छत्तीसगढ़ / महासमुंद
सड़क पर आने वाले मवेशियों पर नियमित कार्रवाई करते रहें : कलेक्टर
समय-सीमा की बैठक में औद्योगिक क्षेत्र कारखानों में नियमित जांच के निर्देश
महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मंगलवार सुबह 10 बजे से समय सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमां के बेहतर क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, जन शिकायत और अन्य प्राप्त पत्रों की निराकरण के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू एवं जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना अंतर्गत थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन के रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एजेंसी वास्तविक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। आगामी 02 अक्टूबर को होने वाले ग्राम सभा में स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल वार ऐसे बच्चों को चिन्हांकित करें जिनका जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है। ग्राम सभा में ऐसे समस्त बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनाने के प्रस्ताव पारित करने के लिए एजेंडा में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपने कार्यालयों में राशन कार्ड या प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किसी भी प्रकार की लेनदेन पर सख्त कार्रवाई करें और संबंधित कर्मचारी को सस्पेंड करने की कार्रवाई करें। कलेक्टर ने श्रम पदाधिकारी को औद्योगिक कारखानों की जाँच हेतु जिला स्तरीय संयुक्त टीम को नियमित तौर पर औद्योगिक कारखानों और अन्य उद्योगों में सतत निरीक्षण कर सुरक्षा और पर्यावरण की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर लंगेह ने कहा कि आयुष्मान कार्ड में साप्ताहिक प्रगति दिखनी चाहिए। आगामी सप्ताह में 90 प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति हो। इसके लिए आवश्यक शिविर भी लगाएं। पोषण माह अंतर्गत जिले में चल रहे कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए उन्होंने पोर्टल पर एंट्री की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए वास्तविक एंट्री के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि राशन कार्ड नवीनीकरण और ई-केवाईसी के लिए भी जनपद के सीईओ खाद्य विभाग के साथ मिलकर विशेष कार्रवाई करें। उन्होंने सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को मुख्यालय से सूचित कर ही बाहर जाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्कूल, आंगनबाड़ी, छात्रावासों का नियमित निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए है। उन्होंने महतारी वंदन, केसीसी, नशामुक्ति अभियान आदि विषयों पर भी समीक्षा की। उन्होंने जन समस्या निवारण शिविर में प्राप्त आवेदनों की नियमित समीक्षा करने और वास्तविक निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवेदनों का गुणवत्ता पूर्ण निराकरण कर आवेदकों को भी इससे अवगत कराएं। उन्होंने आने वाले समय में धान खरीदी को लेकर समीक्षा की और कहा कि धान खरीदी केन्द्रों में तैयारी और व्यवस्था अभी से कर लेवें।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सड़कों पर मवेशी के जमावड़ा पर विशेष निगरानी रखें और नियमित तौर पर कार्रवाई करते रहें। बार-बार पशुओं की सड़क में आने पर पशु मालिकों पर पेनाल्टी लगाएं। अभी तक 27,450 रुपए की पेनाल्टी लगाई गई है। उन्होंने सभी जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने दिया करणी कृपा पॉवर प्राईवेट लिमिटेड प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस
