छत्तीसगढ़ / रायपुर
रायपुर में 08 सितम्बर को सौर ऊर्जा जागरूकता अभियान एवं प्रोत्साहन समारोह का आयोजन
कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन पुलिस लाइन कॉलोनी पहुंच कर दी श्रद्धांजलि, शोक संतृप्त परिवार जनों से मुलाकात कर बांटा दुख
रायपुर, 06 सितंबर 2025


कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन आज शनिवार को कोरबा के पुलिस लाइन कॉलोनी पहुंच कर तालाब में डूबने से दिवंगत बच्चों को पुष्प अर्पित कर परिवार जनों को ढाँढस बंधाकर दुख बांटा।
एक दिन पहले पुलिस कॉलोनी के तीन बच्चों की तालाब में डूबने से मृत्यु हो गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने पुलिस अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ली थी।
शनिवार को मंत्री श्री देवांगन ने दिवंगत बच्चे के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। शोकाकुल परिवार जनों से भेंट कर ढाँढस बंधाया। इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत,राकेश नागरमल अग्रवाल, अभिषेक पालीवाल, अनिल यादव भी उपस्थित रहे।
ग्रामोद्योग से गाँव-गाँव में रोजगार का होगा विस्तार : गजेंद्र यादव
कारीगरों को मिलेगा नया बाजार, प्रदेश में बनेगा शिल्प ग्राम और शिल्प नगरी
रायपुर। ग्रामोद्योग, स्कूल शिक्षा एवं विधि विधायी विभाग के मंत्री गजेंद्र यादव ने न्यू सर्किट हाउस रायपुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभाग के अंतर्गत रेशम, हथकरघा, खादी, हस्तशिल्प एवं माटीकला बोर्ड की कार्यप्रगति का विस्तार से आकलन किया गया।
मंत्री श्री यादव ने बताया कि राज्य में लगभग 3.15 लाख हितग्राही ग्रामोद्योग के विभिन्न कुटीर उद्योगों से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिलों और विकासखंडों में रीपा (RIPA) भवनों में ग्रामोद्योग की गतिविधियाँ संचालित कर अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि दोना–पत्तल, कांसा, गोबर से जैविक खाद, पपीता से गुलकंद, फर्नीचर जैसे छोटे उद्योगों की स्थापना कर हितग्राहियों को वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
इसके अलावा राज्य शासन ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि शासकीय विभागों में केवल राज्य के बुनकरों और कारीगरों द्वारा निर्मित सामग्री की ही आपूर्ति हो। साथ ही रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में शिल्प ग्राम एवं शिल्प नगरी के निर्माण की कार्ययोजना बनाई जाएगी, ताकि कारीगरों को बेहतर विपणन सुविधा मिले और राज्य की शिल्पकला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सके।
बैठक में सचिव सह संचालक ग्रामोद्योग श्याम धावड़े, प्रबंध संचालक हस्तशिल्प एवं माटीकला बोर्ड जे. पी. मौर्य, उप सचिव अर्न मरकाम, अपर संचालक रेशम डॉ. राजेश बघेल, संयुक्त संचालक हथकरघा अ. अयाज़ सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
नकली साबुन बेचते दो गिरफ्तार, कंपनी से जुड़े डीलर ने की थी शिकायत
रायपुर । रायपुर के तारवानी सोप इंडस्ट्रीज के प्रोडक्ट बोस्की साबुन की डुप्लीकेट बिक्री का मामला सामने आया है. पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर जिले में आरोपी नकली बोस्की साबुन बनाकर बाजार में बेच रहे थे.
इसकी सूचना मिलने पर कंपनी के सदस्य स्थानीय डीलर के साथ थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
जानकारी के अनुसार, इस्लामपुर जिले में बीते कई दिनों से दोनों आरोपी नकली बोस्की साबुन बनाकर बेच रहे थे. मामले की जानकारी कंपनी स्टाफ को होने पर उन्होंने चुकलिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. कार्रवाई करते हुए आरोपी अली मूर और हसनैन को गिरफ्तार कर लिया गया. दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.
