छत्तीसगढ़ / रायपुर
5 लाख लंबित आवेदनों का 161 करोड़ के भुगतान का निर्णय
श्रमिकों के हित में साय सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय
रायपुर। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बुधवार को हुई बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वर्ष 2019 से लंबित 5 लाख से ज्यादा आवेदनों के हितग्राहियों को 161 करोड़ से ज्यादा की राशि देने का निर्णय लिया गया है। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल डॉ राम प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न एजेंडे पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री साइकिल सहायता योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के 5 लाख से अधिक हितग्राहियों के आवेदन विभाग को मिले थे। पूर्व के आवेदनों के हितग्राहियों का 161 करोड़ से अधिक की राशि वितरित नहीं की थी। बुधवार को हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी आवेदनों का जल्द से जल्द परीक्षण कराकर जल्द राशि डीबीटी के माध्यम से भुगतान करने का निर्णय लिया गया।
संचालक मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के क्रियान्वयन के संबंध में चर्चा की गई। वर्तमान में पात्रता रखने वाले मंडल में पंजीकृत निर्माण के स्वयं के भूखंड पर आवास निर्माण/नवीन आवास क्रय हेतु शहरी क्षेत्र में 500 वर्ग फीट एवं ग्रामीण क्षेत्र में 1000 वर्ग फीट क्षेत्रफल अधिकतम भूखंड होने का प्रावधान था, इसे संशोधित करते हुए बोर्ड की बैठक में शहरी क्षेत्र में न्यूनतम 322 वर्ग फीट तथा ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 269 वर्ग फीट क्षेत्रफल भूखंड होने का संशोधन किया गया।
मोबाइल नंबर की अनिवार्यता में दी गई छूट
मंडल अंतर्गत संचालित पंजीयन योजना आवेदन हेतु मोबाइल नंबर की अनिवार्यता रखी गई है। प्रदेश के कई क्षेत्र के ऐसे हितग्राही जिनके पास मोबइल नहीं है। उन्हें पंजीयन में परेशानी का सामना करना पड़ता था, अब उन्हें मोबाइल नंबर की अनिवार्यता की छुट दी गई है।
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना के तहत पंजीकृत श्रमिक को मिलने वाली योजना का लाभ अब श्रमिक एवं उनके परिवार के सदस्यों को भी एक समान मिलेगा। बोर्ड की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिए गए।
युक्तियुक्तकरण से साकार हुई गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की परिकल्पना
पीएमश्री शाला संबलपुर में शिक्षकों की संख्या में वृद्धि से अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था हुई सुदृढ़
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्कूलों में आवश्यकता के अनुरूप शिक्षकों की पदस्थापना के उद्देश्य से लागू की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया पूरे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हो रही है। इसी कड़ी में बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला संबलपुर में भी शिक्षकों की कमी की समस्या दूर हुई है। युक्तियुक्तकरण के माध्यम से इस शाला में दो शिक्षकों की नवीन पदस्थापना से अध्ययन-अध्यापन की गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं, जिससे न केवल विद्यार्थियों एवं पालकों को लाभ हुआ है, बल्कि ग्रामीणों एवं शिक्षा जगत से जुड़े लोगों में भी संतोष एवं प्रसन्नता का वातावरण है।
शाला में युक्तियुक्तकरण से पूर्व कुल तीन शिक्षक पदस्थ थे, जबकि विद्यार्थियों की संख्या 150 से अधिक थी। शिक्षकों की इस कमी के कारण शैक्षणिक गतिविधियों में व्यवधान उत्पन्न हो रहा था। राज्य शासन की पहल से अब शाला में प्रधानपाठक श्रीमती वीणा ठाकुर सहित कुल पांच शिक्षक अनिल दिल्लीवार, राबिन नागवंशी, श्रीमती बंसती टिकेश्वर एवं श्रीमती सुनीता की पदस्थापना हो चुकी है, जिससे कक्षा संचालन में सुगमता आई है तथा विद्यार्थियों को विषयवार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो रही है।
