छत्तीसगढ़ / रायपुर
प्रदेश के किसानों को अब तक 8.35 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद वितरित
लक्ष्य का शत प्रतिशत खाद का हो चुका वितरण
रायपुर, 30 सितंबर 2025
प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए किसानों को विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का वितरण जारी है। 29 सितंबर 2025 की स्थिति में किसानों को 14 लाख 59 हजार मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका हैं, जो लक्ष्य का शत प्रतिशत है।
वितरित किए गए उर्वरक में 07 लाख 22 हजार 552 मीट्रिक टन यूरिया, 02 लाख 12 हजार 901 मीट्रिक टन डीएपी, 02 लाख 18 हजार 721 मीट्रिक टन एनपीके, 67 हजार 990 मीट्रिक टन पोटाश तथा 2 लाख 36 हजार 393 मीट्रिक टन सुपर फास्फेट का वितरण किया गया हैं।
गौरतलब है कि इस खरीफ सीजन में राज्य में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र के माध्यम से किसानों को 14.62 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद वितरण का लक्ष्य रखा गया था, जिसके विरूद्ध अब तक 16 लाख 71 हजार मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भण्डारण करा लिया गया है। भण्डारण के विरूद्ध 14 लाख 59 हजार मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। किसानों को सुगमता पूर्वक खाद का वितरण सोसायटी और निजी विक्रेताओं द्वारा किया जा रहा है। किसानों को किसी प्रकार से परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा खाद बीज वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
किसानों को 6795 करोड़ रुपए से अधिक का मिला ब्याज मुक्त ऋण
रायपुर, 30 सितम्बर 2025
चालू खरीफ सीजन में किसानों को 7 हजार 800 करोड़ रूपए ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरूद्ध 6795 करोड़ 66 लाख रुपए का ब्याज मुक्त ऋण वितरित किये जा चुके हैं। ब्याज मुक्त ऋण वितरण से 15 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित विभा्रग के अधिकारियों को निर्देशित किए हैं।
इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है, जिसके विरूद्ध खरीफ सीजन 2025 में प्रदेश में 48.35 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान, मक्का, कोदो-कुटकी सहित विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है। खेतों में निदाई-गुड़ाई सहित अंतिम दौर का कार्य तेजी के साथ जारी है।
सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर बना लखनपुर के सदानंद गुप्ता
तीन किलोवाट प्लांट से रोजाना 15 यूनिट तक बिजली उत्पादन
शासन की डबल सब्सिडी से पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का बढ़ रहा रुझान
रायपुर, 30 सितम्बर 2025
ऊर्जा संकट और महंगे बिजली बिल से निजात पाने का रास्ता अब सौर ऊर्जा से होकर गुजर रहा है। सरगुजा जिले के लखनपुर नगर पंचायत निवासी श्री सदानंद गुप्ता ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाकर यह साबित किया है कि शासन की योजना आम लोगों के जीवन को बदल रही है। इस प्लांट से रोजाना 10 से 15 यूनिट तक बिजली उत्पादन हो रहा है, जिससे घर की पूरी खपत आसानी से पूरी हो जाती है। श्री गुप्ता ने बताया कि योजना अंतर्गत उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये, कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
बिजली उपभोक्ता से ऊर्जा दाता बने सदानंद
श्री गुप्ता ने बताया कि पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत विद्युत विभाग से अनुबंध हुआ है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि उपभोक्ता केवल बिजली खर्च करने वाले नहीं रह जाते, बल्कि अतिरिक्त बिजली उत्पादन कर ऊर्जादाता बन रहे हैं। अतिरिक्त बिजली ऑन ग्रिड के माध्यम से विद्युत विभाग को रिटर्न हो जा रही है, जिसका भुगतान विद्युत विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष के अंत में किया जाएगा।
मुफ्त बिजली की ओर बढ़ते कदम
