोज महिलांगे, जनपद सीईओ कौशम्बी गबेल, सरपंच चिर्रा नीलाबाई सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
विधायक, कलेक्टर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों का स्कूली विद्यार्थियों द्वारा पारंपरिक लोकनृत्य एवं स्वागत गीत के माध्यम से स्वागत किया। शिविर में क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपनी मांगों को आवेदन के माध्यम से रखा। इस दौरान विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल के माध्यम से आमजनो को शासन की योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें लाभान्वित किया गया। कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने आमजनो से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना एवं संबंधित अधिकारियों को ग्रामीणों के आवेदन पर की जाने वाली कार्यवाही से अवगत कराने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों को जागरूक बनने एवं किसी भी प्रकार की प्रलोभन से बचने का किया आग्रह
शिविर को संबोधित करते हुए विधायक रामपुर श्री राठिया ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायतों का निराकरण एवं उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए चिर्रा में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है। उन्होंने ग्रामीणों को शिविर में अपनी समस्याओं का निराकरण कराने एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी लेकर लाभांवित होने का आग्रह किया। विधायक श्री राठिया ने ग्रामीणों को ग्राम सभा की बैठक में शामिल होकर योजनाओं का लाभ लेने हेतु आवेदन प्रस्तुत करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पात्रतानुसार आप सभी की मांगों का निराकरण किया जाएगा। उन्होंने लोगो को किसी भी प्रकार के प्रलोभन, लालच या किसी के बहकावे में नही आने की अपील की। साथ ही क्षेत्रवासियों से अपने बच्चों को पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही। जिससे वे आगे चलकर क्षेत्र का नाम रौशन करें। इसी प्रकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को सफल बनाने एवं क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण व विक्रय पर रोक लगाने का आग्रह किया।
कलेक्टर ने मैदानी अमले के अधिकारियों को मुख्यालय में रहकर आमजनो की समस्याओं को निराकरण करने के दिए निर्देश
शिविर में कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुसार ग्रामीणों की समस्या को दूर करने हेतु सुदूर क्षेत्र में शिविर का आयोजन किया गया है। क्षेत्रवासियों की आवागमन की सुविधा हेतु चिर्रा - श्यांग सड़क मार्ग हेतु 10 करोड़ एवं अमलडीहा मालीकछार सड़क मार्ग निर्माण हेतु 4 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसका निविदा प्रक्रियाधीन है। निविदा कार्यवाही पूर्ण होते ही सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इससे निश्चित ही क्षेत्रवासी लाभांवित होंगे।
कलेक्टर ने कहा कि जिले में जर्जर व भवनविहीन स्कूलों के लिए नए विद्यालय भवन स्वीकृत किए गए है। शिविर में पतरापाली, चिर्रा, एलेमा में नए आंगनबाड़ी भवन , पतरापाली में प्राथमिक शाला, सिमकेन्दा में पीडीएस दुकान हेतु नए भवन की मांग का डीएमएफ की आगामी बैठक में प्रस्ताव रखकर भवन निर्माण स्वीकृत किया जाएगा। कलेक्टर ने ग्रामीणों को जानकारी देते हुए कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हेतु विद्यालयों में आवश्यकतानुसार अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। विद्यालयों में बच्चों को सुबह गर्म नाश्ता प्रदान किया जा रहा है। स्कूल आंगनबाड़ी एवं आश्रम छात्रावास केंद्रों में भोजन पकाने वाले रसोइयों को धुंए से मुक्ति दिलाने हेतु गैस सिलेंडर व निर्बाध रिफलिंग की व्यवस्था की गई है। उन्होंने क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण की शिकायत पर पुलिस व आबकारी विभाग की समन्वय से कार्यवाही करने की बात कही। वनाधिकार पट्टा के पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता से पट्टा प्रदान करने के लिए कहा। शिविर में कलेक्टर ने कहा कि जंगलों की सुरक्षा भी हमारा दायित्व है, इस हेतु पात्र व्यक्ति अपने पात्रता के आधार पर पट्टा के लिए आवेदन करें। वन भूमि पर अवैध रूप से काबिज या अपात्र व्यक्ति पट्टा हेतु आवेदन नही करें। उन्होंने ग्रामीणों से शिक्षा के महत्व को समझने एवं अपने बच्चों के बेहतर भविष्य पर ध्यान देने का अपील किया। