छत्तीसगढ़ / रायपुर
छत्तीसगढ़ के प्रेम राजन रौतिया ने इंटरनेशनल पावरलिफ्टिंग में दिलाया स्वर्ण पदक, मुख्यमंत्री श्री साय से की मुलाकात
छत्तीसगढ़ के प्रेम राजन रौतिया ने इंटरनेशनल पावरलिफ्टिंग में दिलाया स्वर्ण पदक, मुख्यमंत्री श्री साय से की मुलाकात
सेलम इंग्लिश स्कूल को मिला राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान, मुख्यमंत्री ने सराहा नेतृत्व
रायपुर। रायपुर के सेलम इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए “पीएसआरएआर राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
विद्यालय को यह गौरवपूर्ण सम्मान प्रभारी प्राचार्य श्रीमती रुपिका लॉरेंस के अनुशासित नेतृत्व, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता के लिए दिया गया। इस दौरान वे पारिवारिक यात्रा पर थीं, लेकिन उनकी ओर से प्रतिनिधि के.के. सिंह और जितेश श्रीवास ने सम्मान ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल और विधायक धर्मलाल कौशिक सहित कई अतिथियों ने मंच से सेलम स्कूल की प्रशंसा करते हुए कहा कि “ऐसे शिक्षक और प्राचार्य ही किसी संस्थान की असली पहचान बनाते हैं।”
सम्मान प्राप्ति के बाद श्रीमती लॉरेंस ने कहा "यह पुरस्कार सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि हमारे हर शिक्षक, छात्र और अभिभावक की मेहनत और समर्पण का प्रतीक है। यह हम सबके लिए प्रेरणा है कि हम शिक्षा के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।"
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती शुभा शुभलता मिश्रा ने किया, जिन्होंने पीएसआरएआर के समन्वयक के रूप में स्कूल को सम्मानित भी किया।
यह उपलब्धि रायपुर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की शिक्षा जगत के लिए गर्व की बात है।
जीवन में सफलता के लिए शिक्षा है मजबूत आधार : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री ने पीएसवाय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित
रायपुर । मुख्यमंत्री साय ने 12 जुलाई को पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित पीएसवाय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में विभिन्न विधाओं के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित शिक्षकों, विद्यार्थियों और संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र सेवा का मार्ग है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है, और यही किसी भी राष्ट्र की प्रगति की नींव होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता का मूल आधार शिक्षा ही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और बीते वर्षों में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। जहां पहले प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, आज वहां 15 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। साथ ही, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान भी राज्य में कार्यरत हैं। गांव-गांव में स्कूल खोले गए हैं, और बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप महाविद्यालयों की स्थापना की गई है।
उन्होंने कहा कि हमारे समय में कई गांवों के बच्चों के लिए केवल एक स्कूल होता था। मुझे याद है कि मैंने पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दूसरे गांव में दी थी, क्योंकि हमारे गांव में परीक्षा केंद्र नहीं था। आज छत्तीसगढ़ में छात्रों के लिए असीम अवसर मौजूद हैं और प्रत्येक बच्चे को इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ना चाहिए।
साय ने कहा कि राज्य सरकार नई शिक्षा नीति को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में देश में लागू की गई नई शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ में शिक्षा अब स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध हो रही है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई करवाई जा रही है, और प्रदेश में मेडिकल की शिक्षा भी हिंदी में दी जा रही है।
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संस्था द्वारा सम्मानित प्रतिभावान छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में इन बच्चों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में हमारे युवाओं का योगदान निर्णायक सिद्ध होगा।
विधायक धरमलाल कौशिक ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य न केवल प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित करना है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही प्रतिभाओं को भी एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न भाषाओं में पारंगत बनाने की दिशा में ठोस कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की भी सराहना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को भी सम्मानित किया। इस दौरान वरिष्ठ चित्रकार राज सैनी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को एक विशेष उपहार के रूप में उनके प्रधानमंत्री मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के साथ की पेंटिंग भेंट की।
कार्यक्रम में पीएसवाय के प्रेसिडेंट डॉ. एस.के. मिश्रा, सलाहकार महेंद्र गुप्ता, सीईओ श्रीमती शुभ्रा शुक्ला, सहित अनेक प्रबुद्धजन, शिक्षाविद्, अतिथि, एवं स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत: 25 हजार तक की पुरानी VAT देनदारियां होंगी खत्म
रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार ने छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। अब 10 साल से ज्यादा पुराने 25,000 रुपये तक की वैट देनदारियां समाप्त की जाएंगी। इससे न सिर्फ 40 हजार से अधिक व्यापारियों को फायदा होगा, बल्कि 62 हजार से ज्यादा लंबित मामलों में मुकदमेबाजी भी खत्म होगी।
यह फैसला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। बैठक में "छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक" और "छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति निपटान संशोधन विधेयक 2025" के प्रारूप को मंजूरी दी गई। दोनों विधेयकों को आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा।
जीएसटी में भी किए जाएंगे अहम संशोधन:
इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूशन में सुधार: अब RCM (रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म) के तहत लिए गए IGST को भी शाखा कार्यालयों में वितरित किया जा सकेगा।
अपील शुल्क में राहत: जिन मामलों में केवल पेनाल्टी है और टैक्स नहीं, वहां अपील करने के लिए जरूरी पूर्व डिपॉजिट 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है।
वाउचर टैक्सेशन पर स्पष्टता: ‘टाइम ऑफ सप्लाई’ प्रावधान को हटाया गया है ताकि टैक्स देनदारी को लेकर एकरूपता बनी रहे।
ट्रेस एंड ट्रैक मैकेनिज्म लागू: तंबाकू जैसे डिमेरिट गुड्स पर निगरानी के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है ताकि पूरे सप्लाई चेन पर निगरानी रखी जा सके।
स्पेशल इकोनॉमिक जोन में छूट: वेयरहाउस में बिना मूवमेंट वाले व्यापारिक लेनदेन को जीएसटी के दायरे से बाहर किया गया है, जिससे SEZ कारोबारियों को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य सरकार का यह कदम व्यापारियों के लिए Ease of Doing Business को बढ़ावा देगा और कर विवादों को सुलझाने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।
GST टीम की बड़ी कार्रवाई: 5 शहरों में छापे, 10 करोड़ की पेनल्टी तय
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जीएसटी चोरी के खिलाफ स्टेट जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गुटखा, कपड़ा, ट्रांसपोर्ट, जूता और ड्रायफ्रूट कारोबारियों के 25 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर विभाग ने 10 करोड़ रुपए की पेनाल्टी तय की है। ये कार्रवाई रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, रायगढ़ और जगदलपुर में की गई।
कच्चे में लेनदेन और बोगस बिलिंग का भंडाफोड़
टीम को छापे के दौरान बोगस बिलिंग, बिना टैक्स लेनदेन, कच्चे में खरीद-बिक्री और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की फर्जी एंट्री के दस्तावेज मिले। कारोबारी वास्तविक उपभोक्ताओं को माल बेचकर बिल फर्जी फर्मों के नाम से जारी कर रहे थे ताकि ITC का लाभ दिया जा सके।
कम्प्यूटर, बिल बुक्स और डिजिटल डेटा जब्त
टीम ने कई दुकानों और गोदामों से कंप्यूटर, लैपटॉप, बिक्री बिल, वाउचर, डायरी, स्टाफ रजिस्टर और अन्य डिजिटल डेटा जब्त किया। ड्रायफ्रूट और जूता कारोबारियों के यहां टैक्स चोरी की पुरानी शिकायतें पहले से थीं। इस बार पुख्ता सबूत मिलने के बाद छापेमारी की गई।
ई-वे बिल में भी अनियमितता
जांच में पता चला कि वर्ष 2017-18 से 2024-25 तक करोड़ों का टर्नओवर दिखाया गया है, लेकिन नकद कर भुगतान शून्य है। ई-वे बिलों की पड़ताल में यह भी सामने आया कि माल उपभोक्ताओं को बेचा गया लेकिन बिल अन्य व्यवसायियों के नाम पर काटे गए।
बिना टैक्स कारोबार नहीं: जीएसटी कमिश्नर
स्पेशल कमिश्नर टीएल ध्रुव ने स्पष्ट किया कि बिना टैक्स दिए कारोबार संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि, “पिछली तिमाही में छत्तीसगढ़ देश के टॉप जीएसटी संग्रहकर्ता राज्यों में शामिल रहा है, और इस तिमाही में भी वही रिकॉर्ड दोहराने की तैयारी है।”
छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही टैक्स सख्ती और निगरानी से अब फर्जीवाड़ा करने वालों की खैर नहीं। कारोबारियों को सलाह दी गई है कि वे लंबित टैक्स तुरंत जमा करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
मनुष्य का जीवन पाना दुर्लभ, उससे ज्यादा कठिन है गुणों की प्राप्ति: साध्वी हंसकीर्ति
रायपुर । दादाबाड़ी में आत्मोत्थान चातुर्मास 2025 के अंतर्गत चल रहे प्रवचन श्रृंखला के दौरान शनिवार को हंसकीर्ति श्रीजी ने कहा कि मनुष्य का शरीर पाना बहुत ही दुर्लभ बात है। लेकिन उससे भी ज़्यादा कठिन है – अच्छे धर्म और सच्चे गुणों को पाना। जैसे चिंतामणि नाम का चमत्कारी रत्न मिलना बहुत मुश्किल होता है, वैसे ही इंसान के जीवन में अच्छे संस्कार और अच्छे गुण मिलना भी बहुत मुश्किल होता है।
आजकल लोग बिना सोचे-समझे किसी के भी सामने झुक जाते हैं। अब सवाल उठता है कि झुकना सही है या गलत? असल बात यह है कि अगर आप अपने मन में विनम्रता रखते हुए किसी के सामने झुकते हैं, तो यह कोई गलत बात नहीं है। यह दिखाता है कि आप सामने वाले को मान-सम्मान दे रहे हैं। लेकिन अगर आप किसी स्वार्थ या डर की वजह से हर किसी के सामने झुकते हैं, तो यह ठीक नहीं है। और अगर आप घमंड में रहेंगे और कभी किसी के सामने नहीं झुकेंगे, तो एक दिन टूट ज़रूर जाएंगे। इसलिए समझदारी इसी में है कि जहाँ ज़रूरी हो, वहाँ झुकें। मगर बिना बात और अपने सम्मान को गिराकर नहीं।
अब इसी बात को एक कहानी से समझते हैं
एक नदी बहुत खुश होकर सागर से मिलने जा रही थी। सागर ने पूछा, "बहन, आज इतनी खुश क्यों हो?"
