छत्तीसगढ़ / रायपुर
खेल मड़ई बना स्वास्थ्य और सौहार्द का मंच - मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
रायपुर प्रेस क्लब की इंटर प्रेस क्रिकेट प्रतियोगिता में पत्रकार खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला
रायपुर, 08 फरवरी 2026



महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि अच्छे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए खेल अत्यंत आवश्यक हैं। पत्रकारों की व्यस्त दिनचर्या के बावजूद खेलों के प्रति उनका उत्साह सराहनीय है। उन्होंने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित खेल मड़ई को प्रेरणादायक पहल बताते हुए सभी आयोजकों और प्रतिभागी टीमों को शुभकामनाएं दीं।
रायपुर प्रेस क्लब द्वारा स्वर्गीय कुलदीप निगम की स्मृति में खेल मड़ई के अंतर्गत नेताजी सुभाष स्टेडियम, रायपुर में इंटर प्रेस क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में पत्रकार जगत की विभिन्न टीमों के बीच उत्साहपूर्ण और रोमांचक मुकाबले खेले जा रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य पत्रकारों को उनकी व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर खेलों से जोड़ना, आपसी सौहार्द को बढ़ावा देना और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मैदान में पहुंचकर प्रतियोगिता में भाग ले रहे पत्रकार खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों की खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आपसी सहयोग, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, महासचिव श्री गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष श्री दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष श्री दिनेश यदु, सहसचिव श्रीमती निवेदिता साहू एवं श्री भूपेश जांगड़े, खेल आयोजन समिति के संयोजक श्री विजय मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पत्रकारगण उपस्थित रहे।
शासन के सहयोग से आत्मनिर्भरता की राह पर दिव्यांग श्री राजेश कुमार पटेल
व्यावसायिक प्रशिक्षण बना आजीविका और आत्मसम्मान का आधार
रायपुर, 08 फरवरी 2026
दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और राज्य शासन के सहयोग से जीवन की कठिनाइयों को अवसर में बदला जा सकता है।इस सच्चाई को चरितार्थ कर दिखाया है बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम चिरहुला निवासी दिव्यांग श्री राजेश कुमार पटेल ने। दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और व्यावसायिक प्रशिक्षण के सहारे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार को स्थायित्व और सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान किया है।
श्री राजेश कुमार पटेल ने बिलासपुर स्थित शासकीय आश्रयदत्त कर्मशाला, तिफरा से सत्र 2023–24 में इलेक्ट्रिकल व्यवसाय का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण ने न केवल उन्हें तकनीकी दक्षता प्रदान की, बल्कि आत्मविश्वास भी दिया, जिससे वे अपनी क्षमताओं को पहचानकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सके।
प्रशिक्षण से पूर्व वे एक छोटी पान दुकान के माध्यम से परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे, जिससे आय सीमित थी। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उन्होंने अपने घर से ही इलेक्ट्रिकल उपकरण मरम्मत का कार्य प्रारंभ किया। वर्तमान में वे टेबल फैन, सीलिंग फैन, कूलर, मिक्सर ग्राइंडर, हीटर, टेबल लैम्प, इन्वर्टर सहित विभिन्न घरेलू विद्युत उपकरणों की मरम्मत कर रहे हैं।इस कार्य से अब उनकी दैनिक आय 500 से 1500 रुपये तक हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और परिवार का जीवन स्तर भी बेहतर हुआ है। आत्मनिर्भरता की इस राह ने उन्हें समाज में नई पहचान और आत्मसम्मान दिलाया है।
अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए लाभार्थी राजेश कुमार पटेल ने राज्य शासन एवं समाज कल्याण विभाग के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित व्यावसायिक प्रशिक्षण योजनाओं ने उन्हें सम्मानजनक आजीविका का अवसर प्रदान किया और आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रशस्त किया।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से 28.19 करोड़ रुपए की सड़क परियोजना को मिली स्वीकृति
रायपुर, 08 फरवरी 2026
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के सतत प्रयासों से भटगांव विधानसभा क्षेत्र को सड़क विकास की एक बड़ी सौगात मिली है। राज्य शासन द्वारा बीरपुर 12 मील हनुमान मंदिर (सिलफिली) से कालीघाट महावीरपुर (अंबिकापुर) तक राष्ट्रीय राजमार्ग–43 के डामरी मजबूतीकरण कार्य के लिए 28.19 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इस महत्वपूर्ण परियोजना के माध्यम से लंबे समय से जर्जर सड़क की समस्या का समाधान होगा तथा आमजन को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिलेगी।
