छत्तीसगढ़ / रायपुर
रायपुर के आंबेडकर अस्पताल में तीन दिनों में दो चोरियां, कैंसर मरीजों की सेकाई बंद
डॉ. आंबेडकर अस्पताल में लगातार चोरियां, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
रायपुर। प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल भी चोरों से सुरक्षित नहीं है। राजधानी के डॉ. आंबेडकर अस्पताल में दीवाली के दिन तांबे की 20 मीटर से अधिक विद्युत तार चोरी होने की घटना के ठीक बाद, दो दिन बीतते ही 23 अक्टूबर को चोरों ने कैंसर विभाग के बाहर लगे टेलीविजन को ताला तोड़कर पार कर दिया। तीन दिनों में लगातार दो चोरी की घटनाओं ने अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
जानकारी के मुताबिक, हर साल सुरक्षा और मानिटरिंग सिस्टम को मजबूत करने पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल चोरों के निशाने पर बना हुआ है। चिंता की बात यह है कि तार चोरी का सीधा असर अस्पताल की सेवाओं पर पड़ा है। कैंसर मरीजों की सेकाई (रेडिएशन थेरेपी में गर्म उपचार प्रक्रिया) रोक दी गई है, जिससे मरीजों के जीवन पर खतरा मंडराने लगा है।
लक्ष्मी पूजा की रात पहली चोरी, फिर दो दिन बाद ताला टूटा
अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर की रात दीवाली उत्सव के दौरान चोरों ने एयर कंडीशनिंग सिस्टम से जुड़ी लगभग 20 मीटर तांबे की तार चुरा ली। तार चोरी होने से कैंसर विभाग की सेंट्रल कूलिंग सिस्टम पूरी तरह ठप हो गया। रेडिएशन उपचार के दौरान तापमान नियंत्रित न हो पाने की वजह से कैंसर मरीजों की सेकाई पिछले चार दिनों से रुकी हुई है।
अभी यह सेवा बहाल भी नहीं हुई थी कि 23 अक्टूबर को चोरों ने कैंसर विभाग में लगे ताला तोड़कर टीवी पार कर दिया और उसे उठा ले गए। दोनों घटनाएं अस्पताल परिसर के महत्वपूर्ण हिस्से में होने के कारण सुरक्षा प्रणाली की प्रभावशीलता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं।
जोखिम में मरीजों का इलाज, कई को स्थगित करना पड़ा उपचार
कैंसर विभाग में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं, जिनमें कई गंभीर अवस्था वाले होते हैं। सेकाई बंद होने से उनका निर्धारित उपचार शेड्यूल बाधित हो रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो रेडिएशन थेरेपी में देरी मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
स्वजनों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल प्रबंधन दीवाली की खुशी मनाने में व्यस्त रहा, जबकि मरीजों को पीड़ा झेलनी पड़ी। “अगर सुरक्षा कड़ी होती तो मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं होता।
सीसीटीवी और सुरक्षा कर्मचारियों की भूमिका पर उठे सवाल
अस्पताल में कई जगहों पर हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती भी की जाती है। बावजूद इसके चोरी कैसे हुई और किसने की यह अब तक स्पष्ट नहीं है।
अस्पताल कर्मचारियों का आरोप है कि सुरक्षा व्यवस्था दिखावटी ज्यादा और प्रभावी कम है। कई सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं या रात में निगरानी ढीली रहती है।
सुरक्षा एजेंसी काल मी सर्विस को नोटिस दिया गया है, उन्हीं से रिकवरी की जाएगी। वहीं सेंट्रल कुलिंग मशीन की रिपेयरिंग का काम शुरू कर दिया गया है सोमवार तक ठीक हो जाएगी।
-डॉ. संतोष सोनकर, अधीक्षक डा आंबेडकर अस्पताल
राज्यपाल श्री डेका ने सरस्वती शिक्षा संस्थान को प्रदान किए चार ई-रिक्शे
रायपुर, 25 अक्टूबर 2025

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज राजभवन में सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ रायपुर को चार ई-रिक्शे प्रदान किए। उन्होंने राजभवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में अपने स्वेच्छानुदान मद से चार ई-रिक्शे की चाबी वाहन चालकों को सौंपी और हरी झंडी दिखाकर वाहनों को रवाना किया। इन वाहनों का उपयोग विभिन्न सरस्वती शिक्षा संस्थानों में किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. पुर्णेन्द्रु सक्सेना सहित संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री डेका को लोक सेवा आयोग की अध्यक्ष सुश्री शांडिल्य ने वार्षिक प्रतिवेदन सौंपा
रायपुर, 25 अक्टूबर 2025
राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की अध्यक्ष सुश्री रीता शांडिल्य ने मुलाकात की। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग का चौबीसवां वार्षिक प्रतिवेदन श्री डेका को सौंपा।
इस अवसर पर राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्य डॉ. प्रवीण वर्मा, डॉ. सरिता उइके, श्री संतकुमार नेताम, श्री चंद्र कुमार अजगले एवं परीक्षा नियंत्रक श्रीमती लीना कोसम उपस्थित थीं।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान
एम्स और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में सिकलसेल की रोकथाम के लिए होगा डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग
मितानिनों के सहयोग से सिकलसेल के प्रति लोगों को किया जाएगा जागरूक
सिकलसेल पर गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक में वार्षिक कार्ययोजना पर हुई मंथन
रायपुर, 24 अक्टूबर 2025

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत एम्स रायपुर और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से अनुसूचित क्षेत्रों में सिकलसेल बीमारी का स्क्रीनिंग कर उपचार करने के लिए पुख्ता उपाय किए जाएंगे। सिकलसेल के स्क्रीनिंग व उपचार के लिए वार्षिक कार्ययोजना पर विचार मंथन किया गया। इसके लिए मितानिनों के सहयोग से डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग करने पर भी सहमति बनी। आदिम जाति, अनुसूचित जाति एव पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में सेंटर आफ कम्पीटेंस की स्थापना हेतु गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में संपन्न हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिकल सेल बीमारी की रोकथाम, उपचार, काउंसलिंग, जनजागरण हेतु वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया।
