छत्तीसगढ़ / रायपुर
रायपुर : जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शामिल हुए कृषि मंत्री श्री नेताम
उत्कृष्ट शिक्षकों को किया सम्मानित
रायपुर, 07 सितंबर 2025 रजत जयंती वर्ष एवं शिक्षक दिवस के अवसर पर बलरामपुर मुख्यालय के बाजारपारा स्थित ऑडिटोरियम भवन में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उपस्थित शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। इस मौके पर मंत्री श्री नेताम ने उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया।
कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने सरस्वती मां छत्तीसगढ़ महतारी एवं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरूआत की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव ,अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर रमनलाल, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर उपस्थित थी।
कृषि मंत्री श्री नेताम ने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 5 सितम्बर का दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति और प्रख्यात शिक्षक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में विशेष महत्व रखता है। डॉ. राधाकृष्णन के जीवन और विचारों ने शिक्षा को नई दिशा दी है। उनकी इच्छा के अनुरूप ही उनके जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि हमारे जीवन में गुरुजनों का स्थान सर्वाेपरि है। जिस प्रकार कुम्हार मिट्टी को तराशकर सुंदर घड़ा बनाता है उसी प्रकार शिक्षक भी अपने विद्यार्थियों को ज्ञान और संस्कारों से गढ़कर जीवन, समाज और देश निर्माण की दिशा में योगदान देते हैं।
’ज्ञानदीप पुरस्कार अंतर्गत 3 एवं शिक्षादूत पुरस्कार से 18 शिक्षक हुए सम्मानित’
कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री नेताम ने शिक्षक सम्मान समारोह में ज्ञानदीप पुरस्कार 2025-26 के लिए 03 शिक्षक एवं शिक्षादूत पुरस्कार 2025-26 के लिए 18 शिक्षकों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय श्रेणी में सम्मानित किया गया। जिसके अंतर्गत विकासखण्ड वाड्रफनगर अंतर्गत माध्यमिक शाला महुआरीपारा के शिक्षिका श्रीमती शैलजा तिवारी को प्रथम, विकासखण्ड बलरामपुर अंतर्गत माध्यमिक शाला सोनहरा के प्रधानपाठक श्री केदारनाथधर दुबे को द्वितीय, विकासखण्ड राजपुर अंतर्गत माध्यमिक शाला अलखडीहा के प्रधान पाठक श्रीमती अपोलिना लकड़ा को तृतीय श्रेणी में सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार शिक्षादूत पुरस्कार 2025-26 के लिए विकासखण्ड रामचन्द्रपुर अंतर्गत प्राथमिक शाला तेवरदहा के सहायक शिक्षिका श्रीमती प्रिया गुप्ता को प्रथम, प्राथमिक शाला लोधा के प्रधान पाठक श्री सुन्दर राम को द्वितीय, प्राथमिक शाला कंचन नगर के सहायक शिक्षिका श्रीमती माला तिवारी को तृतीय, विकासखण्ड वाड्रफनगर अंतर्गत प्राथमिका शाला हरिगवां प्रधान पाठक श्री संजय कुमार पाण्डेय को प्रथम, प्राथमिक शाला बगईनार के प्रधान पाठक श्री श्याम सुन्दर सेन को द्वितीय, प्राथमिक शाला गढ़ईपारा के सहायक शिक्षक श्री जयराम सिंह नेताम को तृतीय, विकासखण्ड बलरामपुर अंतर्गत प्राथमिक शाला खड़ियापारा के सहायक शिक्षक श्री रामप्रसाद राकेश को प्रथम, प्राथमिक शाला बाजारपारा के सहायक शिक्षिका श्रीमती सोनिया गुप्ता को द्वितीय, प्राथमिक शाला जामटांड़ के सहायक शिक्षिका श्रीमती सुचिष्मिता सिंह को तृतीय, विकासखण्ड राजपुर अंतर्गत प्राथमिक शाला सिधमा के सहायक शिक्षिका श्रीमती अश्विनी यादव को प्रथम, प्राथमिक शाला किरीकक्षार के प्रधान पाठक श्री दिलीप किशोर एक्का को द्वितीय, प्राथमिक शाला पटेलपारा के प्रधान पाठक श्रीमती मेरी प्रभा टोप्पो को तृतीय, विकासखण्ड कुसमी अंतर्गत प्राथमिक शाला कटईडीह के प्रधान पाठक श्री महादेव नगेसिया को प्रथम, नवीन प्राथमिक शाला कुम्हारपारा के प्रधान पाठक श्रीमती निशा पाण्डेय को द्वितीय, प्रथमिक शाला तावरपानी के सहायक शिक्षक श्री सुरेन्द्र कुमार माझी को तृतीय तथा विकासखण्ड शंकरगढ़ अंतर्गत पहाड़ी कोरवा आश्रम शाला बेलकोना के सहायक शिक्षिका श्रीमती वंदना सोनी को प्रथम, प्राथमिक शाला रेहड़ा के सहायक शिक्षिका श्रीमती सुनीता बाई को द्वितीय, प्राथमिक शाला जमड़ी सहायक अध्यापिका श्रीमती सीमा कश्यप को तृतीय श्रेणी में सम्मानित किया गया।
प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है: कृषि मंत्री श्री नेताम
आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत बलरामपुर जिले के 421 जनजातीय बाहुल्य ग्राम होंगे लाभान्वित
