छत्तीसगढ़ / रायपुर
महीने भर पहले ही रचा था हत्या का षड़यंत्र, आरोपी अंकित के संपत्ति की होगी जांच
रायपुर: डीडीनगर थाना क्षेत्र के इंद्रप्रस्थ फेस-2 में हुए चर्चित किशोर पैंकरा हत्याकांड में पुलिस की जांच लगातार जारी है। दो दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद मुख्य आरोपित अंकित उपाध्याय, उसकी पत्नी शिवानी शर्मा सहयोगी विनय यदु और सूर्यकांत यदु को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब आरोपी के संपत्ति के जांच में जुट गई है।
बता दें कि पुलिस ने रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ की। फोरेंसिक एक्सपर्ट की मौजूदगी में क्राइम सीन रिक्रिएट कराया गया। पूछताछ में राजफाश हुआ कि यह पूरा मामला प्रापर्टी और पैसे के लालच से जुड़ा एक सुनियोजित हत्या षड्यंत्र था। योजना एक माह पहले ही अंकित ने रच डाली थी। पुलिस अब आरोपी अंकित के संपत्ति की जांच करने की तैयारी में है।
फर्जी वकील बना जालसाज
मामले में अंकित ने पुलिस को बताया कि वह वकालत करता है, लेकिन रायपुर बार एसोसिएशन में उसका कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। अधिवक्ताओं का भी कहना है कि उसे कोर्ट में प्रैक्टिस करते कभी नहीं देखा गया। कोर्ट में वकील का ड्रेस पहनकर पहुंच जाता था। इसके बाद वहां क्लाइंट को खोजता था।
धोखे से बुलाया बेरहमी से मारा
पुलिस के अनुसार, 22 जून की सुबह आरोपी दंपती किशोर को बातचीत के बहाने किराये के मकान में लेकर गया। वहां पहले गला घोंटकर फिर चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। शव को छुपाने के लिए ट्राली बैग में पैक किया गया। जिसके बाद गोलबाजार से खरीदे ट्रंक में डालकर सीमेंट से प्लास्टर कर दिया गया, ताकि बदबू न फैले। 24 जून को शव को ट्रंक सहित इंद्रप्रस्थ कालोनी के सुनसान इलाके में फेंक दिया गया। शव को ठिकाने लगाने के लिए दो मजदूरों की मदद ली गई थी।
विश्वासघात में बदला रिश्तों का चेहरा
मृतक किशोर पैकरा करोड़ों की संपत्ति का मालिक था। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अंकित खुद को वकील और प्रापर्टी डीलर बताता था। दोनों के बीच वर्षों से आर्थिक लेन-देन चल रहा था। वर्ष 2018-19 में किशोर के बजरंग नगर स्थित मकान को बेचकर अंकित ने 30 लाख रुपये लिए और रकम दोगुना कर लौटाने का झांसा देकर हड़प ली। इसी पैसे के विवाद ने हत्या का रूप ले लिया।
नवाचार और तकनीक से सशक्त होंगे अन्नदाता : विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री ने किया एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का वर्चुअल शुभारंभ
रायपुर । मुख्यमंत्री साय ने शनिवार को जशपुर जिले में बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से कृषि क्रांति अभियान के अंतर्गत एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का वर्चुअल शुभारंभ किया। जिला पंचायत परिसर में दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में देश की कई प्रमुख कृषि कंपनियां जैसे-जियो मार्ट रिटेल, देहात, हॉनेस्ट फॉर्म, आत्माकुर, धरागरी, अवनी आयुर्वेदा इत्यादि उपस्थित रहेंगी। इन कंपनियों के माध्यम से जिले के किसान एफपीओ के जरिए अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने हेतु फसल विक्रय अनुबंध कर सकेंगे। बिचौलिया प्रथा समाप्त होने से किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य प्राप्त होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषकों की समृद्धि के लिए छत्तीसगढ़ सरकार दृढ़ संकल्पित है । नवीनतम तकनीक को अपनाकर छत्तीसगढ़ के अन्नदाता आर्थिक रूप से अधिक सशक्त होंगे। उन्होंने कहा कि जशपुर के कृषि विकास के इतिहास में आज का दिन मील का पत्थर सिद्ध होने वाला है। जिला प्रशासन के अभिनव प्रयास से ‘कृषि क्रांति’ अभियान की शुरुआत हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर में कटहल, आम, लीची, नाशपाती की बहुतायत में पैदावार होती है। यहां सेब की भी खेती शुरू हो गई है। इस सम्मेलन के माध्यम से किसानों और खरीदार कंपनियों के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा। यह एक ऐसा मंच है जहां एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) के माध्यम से किसानों की उपज को सीधा बाजार उपलब्ध होगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री साय ने सॉइल हेल्थ कार्ड के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि इससे यह जानकारी मिलती है कि किस जमीन पर कौन-सी फसल का उत्पादन अधिक होगा और कितनी मात्रा में खाद की आवश्यकता होगी। इसके लिए केंद्र से आए कृषि वैज्ञानिक पूरे राज्य में जाकर सॉइल हेल्थ के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं। राज्य में कृषि के साथ पशुपालन, मछली पालन और डेयरी विकास को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। डेयरी विकास योजना के पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित छह जिलों में जशपुर भी शामिल है।
