छत्तीसगढ़ / रायपुर
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय श्री चित्रगुप्त प्राकट्य उत्सव में हुए शामिल
भगवान चित्रगुप्त न्याय और कर्म के देवता हैं और उनका संदेश साफ है—जो जैसा करेगा, वैसा फल पाएगा - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
रायपुर मई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित श्री चित्रगुप्त प्राकट्य उत्सव में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री चित्रगुप्त आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं कायस्थ समाज के सदस्यों को प्राकट्य उत्सव के सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में चित्रांश महोत्सव स्मारिका सहित बच्चों की सीख एवं ग़ज़ल-मुक्तक संग्रह पुस्तिका का विमोचन किया गया। कायस्थ समाज के प्रतिभावान छात्रों और विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर कहा कि भगवान चित्रगुप्त न्याय और कर्म के देवता हैं और उनका संदेश साफ है—जो जैसा करेगा, वैसा फल पाएगा। उन्होंने कहा कि जीवन में सच्चाई, न्याय और कर्तव्यनिष्ठा ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है और यही मूल्य हमारे समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कायस्थ समाज के इतिहास को गौरवशाली बताते हुए कहा कि इस समाज ने शिक्षा, लेखन, प्रशासन, न्याय और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार समाज के सभी वर्गों के सम्मान और विकास के लिए संकल्पित है और सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और जनकल्याण के कार्य उनकी प्राथमिकता में हैं। मुख्यमंत्री ने भगवान श्री चित्रगुप्त के आशीर्वाद की कामना करते हुए कहा कि उनका आशीष हमें सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आयोजक मंडल को भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस आयोजन से न केवल हमारी सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिलेगी, बल्कि इससे नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से भी परिचित होगी। कायस्थ समाज के सदस्यों का देश की आज़ादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान रहा, साथ ही कला, साहित्य, संगीत सहित विभिन्न विधाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने समाज की महान विभूतियों को याद किया।
इस मौके पर कार्यक्रम के संयोजक एवं छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने भी संबोधित करते हुए समाज की गतिविधियों से अवगत कराया।इस मौके पर आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं कायस्थ समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट के संबंध में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों एवं अनुबंधित कंपनियों की ली गई हाई लेवल बैठक
मेकाहारा कार्डियक इंस्टिट्यूट की दुर्दशा पर भड़के बृजमोहन, मुख्यमंत्री-स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र
रायपुर। छत्तीसगढ़ के एकमात्र शासकीय हृदय रोग संस्थान एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट, मेकाहारा रायपुर में लंबे समय से बंद पड़ी बायपास और ओपन हार्ट सर्जरी सेवाओं को लेकर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कड़ी नाराज़गी जताई है। उन्होंने इस गंभीर स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को पत्र लिखकर त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।
सांसद बोले: मरीजों को मिल रही 'तारीख पर तारीख'
सांसद अग्रवाल ने पत्र में लिखा है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बार-बार निर्देशों और प्रयासों के बावजूद कार्डियक इंस्टिट्यूट की जीवनरक्षक सेवाएं बंद हैं। गरीब और जरूरतमंद मरीज इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों की ओर उम्मीद से देखते हैं, लेकिन उन्हें हर बार सिर्फ ‘तारीख पर तारीख’ दी जा रही है। कुछ मरीज तो इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं, जबकि कई परिवार इलाज के लिए अपना सब कुछ बेचने को मजबूर हैं।