रायपुर, 07 सितम्बर 2025 आदि कर्मयोगी अभियान के तहत लाइवलीहुड कॉलेज भेलवाडीह में चल रहे डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब प्रशिक्षण में शुक्रवार को कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम शामिल हुए। कृषि मंत्री श्री नेताम ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का विजन वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। इस दिशा में सबका साथ, सबका विकास की भावना के साथ सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर विभिन्न विकास योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि इस विज़न को साकार करने के लिए जिलों और ब्लॉकों में निवासरत जनजातीय समुदायों को आगे बढ़ाना अनिवार्य है। इसी उद्देश्य से भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष ग्राम अभियान की शुरुआत की गई, जिसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया गया। उसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए आदि कर्मयोगी अभियान की शुरुआत की गई है। मंत्री ने बताया कि अभियान की शुरुआत प्रदेश स्तर से हुई, जहाँ चयनित प्रतिनिधियों को भोपाल में प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद जिला स्तर पर मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया गया और अब यह प्रक्रिया ग्राम स्तर तक पहुँच रही है। प्रशिक्षित ब्लॉक मास्टर ट्रेनर ग्राम पंचायत स्तर पर आदि सहयोगी एवं आदि साथी को ग्राम विकास की रूपरेखा तैयार करने के लिए प्रशिक्षित करेंगे।
उन्होंने कहा कि तीन स्तर का कैडर इस अभियान की आधारशिला है। इसके माध्यम से न केवल योजनाओं की सतत निगरानी होगी, बल्कि ग्राम स्तर पर उनका सही क्रियान्वयन भी सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि सभी की सहभागिता से यह अभियान पूरी तरह सफल होगा। मंत्री श्री नेताम ने चयनित सभी ब्लॉक मास्टर ट्रेनर्स को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा ने अभियान की संक्षिप्त जानकारी देजे हुए बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान वास्तव में जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का एक परिवर्तनकारी प्रयास है। उन्होंने बताया कि इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत इसका त्रिस्तरीय कैडर है। पहले स्तर पर आदि कर्मयोगी हैं, जिनमें विभिन्न विभागों के सरकारी अधिकारी शामिल हैं। दूसरे स्तर पर आदि सहयोगी रखे गए हैं, जो युवा नेता, शिक्षक, डॉक्टर और सामाजिक कार्यकर्ता जैसे जागरूक और सक्रिय लोग होंगे। तीसरे स्तर पर आदि साथी होंगे, जिनमें आदिवासी नेता और स्वयं सहायता समूह के सदस्य शामिल हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज, उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव, जनपद अध्यक्ष सुश्री सुमित्रा चेरवा, अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर और जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंत्री श्री नेताम ने स्वेच्छानुदान अंतर्गत 3 लाभार्थियों को 5 लाख 50 हजार रुपये की राशि का चेक भी प्रदान किया।
युक्ति युक्तकरण से प्राथमिक शाला के विद्यार्थियों को मिली नियमित शिक्षिका
एकलशिक्षकीय विद्यालय में शिक्षिका के पदस्थ होने से अब समय पर होती है पढ़ाई
रायपुर, 07 सितंबर 2025
लम्बे समय से एकलशिक्षकीय की बाट जोह रहे पाली ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम परसदा के प्राथमिक शाला लाइन पारा के विद्यार्थियों को नई शिक्षिका मिल गई है। पहले एकमात्र शिक्षक होने से पढ़ाई पूरी नहीं कर पाने वाले विद्यार्थी अब नई मैडम के परमानेंट आ जाने से खुश है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशा निर्देशन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षको के युक्ति युक्तकरण की प्रकिया अपनाई गई। युक्ति युक्तकरण की इस प्रक्रिया से जिले के सैकड़ों विद्यालयों के विद्यार्थियों को लाभ पहुंचा हैं। खासकर शिक्षकविहीन और एकलशिक्षकीय वाले विद्यालयों में अतिशेष शिक्षको के समायोजन से शिक्षा की राह आसान हो गई है। जिले के अनेक दूरस्थ विद्यालय में युक्ति युक्तकरण से शिक्षक पदस्थ किए गए हैं। ऐसे ही पाली ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत परसदा के लाइनपारा में संचालित प्राथमिक शाला में 34 विद्यार्थी है। यहाँ प्रधानपाठक के रूप में श्री नोहर प्रसाद साहू है। उन्होंने बताया कि विद्यालय एकलशिक्षकीय था। युक्ति युक्तकरण से इस विद्यालय को एक नियमित शिक्षिका मिली है। शिक्षिका के आने से विद्यार्थियों के लिए भी बढ़िया हो गया है। युक्ति युक्तकरण से लाइन पारा के विद्यालय में पदस्थ शिक्षिका श्रीमती नेमी जायसवाल का कहना है कि वह मूल रूप से पाली ब्लॉक के अन्य स्कूल में पदस्थ थी। अब नई पदस्थापना के बाद रेगुलर इस विद्यालय में पढ़ाई कराने आ रही है। उन्होंने बताया कि उन्होंने जून में ही नियमित शिक्षिका के रूप में यहाँ जॉइन कर लिया था। वह कक्षा एक से तीन तक नियमित क्लास लेती है। इस विद्यालय में पढ़ाई करने वाली कक्षा चौथी की छात्रा मानसी, पायल और पहली की पुनिशा ने बताया कि मैडम हमें रेगुलर पढ़ाती है।