रायगढ़ से वर्चुअली जुड़े सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि जशपुर जिले का प्राकृतिक वातावरण अत्यंत आकर्षक है। जल संरक्षण और संवर्धन के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जल का संरक्षण अनिवार्य है, जिससे किसानों को लाभ होगा और उनकी आमदनी में वृद्धि होगी। जिला पंचायत से वर्चुअली जुड़ी विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जशपुर जिला नवाचार को तेजी से अपना रहा है। इस सम्मेलन के माध्यम से किसानों और कंपनियों के बीच सीधा अनुबंध होगा, जिससे उन्हें निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने अपने संबोधन में कहा कि यदि जिले में व्यवस्थित ढंग से खेती और प्रबंधन किया जाए तो किसानों को निश्चय ही लाभ प्राप्त होगा। जशपुर आम, मिर्च और नाशपाती के उत्पादन में अग्रणी है। उन्होंने धान के साथ दलहन और तिलहन की खेती को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
कलेक्टर रोहित व्यास ने एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन के महत्व तथा इससे किसानों को होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिला पंचायत से वर्चुअली जुड़े जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने एक वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से सम्मेलन के तहत होने वाले नवाचार एवं विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस अवसर पर आईजी दीपक कुमार झा, पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगा राम भगत सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में मिलेगी उन्नत तकनीकों की जानकारी
सम्मेलन के माध्यम से किसानों को उन्नत तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से नाबार्ड एवं एपेडा जैसी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित होकर एग्रीकल्चर मार्केटिंग, जैव उत्पादों के प्रमाणीकरण आदि विषयों पर किसानों को जानकारी देंगे। राज्य के वरिष्ठ वैज्ञानिक फसल किस्मों का जीआई टैग, कृषि एवं उद्यानिकी फसलों की वैज्ञानिक पद्धति से खेती तथा रेशम विशेषज्ञ रेशम पालन की जानकारी देंगे। साथ ही कंपनी एवं किसानों के मध्य अनुबंध खेती (कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग) पर चर्चा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कंपनी और कृषकों के मध्य अनुबंध हस्ताक्षर भी किए जाएंगे।
कार्यक्रम में फसल प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया है, जिसमें जिले के एफपीओ से जुड़े किसान एवं प्रगतिशील किसान अपनी फसल जैसे-जैविक धान, कुटकी, रागी, नाशपाती, लीची, रामतिल, टाऊ, मिर्च, सुगंधित धान आदि का किस्मवार गुणवत्ता के आधार पर प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम के अंतर्गत आम एवं नाशपाती तथा नवाचार प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया है। विजेता किसानों को पुरस्कार राशि भेंट कर आगामी समय में नवाचार एवं उन्नतशील खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में बन रहा उद्योग-धंधों के लिए अनुकूल माहौल – मुख्यमंत्री श्री साय
छत्तीसगढ़ में बन रहा उद्योग-धंधों के लिए अनुकूल माहौल – मुख्यमंत्री श्री साय
बीजापुर में 13 हार्डकोर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
रायपुर। बीजापुर जिले में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही व्यापक मुहिम को बड़ी सफलता मिली। जिले में सक्रिय 23 लाख रुपए के इनामी 13 कुख्यात हार्डकोर नक्सलियों ने शुक्रवार को सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों में से दस पर ₹1 लाख से ₹8 लाख तक के इनाम घोषित थे।