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं की जानकारी रखने एवं लाभ उठाने का आग्रह किया।
कलेक्टर ने सभी विभागों के मैदानी अमलो के अधिकारियों को मुख्यालय में उपस्थित रहकर आमजनो की समस्याओं को प्राथमिकता से निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों व आमजनो से इस सम्बंध में किसी प्रकार की शिकायत नही आनी चाहिए। सभी विभगीय अधिकारी इसका विशेष ध्यान रखें। शिविर को जनपद अध्यक्ष कोरबा हरेश कंवर, सरपंच चिर्रा नीलाबाई ने भी संबोधित करते हुए ग्रामीणों को शिविर का लाभ उठाने का अपील किया।
वन अधिकार पट्टा, नवीन राशन कार्ड, किसान किताब किया गया वितरित
शिविर में विधायक, कलेक्टर सहित अन्य अतिथियों द्वारा ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की योजनाओं से लाभान्वित किया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत गुरमा की पूजा स्व सहायता समूह की महिलाओं को 03 लाख का बैंक लोन प्रदान किया गया। सिमकेन्दा की सरस्वती समूह, चिर्रा की जय बूढ़ी माँ समूह की महिलाओं को सामुदायिक निवेश राशि के तहत 60-60 हजार का चेक एवं अनिता प्रजापति को व्यक्तिगत आजीविका हेतु मुद्रा लोन के तहत 1 लाख का चेक वितरित किया गया।
कृषि विभाग अंतर्गत चिर्रा के किसान परमेश्वर सिंह, रामनाथ, मुरली, नरेश व जितेंद्र को नेपसेक वितरण किया गया। किसान नारायण सिंह को 1.5 एचपी का विद्युत पंप एवं किसान फिर सिंह को 50 प्रतिशत अनुदान पर पॉवर रीडर प्रदान किया गया।
खाद्य विभाग द्वारा घसनिन मंझवार, देवन्ती राठिया, रामबती अघरिया, कु रीमा व रुबीना को नवीन राशन कार्ड सौपा गया। राजस्व विभाग द्वारा गुरमा के महेश दास, चिर्रा के साध राम, कृष्ण कुमार को किसान किताब एवं सिमकेंदा के इतवारी बाई, सबिता व लछन राम को वन अधिकार पट्टा प्रदान किया गया। इस दौरान महिला व बाल विकास विभाग द्वारा नन्हें शिशुओं का अन्नप्राशन एवं कुपोषित बच्चों को सुपोषण टोकरी प्रदान की गई।
शिविर में ग्रामीणों द्वारा विभिन्न समस्याओं व मांगो के 61 आवेदन प्राप्त हुए। जिसके अंतर्गत 23 आवेदनों का मौके पर निराकरण संबंधित अधिकारियों द्वारा किया गया। लंबित आवेदन मांग व शिकायत संबंधी थे। लंबित सभी आवेदनों का परीक्षण कर शीघ्रता से निराकरण किया जाएगा।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कक्षा 6वीं में प्रवेश आवेदन 15 तक
कोरबा। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय वर्ष 2025-26 अंतर्गत कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन जारी है। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2025 निर्धारित है। भरे गए फॉर्म में त्रुटि सुधार की प्रक्रिया 16 जनवरी से 23 जनवरी तक तथा प्रवेश परीक्षा की तिथि 16 फरवरी 2025 निर्धारित है।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास से प्राप्त जानकारी अनुसार प्रवेश हेतु संबंधित विकासखण्ड के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छुरीकला/लाफा पाली/पोड़ी उपरोड़ा, प्रयास आवासीय विद्यालय डिंगापुर में संपर्क कर निर्धारित समय अवधि में निःशुल्क ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। साथ ही प्रवेश हेतु नियमावली का अवलोकन तथा ऑनलाइन पंजीयन वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट एकलव्य डाट सीजी डाट एनआईसी डाट इन पर किया जा सकता है।
राशि जारी होने के बाद भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं करने वाले पंचायतो से की जा रही वसूली
