छत्तीसगढ़ / रायपुर
मंत्री केदार कश्यप ने किया संसदीय कार्य विभाग के नवीन वेबसाईट का किया शुभारंभ
रायपुर । संसदीय कार्य विभाग मंत्री केदार कश्यप ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में संसदीय कार्य विभाग की नवीन वेबसाईट https://cgparliamentary.cgstate.gov.in का शुभारंभ किया। संसदीय कार्य विभाग की यह वेबसाईट एनआईसी की टीम द्वारा डेवलप की गई है।
इस नवीन वेबसाईट के माध्यम से विभागीय दायित्व अधिनियम-नियम एवं कार्यक्रम आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके अतिरिक्त विधानसभा के माननीय अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष के वेतन भत्ता तथा माननीय सदस्यों और भूतपूर्व सदस्यों के वेतन, भत्ते व अन्य सुविधाओं की जानकारी भी वेबसाईट पर उपलब्ध रहेगी। इस अवसर पर संसदीय कार्य विभाग के सचिव एस. प्रकाश, उप सचिव श्री नीलम टोप्पो एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिले में होगी राष्ट्रीय महिला आयोग की जन सुनवाई
5 जून को दोपहर 1 बजे रेडक्रास सभाकक्ष कलेक्टोरेट
रायपुर । राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा जिले में जन सुनवाई “आपके द्वार” का आयोजन किया जा रहा है। यह जन सुनवाई 05 जून को रायपुर कलेक्टोरेट परिसर के रेडक्रास सभाकक्ष में दोपहर 1 बजे से होगी। साथ ही 5 जून को ही अपरान्ह 3 बजे रेडक्रास सभाकक्ष में ही जिले की स्थानील समिति के सदस्यों के साथ आयोग की बैठक होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय का शिल्प नगरी कोंडागांव के शबरी एंपोरियम पहुंचे
मुख्यमंत्री श्री साय का शिल्प नगरी कोंडागांव के शबरी एंपोरियम पहुंचे
हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
बस्तर के हर कोने तक पहुंचाएंगे विकास का उजाला: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
बस्तर के हर कोने तक पहुंचाएंगे विकास का उजाला: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
रायपुर 30 मई 2025// बस्तर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजते हुए विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब बस्तर के कोने कोने का विकास होगा और विकास के रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार अंतर्गत सुकमा जिले के तोंगपाल में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान सुकमा जिले में 500 करोड़ रूपए से अधिक लागत के विकास कार्यों की घोषणा की और 16 करोड़ से अधिक की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर त्रिस्तरीय पंचायती राज सस्थाओं के जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ.बसव राजु एस. भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तोंगपाल में 16 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तोंगपाल में 16 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण
न्यू टिम्बर मार्केट में लगी आग, लपटों में घिरी तिमंजिला इमारत...
रायपुर । राजधानी के देवेंद्र नगर स्थित न्यू टिम्बर मार्केट में शुक्रवार को आग लगने से हड़कंप मच गया। आग एक तिमंजिला इमारत में लगी है। पूरी इमारत आग की लपटों से घिर गई है। आग की सूचना पर दमकल विभाग और देवेंद्र नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गए हैं।
आग इतनी तेज है कि इमारत के पिछले हिस्से की दिवार तोड़कर दमकल विभाग आग बुझाने का प्रयास कर रहा है। खबर लिखे जाने तक नुकासन की कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री ने किया 'सावरकर सौरभ' स्मारिका का विमोचन
रायपुर । मुख्यमंत्री साय ने अपने निवास कार्यालय में स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर के जीवन पर आधारित स्मारिका 'सावरकर सौरभ' का विमोचन किया। स्मारिका 'सावरकर सौरभ' का प्रकाशन अखिल भारतीय साहित्य परिषद, छत्तीसगढ़ द्वारा सावरकर जयंती के अवसर पर किया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने 'सावरकर सौरभ' स्मारिका के प्रकाशन पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद, छत्तीसगढ़ के सदस्यों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि वीर सावरकर हमारे देश के सच्चे सपूत थे। उन्होंने मातृभूमि की सेवा में असंख्य कष्ट सहते हुए स्वतंत्रता की अलख जगाई। उनके साहसपूर्ण जीवन के प्रेरणादायी संस्मरणों से सभी को प्रेरणा मिलेगी।
मुख्यमंत्री को 'सावरकर सौरभ' के संपादक और अखिल भारतीय साहित्य परिषद छत्तीसगढ़ के प्रांत संयोजक प्रभात मिश्र ने बताया कि इस स्मारिका में स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर के जीवनकाल की घटनाओं को संपादित कर स्मारिका का रूप दिया गया है। स्मारिका में विभिन्न लेखकों ने वीर सावरकर के जीवन के विभिन्न आयामों को लेकर अपने विचार व्यक्त किए हैं।