बता दें कि बिहार के किशनगंज जिले के ग्राम पीपला में स्थित एक फैक्ट्री में तारवानी सोप इंडस्ट्रीज के नाम पर नकली साबुन तैयार किया जा रहा था. कुछ दिन पहले पुलिस ने यहां छापेमारी की थी. बड़ी मात्रा में नकली साबुन, रैपर और मशीनें जब्त कर फैक्ट्री को सील कर दिया गया था.
रायपुर : रोबोटिक सर्जरी छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सुविधाओं के विकास में एक नया आयाम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
एम्स रायपुर में ‘देव हस्त’ रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने स्वयं किया ‘देव हस्त’ पर पहला ड्राई लैब डिसेक्शन
मरीजों के परिजनों के लिए एम्स रायपुर में बनेगा सर्व-सुविधायुक्त परिजन निवास : मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर, 06 सितंबर 2025


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित टाटीबंध में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मध्य भारत के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों के प्रथम रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम ‘देव हस्त’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “रोबोटिक सर्जरी छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सुविधाओं के विकास में एक नया आयाम है। यह ऐतिहासिक क्षण प्रदेश की जनता को अत्याधुनिक और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।”


मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं ‘देव हस्त’ पर पहला ड्राई लैब डिसेक्शन कर इस अत्याधुनिक तकनीक की औपचारिक शुरुआत की। यह सिस्टम मध्य भारत के किसी शासकीय स्वास्थ्य संस्थान में स्थापित होने वाला पहला रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एम्स रायपुर में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से भर्ती होने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा हेतु एम्स रायपुर में सर्व-सुविधायुक्त परिजन निवास निर्माण की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “डॉक्टरों को धरती पर भगवान का रूप माना जाता है क्योंकि वे हमें जीवन प्रदान करते हैं। आज जिस रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ हो रहा है, उसे ‘देव हस्त’ नाम दिया गया है। इसका लाभ न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि एम्स रायपुर में भर्ती होने वाले अन्य राज्यों के मरीजों को भी मिलेगा। एम्स रायपुर उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में लगातार मील का पत्थर साबित हो रहा है।”
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एम्स रायपुर से मुझे विशेष लगाव है। उन्होंने कहा कि “जब रायपुर एम्स के निर्माण को स्वीकृति मिली, उस समय मैं सांसद था और प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी से छत्तीसगढ़ में एम्स की शाखा स्थापित करने का आग्रह किया था। यह आवश्यक था ताकि दिल्ली स्थित एकमात्र एम्स पर मरीजों का दबाव कम हो और अन्य राज्यों के लोगों को भी उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उनके राज्य में ही उपलब्ध हो। हमारा सौभाग्य है कि जिन छह राज्यों में एम्स स्थापित करने की स्वीकृति मिली, उनमें छत्तीसगढ़ भी शामिल था।”
मुख्यमंत्री श्री साय ने परिजन निवास की घोषणा करते हुए कहा कि “दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा कितनी आवश्यक है, यह मैं भली-भांति समझता हूं। सांसद रहते हुए दिल्ली स्थित मेरे आवास को लोग ‘मिनी एम्स’ कहते थे क्योंकि वहां मैं मरीजों के परिजनों की रुकने की व्यवस्था करता था। जनसेवा का यह कार्य मेरे दिल के बेहद करीब है। 