छत्तीसगढ़ / रायपुर
अंधविश्वास एवं सामाजिक कुरीतियों का होगा प्रतीकात्मक होलिका-दहन
रायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने बताया कि अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति द्वारा प्रदेश में प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी विभिन्न अन्धविश्वासों, भूत प्रेत, टोनही प्रताडऩा, झाड़ फूँक, बलि प्रथा, नरबलि, जादू टोना,डायन प्रताडऩा, छुआछूत, दहेज प्रथा, सती प्रथा, मद्यपान, सामाजिक बहिष्कार आदि कुरीतियो के प्रतीकात्मक दहन तथा होली मिलन का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसके अंतर्गत रायपुर में अंध विश्वास एवं सामाजिक कुरीतियों का प्रतीकात्मक दहन दिनांक 13 मार्च संध्या 5.30 बजे महाकोशल कला वीथिका परिसर नगर घड़ी चौक रायपुर में आयोजित किया जायेगा।
मंत्री-विधायकों के फाग गीतों से गूंजा विधानसभा परिसर
विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष सहित सभी विधायकों ने खेली होली
रायपुर । विधानसभा परिसर में बुधवार को होली मिलन समारोह का रंगारंग आयोजन हुआ, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित तमाम विधायकों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं। आयोजन का पूरा माहौल होली के उल्लास में सराबोर रहा। मंत्रियों और विधायकों ने पारंपरिक फाग गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिस पर विधानसभा सदस्य झूमते नजर आए।
मंत्री-विधायकों के फाग गीतों से गूंजा विधानसभा परिसर
होली मिलन समारोह में लोक परंपरा का विशेष रंग देखने को मिला। मंत्री-विधायकों द्वारा गाए गए फाग गीतों से विधानसभा परिसर में सांस्कृतिक समृद्धि की झलक दिखी।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मुख मुरली बजाए, छोटे से श्याम कन्हैया गीत की मधुर प्रस्तुति दी।विधायक अनुज शर्मा ने का तैं मोला मोहिनी डाल दिये रे और रंग बरसे गीत गाकर समां बांध दिया। विधायक कुंवर सिंह निषाद ने फागुन मस्त महीना और चना के डार राजा गीत गुनगुनाया। विधायक दिलीप लहरिया ने नदिया के पार म, कदली कछार म गीत सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विधायक रामकुमार यादव और श्रीमती चातुरी नंद ने भी फाग गीतों से समां बांधा।
डॉ. सुरेंद्र दुबे की कविताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाया रंग
लोकप्रिय कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे ने अपनी हास्य और होली की रंगीन कविताओं से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा राकेश तिवारी और उनकी टीम ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉ. सुरेंद्र दुबे, राकेश तिवारी व उनकी टीम को सम्मानित किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वनमंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, विधायक अजय चंद्राकर, धर्मलाल कौशिक, पुरंदर मिश्रा, धर्मजीत सिंह, मोतीलाल साहू, सुशांत शुक्ला, संदीप साहू, गुरु खुशवंत साहेब, भैयालाल राजवाड़े, ईश्वर साहू, कुंवर सिंह निषाद, रिकेश सेन, रामकुमार यादव, श्रीमती भावना बोहरा, योगेश्वर राजू सिन्हा, अटल श्रीवास्तव, ललित चंद्राकर सहित विधानसभा के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर मेकाहारा के केजुअल्टी-ट्रामा में लगे नये एसी
आने वाले सप्ताह में शुरू हो सकती है न्यू ट्रामा ओटी
रायपुर । स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल के निर्देश पर गर्मी में मरीजों को राहत देने के लिए डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के केजुअल्टी एवं ट्रामा (इमरजेंसी) विभाग में 11 नग नये एयर कंडीशनर/ ए.सी. लगाये गए हैं। वर्ष के 365 दिन एवं सप्ताह के सातों दिन चौबीस घंटे चलने वाली केजुअल्टी एवं ट्रामा विभाग अस्पताल का सर्वाधिक व्यस्त विभाग रहता है जहां पर रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट इंज्युरी/आर. टी. ए., गंभीर चोटों और अन्य दुर्घटना में घायल मरीजों का इलाज होता है। इसके साथ ही यहां पर इमरजेंसी मेडिसिन विभाग एवं केजुअल्टी ट्रायेज भी है। कुल 30 बिस्तरों की क्षमता वाले इस विभाग में आपात स्थिति में सबसे पहले मरीज यहीं पहुंचता है जहां से प्रारंभिक उपचार के बाद स्थिति स्थिर होने पर वार्ड में शिफ्ट किया जाता है।
अम्बेडकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि पिछली बार निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए थे कि सर्वाधिक व्यस्त रहने वाले इन विभागों में मरीजों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए इसलिए उनके निर्देशानुसार नये ए.सी.लगाये गये हैं। इन विभागों में पूर्व में लगाये गये एसी खराब हो गये थे जिनकी जगह अब नये एसी लगाये गये हैं।