इस अवसर पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद, छत्तीसगढ़ से रामेश्वर शर्मा, शिवरतन गुप्ता, मनीष शर्मा, संतोष बरलोटा, भास्कर किन्हेकर, अभय मिश्रा, कौशल साहू सहित अन्य उपस्थित थे।
तोंगपाल में सीएम साय का भव्य स्वागत, 16 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार को सुकमा जिले के तोंगपाल में आयोजित समाधान शिविर में पहुंचे, जहां उन्हें अपने बीच पाकर आमजन में उत्साह की लहर दौड़ गई। पारंपरिक नृत्य और उत्सव के माहौल के बीच मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। जनसैलाब ने यह स्पष्ट कर दिया कि शासन की पहुंच अब सुदूर अंचलों तक हो रही है और आम जनता इसे महसूस कर रही है।
16.25 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण
शिविर में मुख्यमंत्री ने 16 करोड़ 25 लाख रुपए से अधिक की लागत वाले कई विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें खास तौर पर सड़कों और पुल-पुलियों का निर्माण शामिल है, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी। प्रमुख कार्यों में शामिल हैं:
कुकानार से बढ़ाईपारा (4.80 किमी) – ₹4.03 करोड़
चिंतलनार से किस्टारम (4.50 किमी) – ₹1.52 करोड़
बुरकापाल से तोकनपल्ली (3.86 किमी) – ₹1.24 करोड़
मुकरम से तोंगपल्ली (5 किमी) – ₹1.24 करोड़
गादीरास से मानकापाल (12 किमी सड़क + 13 पुल-पुलिया) – ₹6.86 करोड़
सुकमा-दंतेवाड़ा मार्ग से कासरगुड़ा (2 किमी) – ₹1.34 करोड़
शिविर में योजनाओं पर संवाद और समाधान
समाधान शिविर के दौरान मुख्यमंत्री ने आमजनों से सीधे संवाद किया और सरकारी योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया और अधिकारियों को शिविर में मिले आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।
शिविर सुशासन तिहार का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाना और जनता की समस्याओं का स्थल पर ही समाधान करना है।
जनता ने जताया आभार, सीधा जुड़ाव बना विश्वास की मिसाल
लोगों ने समाधान शिविर में अपनी समस्याओं का मौके पर समाधान पाकर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। आदिवासी समुदाय और ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा और नृत्य के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत कर अपनी खुशी ज़ाहिर की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव डॉ. बसव राजू एस, सुकमा कलेक्टर देवेश ध्रुव, पुलिस अधीक्षक किरण चौहान, जनप्रतिनिधियों और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में यह शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह दौरा न सिर्फ विकास की सौगात लेकर आया, बल्कि शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर भरोसे की नई बुनियाद भी रख गया। तोंगपाल में उमड़े जनसैलाब ने साफ कर दिया कि शासन की नीतियों को अब ज़मीन पर समर्थन और सराहना मिल रही है।
चेम्बर ऑफ कॉमर्स में मनोज पंजवानी को मिली बड़ी जिम्मेदारी
रायपुर । छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने बड़े पैमाने पर संगठनात्मक विस्तार करते हुए 50 से अधिक उपाध्यक्षों की नई नियुक्ति की है। इस लिस्ट में सिंधी समाज का उल्लेखनीय दबदबा देखने को मिला है, जिससे समाज में उत्साह और गौरव की लहर है।
चेम्बर के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी द्वारा घोषित इस सूची में व्यापार और उद्योग क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख चेहरों को स्थान दिया गया है। सभी उपाध्यक्षों को उनके कार्यक्षेत्र और समाज में प्रभाव को देखते हुए मनोनीत किया गया है।
मनोज पंजवानी को मिली बड़ी जिम्मेदारी
बंजारी रोड एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज पंजवानी को भी चेम्बर में उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है। इस मौके पर व्यापारिक संगठनों, साथियों और समाज के लोगों ने उन्हें बधाई दी और उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
संगठन में बढ़ती भागीदारी
इस नई नियुक्ति प्रक्रिया को चेम्बर के सांगठनिक विस्तार और विविधता को समर्पित एक मजबूत पहल के रूप में देखा जा रहा है। चेम्बर ने स्पष्ट किया है कि यह कदम छत्तीसगढ़ के व्यापारिक हितों को मजबूत करने, उद्योगों की आवाज़ बुलंद करने और जमीनी स्तर पर प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
क्या है आगे की दिशा?