2014 से 2019 के संसदीय कार्यकाल में मैंने लगभग 12 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष से मरीजों को दिलवाए थे। रायपुर में भी कुनकुरी सदन में मरीजों के परिजनों की व्यवस्था की गई है, जिसका लाभ पूरे प्रदेश के लोग उठाते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 20 महीनों में सरकार बनने के बाद राज्य में पाँच नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिली है और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। उन्होंने कहा कि जीवनशैली और खान-पान में बदलाव के कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में वृद्धि हुई है और इनका इलाज भी महंगा होता है। इसी वजह से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना प्रारंभ की, जिसके अंतर्गत गरीब वर्ग के लोगों को पाँच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध है। अब वय वंदन योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वर्गों के मरीजों को भी यह सुविधा प्रदान की जा रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि समय के साथ जहाँ चिकित्सा सुविधाएँ बढ़ रही हैं, वहीं बीमारियों का दायरा भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि “आधुनिक चिकित्सा पद्धति में रोबोटिक सर्जरी का विशेष महत्व है। इसके माध्यम से चिकित्सकीय क्षमता और गुणवत्ता में कई गुना वृद्धि की जा सकती है। छत्तीसगढ़ को ‘देव ह…
रायपुर : केन्द्र सरकार की अभिनव पहल ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना’
चांटीडीह निवासी अशोक साहू ने दो घरों में लगवाया सोलर पैनल, बिजली बिल हुआ शून्य
केन्द्र और राज्य सरकार से योजना के तहत मिल रही सब्सिडी
रायपुर, 06 सितंबर 2025


प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना एक ऐसी योजना है जिसमें सौर ऊर्जा के माध्यम से घरों तक रोशनी पहुंचाई जा रही है। योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत हितग्राहियों को केन्द्र सरकार की ओर से 78 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार तक की सब्सिडी दी जा रही है साथ ही प्रतिमाह 300 यूनिट फ्री बिजली का भी प्रावधान है। योजना के तहत बिलासपुर जिला चांटीडीह निवासी श्री अशोक साहू ने अपने दो घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाया है, उन्होंने चार किलोवाट और तीन किलोवाट के दो सोलर पैनल लगवाएं हैं जिनमें से एक उनकी पत्नी श्रीमती प्रीति साहू के नाम है। उन्होंने बताया कि सोलर पैनल से हो रहे बिजली उत्पादन से अब उन्हें महंगे बिजली के बिल से राहत मिल रही है और उनके दोनों घरों का बिजली बिल शून्य हो गया है। इस महत्वपूर्ण योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
चांटीडीह निवासी श्री अशोक साहू ने बताया कि उनके दो घर हैं एक उनकी पत्नी के नाम और एक स्वयं उनके नाम पर, घर बड़ा और संयुक्त परिवार होने के कारण बिजली की खपत काफी अधिक थी जिससे बिल काफी अधिक आता था। सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के विषय में जानकारी मिलने पर उन्होंने भी इसे लगवाने का निर्णय लिया और दोनों घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाया। उन्होंने बताया कि तीन किलोवाट की लागत 190000 थी जो 90 प्रतिशत उनकी पत्नी के नाम पर फाइनेंस हो गया। वहीं चार किलोवाट की लागत 240000 थी जिसमें से केंद्र द्वारा सब्सिडी के रूप में 78000 और राज्य सरकार की सब्सिडी 30000 रुपए उनके खाते में आ गए हैं। वहीं उनकी पत्नी के नाम पर लगे सोलर पैनल की सब्सिडी भी जमा हो गई है। उन्होंने बताया कि जब से उन्होंने अपने दोनों घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाया है, उनके बिजली बिल शून्य हो गया है। सोलर पैनल के जरिए छत पर हो रहे बिजली उत्पादन से उनकी प्रतिमाह बिजली पर होने वाले खर्च की बचत हो रही है। श्री साहू ने बताया कि दोनों घरों की छत पर 7 किलोवाट का सोलर पैनल लगा है, जिससे हो रहे बिजली उत्पादन से प्रतिमाह बिजली बिल की अब चिंता नहीं रही, वहीं वे उत्पादक के रूप में भी बिजली की सप्लाई भी कर रहे हैं जो गर्व की बात है। सोलर पैनल लगवाने के बाद उनके घर का बिजली बिल शून्य हो गया है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत केवल 1 बार निवेश करना है जिसके बाद 25 वर्षाे तक बिजली की आपूर्ति होती रहेगी। लंबे समय के लिए यह एक बेहद किफायती योजना है जिसके लिए बैंक द्वारा कम ब्याज दर पर ऋण की भी सुविधा दी जाती है। उन्होंने बताया कि एक बार सोलर पैनल लगवाने के बाद इस पर किसी प्रकार का मेंटेनेन्स खर्च नहीं है और पैनल लगाने वाली कंपनी द्वारा 5 साल तक निःशुल्क सविर्सिंग की सुविधा दी जाती है। उन्होंने कहा कि यह पर्यावरण की दृष्टि से बेहद उपयोगी है। इस माध्यम से हम सौर ऊर्जा कर उपयोग कर बिजली का उत्पादन कर पा रहे हैं, जो ग्रीन एंनर्जी को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह इस योजना को अपनाकर सौर ऊर्जा का उपयोग करते हुए बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनें और पर्यावरण संवर्धन में अपना योगदान दें।