निजी अस्पतालों की लूट से त्रस्त मरीज
सांसद ने पत्र में यह भी कहा कि सर्जरी सुविधाएं बंद होने के कारण मरीज महंगे निजी अस्पतालों की लूट का शिकार हो रहे हैं। जबकि मेकाहारा जैसे संस्थानों का उद्देश्य ही यह था कि आमजन को सस्ती और सुलभ विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।
उच्चस्तरीय बैठक कर जल्द लें निर्णय: बृजमोहन
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस विषय पर वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में उच्चस्तरीय बैठक कर जल्द निर्णय लिया जाए, जिससे मेकाहारा स्थित कार्डियक इंस्टिट्यूट की सेवाएं बहाल हों और जरूरतमंदों को जीवनरक्षक सर्जरी मिल सके।
एसीआई ने एक बार फ़िर रचा नया इतिहास, कैथलैब में हुई लेजर कट एंजियोप्लास्टी का हुआ देशभर में जीवंत प्रसारण
डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय
रायपुर । पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट के कार्डियोलॉजिस्ट एवं उनकी टीम ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर एक नया इतिहास रचा है। निजी अस्पताल में असफल हो चुकी 70 वर्षीय मरीज की एंजियोप्लास्टी लेजर कट (एक्साइमर लेजर कोरोनरी एंजियोप्लास्टी/Excimer Laser Coronary Angioplasty (ELCA))) तकनीक से की गई। इसका जीवंत प्रदर्शन (लाइव डेमोंस्ट्रेशन) जबलपुर समेत देश के अन्य कार्डियोलॉजिस्ट ने भी देखा। वर्चुअल प्लेटफार्म पर आयोजित हुए इस लाइव कार्यशाला के जरिए एक बार फिर छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त हुई है।
कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित हुए इस कार्यशाला को सफल बनाने में डॉ. कुणाल ओस्तवाल, डॉ. एस. के. शर्मा, डॉ. प्रतीक गुप्ता, नर्सिंग स्टाफ नीलिमा, वंदना, निर्मला, पूर्णिमा, टेक्नीशियन जितेंद्र, बद्री, प्रेम
तथा मेडिकल सोशल वर्कर खोगेंद्र साहू का विशेष योगदान रहा। मरीज का उपचार मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना अंतर्गत हुआ।
एक्साइमर लेजर कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (Excimer Laser Coronary Angioplasty (ELCA)) कट एक विशेष प्रकार की एंजियोप्लास्टी है, जिसमें लेजर का उपयोग करके कोरोनरी धमनियों में जमी हुई रुकावटों (plaque, thrombus) को हटाया जाता है। यह उन मामलों में प्रयोग की जाती है जहां पारंपरिक बैलून एंजियोप्लास्टी या स्टेंटिंग पर्याप्त नहीं होती।
डॉ. स्मित श्रीवास्तव के अनुसार, एक 73 वर्षीय व्यक्ति के राइट कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज था। निजी अस्पताल में मरीज की एंजियोप्लास्टी की कोशिश की गई लेकिन यह प्रक्रिया असफल रह गई। मरीज के आर्टरी में इतना ज्यादा कैल्शियम जमा था कि कैल्शियम की वजह से एंजियोप्लास्टी करने वाला वायर क्रॉस नहीं हो सकता था(बैलून नॉन क्रॉसेबल)। साथ ही राइट कोरोनरी आर्टरी की उत्पति अपने मूल स्थान से न होकर ऊँचाई पर थी। यह इस केस की दूसरी जटिलता थी। इसके बाद यह मरीज अम्बेडकर अस्पताल स्थित एसीआई आया। मरीज की स्थिति को देखते हुए हमने एक्साइमर लेजर कोरोनरी एंजियोप्लास्टी कट (Excimer Laser Coronary Angioplasty (ELCA)) पद्धति से कैल्शियम को तोड़कर एंजियोप्लास्टी करने का सुझाव दिया।
