छत्तीसगढ़ / रायपुर
खरीफ सीजन : 9.6 लाख किसानों को 4092 करोड़ का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर सहकारिता मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य के अधिक से अधिक किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण किया जा रहा है। प्रदेश में किसानों को अब तक राज्य सहकारी बैंकों के द्वारा 2058 सहकारी समितियों के माध्यम से 4092.93 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया गया है। इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा किसानों को 7800 करोड़ रूपए ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। अब तक वितरित कुल राशि लक्ष्य का लगभग 52.47 प्रतिशत है। किसानों को उनके मांग और रकबे के अनुरूप अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया जा रहा है। जबकि पिछले वर्ष आज की स्थिति में 4042.23 करोड़ रूपए के अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किए गए थे।
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को खेती-किसानी की प्रारंभिक जरूरतों को पूरा करने तथा खेती-किसानी में सहूलियत प्रदान करने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना प्रारंभ किए गए थे। इसके अलावा किसानों को साहूकारों के चंगुलों से बचाना इसका एक प्रमुख उद्देश्य था। वर्तमान समय में इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं। किसानों को प्रारंभिक जरूरतों के लिए न सिर्फ राहत मिली है, बल्कि फसलों के उत्पाद में लगातार वृद्धि हो रही है।
मालवीय रोड के 24 कब्जाधारी दुकानदारों पर चालानी की कार्रवाई
रायपुर । कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार नगर निगम रायपुर के आयुक्त विश्वदीप, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर लाल उम्मेद सिंह के निर्देशानुसार चलाये जा रहे टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत आज लगातार दूसरे दिन नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़न दस्ता की टीम द्वारा नगर निवेशक आभाष मिश्रा के मार्गदर्शन में राजधानी शहर रायपुर के मालवीय मार्ग में जयस्तम्भ चौक से सिटी कोतवाली चौक तक मुख्य मार्ग में सड़क पर अवैध कब्जा जमाकर व्यवसाय कर रहे शेष बचे 24 दुकानदारों पर चालानी कार्यवाही की गयी. इस दौरान कुल मिलाकर शेष बचे 24 दुकानदारों पर 46 हजार रूपये की चालानी कार्यवाही अभियान के अंतर्गत दुकानदारों पर की गयी. टीम प्रहरी का अभियान आगे भी जारी रहेगा.
रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 2 के अंतर्गत तेलघानीनाका चौक के समीप संचालित अवैध अहाता केन्द्र को अभियान चलाकर आबकारी विभाग, तहसीलदार कार्यालय, नगर पालिक निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़नदस्ता, नगर पालिक निगम जोन 2 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा यातायात विभाग और पुलिस थाना बल की स्थल पर उपस्थिति में नगर निगम के नगर निवेशक आभाष मिश्रा, नगर निगम जोन 2 जोन कमिश्नर डॉक्टर आर. के. डोंगरे, कार्यपालन अभियंता पी. डी. धृतलहरे, उप अभियंता नगर निवेश सुश्री अंजलि बारले, अमित सरकार एवं नगर निगम के अन्य सम्बंधित अधिकारियों की उपस्थिति में अभियानपूर्वक तोड़कर हटाने की कार्यवाही की।
कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय सीमा की बैठक
पात्र हितग्राहियों के जल्द बनाए जाएं आयुष्मान कार्ड : कलेक्टर
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
डॉ. सिंह ने कहा कि सीमांकन, त्रुटि सुधार, अविवादित नामांतरण, पात्र खसरे का बटांकन जैसे प्रकरणों को प्राथमिकता में लेकर त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी प्रकरण राजस्व कार्यालयों में अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए।
कलेक्टर ने आरसीसी (राजस्व न्यायालय) और पंचायत स्तर के प्रकरणों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को इनका शीघ्र निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “राजस्व प्रकरणों का त्वरित समाधान आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए अत्यंत आवश्यक है, यह शासन की प्राथमिकता है।”