उपाध्यक्षों को उनके क्षेत्रीय व्यापारिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापारिक चुनौतियों का समाधान और नीति सुझावों की दिशा में काम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चेम्बर आने वाले महीनों में इन नियुक्तियों के जरिये व्यापारिक नीतियों पर जमीनी फीडबैक इकट्ठा करने और संवाद बढ़ाने की योजना पर काम करेगा।
युक्तियुक्तकरण पर बवाल: बिना सुनवाई शिक्षकों की पोस्टिंग पर आपत्ति
रायपुर । छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण नीति को लेकर शिक्षक संगठनों में असंतोष गहराता जा रहा है। शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ के प्रदेश संचालक संजय शर्मा ने युक्तियुक्तकरण की वर्तमान प्रक्रिया को एकतरफा और त्रुटिपूर्ण करार देते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज की है। उनका कहना है कि प्रदेश के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं में बिना समुचित प्रक्रिया अपनाए एक-एक पद कम किए जा रहे हैं और शिक्षकों को अतिशेष घोषित कर स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही है।
"बिना सुनवाई, सीधे ट्रांसफर की तैयारी" – संजय शर्मा
संजय शर्मा ने कहा कि यह प्रक्रिया सीधी भर्ती या पदोन्नति की नहीं, बल्कि वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों के सेवा स्थलों को प्रभावित करने वाली नीति है। इसमें न तो दावा-आपत्ति दर्ज करने का कोई अवसर दिया गया है, न ही संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी या अन्य जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा शिक्षकों की बात सुनी जा रही है।
"दावा-आपत्ति का अधिकार देना जरूरी"
उन्होंने स्पष्ट किया कि युक्तियुक्तकरण के चलते जो शिक्षक अतिशेष घोषित किए जा रहे हैं, उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने और त्रुटियों को ठीक करवाने का अवसर मिलना चाहिए। कई मामलों में जानकारी गलत होने के कारण शिक्षक अनावश्यक रूप से प्रभावित हो रहे हैं।
"शिक्षक का पक्ष सही होने पर वह अतिशेष घोषित होने से बच सकता है," संजय शर्मा ने कहा। उन्होंने मांग की है कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी कैलेंडर में संशोधन कर एक सप्ताह का दावा-आपत्ति अवधि प्रदान की जाए।
कैलेंडर पर सवाल, तत्काल संशोधन की मांग
शिक्षक साझा मंच के अनुसार, शिक्षा विभाग द्वारा 28 मई को अतिशेष शिक्षकों की सूची का परीक्षण और 4 जून को सीधी पोस्टिंग का जो कार्यक्रम घोषित किया गया है, वह प्रक्रिया की पारदर्शिता और न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
शिक्षकों में रोष, विभाग से स्पष्टता की अपेक्षा
शिक्षक संगठनों का कहना है कि वर्षों से एक ही शाला में सेवा दे रहे शिक्षकों को अचानक अतिशेष घोषित कर देना और बिना सुनवाई सीधे अन्यत्र स्थानांतरित करना, न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षक मनोबल दोनों पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
शिक्षक साझा मंच ने शिक्षा विभाग से अपील की है कि युक्तियुक्तकरण नीति में पारदर्शिता लाते हुए शिक्षकों को न्याय दिलाने के लिए दावा-आपत्ति की स्पष्ट प्रक्रिया और समयसीमा तय की जाए। अन्यथा यह आंदोलन का रूप ले सकता है, जिसकी ज़िम्मेदारी विभागीय प्रशासन पर होगी।
प्राध्यापक पद पर पदोन्नत हुए 275 से ज्यादा सहायक प्राध्यापक
रायपुर । उच्च शिक्षा विभाग ने गुरुवार रात निर्णय लेते हुए प्रदेश के 275 से अधिक सहायक प्राध्यापकों को प्राध्यापक पद पर पदोन्नत कर दिया। यह पदोन्नति न केवल इन शिक्षकों के करियर के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि यह सरकारों के कामकाज के तौर-तरीकों और प्रशासनिक गति पर भी सवाल खड़े करती है।