नदी ने कहा, "मैं कई बार आपसे मिलने आई, लेकिन मेरे रास्ते में एक बड़ा पहाड़ आ जाता था। आज मैंने उस पहाड़ को तोड़कर रास्ता बना लिया, इसलिए मैं बहुत खुश हूँ।"
सागर ने हँसते हुए कहा, "बहुत अच्छा किया। अब तुम मेरे लिए एक छोटा सा काम कर दो। पास के बांस के जंगल से चार बांस तोड़ लाओ।"
नदी वहाँ गई। तेज़ बहाव से बांसों पर जोर डाला। बांस झुके, मगर टूटे नहीं। नदी ने फिर ज़ोर लगाया, फिर भी वही हुआ। कई बार कोशिश की, लेकिन बांस नहीं टूटे। आखिर थककर नदी वापस सागर के पास आई और बोली, "मैंने बहुत कोशिश की, लेकिन बांस नहीं टूटे।"
सागर मुस्कराया और बोला, "बहन, यही तो मैं तुम्हें समझाना चाहता था। जो लोग बहुत घमंडी होते हैं, वो पहाड़ की तरह होते हैं—एक दिन टूट जाते हैं। लेकिन जो लोग विनम्र होते हैं, वो बांस की तरह होते हैं—वो झुकते हैं, लेकिन कभी टूटते नहीं।"
इससे हमें यह सीख मिलती है कि विनम्रता कमजोरी नहीं होती। यह ताकत होती है। जो इंसान समय के साथ थोड़ा झुकना जानता है, वह मुश्किलों से टूटता नहीं। हमें चाहिए कि अपने जीवन में झुकने की समझ और अच्छाई बनाए रखें, क्योंकि यही हमारे जीवन को सफल बनाता है।
आत्मोत्थान चातुर्मास समिति 2025 के अध्यक्ष अमित मुणोत ने बताया कि दादाबाड़ी में सुबह 8.45 से 9.45 बजे साध्वीजी का प्रवचन होगा। आप सभी से निवेदन है कि जिनवाणी का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
अग्निशमन विभाग और इंडियन नेवी ने निकाली भर्ती
रायपुर । छत्तीसगढ़ के छात्र नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर केंद्रीय क्षेत्रीय छात्रवृत्ति योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस योजना के तहत 1387 छात्रों को लाभ मिलेगा। जिन छात्रों ने इस वर्ष स्नातक में प्रवेश लिया है और जिन्होंने 80 परसेंटाइल या न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, वे 31 अक्टूबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इसके लिए आपको पोर्टल पर जरूरी जानकारी मिल जाएगी, जैसे कि आवेदन कैसे करना है, इसके लिए नियम क्या हैं और बाकी सवालों के जवाब।
अग्निशमन विभाग में 295 पदों पर भर्ती
छत्तीसगढ़ अग्निशमन विभाग में स्टेशन ऑफिसर, फायरमैन, ड्राइवर, मैकेनिक, ऑपरेटर आदि के 295 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 31 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। फायरमैन के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं, स्टेशन ऑफिसर के लिए बीएससी या बीई तथा अन्य पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं निर्धारित की गई हैं।
इंडियन नेवी में 1110 पदों पर भर्ती
भारतीय नौसेना ने नेवल सिविलियन ग्रुप बी और ग्रुप सी के 1110 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। योग्य उम्मीदवार 18 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। पदों के अनुसार शैक्षणिक योग्यता में नर्सिंग डिग्री, फार्मेसी डिप्लोमा, प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी या 10वीं के साथ संबंधित डिप्लोमा/डिग्री मांगी गई है।
एमएससी केमिस्ट्री की 13 पेमेंट सीटों पर एडमिशन
रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में एमएससी केमिस्ट्री की 13 पेमेंट सीटें खाली हैं। इनमें प्रवेश के लिए 11 जुलाई को दस्तावेज़ सत्यापन और काउंसिलिंग आयोजित की जाएगी। वे छात्र जो प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए हैं, उपस्थित हो सकते हैं।
56 पेट्रोल पंपों में स्थापित होंगे प्रदूषण जांच केन्द्र
रायपुर। राज्य में वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण को प्रभावी बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने एक अहम पहल की है। आगामी दिनों में 56 पेट्रोल पंपों में प्रदूषण जांच केन्द्र की स्थापना की जाएगी। परिवहन विभाग के सचिव एवं परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश (भाप्रसे) तथा अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर (भापुसे) की उपस्थिति में पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर पेट्रोल पंपों में प्रदूषण जांच केन्द्र स्थापित करने की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में एचपीसीएल ने बताया कि रायपुर स्थित सेंट्रल जेल के पास उनके पेट्रोल पंप में पीयूसी सेंटर की शुरुआत हो चुकी है और आगामी दिनों में 50 आउटलेट्स में सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य है। वहीं जियो पेट्रोलियम ने धमतरी और रायपुर के पंपों में केंद्र प्रारंभ कर दिए हैं तथा इस तिमाही में 6 नए केंद्र खोलने की योजना है। इंडियन ऑयल कंपनी ने जानकारी दी कि रायपुर-बिलासपुर मार्ग स्थित जय-जवान पेट्रोल पंप में पीयूसी सेंटर शुरू किया गया है।