स्थानीय साहित्यकार एवं शिक्षाविद् बिरेन्द्र निरोटी एवं शाला विकास समिति के अध्यक्ष गंगाराम निषाद ने राज्य शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीणजन एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की जा रही थी, जो अब पूर्ण हुई है। इससे ग्रामीणों, पालकों और विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति नया उत्साह देखने को मिल रहा है।
राज्य शासन की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से शिक्षकविहीन अथवा एकल शिक्षकीय शालाओं में भी अब जरूरत के मुताबिक शिक्षक पदस्थ हुए हैं। यह पहल न केवल शिक्षा के स्तर को सुधारने में सहायक है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव चार नगरीय निकायों में अटल परिसरों का करेंगे लोकार्पण
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव 3 जुलाई को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के चार नगरीय निकायों में नवनिर्मित अटल परिसरों का लोकार्पण करेंगे। वे 3 जुलाई को सवेरे साढ़े नौ बजे नवा रायपुर से सड़क मार्ग द्वारा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के पवनी के लिए रवाना होंगे। वे दोपहर साढ़े 12 बजे पवनी नगर पंचायत पहुंचकर अटल परिसर का लोकार्पण करेंगे। श्री साव दोपहर सवा बजे पवनी से भटगांव के लिए प्रस्थान करेंगे। वे दोपहर डेढ़ बजे भटगांव नगर पंचायत में अटल परिसर को जनता को समर्पित करेंगे।
उप मुख्यमंत्री श्री साव दोपहर तीन बजे सरसींवा नगर पंचायत में नवनिर्मित अटल परिसर का लोकार्पण करेंगे। वे शाम पौने चार बजे सरसींवा से सारंगढ़ के लिए रवाना होंगे। वे शाम चार बजे सारंगढ़ नगर पालिका में अटल परिसर का लोकार्पण करेंगे। श्री साव शाम पौने पांच बजे सारंगढ़ से नवा रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। वे शाम सात बजे वापस नवा रायपुर पहुंचेंगे।
पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया शोक व्यक्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय शेखर दत्त जी एक कुशल प्रशासक, दूरदर्शी नेता और देश सेवा के प्रति पूर्णतः समर्पित व्यक्तित्व थे। अपने लम्बे प्रशासनिक अनुभव और अद्भुत कार्यकुशलता से उन्होंने छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय श्री दत्त जी का जीवन सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट जनसेवा के आदर्श मूल्यों से परिपूर्ण था। उनके निधन से देश ने एक प्रबुद्ध और कर्मठ व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसकी भरपाई कठिन है।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
मुख्यमंत्री श्री साय से रजक समाज के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य भेंट, राज्य स्तरीय युवा सम्मेलन में शामिल होने का दिया आमंत्रण
मुख्यमंत्री श्री साय से रजक समाज के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य भेंट, राज्य स्तरीय युवा सम्मेलन में शामिल होने का दिया आमंत्रण
राज्यपाल रमेन डेका ने पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेश के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
राज्यपाल श्री डेका ने अपने शोक संदेश में कहा कि श्री दत्त एक कुशल प्रशासक ही नहीं, बल्कि एक सच्चे सैनिक और राष्ट्रभक्त थे। उन्होंने सेना से लेकर प्रशासन तक की अपनी प्रत्येक जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और देशप्रेम के साथ निभाया। छत्तीसगढ़ राज्य के विकास में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
राज्यपाल ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए उनके शोकसंतप्त परिजनों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त की है।
शेखर दत्त ने अपने करियर की शुरुआत भारतीय सेना से की थी। वे 1966 में सेना में शामिल हुए और 1971 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने साहसपूर्वक हिस्सा लिया। इस युद्ध में बहादुरी और उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए उन्हें वीरता के लिए दिया जाने वाला विशिष्ट सेवा पदक सेना मेडल प्रदान किया गया। सेना से स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति लेने के बाद वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित होकर तत्कालीन मध्य प्रदेश राज्य तथा केंद्र सरकार में कई उच्च पदों पर कार्य किया।