उल्लेखनीय है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत शासन द्वारा शहरी एवं ग्रामीण घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर रूफ टॉप सोलर प्लाण्ट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उक्त स्थापित प्लाण्ट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से जुड़ेगा जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आमदनी भी मिल जाती है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से कम बिजली बिल, बिजली उत्पादन कर आत्मनिर्भरत और नवीन रोजगार का भी सृजन हो रहा है। इससे नवीनीकृत ऊर्जा स्त्रोत के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। शासन द्वारा इस योजना में 30 हजार रूपये से लेकर 78 हजार रूपये तक अनुदान भी दिया जाता है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता पीएम सूर्यघर डॉट जीओव्ही डॉट इन वेब पोर्टल अथवा पीएम सूर्यघर एप्प में पंजीयन करा सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से मनेंद्रगढ़ के लोगों की बड़ी मांग पूरी होने की कगार पर
चिरमिरी नागपुर रोड हॉल्ट परियोजना के लिए रेल मंत्रालय ने दावा आपत्ति के बाद 198 भूखंडों के अधिग्रहण के लिए जारी किया अधिसूचना
अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण, जल्द ही शुरू होगा मुआवजा वितरण का कार्य
रायपुर, 6 सितंबर 2025
स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल का प्रयास जिले में यात्री सुविधाओं और रेल परियोजनाओं के विस्तार के लिए रंग ला रहा है। उनकी कोशिशों से रेल मंत्रालय ने चिरमिरी नागपुर हॉल्ट रेल परियोजना के लिए दावा आपत्ति के बाद भू अर्जन की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। रेल मंत्रालय ने इसके लिए एक अधिसूचना जारी की है।
केंद्रीय सरकार ने रेल अधिनियम 1989 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में चिरमिरी नागपुर रोड हाल्ट रेल परियोजना (17 किलोमीटर) के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के अंतर्गत 36.392 हेक्टेयर रकबे की कुल 198 भूमि खंडों को परियोजना के लिए अधिग्रहित करने का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही अब शीघ्र ही प्रभावितों को मुआवजा वितरण का कार्य शुरू किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने सक्षम प्राधिकारी की रिपोर्ट पर सहमति प्रदान करते हुए अंतिम रूप से भूमि अधिग्रहण की घोषणा की है। अधिसूचना के अनुसार, यह भूमि अब भारत सरकार (रेल मंत्रालय) के नाम दर्ज होगी और परियोजना कार्यों के लिए उपयोग की जाएगी।
रेल मंत्रालय (दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस परियोजना को वर्ष 2018-19 में मंजूरी दी गई थी। भूमि अर्जन की प्रक्रिया के दौरान निर्धारित समयावधि में कुल 32 आपत्तियां प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 5 आपत्तियां सही पाई गईं। सक्षम प्राधिकारी द्वारा शेष आपत्तियों का निराकरण कर रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी गई।
ड्रग्स पार्टी कराती थी नव्या मलिक और विधि अग्रवाल, 4 बड़े शहरों का नाम बताया
रायपुर। राजधानी रायपुर में ड्रग्स तस्करी के हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी नव्या मलिक और इवेंट मैनेजर विधि अग्रवाल को आमने-सामने बैठाकर शुक्रवार को गहन पूछताछ की. दोनों ने कबूल किया कि रायपुर के अलावा पुणे, मुंबई और गोवा में टेक्नो पार्टी और ड्रग्स पार्टी का आयोजन किया जाता था.