परिवहन आयुक्त ने निर्देश दिए कि पीयूसी सेंटरों की उपलब्धता की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक वाहन मालिक प्रदूषण जांच करवा सकें और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें। बैठक में उप परिवहन आयुक्त मनोज कुमार धु्रव, एआरटीओ सुश्री युगेश्वरी वर्मा तथा तेल कंपनियों के प्रतिनिधि इंडियन ऑयल से विशाल राणा, एचपीसीएल से राकेश जोशी एवं नितिन श्रीवास्तव, और जियो पेट्रोलियम से शिखर श्रीवास्तव उपस्थित थे।
अब पुराने पसंदीदा नंबर को नए वाहन में फिर से किया जा सकेगा इस्तेमाल
रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार ने वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। अब नागरिक अपने पुराने वाहन के मनपसंद या च्वाइस नंबर को नए वाहन में दोबारा उपयोग कर सकेंगे। यह फैसला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया।
कैसे मिलेगी सुविधा
परिवहन सचिव एस. प्रकाश और परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने बताया कि इस नई व्यवस्था की सभी तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब जिन नागरिकों के पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन विधिपूर्वक रद्द हो चुका है, वे उसी श्रेणी के नए वाहन या अन्य राज्य से लाए गए एनओसी वाले वाहन में वही नंबर फिर से ले सकेंगे।
क्या है प्रक्रिया
वाहन मालिक को निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करना होगा।
यह सुविधा नॉर्मल (नॉन-फैंसी) नंबर के लिए भी उपलब्ध होगी।
सेवा केवल नए वाहन या दूसरे राज्य से स्थानांतरित वाहन पर लागू होगी।
पहले से छत्तीसगढ़ में पंजीकृत अन्य वाहनों के लिए यह सुविधा लागू नहीं होगी।
क्यों है यह फैसला खास
यह निर्णय नागरिकों को अपना मनपसंद नंबर दोबारा इस्तेमाल करने की सुविधा देगा। पुराने नंबर से जुड़ी भावनात्मक या व्यावसायिक पहचान को बनाए रखने में मदद करेगा। परिवहन विभाग की सेवाओं को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगा।
इस सुविधा से राज्यभर में वाहन स्वामियों को राहत मिलेगी और नंबर आरक्षण को लेकर चल रही जटिलताओं में भी कमी आएगी।
देवार गिरोह का पर्दाफाश: लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात जब्त, 6 चोर गिरफ्तार
रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के आवासीय कॉलोनियों के सूने मकानों में हो रही चोरी की घटनाओं की शिकायतों को लेकर पुलिस सक्रिय है।
पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा मामले को गंभीरता से लिया गया है। चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और अज्ञात आरोपियों की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया है।
जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की 30 सदस्यीय टीम का विशेष टीम का गठन किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा घटना स्थलों का निरीक्षण कर प्रार्थियों से विस्तृत पूछताछ करते हुए आरोपियों की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा आरोपियों की पतासाजी हेतु रात्रि में गश्त करने के साथ-साथ सभी घटनास्थलों के CCTV कैमरों का अवलोकन करने के साथ ही आरोपियों की पतासाजी हेतु प्रकरण में मुखबीर भी लगाये गए हैं।
अलग-अलग ठिकानों से चोरी के आरोपी गिरफ्तार
CCTV फुटेज में एक गिरोह द्वारा आवासीय कॉलोनियों में सूने मकानों में रात्रि में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा उक्त गिरोह को फोकस कर लगातार पतासाजी किया जाने लगा। इस दौरान टीम के सदस्यों को प्रकरण में संलिप्त आरोपियों के संबंध में तकनीकी विश्लेषण से महत्पूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। टीम के सदस्यों द्वारा चोरी की घटनाओं में संलिप्त करण धु्रव, रवि नेताम और सागर नगरहा की पतासाजी करते हुए उनके छिपने के अलग-अलग ठिकानों में टीम के सदस्यों द्वारा एक साथ दबिश देकर पकड़ा गया।