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह पर सुधा सोसाइटी फाउंडेशन का जागरूकता कार्यक्रम
स्कूली बच्चों ने समझा संतुलित आहार तथा स्वस्थ जीवनशैली का महत्व
रायपुर। राष्ट्रीय पोषण सप्ताह (1 से 7 सितंबर) के अवसर पर सुधा सोसाइटी फाउंडेशन ने 7 सितंबर को सुधा ओपन स्कूल, अमासेओनी में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने भाग लिया और संतुलित आहार तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को समझा।
कार्यक्रम में फाउंडेशन के चेयरमैन जीके भटनागर, सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती सुनीता चौधरी, स्वयंसेवक श्रीमती रीमा आचार्य, शिक्षिका श्रीमती भारती और मिस खुशी यादव उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को पोषण की आवश्यकता और कुपोषण से बचाव पर विस्तार से जानकारी दी।
सत्र के दौरान बच्चों को अंकुरित मूंग, बिस्किट, गुड़, चना और केला जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ वितरित किए गए। यह व्यवस्था सुधा सोसाइटी फाउंडेशन द्वारा सुनीता चौधरी, प्राची अग्रवाल और मौसम अग्रवाल के सहयोग से की गई। बच्चों ने इनका आनंद लिया और स्वस्थ भोजन अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में बच्चों को खासतौर पर फास्ट फूड से परहेज करने और संतुलित आहार अपनाने की सलाह दी गई।
सुधा सोसाइटी फाउंडेशन का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में पोषण और स्वस्थ जीवनशैली की अहमियत को उजागर करना है, ताकि आने वाली पीढ़ी स्वस्थ और मजबूत बन सके।
सकल जैन समाज ने 84 लाख जीवायोनि से की क्षमायाचना
रायपुर । जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी, भैरव सोसायटी में श्वेतांबर दिगम्बर परम्परा के पर्युषण पर्व पश्चात सकल जैन समाज ने 84 लाख जीवायोनि से मन वचन काया से क्षमायाचना की व सभी जीवों को क्षमा प्रदान की। सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर ने बताया कि चारों दादागुरुदेव ने जिनमार्ग में क्षमा को श्रेष्ठ धर्म बताया है। क्षमा मांगना व क्षमा प्रदान करना वीरों का कार्य है और महावीर स्वामी के अनुयायी ही यह कार्य करते हैं।
जैन दादाबाड़ी में सैकड़ों भक्तों की उपस्थिति में दादागुरुदेव का जयकारा लगाते हुए बड़ी पूजा का आगाज स्थापना के मंत्रों के साथ किया स्थापना नारियल चावल एवं द्रव्य के समर्पण मंत्र के साथ की गई। सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के महासचिव महेन्द्र कोचर ने बताया कि स्थापना के पश्चात ,बड़ी पूजा का प्रारंभ संगीतमय चोपाई दोहों के साथ सुप्रसिद्ध भजन गायिका मंजू कोठारी ने किया। इसी प्रकार बड़ी पुजा के आठ विधान क्रमश सुप्रसिद्ध गायक वर्धमान चोपड़ा निर्मल पारख , श्रीमती पूनम चोपड़ा द्वारा संगीतमय प्रस्तुतियो एवम भजनों से लगातार 4 घंटे तक मंदिर व दादाबाड़ी प्रांगण में भक्ति रस की गंगा प्रवाहित होती रही।
इस प्रकार अष्ठ प्रकारी पूजा क्रमश, जल,चंदन,पुष्प, धूप, दीप , चावल, नेवेध्य, फल, का दादा गुरुदेव की मूर्ति के सम्मुख समर्पण लाभार्थी परिवारों द्वारा किया गया ,तत्पश्चात , वस्त्र पूजा एवम अंतिम विधान ध्वजपूजन में महिलाओं द्वारा सिर में चांदी की 11 ध्वजा को रखकर कलात्मक मार्बल की छतरी की तीन फेरी देकर शिखर पर ध्वजा विराजमान की गई पूजा का समापन आरती एवम मंगल दीपक के साथ संपन्न हुआ ।
रायपुर में 1 नवंबर से लागू होगी पुलिस कमिश्नर प्रणाली...
बढ़ेंगे IPS अफसरों के अधिकार और जिम्मेदारियां
रायपुर, 7 सितंबर 2025 । राज्योत्सव के दिन यानी 1 नवंबर से राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने जा रही है। गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। देशभर में मौजूद मॉडल्स का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ में बेहतर और प्रभावी ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, ओडिशा की पुलिस कमिश्नर प्रणाली को सबसे बेहतरीन मानते हुए उसी तर्ज पर रायपुर में सिस्टम लागू करने की कोशिश की जा रही है।
क्यों जरूरी समझा गया सिस्टम?