उल्लेखनीय है कि शेखर दत्त 23 जनवरी 2010 से 1 जुलाई 2014 तक छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के पद पर आसीन रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा, कृषि, उद्यानिकी, पशु संवर्धन, समाज कल्याण, आयुर्वेद, स्वास्थ्य, पर्यावरण, बच्चों और युवाओं के हित, अनुसूचित जाति-जनजातियों के कल्याण,उद्योग तथा कला, संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई।
उन्होंने हमेशा वैज्ञानिक सोच और बौद्धिक विमर्श को प्रोत्साहित किया और प्राकृतिक संसाधनों पर शोध को बढ़ावा देने हेतु पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर परिसर में केंद्र सरकार द्वारा ‘नेशनल सेंटर फॉर नेचुरल रिसोर्सेज’ की स्थापना में अहम योगदान दिया। रायपुर स्थित राजीव स्मृति वन में ‘शहीद वाटिका’ के निर्माण में भी उनकी प्रेरक भूमिका रही, जो देश के वीर जवानों की स्मृति को सदा जीवंत बनाए रखेगा।
खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता से किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
रायपुर। राज्य शासन के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप बालोद जिले में किसानों को कृषि कार्य हेतु आदान सामग्री खाद-बीज की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। जिले की सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से कृषकों को खाद-बीज की सहज उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे किसानों के चेहरों पर संतोष और प्रसन्नता के भाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहे हैं।
ग्राम बघमरा के किसान विमलचंद पटेल ने सेवा सहकारी समिति मेढ़की से डीएपी, पोटाश एवं यूरिया प्राप्त कर अपनी खेती के लिए आवश्यक तैयारी प्रारंभ कर दी है। श्री पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग चार एकड़ में वे धान की खेती करते हैं। उन्होंने शासन की खाद-बीज वितरण व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि समितियों में खाद और बीज की कोई कमी नहीं है और किसान अपनी आवश्यकता अनुसार सामग्री सहज रूप से प्राप्त कर पा रहे हैं। इससे समय पर कृषि कार्य आरंभ हो सका है।
श्री पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाएं, जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषक उन्नति योजना आदि ने किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। उन्होंने कहा कि सोसायटियों के माध्यम से खाद-बीज के वितरण की बेहतर व्यवस्था हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार राज्य शासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि प्रदेश के किसानों को खेती-किसानी में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसी क्रम में बालोद जिले में भी जिला प्रशासन द्वारा खाद-बीज की आपूर्ति एवं वितरण की बेतहर व्यवस्था की गई है। सेवा सहकारी समिति मेढ़की सहित अन्य समितियों में समुचित मात्रा में उर्वरक एवं बीज की उपलब्धता बनाए रखी गई है, जिससे कृषकों को समय पर आवश्यक संसाधन प्राप्त हो सकें।
कृषक विमलचंद पटेल सहित अन्य किसानों ने जिले में खाद-बीज वितरण के लिए की गई प्रशासनिक व्यवस्था की सराहना की है। शासन-प्रशासन के इन सुनियोजित प्रयासों से जिले के किसान अब आत्मविश्वास के साथ कृषि कार्य में जुटे हैं।
पीएम आवास की शत-प्रतिशत पूर्णता के लिए तत्परता से कार्य करें
तीन पंचायतों के सचिवों को नोटिस
रायपुर । प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास निर्माण की स्थिति की समीक्षा के लिए आज जिला पंचायत सभाकक्ष रायगढ़ में बैठक आयोजित हुई कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले के विभिन्न विकासखण्डों के पंचायत सचिवों एवं फील्ड अधिकारियों के कार्य प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जितेन्द्र यादव भी उपस्थित रहे।