इस सड़क विकास कार्य से भटगांव विधानसभा सहित आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, परिवहन और स्थानीय रोजगार के अवसरों को नई गति मिलेगी। साथ ही अंबिकापुर जैसे प्रमुख शहरी केंद्र से संपर्क और अधिक मजबूत होगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सुशासन सरकार की प्राथमिकता जनसुविधाओं का विस्तार और संतुलित विकास है। भटगांव विधानसभा के विकास के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
डीजीसीए द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट को ऑल वेदर ऑपरेशन की स्वीकृति से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
डीजीसीए द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट को ऑल वेदर ऑपरेशन की स्वीकृति से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
महतारी वंदन योजना से मातृत्व को संबल
श्रीमती श्यामबती ने बेटियों के भविष्य को दी सुरक्षित दिशा
रायपुर, 06 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार प्रदान कर रही है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्यभर में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। कोण्डागांव जिले के ग्राम पंचायत बनचपई की निवासी श्रीमती श्यामबती कोर्राम इसका प्रेरक उदाहरण हैं।
महतारी वंदन योजना की लाभार्थी श्रीमती कोर्राम को योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि नियमित रूप से उनके बैंक खाते में प्राप्त हो रही है। इस आर्थिक सहयोग से वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति सहजता से कर पा रही हैं, जिससे उनके जीवन में आत्मविश्वास और संतोष की भावना विकसित हुई है।
श्रीमती कोर्राम ने बताया कि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपनी दोनों बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से सुकन्या समृद्धि योजना के खाते में जमा कर रही हैं। साथ ही इस सहायता राशि से पौष्टिक आहार की व्यवस्था भी संभव हो पा रही है, जिससे पूरे परिवार के स्वास्थ्य स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है।12वीं तक शिक्षित श्रीमती श्यामबती कोर्राम के लिए महतारी वंदन योजना आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत आधार बनकर उभरी है। यह योजना उन्हें न केवल आर्थिक संबल प्रदान कर रही है, बल्कि समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का आत्मविश्वास भी दे रही है।
श्रीमती श्यामबती कोर्राम ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं के जीवन में सुरक्षा, स्वाभिमान और सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन रही है तथा माताओं को अपने बच्चों के भविष्य के प्रति आश्वस्त कर रही है।
खोलार नाला और धौराभाठा जलाशय योजना के लिए 17.89 करोड़ रूपए स्वीकृत
रायपुर, 06 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा कोरबा जिले के अंतर्गत दो सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 17 करोड़ 89 लाख 6 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। स्वीकृत कार्यों में विकासखण्ड कटघोरा अंतर्गत खोलार नाला स्टापडेम नं. 2 के कार्य हेतु 6 करोड़ 83 लाख 83 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना से निस्तारी, भू-जल संवर्धन एवं किसानों द्वारा स्वयं के साधन से 25 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई होगी एवं औद्योगिक तथा औद्योगिक प्रयोजन हेतु जल प्रदाय किया जाएगा। इसी तरह से विकासखण्ड-पाली की धौराभाठा जलाशय योजना के निर्माण कार्यों के लिए 11 करोड़ 5 लाख 23 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के अंतर्गत 400 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई किया जाना प्रस्तावित है। सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए मुख्य अभियंता हसदेव कछार जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
नहरों के विस्तार के लिए 5.33 करोड़ की राशि स्वीकृत
रायपुर, 06 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा गरियाबंद लिले की दो सिंचाई योजनाओं की नहरों के विस्तारीकरण कार्य के लिए 5 करोड़ 33 लाख 09 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। स्वीकृत कार्यों में विकासखण्ड-गरियाबंद की सिकासार से कोडार लिंक परियोजना से झलप तक नहर विस्तारीकरण का सर्वेक्षण कार्य हेतु 02 करोड़ 87 लाख 51 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। इसी तरह से सिकासार जलाशय परियोजना के अंतर्गत कुकुदा पिकअप वियर से निकलने वाली आर.बी.सी. नहर फिंगेश्वर डिस्ट्रीब्यूटरी को महासमुंद जिले के कोडार जलाशय तक विस्तारीकरण कार्य के लिए 02 करोड़ 45 लाख 58 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं।