इस योजना से आम नागरिकों को बिजली बिल की समस्या से निजात मिल रही हैं और भविष्य में मुफ्त बिजली का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल उपभोक्ताओं को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रही है।
शासन की डबल सब्सिडी बनी आकर्षण का केंद्र
श्री गुप्ता ने कहा कि शासन की ओर से दी जा रही डबल सब्सिडी ने लोगों का विश्वास बढ़ाया है। पहले जहां सौर ऊर्जा को महंगा विकल्प माना जाता था, वहीं अब सब्सिडी की वजह से यह आम परिवारों की पहुंच में है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अनुदान
केन्द्र सरकार के द्वारा 1 किलोवाट प्रणाली के लिए 30 हजार रूपए और राज्य सरकार 15 हजार रूपए, 2 किलोवाट क्षमता वाले संयंत्र पर केंद्र सरकार 30 हजार और राज्य सरकार 30 हजार और 3 किलोवाट के लिए केंद्र सरकार 78 हजार रूपए और राज्य सरकार 30 हजार की सब्सिडी दी जाती है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डबल सब्सिडी जैसी सुविधा से लोगों का उत्साह बढ़ा है और अब हर कोई पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेकर बिजली उपभोक्ता से ऊर्जादाता बन सकता है।
हजारों रूपए का बिजली बिल अब नहीं चुकाना पड़ता राजीव को छत पर सोलर प्लांट लगाने से जीरों हुआ बिजली का बिल
रायपुर, 30 सितंबर 2025
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने न केवल घर-घर में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया है, बल्कि आमजन को महंगे बिजली बिल से भी राहत दिलाई है। जिले में बड़ी संख्या में लोग इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं और सौर ऊर्जा की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं।
जिले के जांजगीर शहर निवासी श्री राजीव असाटी भी उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने इस योजना का लाभ उठाकर अपने घर की छत पर 4 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम लगवाया है। पहले उन्हें हर महीने हजारों रुपये का बिजली बिल चुकाना पड़ता था, लेकिन अब उनका मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। इससे वे हर महीने अच्छी-खासी राशि की बचत कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस सिस्टम को लगवाने पर उन्हें सरकार की ओर से 78,000 रुपये की सब्सिडी भी प्राप्त हुई, जिससे लागत में काफी राहत मिली। उनका मानना है कि इस योजना से आम नागरिकों की बिजली विभाग पर निर्भरता कम हो रही है और अघोषित विद्युत कटौती जैसी समस्याओं से भी निजात मिल रही है। उनका घर अब दिन में स्वयं की उत्पन्न की गई सौर ऊर्जा से चल रहा है, जिससे वे न केवल बिजली बचा रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं।
श्री असाटी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आमजन के लिए बेहद लाभकारी है और सभी नागरिकों को इसका लाभ जरूर उठाना चाहिए। उन्होंने अपील की कि ज्यादा से ज्यादा लोग आगे आकर इस योजना का लाभ लें और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने।
शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़े उत्साहित पहाड़ी कोरवा बच्चों ने कलेक्टर से की मुलाकात
कलेक्टर ने पाठ्य सामग्री देकर बच्चों को किया प्रोत्साहित
रायपुर, 30 सितम्बर 2025

शिक्षा से वंचित बच्चों की पहचान कर शिक्षा के माध्यम से उन्हंव सशक्त बनाने के लिए शिक्षा का उपयोग कर पढ़ना-लिखना, स्वास्थ्य जागरूकता और जीवन कौशल सीख सकें। ज्ञान से लैस, ये बच्चे अब स्कूल जा सकते हैं और अपना भविष्य बेहतर बना सकते हैं। सरगुता जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर, शाला त्यागी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है, जिससे बच्चे स्कूल वापस जा रहे हैं और नए कौशल सीख रहे हैं।
शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा में वापस लाने की दिशा में जिले में जिला प्रशासन सरगुजा की पहल सफल हो रही है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग ने विकासखंड स्तरीय समिति का गठन किया है। आज जिले के मैनपाट विकासखंड क्षेत्र के 9 पहाड़ी कोरवा बच्चों ने कलेक्टर से मुलाकात की। इस अवसर पर कलेक्टर ने बच्चों को स्कूल बैग, पेन, कॉपी और किताबें देकर बच्चों को पढ़ाई के महत्व को समझाया और उन्हे उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कलेक्टर ने बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करते हुए उन्हें नियमित रूप से स्कूल जाने और शिक्षा को अपने जीवन में सफलता की सीढ़ी के रूप में अपनाने को कहा।
गौरतलब है कि कलेक्टर ने सुदूर क्षेत्र के भ्रमण के दौरान जंगल में खेल रहे बच्चों से बातचीत कर जाना कि वे स्कूल नहीं जाते। इसके बाद उन्होंने शिक्षा विभाग को इस क्षेत्र में सर्वे करने के निर्देश दिए। सर्वे में 10 से 12 वर्ष की उम्र के 9 बच्चे शिक्षा से वंचित पाए गए थे, जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा के अधिकार से वंचित हर बच्चे को मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सिंगीबहार-अबीरा मार्ग सुदृढ़ीकरण कार्य स्वीकृति
झारखंड और ओडिशा को जोड़ने वाली यह सड़क आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर मिली स्वीकृति
रायपुर । ग्रामीण क्षेत्रों में असंबद्ध बस्तियों को बारहमासी सड़क संपर्क प्रदान करना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल सके। योजना अंतर्गत विकासखण्ड फरसाबहार में सिंगीबहार से अबीरा 5.60 किमी तक सड़क का सुदृढ़ीकरण, नवीनीकरण कार्य स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की निर्देश पर इस सड़क के सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए 3 करोड़ 38 लाख 60 हजार रुपए की स्वीकृति दी गई थी।
यह मार्ग छत्तीसगढ़ से झारखण्ड एवं ओड़िसा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क बन गई है। सड़क की महत्ता को देखते हुए और लोगों की आवागमन की सुविधा के लिए दो राज्य को जोड़ने वाली इस सड़क पर यातायात का अत्यधिक दबाव रहता है। व्यापार और आवागम की दृष्टिकोण से भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। एक तरह से यह मार्ग अर्थव्यवस्था की धूरी भी है।
अधोसंरचना विकास को मिल रही गति, बिछ रहा सड़कों का जाल
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में अधोसंरचना विकास के तहत सड़कों का जाल बिछाने के साथ ही उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। इन प्रयासों से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है, बल्कि शहरी इलाकों को भी सुगम यातायात सुविधा मिलेगी। इससे विद्यार्थियों, मरीजों, आम नागरिकों, व्यापारियों, ग्रामीणों सहित सभी वर्गों को लाभ होगा। इसके साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी इन क्षेत्रों तक आसान पहुँच सुनिश्चित करने हेतु सड़कों सहित अन्य अधोसंरचना विकास के कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की मंशा है कि आने वाले समय में जशपुर जिला मजबूत सड़क नेटवर्क और आधुनिक यातायात सुविधाओं का आदर्श मॉडल बनकर उभरे, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था और विकास को निरंतर गति मिलती रहे।
कंजी और लोकल नाला पर सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 5.56 करोड़ रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जांजगीर-चांपा जिले की दो सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 5 करोड़ 56 लाख 99 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। विकासखण्ड जैजेपुर के अंतर्गत लोकल नाला पर जुनवानी स्टापडेम सह रपटा निर्माण कार्य के लिए दो करोड़ 7 लाख 32 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण हो जाने पर निस्तारी, भू-जल संवर्धन के साथ ही 50 हेक्टेयर क्षेत्र में कृषकों द्वारा स्वयं के साधन से सिंचाई की जा सकेगी। विकासखण्ड पामगढ़ के अंतर्गत कंजी नाला में भवतरा एनीकट कम काजवे का निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 49 लाख 67 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना से निस्तारी भू-जल सवर्धन के साथ ही 35 हेक्टेयर खरीफ एवं 53 हेक्टेयर रबी कुल 88 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों द्वारा स्वयं के साधन से सिंचाई किया जाना प्रस्तावित है। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजनाओं के कार्यों को पूर्ण कराना मुख्य अभियंता मिनीमाता (हसदेव) बांगो परियोजना जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