वहीं अन्य विभागों में स्थापित एसी का मेंटेनेंस किया जा रहा है तथा जहां आवश्यक हो वहां नये एसी लगाये जायेंगे। इसी क्रम में गायनिक ओटी में दो नये ए. सी. लगाये गये हैं। न्यू ट्रामा वार्ड में दो नयी ओटी लाइट लग गई है और वहां भी नये ए.सी. इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया की जा रही है। न्यू ट्रामा में पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड को भी प्रारंभ किया जायेगा। न्यू ट्रामा ओटी में कल्चर टेस्ट हो जाने के बाद नियमित रूप से ऑपरेशन होने लगेंगे।
भावना बोहरा ने सदन में उठाए पत्रकार सुरक्षा, शिक्षा और मछली पालन पर सवाल
रायपुर । पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में प्रदेश के पत्रकारों की सुरक्षा, शिक्षा व्यवस्था और मछली पालन योजनाओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने बस्तर संभाग के बीजापुर में दिवंगत पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या का मुद्दा उठाते हुए सरकार से पत्रकारों की सुरक्षा नीति पर जवाब मांगा। इसके साथ ही, उन्होंने नए स्कूलों की स्थापना और शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी भी मांगी।
पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सवाल
विधायक बोहरा ने पूछा कि बस्तर संभाग (बीजापुर) के दिवंगत पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के बाद प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सरकार की क्या नीति है? क्या दुर्घटनाओं में पंजीकृत पत्रकारों को मुआवजा या चिकित्सा सहायता का प्रावधान है? इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिखित उत्तर में बताया कि छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी सुरक्षा अधिनियम-2023 प्रक्रियाधीन है। जनसंपर्क विभाग में पत्रकारों का पंजीकरण नहीं किया जाता। हालांकि, छत्तीसगढ़ संचार प्रतिनिधि कल्याण सहायता नियम-2019 के तहत पत्रकारों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 10,000 से 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। पत्रकार की असामयिक मृत्यु होने पर परिवार को 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है।
शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा
भावना बोहरा ने पूछा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश में कितने नए स्कूल स्वीकृत हुए हैं और प्रदेश में स्कूल ड्रॉपआउट दर कितनी है? मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस वित्तीय वर्ष में 16 नए प्राथमिक स्कूल स्वीकृत हुए हैं। नीति आयोग के अनुसार, छत्तीसगढ़ की शिक्षा रैंकिंग "आकांक्षी एक" श्रेणी में 521-580 के बीच है। यूडाईस डेटा 2023-24 के मुताबिक, प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 1.8%, उच्च प्राथमिक स्तर पर 5.3% और हाईस्कूल स्तर पर 16.3% है।
मछली पालन को बढ़ावा देने की योजनाएं
मछली पालन योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता पर सवाल उठाते हुए विधायक बोहरा ने पूछा कि कबीरधाम जिले में अनुसूचित जाति और जनजाति के कितने किसानों को अनुदान मिला है। मुख्यमंत्री ने उत्तर दिया कि सरकार 10 दिवसीय प्रशिक्षण के लिए 1250 रुपये प्रति हितग्राही, 3 दिवसीय प्रशिक्षण के लिए 1000 रुपये प्रति हितग्राही और अध्ययन भ्रमण के लिए 2500 रुपये प्रति हितग्राही अनुदान देती है। पंजीकृत मछुआ सहकारी समितियों को तीन वर्षों में 3 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है।
मत्स्य बीज संवर्धन योजना में प्रति हितग्राही 40,000 रुपये, फुटकर मछली विक्रय योजना में 6,000 रुपये, मत्स्याखेट उपकरण सहायता में 10,000 रुपये और झींगा सह मछली पालन के लिए 15,000 रुपये की सहायता का प्रावधान है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत कुल 9 योजनाएं संचालित हो रही हैं। कबीरधाम जिले में अनुसूचित जाति के 96 किसानों और अनुसूचित जनजाति के 253 किसानों को कुल 186.19 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है।
विधानसभा में विधायक भावना बोहरा द्वारा उठाए गए इन सवालों के जवाब से प्रदेश की पत्रकार सुरक्षा, शिक्षा और मछली पालन योजनाओं पर सरकार की स्थिति स्पष्ट हुई है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने दी होली की शुभकामनाएं
रायपुर। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने होलिका दहन एवं फागुन त्यौहार (होली) रंग उत्सव की प्रदेशवासियों को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने कहा, होली रंगो तथा हँसी-खुशी का त्योहार है। प्यार भरे रंगों से सजा यह पर्व हर धर्म, संप्रदाय, जाति के बंधन खोलकर भाई-चारे का संदेश देता है, इस दिन सभी लोग अपने पुराने गिले-शिकवे भूल कर गले लगते हैं और एक दूजे को अबीर, गुलाल लगाकर बधाईयां देते हैं।
होली भारत का एक प्रमुख और प्रसिद्ध त्योहार है, जो आज विश्व भर में मनाया जाने लगा है
मुख्यमंत्री ने किया 'बस्तर पंडुम 2025' का लोगो अनावरण
बस्तर में शांति स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा बस्तर पंडुम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