मुख्यमंत्री साय ने ट्वीट किया कि यह महत्वपूर्ण आत्मसमर्पण राज्य सरकार की "आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति - 2025" और "नियद नेल्ला नार योजना" की प्रभावशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसके माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास का वातावरण और बदलाव की सकारात्मक लहर सृजित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब नक्सली भी यह समझने लगे हैं कि बंदूक की राह नहीं, बल्कि विकास की राह ही भविष्य का सही विकल्प है। सरकार इन सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, कौशल उन्नयन एवं पुनरुत्थान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लक्ष्य प्राप्त करने के लिए हमारी सरकार पूर्णतः संकल्पबद्ध है।
आर्टिफिसियल इन्टेलिजेंस और डिजिटल लोक प्रशासन प्रभावित परिवेश में प्रशासनिक नेतृत्व विषय पर परिचर्चा आयोजित
भारतीय लोक प्रशासन संस्थान छत्तीसगढ़ शाखा, रायपुर द्वारा न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाईन्स रायपुर में आयोजित हुआ परिचर्चा
रायपुर । भारतीय लोक प्रशासन संस्थान छत्तीसगढ़ शाखा के द्वारा यहाँ सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में सुयोग्य मिश्रा, पूर्व मुख्य सचिव की अध्यक्षता में भारतीय प्रशासनिक सेवा अन्य अखिल भारतीय सेवा के सेवानिवृत्त व अन्य वरिष्ठ सदस्यों की एक बैठक तथा राज्य में स्थित एमिटि विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ० पियूष कान्त पाण्डेय का व्याख्यान व परिचर्चा आयोजित किया गया। सर्वप्रथम सुयोग्य मिश्रा ने पुष्पगुच्छ से मुख्य वक्ता का स्वागत किया।
डॉ० पियूष ने वर्तमान परिवेश में देश में आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस की तकनीकि के उपयोग को राज्य के प्रशासनिक नेतृत्व हेतु अपरिहार्य बताया और कहा कि इसके उपयोग में यह ध्यान रखा जाना आवश्यक होगा कि मानवीय संवेदनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना इस संसाधन का समन्वित उपयोग किया जाना संभव नहीं होगा। विज्ञान की यह तकनीक एक अवसर व एक चुनौती समाज के सम्मुख लेकर आयी है। जहाँ एक ओर यह तकनीक शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि सेक्टर के विकास संबंधित प्रशासनिक अड़चनों के सटीक व सामयिक समाधान के अवसर को प्रभावी सरल व मितव्ययी बना सकती है वही यह व्यक्तिगत जानकारियों संवेदनशील ऑकड़ो की सुरक्षा व सदुपयोग इस तकनीक तक सामान्य जनों की आसान पहुँच सुनिश्चित किये जाने, इसे समावेशी बनाये जाने जैसी चुनौतियों भी प्रस्तुत करती है। उल्लेखित व्याख्यान में वक्ता, प्रतिभागियों में चर्चा को जीवंत बनाते हुये बहुत से मानवोपयोगी प्रश्नों पर वस्तु स्थिति को और स्पष्ट कर सकने में सफल हो सके और इस विवादित तकनीक को मानवोपयोगी निरुपित करने के संबंध में सफल रहे। परंतु इस तकनीक की चुनौतियों के प्रति सबको जागरुक करने तथा मेधा व सावधानी से तकनीकि को उपयोग करने पर ही इसके नियंत्रित व सफल उपयोग संभव होने के तथ्य से भी उन्होंने प्रतिभागियों को अवगत कराया। यह भी बात सामने आयी कि नीति निर्माताओं, नेतृत्व कर्ताओं के द्वारा इस तकनीकि संबंधित नवाचार, अन्वेषण व अनुसंधान को ठोस आधार व पर्याप्त गति दिये बिना तकनीकि का अपेक्षित व पूर्ण सामयिक लाभ प्राप्त नहीं हो सकेगा। आगे आने वाली पीढ़ी को भी विकास की अपेक्षित गति बनाये रखने के योग्य बनाये रखकर ही समुचित स्थान व सम्मान दिलाते हुये देश व समाज को अपेक्षानुसार लाभान्वित किया जाना संभव हो सकेगा । कार्यक्रम के अंत में संस्था के सदस्य सचिव अनुप श्रीवास्तव ने मुख्य वक्ता व सभी उपस्थित अधिकारियों व प्रतिभागी प्रबुद्ध जनों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया।
धरती आबा योजना जनजातीय गांवों के लिए वरदान : केदार कश्यप
गोलावण्ड में जनजातीय उत्कर्ष शिविर का आयोजन
रायपुर । वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज धरती आबा योजना के तहत आयोजित शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 5 लोगों को आयुष्मान कार्ड और 5 को जन्म प्रमाण पत्र, कृषि विभाग अंतर्गत 5 किसानों को धान बीज, सहकारिता विभाग 6 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, 6 विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र और ‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान के तहत 300 ग्रामीणों को पौधे वितरित किए। वन मंत्री श्री कश्यप आज कोण्डागांव जिले के ग्राम गोलावण्ड में आयोजित धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत विशेष शिविर में शामिल हुए। इस शिविर में आसपास के 16 गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए। उन्होंने कहा कि धरती आबा अभियान के तहत जनजातीय समुदाय के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हो रहा है।