नक्सल प्रभावित अचकट गांव में हर घर पहुंचा पीने का शुद्ध पानी
रायपुर । नक्सलवाद को खत्म कर सुकमा जिले में आधारभूत सुविधाओं को तेजी से विकसित करने की नियद नेल्लानार योजना का असर अब अचकट गांव में भी दिख रहा हैं। सुकमा के नक्सल प्रभावित ईलाके के अचकट गांव के हर घर में अब पीने के शुद्ध पानी के लिए नल लग गए हैं। घरों में लगे नलों में पानी आ जाने से अब ग्रामवासियों की पानी की पुरानी समस्या का समाधान हो गया हैं। अचकट गांव नक्सल प्रभावित कोंटा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कामाराम का आश्रित ग्राम हैं।
जिला मुख्यालय से लगभग 95 किलोमीटर दूर बसे इस गांव के लोगों को अब तक हैंडपंप और कुएं के पानी पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मी के मौसम में पानी की भारी किल्लत का सामना करना ग्रामीणों के लिए आम समस्या थी। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए जिला प्रशासन ने 2 सोलर टैंक और 38 स्टैंड पोस्ट की स्थापना कर गांव में रहने वाले लगभग 120 ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए गए कार्य से अचकट गांव के प्रत्येक परिवार को सीधे घर पर ही पीने का शुद्ध पानी मिल रहा है। ग्रामीणों ने भी इस योजना पर प्रसन्नता जाहिर की। ग्रामीण श्रीमती सुकमती सोड़ी ने कहा कि पहले हमें दूर से पानी लाना पड़ता था, जिससे कई बार स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो जाती थीं। अब घर में नल कनेक्शन लगने से हमें स्वच्छ पानी मिल रहा है। इसके लिए हम मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के बहुत आभारी हैं।
इसी तरह श्री सोड़ी मुकेश, श्री विजय सोड़ी और श्री गणेश सोड़ी ने भी इस योजना की सराहना करते हुए इसे अपने जीवन स्तर में बड़ा सुधार बताया।
’छत्तीसगढ़ के नवनियुक्त मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कार्यभार संभाला’
साधु के भेष में आए ठगों ने महिला डॉक्टर को हिप्नोटाइज कर 9 हजार रुपये उड़ाए
रायपुर । राजधानी में ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। ताजा मामला बेहद चौंकाने वाला है, जिसमें साधु बने दो अज्ञात ठगों ने एक महिला डॉक्टर को हिप्नोटाइज कर 9 हजार रुपये ठगे और फरार हो गए।
क्लिनिक में घुसे साधु
मामला शंकर नगर स्थित सुधा सूरज फर्टिलिटी केयर क्लिनिक का है। पीड़िता डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि 26 सितंबर दोपहर करीब 3 बजे वह अपने स्टाफ के साथ क्लिनिक में बैठी थी। तभी साधु के भेष में दो व्यक्ति खिड़की से झांकते हुए अंदर आए। स्टाफ ने उन्हें पैसे देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद दोनों ने इलाज का बहाना बनाकर महिला डॉक्टर से बातचीत शुरू की।
हिप्नोटाइज कर निकलवाए रुपये
बातचीत के दौरान ठगों ने डॉक्टर से निजी जानकारी ली और धीरे-धीरे उसे अपने प्रभाव में ले लिया। हिप्नोटाइज करने के बाद महिला डॉक्टर से परमजीत नामक यूपीआई अकाउंट में 9 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जाते समय आरोपी कुछ तस्वीरें और सामान भी वहीं छोड़ गए।
सामान्य होने पर खुला राज
डॉक्टर जब सामान्य हुईं तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने क्लिनिक में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल लिए हैं और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
राजधानी में बढ़ी ठगी की वारदातें
हाल के दिनों में रायपुर में साइबर ठगी से लेकर नकली डिलीवरी तक के मामले बढ़े हैं, लेकिन हिप्नोटाइज कर ठगी करने का यह अनोखा मामला पुलिस के लिए नई चुनौती बन गया है।
भूपेश का ED पर हमला: कहा- 'पूरी तरह गुंडागर्दी पर उतर आई एजेंसी'...