बस्तर के असल जीवन को करीब से जानने-समझने का मिलेगा अवसर
बस्तर पंडुम 2025: लोकसंस्कृति और परंपराओं का भव्य उत्सव
बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की अनूठी पहल है बस्तर पंडुम
रायपुर, 12 मार्च 2025/ बस्तर के लोग जीवन का हर पल उत्सव की तरह जीते हैं और अपनी खुशी की अभिव्यक्ति के लिए उनके पास समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। बस्तर में शांति स्थापना के लिए हम तेजी से अपने कदम बढ़ा रहे हैं और बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के लोकजीवन और लोकसंस्कृति को सहेजने के साथ ही उनकी उत्सवधर्मिता में हम सहभागी बनेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में मांदर की थाप पर नाचते कलाकारों की मौजूदगी में बस्तर पंडुम 2025 के लोगो का अनावरण किया और यह बातें कही। उन्होंने बस्तर पंडुम के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही बस्तर के प्रतिभाशाली कलाकारों को सशक्त मंच प्रदान करेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बस्तर पंडुम के बुकलेट का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद बस्तर का विकास और वहां के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल रहा है। बस्तर को माओवाद से मुक्त करने की दिशा में हमने तेजी से अपने कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और हाल ही में आयोजित अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन में भी बस्तर वासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। यह दर्शाता है कि बस्तर वासियों का विश्वास लगातार शासन के प्रति बढ़ा है और वे क्षेत्र में शांति और अमन-चैन चाहते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने बजट में नक्सली हिंसा से ग्रसित रहे पुवर्ती गांव में भी अस्पताल खोलने का बड़ा निर्णय लिया है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से हम बस्तर वासियों के मूलभूत जरूरत को तेजी से पूरा कर रहें हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के लोग अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं और हर मौके को अपने खास अंदाज में सेलिब्रेट करते हैं । बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के असल जीवन को और करीब से देखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम में नृत्य, गीत, लोककला, लोकसंस्कृति, नाट्य, शिल्प, रीति- रिवाज, परंपरा और व्यंजन सहित विभिन्न 7 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। श्री साय ने कहा कि बस्तर में खुशहाली हो, लोग भयमुक्त होकर अपने अंदाज में जिये और उन्हें शासन की सभी सुविधाओं का लाभ मिले।
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री किरण देव, विधायक सुश्री लता उसेंडी, विधायक श्री विनायक गोयल, संस्कृति विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी. और संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य मौजूद रहे।
बस्तर की पहचान को दर्शा रहा है बस्तर पंडुम का लोगो
बस्तर पंडुम के लोगो में बस्तर के लोकजीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है और यह उनकी सांस्कृतिक पहचान से गहरे से जुड़ा हुआ है। बस्तर के विरासत को बहुत ही कलात्मक ढंग से दिखाने का प्रयास इसमें किया गया है। "बस्तर पंडुम" गोंडी का शब्द है जिसका अर्थ है बस्तर का उत्सव। प्रतीक चिन्ह में बस्तर की जीवनरेखा इंद्रावती नदी, चित्रकूट जलप्रपात, छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु वनभैंसा, राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना, बायसन हॉर्न मुकुट, तुरही, ढोल, सल्फी और ताड़ी के पेड़ को शामिल गया है। इस प्रतीक चिन्ह के माध्यम से सरल, सहज और उम्मीदों से भरे अद्वितीय बस्तर को आसानी से जाना और समझा जा सकता है।
नृत्य, गीत समेत 07 प्रमुख विधाओं पर केंद्रित होगा आयोजन
‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ में जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषण, शिल्प-चित्रकला और जनजातीय व्यंजन एवं पारंपरिक पेय से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ये स्पर्धाएं तीन चरणों में संपन्न होंगी। जनपद स्तरीय प्रतियोगिता 12 से 20 मार्च, जिला स्तरीय प्रतियोगिता 21 से 23 मार्च, संभाग स्तरीय प्रतियोगिता दंतेवाड़ा में 1 से 3 अप्रैल तक सम्पन्न होगी। प्रत्येक स्तर पर प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
बस्तर के लोकजीवन और परंपराओं पर आधारित आयोजन होंगे प्रमुख आकर्षण