मरीज के दाहिने हाथ की धमनी के रास्ते दिल की नस तक कैथेटर को ले जाया गया। अत्यधिक वजनी और कठोर तारों से नस की रुकावट को पार किया गया एवं एक्साइमर लेजर का इस्तेमाल करते हुए जमे हुए कैल्शियम को तोड़कर आगे बढ़ा गया। वहां से बैलून के गुजरने का रास्ता बनाया गया। इसके उपरांत कोरोनरी इंट्रा वैस्कुलर अल्ट्रा सोनोग्राफी (आईवीयूएस) जो कि एंजियोग्राफी की अत्याधुनिक प्रक्रिया है, से हृदय के नस के अंदर की सोनोग्राफी कर बचे हुए कैल्शियम को चिन्हाकित कर धारदार चाकूनुमा विशेष कटिंग बैलून का इस्तेमाल करते हुए कैल्शियम को ऐसे काटा गया जैसे कोई मशीन चट्टान काट कर सुरंग बनाती है। कैल्शियम के पूरी तरह टूट जाने के बाद स्टंट जाने का रास्ता बनाया गया और दो स्टंट लगाकर एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान देशभर के कार्डियोलॉजिस्ट ने इस प्रक्रिया को लाइव देखा तथा प्रश्न पूछ कर अपनी शंकाओं का समाधान भी किया।
डॉ. स्मित के अनुसार जबलपुर में कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया का राष्ट्रीय स्तर का कांफ्रेंस आयोजित हुआ है। उनके आग्रह पर हमने इस केस का जीवंत प्रदर्शन कर कार्यशाला को सफल बनाने में अपना योगदान दिया जिसकी देशभर में सराहना हुई।
औषधीय पौधों के संवर्धन से असीम संभावनाएं : विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ पादप बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष विकास मरकाम के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में हुए शामिल
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के नव नियुक्त अध्यक्ष श्री विकास मरकाम के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्री मरकाम को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पदभार ग्रहण समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के माध्यम से बस्तर एवं सरगुजा संभाग में औषधि पादप को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि औषधि पौधों में बहुत से गुण होते हैं, इनके साथ ही बेहतर आमदनी के लिए औषधि पादपों के रोपण को बढ़ावा देने की जरूरत है। बस्तर एवं सरगुजा में इसकी अपार संभावनाएं है। बोर्ड को इस दिशा में और अधिक कार्य करने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे बैगा-गुनिया और वैद्य आदिम समय से वन औषधि की पहचान कर लोगों का इलाज करते हैं। उन्होंने कहा डॉ रमन सिंह जी ने बैगा, वैद्य के बेहतरी एवं मानव स्वास्थ्य सेवा के लिए छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड गठन किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के ओरछा के परंपरागत वैद्य हेमंचद मांझी को औषधि पादप के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ठ कार्य के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया है।
आदिम जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि जिन उद्देश्यों को लेकर छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड का गठन किया गया है, निश्चित ही श्री मरकाम के नेतृत्व में उन उद्देश्यों को पूरा कर पाएंगे। वैद्यों के ज्ञान एवं वनौषधियों के अनुभव का संग्रहण कर एक डाटाबेस तैयार करने बोर्ड को कार्य करने की जरूरत है ताकि इस डाटा का उपयोग समाज एवं मानव स्वास्थ्य के बेहतरी के लिए किया जा सके।
वन एव जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का आक्सीजन जोन है। वनौषधियों के संरक्षण एवं संवर्धन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड की है। हमारी सरकार वन में रहने वाली ग्रामीणों के लिए बेहतर कार्य कर रहे है। छत्तीसगढ़ में 5500 रूपये प्रति मानक बोरा के दर समर्थन मूल्य में वनोपज की खरीदी होती है जिसका फायदा तेंदूपता संग्राहकों को मिलता है। इसके साथ ही 67 प्रकार के वनोपज की भी खरीदी होती है। पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह को पूर्व राज्यसभा सांसद समीर उरांव और पादप बोर्ड के नवनिययुक्त अध्यक्ष विकास मरकाम ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक सर्वश्री राजेश मूणत, मोती लाल साहू, गजेंद्र यादव, नीलकंठ टेकाम, प्रणव मरपच्ची, सहित विभिन्न मंडल एवं आयोग के अध्यक्षों, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अधिकारी कर्मचारी गण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक सहित वैद्य एवं आर्युवेदाचार्य उपस्थित थे।
