छत्तीसगढ़ / महासमुंद
यतियतन लाल वार्ड में वजन त्योहार शिविर आयोजित, 169 बच्चों के पोषण की हुई जांच
न्योता भोज को जनसमुदाय से जोड़ने की अपील - श्री राठी
महासमुंद 16 फरवरी 2026
जिले में बच्चों के पोषण स्तर में सुधार एवं कुपोषण को समाप्त करने हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 9 से 18 फरवरी तक वजन त्योहार का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शहरी परियोजना अंतर्गत यतियतन लाल वार्ड में आज वजन त्योहार एवं विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद एवं पार्षद श्रीमती सुनैना ठाकुर उपस्थित रहे। अतिथियों द्वारा बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया तथा उनका वजन एवं ऊंचाई मापी गई।
शिविर के दौरान उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी ने कहा कि नियमित वजन मापन से कुपोषण की पहचान समय पर की जा सकती है, जिससे बच्चों को बेहतर पोषण एवं देखभाल मिलती है। उन्होंने न्योता भोज को जनसमुदाय से जोड़ने की अपील करते हुए समाज की सहभागिता को आवश्यक बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है, जिससे परिवार के पोषण स्तर में भी सुधार संभव है।
शिविर में कुपोषित एवं अत्यंत कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें विशेष पोषण आहार एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधा से जोड़ने की प्रक्रिया की गई। वहीं गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आयरन, कैल्शियम एवं अन्य पोषक तत्वों के सेवन की सलाह दी गई। वर्तमान में इस सेक्टर के केंद्रों में 0 से 5 वर्ष के 169 बच्चे, 40 किशोरियां एवं 32 गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। इस अवसर पर पालकों को बच्चों के लिए संतुलित आहार संबंधी आहार तालिका प्रदान कर खान-पान में सुधार हेतु मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही हाथ धोने की आदत, स्वच्छता एवं नियमित टीकाकरण के महत्व पर भी जागरूक किया गया। जांच के उपरांत पालकों को बच्चों की पोषण रिपोर्ट की जानकारी दी गई तथा बताया गया कि जीवन के शुरुआती 6 वर्ष बच्चे के शारीरिक एवं मानसिक विकास की मजबूत नींव होते हैं।
कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी श्रीमती शैल नाविक, सुपरवाइजर शीला प्रधान के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राखी शर्मा सहित सहायिका, मितानिन, पालकगण एवं बच्चे उपस्थित रहे।
16, 17 एवं 18 फरवरी को प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन
महासमुंद । छत्तीसगढ़ राज्य के शिक्षित स्थानीय बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र महासमुन्द द्वारा 16 फरवरी 2026 को पिथौरा जनपद पंचायत कार्यालय, 17 फरवरी 2026 को बसना जनपद पंचायत एवं 18 फरवरी 2026 को सरायपाली जनपद पंचायत कार्यालय में प्रातः 11.00 बजे से 2.00 बजे तक प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा।
जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि निजी क्षेत्र के नियोजक एसपीएसजी सेक्युरिटी रायपुर के द्वारा सेक्युरिटी गार्ड के 150 पद हेतु 10वीं, उत्तीर्ण आवेदकों की भर्ती 12000 से 19000 रुपए वेतनमान पर एवं स्वतंत्र माईक्रोवफीन पीवीटी रायपुर के द्वारा फील्ड ऑफिसर एवं कलेक्शन ऑफिसर के 40 पदों के लिए 10वीं, 12वीं उत्तीर्ण आवेदकों की भर्ती 12200 रुपए प्रतिमाह की दर पर की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्लेसमेंट कैम्प में सम्मिलित होने के लिए आवेदक को रोजगार विभाग के पोर्टल लिंक https://erojgar.cg.gov.in/MainSite/JobSeeker/RegistrationWithAdhar.aspx या रोजगार विभाग के एप लिंकhttps://play.google.com/store/apps/details?id=com.cgemployment.cge_rozgar app में अपना रोजगार पंजीयन कराने के साथ-साथ प्लेसमेंट कैम्प के लिए भी पंजीयन कराना आवश्यक है। जॉब फेयर पर उपस्थित होने वाले इच्छुक एवं योग्य आवेदक निर्धारित तिथि एवं स्थल पर शैक्षणिक योग्यता की छायाप्रति के साथ उपस्थित रहें।