विशेष लेख : शिक्षा और ज्ञान को नई उड़ान : धमतरी में बनेगा अत्याधुनिक 500 सीटर नालंदा परिसर
युवाओं के सपनों को मिलेगा नया आधार
- आलेख: एस.आर.पाराशर उप संचालक
धमतरी, 6 फ़रवरी 2026
धमतरी जिले के शैक्षणिक, बौद्धिक एवं ज्ञान आधारित विकास को नई ऊँचाई प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जिले को बड़ी सौगात प्राप्त हुई है। नगर के प्रतिष्ठित नालंदा परिसर (सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन) को 250 सीटर से विस्तारित कर 500 सीटर किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
यह अत्याधुनिक एवं बहुमंजिला नालंदा परिसर लगभग 11 करोड़ 22 लाख रुपये की लागत से निर्मित किया जाएगा,जिससे जिले के विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं तथाअध्ययनशील नागरिकों को उच्चस्तरीय अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
पूर्व में हटकेश्वर वार्ड में 250 सीटर नालंदा परिसर की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। जिला प्रशासन एवं नगर निगम के सतत प्रयासों, सक्रिय पहल एवं निरंतर संवाद के परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा इस परियोजना को और अधिक व्यापक स्वरूप प्रदान करते हुए 500 सीटर की स्वीकृति दी गई। इस विस्तार से न केवल अध्ययन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, बल्कि जिले में आधुनिक पुस्तकालय संस्कृति को भी मजबूती मिलेगी।
निर्माण पश्चात नालंदा परिसर एक आकर्षक, भव्य एवं सर्वसुविधायुक्त शैक्षणिक भवन के रूप में विकसित होगा। परिसर में शांत एवं सुव्यवस्थित अध्ययन वातावरण, डिजिटल संसाधन, ई-लाइब्रेरी, वाई-फाई सुविधा, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, वातानुकूलित अध्ययन कक्ष, लिफ्ट सुविधा तथा आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह परिसर विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु एक आदर्श अध्ययन केंद्र सिद्ध होगा।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने 500 सीटर नालंदा परिसर को धमतरी जिले के शैक्षणिक वातावरण को सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह परिसर विद्यार्थियों एवं युवाओं को शांत, आधुनिक एवं संसाधनयुक्त अध्ययन स्थल उपलब्ध कराएगा। जिला प्रशासन द्वारा निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने हेतु सभी आवश्यक प्रक्रियाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
महापौर श्री रामू रोहरा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में सरकार के गठन के पश्चात सुशासन की स्थापना हुई है और विकास कार्यों को नई गति मिली है। धमतरी के प्रति मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता एवं दूरदर्शी सोच का यह प्रत्यक्ष उदाहरण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के सहयोग से धमतरी निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा और शिक्षा एवं अधोसंरचना के क्षेत्र में नई उपलब्धियां प्राप्त होंगी।
प्रस्तावित नालंदा परिसर का निर्माण 0.60 हेक्टेयर भूमि पर किया जाएगा। इसके अंतर्गत ग्राउंड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर, सेकण्ड फ्लोर एवं टावर फ्लोर सहित बहुमंजिला लायब्रेरी भवन का निर्माण, एसीपी एवं वॉल क्लैडिंग कार्य, 13 पैसेंजर क्षमता की लिफ्ट तथा 70 यूनिट एयर कंडीशनिंग सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी।
इसके अतिरिक्त परिसर में सी.सी. रोड निर्माण, पेवर ब्लॉक कार्य, बाउंड्रीवाल, गार्ड रूम, भव्य प्रवेश द्वार, लैंडस्केपिंग, बाह्य सेनेटेशन एवं जल आपूर्ति कार्य, बोरवेल, आर.सी.सी. नाली, सेप्टिक टैंक, एल.ई.डी. लाइटिंग, सोलर पैनल, ट्रांसफार्मर, सी.सी.टी.वी. कैमरा एवं आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। वहीं नॉन-एसओआर मद अंतर्गत आधुनिक फर्नीचर, पुस्तकों की समृद्ध व्यवस्था एवं टेंसाइल रूफ का प्रावधान रहेगा।
समग्र रूप से 500 सीटर नालंदा परिसर धमतरी जिले के युवाओं के लिए ज्ञान, अनुशासन एवं उज्ज्वल भविष्य का सशक्त केंद्र सिद्ध होगा तथा जिले को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान प्रदान करेगा।
शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय फेस-2 का कार्य जल्द होगा प्रारंभ: श्री सोनमणि बोरा
बनेगा भव्य कन्वेंशन सेंटर : ऑडिटोरियम, आर्ट गैलरी, प्रदर्शनी हॉल, मीटिंग रूम, प्रशासनिक भवन, फूड कोर्ट की रहेगी सुविधा
रायपुर, 06 फरवरी 2026