कलेक्टर डॉ. सिंह ने जिला स्तरीय कॉल सेंटर, हेल्पलाइन, जनदर्शन में लंबित मामलों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को इनके शीघ्र निराकरण हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, डीएफओ लोकनाथ पटेल, अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर, श्रीमती निधि साहू, उमाशंकर बंदे, सुश्री अभिलाषा पैकरा, मनीष मिश्रा, एडीएम देवेंद्र पटेल, एएसपी लखन पटले सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
आईटीआई माना में एनसीव्हीटी/एससीव्हीटी कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन
रायपुर । कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग अंतर्गत संचालनालय, रोजगार एवं प्रशिक्षण के अधीन छत्तीसगढ़ स्थित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आई.टी.आई.) में संचालित एनसीव्हीटी/एससीव्हीटी के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक अभियार्थी आज दिनांक 25 जून प्रवेश हेतु इच्छुक अभ्यर्थी इंटरनेट के माध्यम से अपने स्तर से अथवा छ.ग. ऑनलाईन के अधिकृत सहायता केन्द्रों से अथवा छत्तीसगढ़ स्थित किसी भी लोक सेवा केन्द्र (च्वाइस सेंटर) से वेबसाईट https://cgiti.admissions.nic.in के "ऑनलाईन एप्लिकेशन 2025" पर आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश विवरणिका संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण की वेबसाइट https://cgiti.admissions.nic.in पर उपलब्ध है।
प्रदेश में अब तक 75.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
रायपुर । छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 75.3 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक जशपुर जिले में सर्वाधिक 217.1 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 22.9 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा में 79.8 मि.मी., सूरजपुर में 99.1 मि.मी., बलरामपुर में 216.7 मि.मी., कोरिया में 136.1 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 66.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर जिले में 43.5 मि.मी. बलौदाबाजार में 64.7 मि.मी., गरियाबंद में 68.7 मि.मी., महासमुंद में 61.1 मि.मी. और धमतरी में 37.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर में 40.5 मि.मी., मुंगेली में 34.6 मि.मी., रायगढ़ में 119.6 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 56.7 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 64.6 मि.मी., सक्ती में 49.8 मि.मी. कोरबा में 72.2 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 76.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। दुर्ग जिले में 43.5 मि.मी., कबीरधाम में 48.5 मि.मी., राजनांदगांव में 27.4 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 47.3 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 48.7 मि.मी., बालोद में 49.1 मि.मी. और बस्तर जिले में 95.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। कोंडागांव में 67.4 मि.मी., कांकेर में 64.4 मि.मी., नारायणपुर में 44.1 मि.मी., दंतेवाड़ा में 129.8 मि.मी., सुकमा में 45.1 मि.मी. और बीजापुर में 144.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल से श्रवण दोष पीड़ित बुंदा लकड़ा को मिला श्रवण यंत्र
नई जिंदगी की शुरुआत से भावुक हुईं लाभार्थी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्थापित बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और आवश्यक सहायताएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निरंतर सक्रिय है। इसी क्रम में जशपुर जिले के पत्थलगांव तहसील अंतर्गत ग्राम पाकरगांव निवासी श्रवण बाधित श्रीमती बुंदा लकड़ा को श्रवण यंत्र प्रदान कर राहत पहुंचाई गई।
श्रीमती लकड़ा ने कैंप कार्यालय में आवेदन देकर अपनी समस्या साझा की थी। उन्होंने बताया कि सुनने में असमर्थता के कारण उन्हें दैनिक जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उनके आवेदन को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय द्वारा तत्काल कार्रवाई की गई और संबंधित टीम ने उनके गांव पहुंचकर उन्हें श्रवण यंत्र प्रदान किया।