आवास निर्माण में कमतर प्रगति वाले तीन पंचायतों के सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिनमें ग्राम पंचायत क्रोन्धा (धरमजयगढ़) के सचिव नंदलाल राठिया, ग्राम पंचायत धौराभांठा (तमनार) के सचिव तुलसीराम राठिया और ग्राम पंचायत अमलीडीह (घरघोड़ा) की सचिव शांति बेहरा शामिल हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि आवास निर्माण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि स्वीकृत आवासों की शत-प्रतिशत पूर्णता सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए सभी फील्ड अधिकारी एवं पंचायत सचिव तत्परता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने नियमित फील्ड निरीक्षण के निर्देश देते हुए व्यक्तिगत प्रगति रिपोर्ट के आधार पर अधिकारियों के काम-काज की समीक्षा की। बैठक के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले तकनीकी सहायकों की सराहना की गई, जिनमें विकासखण्ड खरसिया की डूलिमा चौधरी, प्रियंका देशमुख, धरमजयगढ़ के दिना कुमार रात्रे, तमनार के प्रकाश साव एवं लैलूंगा के श्रवण पैंकरा शामिल हैं।
इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत श्री यादव ने ग्राम पंचायतवार स्वीकृत एवं जनमन पोर्टल पर दर्ज आवासों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। बैठक में मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के सब-इंजीनियर, पीएम आवास योजना ग्रामीण के विकासखण्ड समन्वयक एवं तकनीकी सहायक सहित सभी विकासखण्डों के ग्राम पंचायत सचिव उपस्थित रहे।
जशपुर जिले में उर्वरक उठाव में 16.13 प्रतिशत और कृषि ऋण वितरण में 8.62 प्रतिशत की वृद्धि
किसान क्रेडिट कार्ड से बढ़ा बीज वितरण
रायपुर । राज्य में खरीफ फसल की बुआई शुरू हो चुकी है और किसान पूरी तन्मयता से कृषि कार्यों में जुट गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा किसानों को खेती के लिए आवश्यक संसाधन जैसे खाद, बीज और ऋण की सुविधाएं प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। इन योजनाओं और सुविधाओं का सकारात्मक असर अब ज़मीनी स्तर पर साफ़ दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लिए गए किसान हितैषी निर्णयों से खेती के प्रति किसानों में नया उत्साह देखा जा रहा है। राज्य में रूपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल की धान की खरीदी ने किसानों के मन में विश्वास और उमंग भर दी है। हाल ही में आयोजित कैबिनेट बैठक में एक और बड़ा निर्णय लिया गया, जिसमें पंजीकृत धान फसल की जगह दलहन, तिलहन, मक्का जैसी वैकल्पिक फसलें लेने वाले किसानों को भी कृषक उन्नति योजना का लाभ देने की घोषणा की गई। इस निर्णय का किसानों ने खुले दिल से स्वागत किया है और इसे खेती के दायरे को बढ़ाने तथा समृद्धि की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
सहकारिता विभाग, जिला जशपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष रासायनिक खाद के उठाव में 16.13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। जून 2024 के अंत तक जहां 7566.100 टन उर्वरकों का वितरण हुआ था, वहीं जून 2025 के अंत तक यह बढ़कर 8786.190 टन हो गया है। इसी तरह अल्पकालिक ऋण वितरण में भी उल्लेखनीय 8.62 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष जून अंत तक 34.68 करोड़ रुपये का ऋण किसानों को उपलब्ध कराया गया था, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 37.67 करोड़ रुपये हो गया है। अर्थात् कुल 2.99 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है।
किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से फसल बीजों के वितरण में भी प्रभावशाली 79.55 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। पिछले वर्ष जून तक 1332.21 क्विंटल धान बीज का वितरण हुआ था, जबकि इस वर्ष यह आकड़ा बढ़कर 2392.46 क्विंटल हो गया है।