रायपुर । छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एजेंसी अब “पूरी तरह गुंडागर्दी” पर उतर आई है और व्यापारी वर्ग को निशाना बना रही है।
सोशल मीडिया पर साझा किया वीडियो
बघेल ने अपने X (ट्विटर) अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि छत्तीसगढ़ के कई व्यापारियों को ED की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें दबाव डालकर जबरन नाम लेने को कहा जा रहा है।
लगाए गए आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने आरोपों में कहा कि ED पहले व्यापारियों के घर और दफ्तरों पर छापे मार रही है और फिर उन्हें पूछताछ के नाम पर बुला रही है। पूछताछ के दौरान अधिकारियों द्वारा व्यापारियों को रॉड से पीटा जाता है और उनसे उनका नाम, रामगोपाल अग्रवाल व अन्य नेताओं के नाम लेने का दबाव बनाया जाता है। कई व्यापारियों को बेहोशी की हालत में छोड़ दिया जाता है। जब वे पुलिस से शिकायत करने जाते हैं तो न तो अपराध दर्ज किया जाता है और न ही मेडिकल परीक्षण कराया जाता है। निजी अस्पताल इलाज तो कर रहे हैं, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट देने से बच रहे हैं।
व्यापारी की पिटाई का दावा
भूपेश बघेल ने उदाहरण देते हुए कहा कि, “कल रात हेमंत चंद्राकर नाम के एक व्यापारी को ED के एक अधिकारी ने पूछताछ के बहाने बुलाकर बेरहमी से पीटा और गालियां दीं।”
प्रशासन को दी चेतावनी
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि “कानून के अनुसार काम न करने वालों के नाम जनता याद रखेगी।”
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्राम कुरूवा में सामुदायिक भवन का किया लोकार्पण
रायपुर, 30 सितम्बर 2025

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज कबीरधाम जिले के ग्राम कुरूवा में पहुंचे और यहाँ नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। ग्रामीणों ने उनका हार्दिक स्वागत कर उपमुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं, शिकायतों और मांगों को विस्तार से सुना। श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना है और इसके लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए गए। उन्होंने ग्रामीणों की सभी समस्याओं का नियमानुसार प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीणजनों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार गाँव, गरीब, किसान और आम जनता के जीवन स्तर को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नया सामुदायिक भवन ग्रामीणों के सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण केन्द्र बनेगा और यह गाँव में बैठकों, कार्यक्रमों और सामूहिक गतिविधियों के लिए उपयोगी होगा।
श्री शर्मा ने आगे कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाएँ अब सीधे गाँव-गाँव तक पहुँच रही हैं, और शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, पेयजल, कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कबीरधाम जिले के हर गाँव को योजनाओं का लाभ मिलेगा और ग्रामीणों का जीवन स्तर और बेहतर होगा।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन के पदाधिकारी, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
सुधा ओपन स्कूल में मनाया गया 'अंतर्राष्ट्रीय खाद्य हानि और अपशिष्ट जागरूकता दिवस'
रायपुर । सुधा ओपन स्कूल में 29 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय खाद्य हानि और अपशिष्ट जागरूकता दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती ईशा शुक्ला (सैफायर ग्रीन) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
बच्चों की रैली और नारे
स्कूल के बच्चों ने "खाद्य अपशिष्ट" को लेकर जागरूकता रैली निकाली। सभी बच्चों ने विशेष सैश पहन रखी थी, जिस पर लिखा था— "खाद्य हानि और अपशिष्ट जागरूकता (सुधा सोसाइटी द्वारा)"।
बच्चों के हाथों में लिखे प्लेकार्ड्स पर संदेश थे: अन्न की बर्बादी रोकें, भविष्य को सुरक्षित करें, भोजन का सम्मान करें, बर्बादी न करें, आज का बचाव, कल का भविष्य।
मुख्य अतिथि का संबोधन