बताया जा रहा है कि, ये पदोन्नति आदेश वर्ष 2008 से लंबित थे, जो अब जाकर जारी किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि, इनमें से कुछ शिक्षकों को 40 वर्षों बाद पदोन्नति का लाभ मिलेगा। जबकि कई ऐसे भी हैं जो पदोन्नति के इंतजार में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। हालांकि उन्हें अब भूतलक्षी प्रभाव के तहत इस पदोन्नति का लाभ दिया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग का अगला कदम सौ से अधिक प्राचार्यों की पदोन्नति को लेकर होगा, जिसके लिए जल्द ही विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित की जाएगी। यह निर्णय उच्च शिक्षा प्रणाली में लंबे समय से ठहरे विकास को गति देने वाला माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तोंगपाल में 16 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तोंगपाल में 16 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण
महारानी अहिल्या बाई होलकर 300वीं जन्मजयंती कार्यक्रम का समापन 31 मई को
रायपुर । भारतीय जनता पार्टी रायपुर शहर जिला की बैठक गुरुवार शाम जिला भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर के नेतृत्व में आहूत की गई उक्त बैठक का मुख्य उद्देश्य पुण्यश्लोका महारानी अहिल्या बाई होलकर की 300 वीं जन्म जयंती कार्यक्रम के समापन पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम हेतु जिला पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देना और पूर्ण जानकारी प्रदान करना था ।
बैठक में आगामी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने कहा कि 19 से लेकर 31 मई तक पुण्यश्लोका महारानी अहिल्या बाई होलकर की 300 वीं जन्म जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा विभिन्न कार्यक्रम प्रदेश जिला एवं मंडल स्तर पर चलाए गए 31 मई को कार्यक्रम का समापन किया जाएगा उक्त कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव भाजपा जिला कार्यालय एकात्म परिसर में उपस्थित रहेंगे जहां वे समाज की विभिन्न वर्गों की महिलाओं और रायपुर शहर जिला अंतर्गत सभी 20 मंडल अध्यक्षों को सम्मानित करेंगे आप सभी जिला एवं पदाधिकारियों से अनुरोध है कि उक्त कार्यक्रम में आप सभी को प्रदत्त दायित्वों का जिम्मेदारी से निर्वहन करें एवं महारानी अहिल्या बाई होलकर 300 वीं जन्मजयंती कार्यक्रम का सफलता पूर्वक समापन किया जाए ।
जिला भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में आहूत बैठक में विशेष रूप से जिलाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, जिला महामंत्री सत्यम दुवा, उपाध्यक्ष गोपी साहू, अकबर अली, मनीषा चन्द्राकर, श्यामा चक्रवर्ती, अमित मैशेरी, तुषार चौपडा, संजय तिवारी, हरीश ठाकुर, सोनू सलूजा, सुभाष अग्रवाल, रमेश मिरघानी, जीतेन्द्र गोलछा, अनिल बाघ, वंदना राठौर, विशाल भूरा, मंडल अध्यक्ष दलविंदर सिंह बेदी, मनीष नागौड़े,, राम प्रजापति, पुरुषोत्तम मोवले, विनय जैन, भागीरथी यादव, भीमवंत निषाद, योगेश साहू, सचिन मेघानी, चैतन्य टावरी, सचिन सिंघल, मंडल महामंत्री राजू बिरनानी, भूपेंद्र रतन डागा, राकेश सिंह, संजय सिंह, जितेन्द्र साहू, मो. आसिफ, संतोष राव सहित अपेक्षित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सुशासन और धर्मनिष्ठा की प्रतीक थीं रानी अहिल्याबाई: सीएम साय
रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर सीएम हाउस में संगोष्ठी
रायपुर । पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती पर मुख्यमंत्री निवास में भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की, जबकि मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल मुख्य वक्ता रहे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के कई गणमान्य जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रानी अहिल्याबाई: सुशासन और धर्मनिष्ठा की प्रतीक