नवा रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय फेस-2 निर्माण के लिए जल्द ही कार्य प्रक्रिया शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही कन्वेंशन सेंटर का भी निर्माण किया जाएगा। आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान स्थित सभाकक्ष में आर्किटेक्ट, इंजीनियर्स, आर्टिस्ट एवं विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष एक नवंबर को राज्योत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का शुभारंभ हुआ था। इसके पहले जनजातीय जीवन शैली एवं परम्पराओं पर आधारित संग्रहालय का उद्घाटन मई 2025 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया था। इन संग्रहालयों की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता के बाद अब शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय फेस-2 का कार्य शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में कहा कि संग्रहालय में कैफेटेरिया, गढ़ कलेवा एवं अन्य दुकानें भी खोली जानी हैं इस संबंध में अंतिम रूपरेखा पर चर्चा की गई। उन्होंने संग्रहालय फेस-2 के अंतर्गत ही आकर्षक बागवानी, परिसर के भीतर स्थित नंद सागर का सौंदर्यीकरण, फॉउंटेन एवं पार्किंग की बेहतर व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में नवनिर्मित छात्रावास के पास ही निर्माणाधीन कन्वेंशन सेंटर की रूपरेखा पर भी चर्चा की। इसके डिजाइन एवं लेआउट पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए। इस कन्वेंशन सेंटर में एक ऑडिटोरियम, आर्ट गैलरी, प्रदर्शनी हॉल, मीटिंग रूम, प्रशासनिक भवन, फूड कोर्ट आदि की व्यवस्था रहेगी।
बैठक में संचालक, टीआरटीआई श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, उपसचिव श्री बी.के.राजपूत, अपर संचालक श्री संजय गौड़, श्री जितेन्द्र गुप्ता, श्री आर.एस.भोई, उपायुक्त श्री विश्वनाथ रेडडी, कार्यपालन यंत्री श्री त्रिदीप चक्रवर्ती, उपयंत्री श्री गुप्ता एवं श्री यशवंत राव सहित आर्किटेक्ट, इंजीनियर्स, आर्टिस्ट एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
रामगढ़ में मितानिनों द्वारा आयोजित स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन में शामिल हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल
मितानिनों को दिया समस्याओं के शीघ्र समाधान का भरोसा
रायपुर, 06 फरवरी 2026


सरगुजा जिले में उदयपुर ब्लॉक के रामगढ़ में मितानिनों द्वारा आयोजित स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल शामिल हुए। उन्होंने मितानिनों को सम्मानित करते हुए कहा कि मितानिन बहनें ग्रामीण एवं शहरी अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे सशक्त और भरोसेमंद कड़ी हैं। शासन की स्वास्थ्य एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचा रही मितानिन बहनें ग्रामीण स्वास्थ्य की धुरी हैं। सरकार आपके हर प्रयास के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

सम्मेलन में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया। उदयपुर विकासखंड की 59 ग्राम पंचायतों से 389 मितानिन, 20 मितानिन ट्रेनर, दो ब्लॉक को-आर्डिनेटर और पांच विकासखंड समन्वयक शामिल हुए। कार्यक्रम का लक्ष्य पंचायत स्तरीय स्वास्थ्य समस्याओं को उजागर कर संबंधित विभागों तक पहुंचाना था। मितानिनों ने अधिकारियों को क्षेत्रीय चुनौतियों से अवगत कराया, पंचायत प्रतिनिधियों को स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ा तथा ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता व पोषण समिति को सक्रिय बनाने पर बल दिया। जिला समन्वयक अर्चना कुशवाहा ने बताया कि मितानिनें मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण व स्वच्छता के माध्यम से समुदाय सशक्त कर रही हैं। विकासखंड समन्वयक गायत्री श्रीवास्तव व मानकुंवर प्रजापति ने उनकी भूमिका को स्वास्थ्य तंत्र की मजबूत कड़ी बताया।
इस वर्ष 85 स्वास्थ्य विभाग, 26 महिला-बाल विकास, 12 पीएचई, 12 खाद्य, 25 जनपद स्तर, 8 पुलिस, 5 विद्युत, 5 शिक्षा, 5 सेंट्रल बैंक व 7 विधायक स्तर के आवेदन प्राप्त हुए। मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सभी पर तत्काल कार्रवाई का भरोसा दिलाया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों की उपस्थिति ने आयोजन को और प्रभावी बनाया।
उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने छात्राओं को बांटी साइकिल, बोले: खूब पढ़े-खूब बढ़े
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी विद्यालय एनसीडीसी के 68 छात्रों को मिली साइकिल
रायपुर 6 फ़रवरी 2026


स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय एनसीडीसी कोरबा में , छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने सरस्वती साइकिल योजना अंतर्गत छात्राओं को साइकिल वितरित की।
सरस्वती साइकिल वितरण कार्यक्रम में सर्वप्रथम मां सरस्वती जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जलवन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस दौरान मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत आज स्कूल में छात्राओं को साइकिल वितरण किया जा रहा है। सभी छात्राओं को बधाई व शुभकामनाएं। खूब पढ़े-खूब बढ़े, बेटियां हैं तो कल है ,सभी बच्चें लगन से पढ़ाई करें और अपने विद्यालय का नाम रोशन करें, हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी की सोच है कि शिक्षा के क्षेत्र में लगातार विकास करते हुए छात्र-छात्राओं को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करें।