पाली व कटघोरा अनुविभाग में पुराने प्रकरण में शत प्रतिशत राशि की हुई वसूली
कोरबा । कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन में सभी एसडीएम द्वारा अपने अनुविभाग अंतर्गत ग्राम पंचायतों में विगत वर्षों में पुराने स्वीकृत शासकीय कार्यो के निर्माण लिए जारी राशि में अनियमितता करने वाले एवं निर्माण कार्य प्रारंभ/पूर्ण नहीं करने वाले पंचायतो से राशि वसूली की कार्यवाही की जा रही है। इस सम्बंध में सभी एसडीएम द्वारा ऐसे पंचायतो के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर वसूली की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
अनुविभाग कटघोरा अंतर्गत 17 पंचायतो से 30 लाख 90 हजार 200 रुपए की वसूली की गई है। कटघोरा में शत प्रतिशत वसूली कार्यवाही पूर्ण हो गई है। इसी प्रकार पाली विकासखण्ड अंतर्गत 4 विकासखण्ड से कुल 5 लाख 50 हजार 576 रुपए की वसूली पूर्ण की गई है। पाली में पुराने प्रकरणो में शत प्रतिशत वसूली हो गई है साथ ही नए प्रकरण में अभी वसूली की कार्यवाही की जा रही है। कोरबा अनुविभाग में कुल 11 लाख 21 हजार 475 रुपए की वसूली की गई है एवं आगे भी वसूली प्रक्रिया प्रगति पर है। पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड में 2 पंचायतो से पुराने निर्माण कार्यो के जारी राशि के 5 लाख 18 हजार की वसूली की गई है एवं आगे भी वसूली प्रगति पर है।
कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी पर राइस मिल को नोटिस जारी
भैंसमा धान खरीदी केंद्र में अनियमितता पाये जाने पर कार्यवाही के दिए निर्देश
कोरबा । खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 हेतु समिति/उपार्जन केन्द्र स्तर पर कृषकों से उपार्जित धान का डी.ओ. जारी कर कस्टम मिलिंग कार्य हेतु जिले के पंजीकृत राईस मिलर्स को परिदान की कार्यवाही वर्तमान में प्रचलित है। राज्य शासन से प्राप्त निर्देशानुसार, उपार्जित धान हेतु उपार्जन केन्द्र स्तर पर स्थान की पर्याप्त उपलब्धता, धान की अवैध आवक एवं रिसाईक्लिंग पर रोक को सुनिश्चित करने हेतु जिले के पंजीकृत राईस मिलर्स द्वारा किए जा रहे धान उठाव, कस्टम मिलिंग की कार्यवाही एवं धान खरीदी केन्द्रो में प्रचलित धान उपार्जन/परिदान की नियमित जांच हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अजीत वसंत, द्वारा उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं कोरबा, खाद्य अधिकारी एवं नोडल अधिकारी सीसीबी कोरबा को निर्देशित किया गया है। इसी कड़ी में जिले के धान खरीदी केन्द्र भैंसमा एवं राईस मिल फर्म मॉं बम्लेश्वरी राईस मिल, पोंड़ी उपरोड़ा की जांच दिनांक 02.01.2025 को सबंधित विभाग के अधिकारियों के द्वारा की गई।
प्रारभिंक जांच में धान खरीदी केन्द्र भैसमा में, मिलर्स को जारी धान के डी.ओ. मात्रा के विरूद्ध समिति/उपार्जन केन्द्र स्तर से अपेक्षाकृत कम धान प्रेषित किया जाना पाया गया। राईस मिलर्स द्वारा धान उठाव हेतु प्रयुक्त वाहनों की भार-वहन क्षमता पर्याप्त होने के बावजूद जारी डी.ओ. की पूरी मात्रा अनुसार धान का उठाव/प्रेषण नही किया जाना पाया गया। इस प्रकार धान खरीदी केन्द्र भैसमा से धान उठाव हेतु जारी डी.ओ. के रेण्डम प्रति-परीक्षण में धान उठाव कार्य में समिति/उपार्जन केन्द्र स्तर पर अनियमितता पायी गयी। विभागीय ऑनलाईन धान उठाव संबंधी प्रदर्शित जानकारी अनुसार, धान खरीदी केन्द्र भैसमा में संधारित रजिस्टर- स्टॉक पंजी/परिदान पंजी/डी.ओ परिदान पंजी में दर्ज प्रविष्टियॉं मिलान में सही नही पायी गयी। उक्त संबंध में समिति स्तर के जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही किए जाने हेतु कलेक्टर द्वारा उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएॅं, कोरबा को निर्देशित किया गया है। इस संबंध में कलेक्टर द्वारा धान उपार्जन/परिदान कार्य की नियमित रूप से निगरानी हेतु अधिकारियों की संयुक्त जॉंच टीम गठित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी प्रकार छ.