मुख्यमंत्री साय ने रानी अहिल्याबाई को "भारत की सांस्कृतिक एकता और सुशासन का प्रतीक" बताया। उन्होंने कहा कि उनका शासनकाल राष्ट्र निर्माण, न्याय और प्रजा कल्याण का स्वर्ण युग था। रानी ने काशी विश्वनाथ और सोमनाथ मंदिरों के पुनर्निर्माण जैसे ऐतिहासिक फैसले लेकर आस्था और राष्ट्र पुनर्निर्माण को एकजुट किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “इंदौर की रानी होकर भी उन्होंने देशभर में मंदिरों और धर्मशालाओं का निर्माण कराया। उनकी शासन शैली आज के 'गुड गवर्नेंस' की प्रेरणा है।”
राजमहल नहीं, न्यायप्रिय झोपड़ी की रानी : प्रहलाद सिंह पटेल
मुख्य वक्ता प्रहलाद सिंह पटेल ने रानी अहिल्याबाई के जीवन के व्यावहारिक पक्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई ने पति की मृत्यु के बाद राजमहल छोड़ झोपड़ी में जीवन बिताया, और राजकोष का कभी व्यक्तिगत उपयोग नहीं किया।
उन्होंने कहा, "वे इतनी न्यायप्रिय थीं कि अपने पुत्र को भी मृत्युदंड देने में पीछे नहीं हटीं। विधवाओं को दत्तक पुत्र लेने की अनुमति देना उनके समय से कहीं आगे की सोच को दर्शाता है।"
लोकमाता अहिल्याबाई के विचार आज भी प्रासंगिक
विधायक किरण देव और पूर्व उपाध्यक्ष नारायण चंदेल ने रानी के कार्यों को भारतीय इतिहास की अमिट छाप बताया और कहा कि उनकी जीवनशैली और प्रशासनिक सोच आज भी राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणादायक है।
मुख्यमंत्री को भेंट किया गया रानी अहिल्याबाई का तैलचित्र
कार्यक्रम के अंत में धनकर समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को रानी अहिल्याबाई होल्कर का तैलचित्र भेंट किया। संगोष्ठी में विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय, राज्य युवा आयोग अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर और कई आयोगों व निगमों के पदाधिकारी तथा युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
रानी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर आयोजित यह संगोष्ठी न केवल इतिहास को स्मरण करने का अवसर बनी, बल्कि आज की पीढ़ी को न्याय, सेवा और सुशासन की दिशा में प्रेरित करने वाला मंच भी साबित हुई।
डुमरतराई में 27 लाख की चोरी करने वाला पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार, रकम बरामद
रायपुर । राजधानी के डुमरतराई क्षेत्र स्थित औषधि वाटिका में 27 लाख रुपये की नगदी चोरी की गुत्थी को पुलिस ने महज चंद घंटों में सुलझाते हुए आरोपी विजय कश्यप उर्फ गुड्डा को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला इसलिए भी संवेदनशील था क्योंकि आरोपी खुद पीड़ित व्यापारी का पूर्व कर्मचारी (चालक) रह चुका था और उसे दुकान के अंदर पैसों की जगह की पूरी जानकारी थी।
घटना का पूरा ब्यौरा
प्रार्थी संजय आहूजा, औषधि वाटिका स्थित संजय एजेंसी नामक दुकान के संचालक हैं। 27 मई की रात दुकान बंद करने के बाद जब वे अपने घर पहुंचे तो उन्हें कार की चाबी और दुकान की चाबी गायब मिली। संदेह होने पर वे दुकान पहुंचे और नए ताले लगाकर लौट आए।
अगले दिन जब उन्होंने दुकान खोली तो पाया कि केबिन की दराजें टूटी हुई थीं और 27 लाख रुपये नकद गायब थे। माना थाना में अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 331(4), 305 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया।
पूर्व कर्मचारी निकला चोर
घटना के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा माना थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और पूछताछ की। फुटेज में संदिग्ध रूप से घूमते एक युवक की पहचान विजय कश्यप के रूप में हुई, जो कुछ महीने पहले तक संजय आहूजा की एजेंसी में चालक था।