इसी उद्देश्य के साथ कोरबा जिले के सभी जर्जर हो चुके शासकीय स्कूलों के नवीन भवन निर्माण को तेजी से कराया जा रहा है, स्कूलों में निशुल्क नाश्ता का प्रदाय किया जा रहा है। मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष कोचिंग की सुविधा रायपुर भेज कर उपलब्ध कराई जा रही है।
हमारी छात्राओं को स्कूल आने में परेशानी ना हो जिसके लिये सरस्वती साइकिल योजना के तहत सरकार द्वारा साइकिल वितरण किया जा रहा है, शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों के लिए अच्छा अवसर देना हमारा कर्तव्य है। हमारी सरकार के मंशा के अनुरूप शिक्षा के क्षेत्र में आगे की ओर अग्रसर होते हुए प्रदेश में बेहतर शिक्षा देना हमारा कर्तव्य है।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष श्री राजेश राठौर ,पार्षद श्रीमती सिमरन कौर, पार्षद श्री मुकुंद कंवर , पार्षद श्री लक्ष्मण श्रीवास, शाला प्रतिनिधि श्री यासीन खान , श्री मिलाप बरेठ , श्रीमती ज्योति वर्मा , श्रीधर द्विवेदी , श्रीमती अर्चना रूनीझा , श्रीमती मंदाकिनी त्रिपाठी जी, प्राचार्य डॉ अलका फिलिप्स सहित अभिभावक गण, छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सरना एथनिक रिसॉर्ट जशपुर को प्रदान किया ग्रीन लीफ अवॉर्ड
भारत सरकार के जल शक्ति और पर्यटन मंत्रालय द्वारा दिया गया है यह अवार्ड
पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों को दी बधाई
रायपुर, 06 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। जशपुर स्थित सरना एथनिक रिसॉर्ट को रिसॉर्ट एवं परिसर में स्वच्छता तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के मानकों पर पूर्णतः उपयुक्त पाए जाने पर वर्ष 2025-26 हेतु प्रतिष्ठित ग्रीन लीफ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस पुरस्कार को छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य को प्रदान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की अथक मेहनत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
ग्रीन लीफ अवॉर्ड पर्यटन क्षेत्र में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने वाला एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है। यह भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग का हिस्सा है। यह अवॉर्ड होटलों, रिसॉर्ट्स, होमस्टे और अन्य पर्यटन इकाइयों को प्रदान किया जाता है जो उच्च स्वच्छता मानकों, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा निर्देशों का पालन करते हैं।
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने हाल के वर्षों में पर्यटन विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया है। बोर्ड ने इको-फ्रेंडली रिसॉर्ट्स, होमस्टे और ट्रेकिंग रूट्स विकसित कर पर्यटन राजस्व में वृद्धि दर्ज की। जशपुर के सरना एथनिक रिसॉर्ट को मिला यह सम्मान बोर्ड की स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय समुदाय सशक्तिकरण की नीतियों का जीवंत प्रमाण है। इससे राज्य में पर्यटन को नई गति मिलेगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से शिक्षा को रोजगारोन्मुख, नवाचारपरक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है-उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन
रायपुर में हुई उच्च स्तरीय एकदिवसीय कार्यशाला
रायपुर, 5 फरवरी 2026

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विमर्श के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस रायपुर में एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को केवल कागज़ों तक सीमित न रखकर प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का कुलपति,कुलसचिव,महाविद्यालय के प्राचार्य एवं प्राध्यापक स्वयं अध्ययन करें।उन्होंने राज्य स्तर पर संचालित समितियों द्वारा नियमित समीक्षा, जिला क्लस्टर व्यवस्था, टास्क फोर्स की बैठकें तथा विश्वविद्यालय स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में समावेशित कर विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति, विरासत और मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। स्थानीय लोक कला और शिल्प कला को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।