ग. कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश, 2016 के प्रावधानों के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में पंजीकृत राईस मिलों में मिलिंग गतिविधियों की जॉंच हेतु खाद्य विभाग के जॉंच दल द्वारा विकासखण्ड पोंड़ी उपरोड़ा, जिला कोरबा अंतर्गत राईस मिल फर्म- मॉं बम्लेश्वरी राईस मिल का आकस्मिक निरीक्षण दिनांक 02.01.2025 को किया गया, जिसमें राईस मिलर द्वारा जिला विपणन अधिकारी के साथ निष्पादित अनुबंध की शर्त क्रमांक 12.1, 13.3 एवं 13.4 का उल्लंघन किया जाना साथ ही छ.ग. कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश, 2016 की कण्डिका- 6(1), 6(2) एवं 6(3) का उल्लंघन एवं राज्य शासन के आदेश क्रमांक एफ 4-16/2021/29-1/पार्ट, दिनांक 08.12.2021 में निर्दिष्ट शर्त क्र. 06, 09 का स्पष्ट उल्लंघन किया जाना पाया गया है। उक्त पायी गयी अनियमितता के आधार पर, मिल परिसर में उपलब्ध कुल धान 13176.00 क्विं. एवं चावल 1331.50 क्विं. को नियमानुसार जप्त कर प्रकरण पंजीबद्ध किया गया एवं संबंधित राईस मिल संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर श्री वसंत ने कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी तथा फर्जी धान खरीदी और धान की रिसाइकलिंग रोकने के निर्देश देते हुए अधिकारियों की संयुक्त जॉंच टीम गठित किए जाने के निर्देश दिए हैं।
ट्रक की चपेट में आने से स्कूटी सवार की मौत
कोरबा। जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ है. तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार युवक को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने न केवल सड़क जाम कर दिया, बल्कि दो वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद माहौल भयावह हो गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, राताखार से दर्री जाने वाले बायपास मार्ग पर ट्रक की टक्कर से स्कूटी सवार युवक की मौत हो गई।
घटना के बाद आक्रोशित लोग मौके पर जमा हो गए और दो वाहनों को आग लगा दी। इसके चलते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
गुस्साए लोगों ने अन्य वाहनों को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया. वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई।
बताया जा रहा है कि जल रहे ट्रक में कोयला लोड है और ट्रक के केबिन के अंदर ड्राइवर के खाना बनाने के लिए रखा गया गैस सिलेंडर भी मौजूद है, जो कभी भी ब्लास्ट कर सकता है. लोगों की भीड़ को हटाने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। ऐसे में बड़ी दुर्घटना की संभावना बनी हुई है। कोरबा जिले के विभिन्न थाना-चौकी से पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है।
कोरबा में ट्रक और कार के बीच टक्कर, आग लगने से मचा हड़कंप
कोरबा । कोरबा जिले के बांगो थाना क्षेत्र में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है। अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर ट्रक और कार के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई, जिसके बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। हादसे में ट्रक कार के ऊपर पलट गई, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई।
राहगिरों के अनुसार, कार के अंदर दो लोगों के फंसे होने की आशंका है। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही बांगो पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू कर दिया।
घटना लमना गांव के पास हुई है, और हादसे के कारणों की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दुर्घटना के समय कार और ट्रक में कितने लोग सवार थे और वे कहां के निवासी हैं।
फिलहाल, इस हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी है, और राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किया जा रहा है।