क्रॉस-जिला समन्वय से गिरफ्तारी
जानकारी मिली कि विजय कश्यप अपने गांव मलदा कला (जिला सक्ती) में छिपा है और कहीं भागने की फिराक में है। रायपुर पुलिस ने जांजगीर-चांपा और सक्ती पुलिस से समन्वय कर गांव में छापा मारकर विजय कश्यप को गिरफ्तार किया।
पूरी रकम और वाहन बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की पूरी 27 लाख रुपये की रकम और एक दोपहिया वाहन जब्त कर लिया है। कुल जब्ती की कीमत लगभग 27.5 लाख रुपये बताई जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई
इस बड़ी कामयाबी पर आईजी रायपुर रेंज श्री अमरेश मिश्रा और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने टीम को बधाई दी। कार्रवाई में एएसपी विवेक शुक्ला, एएसपी संदीप मित्तल, सीएसपी लम्बोदर पटेल, डीएसपी संजय सिंह, थाना प्रभारी भावेश गौतम और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण:
नाम: विजय कश्यप उर्फ गुड्डा
उम्र: 26 वर्ष
निवासी: ग्राम मलदा कला, थाना हसौद, जिला सक्ती
रायपुर पुलिस की तेजी और क्रॉस-जिला समन्वय ने एक बड़े वित्तीय अपराध को महज कुछ ही घंटों में सुलझा दिया। यह कार्रवाई बताती है कि राजधानी पुलिस तकनीक और त्वरित कार्रवाई के ज़रिए अपराधियों तक तेजी से पहुंच रही है।
उद्यानिकी खेती से सोमप्रसाद के जीवन में आया बदलाव
रायपुर। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में अनेक कदम उठाए जा रहें हैं इससे किसानों के जीवन स्तर में सुधार आ रहा है। छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र को समृद्धि की नई दिशा देने में उद्यानिकी खेती एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं के समन्वय से राज्य के किसान अब पारंपरिक सीमाओं को पार करते हुए आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
सक्ति जिले के डभरा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत दर्री निवासी सोमप्रसाद पटेल, पिता ठंडाराम पटेल, लंबे समय तक परंपरागत खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते रहे। सीमित आमदनी और अस्थिर उत्पादन के कारण आर्थिक स्थिति स्थिर नहीं हो पा रही थी। ऐसे में जब उन्हें उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त हुई तो उन्होंने इसे एक अवसर के रूप में स्वीकार किया।
योजना से जुड़ाव और खेती में नवाचार
पटेल ने वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत सब्जी क्षेत्र विस्तार योजना में भागीदारी की। उन्होंने 0.500 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती प्रारंभ की। योजना के तहत उन्हें 10 हजार रुपए का अनुदान प्रदान किया गया, जिससे उन्हें प्रारंभिक संसाधनों की व्यवस्था में सहायता मिली।
आधुनिक तकनीकों से बढ़ी उपज और आय
पटेल ने खेती में ड्रिप सिंचाई प्रणाली, मल्चिंग जैसी उन्नत तकनीकों को अपनाया। परिणामस्वरूप, उन्हें 18 हजार किलोग्राम टमाटर का उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे स्थानीय थोक बाजार दरों के अनुसार 2 लाख 70 हजार की शुद्ध आय प्राप्त हुई। यह आय परंपरागत धान फसलों की तुलना में तीन से चार गुना अधिक है।
नवाचार बना प्रेरणा का स्रोत
अब पटेल एक सफल प्रगतिशील किसान के रूप में क्षेत्र में पहचाने जाते हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में परंपरागत खेती से उन्हें सीमित लाभ होता था, लेकिन अब उद्यानिकी फसलों से उन्हें नियमित, अधिक और सुनिश्चित आय प्राप्त हो रही है।
उनकी सफलता को देखकर आसपास के किसान भी प्रेरित हो रहे हैं और उद्यानिकी खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। पटेल ने छत्तीसगढ़ सरकार एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा प्रदान की गई तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन की विशेष प्रशंसा की है।