छत्तीसगढ़ / रायपुर
अरुण साव के विभागों के लिए 15,386 करोड़ की अनुदान मांगें पारित
रायपुर । विधानसभा में शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री अरुण साव के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 15,386 करोड़ 42 लाख 47 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई। इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के लिए 2,793 करोड़ 60 लाख 73 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग-नगरीय निकाय के लिए 24 करोड़ 38 लाख 13 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए 4,664 करोड़ 8 लाख 56 हजार रूपए, न्याय प्रशासन एवं निर्वाचन के लिए 894 करोड़ 45 लाख 20 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 2,101 करोड़ 99 लाख 36 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं नगरीय विकास-नगरीय कल्याण के लिए 1,715 करोड़ 44 लाख 46 हजार रूपए, लोक निर्माण विभाग से संबंधित विदेशों से सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए 69 करोड़ 20 हजार रूपए तथा नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता हेतु 3,123 करोड़ 45 लाख 83 हजार रूपए शामिल हैं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग
उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री साव ने सदन में बताया कि जल जीवन मिशन के तहत राज्य में 22 हजार 389 करोड़ 99 लाख रूपए लागत की 29 हजार 173 सिंगल विलेज एवं रेट्रोफिटिंग योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। साथ ही 3,212 गांवों के लिए 4166 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं भी मंजूर की गई हैं। इन योजनाओं से राज्य के 50 लाख 4 हजार ग्रामीण परिवार लाभान्वित होंगे। जल जीवन मिशन में अब तक 40 लाख 10 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इसके तहत 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन के मान से हर घर नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मिशन के कार्याें के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 4500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के आगामी वर्ष के बजट में हैण्डपम्पों के संधारण के लिए 28 करोड़ 51 लाख रूपए, ग्रामीण नल जल प्रदाय योजनाओं के संधारण के लिए 28 करोड़ 51 लाख रूपए, समूह जल प्रदाय योजनाओं के संचालन/संधारण के लिए 8 करोड़ रूपए और नाबार्ड पोषित सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के लिए 3 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। भू-जल को रिचार्ज करने जल संवर्धन कार्य के लिए 2 करोड़ रूपए, शहरी क्षेत्रों में नलकूपों के खनन के लिए 2 करोड़ 60 लाख रूपए, प्रगतिरत नगरीय पेयजल योजनाओं में अनुदान के लिए 56 करोड़ 37 लाख 6 हजार रूपए एवं 41 करोड़ 99 लाख 46 हजार रूपए ऋण का भी प्रावधान इस बजट में किया गया है। भिलाई आईआईटी में पेयजल आपूर्ति के लिए शिवनाथ नदी पर आधारित निर्माणाधीन योजना के लिए भी 01 करोड़ रूपए का प्रावधान इस बजट में है।
उप मुख्यमंत्री साव ने सदन में बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुदृढ़ पेयजल व्यवस्था के लिए आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में नवीन मद में कई प्रावधान किए गए हैं। इनमें जल जीवन मिशन के कार्याें की निगरानी हेतु डेशबोर्ड निर्माण के लिए 3 करोड़ रूपए, मानव संसाधन के लिए 01 करोड़ 19 लाख रूपए, राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए 01 करोड़ 60 लाख रूपए, नल जल योजनाओं के अनुरक्षण कार्य के लिए 5 करोड़ रूपए, विभागीय कार्यालयों के निर्माण के लिए 01 करोड़ 65 लाख रूपए तथा समूह जल प्रदाय योजनाओं के लिए 250 करोड़ रूपए के प्रावधान शामिल हैं।
लोक निर्माण विभाग
अरूण साव ने सदन में विभागीय अनुदान मांगों पर चर्चा का उत्तर देते हुए कहा कि सड़कें केवल आवागमन के साधन नहीं हैं। ये विकास की दिशा भी तय करते हैं। राज्य के तीव्र विकास के लिए नई सड़कों का निर्माण तेजी से किए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 में राज्यमार्गाें के उन्नयन के लिए सीआरआईएफ योजना के तहत 8 सड़क खण्डों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 892 करोड़ 36 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं। इससे राज्य के विभिन्न जिलों में 323 किलोमीटर लम्बाई की सड़कों का मजबूतीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग के आगामी वर्ष के बजट में राज्य में विद्यमान रेल्वे लाईन्स पर लेबल क्रॉसिंग, रेल्वे ओव्हर ब्रिज, व्यस्ततम तथा अधिक घनत्व वाले चौक पर ग्रेड सेपरेटर के निर्माण तथा राष्ट्रीय राजमार्गाें एवं मुख्य जिला मार्गाें के संकीर्ण एवं कमजोर पुलों के पुनर्निर्माण के कार्य को प्राथमिकता से शामिल किया गया है। भारत सरकार ने राज्य में सात रेल्वे क्रॉसिंग पर आरओबी निर्माण के लिए 356 करोड़ 71 लाख रूपए स्वीकृत किए हैं। केन्द्र सरकार राज्य की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए एनएचएआई के माध्यम से विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गाें के निर्माण एवं उन्नयन के कार्य प्राथमिकता से कर रही है।
साव ने सदन में बताया कि वर्ष 2001 में लोक निर्माण विभाग का बजट मात्र 103 करोड़ 85 लाख रूपए का था, जो 2025-26 के बजट में बढ़कर अब 9,451 करोड़ रूपए पहुंच गया है। यह नये छत्तीसगढ़ के निर्माण की कल्पना को सुदृढ़ करने की पहल है। इस बजट को वर्ष 2030 तक के लिए सड़कों के व्यवस्थित विकास की कार्ययोजना को ध्यान में रखकर बनाया गया है। अत्यधिक यातायात वाले शहरी भागों में 4 लेन का निर्माण तथा घनी आबादी वाले शहरों की नजदीकी बसाहटों को 4 लेन मार्गाें से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। इससे शहरों का व्यवस्थित विस्तार होगा और विकास बढ़ेगा। अत्यधिक यातायात तथा खनन क्षेत्रों में भारी यातायात को ध्यान में रखते हुए सड़कों के मजबूतीकरण और आवश्यकतानुसार 4 लेन निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। अंतराज्यीय सीमा की सड़कों के सुदृढ़ीकरण तथा सुगम यातायात के लिए उन्हें 4 लेन करने की योजना बनाई गई है।