गौरतलब है कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत राज्य में सिकलसेल बीमारी की रोकथाम के संबंध में भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली के द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में राज्य स्तरीय समिति गठित की गई है।
प्रमुख सचिव श्री बोरा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सीओसी की स्थापना, संचालन एवं प्रबंधन के लिए क्रियान्वयन एजेंसी के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। इसी प्रकार निर्धारित एजेंसी द्वारा किये जाने वाले स्थापना कार्य की मॉनिटरिंग स्वास्थ्य विभाग द्वारा तथा सीओसी की स्थापना हेतु राशि का अंतरण आयुक्त सह संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं को किये जाने पर सहमति बनी।
समिति की बैठक में योजना-मिशन के क्रियान्वयन में योगदान देने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा विषय विशेषज्ञ (मैदानी स्तर) का चयन कर नामांकित कर प्रस्ताव विभाग को उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसी तरह भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा दिये गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्थापना सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श किया गया।
राज्य स्तरीय समिति की बैठक में सचिव स्वास्थ्य सेवाएं श्री अमित कटारिया, आयुक्त आदिम जाति विकास डॉ. सारांश मित्तर, प्रोफेसर ई.महापात्रा, विभागाध्यक्ष एससीयू एम्स रायपुर, सिकलसेल प्रभाग के नोडल अधिकारी डॉ. अभ्युदय तिवारी, डॉ. मेनका चंद्राकर डिप्टी कमिश्नर, डॉ. अस्मिता बेहरा राज्य सलाहकार ब्लड बैंक रायपुर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पुनर्वास केंद्र में सुविधाओं की ली समीक्षा बैठक
आत्मसमर्पित नक्सलियों के कल्याण एवं पुनर्वास हेतु दिए आवश्यक दिशा निर्देश
रायपुर, 24 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज अपने बीजापुर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास केंद्र में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की।
श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्वास केंद्र में रह रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों की बुनियादी आवश्यकताओं का संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि उनके दैनिक जरूरतों जैसे नाश्ता, भोजन, वस्त्र, खेलकूद की सामग्री, योगाभ्यास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए साथ ही उनके लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन-प्रशासन के वरिष्ठ जनों से नियमित संवाद की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्वास केंद्र में रह रहे लोगों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उनकी रुचि एवं योग्यता के अनुसार उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे वे मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।
उन्होंने आत्मसमर्पित नक्सलियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए परिजनों से मिलने की तिथि तय करने एवं यदि उनके परिवारजन किसी जेल में बंद हैं, तो उनसे मिलने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। श्री शर्मा ने कहा कि सभी पुनर्वासित व्यक्तियों को कम से कम एक बार रायपुर भ्रमण (एक्सपोज़र विज़िट) पर ले जाया जाए, ताकि वे समाज और विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। इसके साथ ही उन्होंने पुनर्वास केंद्र के प्रत्येक सदस्य को निःशुल्क मोबाइल फोन उपलब्ध कराकर परिवार नियमित संपर्क बनाए रखने में सहयोग करने को कहा।
बैठक में दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी, एडीजी नक्सल ऑपरेशन श्री विवेकानंद सिन्हा, बस्तर संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह, आईजी बस्तर श्री सुंदरराज पी., डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, डीएफओ श्री रंगानाथन रामाकृष्णन वाय सहित अन्य जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रजवार समाज के उत्कृष्ट विद्यार्थियों का किया सम्मान
रायपुर, 24 अक्टूबर 2025


महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े आज सूरजपुर जिले के ग्राम करंजी में रजवार समाज द्वारा आयोजित सामाजिक उत्कृष्ट विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने समाज के उज्जवल भविष्य की नींव रखने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि शिक्षा ही जीवन में प्रगति और सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम है। समाज की उन्नति तभी संभव है जब उसके बच्चे शिक्षित और संस्कारी बनें। उन्होंने कहा कि रजवार समाज द्वारा विद्यार्थियों के प्रोत्साहन के लिए किया जा रहा यह आयोजन न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण प्रयास भी है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, समाज के पदाधिकारियों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि समाज और शासन के संयुक्त प्रयासों से ही राज्य के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे शिक्षा के साथ संस्कारों और सामाजिक मूल्यों को भी जीवन में अपनाएं।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, रजवार समाज के वरिष्ठजन, महिला समूह, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
एग्रीस्टैक पोर्टल बनेगा किसानों की डिजिटल पहचान
धान खरीदी सहित अन्य योजनाओं के लाभ हेतु 31 अक्टूबर तक पंजीयन अनिवार्य
रायपुर, 24 अक्टूबर 2025
राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अब सभी किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य किया गया है। सहायक आयुक्त सहकारिता ने बताया कि एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित की गई है, जो किसान पंजीयन से छूटे हों, वे शीघ्र ही अपना पंजीयन करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए एक डिजिटल इकोसिस्टम है, जिसे भारतीय सरकार ने विकसित किया है। जिसका उद्देश्य किसानों के लिए एक संपूर्ण डेटाबेस बनाना है, जिसमें उनकी पहचान, भूमि रिकॉर्ड, आय, ऋण, फसल की जानकारी और बीमा इतिहास के बारे में जानकारी शामिल है। एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन कराने से किसानों को धान खरीदी सहित शासन की अन्य योजनाओं का लाभ मिलेगा।
एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन के फायदे
एग्रीस्टैक पोर्टल पर किसान आईडी बनवाने से किसानों को धान खरीदी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, किसान क्रेडिट कार्ड, उर्वरक अनुदान, प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कृषि मशीनीकरण योजना एवं मुख्यमंत्री किसान सहायता योजना जैसी अनेक केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सीधे प्राप्त होगा। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने जिले के सभी किसानों से अपील की है, कि वे शीघ्रता से एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन कराएँ, ताकि किसी भी योजना का लाभ लेने में उन्हें कठिनाई न हो। उन्होंने बताया कि किसान स्वयं मोबाइल ऐप से ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। साथ ही, स्थानीय सीएससी सेंटर, सेवा सहकारी समिति एवं पटवारी कार्यालयों के माध्यम से भी निःशुल्क पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही
https://cgfr.agristack.gov.in/ पर भी पंजीयन किया जा सकता है।
छठ पर्व की तैयारी का लिया जायजा – मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने किया भटगांव छठ घाट का निरीक्षण
रायपुर, 24 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज भटगांव के दुर्गा मंदिर के समीप स्थित छठ घाट का निरीक्षण कर पर्व की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रबंध समय पर पूरे किए जाएं ताकि छठ महापर्व शांति, सौहार्द और श्रद्धा के साथ संपन्न हो सके।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने घाट की साफ-सफाई, जल स्तर, सुरक्षा व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और आवागमन की सुगमता का विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि घाट पर पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था, साउंड सिस्टम और शुद्ध पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की जाए। साथ ही, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में महिला सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि छठ पर्व भारतीय संस्कृति का अत्यंत पवित्र पर्व है, जो सूर्य उपासना और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है। इस पर्व में महिलाएं निर्जला उपवास रखकर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करती हैं। अतः इस आयोजन में स्वच्छता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को दूर करने हेल्पलाइन सेवा का शुभारंभ
विद्यार्थियों के हित में माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर की विशेष पहल
रायपुर, 24 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को दूर करने हेतु एक विशेष हेल्पलाइन सेवा प्रारंभ की जा रही है। देश में आत्महत्याओं की बढ़ती घटनाओं तथा शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों पर बढ़ते मानसिक दबाव को देखते हुए मण्डल ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है l इस हेल्पलाइन से विद्यार्थी अपने मानसिक तनाव, घबराहट या अन्य मनोवैज्ञानिक समस्याओं का समाधान विशेषज्ञों से प्राप्त कर सकेंगे।
यह हेल्पलाइन सेवा माध्यमिक शिक्षा मण्डल कार्यालय, रायपुर में संचालित की जाएगी। विद्यार्थी टोल फ्री नम्बर 1800-233-4363 पर प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। इस सेवा का शुभारंभ 31 अक्टूबर 2025 से किया जा रहा है। इस अवधि में योग्य मनोवैज्ञानिक एवं मनोचिकित्सक विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल का यह प्रयास विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें तनावमुक्त शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय एवं सकारात्मक पहल है।
5000 शिक्षकों की भर्ती से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी-मंत्री श्री गजेन्द्र यादव
रायपुर, 24 अक्टूबर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा 5000 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया को वित्तीय स्वीकृति प्रदान किया गया है। मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा और मजबूती प्रदान करेगा। मंत्री श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की प्राथमिकता हमेशा से ही गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा सुनिश्चित करना रही है। शिक्षकों की कमी लंबे समय से शिक्षा प्रणाली को प्रभावित कर रही थी, ऐसे में यह भर्ती न केवल स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर भी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने आगे कहा कि इस भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता और योग्यता आधारित प्रणाली से संचालित किया जाएगा। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि प्रदेश के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार प्राप्त हो सके।
शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पदों की पूर्ति नहीं, बल्कि एक मजबूत, सक्षम और प्रेरणादायी शिक्षण तंत्र का निर्माण करना है। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों से आग्रह किया कि वे उत्साह और विश्वास के साथ तैयारी करें, क्योंकि यह भर्ती प्रदेश के शैक्षणिक भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाली सिद्ध होगी।
जनजातीय स्वतंत्रता विद्रोहों पर बने भव्य स्मारक सह-संग्रहालय जल्द लोगों के लिए होगा समर्पित
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्थल निरीक्षण कर तैयारियों का लिया जायजा
राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे देश के पहले डिजीटल संग्रहालय का लोकार्पण
आदिवासियों के 14 विद्रोहों और जंगल सत्याग्रह एवं झंडा सत्याग्रह के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन
रायपुर, 24 अक्टूबर 2025


नवा रायपुर अटल नगर के आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के विद्रोहों पर बन रहे स्मारक सह-संग्रहालय जल्द ही लोगों के लिए समर्पित किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव के मौके पर देश के पहले डिजीटल संग्रहालय का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज निर्माणाधीन संग्रहालय स्थल का निरीक्षण कर लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लिया एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
गौरतलब है कि राज्य सरकार इस वर्ष छत्तीसगढ़ निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती के रूप में मना रहा हैं। नवा रायपुर में बन रहे शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह-संग्रहालय के निर्माण कार्यों का निरीक्षण के दौरान मुख्य मंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आगंतुकों एवं पर्यटकों के हिसाब से संग्रहालय में आडियो-विडीयो विजुवल की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि आगंतुक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के संबंध में भंलिभांति परिचित हो सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की परिकल्पना का परिणाम है कि जल्द ही छत्तीसगढ़ में जनजातीय वर्गों के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक स्मारक सह-संग्रहालय धरातल पर दिखाई देगा। यह निर्माणाधीन संग्रहालय सदियों के लिए आने वाली नई पीढ़ियों को पुरखों का याद दिलाता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय न सिर्फ आदिवासी वर्गों के लिए बल्कि सभी वर्गों सहित देश-विदेश के लोगों के लिए भी प्रेरणाप्रद बनेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस जीवंत संग्रहालय के माध्यम से लोगों में बड़ी से बड़ी ताकतों के अन्याय, अत्याचार के खिलाफ विद्रोह करने का साहस पैदा होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि सोच का परिणाम है कि आज प्रदेश का पहला संग्रहालय है जो छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की शौर्य गाथा एवं बलिदान को समर्पित है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी राज्योत्सव के मौके पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा प्रस्तावित उद्घाटन के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियां व निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने संग्रहालय में डिजीटलीकरण कार्य, पार्किंग व्यवस्था, सॉवेनियर शॉप, गार्डनिंग, वॉटर सप्लाई की स्थिति की जानकारी ली।
प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को संग्रहालय में निर्माणाधीन 14 गैलरियों सहित झंडा सत्याग्रह, जंगल सत्याग्रह, जनजातीय संस्कृतियों पर बने गैलरियों आदि के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ वन एवं जलवायु परिर्वतन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, रायपुर संभाग के कमिश्नर श्री महादेव कावरे, आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ रवि मित्तल, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, टीआरटीआई संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
वीएफएक्स टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क से तैयार हो रहा है संग्रहालय
गौरतलब है कि यह स्मारक सह- संग्रहालय छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बारिकी के साथ अध्ययन व रिसर्च के बाद वीएफएक्स टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क के साथ तैयार किया रहा है। संग्रहालय देखने वाले आगंतुकों को आदिवासी विद्रोह का वर्णन स्टैच्यू के पास ही लगे डिजिटल बोर्ड पर उपलब्ध रहेगा। आगंतुक संग्रहालय में आदिवासी विद्रोह को जीवंत महसूस कर सकेगा। वहीं आगंतुक प्रत्येक गैलरी में बनाई गई जीवंत प्रस्तुति के सामने स्कैनर से मोबाईल द्वारा स्कैन कर संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
16 गैलेरियों में तैयार हो रहा है संग्रहालय
उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे - हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रेाह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन 14 गैलेरियों में किया जा रहा है। वहीं जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर एक-एक गैलेरियों का भी निर्माण किया जा रहा है।
अब लाइसेंस प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष : आधुनिक तकनीक से होगें ड्राईविंग टेस्ट : परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप
रायपुर, 24 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ़ राज्य में परिवहन विभाग द्वारा वाहन चालकों की योग्यता और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए ड्राइविंग टेस्ट और लाइसेंसिंग प्रक्रिया का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य के 8 जिले रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, जगदलपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ और कोरबा में ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) की स्थापना की जा रही है।