श्रवण यंत्र मिलने पर श्रीमती बुंदा लकड़ा ने अत्यंत खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह सहयोग उनके लिए ‘एक नई जिंदगी की शुरुआत’ जैसा है।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आम जनता के जीवन को सुगम और सम्मानजनक बनाने की दिशा में संवेदनशीलता व समर्पण के साथ कार्य कर रहा है, जो जनसेवा की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रही है।
जशपुर में पहली बार आयोजित होगा एग्री-हॉटी क्रेता-विक्रेता सम्मेलन
जैविक उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय बाजार
रायपुर। “कृषि क्रांति” अभियान के तहत यह दो दिवसीय सम्मेलन 28 और 29 जून को जिला पंचायत परिसर, जशपुर में आयोजित होगा, जिसका उद्देश्य जिले के किसानों को राष्ट्रीय स्तर पर बाजार से जोड़ते हुए उनके उत्पादों को बेहतर दाम दिलाना है। जशपुर जिले में कृषि, उद्यानिकी और रेशम उत्पादन को प्रोत्साहन देने हेतु जिला प्रशासन द्वारा पहली बार एग्री-हॉटी क्रेता-विक्रेता सम्मेलन 2025 का आयोजन किया जा रहा है।
सम्मेलन के पहले दिन क्रेता-विक्रेता परिचय सत्र, फसल संग्रहण, संरक्षण और प्रसंस्करण संबंधी तकनीकी जानकारियों के साथ ही कृषि, उद्यानिकी, रेशम और वनोपज के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्ता मानकों, नियमों एवं विपणन व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी। साथ ही विविध फसलों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
दूसरे दिन, 29 जून को देश के विभिन्न राज्यों से आए उद्यमियों द्वारा जिले के खेतों और उत्पादों का प्रत्यक्ष भ्रमण कराया जाएगा, जिससे वे किसानों के उत्पादों को जान सकें और संभावित करार कर सकें। यह किसानों और कंपनियों के बीच एफ.पी.ओ. (किसान उत्पादक संगठन) के माध्यम से सीधा संवाद और विपणन की दिशा में अहम कदम होगा। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा।
जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि इस सम्मेलन में कृषि, उद्यानिकी, वनोपज और रेशम क्षेत्र से जुड़े राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतिष्ठानों, निर्यातकों, विशेषज्ञों और लघु वनोपज संघ के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। जशपुर जैविक खेती, रेशम पालन और वन औषधियों के लिए पहले से ही प्रसिद्ध है, ऐसे में इस आयोजन के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को देश के बड़े बाजारों से जोड़ा जा सकेगा।
सम्मेलन में नाशपाती और आम उत्पादक कृषकों के मध्य फसल प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे गुणवत्ता पूर्ण उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, कांट्रेक्ट फार्मिंग और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भी किसानों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है।
धरती आबा अभियान बना आदिवासी अंचलों की आशा की किरण
पांच वर्षीय राकेश को मिला पहचान का अधिकार
रायपुर। कबीरधाम जिले के वनांचल में स्थित बोडला विकासखंड के ग्राम खैरबनाखुर्द के एक छोटे से परिवार के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान उम्मीदों की नई रोशनी बनकर सामने आया। इस अभियान के तहत ग्राम घोंघा में आयोजित शिविर में फगनू पटेल के पांच वर्षीय पुत्र राकेश पटेल का आधार कार्ड बनाकर उसे पहचान का अधिकार प्रदान किया गया।
पिछड़े और दूरस्थ वन ग्रामों में अक्सर मूलभूत पहचान दस्तावेजों की अनुपलब्धता के कारण ग्रामीण कई कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। फगनू पटेल का परिवार भी ऐसी ही परिस्थिति में जी रहा था। लेकिन धरती आबा अभियान के माध्यम से पहली बार ऐसा अवसर मिला जब शासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचा।
ग्राम घोंघा में आयोजित जागरूकता एवं संतृप्ति शिविर में जब आधार नामांकन की सुविधा उपलब्ध कराई गई, तब फगनू पटेल अपने बेटे राकेश को लेकर पहुंचे। वहीं राकेश का नामांकन करते हुए उसका आधार कार्ड बनाया गया, जो अब भविष्य में उसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, बैंकिंग और अनेक अन्य जरूरी सेवाओं के लिए काम आएगा।