सीएससी टेली-लॉ योजना : घर बैठे मिलेगी कानूनी सलाह
एक दिवसीय टेली-लॉ योजना बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न
महासमुंद। भारत सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय द्वारा संचालित डिजिटल इंडिया पहल के अंतर्गत सीएससी टेली-लॉ योजना देश के आम नागरिकों को न्याय तक सरल, सुलभ एवं समान पहुँच प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विशेष रूप से ग्रामीण, आदिवासी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है, जहाँ कानूनी सेवाओं तक पहुँच आज भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। टेली-लॉ योजना के माध्यम से नागरिक अब अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर वीडियो कॉल अथवा फोन कॉल के जरिए अनुभवी वकीलों से सीधे कानूनी परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। टेली-लॉ योजना का उद्देश्य इस योजना का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को न्यायिक जागरूकता, कानूनी मार्गदर्शन और समयबद्ध समाधान उपलब्ध कराना है। पहले जहाँ छोटे-छोटे कानूनी मामलों के लिए लोगों को जिला मुख्यालय या शहर जाना पड़ता था, वहीं अब यह सुविधा ब्ैब् के माध्यम से गाँव स्तर पर ही उपलब्ध हो रही है। इससे न केवल समय और धन की बचत हो रही है, बल्कि लोगों का न्याय प्रणाली पर विश्वास भी मजबूत हो रहा है।
एक दिवसीय टेली-लॉ योजना बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आज जिला पंचायत के सभा कक्ष, में आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इसी कड़ी में टेली-लॉ योजना को बीसी सखियों के लिए एक महत्वपूर्ण आजीविका एवं सेवा-आधारित अवसर के रूप में प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि बीसी सखियाँ ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम छोर तक सेवा पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और यदि उन्हें टेली-लॉ जैसी योजनाओं से जोड़ा जाए, तो वे न केवल नागरिकों को न्यायिक सेवाओं से जोड़ सकेंगी, बल्कि स्वयं भी आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए सीएससी वीएलई एवं बीसी सखी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य टेली-लॉ योजना के क्रियान्वयन, तकनीकी प्रक्रिया, पंजीकरण प्रणाली तथा नागरिकों को योजना से जोड़ने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा करना था।
बैठक में वीरभद्र देवांगन जिला प्रबन्धक सीएससी ( मो.नं. 7011975713), प्रदीप कुमार, मैनेजर, सीएससी बीमा सेवा राज्य कार्यालय (मो.नं. 7587038683), राहुल वर्मा टेली लॉं प्रोजेक्ट (मो.नं. 8770551382), नीता साहू (मो.नं. 9630067371) ,दिलीप साहू साधन एनआरएलएम टीम (मो.नं.9617824045) उपस्थित थे। इन अधिकारियों द्वारा उपस्थित वीएलई एवं बीसी सखियों को टेली-लॉ पोर्टल की प्रक्रिया, परामर्श बुकिंग, दस्तावेज़ अपलोड, कॉल शेड्यूलिंग तथा फॉलो-अप प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। किन मामलों में मिलेगी कानूनी सहायता सीएससी टेली-लॉ योजना के अंतर्गत नागरिकों को विभिन्न प्रकार के कानूनी मामलों में अनुभवी पैनल वकीलों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न एवं पारिवारिक विवाद भूमि, मकान एवं संपत्ति से संबंधित विवाद, एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया, पुलिस कार्यवाही एवं गिरफ्तारी संबंधी अधिकार, महिलाओं, अनुसूचति जाति/अनुसूचित जनजाति, वरिष्ठ नागरिकों एवं कमजोर वर्गों के संवैधानिक अधिकार, भरण-पोषण, तलाक, उत्तराधिकार एवं अन्य सामाजिक विवाद इसके अतिरिक्त पात्र श्रेणियों के नागरिकों को योजना के अंतर्गत निःशुल्क कानूनी सहायता भी प्रदान की जाती है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोग भी न्याय प्राप्त कर सकें।