डेढ़ दर्जन से अधिक चोरी की घटनाओं को दिया अंजाम
घटना के संबंध में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ करने पर उनके द्वारा अपने साथी भूपेन्द्र साहू, शुभांकर पटेल (देवार) और अन्य के साथ मिलकर विभिन्न आवासीय कॉलोनियों के सुने मकानों में मिलकर डेढ़ दर्जन से अधिक चोरी की घटनाओं अंजाम देना स्वीकार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से चोरी के सोने चांदी के जेवरातों के संबंध में पूछताछ करने पर उनके द्वारा चोरी के सोने चांदी के जेवरातों को अपने परिचित सुरेश सोनझरा, जो सोना झारने का कार्य करता है।
इन आरोपियों पर पहले भी चोरी के प्रकरण दर्ज
जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा प्रकरण में चोरी के सोने चांदी के जेवरातों को क्रय करने पर आरोपी सुरेश सोनझरा को भी पतासाजी कर गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध धारा 317 बी.एन.एस के तहत कार्यवाही किया गया है। सभी गिरफ्तार आरोपियों के निशानदेही पर उनके कब्जे से 260.585 ग्राम (26.50 तोला) सोना, 01 किलो 634 ग्राम चांदी घटना प्रयुक्त 05 नग मोबाईल फोन, 05 नग दोपहिया वाहन और अन्य कीमती सामान लगभग 30,10,000 रूपये जब्त किया गया। आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की गई है। आरोपी भूपेन्द्र साहू, करण धु्रव और शुभांकर पटेल पूर्व में भी चोरी के प्रकरणों में तथा रवि नेताम मारपीट के प्रकरण में जेल निरूद्ध रह चुके है।
गिरफ्तार 6 आरोपियों की पहचान इन नामों से हुई है -
01. सागर नगरहा (देवार) पिता जगमोहन नगरहा उम्र 21 साल निवासी चंगोराभाठा डी.डी.नगर रायपुर।
02. भूपेन्द्र साहू पिता लतेलू साहू उम्र 22 साल निवासी ताजनगर, संतोषी नगर थाना टिकरापारा रायपुर।
03. शुभांकर पटेल (देवार) पिता स्व. मंगल पटेल उम्र 21 साल निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी कचना थाना खम्हारडीह रायपुर।
04. रवि नेताम (देवार) पिता वीरू नेताम उम्र 25 साल निवासी सरकारी स्कूल के पास मठपुरैना थाना पुरानी बस्ती रायपुर।
05. करण धु्रव (देवार) पिता हेमु धु्रव उम्र 25 साल निवासी ओम नगर काठाडीह थाना टिकरापारा रायपुर।
06. सुरेश सोनझरा पिता स्व. चमन लाल उम्र 46 साल निवासी सोनझरा पारा हरदेव लाल मंदिर के सामने थाना टिकरापारा रायपुर।
उरला में दिव्यांग युवक ने किया सुसाइड
रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक शख्स की फांसी के फंदे पर लटकी हुई लाश मिली है. घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है।
सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई. पुलिस ने शव को बरामद कर मर्चुरी के लिए भिजवा दिया।
जानकारी के मुताबिक, उरला थाना क्षेत्र के अछोली इलाके में दृष्टिहीन शख्स की संदिग्ध परिस्थिति में लाश मिली. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बरामद कर लिया।
शव को मर्चुरी में रखा गया है। आज पोस्टमार्टम होगा. मामले में पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
कृषि महाविद्यालयों के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया प्रारंभ
रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के बी.एस.सी. कृषि (ऑनर्स) स्नातक पाठ्यक्रम में नवीन शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रवेश हेतु ऑनलाईन काउंसलिंग प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। प्रथम चरण की काउंसलिंग 15 जुलाई से 21 जुलाई 2025 तक चलेगी। प्रथम चरण की काउंसलिंग में 15 जुलाई को ऑनलाईन पंजीयन करने वाले अभ्यर्थियों को पीएटी परीक्षा की प्रावीण्य सूची के आधार पर प्रोविजनल सीट एवं महाविद्यालय का आबंटन किया जायेगा। 16 से 18 जुलाई तक कृषि महाविद्यालय रायपुर में प्रातः 8 बजे से शाम 5ः30 तक दस्तावेजों का परीक्षण किया जायेगा।