फगनू पटेल ने हृदय से राज्य शासन और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब मेरे बेटे राकेश का भी एक पहचान है। गाँव मे बसे ग्रामीणों के जनकल्याण के लिए सरकार की योजनाएं पहुंच रही हैं, यह हमारे लिए बहुत बड़ी बात है। इसके लिए भारत सरकार, राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते है।
राज्यपाल ने रथ यात्रा महोत्सव स्वेच्छानुदान राशि प्रदान की
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने श्री जगन्नाथ सेवा समिति गायत्री नगर रायपुर को रथ यात्रा महोत्सव आयोजन 2025 के लिए 1 लाख रूपए की स्वेच्छानुदान राशि प्रदान की। इस अवसर पर विधायक एवं समिति के अध्यक्ष पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।
प्रदेश में मानसून के दस्तक के साथ ही खेती-किसानी का सिलसिला शुरू
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश: किसानों को उनकी मांग के अनुरूप सुगमता से मिले खाद-बीज
रायपुर । प्रदेश में मानसून के दस्तक के साथ ही खेती किसानी का सिलसिला शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों निर्देशित किए गए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने के निर्देश दिए हैं। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश के किसानों को अब तक 6.58 लाख मीट्रिक टन खाद और 3.68 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून की बौछारों के साथ शुरू हुए खेती-किसानी में बोनी का रकबा भी निरंतर बढ़ते जा रहा है। राज्य में अब तक 6.04 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है। राज्य सरकार द्वारा इस खरीफ सीजन में 48.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि 23 जून 2025 की स्थिति में प्रदेश में अब तक 62.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1238.7 मिमी है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2025 के लिए प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 6 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 3.68 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो मांग का 74 प्रतिशत है। खरीफ वर्ष 2024 में राज्य में बीज निगम से 4.64 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया था।
इसी प्रकार प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 14.62 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 11.36 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 6.58 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 45 प्रतिशत है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश के किसानों को सुगमता से उनकी मांग के अनुरूप खाद-बीज सुगमता से उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा है।
सुकमा, दंतेवाड़ा, सूरजपुर, बैंकुठपुर, चिरमिरी जैसे दूरस्थ शहरों में भी खुलेंगी सेंट्रल लाइब्रेरी
18 सेंट्रल लाइब्रेरीज के लिए नगरीय प्रशासन विभाग ने मंजूर की 114 करोड़ रुपए से अधिक की राशि
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा, दंतेवाड़ा, सूरजपुर, बैंकुठपुर, चिरमिरी जैसे दूरस्थ अंचलों के युवाओं को भी सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन की सुविधा मिलेगी। राज्य शासन ने इन नगरीय निकायों के साथ ही कुल 17 नगरीय निकायों में सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन के निर्माण के लिए 114 करोड़ 50 लाख 77 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। इस राशि से राज्य के विभिन्न शहरों में कुल 18 सेंट्रल लाइब्रेरी स्थापित की जाएंगी जिनमें कई दूरस्थ अंचलों के शहर भी शामिल हैं। इन लाइब्रेरीज की स्थापना से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अच्छा माहौल मिलेगा। साथ ही उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अच्छी पुस्तकें भी मिलेंगी। प्रदेश के हर वर्ग के युवाओं के करियर निर्माण में ये सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन काफी सहायक होंगी। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने मंत्रालय से विभागीय संचालक को सेंट्रल लाइब्रेरीज के लिए राशि की मंजूरी के संबंध में परिपत्र जारी किया है।