वन मंत्री श्री कश्यप ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कि जनजातीय नायक भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर शुरू हुई यह योजना अब गांव-गांव तक पहुंच रही है। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, विश्वकर्मा योजना, आयुष्मान भारत योजना और वय वंदना योजना जैसे प्रमुख कार्यक्रमों का लाभ सभी योग्य हितग्राहियों को जल्द से जल्द मिले और कोई भी पात्र व्यक्ति इन योजना से वंचित न रहें। उन्होंने अधिकारियों को सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिए। कार्यक्रम के अंत में वन मंत्री श्री कश्यप ने सभी ग्रामीणों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई।
इस अवसर पर पूर्व विधायक सेवकराम नेताम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती यशोदा कश्यप, श्रीमती रामदई नाग, जनपद अध्यक्ष श्रीमती अनिता कोर्राम, उपाध्यक्ष टोमेन्द्र सिंह ठाकुर, दीपेश अरोरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
शाला प्रवेशोत्सव में शामिल हुए वन मंत्री केदार कश्यप
रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप बस्तर विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भानपुरी में शाला प्रवेशोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि ‘शिक्षा जीवन की नींव है‘। शिक्षा ही व्यक्ति के जीवन को सशक्त और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व को समझने और उसे अपने जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं और समाज के विकास में योगदान दे सकते हैं। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि नव प्रवेशी विद्यार्थियों को बधाई व शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वन मंत्री ने कहा कि शिक्षा के महत्व को समझना और उसे अपने जीवन में लागू करना अत्यंत आवश्यक है। शिक्षा न केवल व्यक्तिगत विकास में मदद करती है, बल्कि समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। इस अवसर पर नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पारंपरिक रूप से तिलक व चंदन लगाकर स्वागत किया गया और उन्हें पुस्तकें, गणवेश और स्कूल बैग प्रदान किए गए। बच्चों और अभिभावकों के चेहरों पर उत्साह और प्रसन्नता स्पष्ट रूप से झलक रही थी।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप और जनपद अध्यक्ष संतोष बघेल ने भी नव प्रवेशी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज की सच्ची ताकत है और विद्यार्थियों को अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को बधाई व शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी ऋषिकेश तिवारी, खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती देवांगन, शिक्षकगण, शिक्षिकाएं, पालकगण, ग्रामीणजन और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
जगन्नाथ रथ यात्रा पर वी वाय हॉस्पिटल के 10 स्वर्णिम वर्ष पूर्ण, ‘साँझा चूल्हा एवं रैन बसेरा’ का भी शुभारम्भ
जगन्नाथ रथ यात्रा पर वी वाय हॉस्पिटल के 10 स्वर्णिम वर्ष पूर्ण, ‘साँझा चूल्हा एवं रैन बसेरा’ का भी शुभारम्भ
जगन्नाथ रथ यात्रा के पावन अवसर पर प्रतिष्ठित वी वाय हॉस्पिटल कमल विहार रायपुर ने अपने मानव स्वास्थ्य सेवा के 10 वर्ष सफलतापूर्वक संपन्न किए और 10वीं वर्षगाँठ मनाई। 2015 में स्थापित यह संस्थान अब तक तीन लाख से अधिक रोगियों को उन्नत उपचार प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़-वासियों के विश्वास का पर्याय बन चुका है।
इस विशेष दिन पर हॉस्पिटल ने ‘साँझा चूल्हा एवं रैन बसेरा’ पहल की शुरुआत की—एक ऐसी व्यवस्था जो आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों व उनके परिजनों को भोजन और आवास सुविधा उपलब्ध कराएगी। इसका शुभारम्भ शुक्रवार, 27 जून को प्रात: 10 बजे भूतपूर्व वरिष्ठ सांसद श्री बसंत पांडा जी (ओडिशा) एवं पूज्य श्री हितानंद महाराज (नारायणपुर आश्रम) के कर कमलों द्वारा किया गया.