महासमुंद। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विनय लंगेह ने प्रबंधन कारखाना, मेसर्स करणी कृपा पावर प्लांट, खैरझिटी तहसील व महासमुंद को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने नोटिस में कहा है कि 08 सितंबर 2024 को दुर्घटना घटित होने से 03 मजदूर गंभीर रूप से घायल हुये थे तथा दो श्रमिकों की ईलाज के दौरान क्रमशः 12 सितंबर 2024 को भारत वर्मा एवं दिनांक 14 सितंबर 2024 को खिलेश्वर साहू की मृत्यु हो गई। जिसकी सूचना आपके द्वारा जिला प्रशासन को नहीं दी गई थी। जबकि छ.ग. कारखाना नियमावली, 1962 के नियम 108 (2) के अनुसार यदि किसी कारखानें में कोई ऐसी दुर्घटना या अनुसुची में विनिर्दिष्ट की गई कोई ऐसी खतरनाक घटना हो जाए, जिसके परिणाम स्वरूप किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए या किसी व्यक्ति को ऐसी क्षति पहुँचे जिसके परिणाम स्वरूप उसकी मृत्यु होने की संभावना हो तो, उसकी सूचना कारखानें के प्रबंधक द्वारा जिला मजिस्ट्रेट, उपखंडीय अधिकारी एवं निकटतम थानें के पुलिस अधिकारी को दिये जाने का प्रावधान है। उक्त दुर्घटना की जानकारी 22.09.2024 को सोशल मीडिया एवं अखबारों में उक्ताशय की खबर प्रकाशित होने पर जिला प्रशासन को प्राप्त हुई।
अतः उक्त दुर्घटना की जानकारी आपके द्वारा नहीं दिये जाने के संबंध में 03 दिवस की भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने व बताने नोटिस जारी किया गया है कि क्यों न आपके विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जावे।
करणी कृपा पावर प्लांट के दुर्घटना क्षेत्र को किया गया सील
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विनय लंगेह के आदेश के तहत करणी कृपा पावर प्लांट की दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र को सील कर दिया गया है। श्रम पदाधिकारी श्री देवेंद्रनाथ पात्र एवं सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा श्री मनीष कुंजाम द्वारा यह कारवाई किया गया। ज्ञात है की 8 सितंबर को घटित गंभीर घटना की पुनः जांच हेतु कारखाने में अधिकारी अपस्थित हुये। दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया गया एवं निरीक्षण में गैस कॉडिंग टावर के चारों ओर लगभग 20 मीटर क्षेत्र को श्रमिकों की सुरक्षा हेतु समस्त उपाय अपनाए जाने एवं उन्हें कार्य अनुरूप आवश्यक सुरक्षा उपकरण श्रमिको को कार्य के दौरान अपनाए जाने तक प्रतिबंधित किया गया है।
कलेक्टर ने औद्योगिक कारखानों की जाँच हेतु जिला स्तरीय संयुक्त टीम का किया गठन
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विनय लंगेह ने छ०ग० शासन, मंत्रालय, आवास एवं पर्यावरण विभाग, महानदी भवन के निर्देशानुसार जिले में स्थित वृहद उद्योगों, खतरनाक उद्योग, निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में व माईन्स में खनिजों का परिवहन करने वाले वाहनों तारपोलिन/उपयुक्त सामग्री से सही तरीके से धंके नहीं होने के कारण वायु प्रदुषण की स्थिति निर्मित होती है। जिसकी जांच हेतु निर्देशित किया गया है। इसके अतिरिक्त जिले में कई वृहद उद्योग स्थापित हैं जिनमें विनिर्माण तथा माईनिंग का कार्य किया जा रहा है। अतः नियमों का पालन एवं निगरानी हेतु जिला स्तरीय संयुक्त टीम का गठन निम्नानुसार किया गया है। जिसमे महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, खनिज अधिकारी, सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, श्रम पदाधिकारी,परिवहन अधिकारी, क्षेत्रीय अधिकारी, पर्यावरण संरक्षण मंडल रायपुर और निरीक्षक, नापतौल विभाग शामिल है। जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम द्वारा उपरोक्त का अभिसरण करते हुए जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने आदेशित किया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए स्वीकृत पदों पर 15 तक आवेदन