अभ्यर्थियों को उन्हें आबंटित प्रोविजनल सीट को सुरक्षित करने हेतु 16 जुलाई से 19 जुलाई तक ऑनलाईन फीस जमा करना होगा। यह उल्लेखनीय है कि पीएटी काउंसलिंग की प्रवेश प्रकिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ आयोजित की जा रही है तथा इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश नही ंहै। विश्वविद्यालय प्रशासन के संज्ञान में यह बात आई है कि कतिपय असामाजिक तत्वों द्वारा अभ्यर्थियों को कृषि महाविद्यालयों में प्रवेश दिलाने का झांसा दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अभ्यर्थियों को आगाह किया गया है कि ऐसे असामाजिक तत्वों के झांसे में न आएं तथा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित पूर्ण पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया में बिना किसी संदेह के शामिल हों।
सीट आबंटन के पश्चात यदि अभ्यर्थी किसी कारण से सीट सुरक्षित नहीं कर पाता है और आगामी चरण की काउंसलिंग में भाग लेना चाहता है तो इस हेतु ऑनलाइन आवेदन करना होगा तथा ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें अभी तक कोई सीट आबंटित नहीं हुई है, उन्हें भी स्पॉट एवं कन्वर्शन काउंसलिंग के लिए 16 जुलाई से 19 जुलाई, 2025 तक (रात्रि 11ः30 बजे) के मध्य ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यदि अभ्यर्थी सीट सुरक्षित करने के पश्चात सीट निरस्त करना चाहता है और आगे किसी भी प्रक्रिया में भाग नहीं लेना चाहता है तो इस हेतु 16 जुलाई से 19 जुलाई, 2025 तक (रात्रि 11ः30 बजे) के मध्य सीट निरस्त करना होगा।
आबंटित एवं रिक्त सीटों की जानकारी 21 जुलाई 2025 को उपलब्ध कराई जाएगी। स्पॉट एवं कन्वर्शन काउंसलिंग हेतु पंजीकृत अभ्यर्थियों की सूची 21 जुलाई, 2025 को विश्वविद्यालय की वेबसाईट पर अपलोड की जाएगी। स्पॉट काउंसलिंग हेतु प्रोविजनल सीट एवं महाविद्यालय का आबंटन 22 से 23 जुलाई के मध्य किया जाएगा। तत्काल दस्तावेज परीक्षण एवं ऑनलाईन फीस जमा करने हेतु 22 से 23 जुलाई को अभ्यर्थियां को कृषि महाविद्यालय, रायपुर में उपस्थित होना होगा। कन्वर्शन काउंसलिंग हेतु प्रोविजनल सीट, महाविद्यालय आबंटन, तत्काल दस्तावेज एवं ऑनलाईन फीस जमा करने हेतु अभ्यर्थियों को कृषि महाविद्यालय रायपुर में 25 जुलाई को उपस्थित होना पडे़गा। इच्छुक अभ्यर्थी काउंसिलिंग संबंधित दिशा-निर्देशों की अधिक जानकारी हेतु विश्वविद्यालय की वेबसाईट www.igkv.ac.in का अवलोकन कर सकते हैं।
खाद आपूर्ति को लेकर जिले में नहीं कोई समस्या, समिति से किसानों को मिल रहा पर्याप्त खाद
रायपुर। जिले में खेती-किसानी का कार्य पूरे जोर पर है। समय पर वर्षा और प्रशासन की बेहतर व्यवस्थाओं के चलते किसान इस बार बेहतर उत्पादन की उम्मीद में उत्साहित नजर आ रहे हैं। जिले की सहकारी समितियों में खाद का पर्याप्त भंडारण किया गया है, जिससे कृषकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा।
खाद की नियमित और सुचारू आपूर्ति से कृषकों में उत्साह का माहौल है। ग्राम बड़गांव, विकासखंड आरंग के कृषक श्री बिसराम निषाद ने बताया, "इस बार बारिश समय पर हो रही है और चन्द्रखुरी सहकारी समिति से हमें समय पर खाद मिल रहा है। मैंने 10 बोरा डीएपी और 12 बोरा यूरिया लेकर खेती शुरू कर दी है। समिति की व्यवस्था बहुत अच्छी है और किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है।"
उन्होंने कहा, "प्रशासन की ओर से की गई तैयारियां सराहनीय हैं। मैं हमारे किसान के हितों के लिए कार्य करने वाले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने किसानों के लिए समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की।"
लखपति दीदी पर आयोजित क्षेत्रीय कार्यशाला का CMTC सेरीखेड़ी में समापन
रायपुर। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार अंतर्गत दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा 'लखपति दीदी बनाने की दिशा में' विषय पर तीन दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला के अंतिम दिवस दिनांक 11 जुलाई 2025 को राजधानी रायपुर में प्रदेश भर की चयनित लखपति दीदियों ने अपने संघर्ष, मेहनत व आजीविका से आत्मनिर्भर बनाने की कहानियों, परिचर्चा सत्र का आयोजन हुआ। विदित हो कि उक्त कार्यशाला का शुभारंभ ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव शैलेष कुमार, सूक्ष्म व लघु उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव एस सी एल दास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया था।
'लखपति दीदी कार्यशाला' के अंतिम दिन, छत्तीसगढ़ की दीदियों ने साझा की अपनी सफलता की कहानियाँ!