श्रीमती ईशा शुक्ला ने बच्चों को खाद्य हानि और अपशिष्ट के खतरों के बारे में बताया और भोजन का सम्मान करने का संदेश दिया। ग्रामीणों ने भी इस पहल को सराहा और इसे समाज की खाद्य सुरक्षा के लिए सराहनीय कदम बताया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और सम्मान
कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्वागत गीत प्रस्तुत किए। स्कूल के चेयरमैन श्री जी.के. भटनागर ने कार्यक्रम का संचालन किया और मुख्य अतिथि को पौधा (पॉटेड प्लांट) भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम की सफलता में मिस भारती मरावी और मिस खुशी यादव का विशेष योगदान रहा। अंत में सभी बच्चों को सोसाइटी की ओर से जलपान कराया गया।
भारत में खाद्य अपशिष्ट की स्थिति
चेयरमैन जी.के. भटनागर ने भारत में खाद्य अपशिष्ट के हालात पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि हर साल 68.7 से 78.2 मिलियन टन खाद्य अपशिष्ट उत्पन्न होता है। यह औसतन 35.5 मिलियन किलोग्राम प्रतिदिन है। प्रति व्यक्ति अपशिष्ट 55 किलोग्राम प्रतिवर्ष है (यूएन फूड वेस्ट इंडेक्स रिपोर्ट 2024)।
इसके कारण हैं अधिक खरीदारी, खराब भोजन योजना, सीमित भंडारण और सांस्कृतिक रूप से जरूरत से ज्यादा भोजन पकाना।
महत्व:
खाद्य असुरक्षा और भूख: लाखों लोग भूखे रहते हैं जबकि भोजन बर्बाद होता है।
पर्यावरणीय प्रभाव: खाद्य अपशिष्ट जलवायु परिवर्तन को बढ़ावा देता है।
आर्थिक नुकसान: यह देश की अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाता है।
वैश्विक संदर्भ:
भारत घरेलू खाद्य अपशिष्ट में दुनिया में दूसरे स्थान पर है, हालांकि प्रति व्यक्ति अपशिष्ट कई विकसित देशों से कम है।
दोपहर बाद राजधानी में जमकर बरसे बादल
रायपुर । राजधानी रायपुर में सोमवार को दोपहर बाद मौसम का मिजाज अचानक बदला और काले बादलों के साथ जमकर बारिश हुई। करीब एक घंटे तक हुई तेज बरसात से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मौसम का अचानक बदला रुख
सुबह से ही उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों ने दोपहर बाद बारिश के साथ राहत की सांस ली। अचानक हुई बरसात ने तापमान में गिरावट दर्ज कराई।
मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से सक्रिय सिस्टम के चलते प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदला-बदला रहेगा।
बिहार चुनाव: छत्तीसगढ़ के 13 अफसर बने ऑब्ज़र्वर, 3 अक्टूबर को दिल्ली में ब्रीफिंग
रायपुर । भारत निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ के 13 वरिष्ठ अफसरों को आगामी बिहार विधानसभा आम चुनाव और उपचुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक (ऑब्ज़र्वर) नियुक्त किया है। इनमें 11 आईएएस और 2 आईपीएस अधिकारी शामिल हैं।
ये अफसर बनाए गए ऑब्ज़र्वर
आईएएस अधिकारी: अब्दुल कैसर हक, शम्मी आबिदी, भीम सिंह, शिखा राजपूत तिवारी, धर्मेश साहू, पीएस एल्मा, सारांश मित्तर, पुष्पेंद्र मीणा, तारण प्रकाश सिन्हा, विनीत नंदनवार और रितुराज रघुवंशी।
आईपीएस अधिकारी: डीआईजी डी. रविशंकर और गिरजा शंकर जायसवाल।
सभी अधिकारियों को 3 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाली चुनाव आयोग की ब्रीफिंग में अनिवार्य रूप से शामिल होना होगा।
चुनाव आयोग का सख्त निर्देश
भारत निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि सभी अफसरों को निर्धारित ब्रीफिंग मीटिंग में उपस्थित होना अनिवार्य है। किसी भी अधिकारी की अनधिकृत अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा और उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। सभी अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर उचित स्वीकृति के साथ सूचना भेजनी होगी और आयोग को लिखित पुष्टि रिपोर्ट देनी होगी।
मध्यप्रदेश के अफसर भी नियुक्त
गौरतलब है कि दो दिन पहले ही आयोग ने मध्यप्रदेश के 25 अफसरों को बिहार चुनाव के लिए ऑब्ज़र्वर बनाने का आदेश जारी किया था।
प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर, तुलसीराम के जीवन में लौटी खुशहाली
पीएम आवास पाकर भावुक हुए तुलसीराम, कहा बच्चों को मिला सुरक्षित छत, चिंता हुई दूर