श्री बसंत पांडा ने वी वाय हॉस्पिटल की समस्त टीम को बधाई देते हुए कहा, "हॉस्पिटल द्वारा साँझा चूल्हा और रैन बसेरा की जो सुविधा मरीजों के परिजनों हेतु दी जा रही है, ये बहुत ही सहृदय है। मरीज के परिजन दूर-दूर से आते हैं, जिससे उन्हें खाने-पीने और रहने की तकलीफ हो जाती है। इस सुविधा से उन्हें बेहद लाभ मिलेगा।"
पूज्य हितानंद महाराज ने कहा, "वी वाय हॉस्पिटल के डॉक्टर्स और उनकी टीम पूरे प्रदेश में अपने निःस्वार्थ सेवा और सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा के लिए प्रसिद्ध हैं। मैं उनको इस सेवा के 10 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देता हूँ और ऐसे ही लोगों की सेवा करते रहें, ये आशीर्वाद देता हूँ।"
कार्यक्रम में डायरेक्टर डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने कहा,
“हमारे लिए यह केवल 10 साल नहीं, बल्कि लाखों धड़कनों का साथ है। हमने हर मरीज को परिवार की तरह समझा, और हर सहयोगी को अपने मिशन का साथी माना। रथ यात्रा जैसे शुभ दिन पर यह उपलब्धि और भी विशेष बन जाती है। हम अपने हर मरीज, उनके परिजनों और मेडिकल टीम के प्रति दिल से आभार व्यक्त करते हैं।”
इस अवसर पर डायरेक्टरों में डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना, डॉ. विष्णु गुप्ता,श्रीमती सुजाता राजिमवाले , डॉ. श्रीधर राव, डॉ. राजेश अग्रवाल, डॉ. सुबीर श्रीवास्तव, डॉ. आनंद जोशी, डॉ. अनिल कर्णावत , डॉ. रेवती गुप्ता, डॉ अनुपमा जोशी,डॉ चारुलता श्रीवास्तव ,टीटू अरोरा व अन्य विभाग के डॉक्टर्स व स्टाफ सम्मलित हुये। इसके अलावा सरोज कुमार साहू जी
अध्यक्ष ओडिशा क्रिकेट एसोसिएशन
सुशांत कुमार पति
बी जे पी कोषाध्यक्ष, नुआपाड़ा इस कार्यक्रम में शामिल हुये ।
वी वाय हॉस्पिटल के निदेशक ने इस अवसर पर सभी मरीजों, उनके परिजनों तथा सहयोगियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सेवाभाव की परम्परा को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
वी वाय हॉस्पिटल ने अब तक 3 लाख से अधिक मरीज़ों का सफलतापूर्वक इलाज किया है, यहां पर सभी विश्व-स्तरीय सुविधाएं जैसे 24x7 इमरजेंसी सेवा, अत्याधुनिक ICU, एडवांस्ड ऑपरेशन थिएटर, अल्ट्रा-एडवांस्ड स्क्रीनिंग और अनुभवी एक्सपर्ट्स की टीम है वी वाय हॉस्पिटल रिसर्च और मेडिकल एजुकेशन की दृष्टि से भी एक बड़े सेंटर का रुप ले लिया है।
बुक स्कैनिंग में लापरवाही: संकुल समन्वयक निलंबित
रायपुर । संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर के निर्देश पर बुक स्कैनिंग की समीक्षा के लिए सहायक संचालक श्रीमती उषा किरण खलखो एवं श्रीमती सुरेखा थानथराट ने संकुल केन्द्र भूकेल का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संकुल समन्वयक मनबोध नंद मूल पद शिक्षक, शा. पू. मा. शाला पौसरा, विकासखंड बसना महासमुंद द्वारा पुस्तक वितरण में चार दिवस की देरी एवं 8 विद्यालयों में कार्य प्रारंभ न होने की स्थिति के संबंध में संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया। साथ ही 25 जून को आयोजित ऑनलाईन बैठक में भी वे अनुपस्थित रहे। पाठ्यपुस्तकों की डिलीवरी 21 जून को प्राप्त होने के बावजूद वितरण 25 जून को करने, स्कैनिंग में लापरवाही तथा विभागीय दिशा-निर्देशों की अवहेलना को गंभीर कदाचार एवं अनुशासनहीनता मानते हुए उक्त कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 के प्रतिकूल पाया गया।
संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर राकेश कुमार पाण्डेय ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्रोत समन्वयक के प्रतिवेदन के आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 (1) के तहत मनबोध नंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा तथा उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मगरलोड, जिला धमतरी नियत किया गया है।
एग्री-हॉटी क्रेता विक्रेता सम्मेलन 28 से, सीएम साय वर्चुअल माध्यम से होंगे शामिल
आम-नाशपाती, सेब उत्पादक कृषकों के मध्य फसल प्रतियोगिता का होगा आयोजन
रायपुर । मुख्यमंत्री साय 28 जून को एग्री-हॉटी क्रेता विक्रेता सम्मेलन में बगिया से ऑनलाइन वर्चुअल के माध्यम से शामिल होंगे। जशपुर जिले में किसानों के विकास, कृषि- उद्यान एवं रेशम उत्पाद को बढावा देने ‘कृषि क्रांति’ अभियान की शुरूआत जिला प्रशासन की पहल से शुरू की गई है, अभियान अंतर्गत पहली बार क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का दो दिवसीय आयोजन जिला पंचायत जशपुर में किया जा रहा है। 28 तथा 29 जून 2025 तक आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिवस में क्रेता-विक्रेता परिचय एवं फसल विशेष संग्रहण, संरक्षण, प्रसंस्करण एवं कृषि, उद्यानिकी, रेशम एवं वन उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण, मापदण्ड एवं नियमों की जानकारी प्रदान की जाने के साथ फसल प्रदर्शनी का आयोजन की जाएगी।
द्वितीय दिवस 29 जून को विभिन्न राज्यों से आये उद्यमियों को किसान के खड़ी फसलों के भ्रमण का कार्यक्रम तय किया गया है। सम्मेलन में जिले के प्रगतिशील कृषक, देश के कई औषधि, राज्यों के उद्यमी, निर्यातक के विशेषज्ञ, लघु वनोपज संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। जिला प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के कई कृषि संबंद्ध कंपनियों से संपर्क किया गया है, जिसमें अधिक से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधि के भाग लेने की संभावना है। जशपुर जिले में जैविक उत्पादों का बहुत बड़ा बाजार है। जंगल में काफी मात्रा में औषधीय, वन उपज उपलब्ध है। जिले में अधिक मात्रा में रेशम पालन की जाती है। इस सम्मेलन के माध्यम से जिले के किसानों को अपने उत्पाद को अधिक मूल्य में बेचने के लिए एक प्लेटफार्म तैयार किया जा रहा है, तथा किसानों को अपने उत्पाद की वर्तमान स्थिति, चुनौती और बाजार को समझने के साथ भविष्य की योजना तैयार करने में मदद मिलेगी।
किसान एफ.पी.ओ. के माध्यम से उत्पाद संग्रहण कर क्रेता कंपनी को विक्रय करेंगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। सम्मेलन में नाशपाती, आम फसल कृषकों के मध्य प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। यह सम्मेलन किसानों को सशक्त बनाने और उन्हें बाजार से जोड़ने की पहल है। एग्री-हॉटी क्रेता विक्रेता सम्मेलन के तहत जिला पंचायत जशपुर में सुबह 9 बजे से किसानों के मध्य प्रतियोगिता का आयोजन होगा, जहां जिस किसान के दशहरी, आम्रपाली आम और नाशपाती के 6 फल का औसत सबसे ज्यादा वजन होगा उसे ईनाम दिया जाएगा। प्रतियोगिता के लिए प्रथम पुरस्कार 5 हजार, द्वितीय पुरस्कार 3 हजार और तृतीय पुरस्कार 2 हजार रुपए रखा गया है।
रायपुर के ज़ोरा मॉल में निकोबार का 24वाँ स्टोर लॉन्च
रायपुर के ज़ोरा मॉल में निकोबार का 24वाँ स्टोर लॉन्च
इंडियन ओवरसीज बैंक गबन: 4 आरोपितों के खिलाफ EOW ने दायर किया चालान