इन आधुनिक ई-ट्रैकों के माध्यम से ड्राइविंग टेस्ट पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी तरीके से लिए जाएंगे। इसका उद्देश्य है कि ड्राइविंग परीक्षण में मानव हस्तक्षेप कम हो, निष्पक्षता बनी रहे और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए। ई-ट्रैक प्रणाली में वाहन नियंत्रण, लेन अनुशासन, सिग्नलिंग, गति नियंत्रण और सड़क सुरक्षा से जुड़ी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसमें लगे डिजिटल सेंसर और कैमरे अभ्यर्थियों की ड्राइविंग क्षमता का सटीक मूल्यांकन करेंगे। इससे लाइसेंस प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होगी तथा पात्र आवेदकों को समय पर सही परिणाम प्राप्त होंगे।
परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल न केवल सड़क सुरक्षा को बढ़ाएगी बल्कि छत्तीसगढ़ को स्मार्ट परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे ले जाएगी। सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था राज्य के लोगों के जीवन में सहजता और भरोसा लाएगी। उन्होंने कहा कि यह राज्य में सुरक्षित, स्मार्ट और विश्वसनीय परिवहन व्यवस्था के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
परिवहन सचिव श्री एस प्रकाश ने कहा कि ई-ट्रैक की मदद से योग्य चालकों को प्रमाणित किया जाएगा, जिससे जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा मिलेगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। उन्होंने बताया कि इन जिलों में ई-ट्रैक शुरू होने के बाद आवेदक ऑनलाइन आवेदन और अपॉइंटमेंट बुकिंग के माध्यम से ड्राइविंग टेस्ट दे सकेंगे। सफल परीक्षण के बाद उन्हें डिजिटल फीडबैक और लाइसेंस जारी किया जाएगा।
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने दुगली में वनधन विकास केन्द्र का किया अवलोकन
महिलाओं की आत्मनिर्भरता की सराहना की
रायपुर, 24 अक्टूबर 2025



राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज धमतरी जिले में ग्राम दुगली में वनधन विकास केन्द्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला समूहों द्वारा एलोवेरा से बनाए जा रहे उत्पादों की प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग प्रक्रिया को निकट से देखा और उनकी सराहना की। राज्यपाल ने समूहों द्वारा तैयार अन्य उत्पादों का भी अवलोकन किया।
बिहान से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक सुधार हुआ
राज्यपाल श्री डेका ने केंद्र में एलोवेरा जैल निर्माण, तिखुर प्रसंस्करण एवं दोना-पत्तल निर्माण की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने परिसर में लगाई गई एलोवेरा और तिखुर की खेती का भी निरीक्षण किया। इस दौरान कमार जनजाति के समाज प्रमुख, पर्यटन समिति के सदस्य और लखपति दीदियों से राज्यपाल ने आत्मीय संवाद किया। लखपति दीदी श्रीमती देवकुमारी साहू ने राज्यपाल को बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर सेंट्रिंग और दैनिक उपयोग की वस्तुओं का कार्य करती हैं, जिससे उन्हें गांव में ही रोजगार और स्थायी आमदनी मिल रही है। उन्होंने बताया कि बिहान से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक सुधार हुआ है और अब वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा भी दिला पा रही हैं। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, मुख्य वन संरक्षक श्रीमती सतोविशा समाजदार, धमतरी जिले के कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार, वनमण्डलाधिकारी एवं वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
प्राकृतिक सुंदरता के लिए समिति का गठन
इको-टूरिज्म समिति के सदस्य श्री माधव सिंह मरकाम ने राज्यपाल को बताया कि जबर्रा ग्राम की प्राकृतिक सुंदरता को प्रदर्शित करने के लिए समिति गठित की गई है, जिससे देश-विदेश के पर्यटक यहां आकर्षित हो रहे हैं। समिति के माध्यम से ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार प्राप्त हुआ है और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
श्री डेका ने पत्ते पर की गई कलात्मक आकृति की सराहना
नगरी विकासखंड के लीफ आर्टिस्ट श्री विकास शांडिल्य ने पीपल के पत्ते पर उकेरी गई शेर की कलात्मक आकृति राज्यपाल श्री डेका को भेंट की। राज्यपाल ने उनकी कला की प्रशंसा करते हुए आकृतियों के निर्माण में लगने वाले समय और उनकी कीमत के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विकास को पत्ते पर और भी कलात्मक आकृति तैयार करने हेतु प्रोत्साहित किया एवं उनकी कृतियों को खरीदने की इच्छा भी व्यक्त की। राज्यपाल श्री डेका ने महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों के साथ आत्मीयतापूर्ण संवाद करते हुए समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और उनके साथ स्मृति स्वरूप छायाचित्र भी लिए।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का प्रवास प्रदेश के लिए गौरव का अवसर, प्रत्येक व्यवस्था हो गरिमामय और त्रुटिरहित - मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रवास की तैयारियों का लिया व्यापक जायज़ा : सभी तैयारियाँ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने अधिकारियों को दिए निर्देश
रायपुर 24 अक्टूबर 2025

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आगामी छत्तीसगढ़ प्रवास के मद्देनज़र मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में विभिन्न कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का छत्तीसगढ़ आगमन राज्य के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस दौरान प्रत्येक व्यवस्था उत्कृष्टता का प्रतीक बने और प्रदेश की संस्कृति, आत्मगौरव एवं प्रगति की झलक हर स्थल पर दृष्टिगोचर हो।


मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न स्थलों का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री श्री साय ने सबसे पहले नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा, सभागार व्यवस्था, मंच और आमंत्रित अतिथियों के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ध्यान केंद्र पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने ध्यान केंद्र के सभागार, मेडिटेशन रूम एवं बाहरी परिसर का निरीक्षण करते हुए सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

ट्राइबल म्यूज़ियम बनेगा जनजातीय अस्मिता का अमर प्रतीक
मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय जनजातीय समाज की वीरता, बलिदान और अस्मिता का अमर प्रतीक बनेगा।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि संग्रहालय के प्रत्येक अनुभाग को इस प्रकार तैयार किया जाए कि वह आगंतुकों को छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली अध्याय से गहराई से परिचित करा सके। उन्होंने प्रदर्शनी दीर्घाओं, मल्टीमीडिया गैलरी, स्मृति कक्ष और बाहरी परिसर की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।

राज्योत्सव स्थल बनेगा छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का दर्पण
मुख्यमंत्री श्री साय ने नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल का भी दौरा किया और तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य मंच, पार्किंग क्षेत्र, विभागीय डोम, प्रदर्शनी दीर्घा, वीआईपी दीर्घा और आमजन के लिए बनाए गए मार्गों का निरीक्षण किया।उन्होंने कहा कि राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, संस्कृति और आत्मविश्वास का उत्सव है, इसलिए यह आयोजन उत्कृष्टता की नई मिसाल बने।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएँ और सुरक्षा, स्वच्छता तथा आमजन की सुविधा से जुड़े सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, सचिव श्री राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
महादेव घाट में निगम ने चलाया सफाई अभियान, छठ पूजा की तैयारी पूरी
रायपुर । राजधानी में 25 अक्टूबर से शुरू होने वाले सूर्य उपासना के पवित्र पर्व छठ पूजा की तैयारियों को लेकर नगर निगम रायपुर ने महादेवघाट पर विशेष सफाई अभियान शुरू किया है। यह अभियान महापौर मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष गायत्री सुनील चंद्राकर और आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन क्रमांक 8 के स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा है।
महादेवघाट छठ पूजा समिति के अनुरोध पर भगवान सूर्यनारायण के भक्तों की सुविधा और स्वच्छ पर्यावरण के लिए यह सफाई अभियान शुरू किया गया है। जोन 8 के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ठाकुर, माधव राव सप्रे वार्ड (क्रमांक 69) के पार्षद महेंद्र औसर, संत रविदास वार्ड (क्रमांक 70) के पार्षद अर्जुन यादव, जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल और कार्यपालन अभियंता अतुल चोपड़ा के मार्गदर्शन में पोकलेन मशीन और विशेष सफाई गैंग को तैनात किया गया है। इस सफाई अभियान की निगरानी जोन 8 के स्वास्थ्य अधिकारी गोपीचंद देवांगन और स्वच्छता निरीक्षक रितेश झा कर रहे है। जोन 8 के अधिकारियों ने महादेवघाट को छठ पूजा से पहले स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए र्देश दिए हैं।
एनआईटी रायपुर के छात्र को 76 लाख का पैकेज
रायपुर । राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष के छात्र चित्रांश अग्रवाल ने इस सत्र का अब तक का सबसे बड़ा ऑफर हासिल किया है।
उन्हें अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी डॉक्यूसाइन (DocuSign) ने 76 लाख रुपये वार्षिक पैकेज की पेशकश की है। यह ऑफर उन्हें 26 मई से 1 अगस्त 2024 तक की 2.5 महीने की ऑफ-कैंपस इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद प्री-प्लेसमेंट ऑफर (PPO) के रूप में मिला।
डॉक्यूसाइन एक वैश्विक कंपनी है जो इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर और एग्रीमेंट मैनेजमेंट सॉल्यूशंस में अग्रणी है। इसके 1.7 मिलियन से अधिक ग्राहक हैं, जिनमें फॉर्च्यून 500 की 95% कंपनियां शामिल हैं।
चित्रांश ने अपनी सफलता का श्रेय अनुशासन और दोहरे फोकस वाली तैयारी को दिया। उन्होंने कहा कि वे LeetCode पर डेटा स्ट्रक्चर व एल्गोरिथम का अभ्यास करते रहे, जबकि Codeforces और CodeChef पर प्रतिस्पर्धी प्रोग्रामिंग से अपने कौशल को निखारा। साथ ही, उन्होंने OS, OOP, DBMS और Computer Networks जैसे कोर विषयों पर मजबूत पकड़ बनाई।
उन्होंने अपने माता-पिता, सीनियर्स और शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “असफलताएं आती हैं, पर हार नहीं माननी चाहिए। संगत और अनुशासन ही सफलता की कुंजी हैं।
निवेश केंद्र बनकर उभर रहा नवा रायपुर
रायपुर । भारत के नए युग में नगरीयकरण की दिशा तेज़ी से बढ़ रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ का नवा रायपुर अटल नगर एक आदर्श उदाहरण के रूप में उभरा है।
रायपुर के समीप स्थित यह नियोजित शहर केवल एक प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि एक आधुनिक, हरित और स्मार्ट सिटी की अवधारणा का जीवंत नमूना है। इस नगर को इस प्रकार विकसित किया जा रहा है कि यह आने वाले दशकों तक सतत विकास और स्मार्ट जीवन शैली का प्रतीक बने।
पुराने रायपुर में जनसंख्या वृद्धि और यातायात के दबाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2000 के बाद एक नए प्रशासनिक एवं आवासीय केंद्र के निर्माण की योजना बनाई।