सीएससी वीएलई की भूमिका टेली-लॉ योजना के सफल क्रियान्वयन में भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वीएलई नागरिकों और वकीलों के बीच सेतु का कार्य करते हैं। वीएलई द्वारा नागरिकों का टेली-लॉ पोर्टल पर पंजीकरण, परामर्श के लिए स्लॉट बुकिंग, आवश्यक दस्तावेज़ों की जानकारी तथा कॉल के दौरान तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है। इसके साथ ही वीएलई ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को योजना के प्रति जागरूक करने का भी कार्य कर रहे हैं। बीसी सखी की सहभागिता बैठक में उपस्थित बीसी सखियों को भी टेली-लॉ योजना से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। बीसी सखी ग्रामीण महिलाओं के बीच विश्वास का एक सशक्त माध्यम हैं और वे महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें महिलाओं से जुड़े कानूनी मामलों में टेली-लॉ योजना के उपयोग के तरीकों की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर प्रदीप कुमार एव्म राहुल वर्मा जी ने कहा कि टेली-लॉ योजना ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लिए एक सरल, सुरक्षित एवं भरोसेमंद कानूनी समाधान है। उन्होंने सभी सीएससी वीएलई एवं बीसी सखियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक नागरिकों को इस योजना से जोड़ें, विशेषकर महिलाओं, अनुसूचति जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता दें। न्याय तक समान पहुँच की दिशा में एक सशक्त पहल टेली-लॉ योजना न केवल कानूनी परामर्श उपलब्ध करा रही है, बल्कि यह समाज में कानूनी सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दे रही है। डिजिटल माध्यमों के उपयोग से यह योजना पारदर्शिता, समयबद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करती है। निष्कर्ष अंततः सीएससी टेली-लॉ योजना यह सिद्ध कर रही है कि तकनीक के माध्यम से न्याय को हर नागरिक तक पहुँचाया जा सकता है। “एक कॉल - एक समाधान” की अवधारणा को साकार करती यह योजना आम जनता के लिए एक प्रभावी और भरोसेमंद मंच बन चुकी है। नागरिक अपने नजदीकी सीएससी केंद्र पर संपर्क कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं और अपने कानूनी प्रश्नों का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
आंगनबाड़ी स्वास्थ्य और शिक्षा का केंद्र बना
वजन त्यौहार में बच्चों व गर्भवती महिलाओं की जांच, कुपोषण पहचानकर उपचार से जोड़ा गया
देवार जाति की शाला त्यागी बच्चों को स्कूल से जोड़ने समझाइश
महासमुंद 14 फरवरी 2026
जिले में बच्चों के पोषण स्तर में सुधार और कुपोषण को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 9 से 18 फरवरी तक “वजन त्यौहार” का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शहरी परियोजना अंतर्गत डॉ. सुशील सैमुअल वार्ड (सेक्टर-01) में विशेष शिविर लगाकर बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पार्षद राहुल आवड़े एवं श्रीमती सुनैना पप्पू ठाकुर उपस्थित रहे। अतिथियों द्वारा बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया तथा उनका वजन एवं ऊंचाई मापी गई। इस दौरान बच्चों का वजन-ऊंचाई परीक्षण किया गया।
कुपोषित बच्चों की पहचान, विशेष पोषण आहार व चिकित्सा सुविधा से जोड़ा
शिविर के दौरान कुपोषित एवं अत्यंत कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें विशेष पोषण आहार एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधा से जोड़ने की प्रक्रिया की गई। वहीं गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आयरन, कैल्शियम एवं पोषक तत्वों के सेवन की सलाह दी गई। पालकों को आहार तालिका प्रदान कर बच्चों के खान-पान में सुधार हेतु मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही हाथ धोने की आदत, स्वच्छता और नियमित टीकाकरण के महत्व पर भी जागरूक किया गया।
अतिथियों ने कहा कि विष्णु देव साय सरकार बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से चलाए जा रहे अभियानों से कुपोषण के खिलाफ प्रभावी कार्य हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर मातृ शक्ति को स्वावलंबी बनाया जा रहा है, जिससे परिवार के पोषण स्तर में भी सुधार संभव है।