राज्य शासन ने 250-250 सीटर 13 सेंट्रल लाइब्रेरीज के लिए 57 करोड़ 39 लाख 37 हजार रुपए तथा 500-500 सीटर पांच लाइब्रेरीज के लिए 57 करोड़ 11 लाख 40 हजार रुपए मंजूर किए हैं। गरियाबंद, दुर्ग और बिलासपुर में 500-500 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन हेतु प्रत्येक के लिए 11 करोड़ 42 लाख 28 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। राजधानी रायपुर में भी 500-500 सीटर दो नई लाइब्रेरीज के लिए कुल 22 करोड़ 84 लाख 56 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने चिरमिरी, दंतेवाड़ा, सुकमा, अंबागढ़-चौकी, पेंड्रा, सूरजपुर, बैकुंठपुर, सारंगढ़, धमतरी, मुंगेली, खैरागढ़, सक्ती और बसना में 250-250 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन हेतु प्रत्येक के लिए चार करोड़ 41 लाख 49 हजार रुपए के मान से कुल 57 करोड़ 39 लाख 37 हजार रुपए मंजूर किए हैं।
सावन में बाबा धाम यात्रा होगी आसान: गोंदिया-मधुपुर के बीच चलेगी श्रावणी स्पेशल ट्रेन
8 फेरों में मिलेगी कंफर्म बर्थ की सुविधा
रायपुर । सावन में बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को अब लंबी वेटिंग की चिंता नहीं करनी होगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गोंदिया-मधुपुर-गोंदिया के बीच श्रावणी स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। यह ट्रेन 11 जुलाई से 8 अगस्त तक कुल 8 फेरे लगाएगी।
ट्रेन की समय-सारणी:
गाड़ी संख्या 08855 गोंदिया से हर शुक्रवार और सोमवार, दोपहर 12:30 बजे रवाना होगी।
गाड़ी संख्या 08856 मधुपुर से हर शनिवार और मंगलवार, दोपहर 2:30 बजे चलेगी।
खास बातें:
इस ट्रेन का व्यापक वाणिज्यिक ठहराव डोंगरगढ़, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ समेत 30 से अधिक स्टेशनों पर होगा।
श्रद्धालुओं को स्लीपर और एसी बर्थ सहित कुल 18 कोच की सुविधा मिलेगी, जिसमें 2 एसी चेयर कार, 7 स्लीपर, 6 जनरल और SLRD कोच शामिल हैं।
क्यों है ये ट्रेन खास?
बाबा धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को आमतौर पर सावन में कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल होता है। इस स्पेशल ट्रेन से श्रद्धालुओं को समय पर, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। यह ट्रेन सावन में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशेष रूप से डिजाइन की गई है।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस विशेष सेवा का लाभ उठाएं और समय से टिकट बुकिंग कर यात्रा को सुनिश्चित करें। रेलवे का यह निर्णय न केवल यात्रा को सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।
अंतरराष्ट्रीय सिम फर्जीवाड़ा गिरोह का भंडाफोड़, 11 आरोपित गिरफ्तार
रायपुर । रायपुर रेंज पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन साइबर शील्ड' के तहत अंतरराष्ट्रीय सिम फर्जीवाड़ा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान, मध्यप्रदेश, रायपुर, दुर्ग और धमतरी से 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी फर्जी सिम कार्ड, म्यूल अकाउंट, और साइबर धोखाधड़ी के मामलों में शामिल थे। इन सिम कार्ड्स का उपयोग यूएई, श्रीलंका, नेपाल और म्यांमार जैसे देशों में किया जा रहा था, जिससे अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क से इनके संबंध की आशंका को बल मिला है।
अब तक की कार्रवाई में 7000+ फर्जी सिम कार्ड और 590 मोबाइल नंबर की पहचान कर सभी को डिएक्टिवेट करने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
फर्जी सिम चालू करने का तरीका:
गिरफ्तार आरोपित ई-केवाईसी और डी-केवाईसी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर सिम कार्ड एक्टिवेट कर रहे थे:
डबल थंब स्कैन और आई ब्लिंक तकनीक से फर्जी ई-केवाईसी करते थे।
ग्राहक के आधार कार्ड की फिजिकल कॉपी से बिना ग्राहक की जानकारी के अतिरिक्त सिम एक्टिवेट कर साइबर अपराधियों को बेच देते थे।
इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल मनी म्यूल अकाउंट, ऑनलाइन फ्रॉड और टेलीग्राम जैसे माध्यमों में किया जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपित:
नितेश शर्मा – करौली, राजस्थान
पीयूष पांडे – सतना, मध्यप्रदेश
हरविंदर भाटिया – दुर्ग
दिलावर सिंह संधू – भिलाई, दुर्ग
उदय राम यदु – चंगोराभाठा, रायपुर
आशीष कलवानी – पुरानी बस्ती, रायपुर
चंदन सिंह – भनपुरी, रायपुर
सचिन गिरी – मोवा, रायपुर
वैभव साहू – दुर्ग
सूरज मारकण्डे – कुरूद, धमतरी
अतहर नवाज – मठपुरैना, रायपुर
आगे की कार्रवाई:
इंटरनेशनल साइबर लिंक की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों से संपर्क।
सभी आरोपितों से विस्तृत पूछताछ जारी।
मनी ट्रेल और साइबर नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।
रायपुर रेंज आईजी अमरेश मिश्रा के नेतृत्व में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत ऐसी कार्यवाहियां आगे भी जारी रहेंगी।
यह कार्रवाई रायपुर पुलिस के साइबर अपराध नियंत्रण में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
'काशी के कोतवाल' काल भैरव के दरबार पहुंचे सीएम साय
रायपुर । देवों के अधिदेव भगवान शंकर की पावन नगरी काशी में स्थित ‘काशी के कोतवाल’ श्री काल भैरव जी महाराज के दिव्य मंदिर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और देश के कल्याण हेतु प्रार्थना की।
इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बाबा काल भैरव की विधिवत आराधना की और संपूर्ण राष्ट्र के लिए मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि बाबा भैरवनाथ की कृपा समस्त देशवासियों पर निरंतर बनी रहे, यही मेरी प्रार्थना है। उन्होंने देश के नागरिकों के जीवन में सुरक्षा, समृद्धि और कल्याण के प्रकाश के निरंतर प्रवाह की कामना भी की।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ राज्य की शांति, विकास और जनकल्याण की दिशा में अग्रसर यात्रा के लिए बाबा काल भैरव जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ईश्वर की कृपा से प्रदेश और देश में सुशासन और समृद्धि का मार्ग और अधिक सुदृढ़ होगा।
मेरे खिलाफ बयान देने वालों के साथ चाय पीते हैं बैज: भूपेश
PAC बैठक में प्रदेश प्रभारी के सामने फूटा पूर्व सीएम का गुस्सा
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जमकर नाराजगी जताई। उन्होंने पार्टी में अनुशासनहीनता के मामलों में कार्रवाई नहीं होने और वरिष्ठ नेताओं की निष्क्रियता को लेकर तीखा हमला बोला। बैठक में कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट की मौजूदगी में बघेल ने सीधे तौर पर प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को घेरते हुए कहा, "जो नेता मेरे खिलाफ बयान देते हैं, उन्हीं के साथ आप चाय पीते हैं।"
मुख्यमंत्री पर सीधा हमला नहीं करते वरिष्ठ नेता: भूपेश
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोलना चाहिए, लेकिन कुछ वरिष्ठ नेता इससे बचते हैं। “जनता के बीच हमारी मजबूत मौजूदगी तभी दिखेगी जब हम सीधे और मुखर होकर विरोध करें,” बघेल ने कहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ नेता बड़े मुद्दों पर मौन रहते हैं और औपचारिक विरोध कर अपनी जिम्मेदारी निभा लेते हैं।
सीनियर नेताओं की उपेक्षा पर भी उठे सवाल
बैठक में कुछ वरिष्ठ नेताओं ने यह मुद्दा उठाया कि उन्हें संगठन में जिम्मेदारी नहीं दी जा रही है। उनका कहना था कि पार्टी को उनके अनुभवों का लाभ उठाना चाहिए, लेकिन फिलहाल उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे पार्टी में समन्वय और ऊर्जा की कमी महसूस हो रही है।
दीपक बैज ने दी सफाई
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने भूपेश बघेल की टिप्पणी पर जवाब देते हुए कहा कि, "अपने ही मामले में कार्रवाई करना सही नहीं होता। हम अनुशासन बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं को भी संतुलन में रखना जरूरी है।" उन्होंने अनुशासनहीनता के मामलों में कार्रवाई की बात दोहराई।
7 जुलाई को छत्तीसगढ़ आएंगे खड़गे और वेणुगोपाल