बस्तर पंडुम में बस्तर की पारंपरिक नृत्य-शैली, गीत, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण और पारंपरिक व्यंजनों का शानदार प्रदर्शन होगा। प्रतियोगियों के प्रदर्शन को मौलिकता, पारंपरिकता और प्रस्तुति के आधार पर अंक दिए जाएंगे। आयोजन में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। प्रतियोगिता के विजेताओं के चयन के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आदिवासी समाज के वरिष्ठ मुखिया, पुजारी और अनुभवी कलाकार शामिल रहेंगे। इससे प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनी रहेगी और पारंपरिक लोककला को न्याय मिलेगा।
यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल हुआ बस्तर का कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान
रायपुर । छत्तीसगढ़ के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान को यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अपनी अनूठी जैव विविधता और समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र के कारण, यह राष्ट्रीय उद्यान अब विश्व धरोहर स्थलों का संभावित दावेदार बन गया है। यह छत्तीसगढ़ के पर्यटन और संरक्षण प्रयासों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
वैश्विक पहचान की ओर बढ़ता कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान
अधिकारियों ने बताया कि कांगेर घाटी की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और ऐतिहासिक महत्त्व ने इसे इस प्रतिष्ठित सूची में स्थान दिलाया है। दिसंबर 2023 में छत्तीसगढ़ सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने इसे वैश्विक पहचान दिलाने की योजना बनाई थी। विशेषज्ञों ने इसकी पारिस्थितिकी, वनस्पति, जीव-जंतु और पुरातात्विक धरोहर का गहराई से अध्ययन किया और फिर यूनेस्को को प्रस्ताव भेजा गया।
यह पहली बार है जब छत्तीसगढ़ के किसी स्थल को यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल किया गया है। आने वाले वर्षों में यह स्थायी विश्व धरोहर स्थल के रूप में भी मान्यता प्राप्त कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने जताई खुशी
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस सफलता को राज्य के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा, "कांगेर घाटी का यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल होना हमारी कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता का परिणाम है। इससे पर्यटन और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। हम अपनी धरोहरों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास करते रहेंगे।"
रहस्यमयी गुफाओं और दुर्लभ प्रजातियों का घर
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान केवल घना जंगल नहीं है, बल्कि यह एक अद्भुत प्राकृतिक और ऐतिहासिक धरोहर भी है। यहां 15 से अधिक रहस्यमयी चूना पत्थर की गुफाएं हैं, जिनमें कोटमसर, कैलाश और दंडक गुफाएं प्रमुख हैं। ये गुफाएं न केवल भूवैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक कहानियों को भी समेटे हुए हैं।
यहां पाई जाने वाली दुर्लभ प्रजातियों में ऊदबिलाव, माउस डियर, जायंट गिलहरी, लेथिस सॉफ्टशेल कछुआ और जंगली भेड़िया शामिल हैं। इसके अलावा, उद्यान में पक्षियों की 200 से अधिक प्रजातियां और 900 से अधिक प्रकार की वनस्पतियां मौजूद हैं। यहां तितलियों की 140 से अधिक प्रजातियां भी पाई जाती हैं।
यूनेस्को की अस्थायी सूची का महत्व
यूनेस्को की अस्थायी सूची उन स्थलों की सूची होती है, जिन्हें भविष्य में विश्व धरोहर का दर्जा दिया जा सकता है। यह पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है, जिससे किसी भी स्थान को वैश्विक संरक्षण और पहचान मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
अधिकारियों का कहना है कि कांगेर घाटी ने अब यह पहला पड़ाव पार कर लिया है। अगर यह स्थायी सूची में शामिल हो जाता है, तो छत्तीसगढ़ का यह हरित आच्छादित क्षेत्र पूरी दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बना लेगा।
स्थानीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
अधिकारियों ने बताया कि इस उपलब्धि से न केवल कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान को संरक्षण और पर्यटन के रूप में बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आसपास के गांवों और स्थानीय समुदायों को भी आर्थिक रूप से फायदा होगा।
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में स्थित है। इसका नाम कांगेर नदी से लिया गया है। यह राष्ट्रीय उद्यान 200 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है।
होली पर जुमे की नमाज के समय में बदलाव, छग वक्फ बोर्ड का बड़ा फैसला
रायपुर। उत्तर प्रदेश में होली और जुम्मे की नमाज को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मस्जिदों में नमाज का समय दोपहर 2 से 3 बजे तक निर्धारित किया है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने भी बड़ा निर्णय लेते हुए शुक्रवार को मस्जिदों में जुमे की नमाज के समय में बदलाव किया है। अब शुक्रवार को मस्जिदों में नमाज 2 से 3 बजे के बीच अदा की जाएगी।