राजधानी रायपुर में लगातार बढ़ते अपराधों को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कैबिनेट ने इस व्यवस्था को मंजूरी दी थी। प्रयास यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगर राज्योत्सव के मौके पर रायपुर आएं तो उनके हाथों इस बड़े सुधार का शुभारंभ हो।
रायपुर में अब 7 IPS संभालेंगे कमान
अभी रायपुर में केवल आईजी और एसएसपी लॉ एंड ऑर्डर देखते हैं। पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 7 IPS अफसरों तक पहुंच जाएगी। इसके अलावा राज्य पुलिस सेवा के दर्जनभर अफसरों की भी पोस्टिंग अपराध नियंत्रण के लिए की जाएगी।
पद संरचना ऐसी होगी
पुलिस कमिश्नर (सीपी) – आमतौर पर एडीजी रैंक का अधिकारी
संयुक्त आयुक्त (ज्वाइंट सीपी) – आईजी रैंक
अपर आयुक्त (एडिशनल सीपी) – डीआईजी रैंक
डिप्टी कमिश्नर (डीसीपी) – एसपी/एसएसपी रैंक
सहायक आयुक्त (एसीपी) – एडिशनल एसपी/डीएसपी रैंक
क्या बदल जाएगा?
पुलिस कमिश्नर को दंडाधिकारी पावर मिलेंगे।
धरना-प्रदर्शन की अनुमति, लाठीचार्ज, धारा 144 लगाने जैसे फैसले सीधे पुलिस ले सकेगी।
शस्त्र और बार लाइसेंस जारी करने का अधिकार भी अब पुलिस के पास होगा।
इससे न केवल अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी बल्कि आपात स्थिति में तत्काल फैसले भी लिए जा सकेंगे।
अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा सिस्टम
ब्रिटिश शासन में पहली बार कोलकाता, चेन्नई और मुंबई जैसे बड़े शहरों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की गई थी। आजादी के बाद यह सिस्टम भारत के अन्य महानगरों तक फैला और अब छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर भी इसमें शामिल होने जा रही है।
राजनांदगांव में ट्रॉमा सेंटर एवं भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आदमकद प्रतिमा स्थापना के लिए भूमिपूजन
रायपुर। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय राजनांदगांव परिसर में 2 करोड़ 69 लाख 74 हजार रूपए की लागत के ट्रॉमा सेंटर एवं 28 लाख 22 हजार रूपए की लागत से भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की आदमकद प्रतिमा स्थापना के लिए भूमिपूजन किया।
उल्लेखनीय है कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव परिसर में 28 लाख 22 हजार रूपए की लागत की भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की 7 फीट आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय परिसर राजनांदगांव में 2 करोड़ 69 लाख 74 हजार की लागत से ट्रॉमा सेन्टर का निर्माण किया जाएगा। ट्रॉमा सेन्टर का निर्माण कार्य (दो तल) भू-तल एवं प्रथम तल में बनाया जाएगा। ट्रॉमा सेन्टर में 22 बिस्तर के वार्ड प्रावधानिक हैं। इस ट्रामा सेन्टर के भूतल में माईनर ओटी, आईसीयू, ईसीजी, यूसीजी एवं 2 ओपीडी कक्ष रहेगा। प्रथम तल में 2 ओटी, पोस्ट ऑपरेटिव एवं प्री-ऑपरेटिव कक्ष भी होगा। भूतल से प्रथम तल जाने के लिए लिफ्ट एवं रैम्प बनाया जाएगा।
गजमार पहाड़ी बनेगा इको पार्क: वित्त मंत्री ने किया भूमिपूजन
योगाभ्यास, खेलकूद, वॉच टॉवर, पाँच पगोड़ा और कैंटीन जैसी सुविधाओं से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मिलेगा नया अनुभव
रायपुर । रायगढ़ जिले की ऐतिहासिक और आस्था से जुड़ी गजमार पहाड़ी अब आधुनिक स्वरूप में इको पार्क और इको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित होगी। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज 08 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों का भूमि पूजन कर परियोजना की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने पूजा-अर्चना कर पवनपुत्र हनुमान जी से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
परियोजना के तहत गजमार पहाड़ी पर योग प्लेटफॉर्म, वॉच टॉवर, पाँच पगोड़ा, बच्चों के लिए खेल परिसर, कैंटीन और इको पार्क जैसी सुविधाएँ विकसित की जाएंगी।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि यह केवल धार्मिक स्थल का जीर्णाेद्धार नहीं, बल्कि रायगढ़ के सांस्कृतिक, सामाजिक और पर्यटन विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि गजमार पहाड़ी रायगढ़ की शान है और इसका विकास शहर को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, रोजगार और पर्यटन जैसे क्षेत्रों के माध्यम से आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें। उन्होंने युवाओं को नवगुरुकुल योजना का लाभ उठाने की अपील की, जिसके तहत छात्राएं दो वर्षीय प्रशिक्षण लेकर कौशल विकास कर बेहतर रोजगार प्राप्त कर सकेंगी।
रायगढ़ नगर निगम के महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि लंबे समय से नागरिकों की मांग थी कि गजमार मंदिर का जीर्णाेद्धार हो, जिसे वित्त मंत्री श्री चौधरी के प्रयासों से साकार रूप मिला है। उन्होंने इसे स्थानीय जनसुविधा और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण पहल बताया।