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल 7 जुलाई को छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस द्वारा शराब घोटाले, खाद-बीज संकट और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार के खिलाफ बड़ी सभा आयोजित की जाएगी। PAC बैठक में खड़गे के दौरे की तैयारियों और रणनीति पर भी चर्चा की गई।
अंदरूनी असंतोष सतह पर
बैठक में हुए इस साफ-साफ टकराव और गुटबाजी के संकेतों ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अंदरूनी असंतोष को उजागर कर दिया है। आगामी महीनों में होने वाली राजनीतिक गतिविधियों के बीच यह बैठक पार्टी के भीतर जारी खींचतान की झलक भी दे गई।
जैन संवेदना ट्रस्ट ने साधर्मिक परिवारों को सौंपी बीपी-शुगर मशीन
रायपुर । जैन संवेदना ट्रस्ट ने स्वास्थ्य सजग प्रहरी योजना के तहत जैन साधर्मिक परिवारों को ब्लड प्रेशर और शुगर जांच की मशीनें प्रदान कर एक सराहनीय सामाजिक पहल की है। जैन मंदिर के पुजारी द्वारका तिवारी सहित 12 परिवारों को जून माह में यह मशीनें वितरित की गईं।
कोरोनाकाल के बाद से बीपी और शुगर की बीमारियों में बढ़ोत्तरी को देखते हुए ट्रस्ट ने यह योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य प्रारंभिक जांच और स्वास्थ्य सजगता को बढ़ावा देना है। ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर और विजय चोपड़ा ने बताया कि योजना के तहत अब तक 235 मशीनें वितरित की जा चुकी हैं, और जुलाई में 20 और परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
बीपी मशीन के साथ प्रशिक्षण भी
ट्रस्ट के सदस्य चन्द्रेश शाह और महावीर कोचर ने बताया कि मशीन के साथ जांच स्ट्रिप्स का एक पैकेट भी दिया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर मशीन के उपयोग का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जो भी जैन परिवार इस सुविधा का लाभ लेना चाहता है, वह ट्रस्ट से संपर्क कर नाम दर्ज करवा सकता है।
पुजारियों की विशेष भागीदारी
इस योजना में मंदिर के पुजारियों को भी शामिल किया गया है, ताकि वे भी स्वस्थ रहकर धार्मिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें। इस अवसर पर महेन्द्र कोचर, विजय चोपड़ा और ओमप्रकाश बरलोटा भी उपस्थित रहे।
सामाजिक सहयोग की दिशा में सक्रिय
जैन संवेदना ट्रस्ट स्वास्थ्य के साथ-साथ स्वावलंबन योजना और सुकन्या विवाह योजना जैसी सामाजिक योजनाओं पर भी काम कर रहा है। ट्रस्ट की यह पहल न केवल एक स्वास्थ्य सेवा है, बल्कि समाज को जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रदेश में अब तक 62.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 62.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक जशपुर जिले में सर्वाधिक 211.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 15.5 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा में 76.2 मि.मी., सूरजपुर में 89.0 मि.मी., बलरामपुर में 192.8 मि.मी., कोरिया में 128.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 57.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर जिले में 40.9 मि.मी. बलौदाबाजार में 44.6 मि.मी., गरियाबंद में 63.4 मि.मी., महासमुंद में 42.3 मि.मी. और धमतरी में 25.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर में 24.7 मि.मी., मुंगेली में 17.2 मि.मी. रायगढ़ में 114.0 मि.मी., सारंगढ़ बिलाईगढ़ में 41.7 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 42.5 मि.मी., सक्ती में 47.6 मि.मी. कोरबा में 64.5 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 57.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। दुर्ग जिले में 42.7 मि.मी., कबीरधाम में 37.4 मि.मी., राजनांदगांव में 26.1 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 23.1 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 42.9 मि.मी., बालोद में 40.2 मि.मी. और बस्तर जिले में 81.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। कोंडागांव में 51.2 मि.मी., कांकेर में 43.9 मि.मी., नारायणपुर में 24.4 मि.मी., दंतेवाड़ा में 113.3 मि.मी., सुकमा में 37.0 मि.मी. और बीजापुर में 103.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।