साव ने सदन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में भारतमाला योजना संचालित है। छत्तीसगढ़ में रायपुर से विशाखापटनम को जोड़ने वाली भारतमाला 4 लेन एक्सप्रेस-वे निर्माणाधीन है, जिसके शीघ्र ही पूरा होने की संभावना है। बस्तर क्षेत्र को इस एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए नये बजट में कई सर्वेक्षण, सड़क निर्माण और सुदृढ़ीकरण के कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 2025-26 के बजट में 1909 नई सड़कों एवं पुल-पुलियों के लिए 1902 करोड़ रूपए, 168 सड़कों की डामरीकृत सतह के उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 917 करोड़ रूपए, दुर्घटनाओं को रोकने महत्वपूर्ण मार्गाें के पुलों के चौड़ीकरण एवं सुरक्षा उपाय, मरम्मत कार्य एवं ब्लैक-स्पॉट सुधार कार्याे के लिए 120 करोड़ रूपए, निजी भूमि के मुआवजा भुगतान के लिए 420 करोड़ रूपए तथा 339 पुलों के निर्माण के लिए 1351 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। बिलासपुर और रायगढ़ में विभागीय कार्यालयों के निर्माण के साथ ही मनेन्द्रगढ़ और सारंगढ़ में नये सर्किट हाउस के निर्माण का भी प्रावधान इस बजट में किया गया है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री साव ने विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के उत्तर में कहा कि जन आकांक्षाओं के अनुरूप राज्य के नये उभरते कस्बों के सुव्यवस्थित और सुनियोजित विकास के लिए हमने नगरीय निकायों की संख्या 179 से बढ़ाकर 192 की है। हमने विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने तथा विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण की ओर तेजी से कदम बढ़ाने अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन कहे जाने वाले शहरों के विकास के लिए 2025-26 में ऐतिहासिक 6,044 करोड़ 12 लाख रूपए का बजट प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रथम चरण में हमने कुल स्वीकृत 02 लाख 49 हजार 166 आवासों में से 2 लाख 5 हजार 360 आवास पूर्ण कर लिए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दूसरे चरण में सभी शहरों में ऑनलाईन हितग्राही सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर हैं। अब तक 42 हजार हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी है। केन्द्र सरकार द्वारा दिसम्बर-2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के लिए 15 हजार आवासों की स्वीकृति दी गई है।
साव ने बताया कि नये बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 875 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। योजना के लाभार्थियों द्वारा निर्धारित समयावधि में आवास निर्माण कर गृह प्रवेश करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने के लिए मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना प्रारंभ की जा रही है। इसके लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के नये बजट में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के लिए 380 करोड़ रूपए, अमृत मिशन 2.0 के लिए 744 करोड़ रूपए, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के लिए 25 करोड़ रूपए, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के लिए 30 करोड़ रूपए, रायपुर स्मार्ट सिटी के लिए 100 करोड़ रूपए, बिलासपुर स्मार्ट सिटी के लिए 100 करोड़ रूपए, मोर संगवारी सेवा के लिए 10 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के लिए 100 करोड़ रूपए, शहरों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए अधोसंरचना मद में 750 करोड़ रूपए तथा 14वें एवं 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 680 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।
साव ने सदन में बताया कि राज्य के 17 नगरीय निकायों में नालंदा परिसरों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रूपए तथा संचालन के लिए 02 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। इस साल शुरू होने वाली नई योजना मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के लिए 500 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है।
विधि एवं विधायी कार्य विभाग
मंत्री साव ने अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले एक वर्ष में न्यायिक व्यवस्था एवं न्यायिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। अधीनस्थ न्यायालयों में 321 नये पदों पर भर्ती की अनुमति के साथ ही उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालयों में 1259 नये पद सृजित किए गए हैं। नागरिकों के सुविधा के लिए वर्ष 2024 में 49 नये नोटरी नियुक्त किए गए हैं। न्यायालय भवनों, आवासीय भवनों और अन्य विकास कार्याें के लिए 240 करोड़ रूपए भी मंजूर किए गए हैं। राज्य की न्यायिक व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए 2025-26 के बजट में हमने 1265 करोड़ 46 लाख 78 हजार रूपए का प्रावधान किया है। इसमें न्यायालय भवन, न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आवास निर्माण के लिए 45 करोड़ रूपए, बिलासपुर उच्च न्यायालय परिसर में ऑडिटोरियम निर्माण के लिए 10 करोड़ रूपए, न्यायालयों के आधुनिकीकरण/कम्प्यूटरीकरण के लिए 36 करोड़ 90 लाख 67 हजार रूपए, जरूरतमंद तबकों तक न्याय पहुंचाने के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय सेवा समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों तथा तालुका विधिक सेवा समितियों के लिए 3 करोड़ 50 लाख रूपए तथा एडीआर सेंटर के निर्माण के लिए 11 करोड़ रूपए के प्रावधान शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर उच्च न्यायालय में रजिस्ट्रार जिला न्यायाधीश के नये पदों के लिए 01 करोड़ रूपए तथा विभिन्न न्यायालयों में मानव संसाधन बढ़ाने 2 करोड़ 43 लाख 12 हजार रूपए, राज्य के 22 परिवार न्यायालयों में, तथा बिलासपुर में परिवार न्यायालय की स्थापना के लिए नये पदों के सृजन के लिए 01 करोड़ रूपए और विभिन्न विधिक सेवा प्राधिकरणों में नये पदों के लिए 01 करोड़ रूपए के साथ ही महाधिवक्ता कार्यालय में शासकीय अधिवक्ता एवं उप शासकीय अधिवक्ता के नये पदों के लिए 02 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। आगामी वर्ष के बजट में न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए स्थापित छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के ऑडिटोरियम में विभिन्न निर्माण कार्याें के लिए 03 करोड़ 20 लाख रूपए, हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के अंतरराष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 01 करोड़ रूपए और वहां स्थापना व्यय के लिए 13 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।
लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा विधि एवं विधायी कार्य विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण दलेश्वर साहू, अजय चंद्राकर, उमेश पटेल, धर्मजीत सिंह, धरमलाल कौशिक, दिलीप लहरिया, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, व्यास कश्यप, रिकेश सेन, सुशांत शुक्ला, कुंवर सिंह निषाद, पुन्नूलाल मोहले, श्रीमती हर्षिता बघेल, श्रीमती शेषराज हरवंश, लता उसेंडी और श्रीमती यशोदा वर्मा ने भाग लिया।
रायपुर निगम के सभापति होंगे सूर्यकांत राठौर
रायपुर । रायपुर नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौर होंगे। भाजपा पार्षद दल की बैठक में राठौर के नाम पर मुहर लगी। पर्यवेक्षक धरमलाल कौशिक की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें महापौर मिनल चौबे समेत बीजेपी के सभी 60 पार्षद मौजूद थे।
नेशनल लोक अदालत 8 को, राजीनामा के जरिए होगा मामलों का निपटारा
रायपुर। आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए मामलों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के तत्वावधान में 8 मार्च को देशव्यापी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) बिलासपुर द्वारा प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों एवं व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित किए जाएंगे। यह कैलेण्डर वर्ष 2025 की पहली नेशनल लोक अदालत होगी।
लोक अदालत के दिन जिला न्यायालय एवं तालुका न्यायालय (व्यवहार न्यायालय) में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, 138 एनआई एक्ट, के अंतर्गत चेक बाउंस का प्रकरण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता तथा मेट्रोमोनियल डिस्प्युट के अलावा जल कर, संपत्ति कर, राजस्व संबंधी प्रकरण ट्रैफिक चालान, भाड़ा नियंत्रण आबकारी से संबंधित प्रकरण एवं बैंक विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व न्यायालय खंडपीठ में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य बटवारे का निराकरण किया जाएगा। न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है।
नेशनल लोक अदालत के लिए खण्डपीठों का गठन कर विभिन्न प्रकरणों तथा प्री.लिटिगेशन का निराकरण किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों धारा. 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों, बैंक रिकवरी प्रकरण, सिविल प्रकरण, निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामलों तथा पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किया जाता हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व, बैंक, विद्युत विभाग दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री.लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जाएंगे। जो विधिवत पंजीयन उपरांत संबंधित पक्षकारों के प्रकरण लोक अदालत खण्ड पीठ में निराकृत किए जाएंगे। इस तरह पक्षकार अपने न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते हैं। इसके अलावा लोक अदालत में दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण, याददाश्त के आधार पर बंटवारा, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, कब्जे के आधार पर बंटवारा, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) के अंतर्गत कार्यवाही के मामले, रेन्ट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जावेगा।
अनवर-अनिल की याचिका ख़ारिज: इनको मिली सुप्रीम कोर्ट से जमानत...
रायपुर । शराब घोटाले से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस घोटाले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। वहीं, रायपुर सेंट्रल जेल में बंद अन्य आरोपी अरुणपति त्रिपाठी, दिलीप पांडे समेत अन्य को जमानत दे दी गई है।
शुक्रवार सुबह सुप्रीम कोर्ट में EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) द्वारा दर्ज मामले में सुनवाई हुई। जस्टिस अभय ओखा की कोर्ट ने अरुणपति त्रिपाठी और अन्य आरोपियों को 10 अप्रैल को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। हालांकि, अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को जमानत नहीं मिली।
अनवर ढेबर पर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट और अन्य गंभीर आरोप लगे हुए हैं जिसके कारण उनकी जमानत अटक गई। वहीं अनिल टुटेजा अन्य मामलों में भी संलिप्त पाए गए हैं इस कारण उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। जमानत नहीं मिलने से एकबार फिर शराब घोटाले के सिंडिकेट की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आरोपियों को एक के बाद एक बड़ा झटका लग रहा हैं।
महिलाओं द्वारा संचालित पहली स्मेल्टर लाइन के साथ वेदांता एल्युमीनियम लैंगिक विविधता को करेगा मजबूत
कंपनी का लक्ष्य है वित्तीय वर्ष 2030 तक अपनी वर्कफोर्स में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को 30 प्रतिशत तक पहुँचाना
रायपुर, मार्च 2025: भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमीनियम ने ओडिशा के झारसुगुडा स्थित अपने प्रचालन में एक पूरी स्मेल्टर लाइन को महिलाओं द्वारा संचालित बनाने की घोषणा की है। कंपनी का ध्येय अपने कार्यबल में लैंगिक समानता लाना और कार्यस्थल समावेशन को बढ़ावा देना है। इस दिशा में यह एक परिवर्तनकारी कदम है, क्योंकि इस स्मेल्टर लाइन का संचालन और रखरखाव केवल महिला कर्मचारियों द्वारा ही किया जाएगा। गौर तलब है कि झारसुगुडा स्मेल्टर दुनिया के सबसे बड़े एल्युमीनियम स्मेल्टरों में से एक है।