नव्या और विधि हर माह मुंबई और गोवा का दौरा करती थीं, जहां संभ्रांत घरानों के युवक-युवतियां रातभर चलने वाली इन पार्टियों में शामिल होते थे. दोनों ने रायपुर, नवा रायपुर, मंदिर हसौद, वीआईपी रोड और चंद्रखुरी के होटल, रिसॉर्ट, क्लब और फार्महाउस की जानकारी दी, जहां ये पार्टियां आयोजित होती थीं. विधि की इवेंट कंपनी ‘बिहाइंड द सीन्स’ रायपुर के बड़े होटल, क्लब और मैरिज पैलेस में न्यू ईयर सेलिब्रेशन सहित कई इवेंट्स आयोजित करती थी.
पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये पार्टियां 25-30 लोगों के ग्रुप के साथ शुरू होती थीं, लेकिन रात 1 बजे के बाद करीबी 10-15 लोग ही रुकते थे. इन फार्महाउस में ड्रग्स के साथ अश्लील गतिविधियां भी होती थीं. पुलिस ने नव्या, विधि और हर्ष आहूजा को रिमांड पर लिया है, जिनसे लगातार पूछताछ जारी है. तीनों का संपर्क बड़े उद्योगपतियों, कारोबारियों, सीए, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से था, जिनके साथ पार्टी करने की बात भी कबूल की गई है.
पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से चैट्स मिले हैं, जिनके आधार पर ड्रग्स खरीदने वालों की सूची तैयार की जा रही है. इन लोगों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया जाएगा और उनके परिजनों को भी सूचित किया जाएगा, क्योंकि कई माता-पिता को अपने बच्चों की गतिविधियों की जानकारी नहीं है. पुलिस अब इन फार्महाउस और क्लब के मालिकों को पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी में है.
पार्श्वनाथ प्रभु के मंदिर निर्माण का हुआ भव्य शिलान्यास महोत्सव
पटवा भवन से गुरु भगवंतों की पावन निश्रा में निकला वरघोड़ा
रायपुर । टैगोर नगर में पार्श्वनाथ भगवान के भव्य मंदिर निर्माण के लिए 5 सितंबर को शिलान्यास हुआ। प्रवचन के पश्चात पटवा भवन से टैगोर नगर शिलान्यास स्थल सी -79 महेंद्र कुमार गादिया के निवास तक शिला को मस्तक पर रखकर वरघोड़ा उपाध्याय द्वय आध्यात्म योगी महेंद्र सागरजी महाराज साहब, युवा मनीषी मनीष सागरजी महाराज साहब एवं साध्वी भगवंत हंसकीर्ति श्रीजी म.सा. की पावन निश्रा में निकाला गया। शिलान्यास महोत्सव में भैरव कॉलोनी से प्रियदर्शी विजयजी महाराज साहब भी शामिल हुए।
अलौकिक पार्श्व पद्मावती ट्रस्ट के धीरज कोचर ने बताया कि शिलान्यास विधि के पूर्व स्नात्र पूजन सुबह 8 बजे व पाटला पूजन सुबह 9 बजे हुआ। गुरु भगवंतों की पावन निश्रा में वरघोड़ा पहुंचने के पश्चात शिलान्यास की विधि प्रारंभ हुई। शिला पूजा का बड़ा महत्व है। उपस्थित सभी परिवारों ने मिलकर इस विधि का धर्मलाभ लिया। रायपुर में पहली बार घर में मंदिर का भव्य निर्माण कराया जा रहा है। गादिया परिवार ने अपने घर की जगह भव्य मंदिर निर्माण के लिए दी है। मंदिर का संचालन अलौकिक पार्श्व पद्मावती ट्रस्ट के द्वारा किया जाएगा।
ऑटो चालक से लेकर डी एस पी तक वक्ता मंच से सम्मानित हुई
वक्ता मंच
DMF घोटाला: छापेमारी में ED ने बरामद किए 4 करोड़ कैश और 10 किलो चांदी
रायपुर । छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित DMF (जिला खनिज निधि) घोटाला केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसी ने छापेमारी के दौरान 4 करोड़ रुपए नकद और 10 किलो चांदी की ईंटें बरामद की हैं। इसके अलावा कई संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए हैं, जिनसे भ्रष्टाचार और अवैध लेन-देन के अहम सबूत हाथ लगे हैं।
28 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे
रायपुर जोनल ऑफिस की ED टीम ने 3 और 4 सितंबर को राज्यभर में 28 ठिकानों पर दबिश दी। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत की गई। छापे रायपुर, दुर्ग, भिलाई और गरियाबंद में मारे गए। जांच का दायरा ठेकेदारों, वेंडर्स और लाइजनरों तक फैला, जो छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड (बीज निगम) से जुड़े हुए हैं।
DMF की राशि का दुरुपयोग
ED की रिपोर्ट के अनुसार, खनन प्रभावित इलाकों के लिए बनी DMF राशि को हेरफेर करके घोटाले में बदल दिया गया। बीज निगम के जरिए करोड़ों रुपए के खर्च को दिखाकर ठेकों का बंदरबांट किया गया।
ठेके कृषि उपकरण, पल्वराइज़र, मिनी दाल मिल और बीज सप्लाई के नाम पर दिए गए। इन ठेकों पर 40 से 60% तक कमीशन वसूला गया। कमीशन की रकम लाइजनरों के जरिए अफसरों और नेताओं तक पहुंचाई जाती थी।