इस अवसर पर सभापति डिग्रीलाल साहू, महापौर परिषद के सदस्य कौशलेष मिश्रा, मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर प्रभात मिश्रा, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित थे।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने आश्वासन दिया कि गजमार पहाड़ी विकास कार्य पूरी ईमानदारी और गुणवत्ता के साथ किए जाएंगे। उन्होंने हनुमान जी की भव्य मूर्ति निर्माण के लिए जनसहयोग का आह्वान करते हुए स्वयं 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत योगदान देने की घोषणा की। साथ ही बालसमुंद तालाब का सौंदर्यीकरण, सड़क निर्माण, पार्किंग सुविधा और रिंग रोड जैसी प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी भी दी। कार्यक्रम के अंत में श्री चौधरी ने स्वयं श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना : उपभोक्ता बने ऊर्जादाता
हॉफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली बिल तक
रायपुर । प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने आम उपभोक्ताओं की जिंदगी बदल दी है। पहले जहां लोग हर महीने भारी-भरकम बिजली बिल भरने को मजबूर थे, वहीं अब वही उपभोक्ता अपनी छत पर सोलर पैनल लगाकर खुद ऊर्जा पैदा कर रहे हैं और उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। यह योजना न केवल उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में देश को मजबूती भी दे रही है।
इस योजना में केन्द्र और राज्य सरकार दोनों की तरफ से सब्सिडी दी जा रही है। एक और दो किलोवाट क्षमता वाले सोलर प्लांट पर उपभोक्ताओं को 75 प्रतिशत तक की राशि सब्सिडी के रूप में मिल रही है। इससे प्लांट लगाने की लागत काफी कम हो गई है। साथ ही साथ बैंकों से आसान मासिक ईएमआई की सुविधा भी उपलब्ध है।
गरियाबंद जिले के उपभोक्ताओं ने इस योजना को अपनाकर सफलता की मिसाल कायम की है। उनका कहना है कि पहले बिजली बिल चुकाने की चिंता रहती थी, लेकिन अब बिजली बिल लगभग खत्म हो जाने से घर का खर्च भी काफी कम हो गया है और वे खुद को “ऊर्जादाता” मानते हैं। अब तक जिन उपभोक्ताओं का औसत मासिक बिजली बिल 1000 रुपये से अधिक आता था, वे अब अपनी छत से ही 25 साल तक मुफ्त बिजली प्राप्त कर सकेंगे। यही कारण है कि हॉफ बिजली बिल योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ता अब मुफ्त बिजली की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
सरकार की मंशा भी यही है कि लोग सिर्फ शासकीय योजनाओं पर निर्भर न रहें, बल्कि अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाकर आत्मनिर्भर बनें। योजना पूरी तरह ऑनलाइन है और इसका आवेदन पीएम सूर्यघर मोबाइल एप, सीएसपीडीसीएल वेबसाइट, मोर बिजली एप या टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क किया जा सकता है।
डबल सब्सिडी से छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा का उजाला
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से रोशनी और राहत
रायपुर । प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रदेश सरकार के प्रत्यक्ष सहयोग से दोगुना लाभ मिल रहा है। डबल सब्सिडी और हाफ बिजली से मुफ्त बिजली की ओर छत्तीसगढ़ का संकल्प अब साकार होने लगा है। इस योजना से न केवल बिजली का खर्च कम होगा, बल्कि आम नागरिकों के लिए अतिरिक्त आय का साधन भी उपलब्ध होगा।
आवासीय मकानों की छतों पर सौर पैनल स्थापित कर स्वच्छ, किफायती और स्थायी ऊर्जा उपलब्ध कराना इस योजना का उद्देश्य है। वर्ष 2024 में घोषणा के बाद यह योजना देशभर में लागू की गई और अब छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इसमें अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित की है। पूर्व में केंद्र सरकार द्वारा 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही थी। राज्य सरकार की भागीदारी से यह राहत और बढ़ गई है। उदाहरणस्वरूप, 3 किलोवाट क्षमता के सौर पैनल की कुल लागत लगभग 1.50 लाख रुपये होती है। डबल सब्सिडी के पश्चात उपभोक्ताओं को अब केवल 30 से 40 हजार रुपये का व्यय करना होगा।
योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को बैंकों से 6.5 प्रतिशत ब्याज दर पर 10 वर्षों के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे मासिक ईएमआई इतनी किफायती होगी कि यह मौजूदा बिजली बिल से भी कम साबित होगी। कुछ वर्षों पश्चात उपभोक्ता को जीवनभर मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। घर में आवश्यकता से अधिक उत्पादित बिजली राज्य की वितरण कंपनियों को ग्रिड के माध्यम से बेची जा सकेगी। यह व्यवस्था विशेषकर ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त आय एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता का साधन बन रही है।
यह योजना केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी लाभकारी है। प्रत्येक घर “ग्रीन एनर्जी हब” के रूप में विकसित हो रहा है तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। जहां ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है, वहां सौर ऊर्जा के माध्यम से निर्बाध एवं स्वच्छ बिजली उपलब्ध होगी। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी, इंस्टॉलेशन एवं रखरखाव कार्यों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
प्रदेश सरकार का नारा है -हाफ बिजली से मुफ्त बिजली की ओर छत्तीसगढ़। इसका आशय यह है कि पहले जितनी राशि बिजली बिल के रूप में चुकानी पड़ती थी, अब उसी राशि से सौर पैनल स्थापित कर जीवनभर मुफ्त बिजली प्राप्त की जा सकती है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए नागरिक पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। निरीक्षण एवं इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ता के खाते में जमा कर दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी जानकारी की कमी, डिजिटल आवेदन की जटिलता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु पंचायत स्तर पर सहायता केंद्र एवं फील्ड सपोर्ट टीम गठित करने की तैयारी की जा रही है।
डबल सब्सिडी, किफायती ऋण, अतिरिक्त आय और पर्यावरण संरक्षण जैसे बहुआयामी लाभों के साथ यह योजना छत्तीसगढ़ को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जागरूकता और जनभागीदारी से ही हर घर सौर -हर घर रोशन का सपना पूर्ण रूप से साकार हो सकेगा।
प्रदेश में अब तक 955.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
रायपुर, 07 सितम्बर 2025
छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 955.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1330.0 मि.मी. और बेमेतरा जिले में न्यूनतम 465.9 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है।
रायपुर संभाग में रायपुर में 812.1 मि.मी., बलौदाबाजार में 703.2 मि.मी., गरियाबंद में 788.2 मि.मी., महासमुंद में 696.3 मि.मी. और धमतरी में 855.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बिलासपुर संभाग में बिलासपुर में 988.5 मि.मी., मुंगेली में 966.5 मि.मी., रायगढ़ में 1180.0 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 812.7 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1156.3 मि.मी., सक्ती में 1051.8 मि.मी., कोरबा में 1003.4 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 908.4 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
दुर्ग संभाग में दुर्ग में 742.9 मि.मी., कबीरधाम में 679.8 मि.मी., राजनांदगांव में 831.8 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1174.0 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 690.0 मि.मी. और बालोद में 1016.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है।
सरगुजा संभाग में सरगुजा में 680.1 मि.मी., सूरजपुर में 1006.0 मि.मी., जशपुर में 930.2 मि.मी., कोरिया में 1059.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 956.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बस्तर संभाग में बस्तर में 1324.9 मि.मी., कोंडागांव में 881.7 मि.मी., कांकेर में 1085.9 मि.मी., नारायणपुर में 1151.4 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1287.6 मि.मी., सुकमा में 1021.8 मि.मी. और बीजापुर में 1289.7 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है।
विष्णु कैबिनेट की बैठक 9 को
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक 9 सितंबर को दोपहर 3:30 बजे मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित होगी। बैठक खतम होने के बाद कैबिनेट की मीटिंग में क्या कुछ निर्णय लिये गये इसकी जानकारी डिप्टी सीएम अरूण साव मीडिया को देंगे।
मंत्री केदार कश्यप पर मारपीट का आरोप, विपक्ष ने की बर्खास्तगी की मांग
रायपुर । छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर से गरमाहट आ गई है। वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप पर सर्किट हाउस के कर्मचारी से गाली-गलौज और मारपीट का आरोप लगा है। इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार घटना जगदलपुर सर्किट हाउस की है। बताया जा रहा है कि मंत्री कश्यप दौरे से लौटकर पहुंचे तो कर्मचारियों ने समय पर गेट नहीं खोला। इसी बात से नाराज़ होकर मंत्री ने कथित तौर पर कर्मचारियों से अभद्रता की और कमरे में बुलाकर मारपीट की।
मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने तीखा रुख अख्तियार किया है। पार्टी ने आज प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में पुतला दहन करने का ऐलान किया है और मुख्यमंत्री से मंत्री कश्यप को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है।
पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष संतराम नेताम ने कहा “मंत्री कश्यप ने कर्मचारी को न केवल गाली दी बल्कि हाथ भी उठाया। मोदी को गाली देने पर बिहार बंद कराया गया था, तो अब केदार कश्यप को क्यों बचाया जा रहा है? मुख्यमंत्री साय को उन्हें तुरंत बर्खास्त करना चाहिए।”
वहीं, कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने सहयोगी का बचाव करते हुए कहा कि विपक्ष मंत्री कश्यप को बदनाम करने की साजिश कर रहा है। उन्होंने कहा, “केदार कश्यप सुलझे और गंभीर व्यक्ति हैं। कांग्रेस का यह आरोप उनकी गलत मानसिकता का परिचायक है।”
अब देखना होगा कि इस राजनीतिक विवाद में सरकार क्या रुख अपनाती है और क्या मंत्री कश्यप के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या मामला सियासी बयानबाज़ी तक ही सीमित रह जाता है।
रायपुर एम्स से फरार कैदी गिरफ्तार...