वेदांता एल्युमीनियम की यह अग्रणी पहल कार्यस्थल पर महिलाओं की भागीदारी में इजाफा करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। इस प्रकार कंपनी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में विविधता, समानता और समावेशन के पहलुओं पर एक अग्रगामी संगठन के रूप में अपनी स्थिति को पुख्ता कर रही है। वेदांता के कार्यबल में जेंडर विविधता का प्रतिशत सबसे अधिक है। गौर करने वाली बातहै कि धातु, खनन और भारी इंजीनियरिंग उद्योगों के मामले में यह बेहद असामान्य बात है, क्योंकि दुनिया भर में इन उद्योगों में जेंडर विविधता का आँकड़ा एकल अंक में ही रहा है और वह भी काफी नीचे है।
इस पहल के अंतर्गत एसईजेड में स्थित स्मेल्टर की एक पॉटलाइन को पूरी तरह से महिलाओं द्वारा प्रबंधित संचालन में परिवर्तित किया जा रहा है। पॉटलाइन एल्युमीनियम गलाने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण घटक है, जहाँ एल्युमीनियम धातु का उत्पादन करने के लिए इलेक्ट्रोलाइटिक रिडक्शन किया जाता है। इस परियोजना को तीन चरणों में क्रियान्वित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न स्तरों, विशेषज्ञता और दक्षताओं में 100 से अधिक ड्यूटी पोज़िशंस की पहचान की गई है। स्मेल्टर और अन्य व्यावसायिक इकाइयों से महिला कर्मचारियों को आंतरिक जॉब पोस्टिंग, डायवर्सिटी कनेक्ट प्रोगाम और सूचना प्रसार पहलों के जरिए चुना गया है। इन महिला कर्मचारियों को टेक्निकल एंकर्स और वरिष्ठ नेतृत्व के सहयोग से विशेष ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे कुशलता से नए दायित्व को निभा सकें।
इस पहल के महत्व पर वेदांता एल्युमीनियम के मुख्य परिचालन अधिकारी सुनील गुप्ता ने कहा, ’’हमारा मानना है कि विविधता और समावेशन मिलकर इनोवेशन और प्रचालन उत्कृष्टता को आगे बढ़ाते हैं। कोर मैन्युफैक्चरिंग में महिलाओं को ज्यादा मौके दे कर हम न केवल उद्योग की रूढ़ियों को तोड़ रहे हैं, बल्कि एक न्यायसंगत एवं भविष्य हेतु तैयार कार्यस्थल भी बना रहे हैं। दुनिया के सबसे बड़े स्मेल्टरों में से एक में यह पहल हमारे व्यवसाय में जेंडर विविधता को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।’’
वेदांता एल्युमीनियम के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी पंकज सुरेका ने कहा, ’’वेदांता एल्युमीनियम में हम ’शक्ति से प्रगति’ के फलसफे में विश्वास करते हैं। हम समान अवसरों की रचना कर रहे हैं और ऐसे कदमों में तेजी ला रहे हैं, जो महिलाओं को शॉप फ्लोर से लेकर उच्च पदों तक सभी कार्यों में नेतृत्व करने में सक्षम बनाएं।’’
वेदांता एल्युमीनियम सभी भूमिकाओं में जेंडर भेदभाव से मुक्त होकर समावेशी कार्यस्थल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, यह सुनिश्चित करते हुए कि महिलाएँ स्मेल्टिंग, खनन, बिजली उत्पादन, लॉजिस्टिक्स, संपत्ति सुरक्षा और प्रोक्योरमेंट में विविध जिम्मेदारियाँ संभालें। कंपनी का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2030 तक वर्कफोर्स में महिलाओं का 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व हासिल करना है। इसके अतिरिक्त, जेंडर संतुलन सुनिश्चित करने के लिए, वेदांता एल्युमीनियम नए पदों पर 50 प्रतिशत महिलाओं को प्राथमिकता देती है। इस पहलू पर अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए कंपनी ने धातु व खनन उद्योग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई पहलें की हैं। इनमें प्रोजेक्ट श्री शक्ति शामिल है, जिसने ओडिशा प्रचालन में महिलाओं के लिए रात की शिफ्ट शुरू की। ऐसा राज्य में पहली बार हुआ है, और प्रोजेक्ट पंछी के तहत उच्च शिक्षा व रोजगार के अवसरों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके हाशिए पर मौजूद समुदायों की युवा लड़कियों की जिंदगी में परिवर्तन लाया जा रहा है।
वेदांता एल्युमीनियम, वेदांता लिमिटेड का एक व्यवसाय है, जो भारत का सबसे बड़ा एल्युमीनियम उत्पादक है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2024 में भारत के आधे से अधिक एल्युमीनियम यानी 23.7 लाख टन का उत्पादन किया है। यह वैल्यू-ऐडेड एल्युमीनियम उत्पादों में अग्रणी है, जिनका कोर इंडस्ट्रीज़ में बेहद महत्वपूर्ण इस्तेमाल होता है। वैश्विक एल्युमीनियम उद्योग में एसएंडपी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असैसमेंट 2024 विश्व रैंकिंग में वेदांता एल्युमीनियम दूसरे स्थान पर है। यह उपलब्धि सतत विकास अभ्यास हेतु कंपनी की प्रतिबद्धता की परिचायक है। भारत में अपने विश्व स्तरीय एल्युमीनियम स्मेल्टर, एल्युमिना रिफाइनरी और बिजली संयंत्रों के साथ कंपनी धरती के हरेभरे कल के लिए ’भविष्य की धातु’ के रूप में एल्युमीनियम की उभरती एप्लिकेशंस को बढ़ावा देने के अपने मिशन पर निरंतर आगे बढ़ रही है।
केन्द्रीय महिला-बाल विकास मंत्री से मंत्री राजवाड़े ने की मुलाकात
रायपुर । केन्द्रीय महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी से छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने नई दिल्ली में मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास के कार्यक्रमों के लिए किसी भी प्रकार की कमी नहीं होगी। इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े से उन्होंने छत्तीसगढ़ में महिलाओं के और बच्चों के लिए संचालित किए जा रहें कार्यक्रमों के क्रियान्वयन, भविष्य की योजनाओं और रणनीतियों पर सार्थक चर्चा भी की। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वय से महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण एवं पोषण अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
मंत्री राजवाड़े ने केंद्रीय मंत्री को छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही महतारी वंदन योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री साय के सुशासन एवं कुशल नेतृत्व में प्रदेश के समग्र विकास हेतु लगातार कार्य हो रहे हैं। जिससे राज्य हर क्षेत्र में प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
सदन में उठा अनुकंपा नियुक्ति को लेकर सवाल, गृहमंत्री ने दिया जवाब...