350 करोड़ के दुरुपयोग का अंदेशा
ED के मुताबिक, सिर्फ इस प्रक्रिया के जरिए ही लगभग 350 करोड़ रुपए की DMF राशि के दुरुपयोग की आशंका है।
FIR के आधार पर शुरू हुई कार्रवाई
यह पूरी जांच उन FIRs पर आधारित है, जिन्हें पहले छत्तीसगढ़ पुलिस ने दर्ज किया था। FIR में कई ठेकेदारों, वेंडर्स और सरकारी अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। ED का कहना है कि बरामद दस्तावेज और डिजिटल सबूतों से इस घोटाले की कई परतें और खुल सकती हैं।
रायपुर : प्रदेश में अब तक 952.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
रायपुर, 06 सितम्बर 2025 छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 952.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1329.0 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 461.7 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 810.7 मि.मी., बलौदाबाजार में 702.0 मि.मी., गरियाबंद में 786.0 मि.मी., महासमुंद में 695.9 मि.मी. और धमतरी में 839.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 988.5 मि.मी., मुंगेली में 966.2 मि.मी., रायगढ़ में 1165.8 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 809.9 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1156.2 मि.मी., सक्ती में 1049.8 मि.मी., कोरबा में 1003.4 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 908.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 742.9 मि.मी., कबीरधाम में 672.0 मि.मी., राजनांदगांव में 830.8 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1170.9 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 690.0 मि.मी. और बालोद में 1013.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 679.8 मि.मी., सूरजपुर में 1006.0 मि.मी., जशपुर में 930.1 मि.मी., कोरिया में 1059.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 956.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1317.4 मि.मी., कोंडागांव जिले में 868.9 मि.मी., कांकेर में 1078.9 मि.मी., नारायणपुर में 1143.6 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1286.0 मि.मी., सुकमा में 1021.8 मि.मी. और बीजापुर में 1288.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व प्रांत प्रचारक श्रद्धेय श्री शांताराम जी को दी श्रद्धांजलि
श्रद्धेय शांताराम जी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर किया नमन
रायपुर, 06 सितंबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जागृति मंडल, पंडरी पहुँचकर छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांत प्रचारक श्रद्धेय श्री शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय शांताराम जी संघ के वरिष्ठ प्रचारक थे और उनका मेरे साथ गहरा आत्मीय संबंध रहा है। वे सदैव अभिभावक के समान स्नेह और मार्गदर्शन प्रदान करते रहे। उनका निधन संघ परिवार, समाज और प्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा सभी शुभचिंतकों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने श्रद्धेय शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे हमारे लिए पिता तुल्य थे। उन्होंने मदकूदीप को पुनर्जीवित कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपनी विनम्रता तथा जीवन मूल्यों से सभी के आदर्श बने। संघ के वरिष्ठ प्रचारक के रूप में उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता और स्वयंसेवकों को परिवार मानकर निरंतर मार्गदर्शन किया। मुख्यमंत्री रहते हुए भी मुझे उनका स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहा। उनके निधन से पूरा प्रदेश शोकाकुल है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा, श्री गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, राजनांदगांव सांसद श्री संतोष पांडे, विधायक सर्वश्री अनुज शर्मा एवं मोतीलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कृषि कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं आमजन उपस्थित थे।
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया एरोकॉन 2025 का शुभारंभ, कैंसर उपचार और शोध में मिलेगी नई दिशा
छात्रों के लिए मेडिकल कॉलेज रायपुर में 65 करोड़ की लागत से बनेगा छात्रावास : मुख्यमंत्री श्री साय