राज्य सरकार के इन ठोस प्रयासों से स्पष्ट है कि किसानों को संसाधनों की कमी के बिना खेती करने का अवसर मिल रहा है और वे नई उम्मीद के साथ बेहतर उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की किसानों के प्रति संवेदनशीलता और दूरदर्शिता के चलते छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र न केवल सशक्त हो रहा है, बल्कि आर्थिक प्रगति की ओर भी अग्रसर है।
चावल उत्सव की तारीख बढ़ी: अब 7 जुलाई तक मिलेगा 3 महीने का राशन
रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित ‘चावल उत्सव’ की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। राज्य के खाद्य आपूर्ति विभाग ने बुधवार को आदेश जारी कर घोषणा की कि अब 7 जुलाई तक जून, जुलाई और अगस्त का चावल एक साथ वितरित किया जाएगा। इससे उन लाखों राशन कार्डधारकों को राहत मिली है, जिन्हें अब तक उनका अनाज नहीं मिल पाया था।
सोमवार को खत्म हो गया था स्टॉक, अब बढ़ी मियाद
राज्य सरकार ने शुरुआत में चावल वितरण की आखिरी तारीख 1 जुलाई तय की थी, लेकिन वितरण की रफ्तार धीमी होने और सोसाइटियों में स्टॉक खत्म होने के कारण कई बीपीएल और एपीएल कार्डधारक चावल से वंचित रह गए। इसी को देखते हुए विभाग ने तारीख 31 जुलाई तक बढ़ाने का निर्णय लिया, पर जमीनी स्तर पर राशन 7 जुलाई तक बांटे जाने की बात कही जा रही है।
ग्राउंड रिपोर्ट: सोसाइटियों में चावल गायब, स्टॉक खत्म
विभाग दावा कर रहा है कि अब तक प्रदेश के 90% कार्डधारकों को चावल बांटा जा चुका है, लेकिन हकीकत ये है कि कई शहरों और ग्रामीण इलाकों की राशन दुकानों में “नो स्टॉक” के बोर्ड लग गए हैं। वहीं एपीएल कार्डधारकों को चावल मिलना लगभग बंद है। बीपीएल कार्डधारकों को भी लंबी लाइनें, आंशिक वितरण और बार-बार लौटने की मजबूरी का सामना करना पड़ रहा है। कई दुकानों में सिर्फ जून माह का चावल दिया गया है, जिससे दो बार आना पड़ रहा है।
तीन महीने का चावल एक साथ क्यों?
बरसात के मौसम में राशन लाने में दिक्कत को देखते हुए सरकार ने जून, जुलाई और अगस्त का चावल एक साथ देने का फैसला किया था। लेकिन धीमी सप्लाई, नई ई-पॉस मशीनों की तकनीकी समस्याएं, और प्रबंधन की कमी के कारण अब तक करीब 8 लाख कार्डधारकों को चावल नहीं मिल सका।
ई-केवाईसी नहीं कराया तो राशन पर रोक!
वन नेशन वन कार्ड योजना के तहत राशन पाने के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है। 30 जून थी अंतिम तारीख, अब तक 29 लाख से अधिक लाभार्थियों का केवाईसी अधूरा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिन्होंने केवाईसी नहीं कराया, उनके नाम सिस्टम में ब्लॉक हो सकते हैं। हालांकि, सरकार ने तारीख बढ़ाने या नाम ब्लॉक करने पर कोई स्पष्ट आदेश नहीं जारी किया है।
भीड़ और अफरा-तफरी बनी रही
तारीख खत्म होने की आशंका से 1 जुलाई को दुकानों पर भारी भीड़ रही। दिनभर लंबी कतारों में लोग खड़े रहे। बाद में जब तारीख बढ़ाए जाने की सूचना आई तो संचालकों और हितग्राहियों ने राहत की सांस ली।
चावल उत्सव का उद्देश्य सराहनीय है, लेकिन स्टॉक मैनेजमेंट, वितरण व्यवस्था और तकनीकी अवरोध सरकार की योजना में बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। यदि स्टॉक की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो यह योजना लोगों के लिए राहत की बजाय परेशानी बन सकती है। सरकार से अब उम्मीद है कि वितरण प्रक्रिया पारदर्शी, समान और समय पर हो।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जीएसटी विभाग की समीक्षा बैठक में कर अपवंचन पर सख्ती के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री श्री साय ने जीएसटी विभाग की समीक्षा बैठक में कर अपवंचन पर सख्ती के दिए निर्देश
जीएसटी कलेक्शन में 18% वृद्धि दर के साथ छत्तीसगढ़ देश में अव्वल