आपसी सौहार्द्र के लिए निर्णय
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि मस्जिदों में जुमे की नमाज अब दोपहर 12 बजे के बजाय 2 से 3 बजे तक होगी। उन्होंने कहा, "आपसी भाईचारा और सौहार्द्र बना रहे, इसलिए यह निर्णय लिया गया है। इसके लिए वक्फ बोर्ड का आदेश सभी मुतवल्लियों को भेज दिया गया है।"
बिना मंजूरी तकरीर देने पर होगी कार्रवाई
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने चेतावनी दी कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "अगर कोई मौलाना या मुतवल्ली जुमे की नमाज के बाद बिना मंजूरी के भाषण देता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" वक्फ बोर्ड का तर्क है कि कुछ मौलवियों के भाषण सामाजिक होते हैं, लेकिन कुछ विषय भड़काऊ भी हो सकते हैं, जिनका लोगों पर गलत प्रभाव पड़ता है।
कांग्रेस ने तो CBI को बैन किया था, अब कैसे भरोसा हो गया? : विष्णुदेव साय
रायपुर । विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भारतमाला परियोजना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की। जिस पर जवाब देते हुए सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि, यह वही कांग्रेस है, जिसने अपने कार्यकाल के दौरान सीबीआई को बैन कर दिया था। लेकिन अचानक इन्हें सीबीआई पर भरोसा हो गया है और ये सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस अपने स्वार्थ अनुसार कथन बदलती है और इनकी कथनी और करनी में अंतर है।
उल्लेखनीय है कि, विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने भारतमाला प्रोजेक्ट में गड़बड़ी की जांच CBI से कराने की मांगी की है।सदन में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास ने 32 प्लॉटों को 247 टुकड़ों में बांटे जाने को लेकर प्रश्न पूछा। जिसके जवाब में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि, कलेक्टर रायपुर के जांच प्रतिवेदन में जानकारी आई है। नायकबांधा में 13 खसरों को 53 प्लॉटों में बांटा गया है, फर्जी नामांतरण से शासन को क्षति होना पाया गया है। मामले में नायब तहसीलदार, 3 पटवारी निलंबित किए गए हैं। तत्कालीन तहसीलदार अभनपुर के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
जांच में कहीं हीलाहवाला नहीं किया जाएगा- मुख्यमंत्री साय
मामले पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बड़ा बयान देते हुए कहा- जांच में कहीं हीलाहवाला नहीं किया जाएगा। कांग्रेस सरकार ने तो छत्तीसगढ़ में CBI को बैन किया था। नेता प्रतिपक्ष ने विधायकों की समिति बनाकर जांच की मांग की। मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा- कमिश्नर से मामले की जांच कराई जाएगी। कमिश्नर की जांच से असंतुष्ट विपक्ष ने CBI जांच की मांग को लेकर तीखी बहस की। मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा- अफसर निलंबित हुए हैं। जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
छत्तीसगढ़ में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार पर सांसद बृजमोहन ने लोकसभा में उठाया सवाल
रायपुर । रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में छत्तीसगढ़ में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण को लेकर गृह मंत्रालय से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि पिछले तीन वर्षों में इस योजना के तहत राज्य में क्या पहल की गई, कितनी राशि आवंटित और उपयोग की गई, तथा अग्निशमन अवसंरचना की कमियों और उनके समाधान के लिए सरकार की क्या योजना है।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जवाब देते हुए बताया कि पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिश पर राज्यों में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 5000 करोड़ रुपये की योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य को 147.745 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें से 33.24 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की जा चुकी है।
छत्तीसगढ़ में निर्धारित लक्ष्य
इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ में:
12 नए अग्निशमन केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
आधुनिक अग्निशमन उपकरणों जैसे फायर टेंडर, हाई एक्सपेंशन फोम जनरेटर, सेमी-ऑटोमेटिक डिफाइब्रिलेटर, स्मोक एक्सट्रैक्टर आदि की खरीद की जाएगी।
अग्निशमन कर्मियों का क्षमता निर्माण प्रशिक्षण किया जाएगा।
राज्य के अग्निशमन सेवा मुख्यालय को मजबूत किया जाएगा।
देश में अग्निशमन सेवाओं की स्थिति
गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार:
देश में अग्निशमन केंद्रों की 97.54% कमी है।
80.04% अग्निशमन एवं बचाव वाहनों की कमी है।
96.28% अग्निशमन कर्मियों की आवश्यकता बनी हुई है।
योजना की निगरानी और क्रियान्वयन