योगासन हमें स्वस्थ और अनुशासित बनाता है - कु. किरण अग्रवाल
रायपुर । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर सड्ढू में आयोजित समर कैम्प में जीवन में योगासनों का महत्व विषय पर फिटनेस ट्रेनर कु. किरण अग्रवाल ने बच्चों को जुम्बा कराने के साथ ही विभिन्न योगासनों से होने वाले लाभ से परिचित कराया।
फिटनेस ट्रेनर कु. किरण अग्रवाल ने कहा कि योग में हम श्वांसों के आवागमन पर अपने ध्यान को केन्द्रित करते हैं। यह श्वांसों पर नियंत्रण की कला है। श्वांस लेने का भी सही तरीका मालूम होना आवश्यक है। जब हम श्वांस लेते हैं तो हवा अन्दर जाने से हमारा पेट बाहर निकलना चाहिए और श्वांस बाहर छोडऩे पर पेट अन्दर जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो आप बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।
उन्होंने बतलाया कि गहरी श्वांस लेने से फेफड़ों तक आक्सीजन पहुंचती है जिससे हमारा स्वास्थ्य ठीक रहता है। शरीर को एनर्जी मिलती है। उन्होंने बच्चों को जुम्बा कराने के बाद अलग-अलग योगासनों की जानकारी दी। उन्होंने सबसे पहले भ्रामरी प्राणायाम की खूबियाँ बतलाते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों के लिए बहुत अधिक लाभप्रद है। इससे ब्रेन के छोटे-छोटे सेल्स प्रकम्पित होते हैं। हमारा ब्रेन शार्प होता है और याददाश्त बढ़ती है। इस प्राणायाम को करने के लिए षण्मुखी मुद्रा बनाना चाहिए अर्थात कान, आँख, नाक और मुख के सातों द्वारों को उंगलियों के सहारे बन्द करके भ्रामरी प्राणायाम को करना चाहिए।
इसके बाद उन्होंने ताड़ासन का अभ्यास कराया। इसको करने के लिए दोनों पैरों के बीच एक फीट की दूरी रखें। हमारे पैर अंग्रेजी के एच पोजीशन में होने चाहिए। अब श्वांस अन्दर भरते हुए दोनों हाथों को उपर उठाएं और पंजों के बल खड़े हो जाएं। यह बुजुर्गोंके लिए भी यह अच्छा है। ऐसा करने से कभी घुटनों में दर्द नहीं होगा। इससे शरीर में मजबूती आती है। यह आसन उँचाई बढ़ाने में भी मददगार है। यह खून के प्रवाह को तेज करता है और शरीर का सन्तुलन भी बनाता है।
उन्होंने बच्चों को वृक्षासन और सूर्य नमस्कार करना भी सिखलाया। वृक्षासन हमारी एकाग्रता को बढ़ाता है। उन्होंने ओम की ध्वनि करके मन को एकाग्र करने का अभ्यास कराया।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी अदीति दीदी ने सभी बच्चों को आत्म साक्षात्कार कराया। उन्होंने शरीर और आत्मा के सम्बन्ध को स्पष्ट करते हुए निज स्वरूप की जानकारी दी। राजयोग मेडिटेशन में बच्चों ने आत्मिक स्थिति में गहन शान्ति का अनुभव किया।
मुख्यमंत्री श्री साय छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में हुए शामिल
गुरमुखी सीखने एवं गुरमत ज्ञान लेने गुरुद्वारों में बड़े चाव से पहुंच रहे सिक्ख बच्चे
रायपुर। विशेष गुरमुखी एवं गुरमत कैंप सिख समाज के बच्चों को लिखने बोलने गुरुमुखी लिपि सीखने के लिए सभी गुरुद्वारों में स्कूलों की छुट्टियों के दौरान विशेष कैंप लगाए जाते हैं गुरुद्वारों में आयोजित इन विशेष गुरमुखी एवं गुरमत कैंपों का उद्देश्य सिख समाज के बच्चों को इस इंग्लिश मीडियम की पढ़ाई के दौर में अपनी मातृभाषा का ज्ञान देना है इन गुरमुखी एवं गुरमत कैंपों में 3 साल से लेकर हाई स्कूल तक के बच्चे बच्चियों को पंजाबी भाषा लिखना पढ़ना गुरबाणी का ज्ञान शब्द कीर्तन नाम सिमरन सिख पहनावा हारमोनियम बजाना तबला बजाना पगड़ी बांधना सिख इतिहास की जानकारी देना के साथ-साथ अपनी सुरक्षा के लिए गतका के गुरु भी सिखाए जाएंगे
राजधानी रायपुर के बाबा बुड्ढा जी साहिब गुरुद्वारा में 1 में से इस विशेष की शुरुआत हो चुकी है जिसमें 100 से भी ज्यादा बच्चे गुरमुखी एवं गुरमत ज्ञान लेने बड़े चाव से उपस्थित हो रहे हैं