तीन दिवसीय लखपति दीदी क्षेत्रीय कार्यशाला के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आई लखपति दीदियों ने अपनी सफलता की कहानियाँ और उद्यमशीलता की यात्रा सभी प्रतिभागियों के साथ साझा की।
नगपुरा चंदखुरी की चंद्रकली वर्मा दीदी, जिन्हें प्रधानमंत्री द्वारा 'नमो ड्रोन दीदी' के रूप में सम्मानित किया गया है, ने बताया कि उन्होंने ग्वालियर से ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया और 2025 के लिए 800 एकड़ की बुकिंग कर ली है, जहाँ वे प्रति एकड़ 300 की दर से सेवा दे रही हैं।
आरंग की नागेश्वरी वर्मा दीदी ने बताया कि बिहान से जुड़कर उन्होंने मुर्गी पालन शुरू किया, जिससे उन्हें सालाना 1.5 लाख की आय होती है। उन्होंने बताया कि बिहान के सहयोग से वे अब आत्मनिर्भर हैं और परिवार की आर्थिक ज़रूरतों में सहयोग कर रही हैं। दंतेवाड़ा की निकिता मरकाम दीदी ने भी अपनी यात्रा साझा की—बिहान से जुड़कर उन्होंने किराना दुकान और सब्जी उत्पादन शुरू किया। इस वर्ष उन्हें सब्जी से 2 लाख और आम-जामुन से ₹1 लाख का लाभ हुआ। आज उनकी सालाना आय ₹3 लाख हो चुकी है और अब वे करोड़पति बनने का सपना देख रही हैं। इन सभी कहानियों ने यह संदेश दिया कि सशक्त महिला ही समृद्ध गांव की नींव है।
सत्र में मिशन संचालक श्रीमती जयश्री जैन एवं कुमार विश्वरंजन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायपुर एवं राष्ट्रीय प्रबंधन इकाई नई दिल्ली के प्रतिनिधितो ने लखपति दीदी की कहानी सुन कार्यो व प्रयासों की सराहना की गई। अन्य राज्यों के प्रतिनिधि गण लगातार तालियां बजाकर लखपति दीदियों का उत्साहवर्धन करते रहे। एमीन दीदी ने बताया कैसे एक छोटी सी गुमटी से आज बिहान कैंटीन चला रही है। वर्तमान में प्रतिमाह 30 से 40 हज़ार कमा ले रही है। आयोजन जिसमे राष्ट्रीय मिशन प्रबंधन इकाई सहित देशभर के विभिन्न राज्य यथा मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल,ओडिशा, बिहार, उत्तरखंड, तेलंगाना, जम्मू कश्मीर, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड इत्यादि राज्यो के अधिकारी व प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
इस क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन CMTC सेरीखेड़ी में आयोजित किया गया जहां मल्टी यूटिलिटी सेंटर में संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों - बेकरी , नमकीन, सिलाई, साबुन एवं मोमबत्ती ,फिनायल, नर्सरी, पानी प्लांट, कैंटीन आदि का भ्रमण कर दीदियों से जानकारी लिया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के पूरे कार्यक्रम का आयोजन एवं प्रबंधन पूरी तरह से समुदाय द्वारा किया गया जिसमें स्वल्पाहार में छत्तीसगढ़ी व्यंजन, लंच, स्वागत, मंच का संचालन आदि सभी रायपुर जिले की स्व-सहायता समूहों की दीदियों के द्वारा आयोजित किया गया। अन्य राज्यों से आए हुए अतिथियों ने अपने अनुभव साझा किए जिसमें रायपुर में संचालित CMTC एवं अधोसंरचना ,कैंपस का प्रबंधन एवं गतिविधियों की सराहना की गई एवं अपने राज्य में इस माडल को अपनाने पर अपने विचार प्रस्तुत किए । CMTC की स्थापना सितंबर 2021 में तात्कालिक मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत एवं वर्तमान में रायपुर कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में स्थापित किया गया है ,जिसमें विभागीय एवं CSR के साथ अभिसरण का एक अनूठा मॉडल तैयार कर अधोसंरचना का विकास किया गया है ,जिसका उपयोग ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनाकर लखपति दीदी बनाने का प्रयास जिला प्रशासन रायपुर द्वारा किया जा रहा है। इस अनुकरणीय कार्य एवं CMTC प्रबंधन तथा क्षेत्रीय कार्यशाला के समापन समारोह की सभी ने सराहना की गई। साथ ही सभी लखपति दीदियों का साल, श्रीफल एवं बुके से मिशन संचालक महोदया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायपुर एवं राष्ट्रीय मिशन प्रबंधन इकाई नई दिल्ली से आए प्रतिनिधियो द्वारा से सम्मानित किया गया।