बस्तर–सरगुजा सहित दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर सरकार का फोकस
कैंसर के शोध, रोकथाम और इलाज में उपयोगी साबित होगी एरोकॉन 2025 संगोष्ठी
रायपुर, 06 सितंबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में वित्तीय संसाधन कभी बाधा नहीं बनेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सभागार में ‘एरोकॉन 2025’ छत्तीसगढ़–मध्यप्रदेश चैप्टर के दो दिवसीय आयोजन का शुभारंभ कर विशेषज्ञों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज रायपुर के छात्रों के लिए 65 करोड़ रुपये की लागत से नए छात्रावास निर्माण की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हजारों मरीज आज विशेषज्ञ चिकित्सकों के परिश्रम और नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों के कारण संजीवनी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों में कैंसर की प्रारंभिक पहचान और उपचार के क्षेत्र में हुए शोध से भविष्य के लिए नई उम्मीदें जगी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक जिले में कैंसर डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं और छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत प्रदेश में अनेक मरीजों का इलाज संभव हुआ है। जीएसटी में कैंसर की दवाइयों और उपकरणों को सस्ता किए जाने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। श्री साय ने बताया कि राज्य के अस्पतालों में कैंसर उपचार के लिए अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और आज ही एम्स रायपुर में रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ किया जा रहा है, जो यह प्रमाणित करता है कि सरकारी अस्पताल नवीनतम तकनीक अपनाने में अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कैंसर की पहचान में बेहद उपयोगी सिद्ध हो रही है और राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में इसे तेजी से शामिल कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार लगातार स्वास्थ्य बजट में वृद्धि कर रही है और नये मेडिकल कॉलेज खोल रही है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार हर विकल्प पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरगुजा, धरमजयगढ़ और बस्तर में नये अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एरोकॉन 2025 संगोष्ठी कैंसर की रोकथाम और उपचार की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एरोकॉन 2025 के सातवें आयोजन में कैंसर उपचार से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ एक मंच पर आए हैं। इससे इस बीमारी के इलाज में नये आयाम खुलेंगे। उन्होंने कहा कि रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्यभारत के अन्य राज्यों के मरीजों के लिए भी प्रमुख उपचार केंद्र है। भविष्य में अत्याधुनिक तकनीकों और मशीनों के माध्यम से यहां चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज रायपुर राज्य का सबसे बड़ा कैंसर सेंटर है, जहाँ आधुनिकतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में प्रदेश में छह फिजियोथेरेपी कॉलेज स्थापित होंगे, बस्तर और सरगुजा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रारंभ होंगे, मानसिक रोगियों के लिए पृथक चिकित्सालय और नेचुरोपैथी कॉलेज खोले जाएंगे। मेकाहारा में 232 करोड़ रुपये की लागत से 700 बिस्तरों की वृद्धि की जाएगी तथा रोबोटिक सर्जरी और आईवीएफ सेंटर जैसी नवीनतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, मेडिकल कॉलेज रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. पात्रा, विशेषज्ञ चिकित्सकगण, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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बैटरी स्वैपिंग से ई-रिक्शा चालकों को मिल रही है राहत- सीएम विष्णुदेव साय, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी और क्रेडा सीईओ राजेश सिंह राणा की पहल ला रही है बदलाव
सरकार उच्च शिक्षा में नवाचार और गुणवत्ता सुधार के लिए प्रतिबद्ध : मंत्री टंक राम वर्मा
रायपुर, 05 सितम्बर 2025
उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने आज नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री श्री वर्मा ने राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण तथा रोजगारोन्मुख बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों को सतत प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय समितियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर नई योजनाओं को समयबद्ध ढंग से क्रियान्वित किया जाए। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
मंत्री श्री वर्मा ने युवाओं के हित में पाठ्यक्रम सुधार, प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण तथा ऑनलाइन कैरियर काउंसलिंग जैसी व्यवस्थाएँ लागू करने की बात कही। इसके साथ ही केन्द्र प्रायोजित योजनाओं पर कार्ययोजना बनाकर शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नवीन महाविद्यालयों की स्थापना,नवीन 33 पदों की स्वीकृति के साथ महाविद्यालयों में सेटअप के पदों की समीक्षा,सहायक प्राध्यापक से प्राचार्य पदों पर पदोन्नति, आधुनिक पाठ्यक्रमों का सेटअप जैसे विषयों पर प्राथमिकता से काम करने कहा। इसके अतिरिक्त उन्होंने वर्तमान में महाविद्यालय के 103 भवनों के निर्माण के बारे में जानकारी ली।
मंत्री श्री वर्मा ने वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 22 नवीन महाविद्यालयों के भवन,सेटअप और विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारें में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उच्च शिक्षा विभाग प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए। अंत में उन्होंने अधिकारियों से विभागीय कार्ययोजनाओं और प्रगति की नियमित समीक्षा कर योजनाओं को धरातल पर उतारनें के निर्देश दिए।
यूरिया की कालाबाजारी पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, खाद गोदाम सील
रायपुर, 05 सितम्बर 2025
कृषि विभाग ने यूरिया खाद की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी पर कड़ी कार्रवाई करते हुए खाद गोदाम को सील कर दिया है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कांकेर के भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के भानबेड़ा क्षेत्र के किसानों से मेसर्स पटेल कृषि केंद्र भानबेड़ा के संचालक द्वारा यूरिया की किल्लत का नाजायज फायदा उठाते हुए महंगे दाम पर तथा बिना पॉस मशीन के तीन से चार गुनी कीमत पर यूरिया खाद बेचने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत प्राप्त होते ही जांच टीम के सदस्यों खाद एवं उर्वरक निरीक्षक अमिनेश गावड़े, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी कुलदीप साहू, किरण भंडारी और प्रवीण कवाची द्वारा कृषि केंद्रों के गोदामों में आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान यूरिया खाद की बिक्री के बारे में मौके पर मौजूद किसानों से पूछताछ कर छानबीन की गई। किसानों ने बताया कि कृषि केंद्र के संचालक द्वारा एक बोरी यूरिया खाद एक हजार रुपए के दर से बिक्री की जा रही है।
किसानों की शिकायत पर कृषि सेवा केंद्र के संचालक पंकज पटेल को बुलाया गया तो उसने भानबेड़ा से बाहर होने की जानकारी दी। कुछ देर बाद फोन से पुनः संपर्क करने पर उसका मोबाइल फोन स्विच-ऑफ बताया गया। संचालक के कृषि सेवा केन्द्र नहीं पहुंचने पर निरीक्षण टीम द्वारा ग्राम पंचायत की सरपंच ममता ठाकुर, उप सरपंच खेमलाल साहू, ग्राम पटेल दुर्योधन नरेटी एवं नाराज किसानों की उपस्थिति में आगामी आदेश तक खाद गोदाम को सील कर दिया गया।
कृषि विभाग ने कड़ी कार्यवाही की दी चेतावनी
कांकेर जिले में कृषि आदान विक्रय की कालाबाजारी को रोकने जिला प्रशासन द्वारा कृषि विभाग के उप संचालक जितेन्द्र सिंह कोमरा के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई है। टीम द्वारा कालाबाजारी की शिकायतों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। कृषि अधिकारियों ने खाद की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार द्वारा उर्वरकों की कीमत तय की गई है, जिसका पालन करना सभी विक्रेताओं के लिए अनिवार्य है। कालाबाजारी बर्दास्त नहीं की जाएगी। अधिक दर पर खाद बेचने वाले दुकानदार किसानों के अधिकारों का हनन करते हैं, जो किसानों को आर्थिक रूप से कमजोर करता है, इससे उनकी खेती और आय दोनों प्रभावित होती है। सरकार किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे अधिक दर पर उर्वरक की बिक्री की जानकारी मिलने पर कृषि विभाग को सूचित करें, ताकि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा सके।