रायपुर । मुख्यमंत्री साय ने बुधवार को मंत्रालय स्थित महानदी भवन में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभाग के कार्यों एवं राजस्व संग्रहण की विस्तार से जानकारी प्राप्त की और कर संग्रहण बढ़ाने के उपायों पर कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कर की राशि का उपयोग देश और प्रदेश के विकास कार्यों में होता है, इसलिए सभी को ईमानदारी पूर्वक कर अदा करना चाहिए। जो लोग कर (जीएसटी) की चोरी करते हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा उनसे कर की वसूली सुनिश्चित की जाए। बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य को जीएसटी एवं वैट से कुल 23,448 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 38% है। छत्तीसगढ़ ने 18% की जीएसटी वृद्धि दर हासिल की है, जो देश में सर्वाधिक है।
मंत्री राजवाड़े ने किया ‘मोर गोठ ल सुनगा, हर घर मुनगा' अभियान का शुभारंभ
रायपुर । महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने नवा रायपुर स्थित निवास से 'मोर गोठ ल सुनगा, हर घर मुनगा' अभियान का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के तहत मंत्री राजवाड़े ने प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और मुनगा (सहजन) का पौधारोपण कर अभियान की विधिवत शुरुआत की। उन्होंने कहा कि मुनगा न केवल एक पौष्टिक सब्जी है, बल्कि यह बच्चों और माताओं के पोषण स्तर को सुधारने में अहम भूमिका निभाएगा। मंत्री राजवाड़े ने इस पहल को जन-आंदोलन में बदलने की अपील करते हुए कहा कि हर घर में मुनगा का पौधा लगाकर हम कुपोषण के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई लड़ सकते हैं।
पोषण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग और रायपुर जिला प्रशासन द्वारा इस नई पहल की शुरुआत की गई। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण, कर्मचारी तथा निवास कार्यालय के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
चातुर्मास के दौरान 500 बुजुर्गों को श्रवण यन्त्र प्रदान करेगा जैन संवेदना ट्रस्ट
200 साधर्मिक परिवारों को मिलेगी बीपी-शुगर टेस्टिंग मशीन
रायपुर। जैन संवेदना ट्रस्ट इस वर्ष जीवदया, मानव कल्याण व साधर्मिक भक्ति का चातुर्मास मनाएगा । महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने बताया कि जियो और जीने दो भगवान महावीर स्वामी ने मूलमंत्र विश्व को दिया है। चातुर्मास काल में दया करूणा अहिंसा भाईचारा के गुणों का हमारे जीवन में विकास होना चाहिये।
जैन संवेदना ट्रस्ट चातुर्मास में मूक पशु पक्षियों की सेवा, मानव सेवा के अंतर्गत श्रवण यन्त्र , कृत्रिम हाथ , कैलिपर्स , वैशाखी , बी पी नापने की मशीन , शुगर टेस्टिंग मशीन का निःशुल्क वितरण तथा मानव कल्याण में साधर्मिक भाई बहनों के स्वावलंबी जीवन , व्यवसायिक उत्थान व विवाह योजना पर कार्य करेंगे।
23 दिव्यांगों को मिले श्रवण यन्त्र
जैन चातुर्मास हेतु गुरुभगवंतों के मंगलप्रवेश अवसर पर जैन संवेदना ट्रस्ट ने बुधवार से मानव सेवा साधर्मिक भक्ति व अनुकम्पा प्रकल्प का आरम्भ किया है। ऋषभदेव जैन मंदिर प्रांगण में 23 दिव्यांगों को श्रवण यन्त्र वितरित किए गए। जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने इस अवसर पर कहा कि मानवता की सेवा जीवन का सर्वोत्तम कार्य है। जीवन भर सुनने के बाद जब बुढ़ापे में कम सुनाई देने लगता है तो बड़ी समस्या पैदा हो जाती है । इस वक़्त श्रवण यन्त्र ही बड़ा सहारा होता है।
जैन संवेदना ट्रस्ट द्वारा गूंगे बहरे लोगों का परीक्षण कर श्रवण यंत्र का वितरण किया जाता है। ट्रस्ट के गुलाब दस्सानी ने बताया कि 3 बच्चों में देवकी को जन्म से सुनाई नही देता था, डॉक्टरों ने जांच कर बताया कि श्रवण यन्त्र लगाकर देवकी सुन सकती है। आज श्रवण यन्त्र लगाकर चारों बच्चे सुनने लगे हैं। सभी के माता पिता प्रफुल्लित होकर जैन समाज का आभार जताया है । जैन संवेदना ट्रस्ट के चन्द्रेश शाह व महावीर कोचर ने बताया कि चातुर्मास में 500 बुजुर्गों व बच्चों को श्रवण यन्त्र , कृत्रिम हाथ , कैलिपर्स बैशाखियों का वितरण व 200 साधर्मिक परिवारों को बी पी शुगर मशीनों का सहयोग किया जावेगा।
सरकारी कर्मचारियों को निवेश की छूट: लेकिन इंट्राडे, क्रिप्टो और F&O पर रोक...