रायपुर । हत्या के मामले में सेंट्रल जेल रायपुर में बंद विचाराधीन कैदी करण पोर्ते शनिवार को पुलिस को चकमा देकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायपुर से फरार हो गया था। फरारी की खबर मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाया और अंततः उसे एक ट्रेन से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कैदी के फरार होने के बाद रायपुर पुलिस, दुर्ग पुलिस, जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) और आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) ने मिलकर त्वरित कार्रवाई शुरू की। रेलवे स्टेशनों पर कड़ी निगरानी रखी गई और सक्रियता के चलते आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली।
इस अभियान में आईजी आरपीएफ मुन्नवर खुर्शीद, एसएसपी रायपुर लाल उमेद सिंह, एसएसपी दुर्ग विजय अग्रवाल, एसपी जीआरपी श्वेता सिन्हा और रायपुर पुलिस के उपनिरीक्षक मुकेश सोरी सहित कई अधिकारी और जवान शामिल रहे।
फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किस तरह से अस्पताल से फरार हुआ और इसमें किसकी लापरवाही रही।
कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कन्या छात्रावास शुभारंभ कार्यक्रम का हुआ आयोजन
छात्रावास का व्यवस्थित व सुचारू संचालन हेतु कॉलेज प्रबंधन को दी शुभकामनाएं
छात्रावास संचालन से दूर दराज क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को मिलेगा लाभ:- मंत्री श्री देवांगन
छात्रावास में प्रवेश हेतु निर्धारित राशि का भुगतान करने में असक्षम,पिछड़े परिवार की योग्य छात्रा की डीएमएफ से की जायेगी मदद : - कलेक्टर श्री वसंत
पीवीटीजी वर्ग की महिलाओं को कन्या छात्रावासों में चतुर्थ श्रेणी पद पर प्रदान की गई नियुक्ति पत्र
पीजी कॉलेज में 100 व 50 सीटर एवं मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में 100 सीटर कन्या छात्रावास का हुआ शुभारंभ
रायपुर, 07 सितम्बर 2025



शासकीय इंजीनियर विश्वेसरैया स्नाकोत्तर महाविद्यालय परिसर कोरबा में कल वाणिज्य, उद्योग, सार्वजिनक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी) व श्रम मंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कन्या छात्रावास का शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मंत्री श्री देवांगन ने शासकीय ई व्ही पी जी कॉलेज के 100 व 50 सीटर एवं शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय के 100 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ किया एवं रिबन काटकर संस्थाओं में कन्या छात्रावास संचालन कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन एवं सभी छात्राओं को बधाई देते हुए छात्रावास के बेहतर संचालन हेतु
शुभकामनाएं दी।
कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए हुए कहा कि उन्होंने डीएमएफ राशि का उपयोग करने का अधिकार जिला को दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप डीएमएफ राशि का उपयोग जिले में अनेक महत्वपूर्ण कार्यो में किया जा रहा है। पहुँचविहीन, दूरस्थ क्षेत्रों में अनेक स्थानों में जरूरत अनुसार नए सड़क, पुल पुलिया, स्कूल, आंगनबाड़ी भवन का निर्माण किया जा रहा है। जिले के सभी शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक शाला में सबेरे पौष्टिक नास्ता का वितरण, पीवीटीजी वर्ग के शिक्षित युवाओं को रोजगार, मेधावी छात्रों को निःशुल्क नीट व जेईई की तैयारी जैसे अनेक कार्य डीएमएफ के माध्यम से किए जा रहे है।
मंत्री श्री देवांगन ने छात्रावास संचालन से होने वाले लाभ के बारे में बताते हुए कहा कि जिले के दूर दराज क्षेत्रों से छात्राएं अध्ययन के लिए आते है, छात्रावास के संचालन से निश्चित ही उन्हें लाभ मिलेगा। इससे छात्राओं की समय और धन की बचत होगी, जिससे उनका पढ़ाई और रुचिकर होगी। उन्होंने कहा कि इस छात्रावास का संचालन रियायती दरों पर किया जा रहा है, जिससे छात्राएं इसका लाभ उठा सकें साथ ही अति पिछड़ी वर्ग से सम्बंधित छात्राएं जो छात्रावास की राशि जमा करने में असक्षम हो ऐसे योग्य छात्राओं के छात्रावास का खर्च जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ से उठाया जाएगा।
श्री देवांगन ने कहा कि आज के छात्र कल के भविष्य है, बेटियों से दो कुल का नाम रौशन होता है, एक बेटी के शिक्षित होने से पूरा परिवार शिक्षित बनता है। इसलिए आप सभी मन लगाकर अपना पढ़ाई करिए। उन्होंने छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट जैसी आवश्यकताओं की पूर्ति शीघ्र करने की बात कही। जिससे छात्राएं सुरक्षित माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होंने हॉस्टल का संचालन बेहतर ढंग से करने के निर्देश कॉलेज प्रशासन को दिए एवं हॉस्टल की व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करने हेतु मिल जुलकर प्रयास करने की बात कही।
विधायक कटघोरा श्री प्रेमचंद पटेल एवं महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने भी छात्रावास संचालन के लिए जिला प्रशासन की पहल की प्रशंसा करते हुए छात्राओं को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा हेतु कन्या छात्रावास प्रारम्भ करने की मांग लंबे समय से आती रही है। डीएमएफ से छात्रावास का जीर्णोद्धार व जरूरत की चीजों की पूर्ति कर छात्राओं को सुव्यवस्थित हॉस्टल सौंपा गया है। गर्ल्स हॉस्टल शुरू होने से छात्राओं का उच्च अध्ययन का मार्ग आसान होगा और उनके बेहतर भविष्य की पथ प्रदर्शित होगी। उन्होंने हॉस्टल के उचित व प्रभावी ढंग से संचालन करने एवं ग्रामीण आदिवासी क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को लाभांवित करने के लिए कहा।
कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने कहा कि जिला प्रशासन की मंशा थी कि इस सत्र से महाविद्यालय में हॉस्टल संचालन का कार्य प्रारंभ हो, जिससे कॉलेज की छात्राओं को इसका लाभ मिल सकें। लाइट एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन सहित अन्य अतिथियों द्वारा कोरबा व कटघोरा के शासकीय महाविद्यालयों के कन्या छात्रावासों में पहाड़ी कोरवा वर्ग की नियुक्त चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। जिसमें सुमित्रा बाई, सरोजनी कुमारी, सामायन कुमारी, फगनी, कुसुम, किरण शामिल है।
मंत्री श्री देवांगन ने सभी महिला कर्मचारियों को मन लगाकर कार्य करने हेतु प्रेरित किया। पीवीटीजी वर्ग की सभी महिला कर्मचारियों ने रोजगार उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर एसडीएम कोरबा श्री सरोज महिलांगे, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री श्रीकांत कसेर, प्राचार्य पीजी कॉलेज डॉ शिखा शर्मा, प्राचार्य मिनीमाता कॉलेज श्री राजेन्द्र सिंह, डॉ राजीव सिंह, अन्य जनप्रतिनिधि , जनभागीदारी के सदस्य, महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्राएं उपस्थित थी।
गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा दोनों महाविद्यालयो के कन्या छात्रावास के संचालन
हेतु लगभग 3 करोड़ की राशि प्रदान की गई है। जिसमें शासकीय ई व्ही पी जी कॉलेज में 100 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य हेतु 31.40 लाख एवं संचालन हेतु आवश्यक सामग्री क्रय के लिए 57 लाख की राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार शासकीय ई व्ही पी जी कॉलेज में 50 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य हेतु 38.13 लाख एवं संचालन हेतु आवश्यक सामग्री क्रय हेतु 41 लाख की राशि एवं शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय कोरबा में 100 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य हेतु 58.30 लाख एवं संचालन हेतु आवश्यक सामग्री क्रय हेतु 57 लाख की राशि प्रदान की गई है।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने गोबरी नाला पर अस्थायी रपटा निर्माण कार्य का किया निरीक्षण
कार्य की प्रगति देखी, अधिकारियों को शीघ्र पूर्ण करने दिए निर्देश
रायपुर, 07 सितम्बर 2025



महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भैयाथान विकासखंड की जीवनरेखा कही जाने वाली गोबरी नदी पर निर्माणाधीन अस्थायी रपटा पुल का आज स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की प्रगति का विस्तार से जायजा लेते हुए लोक निर्माण सेतु विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण में तेजी लाई जाए और कार्य को हर हाल में शीघ्र पूरा किया जाए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने पुल निर्माण में लगे तकनीकी अमले और जिम्मेदार अधिकारियों से जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि यह कार्य जनहित से जुड़ा हुआ है और इसकी प्राथमिकता सर्वोच्च स्तर पर है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि भारी वर्षा के कारण दो माह पूर्व गोबरी नाला का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके चलते खुटरापारा, डबरीपारा, गंगोटी, बांसापारा सहित 10 से अधिक ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीण आवागमन में कठिनाई का सामना कर रहे थे। रोजमर्रा की जरूरतें, बच्चों की शिक्षा और मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। ग्रामीणों को 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा था।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों से भी चर्चा की और उन्हें आश्वस्त किया कि अस्थायी रपटा निर्माण शीघ्र ही पूर्ण होगा, जिससे आवागमन सामान्य हो जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों पर बराबर ध्यान दिया जाए।अस्थायी रपटा पुल के शीघ्र तैयार हो जाने से डुमरिया से गंगोटी मार्ग पर यातायात बहाल होगा और हजारों ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े संबलपुर में करमा तिहार उत्सव में शामिल हुईं
रायपुर, 07 सितम्बर 2025


छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं और जनभावनाओं से जुड़े करमा तिहार पर्व का आयोजन सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत संबलपुर में हर्षाेल्लास और पारंपरिक रंग-रस के साथ किया गया। इस अवसर पर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
श्रीमती राजवाड़े ने क्षेत्रवासियों संग करमा पर्व के पारंपरिक गीतों और नृत्यों की छटा का आनंद लिया और ग्रामीणों को करमा तिहार की बधाई दी। उन्होंने कहा कि करमा तिहार भाईचारे, सामूहिकता और श्रम संस्कृति का पर्व है, जो हमारी ग्रामीण परंपराओं और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं, युवाओं और बच्चों को अपने सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान संबलपुर और आसपास के गांवों के कलाकारों द्वारा करमा नृत्य, पारंपरिक गीत और लोककला की प्रस्तुतियां दी गईं, जिनसे वातावरण उल्लास और उत्सव की भावना से सराबोर हो गया। ग्रामीणजनों ने मंत्री श्रीमती राजवाड़े का पारंपरिक स्वागत किया और कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।