रायपुर । सदन में शुक्रवार को तखतपुर के विधायक धर्मजीत सिंह ने अनुकंपा नियुक्ति के तहत शासकीय अधिकारी व कर्मचारी के आश्रितों को दिए जाने वाली नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए। गृह मंत्री से कहा कि शहीद पुलिस अधिकारी की पत्नी को पति के रेंज के अनुसार नौकरी दे सकते हैं तो इस पर सरकार को विचार करना चाहिए। विधायक के सवाल के जवाब में जब गृह मंत्री ने नियम व प्रावधान की बात कही तब धर्मजीत सिंह ने राज्य सरकार द्वारा पूर्व में लिए दो महत्वपूर्ण निर्णयों का हवाला दिया।
शहीद एसपी स्व विनोद चौबे और पूर्व मंत्री स्व महेंद्र कर्मा के बेटे को विशेष अनुकंपा के तहत डिप्टी कलेक्टर बनाए जाने की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ सरकार ने ही तो लिया है। शहीद पुलिस अफसर की विधवा के बारे में सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार क्यों नहीं कर सकती। उन्होंने गृह मंत्री से पूछा कि क्या वे इस विषय को लेकर कैबिनेट के समक्ष रखेंगे। गृह मंत्री विजय शर्मा ने विधायक धर्मजीत सिंह व सदन को आश्वस्त किया कि कैबिनेट मीटिंग में इस विषय को रखेंगे।
प्रश्नकाल के दौरान विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि वह अनुकंपा नियुक्ति के संबंध में दो विशिष्ट प्रकरण की ओर गृह मंत्री और सदन का ध्यान आकृष्ट करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि शहीद उप निरीक्षक की पत्नी व बीमारी से ग्रस्त एक बच्ची के अनुकंपा नियुक्ति का मामला है। शहीद निलेश पांडेय की पत्नी कल्पना पांडेय को सहायक उप निरीक्षक एम के पद पर नियुक्ति दी है।
एकता तिवारी की मां सहायक उप निरीक्षक अ के पद पर बिलासपुर में कार्यरत थी। उनके निधन के बाद एकता को पहले बाल सिपाही फिर सिपाही बनाया गया। विधायक के सवाल पर गृह मंत्री ने कहा कि 2013 में नियुक्ति दी गई थी। अनुकंपा नियुक्ति के संबंध में बनाए गए नियमों व प्रावधान की जानकारी देते हुए कहा कि एक बार नियुक्ति देने के बाद पुन: नियुक्ति नहीं दी जा सकती।
बड़े पद पर काम करने का सबको है अधिकार
विधायक धर्मजीत सिंह ने गृह मंत्री से कहा कि हम आपकी गलती नहीं निकाल रहे हैं। अनुकंपा नियुक्ति के तहत सबको बड़े पद पर काम करने की इच्छा होती है और यह अधिकार भी है। हम तो आपसे अनुरोध कर रहे हैं। एक शहीद की विधवा के साथ सरकार न्याय तो कर सकती है। इसी बीच स्पीकर डा रमन सिंह ने कहा कि मंत्री वहीं करेंगे जो नियमों में होगा। विधायक धर्मजीत ने कहा कि नियम बनाने वाले कौन हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने ही तो दो विशेष अनुकंपा नियुक्ति दी है। शहीद की पत्नी का मामला कैबिनेट में रखकर इस पर विचार क्यों नहीं किया जा सकता। गृह मंत्री ने विधायक को आश्वस्त किया कि शहीद की पत्नी का विषय कैबिनेट की मीटिंग में रखेंगे।
बिहार के रेड लाइट एरिया से छत्तीसगढ़ की 41 नाबालिगों का रेस्क्यू
रायपुर। छत्तीसगढ़ से मानव तस्करी के एक सनसनीखेज मामले में 41 नाबालिग लड़कियों को बिहार के रोहतास जिले के रेड लाइट एरिया से बचाया गया। पुलिस ने इस ऑपरेशन में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा में नृत्य का झांसा देकर देह व्यापार में धकेलते थे। पीड़ितों को दो साल से अधिक समय से यौन शोषण का शिकार बनाया जा रहा था।
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर रोहतास के रेड लाइट एरिया में छापा मारा गया, जहां इन लड़कियों को बंधक बनाकर रखा गया था। गिरफ्तार किए गए दलाल गरीब और असहाय लड़कियों को 30 से 40 हजार रुपये का लालच देकर फंसाते थे और फिर उन्हें रेड लाइट एरिया में बेच देते थे। जहां उनसे जबरन देह व्यापार करवाया जाता था।
रोहतास एसपी की विशेष टीम द्वारा किए गए इस बचाव अभियान के बाद, सभी 41 नाबालिग लड़कियों को सासाराम स्थित बाल कल्याण समिति में स्थानांतरित कर दिया गया है। जहां उनकी सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित किया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है, और लड़कियों को उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस को इस मामले में एक बड़े मानव तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।
पीएम आवास योजना को लेकर सदन में हंगामा, विपक्ष ने किया बहिर्गमन