इसी से जन्म हुआ- नवा रायपुर अटल नगर का। इस शहर का उद्देश्य केवल सरकारी कार्यालयों को स्थानांतरित करना नहीं, बल्कि एक वेल-प्लांड, पर्यावरण-अनुकूल और तकनीकी रूप से उन्नत नगरीय केंद्र बनाना था, जो राज्य के समग्र विकास को दिशा दे सके।
नवा रायपुर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी आधुनिक अधोसंरचनाहै। चौड़ी सड़कें, साइकिल ट्रैक, पैदल पथ और स्वचालित ट्रैफिक नियंत्रण प्रणाली शहर को सुचारू रूप से जोड़ती है।
फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क, वाई-फाई ज़ोन, ई-गवर्नेंस, और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी तकनीकें इसे डिजिटल रूप से सक्षम बनाती हैं। शहर में लगभग 30% भूमि हरित क्षेत्र के रूप में सुरक्षित है। सेंट्रल पार्क जैसे आकर्षण इसे एक ‘ग्रीन सिटी’ बनाते हैं। सौर ऊर्जा संयंत्र और ऊर्जा दक्ष इमारतें इसे पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाती हैं।
नवा रायपुर न केवल रहने के लिए बेहतर शहर है, बल्कि यह निवेश का नया हब भी बनता जा रहा है। आईटी और आईटीईएस उद्योगों के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं।
शैक्षणिक संस्थान, मेडिकल यूनिवर्सिटी और बिज़नेस पार्क निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। राज्य सरकार ने निवेशकों के लिए पारदर्शी नीतियाँ, भूमि आवंटन की सुविधा और सिंगल-विंडो सिस्टम लागू किया है। हाल के वर्षों में रियल एस्टेट, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्रों में निजी निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इन प्रयासों के कारण नवा रायपुर आज मध्य भारत का एक उभरता हुआ व्यावसायिक और प्रशासनिक केंद्र बन गया है।
प्रथम चरण में प्राधिकरण को 02 कंपनियों मेसर्स स्क्वेयर बिजनेस सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड हैदराबाद एवं मेसर्स रेडिकल माइंड्स टेक्नॉलाजिस प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली से आवेदन प्राप्त हुये हैं।
दोनो आवेदकों का कुल वार्षिक टर्न ओवर 110 करोड़ रूपए से ऊपर है, जिनमें वर्तमान में लगभग 6,500 कुशल कर्मचारी आईटी-आईटीज संबंधित गतिविधियों में कार्यरत है।
आवेदनकर्ताओं से कुल 90 हजार वर्गफीट के बिल्ट-अप हेतु आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिससे लगभग 2,200 कुशल रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। इस संबंध में प्राधिकरण द्वारा पुनः आवेदन आमंत्रित किये गये हैं, जिसमें मेसर्स टेल परफारमेंस प्राइवेट लिमिटेड गुरूग्राम एवं मेसर्स एचआरएच नेक्सट सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड हैदराबाद से आवेदन अपेक्षित है।
उक्त कंपनियों द्वारा लगभग 1 लाख 60 हजार वर्गफीट में आईटी-आईटीज इकाईयों के संचालन हेतु आवेदन किये जाने की संभावना है, जिससे लगभग 3,800 कुशल रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। नवा रायपुर का जीवन आधुनिकता और संस्कृति का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है।
यहाँ उच्चस्तरीय आवासीय क्षेत्र, स्वच्छ पर्यावरण, और सुगम परिवहन सुविधाएँ लोगों को आकर्षित कर रही हैं। शहर का लाइफस्टाइल मॉडल “वर्क-लिव-प्ले” पर आधारित है। अर्थात जहाँ रोजगार, आवास और मनोरंजन सभी निकटतम दूरी पर उपलब्ध हों।
यद्यपि नवा रायपुर तीव्र गति से विकास कर रहा है, फिर भी कुछ चुनौतियाँ विद्यमान हैं। जैसे प्रारंभिक जनसंख्या वृद्धि की धीमी दर, निजी उद्योगों की सीमित संख्या, और शहरीकरण की सामाजिक स्वीकृति। हालांकि सरकार और नगर प्रशासन इन पर निरंतर कार्य कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में मेट्रो कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रिक वाहन नेटवर्क और डिजिटल सिटी मैनेजमेंट सिस्टम जैसी परियोजनाएँ इसे विश्व-स्तरीय शहरों की श्रेणी में ला देंगी।
नवा रायपुर अटल नगर आज आधुनिक भारत के सपने का साकार रूप है एक ऐसा शहर जहाँ योजना, तकनीक, पर्यावरण और निवेश का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह केवल छत्तीसगढ़ की नई पहचान नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए एक स्मार्ट और सतत नगरीय विकास का मॉडल बन चुका है। तेज़ी से बढ़ते निवेश और उन्नत अधोसंरचना के साथ, नवा रायपुर आने वाले वर्षों में 21वीं सदी के भारत का भविष्य लिखने के लिए पूरी तरह तैयार है।
आईटी हब की स्थापना
डिजिटल युग में आईटी उद्योग सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेक्टर है। नवा रायपुर को आईटी का हब बनाने का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को रोजगार, वैश्विक कंपनियों को निवेश और राज्य को तकनीकी पहचान दिलाना है।नया रायपुर में आईटी पार्क और टेक्नोलॉजी टॉवर स्थापित किए जा रहे हैं।
नया रायपुर में स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर, रिसर्च लैब और को-वर्किंग स्पेस विकसित किए जाएँगे।ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCCs) के लिए विशेष पैकेज दिया गया है, जिससे विदेशी कंपनियाँ यहाँ निवेश कर सकें।आईटी हब से हजारों युवाओं को सीधी नौकरी मिल सकेगी।
राज्य के छात्रों को इंटर्नशिप और स्किल डेवलपमेंट के मौके मिलेंगे।आईटी सेवाओं का निर्यात बढ़ेगा, जिससे छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आईटी हब को राज्य की प्राथमिकता बताया और निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 0.2 लागू किया, जिससे अनुमोदन प्रक्रिया आसान हो गई।
2री मेगा परियोजना- टेक्स्टाइल पार्क
छत्तीसगढ़ कपास उत्पादन के लिए जाना जाता है। यहां का पारंपरिक कोसा सिल्क और वस्त्र उद्योग दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री के निर्देश पर नया रायपुर में टेक्स्टाइल पार्क की स्थापना की जा रही है।इस पार्क में स्पिनिंग, वीविंग, डाईंग, गारमेंटिंग यूनिट्स होंगी।