महासमुंद। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए जिला, जनपद पंचायत स्तर पर स्वीकृत प्रशिक्षण समन्वयक, लेखापाल, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सहायक ग्रेड-03 एवं विकासखण्ड समन्वयक के रिक्त पदों पर निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता में संशोधन पश्चात आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री एस. आलोक ने बताया कि अर्हताधारी एवं इच्छुक अभ्यर्थी 15 अक्टूबर 2024 तक अपना आवेदन निर्धारित प्रारूप में स्पीड पोस्ट, रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से जिला पंचायत महासमुंद के पते पर भेज सकते हैं। उक्त रिक्त पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं विस्तृत जानकारी जिले के वेबसाईट www.mahasamund.gov.in एवं जिला पंचायत, जनपद पंचायतों के सूचना पटल पर चस्पा किया गया है। जिसके माध्यम से अवलोकन किया जा सकता है।
सुविधायुक्त पालना घर कामकाजी महिलाओं के लिए वरदान, कलेक्टर की विशेष पहल पर जिला मुख्यालय में संचालित
जिले में सर्व सुविधायुक्त पालना घर ने लिया आकार
महासमुंद, 01 मार्च 2024
कामकाजी महिलाओं के सामने हमेशा इस बात की चुनौती रहती है की जब वे ऑफिस जाए तो बच्चों की देखभाल कौन करेगा। वे अक्सर तनाव में रहती है, लेकिन काम और बच्चों की देखभाल दोनों को ही पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाना चाहती है। कलेक्टर श्री प्रभात मलिक ने इस समस्या के समाधान के लिए विशेष रुचि दिखाई और जिला मुख्यालय में जिले का पहला सर्वसुविधायुक्त पालना घर स्थापित किया। जिसका संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है। इसे छत्तीसगढ़ी में मोर दाई के कोरा का नाम दिया गया है। नाम के अनुरूप अब बच्चे यहां घर जैसा माहौल और ममता पाकर बेहद खुश और आनंदित है। बच्चों की खुशी देखकर पालक भी खुश और संतुष्ट है। फिलहाल पालना घर में बच्चों का आना जारी है, धीरे धीरे बच्चो की संख्या बढ़ रही है। जिला कार्यालय में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर श्रीमती मिषा कोसले का 2 साल का बेटा पालना घर में दिन भर रहता है। इसी तरह फुड इंस्पेक्टर अंजना का बेटा और अन्य अधिकारियों के बच्चे भी यहां रहते हैं। डिप्टी कलेक्टर श्रीमती मिषा कोसले ने कहा कि बड़े शहरों में भी इस तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं है। बच्चे यहां खुश हैं यही पेरेंट्स की सबसे बड़ी उपलब्धि हैं। यहां सारी सुविधाएं हैं और सीसीटीवी कैमरे से निगरानी भी हो रही है। इसी तरह फूड इंस्पेक्टर अंजना ने कहा कि सबसे अच्छी बात यहां की सुविधा और सुरक्षा है हम पूरी चिंता मुक्त होकर अपना कार्य कर रहे हैं। पालना घर का संचालन कार्यालयीन समय सुबह 10:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है की कलेक्टर श्री मलिक के पहल पर जिले का पहला सर्व सुविधायुक्त पालना घर तैयार किया गया है। विभिन्न रंगों से पुताई और चित्रांकन से पालना घर आकर्षक लग रहा है। यहां सभी वातानुकूलित कमरे और हॉल है। कुल तीन एसी लगे हैं। साथ ही 6 सीसीटीवी कैमरा से कमरों सहित कैंपस की निगरानी की जा रही है। यहां दो कक्ष बनाए गए हैं जिसमें एक दुलार कक्ष है जहां सुरक्षित स्तनपान कराया जा सकता है। वही एक स्वप्न लोक जहां पांच बिस्तरों वाला कमरा है जहां बच्चे आराम कर सकते हैं। पालना घर की मार्गदर्शिका प्रीति साहू ने बताया कि बच्चे बहुत ही खुशी और आनंद के साथ रहते हैं। पालना घर में बच्चों के खेलने के लिए आवश्यक खिलौना, झूला, शैक्षणिक सामग्री और अन्य सीखने योग्य सामग्री मौजूद है। हाल के चारों तरफ हिंदी और अंग्रेजी में सुंदर अक्षरों में वर्णमाला और गिनती लिखे हुए हैं। जिससे बच्चे सीख सकते हैं। वहीं बच्चों की आवश्यकता के अनुरूप फ्रिज सहित सुविधायुक्त किचन बनाया गया है, वॉशरूम में भी सभी सुविधाएं मौजूद हैं। इसके अलावा बर्तन तथा अन्य जरूरी चीजें रखी गई है।