गृह मंत्रालय के अनुसार, अग्निशमन सेवाएं राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आती हैं, लेकिन केंद्र सरकार इसमें सलाहकार भूमिका निभा रही है। राज्यों को अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 2026 तक लक्ष्य पूरे करने होंगे। इसके लिए महानिदेशक (एफएस, सीडी और एचजी) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करना आवश्यक होगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राज्य में अग्निशमन सेवाओं को आधुनिक और प्रभावी बनाना बेहद जरूरी है, ताकि आपातकालीन स्थितियों में बेहतर प्रतिक्रिया दी जा सके। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और राज्य को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
CGPSC प्रीलिम्स 2024 का रिजल्ट जारी, 3737 अभ्यर्थी मेंस के लिए क्वालीफाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने प्रीलिम्स 2024 का परिणाम घोषित कर दिया है। इस परीक्षा के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, आबकारी सब इंस्पेक्टर समेत 17 सेवाओं के 246 पदों पर भर्ती की जाएगी। परीक्षा 9 फरवरी 2025 को दो पालियों में आयोजित हुई थी। जारी परिणाम के अनुसार, कुल 3737 अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा (मेंस) के लिए क्वालीफाई किया है। अभ्यर्थी अपना परिणाम आयोग की आधिकारिक वेबसाइट psc.cg.gov.in पर देख सकते हैं।
90 पद आबकारी सब इंस्पेक्टर के लिए, 21 डीएसपी के लिए
इस भर्ती प्रक्रिया में 246 पदों में से सर्वाधिक 90 पद आबकारी सब इंस्पेक्टर के हैं। डिप्टी कलेक्टर के 7 और डीएसपी के 21 पद शामिल हैं। पिछले साल डीएसपी का कोई पद नहीं था, लेकिन इस बार आयोग ने 21 पदों पर भर्ती के लिए वैकेंसी जारी की है।
मेंस परीक्षा 26-29 जून को आयोजित होगी
प्रीलिम्स परीक्षा में सफल अभ्यर्थी अब मुख्य परीक्षा (मेंस) में शामिल होंगे। आयोग ने मेंस परीक्षा की तिथि 26, 27, 28 और 29 जून 2025 निर्धारित की है। चयनित उम्मीदवारों को मेंस परीक्षा के लिए अलग से आवेदन करना होगा, जिसके संबंध में जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी।
चिकित्सा महाविद्यालय के वार्षिक उत्सव यूफोरिया 2025 का हुआ रंगारंग आगाज़
रायपुर । पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के प्रसिद्ध वार्षिक उत्सव कार्यक्रम यूफोरिया इंपेटस 2025 का रंगारंग आगाज़ हो चुका है। इसका आयोजन 12 मार्च तक चिकित्सा महाविद्यालय परिसर स्थित स्व. अटल बिहारी वाजपेयी स्टेडियम में किया जायेगा। इस बार फेस्टिवल की थीम है:- संस्कृति की सिम्फनी, दिलों को जोड़ना। इंपेटस उत्सव का उद्घाटन चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी, पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद नेरल और स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति जायसवाल ने किया।
डीन डॉ. विवेक चौधरी ने कहा, यह कार्यक्रम परंपरा और आधुनिकता का सुंदर मिश्रण है। डॉ. अरविंद नेरल ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि पूरे दिन छात्रों के चेहरे पर उत्साह और उमंग ने इसे अविस्मरणीय बना दिया।यूफोरिया कार्यक्रम की अध्यक्ष डॉ. ज्योति जायसवाल ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण प्रेम, हंसी और एकता की भावना से भरा हुआ था। इसमें भावपूर्ण संगीत प्रदर्शन, मार्मिक कविता पाठ और नृत्य प्रदर्शन शामिल थे। छात्रों और शिक्षकों दोनों ने इस कार्यक्रम में समान रूप से अपनी भागीदारी निभाई।
गीत और नृत्य ने बांधा समां
आद्या शर्मा ने ऋतिक रोशन के गाने ऐ मेरे दिल तू गाये जा..., मुस्कान साहू ने महाभारत की थीम सांग पर और विशाखा लिलहरे ने रीमिक्स गीत उई अम्मा... पर सोलो डांस (एकल नृत्य) का प्रदर्शन किया। ट्विन सिस्टर ने क्लासिकल संगीत के रिमिक्स गानों पर युगल नृत्य किया। इसी तरह स्वप्निल सिंह सूरज, साक्षी कन्नौजे , अभिशांक पाल एवं प्रीतिस्मय परिडा ने ड्यूट वेस्टर्न कैटेगरी में गीत गाये।
समूह नृत्य की दो श्रेणियां थीं एक भारतीय और दूसरी पश्चिमी (वेस्टर्न)। भारतीय नृत्य में गुजराती नृत्य, पंजाबी नृत्य और हरियाणवी नृत्य शामिल था। फेस्टिवल इंपेटस 2025 यूफोरिया ड्रामा (मेडिसिनिमा), ग्रुप डांस (रिद्मनिया) और म्युजिकल बैंड परफॉर्मेंस (मेलोडी मिंगल्स) के साथ जारी रहा। नाटक के विषय - पेशेवर दुविधा, साइबर मायाजाल और डॉक्टर के विरूद्ध हिंसा थी।
इस अवसर पर छात्रसंघ अध्यक्ष आदित्य गिरी, कार्यक्रम प्रभारी तेजस्विनी बंजारा, अनुराग उपाध्याय, गायन प्रतियोगिता संयोजक डॉ. मान्या ठाकुर, डॉ. वर्षा मुगुंटवार, संगीत प्रभारी संस्कार गुप्ता, साक्षी कनौजे, नृत्य संयोजक डॉ. स्निग्धा जैन, नृत्य प्रभारी सलीका अग्रवाल, रितेश गुप्ता, एकल और युगल नृत्य के निर्णायक डॉ. शालिनी और नाटक के निर्णायक के रूप में छत्तीसगढ़ी फिल्म के जाने - माने फिल्म डायरेक्टर श्री मनोज वर्मा और श्री शैलेंद्र धर दीवान शामिल रहे।