इस कैंप का संचालन बाबा बुड्ढा जी साहिब गुरुद्वारा के प्रधान हरकिशन सिंह राजपूत कर रहे हैं बच्चों को गुरुमुखी एवं गुरमत ज्ञान देने के लिए पंजाब से विशेष रूप से शिक्षक पहुंचे हैं
जिनमें हरमन सिंह बाबा बुड्ढा जी साहिब गुरुद्वारा में एवं अन्य गुरुद्वारों में अलग-अलग शिक्षक बच्चों को गुरमत ज्ञान दे रहे हैं स्थानीय लोगों में ज्ञानी बात सिंह महेंद्र सिंह बलविंदर सिंह एवं समाज की वरिष्ठ महिलाएं वरिंदर कौर बंगा राज कौर आसी, परमजीत कौर छाबड़ा युवा टीम में अमनदीप कौर, नवरीत कौर आसी, शरणदीप कौर ओबराय, अजीत सिंह, गुरजीत सिंह सैनी, साहिब वीर सिंह, अमृतपाल सिंह, साहिब जोत सिंह इस विशेष गुरमत कैंप में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ सेवा भी कर रहे हैं |
महानदी के उद्गम से जनजागरण और जलसंरक्षण की नई शुरुआत
रायपुर । छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी महानदी अब केवल एक नदी नहीं, बल्कि जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक जागरण की मिसाल बनती जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की प्रेरणा से मोर गांव मोर पानी की अवधारणा को साकार करने हेतु शुरू किए गए मॉं अभियान की पहली कड़ी 2 मई को धमतरी जिले के नगरी-सिहावा क्षेत्र में देखी गई, जब लगभग दो हजार लोगों ने सामूहिक श्रमदान से नदी सफाई की ऐतिहासिक शुरुआत की।
महानदी के उद्गम स्थल सिहावा के फरसियां गांव से लेकर गणेश घाट तक फैले लगभग 14 किलोमीटर लंबे नदी क्षेत्र की सफाई कर स्थानीय लोगों ने यह दिखा दिया कि जलसंरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामूहिक संकल्प है। अभियान की शुरुआत फरसियां स्थित मां महामाई मंदिर में विधिवत पूजा और महानदी आरती के साथ हुई। इस दौरान मॉं अभियान के उद्देश्य, भाव और विस्तार की जानकारी वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से दी गई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रस्तावित मोर गांव मोर पानी अभियान जल संकट से निपटने की दूरदर्शी पहल है। महानदी उद्गम क्षेत्र को पर्यटन के साथ जलसंरक्षण की दृष्टि से विकसित करना इसी सोच का हिस्सा है। यह प्रयास न केवल जलस्तर बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि रोजगार, सांस्कृतिक पर्यटन और ग्रामीण विकास का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।
अभियान में जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सार्वा, विधायक अंबिका मरकाम, जनपद उपाध्यक्ष हृदय साहू समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जिला कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने प्रशासनिक नेतृत्व के साथ जनभागीदारी को सराहा और इस पुनीत कार्य को दीर्घकालीन परियोजना के रूप में बताया।
महानदी की महिमा पर कविता पाठ, आरती, जलकलश यात्रा और शपथ कार्यक्रमों के माध्यम से इस अभियान को धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना से जोड़ा गया। गणेश घाट से कर्णेश्वर महादेव मंदिर तक महिलाओं द्वारा निकाली गई जलयात्रा ने इस अभियान को आध्यात्मिक भाव से भी जोड़ दिया।
जिला प्रशासन द्वारा महानदी उद्गम स्थल के सर्वांगीण विकास की योजना तैयार की गई है। इसमें एनीकट निर्माण, घाट सौंदर्यीकरण, पीचिंग कार्य, वृक्षारोपण, मंदिर परिसर में पेयजल, चित्रकारी, सड़क विकास, ओवरहेड टैंक, साइनबोर्ड जैसी सुविधाएं शामिल हैं। साथ ही धार्मिक स्थलों पर कर्मकांडों के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
एसपी श्री परिहार के शब्दों में, नदियां हमारी मां हैं और इन्हें बचाने की जिम्मेदारी अब हमारी है। यह भावना ही इस अभियान की आत्मा है। छत्तीसगढ़ की महानदी अब केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि पर्यावरणीय चेतना, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बनकर उभर रही है।