भारतीय ज्ञान परंपरा पर विद्यार्थियों के बीच ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित कर उनमें जागरूकता बढ़ाई जाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से शिक्षा को रोजगारोन्मुख, नवाचारपरक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है। मंत्री श्री वर्मा ने भविष्य में इस प्रकार की विस्तृत एवं बहुदिवसीय कार्यशालाओं के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यशाला में विशेष अतिथि के रूप में भारतीय शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के अध्यक्ष श्री अतुल कोठारी, राष्ट्रीय सह संयोजक, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के डॉ. ओम प्रकाश शर्मा, निदेशक आईआईटी भिलाई डॉ. राजीव प्रकाश, शिक्षाविद श्री दिलीप केशरवानी, डॉ. नारायण गवांडकर सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला।मुख्य वक्ता श्री अतुल कोठारी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने, क्रेडिट सिस्टम, मल्टीपल एंट्री एवं एग्जिट सिस्टम तथा टास्क फोर्स के गठन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। वहीं डॉ. राजीव प्रकाश ने नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े अनुभव साझा किए। इसी तरह श्री ओम प्रकाश शर्मा ने राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। जिसमें प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया।
शासन के सहयोग और आत्मविश्वास से बदली जीवन की दिशा
लखपति दीदी के रूप में बनीं ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा
रायपुर, 05 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण अंचलों में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। शासन के सहयोग, निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प से बलरामपुर जिले के विकासखंड रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम विजयनगर की निवासी श्रीमती बेलाल अंसारी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और लखपति दीदी के रूप में पहचान बनाकर क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी हैं।
एक समय श्रीमती बेलाल अंसारी का परिवार गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। परिवार की मासिक आय मात्र 1000 से 1500 रुपये के बीच थी, जिससे घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति भी कठिन हो गई थी। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन उनके लिए आशा की किरण बनकर आई। उन्होंने स्व-सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया, जहां नियमित बैठकों और ग्राम भ्रमण के माध्यम से उन्हें कार्य और व्यवसाय की नई समझ मिली। समूह के माध्यम से श्रीमती अंसारी ने चरणबद्ध रूप से कुल 2 लाख 72 हजार 650 रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस पूंजी से उन्होंने कृषि एवं पशुपालन जैसे विविध आजीविका गतिविधियों की शुरुआत की। परिणामस्वरूप उनकी आय में निरंतर वृद्धि हुई और आज उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो गई है।
विशेष लेख : ग्राउंड से ग्रोथ तक: छत्तीसगढ़ में साय सरकार का सुशासन मॉडल
रायपुर, 05 फरवरी 2026

छत्तीसगढ़ आज ग्रामीण विकास के उस मुकाम पर खड़ा है, जहाँ नीतियाँ केवल कागज़ों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि ज़मीन पर ठोस बदलाव का माध्यम बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सुशासन को केवल एक सिद्धांत नहीं, बल्कि कार्यशैली के रूप में अपनाया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महात्मा गांधी नरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी योजनाओं के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर ग्रामीण विकास का एक उभरता मॉडल बना दिया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में 8 लाख से अधिक पक्के आवासों का निर्माण पूर्ण होना, देश में सर्वाधिक है। यह उपलब्धि केवल आंकड़ों की कहानी नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और गरिमापूर्ण जीवन की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री श्री साय का मानना है कि आवास केवल छत नहीं, बल्कि सुरक्षा, स्थिरता और आत्मसम्मान का आधार है। यही कारण है कि राज्य सरकार ने आवास योजना को आजीविका से जोड़ा है। आवास हितग्राहियों को सेंटरिंग प्लेट एवं अन्य निर्माण की आपूर्ति कर 8 हजार से अधिक महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ बन सकीं।
छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी चुनौती रहे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकार ने सुरक्षा के साथ-साथ विकास और विश्वास को समान महत्व दिया है। कौशल प्रशिक्षण और पुनर्वास योजनाओं के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। आर-सेटी एवं प्रोजेक्ट उन्नति के जरिए आत्मसमर्पित नक्सलियों सहित 5 हजार से अधिक हितग्राहियों को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया गया है। वहीं, 3416 आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों को आवास की स्वीकृति दी गई है। पीएम-जनमन आवास योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 33 हजार से अधिक आवासों की स्वीकृति इस दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।