रायपुर में कार सवार युवकों से करोड़ों की नगदी बरामद, हवाला का शक
रायपुर। रायपुर पुलिस ने आमानाका थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान एक कार से साढ़े चार करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। कार सवार दोनों युवकों से पूछताछ जारी है, लेकिन उन्होंने अब तक कैश के स्रोत की जानकारी नहीं दी है। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर रकम जब्त कर ली है।
मुंबई ले जाया जा रहा था कैश
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने चेकिंग पॉइंट बनाकर कार को रोका। तलाशी लेने पर कार में छिपाकर रखा ढाई करोड़ रुपये नगद बरामद हुआ। प्रारंभिक पूछताछ में युवकों ने बताया कि यह रकम रायपुर से मुंबई ले जाई जा रही थी। उन्होंने कैश को कार में विशेष डेक बनाकर छिपा रखा था। पुलिस को संदेह है कि यह हवाला की रकम हो सकती है।
सघन चेकिंग अभियान के दौरान बड़ी बरामदगी
होली त्यौहार को देखते हुए रायपुर पुलिस ने शहरभर में सघन चेकिंग अभियान चलाया है। इसी दौरान इस कार को रोका गया और भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई।
आरोपियों से पूछताछ जारी
आजाद चौक सब डिवीजन के सीएसपी, आईपीएस अमन झा ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने कैश के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। पुलिस ने नगदी जब्त कर जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जारी है।
राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में ज्योतिष काउंसिल गठन की मांग
रायपुर । आशीर्वाद भवन, रायपुर में कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में देशभर के 20 शहरों से आए 50 से अधिक विद्वान ज्योतिषाचार्यों ने भाग लिया। सम्मेलन में ज्योतिष, वास्तु एवं अंक विज्ञान को सुव्यवस्थित जीवन जीने का मार्गदर्शक बताया गया।
कार्यक्रम में रायपुर की प्रतिष्ठित हस्तियां, पं. लक्ष्मीकांत शर्मा (देव पंचांग), शिक्षाविद् पं. विष्णु प्रसाद शास्त्री और उज्जैन से पं. ईश्वर चंद्र दुबे ने अपने विचार प्रस्तुत किए। महाकाल धाम अमलेश्वर के संस्थापक पं. प्रियाशरण त्रिपाठी, पराशरीय ज्योतिष संस्थान के पं. प्रफुल्ल दुबे और अखंड ब्राह्मण समाज सेवा समिति के अध्यक्ष एस्ट्रो पं. योगेश तिवारी ने भी कार्यक्रम का मार्गदर्शन किया।
ज्योतिष काउंसिल गठन की मांग
कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पं. अरुण शुक्ल ने सम्मेलन में कहा कि विद्वान पंडितों की उपस्थिति के बावजूद कंप्यूटर और अल्पज्ञान वाले पंडितों की वजह से अच्छे रिश्ते तय नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था 14 वर्षों से वैवाहिक पत्रिका प्रकाशित कर रही है, जिसमें 800-1000 बायोडाटा प्रकाशित होते हैं, लेकिन मात्र 25-40% रिश्ते ही तय हो पाते हैं। इस स्थिति को सुधारने के लिए उन्होंने सरकार से ज्योतिष काउंसिल के गठन की मांग की, जिससे ज्योतिष कार्य केवल पंजीकृत विद्वानों द्वारा किया जा सके। इस संबंध में हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन शासन को सौंपने की तैयारी की गई।
ज्योतिष विषयों पर विस्तृत चर्चा
मुंबई से आए हितेश भाई गुरुजी ने दस महा विधाओं पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. हिना बेन जोशी ने पास्ट लाइफ रिग्रेशन और पितृ दोष निवारण पर जानकारी दी। मुंबई की डॉ. साची केशरी ने टैरो कार्ड और राहु ग्रह के प्रभावों पर विशेष उद्बोधन दिया। रायपुर, बिलासपुर, उज्जैन, बीकानेर, कोरबा, और मुंबई सहित विभिन्न शहरों से आए विद्वानों ने ज्योतिष से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार प्रस्तुत किए।
विशेष सेवाएं और सहभागिता
सम्मेलन में कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज और अन्य संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही, कार्यक्रम स्थल पर निशुल्क कुंडली निर्माण और ज्योतिषीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे उपस्थित लोग लाभान्वित हुए।
विधानसभा में भारतमाला प्रोजेक्ट पर हंगामा, महंत ने की CBI जांच की मांग
रायपुर । विधानसभा बजट सत्र के प्रश्नकाल में भारतमाला प्रोजेक्ट का मुद्दा गरमाया रहा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रोजेक्ट में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाया, जिस पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने गड़बड़ी स्वीकार की। महंत ने इस मामले की जांच CBI से कराने की मांग की, जिसे लेकर सदन में तीखी बहस हुई।
सदन में हंगामा और अनियमितताओं का खुलासा