मां अभियान एक नदी को बचाने का प्रयास भर नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को जल, जीवन और विरासत सौंपने की प्रतिबद्धता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सोच, प्रशासन की तत्परता और जनसहयोग की भावना से यह पहल एक आंदोलन का रूप ले रही है जो छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश के लिए अनुकरणीय बन सकती है।
छत्तीसगढ़ बना जीएसटी संग्रह में अग्रणी राज्य
केरल, पंजाब और बिहार जैसे राज्यों को पछाड़ा
रायपुर । अप्रैल 2025 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रहण में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ ने 4,135 करोड़ का जीएसटी संग्रहण कर देश के शीर्ष 15 राज्यों की सूची में अपनी जगह बनाई है। जीएसटी संग्रहण के मामले में छत्तीसगढ़ ने केरल, पंजाब, बिहार और खनिज संसाधनों से भरपूर झारखंड जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।
राज्य में इस आर्थिक प्रगति को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा व्यापार और उद्योग क्षेत्र में किए गए सशक्त सुधारों का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते 15 महीनों में राज्य सरकार ने ऐसे कई निर्णय लिए हैं, जिनसे निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिला है ।
सरकार द्वारा किए गए प्रमुख सुधारों में उद्योग एवं व्यापार नियमों का सरलीकरण, गैर-जरूरी और बाधक कानूनों की समाप्ति,सभी जरूरी सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता,पेट्रोल पंप खोलने के लिए लाइसेंस की बाध्यता को समाप्त करना और उद्योगों की स्थापना के लिए प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है।
इन सभी पहल से राज्य में उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और राजस्व संग्रह में निरंतर वृद्धि हो रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाना हमारा लक्ष्य है। राज्य की आर्थिक स्थिति में यह वृद्धि जनता और उद्योग जगत के सहयोग से संभव हुई है।”
यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है और यह दिखाता है कि राज्य संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर अब एक सशक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 03 मई को करेंगे पंजीयन (रजिस्ट्री) विभाग की 10 नवीन सुविधाओं का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से वर्चुअली जुड़े हितग्राहियों से बात भी की, आवास निर्माण के लिए पहली किस्त मिलने पर दी बधाई
युवा शक्ति से होगा ‘विकसित भारत’ का निर्माण: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
हाथियों का आतंक: दो जिलों में हमले, 2 की मौत, सीसीटीवी में कैद हुई दहशत
रायपुर । छत्तीसगढ़ में मानव-हाथी द्वंद एक बार फिर गंभीर रूप लेता जा रहा है। जीपीएम और बालोद जिलों में दो अलग-अलग घटनाओं में हाथियों ने दहशत फैला दी है। जीपीएम जिले में दो दिनों में दो ग्रामीणों की मौत, जबकि बालोद में सीसीटीवी में हाथियों की आमद का वीडियो सामने आया है, जिससे गांवों में डर का माहौल बन गया है।
बालोद: सीसीटीवी में कैद हुआ खतरा, ग्रामीणों ने बचाई जान
बालोद जिले के दल्लीराजहरा में शुक्रवार सुबह 4:45 बजे घोड़ा मंदिर के पास दो दंतैल हाथी अचानक शहर में घुस आए। इस दौरान सड़क से गुजर रहे तीन ग्रामीण उनके सामने आ गए, लेकिन उन्होंने किसी तरह भागकर अपनी जान बचा ली। यह पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है।
हाथी अभी चिकली डैम के पास मौजूद हैं, और फसलों को नुकसान पहुंचा चुके हैं। वन विभाग मुनादी कराकर ग्रामीणों को अलर्ट कर रहा है और करीब दर्जन भर गांवों में चेतावनी जारी की गई है।