पोषण रिपोर्ट से पालकों को किया जागरूक
शिविर में जांच के बाद पालकों को बच्चों की पोषण रिपोर्ट के बारे में बताया गया कि जीवन के शुरुआती 6 वर्ष बच्चे के शारीरिक व मानसिक विकास की मजबूत नींव होते हैं। नियमित जांच, संतुलित आहार और स्वच्छता से बच्चों को एनीमिया एवं कुपोषण जैसी बीमारियों से बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम का आयोजन सुपरवाइजर शीला प्रधान के मार्गदर्शन में किया गया।इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लल्ली आर्य, तीज बाई, आभा साहू, एवं मितानिन , पालकगण,बच्चे मौजूद थे।
शाला त्यागी किशोरियों को फिर से स्कूल से जोड़ा
शिविर के दौरान महत्वपूर्ण पहल के तहत शाला त्याग चुकी किशोरी बालिकाओं को पुनः स्कूल में जोड़ने हेतु भी समझाइश दी गई। वार्ड के देवार जाति की धनेशी, बृजला ,मालिनी ,कृतिका, 4 किशोरी बालिकाएं किसी कारणवश स्कूल छोड़ चुकी थीं, जिन्हें सुपरवाइजर शीला प्रधान की समझाइश के बाद पुनः स्कूल जाने के लिए तैयार किया गया। इसके अलावा पालकों को न्योता भोज के लिए बताया गया कि विशेष अवसरों में आंगनबाड़ी केदो में न्योता भोज का आयोजन कर अपने प्रियजनों के अवसरों को खास बनाएं।
मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत नयापारा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शिविर आयोजित
0 से 5 वर्ष के 80 बच्चों की स्वास्थ्य जांच, 29 कुपोषित-अति कुपोषित बच्चों को दवा वितरण
महासमुंद 14 फरवरी 2026
नयापारा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महासमुंद में आज मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना अंतर्गत विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कर कुपोषण की पहचान करना, समय पर उपचार उपलब्ध कराना रहा।
शिविर में शहरी परियोजना अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में अध्ययनरत 0 से 5 वर्ष के कुल 80 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें लाभान्वित किया गया। जांच के दौरान कुल 29 बच्चे कुपोषित एवं अति कुपोषित पाए गए, जिन्हें तत्काल आवश्यक दवाइयां एवं पोषण संबंधी उपचार उपलब्ध कराया गया।
डॉक्टरों ने दी पोषण और देखभाल संबंधी सलाह
शिविर में मौजूद डॉक्टरों की टीम द्वारा पालकों को बच्चों के संतुलित आहार, समय पर टीकाकरण, नियमित वजन एवं ऊंचाई माप, स्वच्छता, दस्त-उल्टी जैसी स्थिति में तुरंत उपचार, तथा आयरन-फोलिक एसिड, कैल्शियम एवं विटामिन की नियमितता को लेकर आवश्यक सलाह दी गई। साथ ही गंभीर कुपोषित बच्चों के नियमित फॉलोअप एवं आवश्यकता पड़ने पर पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती की जानकारी भी दी गई।
पालकों को किया गया जागरूक
शिविर के दौरान पालकों को समझाइश दी गई कि बच्चों के भोजन में दाल, हरी सब्जियां, दूध, अंडा, फल, मौसमी खाद्य पदार्थ शामिल करें। बच्चों को समय-समय पर कृमिनाशक दवा दिलाने, साफ पानी पिलाने और भोजन से पहले हाथ धोने जैसी आदतों को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।शिविर में डॉ. आकृति पटेल सहित विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम, सेक्टर सुपरवाइजर शीला प्रधान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अंजू चंद्राकर सहित पालक एवं बच्चे उपस्थित रहे।
ज्ञात है कि मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनका समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाता है। योजना के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों की स्वास्थ्य जांच, पोषण स्तर का मूल्यांकन, आवश्यक दवा वितरण, परामर्श तथा गंभीर मामलों को उच्च स्वास्थ्य केंद्र में रेफर कर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों पर नियुक्तियां अब ई-भर्ती पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा
महासमुंद 14 फ़रवरी 2026