साय सरकार ने योजनाओं की निगरानी में आम नागरिक को सहभागी बनाकर पारदर्शिता को नई परिभाषा दी है। टोल-फ्री हेल्पलाइन, पंचायत स्तर पर क्यूआर कोड और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कोई भी व्यक्ति विकास कार्यों की जानकारी सीधे प्राप्त कर सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को मनरेगा, उज्ज्वला, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और पीएम सूर्यघर जैसी योजनाओं से अभिसरण के माध्यम से जोड़ा गया है, जिससे समग्र लाभ सुनिश्चित हो रहा है।
‘मोर गांव मोर पानी’ महाभियान छत्तीसगढ़ की जल संरक्षण नीति का प्रतीक बनकर उभरा है। नरेगा के तहत दो वर्षों में 20 करोड़ से अधिक मानव दिवसों का सृजन हुआ है। जल संरक्षण के लिए 35 हजार से अधिक कार्य और 10 हजार से अधिक आजीविका डबरियों की स्वीकृति ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से जीआईएस आधारित योजना निर्माण में छत्तीसगढ़ ने देश के अग्रणी राज्यों में स्थान बनाया है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 2.82 लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों से लगभग 30 लाख महिलाएँ जुड़ी हैं। ‘लखपति दीदी’ अभियान के माध्यम से अब तक 4.94 लाख महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। महिलाओं की आवाज़ को मंच देने के लिए ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम और उनके उत्पादों के विपणन हेतु ‘छत्तीसकला’ ब्रांड राज्य सरकार के नवाचारों के प्रमाण हैं।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत 2902 किलोमीटर सड़कों की स्वीकृति और 1064 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूर्ण होना, दूरस्थ और जनजातीय अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत सड़कों के निर्माण में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्य है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के विभिन्न चरणों में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दशकों से अधूरी पड़ी 43 सड़कों को पूरा कर सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि विकास अब किसी क्षेत्र या वर्ग तक सीमित नहीं रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि शासन का वास्तविक उद्देश्य आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। आवास, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, जल संरक्षण और अधोसंरचना के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ आज समावेशी और आत्मनिर्भर विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। पारदर्शी, नवाचारी और जनोन्मुखी कार्यप्रणाली के कारण छत्तीसगढ़ अब केवल एक राज्य नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास का राष्ट्रीय मॉडल बन रहा है।
महिला शक्ति और वनोपज का सफल संगम, हरिबोल स्व-सहायता समूह ने रचा आर्थिक सशक्तिकरण का उदाहरण
बढ़ती मांग, मजबूत बाजारः स्थानीय से प्रदेश स्तर तक वनौषधियों की निरंतर आपूर्ति
रायपुर, 05 फरवरी 2026

ग्रामीण अंचलों में वनोपज पर आधारित आजीविका सदियों से महिलाओं के जीवन और आर्थिक संरचना का अभिन्न हिस्सा रही है। जंगलों से प्राप्त वनोषधि एवं अन्य वनोपज न केवल पारंपरिक ज्ञान का प्रतीक हैं, बल्कि आज के समय में महिला स्वावलंबन, स्वास्थ्य और सतत रोजगार का मजबूत आधार भी बन रहे हैं। जब संगठित प्रयास, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ाव मिलता है, तब यही वनोपज ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता और सम्मान का नया अध्याय रचते हैं। इसी सोच को साकार करता हुआ एक सशक्त उदाहरण है कोरबा जिले के ग्राम डोंगानाला का हरिबोल स्व सहायता समूह है, वर्ष 2006-07 में यूरोपियन कमीशन परियोजना के अंतर्गत स्वीकृत इस पहल के माध्यम से गठित हरिबोल स्व सहायता समूह ने आज महिला सशक्तिकरण की एक सफल मिसाल कायम की है। 12 महिला सदस्यों से युक्त यह समूह वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र, डोंगानाला का सफल संचालन कर रहा है, जहां कच्ची वनौषधियों का संग्रहण, वैज्ञानिक पद्धति से प्रसंस्करण एवं विपणन किया जाता है। समूह की महिलाएं स्वयं जंगलों से कच्ची वनौषधि एकत्र कर, निर्धारित घटक मात्रा के अनुसार प्रसंस्करण कार्य करती हैं।