रायपुर। इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा राजिम (जिला-गौरियाबंद) में ₹1,65,440/- के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने इस मामले में शुक्रवार को चार आरोपितों के खिलाफ विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.) रायपुर में लगभग 2000 पन्नों का आरोप पत्र प्रस्तुत किया है।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दिसंबर 2022 से फरवरी 2023 के बीच आरोपितों ने 17 खाताधारकों के नाम पर फर्जी तरीके से ऋण स्वीकृत कर बैंक के कंप्यूटर सिस्टम में जाली दस्तावेज़ तैयार किए। इस प्रक्रिया में बिना खाताधारकों की उपस्थिति, बिना फॉर्म और बिना सहमति के ऋण की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। इसके चलते बैंक को ₹1.65 लाख की आर्थिक क्षति हुई।
इनके खिलाफ दर्ज है मामला:
सुनील कुमार – तत्कालीन शाखा प्रबंधक
अंकिता पाणिग्रही – तत्कालीन सहायक शाखा प्रबंधक
योगेश पटेल – तत्कालीन लिपिक
खेमन लाल कंवर – तत्कालीन लिपिक
चारों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988, IPC की धारा 409, 467, 468, 471, 120बी, 201 और अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
मामले में आगे की कार्रवाई
विशेष न्यायालय में भ्रष्टाचार और आपराधिक षड्यंत्र के तहत आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है। फोटो में चारों आरोपियों के साथ चालान के दस्तावेजों के बंडल भी प्रदर्शित किए गए हैं।
एक दिन में 51 हजार महिलाओं की एचबी जांच, GPM जिले में बना रिकॉर्ड
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल हुआ जिले का नाम, स्वास्थ्य मंत्री ने दी बधाई
रायपुर । एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को जिले में शामिल करते हुए 26 जून को गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में चलाए गए रक्त शक्ति महा अभियान में एक ही दिन में जिले की 13 से 45 वर्ष आयु वर्ग की 51,727 महिलाओं का हीमोग्लोबीन (एचबी) जांच कराने पर जिले का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल हो गया है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की स्टेट हेड श्रीमती सोनल राजेश शर्मा ने आज एसेम्बली हॉल मल्टीपरपज स्कूल पेण्ड्रा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा करते हुए जिला कलेक्टर को प्रमाण पत्र प्रदान किया।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में जिले का नाम दर्ज होने पर इस उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला प्रशासन को शुभकामनाएं और बधाई दी है। उन्होंने कहा कि रक्त की कमी होने से बहुत सारी समस्याएं होती है। एचबी की वास्तविक जानकारी प्राप्त करने के लिए रक्त शक्ति महा अभियान ने बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है।
जिला कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने कहा कि इस अभियान में जिला स्तर से लेकर मैदानी स्तर के सभी विभागों के अमले की सेवाएं ली गई। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और मीडिया की भी सराहनीय सहभागिता रही। अभियान में मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्व सहायता समूह की महिलाएं, पंचायत सचिव, पटवारी, कोटवार, ग्रामीण कृषि विकास विस्तार अधिकारियों ने इस उपलब्धि को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान किया है।
विष्णु केबिनेट बैठक 30 को
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सोमवार 30 जून क़ो को दोपहर 12 बजे राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक अटल नगर नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी।
हास्य कवि डॉ. सुरेन्द्र दुबे का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन
अंतिम संस्कार शामिल हुए देश के प्रख्यात साहित्यकार