महिला एवं बाल विकास विभाग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों पर नियुक्तियां ई-भर्ती पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। परियोजना कार्यालय द्वारा रिक्त पदों के लिए ऑनलाइन विज्ञापन जारी किया जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास श्री टिक्वेंद्र जटवार ने बताया कि विभाग का यह निर्णय भर्ती प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, त्रुटिहीन एवं त्वरित बनाने हेतु लिया गया है। आंगनबाड़ी भर्ती हेतु आवेदन करने के लिए सबसे पहले अभ्यर्थी को आधिकारिक वेबसाइटhttps://aww.e-bharti.in/पर जाना होगा, जहां Candidate Login विकल्प का चयन कर अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर एवं कैप्चा दर्ज करना होगा। इसके पश्चात मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी का सत्यापन कर लॉगिन किया जाएगा। लॉगिन के बाद डैशबोर्ड पर पद के लिए आवेदन करें बटन पर क्लिक कर जिला, क्षेत्र (शहरी/ग्रामीण), ब्लॉक, ग्राम पंचायत एवं पद का चयन करना होगा। इसके बाद आवेदन में व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव सहित अन्य आवश्यक विवरण भरकर निर्धारित प्रारूप में जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। सभी जानकारियां सही प्रकार से भरने के उपरांत आवेदन को अंतिम रूप से सबमिट करना होगा। यदि आवेदन से संबंधित किसी भी प्रकार की आपत्ति, जैसे पात्रता या अंक गणना से जुड़ी समस्या हो, तो अभ्यर्थी दावा-आपत्ति पेज के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है।
जिले में विद्यार्थियों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट हेतु 12 फरवरी से 10 मार्च तक शिविर का आयोजन
आर.बी.सी. 6-4 के तहत 04 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत
महासमुंद 11 फरवरी 2026
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदा से मृत्यु होने पर मृतक के निकटतम वारिसान के लिए चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। इनमें सर्पदंश से मृत्यु होने पर पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम गोपालपुर की मृतिका सउरी भोई के पति श्री उपेन्द्र भोई के लिए चार लाख रुपए आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
केजीबीवी विद्यालयों में लेखापाल पद हेतु चयनित अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए उपस्थित होने के निर्देश
महासमुन्द 11 फरवरी 2026
भारत सरकार द्वारा प्रबंध पोर्टल में केजीबीवी हेतु स्वीकृत बजट एवं राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के अनुसार जिले के तीन कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में लेखापाल पद की पूर्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
जिला शिक्षा अधिकारी सह जिला परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा श्री विजय कुमार लहरे ने बताया कि प्राप्त आवेदनों के आधार पर प्रावधिक (मेरिट) सूची जारी की गई है। जिसके अनुसार केवल चयनित अभ्यर्थियों को अपने समस्त मूल दस्तावेजों के साथ संबंधित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य होगा। चयनित अभ्यर्थी दिनांक 16 फरवरी 2026 तक कार्यालयीन समय में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। निर्धारित तिथि तक उपस्थित नहीं होने की स्थिति में प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से समय पर उपस्थित होकर दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कराने की अपील की है, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न की जा सके।
जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक 12 फरवरी को
महासमुंद 11 फरवरी 2026