रायपुर । प्रश्नकाल के अंतिम दौर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अपने सवाल के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने आमंत्रित किया। पूर्व सीएम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन व संचालन के संंबंध में मंत्री द्वारा दिए गए जवाब पर सवाल उठाए। पूर्व सीएम ने यह भी पूछा कि छत्तीसगढ़ में पीएम आवास योजना के तहत 18 लाख आवास का निर्माण किया जाना है। 18 लाख आवास अलग बनाए जाएंगे या फिर पूर्व के वर्ष में अधूरे निर्माण कार्य या प्रारंभ नहीं हो पाए आवास के आंकड़ों को भी जोड़ा गया है। मंत्री के जवाब के बाद विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा मचाया और विरोध स्वरूप सदन का बहिर्गमन कर दिया। शोरगुल और हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष डा रमन सिंह ने प्रश्नकाल समाप्त की घोषणा भी कर दी।
भूपेश ने सरकार को घेरा
प्रश्नकाल के अंतिम दौर में आज सदन में विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा मचाया। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन व संचालन को लेकर मंत्री के बहाने सरकार पर निशाना साधा और मंत्री को जमकर घेरा। पूर्व सीएम बघेल ने पीएम आवास योजना को लेकर उनके द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब को लेकर मंत्री को जमकर घेरा। पूर्व सीएम ने वर्षवार पीएम आवास योजना के स्वीकृत और पूर्ण व अपूर्ण आवास का आंकड़ा पढ़ते रहे ।आंकड़ा पढ़ने के बाद उन्होंने स्पीकर के माध्यम से पंचायत मंत्री विजय शर्मा से पूछा कि विधायक पुन्नूलाल मोहले ने भी पीएम आवास को लेकर सवाल पूछे थे। मोहले को दी गई जानकारी और उनको जो जानकारी उपलब्ध कराई गई है इसमें भारी अंतर क्यों है। छत्तीसगढ़ में पीएम आवास के नाम पर जब एक ही योजना संचालित की जा रही है तब मंत्री की तरफ से एक ही योजना के जवाब में दो सदस्यों को अलग-अलग जानकारी क्यों दी गई है। आंकड़ों में इतना भारी अंतर क्यों है। पंचायत मंत्री ने पूर्व सीएम को बताया कि विधायक मोहले को जो जानकारी उपलब्ध कराई गई है वह वित्तीय आंकड़ा है। आपने वर्षवार जानकारी मांगी थी लिहाजा वर्षवार आंकड़ा और जानकारी आपको उपलब्ध कराई गई है।इसमें कहीं कोई अंतर नहीं है और ना ही अलग-अलग।
18 लाख आवास के सवाल पर हुआ जमकर हंगामा
मंत्री के जवाब के बाद पूर्व सीएम बघेल ने पूछा कि प्रदेश में 18 लाख गरीबों को आशियाना देने की बात कही गई थी। 18 लाख नए आवास बनाए जाएंगे या फिर पूर्व में जो काम अधूरा रह गया है उसे इसमें शामिल किया जाएगा। जैसे ही पूर्व सीएम ने यह सवाल दागा मंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौर में पीएम आवास का मुद्दा उठाया। 18 लाख पीएम आवास के मुद्दे पर सदन में विपक्षी दल के सदस्यों ने जोरदार हंगामा मचाया। नारेबाजी के बीच सदन का बहिर्गमन कर दिया।
पूर्व सीएम ने प्रश्नकाल का समय बढ़ाने स्पीकर से किया अनुरोध
पूर्व सीएम बघेल के सवाल के जवाब के दौरान मंत्री ने महत्वपूर्ण मसला बताते हुए स्पीकर से अनुरोध किया कि चाहें तो प्रश्नकाल का समय बढ़ा दिया जाए और इस पर चर्चा जारी रहे। इसके कुछ मिनट बाद ही मंत्री इस मुद्दे पर घिरते चले गए। विपक्षी सदस्यों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया। शोर-शराबे के बीच पूर्व सीएम बघेल ने स्पीकर डा रमन सिंह से प्रश्नकाल का समय बढ़ाने का अनुरोध किया। हंगामे और शोरगुल के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल समाप्ति की घोषणा कर दी।
राज्य स्तरीय महिला मड़ई को लोगों का मिल रहा अच्छा प्रतिसाद
छत्तीसगढ़ सरकार की शासकीय सेवकों को सौगात
छत्तीसगढ़ के चार IAS भारत सरकार की सचिव इम्पैनल लिस्ट में शामिल
रायपुर । भारत सरकार ने विभिन्न राज्यों के अफसरों की सचिव इम्पैनल लिस्ट जारी कर दी है। इस सूची में 37 आईएएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिनमें से 27 अधिकारी 1994 बैच के हैं। 1994 बैच के कुल 80 अधिकारियों में से केवल 27 को सचिव पद के लिए इम्पैनल किया गया है।
छत्तीसगढ़ के चारों अधिकारी हुए इम्पैनल
इस सूची की खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ के चारों वरिष्ठ आईएएस अफसर सचिव पद के लिए इम्पैनल हो गए हैं। इन अधिकारियों में शामिल हैं:
एसीएस मनोज पिंगुआ – वर्तमान में गृह और जेल विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
एसीएस ऋचा शर्मा – उनके पास फूड और फॉरेस्ट विभाग की जिम्मेदारी है।
एसीएस निधि छिब्बर – वर्तमान में डेपुटेशन पर कार्यरत हैं।