जीपीएम: हाथी ने युवक को कुचला, दो दिन में दूसरी मौत
जीपीएम जिले के कुम्हारी सानी गांव में आज एक युवक को हाथी ने कुचलकर मार डाला। मृतक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना मरवाही और कटघोरा वन मंडल के सीमावर्ती क्षेत्र की है।
बताया जा रहा है कि यही हाथी गुरुवार को मरवाही में एक अधेड़ ग्रामीण की जान ले चुका है। वन विभाग ग्रामीणों को लगातार जंगल से दूर रहने और सावधानी बरतने की अपील कर रहा है।
बढ़ रहा है खतरा, प्रशासन सतर्क
लगातार हो रही घटनाएं इस ओर इशारा कर रही हैं कि हाथी आबादी वाले इलाकों में घुसपैठ कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों की जान जोखिम में पड़ रही है। वन विभाग ने कहा है कि हाथियों से दूरी बनाए रखें, जंगलों में अकेले न जाएं और विभाग द्वारा दी गई हिदायतों का पालन करें।
बिजली कटौती जनता के लिये आफत : दीपक बैज
रायपुर । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार में आम जनता को मांग के अनुसार बिजली नहीं मिल रहा है। बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से शहर और गांव की जनता जूझ रही हैं। कांग्रेस की सरकार के दौरान 24 घंटा बिजली की आपूर्ति होती थी। गर्मी के दिनों में मांग बढ़ने पर दूसरे राज्यों से भी बिजली की खरीदी किया जाता था और आम जनता को 24 घंटा बिजली की आपूर्ति की जाती थी। रवि फसल लगाने वाले किसानों को भी बोरवेल चलाने के लिए बिजली निःशुल्क मिलता था। कांग्रेस की सरकार के दौरान बिजली आपूर्ति निर्बाध गति से चले इसके लिए ट्रांसफार्मर के पावर बढ़ाए गए थे, नए ट्रांसफार्मर लगाए गए थे। ट्रांसमिशनों को अपग्रेड किया गया। भाजपा की सरकार में 15 माह में ही बिजली की व्यवस्था चरमरा गई है, आम जनता सड़कों पर उतरकर बिजली की समस्या को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार में बिजली गुल होना आम बात हो गई है, आम जनता सड़कों पर उतरकर बिजली की मांग कर रही है। कांग्रेस सरकार के दौरान बिजली की समस्या को लेकर जनता कभी सड़कों पर उतरी नहीं थी, गर्मी के दिनों मे मांग के अनुसार बिजली की आपूर्ति किया जाता था। 15 महीने में ही बिजली की अव्यवस्था देखने को मिल रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद विद्युत सरप्लस वाला छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कटौती का केंद्र बन गया है। कोई ऐसा दिन नहीं होता जब बिजली दो-चार घंटे के लिये बंद न हो, रात में तो बिजली की स्थिति तो और भयावह हो जाती है, घंटो बिजली गोल हो जाती है। भाजपा से न सरकार संभल पा रहा और न ही व्यवस्थायें। सरकार एक तो पूरे समय बिजली नहीं दे पा रही, ऊपर से उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली का बोझ डाल रही है। प्रदेश के अनेक जिलों में तो पूरी रात बिजली कटौती हो रही है।
4 IAS के बदले प्रभार: यशवंत कुमार बने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी
रायपुर । राज्य सरकार ने 4 आईएएस अधिकारियों के प्रभार में फेरबदल किए हैं। इसमें 2003 बैच की आईएएस रीना बाबा कंगाले को फूड सिकरेट्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फूड में इस समय दो सिकरेट्री थे। यशवंत कुमार को खादी, हाथकरघा विभाग से हटाकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बनाया गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने रीना को कार्यमुक्त करते हुए यशवंत कुमार के नाम का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
ऋचा शर्मा एडिशनल चीफ सिकरेट्री और अंबलगन पी सचिव थे। इन दोनों से फूड का प्रभार लेते हुए अब रीना बाबा कंगाले को दिया गया है।
इसके अलावे एस. प्रकाश को सचिव संसदीय विभाग, का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं यशवंत कुमार का खादी और हाथकरघा विभाग अतिरिक्त प्रभार के तौर पर श्याम धावड़े को दिया गया है।