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक 12 फरवरी 2026 को शाम 4.30 बजे जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित होगी। बैठक में जिले के बैंकिंग आंकड़ों, वार्षिक साख योजना, शैक्षिक ऋण, एसएमई एवं मुद्रा ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा योजना तथा डेयरी व मत्स्य पालन से जुड़े ऋण प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही आपकी पूंजी, आपका अधिकार अभियान की प्रगति पर भी चर्चा की जाएगी। बैठक में जिले के समस्त बैंकरों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
पीसी-पीएनडीटी एक्ट अंतर्गत गठित जिला सलाहकार समिति की बैठक 16 फरवरी को
महासमुंद 11 फरवरी 2026
गर्भधारण पूर्व और प्रसूति पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी एक्ट) लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम 1994 की धारा (17) अंतर्गत गठित जिला सलाहकार समिति की बैठक 16 फरवरी 2026 को दोपहर 12:00 बजे कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, महासमुंद में आयोजित की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आई. नागेश्वर राव ने समिति के सदस्यों को निर्धारित समय पर उपस्थित होने आग्रह किया है।
ग्रामीण युवतियों के लिए ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर
12 फरवरी तक कर सकते हैं पंजीयन
महासमुंद 11 फरवरी 2026
जिले के ग्रामीण युवतियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा निःशुल्क 35 दिवसीय ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। निदेशक बैंक ऑफ बड़ौदा आरसेटी ने बताया कि 18 से 50 आयु वर्ष के इच्छुक प्रतिभागी निःशुल्क प्रशिक्षण हेतु रिक्त सीटों पर 12 फरवरी 2026 तक पंजीयन करा सकते है। पंजीयन के लिए बी.पी.एल. राशन कार्ड की प्रतिलिपि, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज की 4 फोटो एवं न्यूनतम 10वीं उत्तीर्ण अंकसूची आवश्यक है। पंजीयन एवं प्रशिक्षण की जानकारी के लिए कमलेश पटेल के मोबाईल नम्बर +91-79997-00673, अक्षय सिंग राजपूत के मोबाईल नम्बर +91-83194-62874 एवं राजू निर्मलकर के मोबाईल नंबर +91-91310-65767 पर प्रातः 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक संपर्क कर सकते है।
जिले में ऑयल पॉम खेती को बढ़ावा देने 13 फरवरी को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
महासमुंद 11 फरवरी 2026
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में 13 फरवरी 2026 को कृषि विज्ञान केन्द्र, भलेसर महासमुंद में नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल-ऑयल पॉम योजना अंतर्गत उद्यानिकी विभाग द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
इस कार्यशाला में कृषि विज्ञान केन्द्र भलेसर के उद्यानिकी वैज्ञानिक, सहायक संचालक उद्यान एवं संबंधित विकासखण्ड अधिकारी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में ऑयल पॉम रोपण कर चुके कृषकों के साथ-साथ ऑयल पॉम की खेती प्रारंभ करने वाले नए कृषक भी भाग लेंगे। लगभग 100 कृषक कार्यशाला में शामिल होंगे। कार्यशाला के दौरान ऑयल पॉम की वैज्ञानिक पद्धति से खेती, रोपण तकनीक, देखरेख, उत्पादन एवं शासन की योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही कृषकों की समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा।
उद्यानिकी विभाग द्वारा जिले के ऐसे सभी कृषकों से अपील की गई है, जो ऑयल पॉम की खेती के प्रति रुचि रखते हैं एवं योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे निर्धारित तिथि को कार्यशाला में अनिवार्य रूप से सहभागिता करें।
जिले में 10वीं-12वीं परीक्षा संचालन हेतु केंद्राध्यक्षों का प्रशिक्षण संपन्न
कलेक्टर श्री लंगेह ने विद्यार्थियों की काउंसलिंग कर परीक्षा के भय को दूर करने पर दिया बल
महासमुंद 11 फरवरी 2026
कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के सुव्यवस्थित, निष्पक्ष एवं पारदर्शी संचालन के उद्देश्य से जिले में केंद्राध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विजय कुमार लंगेह ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी देते हुए परीक्षा की गोपनीयता एवं अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री लंगेह ने सभी केंद्राध्यक्षों को निर्धारित रूट चार्ट का अनिवार्य रूप से पालन करने, परीक्षा कक्षों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व सुव्यवस्थित ढंग से बैठाया जाए एवं शौचालय तथा बाथरूम की स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार के असामाजिक तत्वों द्वारा व्यवधान उत्पन्न करने की स्थिति में तत्काल तहसीलदार, एसडीएम अथवा फ्लाइंग स्क्वॉड को सूचना दी जाए। साथ ही विद्यार्थियों की काउंसलिंग कर परीक्षा के भय को दूर करने पर भी विशेष बल दिया गया।
कलेक्टर श्री लंगेह ने विद्यार्थियों के अपार आईडी निर्माण की समीक्षा करते हुए शेष विद्यार्थियों का शीघ्र पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नाम अथवा अन्य विवरण में त्रुटि होने की स्थिति में फॉर्म-3 भरकर संबंधित विकासखंड कार्यालय में जमा करने के निर्देश भी दिए गए। सत्र 2025-26 में विभिन्न मदों में प्राप्त राशि के संबंध में उन्होंने विद्यालयों को निर्देशित किया कि प्राप्त राशि का नियमानुसार एवं समयबद्ध व्यय करें, ताकि शेष राशि शीघ्र प्राप्त होकर विद्यालय विकास कार्यों में उपयोग की जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार लहरे एवं जिला मिशन समन्वयक श्री रेखराज शर्मा ने भी संबोधित किया। समन्वय संस्था के प्राचार्य श्री हेमंत आचार्य ने माध्यमिक शिक्षा मंडल से प्राप्त प्रशिक्षण बिंदुओं का विस्तार पूर्वक प्रस्तुतीकरण किया। इस अवसर पर सहायक संचालक श्री नंदकिशोर सिन्हा, एडीपीओ श्री प्रमोद कन्नौजे, एपीसी श्री सांप बोस, श्री सुबोध तिवारी, बीईओ सरायपाली श्री टीकम चंद पटेल, विज्ञान परिषद के समन्वयक श्री जगदीश सिन्हा, बीआरसीसी श्री जागेश्वर सिन्हा सहित जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य गण उपस्थित रहे।
फाइलेरिया उन्मूलन महाभियान : कलेक्टर श्री लंगेह ने दवा खिलाकर किया शुभारंभ
दवाओं का अनिवार्य रूप से सेवन करने तथा लोगों को प्रेरित करने की अपील
महासमुन्द 11 फरवरी 2026
जिले में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) महाभियान का शुभारंभ मंगलवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महासमुन्द में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर श्री विनय कुमार ने हितग्राही श्रीमती चमेली निर्मलकर एवं श्रीमती अमावती ठाकुर को अपने हाथों से फाइलेरिया रोधी एल्बेन्डाजोल एवं डीईसी की दवा खिलाकर अभियान की शुरुआत की तथा आमजन को नियमित दवा सेवन के लिए प्रेरित किया।
यह महाभियान जिले में 25 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर पात्र नागरिकों को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराएगी तथा उन्हें बीमारी से बचाव एवं आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक करेगी।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि फाइलेरिया मच्छरों के काटने से फैलने वाली एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर दवा सेवन एवं जनजागरूकता के माध्यम से इसे पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा वितरित की जा रही दवाओं का अनिवार्य रूप से सेवन करें तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि महासमुन्द जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक दवा पहुंचे और कोई भी इससे वंचित न रहे। इसके लिए स्वास्थ्य अमला पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि फाइलेरिया शरीर के लसीका तंत्र को प्रभावित करने वाली बीमारी है, जो लंबे समय में हाथ-पैर अथवा शरीर के अन्य अंगों में असामान्य सूजन (हाथीपांव) का कारण बनती है। इससे पीड़ित व्यक्ति को बार-बार बुखार, सूजन एवं दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह बीमारी मच्छरों के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू धृतलहरे ने जानकारी दी कि अभियान के प्रारंभिक दिनों में आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा।