एसीएस विकास शील – निधि छिब्बर के पति हैं और डेपुटेशन पर हैं।
छत्तीसगढ़ से पहले से इम्पैनल अधिकारी
छत्तीसगढ़ से वर्तमान में केवल आईएएस अमित अग्रवाल ही केंद्र में सचिव स्तर के पद पर तैनात हैं। उनके अलावा अमिताभ जैन और रेणु पिल्ले भी केंद्र में सचिव पद के लिए इम्पैनल हो चुके हैं।
सचिव इम्पैनलमेंट का महत्व
भारत सरकार में सचिव का पद राज्यों के मुख्य सचिव (Chief Secretary) के समकक्ष होता है। किसी अधिकारी का सचिव इम्पैनलमेंट होने का मतलब यह है कि यदि वे केंद्र में डेपुटेशन पर जाते हैं, तो उन्हें सचिव रैंक की ही पोस्टिंग मिलेगी।
इस इम्पैनलमेंट के बाद छत्तीसगढ़ के इन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के लिए केंद्र में सचिव पद पर नियुक्ति के दरवाजे खुल गए हैं।
ट्रेनिंग के दौरान बिगड़ी SI की तबियत, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत...
रायपुर । राजधानी में ट्रेनिंग के दौरान एक सब इंस्पेक्टर की मौत हो गई। अभ्यर्थी का नाम राजेश कोसरिया था और चंद्रखुरी पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में उनका प्रशिक्षण चल रहा था। शुक्रवार सुबह सभी अभ्यर्थी दौड़ रहे थे। इसी बीच उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
जानकारी के मुताबिक, घटना आज सुबह की है। सब इंस्पेक्टर भर्ती से सलेक्ट हुये अभ्यथिर्यों का प्रशिक्षण एक सप्ताह पहले चंद्रखुरी पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में शुरू हुआ था। आज भी ट्रेनिंग जारी थी। सुबह-सुबह सभी अभ्यर्थी दौड़ रहे थे। इस दौरान कुछ दूर पहुंचते ही अभ्यर्थी राजेश कोसरिया की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ने की सूचना के बाद प्रशिक्षण अधिकारियों ने आनन-फानन में राजेश को उपचार के लिए अस्पताल लेकर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दे दी है। परिजनों ने पुलिस से जांच की मांग की है।
बता दें कि 10 मार्च को ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजेश कोसरिया को नियुक्ति पत्र देने वाले थे। इससे पहले उनकी मौत हो गई। बेटे की मौत की सूचना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल मौत का कारण क्या था। इसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
कांग्रेस ने किया महिला पत्रकारों का ‘‘कलम वीरांगना सम्मान’’
रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पूर्व मीडिया के क्षेत्र में काम करने वाली महिला पत्रकारों का सम्मान कांग्रेस संचार विभाग द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, कांग्रेस के राष्ट्रीय सह प्रभारी विजय जांगिड़ ने शाल एवं मोमेंटो देकर महिला पत्रकार बहनों का सम्मान किया। इस अवसर पर उद्बोधन देते हुये पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मीडिया के क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को काम करते हुए देख कर सुखद अनुभूति होती है।
पहले के जमाने में प्रिंट मीडिया में पूरे रायपुर में तीन-चार महिला पत्रकार ही दिखती थी। यह बड़ी उपलब्धि है कि आज रिपोर्टिंग और एंकरिंग दोनों ही स्थानों पर महिलाओं ने अपनी जगह बनाई है। आज की नारी सशक्त हो गयी है। कांग्रेस पार्टी लगातार तीन वर्षों से महिला पत्रकारों का सम्मान करते आ रही है। आप सबका यहां आना कांग्रेस के लिए गौरव का क्षण है। आजादी के समय से पत्रकारिता और पत्रकारों की अहम भूमिका रही है। पहले कहा जाता था ‘‘खीचों न कमानो को, न तलवार निकालो, जब तोप मुकाबिल हो तो अखबार निकालो।’’
आप सबका देश के नवनिर्माण लोकतंत्र को बचाने में बड़ी भूमिका है। महिला पत्रकारों के सम्मान की परंपरा आगे बढ़ाने के लिए संचार विभाग को बधाई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करना महिलाओं के लिये बड़ी चुनौती है आप सब इस चुनौती को बखूबी निभा रही है। आम सबको सम्मानित करके हमें खुशी हो रही है। विपक्ष के रूप में हमें मीडिया से विशेष संरक्षण की अपेक्षा रहती है। महिला पत्रकार देश के लोकतंत्र को संरक्षित एवं सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आम आदमी की आवाज पत्रकार होते है, आपका काम कठिन है, घर एवं काम में सामंजस्य बना कर जनता की सेवा करना महत्वपूर्ण है।