मंत्रिपरिषद के निर्णय
मंत्रिपरिषद के निर्णय
22 आबकारी अधिकारियों का तत्काल निलंबन:भ्रष्टाचार पर कड़ी चोट
हमारा उद्देश्य जनता को पारदर्शी, जवाबदेह और ईमानदार प्रशासन देना : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्ठा के बल पर सुशासन का मानक स्थापित करना हमारी सरकार का उद्देश्य: मुख्यमंत्री
रायपुर, 11 जुलाई 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को पूरी दृढ़ता से लागू कर रही है। इसी क्रम में राज्य शासन ने आबकारी विभाग से जुड़े एक बहुचर्चित मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 अधिकारियों को निलंबित किया है।
यह कार्रवाई पूर्ववर्ती शासनकाल के दौरान हुए 3200 करोड़ रुपये के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच के आधार पर की गई है। वर्ष 2019 से 2023 के बीच हुए इस घोटाले में आबकारी विभाग के कुछ अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई थी, जिन्होंने अवैध रूप से अर्जित धन से संपत्तियाँ अर्जित की थीं।
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की गहन जांच से यह स्पष्ट हुआ कि यह एक संगठित सिंडिकेट के रूप में संचालित घोटाला था। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सरकार ने तत्क्षण कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूर्ववर्ती शासनकाल में हुए सभी घोटालों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे किसी भी पद पर क्यों न हों।
राज्य सरकार डीएमएफ घोटाले, महादेव ऑनलाइन सट्टा एप प्रकरण, तेंदूपत्ता वितरण, सीजीएमएससी और अन्य मामलों की भी गहन जांच करवा रही है। हाल के दो वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध एंटी करप्शन ब्यूरो ने कार्रवाई की है।
मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार के समूल उन्मूलन के साथ सुशासन की दिशा में अग्रसर है। शासन की प्राथमिकता है—पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित में निष्ठावान प्रशासन। इसी क्रम में जेम पोर्टल से सरकारी खरीद को अनिवार्य किया गया है, ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है, और 350 से अधिक सुधारों के माध्यम से निवेश की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 की शुरुआत के साथ अब एनओसी की प्रक्रिया सरल, तेज और तकनीक-सक्षम हो चुकी है। इससे उद्यमियों और निवेशकों को स्पष्ट लाभ मिला है।
आबकारी विभाग में एफएल-10 नीति समाप्त कर पारदर्शिता बढ़ाई गई है, वहीं नकली शराब पर अंकुश लगाने के लिए बोतलों पर सुरक्षा होलोग्राम अनिवार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त खनिज ट्रांजिट पास और लकड़ी नीलामी की प्रक्रिया भी अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है।
पीएससी-2021 परीक्षा की अनियमितताओं की जांच CBI को सौंप दी गई है, वहीं भारतमाला योजना सहित अन्य मामलों की जांच भी गंभीरता से जारी है। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर चरणबद्ध कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि यह सरकार नीतियों और परिणामों से जनता का विश्वास अर्जित कर रही है और अब राज्य में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है। हमारा लक्ष्य है—पारदर्शी, उत्तरदायी और ईमानदार शासन। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दो टूक कहा है कि यह सरकार न तो भ्रष्टाचार को बर्दाश्त करेगी, न दोषियों को छोड़ेगी। अब छत्तीसगढ़ में ईमानदारी ही नई पहचान बनेगी। हमारी सरकार का उद्देश्य सिर्फ प्रशासन चलाना नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्ठा के बल पर सुशासन का एक नया मानक स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कवर्धा में सड़क दुर्घटना पर जताया शोक
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कवर्धा में सड़क दुर्घटना पर जताया शोक