प्रसंस्करित वनौषधियों की मांग स्थानीय स्तर के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर भी निरंतर बनी हुई है। समूह द्वारा उत्पादित वनौषधियों का विक्रय एन.डब्ल्यू.एफ.पी. मार्ट बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, कांकेर, अंबिकापुर, जगदलपुर सहित संजीवनी केंद्र केवची (कटघोरा) एवं कोरबा में किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रसंस्करण केंद्र में नियुक्त वैद्य द्वारा स्थानीय एवं आसपास के क्षेत्रों के 1500 से अधिक मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है। समूह की महिलाओं द्वारा हिंगवाष्टक चूर्ण, अजमोदादि चूर्ण, अश्वगंधादि चूर्ण, सितोपलादि चूर्ण, अविपत्तिकर चूर्ण, बिल्वादि चूर्ण, पुष्यानुग चूर्ण, त्रिफला चूर्ण, पंचसम चूर्ण, शतावरी चूर्ण, आमलकी चूर्ण, पायोकिल (दंतमंजन), सर्दी-खांसी नाशक चूर्ण, हर्बल कॉफी चूर्ण, महिला मित्र चूर्ण, हर्बल मधुमेह नाशक चूर्ण, हर्बल फेसपैक चूर्ण तथा हर्बल केशपाल चूर्ण का निर्माण किया जा रहा है।
आर्थिक दृष्टि से हरिबोल स्व सहायता समूह ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्तमान में समूह द्वारा 20 लाख 52 हजार रुपये की वार्षिक आय अर्जित की जा रही है तथा प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख रुपये की वनौषधियों का विक्रय किया जाता है। इससे प्रत्येक सदस्य को औसतन 1.71 लाख रुपये प्रति वर्ष की आमदनी प्राप्त हो रही है। बीते दो वर्षों में समूह का विक्रय एवं लाभ दोनों दोगुने हुए हैं, जहां पूर्व में वार्षिक लाभ 10.68 लाख रुपये था, जो वर्तमान में बढ़कर 20.52 लाख रुपये हो गया है।
वन मंडलाधिकारी कटघोरा ने बताया कि यह वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र समूह से जुड़ी महिलाओं को स्थायी रोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रहा है। महिलाएं अपनी आय से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य उपचार, घरेलू आवश्यकताओं एवं त्यौहारों के खर्चों को सहजता से पूरा कर रही हैं। समूह की महिलाएं मासिक अंशदान के माध्यम से आपसी सहयोग, ऋण व्यवस्था और सामाजिक सहभागिता को भी मजबूत कर रही हैं।
हरिबोल स्व सहायता समूह की उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है। वर्ष 2008 में फिलिप्स बहादुरी पुरस्कार प्राप्त करने के साथ ही भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन संघ (ट्राइफेड), भारत सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 में वनधन विकास केंद्र, डोंगानाला को राष्ट्रीय स्तर पर अधिकतम प्रकार के वनोत्पाद निर्माण एवं विपणन हेतु प्रथम पुरस्कार तथा अधिकतम विक्रय हेतु द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया, केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन मुंडा द्वारा प्रदान किया गया।
हरिबोल स्व सहायता समूह की यह सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब महिलाओं की पारंपरिक जानकारी को आधुनिक प्रसंस्करण और विपणन से जोड़ा जाता है, तब वनोपज न केवल आजीविका का साधन बनते हैं, बल्कि ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की मजबूत नींव भी तैयार करते हैं।
280 मीटर लंबे बैनर पर 10 हजार हस्ताक्षर के साथ बनेगा ’गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड : कोरबा में रचा जाएगा इतिहास
रायपुर, 05 फरवरी 2026
कोरबा जिले के नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने और नागरिकों को संकल्पबद्ध करने के उद्देश्य से ’महासंकल्प 2026’ के बैनर तले एक विशाल महाभियान का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक पहल के माध्यम से कोरबा शहर स्वच्छता के क्षेत्र में अपना नाम ’गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज कराने की तैयारी में है। इस महाभियान के अंतर्गत 280 मीटर लंबे एक विशाल बैनर पर स्वच्छता शपथ के साथ 10 हजार से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर कराए जाएंगे, जो शहर की एकजुटता और स्वच्छता के प्रति समर्पण को प्रदर्शित करेगा।
यह भव्य कार्यक्रम प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में संपन्न होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कोरबा की सांसद श्रीमती ज्योत्स्ना महंत द्वारा की जाएगी। इसके साथ ही, जिले के कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत एवं पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएंगे। नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत एवं निगम आयुक्त ने संयुक्त रूप से इस आयोजन की सफलता के लिए शहरवासियों से उत्साहपूर्वक भागीदारी की अपील की है।
इस गौरवशाली अभियान का आयोजन 6 फरवरी 2026 को प्रातः 10 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक किया जाएगा। कार्यक्रम का स्थल महाराणा प्रताप नगर गार्डन, घंटाघर से रविशंकर शुक्ल नगर मुख्य मार्ग, कोरबा निर्धारित किया गया है। नगर निगम प्रशासन ने सभी प्रबुद्ध नागरिकों, छात्र-छात्राओं और सामाजिक संगठनों को आमंत्रित किया गया है ताकि “स्वच्छता हमारा कर्तव्य-स्वच्छ कोरबा हमारी पहचान“ के ध्येय को चरितार्थ करते हुए कोरबा एक नया कीर्तिमान स्थापित कर सके।