महिला स्व-सहायता समूहों और बुनकरों को सीधी भागीदारी मिलेगी और निर्यात प्रमोशन ज़ोन बनाया जाएगा, जिससे वस्त्रों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिले।टेक्स्टाइल पार्क से लाखों ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता मिलेगी।छत्तीसगढ़ का कोसा सिल्क वैश्विक ब्रांड बनेगा और राज्य के कपड़ा उद्योग को सीधी वैश्विक प्रतिस्पर्धा का मौका मिलेगा। साय सरकार ने विशेष सब्सिडी और कर छूट देकर इस परियोजना को और भीआकर्षक बना दिया है।
3री मेगा परियोजना -इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC)
भारत इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, लेकिन आयात पर अत्यधिक निर्भर है। नया रायपुर का EMC इस कमी को दूर करेगा।EMC परियोजना में नवा रायपुर में मोबाइल फोन, लैपटॉप, टेलीविज़न, होम अप्लायंसेज का उत्पादन होगा।R&D (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) के लिए अलग केंद्र होगा और वेस्ट मैनेजमेंट और रीसाइक्लिंग यूनिट्स भी विकसित होंगी।इस परियोजना से छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा। आयात पर निर्भरता घटेगी और निर्यात के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं के लिए टेक्निकल जॉब्स उपलब्ध होंगी।
4थी मेगा परियोजना- डिजिटल डेटा सेंटर
डिजिटल इंडिया के दौर में डेटा सबसे बड़ी पूंजी है। नया रायपुर में बनने वाला एशिया का आधुनिकतम डेटा सेंटर राज्य को तकनीकी मजबूती देगा।यह टियर-4 लेवल का डेटा सेंटर होगा।
इसमें क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी की सुविधाएँ होंगी और इसमें सरकारी और निजी दोनों तरह के डेटा का संरक्षण होगा। इस परियोजना से सरकारी सेवाएँ और अधिक पारदर्शी और डिजिटल होंगी। स्टार्टअप्स को क्लाउड सेवाएँ सस्ती दरों पर मिलेंगी और छत्तीसगढ़ भारत का डिजिटल हब बनेगा।
5वीं मेगा परियोजना- नया रायपुर रेल कनेक्टिविटी परियोजना
रेल कनेक्टिविटी किसी भी शहर के विकास की रीढ़ होती है।इस परियोजना में रायपुर से नया रायपुर तक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है।नया रायपुर को विजयवाड़ा, नागपुर और बिलासपुर से जोड़ा जाएगा। नया रायपुर में आधुनिक रेलवे स्टेशन बनेगा।इस नए मेगा परियोजना से निवेशकों, पर्यटकों और छात्रों की आवाजाही आसान होगी और नए शहर की आर्थिक गतिविधियाँ तेज़ होंगी।
6वीं मेगा परियोजना-सेमीकंडक्टर प्लांट
सेमीकंडक्टर आज हर तकनीक की नींव हैं। भारत में इनका उत्पादन बहुत कम है।लेकिन नया रायपुर में एक बड़ा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाया जाएगा।इसमें अरबों का निवेश होगा और वैश्विक कंपनियाँ साझेदारी करेंगी।यहाँ बनने वाले चिप्स का उपयोग मोबाइल, कार, लैपटॉप, रक्षा और अंतरिक्ष तकनीक में किया जाएगा।इस परियोजना से भारत की आयात पर निर्भरता लगभग ख़त्म हो जाएगी।छत्तीसगढ़ हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का हब बनेगा और लाखों उच्च शिक्षित युवाओं को रोजगार मिलेगा।
7वीं मेगा परियोजना- व्यापक वृक्षारोपण अभियान
व्यापक वृक्षारोपण अभियान के तहत ग्रीन नया रायपुर मिशन में माना जा रहा है कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण आवश्यक है। इसके लिए नवा रायपुर में 10 लाख पौधों का वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है।अर्बन फॉरेस्ट, ऑक्सीजन पार्क, बायोडायवर्सिटी कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। जिसके फलस्वरूप नया रायपुर देश का सबसे हरा-भरा स्मार्ट सिटी बनेगा।प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना किया जा सकेगा और नागरिकों को शुद्ध वातावरण और बेहतर स्वास्थ्य मिलेगा।
8वीं मेगा परियोजना- आदिवासी संग्रहालय छत्तीसगढ़ की असली पहचान उसकी आदिवासी संस्कृति और परंपरा है।
इसके लिए बनाए जा रहे आदिवासी संग्रहालयों में बस्तर, सरगुजा, जशपुर समेत सभी आदिवासी जनजातियों की कला और जीवन शैली प्रदर्शित होगी। जिसमें लाइव परफॉर्मेंस, हैंडीक्राफ्ट गैलरी, डिजिटल डिस्प्ले की सुविधा होगी। यहाँ पर्यटक छत्तीसगढ़ की आत्मा को महसूस कर सकेंगे। इस परियोजना से आदिवासी कलाकारों को वैश्विक पहचान मिलेगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
9वीं मेगा परियोजना है फिल्म सिटी योजना
इस परियोजना के तहत राजधानी के नया रायपुर में आधुनिक फिल्म सिटी बनाई जा रही है।इसमें स्टूडियो, एडिटिंग लैब, आउटडोर शूटिंग लोकेशन, साउंड सिस्टम होंगे।यह छत्तीसगढ़ फिल्म उद्योग के लिए नई क्रांति साबित होगी। इस परियोजना से बॉलीवुड और हॉलीवुड की फिल्में यहाँ शूट होंगी।हजारों कलाकारों और तकनीशियनों को रोजगार मिलेगा और छत्तीसगढ़ की संस्कृति को फिल्मों के माध्यम से पहचान मिलेगी।
10वीं मेगा परियोजना है, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सुविधाएँ
इस मेगा परियोजना में स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम,ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म, सोलर पावर ग्रिड और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम,हेल्थ और एजुकेशन हब को शामिल किया गया है। जिसके पड़ने वाले भावी प्रभाव से राज्य के नागरिकों को आसान, सुरक्षित और आधुनिक जीवनशैली मिलेगी और नया रायपुर "सस्टेनेबल और स्मार्ट सिटी" का आदर्श बनेगा।
नवा रायपुर का यह विकास सिर्फ एक शहर का विकास नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति का प्रतीक है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आईटी हब से लेकर फिल्म सिटी और सेमीकंडक्टर प्लांट से लेकर आदिवासी संग्रहालय तक—ये सभी परियोजनाएँ नया रायपुर को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने वाली हैं। छत्तीसगढ़ का नवा रायपुर आने वाले समय में न सिर्फ राजधानी नहीं बल्कि भारत के भविष्य का चेहरा बनेगा।