रायपुर 30 सितंबर 2025
मोहला–मानपुर–अंबागढ़–चौकी जिले के विकासखंड मानपुर के ग्राम दोरबा निवासी श्री तुलसीराम पिता दसरूराम, जो वर्षों से मिट्टी के कच्चे घर में विषम परिस्थितियों में जीवन बिता रहे थे। लेकिन आज प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत मिले पक्के घर में आत्मसम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन बिता रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंध रखने वाले तुलसीराम रोजी-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनका पुराना मकान से बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था। मकान जर्जर होने के कारण हर मौसम उनके लिए एक नई चुनौती लेकर आता था।
वर्ष 2024-25 की ग्राम सभा उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर आई। जब उन्हें यह बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत उनके नाम से आवास स्वीकृत हुआ है, तो श्री तुलसीराम भावुक हो गए, मानो वर्षों का इंतजार अचानक पूरा हो गया। ग्राम पंचायत के सहयोग से आवास निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई, और आज वे अपने पक्के, मजबूत और सुंदर घर में अपने परिवार के साथ संतोष और सुकून के साथ रह रहे हैं। उनका चेहरा आत्मविश्वास से भरा हुआ है और आंखों में एक नई चमक है। श्री तुलसीराम ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा प्रधानमंत्री आवास योजना मेरे लिए केवल एक योजना नहीं, बल्कि मेरी जिंदगी की एक नई शुरुआत है। अब मेरे बच्चों के लिए सिर छुपाने के लिए एक सुरक्षित छत है, और मुझे अपने भविष्य की चिंता नहीं हैं।
बिज़ली बिल की चिंता से मिली मुक्ति- सोमनाथ राकेश
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से हितग्राही सोमनाथ राकेश को मिलाअनुदान
रायपुर, 30 सितम्बर 2025
सोलर प्लांट लगाने से पहले हर महीने भारी-भरकम बिजली बिल आती थी जिससे मेरी चिंता बढ़ जाती, लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। अगस्त माह में मेरे प्लांट ने 330 यूनिट बिजली का उत्पादन किया, जबकि घर में खपत लगभग 150 यूनिट है। यानी करीब 180 यूनिट बिजली की बचत हुई। हितग्राही सोमनाथ राकेश अब ‘शून्य बिल’ की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। वे कहते हैं कि सूरज की रोशनी अब हमारे लिए केवल उजाला नहीं, बल्कि बचत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गई है। पहले हर महीने भारी बिल का डर रहता था, अब हर महीने राहत मिल रही है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के नगर पंचायत बिलाईगढ़ निवासी सोमनाथ राकेश आज ऊर्जा आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुके हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। उनके घर की छत पर स्थापित 3 किलोवॉट क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट न केवल उनके बिजली खर्च को कम कर रहा है, बल्कि यह योजना आम परिवारों के लिए भी एक गेम-चेंजर साबित हो रही है।
सब्सिडी बनी बड़ी सहारा
3 किलोवॉट क्षमता वाला यह सोलर प्लांट प्रति माह औसतन 330 यूनिट बिजली उत्पादन करने में सक्षम है। योजना को आम जनता तक पहुँचाने में केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी ने अहम भूमिका निभाई है।सोमनाथ राकेश को प्लांट पर केंद्र से 78 हज़ार रुपए और राज्य से 30 हजार रुपए, कुल एक लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई।
आवेदन प्रक्रिया बेहद सरल
सोमनाथ राकेश ने कहा कि पीएम सूर्यघर योजना का लाभ उठाने की प्रक्रिया भी बेहद सरल और पारदर्शी है। इच्छुक आवेदक स्वयं पीएम सूर्यघर डॉट जीओवी डॉट इनpmsuryaghar.gov.inपर या पीएम सूर्यघर मोबाइल ऐप, मोर बिजली ऐप अथवा टोल फ्री नंबर 1912 के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि यह योजना केवल बिजली बिल में राहत देने तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक बचत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को एक साथ साधती है। छत पर लगाया गया छोटा सा सोलर प्लांट भी जिंदगी में बड़ी बचत और ऊर्जा की आजादी ला सकता है।