रायपुर । छत्तीसगढ़ी हास्य कविताओं से लोगों को गुदगुदाने वाला हास्य कवि डॉ. सुरेन्द्र दुबे का पार्थिव शरीर 27 जून को पंचतत्व में विलिन हो गया। अंतिम संस्कार में देश-प्रदेश के साहित्यकार, पत्रकार, विधायक, मंत्री व अधिकारी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ के हास्य क विताओं के जनक एवं कवि सम्मेलनों की जान कहलाने वाले डा. सुरेन्द्र दुबे का गुरुवार को मेकाहारा अस्पताल निधन हो गया था। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अन्य लोगों ने सुबह घर जाकर श्रद्धासुमन अर्पित किया। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ की हास्य कविताओं को उजास दिया था। वे आने वाले पीढिय़ों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे। आज प्रात: से ही उनके निवास में श्रद्धासुमन देने वालों का ताता लगा रहा। बिलासपुर के साहित्यकार विनय पाठक के अलावा छत्तीसगढ़ के भिलाई, दुर्ग और राजनांदगांव से आए साहित्यकारों पत्रकारों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया। पद्मश्री से सम्मानि सुरेन्द्र दुबे बेमेतरा के निवासी थे, वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काव्यपाठ किया करते थे। उनके निधन से छत्तीसगढ़ के साहित्यिक जगत में शोक छा गया है। महापौर मीनल चौबे ने भी साहित्यकार सुरेन्द्र दुबे के निधन पर शोक व्यक्त किया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी सहित अनेक पार्षदों ने श्रद्धासुमन अर्पित किया है।
अंतिम संस्कार में शामिल हुए प्रख्यात कवि एवं साहित्यकार
परिवारजनों से मिली जानकारी के अनुसार आज मारवाड़ी श्मशान घाट में डॉ. सुरेन्द्र दुबे के अंतिम संस्कार में देश के प्रख्यात कवि कुमार विश्वास, केबिनट मंत्री ओपी चौधरी, रामविचार नेताम, विजय शर्मा सहित कलेक्टर गौरव सिंह, एसपी लाल उमेंद सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। परिवारजनों से मिली जानकारी के अनुसार उनके बड़े पुत्र अभिषेक ने मुखाग्रि दी इस अवसर पर बड़ी संख्या में आम नागरिक साहित्यकार तथा पत्रकार उपस्थित थे। डॉ. सुरेन्द्र दुबे पेशे से चिकित्सक से वरिष्ठ साहित्यकार को उनकी प्रतिभा एवं योग्यता को देखते हुए छत्तीसगढ़ साहित्य एकेडमी का अध्यक्ष बनाया गया था। वे देश-विदेश सहित अनेक स्थानों पर काव्य पाठ किया करते थे। उनके जाने से छत्तीसगढ़ के साहित्य जगत का चमकता सितारा समाप्त हो गया है। अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारियों ने श्रद्धासुमन अर्पित किया है। कांग्रेस के पदाधिकारियों ने कहा कि डॉ. सुरेन्द्र दुबे का निधन अपूर्णीय क्षति है। इस दुख की घड़ी में परिजनों को अदम साहस दें। कोरोनाकाल में रचित उनकी कविता काफी प्रसिद्ध हुई थी, सरस्वती पुत्र को अंतिम नमन ।
रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए राज्यपाल डेका
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका रथ यात्रा पर्व के अवसर पर गायत्री नगर रायपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित महाप्रभु जगन्नाथ के रथ यात्रा महोत्सव में शामिल हुए। राज्यपाल डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना कर ‘छेरा-पहरा‘ की रस्म निभाई। राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी ने जगन्नाथ जी की विधि-विधान से पूजा अर्चना की।
इस दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक धरमलाल कौशिक, अन्य जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु भी उपस्थित थे।
रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका
रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका