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय सेवकों को वित्तीय निवेश की दुनिया में एक अहम राहत देते हुए अब उन्हें शेयर, प्रतिभूतियों, डिबेंचर्स और म्युचुअल फंड्स में निवेश की अनुमति दे दी है। इसके लिए राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 में संशोधन करते हुए इसे अधिसूचित कर दिया है।
यह संशोधन भारत सरकार के सेवा नियमों की तर्ज पर किया गया है, ताकि निवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित की जा सके।
इन निवेश गतिविधियों पर रहेगी पूरी तरह रोक
हालांकि, अधिसूचना में यह साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि सरकारी सेवकों को इंट्राडे ट्रेडिंग, BTST (Buy Today, Sell Tomorrow), फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O) और क्रिप्टोकरेंसी जैसी जोखिमपूर्ण और सट्टा आधारित गतिविधियों में निवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
क्यों किया गया यह संशोधन?
संशोधन का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को वित्तीय सशक्तिकरण की सुविधा देना, साथ ही ऐसी गतिविधियों पर नियंत्रण रखना है जो उन्हें संभावित विवाद, हितों के टकराव या भ्रष्टाचार की ओर ले जा सकती हैं।
सरकार का मानना है कि दीर्घकालिक निवेश माध्यम जैसे म्युचुअल फंड्स या इक्विटी निवेश, कर्मचारियों की बचत और वित्तीय स्थायित्व को बढ़ावा देंगे।
इस संशोधन से जहां एक ओर सरकारी कर्मचारी अब अपने वित्तीय भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कानूनी रूप से बाजार में निवेश कर सकेंगे, वहीं दूसरी ओर सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि तेज मुनाफे की लालच में जोखिमभरी गतिविधियों से वे दूर रहें।
डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट का विजीट हेतु आगमन
डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट का विजीट हेतु आगमन
30 दिवसीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का समापन
70 खिलाड़ियों और 55 प्रशिक्षकों को किया गया सम्मानित
रायपुर। स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा रायपुर में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर दिनांक 15 मई से 13 जून 2025 तक 30 दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का समापन दिनांक 01 जुलाई 2025 को संध्या 4:00 बजे स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा रायपुर में श्रीमती मीनल चौबे महापौर, नगर पालिका निगम रायपुर के आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। आयोजन में श्रीमती अभिलाषा पैंकरा, अपर कलेक्टर, सहायक संचालक खेल एवं खेल संघ/संस्थान के सदस्य, व्यायाम शिक्षक, प्रशिक्षक, खिलाड़ी शामिल हुए। प्रवेश जोशी, खेल अधिकारी द्वारा प्रतिवेदन पाठन किया गया।
समापन में फुटबाल, हैण्डबाल, वॉलीबाल, बास्केटबाल, एथलेटिक्स, हॉकी, नेटबाल, कबडडी, कराते, टेनिक्वाईट, किक बॉक्सिंग, टेबल टेनिस, खो-खो, स्क्वेश, जम्परोप, ताईक्वांडो, आरचरी, क्याकिंग केनाईंग, सॉफ्टबाल, जिमनास्टिक, बेसबॉल, कुश्ती, भारोत्तोलन, फेंसिंग खेलों के लगभग 500 खिलाड़ी उपस्थित थे। शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 70 खिलाड़ियों व 55 प्रशिक्षकों को पुरस्कृत एवं खेल सामग्री प्रदाय किया गया।
अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि श्रीमती मीनल चौबे महापौर नगर निगम रायपुर ने अनुशासन के साथ खिलाड़ियों को आगे बढ़ने व नियमित खेल अभ्यास करते रहने के लिए शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर खेल संघ,संस्थान, व्यायाम शिक्षक, प्रशिक्षक उपस्थित थे। 30 दिवसीय शिविर में 24 खेलों के 1427 बालक / बालिका खिलाड़ियों ने भाग लिया। टी. निंगराज रेड्डी, वरिष्ठ प्रशिक्षक द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।