जिला नोडल अधिकारी डॉ. वी.पी. सिंह ने आम नागरिकों से अपील की कि वे अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें तथा स्वयं एवं अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों को दवा अवश्य सेवन कराएं।
उन्होंने बताया कि फाइलेरिया से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय सामूहिक दवा सेवन, मच्छरों से बचाव एवं स्वच्छता बनाए रखना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा वितरित की जा रही दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा चिकित्सकीय निर्देशानुसार सेवन करने से बीमारी की रोकथाम संभव है। कार्यक्रम में जायति, यशवंत साहू, दीपक तिवारी, राहुल, एकेश्वर सहित मितानिन एवं स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
दुर्घटना में मृतक के परिजन को दो लाख रुपए प्रतिकर सहायता राशि स्वीकृत
महासमुन्द 10 फरवरी 2026
दावा निपटान आयुक्त एवं कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा दुर्घटना में मृतक के परिजन को हुए अपहानि को दृष्टिगत रखते हुए दो लाख रूपए प्रतिकर सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-53 में टक्कर मारकर भागने मोटरयान सड़क दुर्घटना में ग्राम लोहारडीह निवासी श्री नेहरू यादव की मृत्यु हो गई थी। अपहानि के कारण मृतक के विधिक प्रतिनिधि के रूप में उनकी माता श्रीमती शिखा यादव को दो लाख रुपये की प्रतिकर सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
विद्यार्थियों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट के लिए विद्यालयों में किए जाएंगे शिविर आयोजित
352 विद्यालयों के 21 हजार 406 विद्यार्थियों का बायोमेट्रिक किया जाएगा अपडेट
महासमुंद 10 फरवरी 2026
जिले में यूडाईस 2025-26 के अंतर्गत आधार से संबंधित बायोमेट्रिक अपडेट की प्रक्रिया को तेज करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 06 फरवरी 2026 की स्थिति में जिले में कुल 30,587 विद्यार्थियों का बायोमेट्रिक अपडेट लंबित है, जिसे शीघ्र पूर्ण किया जाना है। इस हेतु विद्यालयों में विशेष बायोमेट्रिक अपडेट शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से यूआईडीएआई से डाटा अपडेट कर उसकी प्रविष्टि यूडाईस पोर्टल पर की जाएगी। अभियान के अंतर्गत ई.डी.एम. चिप्स से समन्वय कर 20 से अधिक लंबित बायोमेट्रिक वाले 352 विद्यालयों का चयन किया गया है, जिसमें लगभग 21,406 विद्यार्थियों का अपडेट किया जाना है।
जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा श्री रेखराज शर्मा द्वारा सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्त्रोत केंद्र समन्वयकों को निर्देशित करते हुए अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए विद्यालयों को पालकों एवं विद्यार्थियों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं शिविर में उपस्थित होकर अपना बायोमेट्रिक अपडेट करवा सकें। इस कार्य के सफल संचालन के लिए विकासखंड स्तर पर बीआरसी एवं संकुल स्तर पर संकुल समन्वयकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। पूरे अभियान की प्रतिदिन मॉनिटरिंग जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद द्वारा किया जाएगा। प्रथम चरण में 5 से 7 वर्ष एवं 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों के बायोमेट्रिक अपडेट पर फोकस करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
यूआईडीएआई द्वारा बायोमेट्रिक अपडेट की जानकारी यूडाईस पोर्टल पर अपडेट करने की सुविधा भी उपलब्ध करा दी गई है। साथ ही यूआईडीएआई के निर्देशानुसार 7 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट एक वर्ष के लिए निःशुल्क किया गया है, जबकि 5 से 7 वर्ष एवं 17 वर्ष के बच्चों के लिए यह सुविधा पहले से ही निःशुल्क है। आधार ऑपरेटरों को प्रतिदिन शिविर की जानकारी निर्धारित प्रारूप में संधारित करने तथा शिविर स्थल पर आवश्यक दस्तावेज सूची, शुल्क सूची एवं अन्य निर्देश प्रदर्शित करने कहा गया हैं।