डॉ. महंत ने सदन में 32 प्लॉटों को 247 टुकड़ों में बांटे जाने पर प्रश्न उठाया। मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि रायपुर कलेक्टर के जांच प्रतिवेदन में अनियमितताएं सामने आई हैं। नायकबांधा क्षेत्र में 13 खसरों को 53 प्लॉटों में विभाजित कर फर्जी नामांतरण से शासन को नुकसान पहुंचाया गया। इस मामले में नायब तहसीलदार और तीन पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि तत्कालीन तहसीलदार अभनपुर पर भी कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री का बयान – जांच में कोई ढील नहीं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जांच में किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर CBI को प्रतिबंधित करने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष ने जांच के लिए विधायकों की समिति बनाने की मांग की, लेकिन मंत्री टंकराम वर्मा ने कमिश्नर जांच का आश्वासन दिया। इससे असंतुष्ट विपक्ष ने CBI जांच की मांग को लेकर बहस की।
अधिसूचना के बाद भू-अर्जन में गड़बड़ी स्वीकार
मंत्री वर्मा ने सदन में स्वीकार किया कि भारतमाला परियोजना में गड़बड़ी हुई है। अधिसूचना के बाद रकबे को टुकड़ों में बांटा गया और ट्रस्ट की भूमि का दोबारा अधिग्रहण कर ट्रस्ट के ही व्यक्ति को मुआवजा दिया गया। इस मामले में डिप्टी कलेक्टर, SDM, तहसीलदार और पटवारी पर कार्रवाई की गई है।
FIR की मांग, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी
डॉ. महंत ने दोषी अधिकारियों पर FIR दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि निलंबन एक प्रक्रिया मात्र है, जिससे आरोपी बच निकलते हैं। अगर सरकार CBI जांच के लिए तैयार नहीं होती, तो वह इस मामले को हाईकोर्ट लेकर जाएंगे। स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने इस पर कहा कि उन्हें हाईकोर्ट जाने से कोई नहीं रोक सकता। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया।
केलो प्रोजेक्ट में भी अनियमितताओं का मुद्दा
केलो प्रोजेक्ट में भू-अर्जन की अनियमितताओं का मुद्दा विधायक उमेश पटेल ने उठाया। उन्होंने मंत्री टंकराम वर्मा के अलग-अलग बयानों पर आपत्ति जताई और प्रोजेक्ट की पूर्णता को लेकर सवाल किया। मंत्री ने बताया कि योजना 80% पूरी हो चुकी है, लेकिन 23 प्रकरण अभी लंबित हैं।
विपक्ष ने की नारेबाजी, बहिर्गमन किया
विपक्ष के नेता भूपेश बघेल ने प्रोजेक्ट में जमीनों की अनियमितता के आरोप लगाए और जांच के लिए सदन की समिति गठित करने की मांग की। मंत्री वर्मा ने विभागीय जांच का भरोसा दिलाया, लेकिन विपक्ष ने इसे अस्वीकार करते हुए हंगामा किया और नारेबाजी के बाद सदन से बहिर्गमन कर दिया।
कोरबा नगर निगम चुनाव में गड़बड़ी की जांच के लिए बीजेपी ने बनाई समिति
रायपुर। कोरबा नगर निगम में बीजेपी के अधिकृत प्रत्याशी की हार के बाद पार्टी में हलचल तेज हो गई है। बगावत के चलते बीजेपी उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा, जिसे लेकर प्रदेश अध्यक्ष किरणदेव ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। इस टीम की अगुवाई गौरीशंकर अग्रवाल करेंगे, जो सात दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करेगी।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन को नोटिस
नगर निगम चुनाव में बीजेपी पार्षद नूतन सिंह ठाकुर के समर्थन में मीडिया में दिए गए बयान को लेकर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन को पार्टी ने नोटिस जारी किया है। उनसे 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
बगावत के कारण हारी बीजेपी
कोरबा नगर निगम सभापति चुनाव में बीजेपी का अधिकृत उम्मीदवार तब हार गया, जब पार्टी की स्थिति मजबूत थी। पार्टी के ही एक अन्य प्रत्याशी ने बगावत कर नामांकन दाखिल किया और 15 वोटों से जीत हासिल कर ली। कहा जा रहा है कि भाजपा ने ही अपने अधिकृत प्रत्याशी को हराने में भूमिका निभाई। इस अंदरूनी कलह के कारण बीजेपी की हार की समीक्षा के लिए यह जांच समिति बनाई गई है।
होली पर सुरक्षा सख्त: थानों में 70 से ज्यादा बदमाशों की परेड...
रायपुर। आगामी होली त्योहार के दौरान अपराधों की रोकथाम और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने 11 मार्च को 70 से अधिक चाकूबाजों, हिस्ट्रीशीटरों और आपराधिक तत्वों को क्राइम ब्रांच में तलब किया।
अपराधियों की परेड अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राइम संदीप मित्तल, उप पुलिस अधीक्षक संजय सिंह और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट प्रभारी निरीक्षक परेश कुमार पांडेय की निगरानी में हुई। पुलिस अधिकारियों ने सख्त हिदायत दी कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की हुड़दंग या अपराध में संलिप्त न रहें। साथ ही, उनसे अपराधी प्रवृत्ति के अन्य व्यक्तियों की जानकारी देने को भी कहा गया।
470 से ज्यादा अपराधियों को दी जा चुकी चेतावनी
अब तक 470 से अधिक चाकूबाजों और हिस्ट्रीशीटरों को पुलिस ने बुलाकर सख्त चेतावनी दी है। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि इलाके में कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें और होली को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने में सहयोग करें।