हम सब आप को सेल्यूट करते है। राष्ट्रीय सह सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी विजय जांगिड़ ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में महिला पत्रकार है यह देख कर आश्चर्य हो रहा है। महिला दिवस पर महिला पत्रकारों के सम्मान की यह परंपरा केवल छत्तीसगढ़ में देखने को मिलती है। कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिलाओं का सम्मान करती है। महिला पत्रकार देश के सामने एक मिसाल है जो अपनी कर्मठता से समाज की रक्षा करती है। खबरों की दुनिया में अपना मुकाम बनना बड़ी चुनौती है। जिसका आप सबने सामना किया है। कांग्रेस संचार विभाग को इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई देता हूं। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आप सबका सम्मान ग्रहण करने आना कांग्रेस के लिए बड़ी उपलब्धि है। महिला पत्रकार बहनें समाज में नारी की सशक्तीकरण का बड़ा उदाहरण है। पत्रकार के रूप में आपकी कर्मठता समाज के लिए प्रेरणा है।
कांग्रेस संचार विभाग आपको सम्मानित करके खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। कार्यक्रम में पत्रकार ज्योति ठाकुर, प्रियंका कौशल, सोनल भारद्वाज, रचना नितेश, शगुप्ता शिरीन, ममता लांझेवार, सुमी राजप्पन, स्वाति कौशिक, सुप्रिया पांडे, निधि प्रसाद, निशा द्विवेदी, ताजिन नाज, सोमा देवांगन, रजनी ठाकुर, तनु वर्मा, चित्रा पटेल, करिश्मा सोनी, मोनिका दुबे, लक्षिका साहू, तृप्ति सोनी, दामिनी बंजारे, सोनाली शर्मा, रसिका पांडेय, रिया साहू, अंबिका मिश्रा, किरण नायक, विनय त्रिवेदी, आकांक्षा पांडेय, जिज्ञासा चंद्रा, रेखा क्रिस्टाफर, पूनम रितु सेन, शबनम यजमानी, सुधा बाघ, दिव्या टंडन, सीमा दुबे, प्राची पांडेय, पुष्पांजली साहू, अर्चना, वर्षा यादव, गुलेश पाल, मनीषा त्रिपाठी, वर्षा नामदेव, प्रियांशा लोजरस, फानिया देवांगन, शुभांगी सिंह, पूजा गुप्ता, आरती बेनिया, प्रीति जोशी, अंजली देवांगन, मोनिका लोधी, सोना राजपूत, ज्योति राव, रेणु तिवारी, आंकाक्षा दुबे, नेहा श्रीवास्तव, श्वेता शर्मा, शोभा यादव, महिमा पाण्डेय, सुरभि वर्मा, रूची निर्मलकर, साधना पाण्डेय, शारदा काछी, आहना पुंज, राजश्री थवाईत, पदमा कुलदीप, सारिका श्रीवास्तव, ललिता चक्रधारी, अपूर्वा सिंह, पूजा पुजारा, धानी पटेल, रष्का गौरी, इफत खान, योगिता वाजपेयी, छाया चौधरी, सृष्टि पांडेय, ऋचा सहाय, रश्मि डोलिया, निर्मला भारती, छाया जायसवाल, श्वेता राय सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, आभार वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता महेन्द्र छाबड़ा, दीप्ति दुबे, अजय साहू, नितिन भंसाली, सत्यप्रकाश सिंह, अजय गंगवानी, परवेज अहमद, ऋषभ चंद्राकर उपस्थित थे।
इनरव्हील क्लब ऑफ रायपुर ग्रेटर ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला उपलब्धियों का सम्मान किया*
रायपुर, 5 मार्च 2025 - इनरव्हील क्लब ऑफ रायपुर ग्रेटर ने विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं को सम्मानित करके अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में उन महिलाओं के योगदान को मान्यता दी गई जिन्होंने अपने संबंधित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है।
विशिष्ट अतिथि:
- डॉ. मीरा बघेल, सेवानिवृत्त सीएमओ, मेडिकल कॉलेज
* पूनम संजू जी, पत्ररकारिता एवं छत्तीसगढ़ संस्कृति की प्रतिपादक
- डॉ. अनामिका,गायनेकोलॉजिस्ट बीजेपी पार्षद दुर्गावती वार्ड 49
- ऋतु परिहार, महिला एवं बाल विकास विभाग,
- डॉ अनुराधा दूबे छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग एवं छत्तीसगढ़ अभिनेत्री
- प्रतिभा सिंह, अधिवक्ता
- डॉ लीना रमन, प्रसिद्ध व्यवसायी
- स्वप्निल मिश्रा जी,रास्ट्रीय सेविका समिति एवं शहीद पंकज विक्रम वार्ड क्रमांक 58 की पार्षद
- डॉ. दिव्या फ्रांसिस रॉक्से
रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट.
रीजनल कैंसर सेंटर रायपुर.
इनरव्हील क्लब सदस्य:
- डॉ मंजूषा वेशम्पई डिस्ट.आई.एस.ओ
- रेखा जैन, डिस्ट. सचिव
- मंजुला श्रीश्री माल पूर्व डिस्ट चेयरमैन और पूर्व एसोसिएशन कोषाध्यक्ष
* पूजा जैन, क्लब अध्यक्ष
- शीला गुप्ता, क्लब सचिव
- संगीता गोयल कोषा अध्यक्ष
इस कार्यक्रम में सशक्तिकरण और एकता को बढ़ावा देते हुए महिलाओं की ताकत, और उनकी उपलब्धियों का सम्मान मोमेंटो और सर्टिफ़ाकेट देकर किया गया
इस कार्यक्रम मैं क्लब के सदस्य भी उपस्थित थे
उपाधायक्ष सुषमा अग्रवाल क्लब एडिटर रुचिता राव आई एस ओ नेहा अग्रवाल , श्री मति नम्रता दूबे ,शारदा सिंह ,सोनिया नाथानी निकिता साहनी अनीता बढ़वानी पुष्पा मालवीय प्रियंका मिश्रा पूजा अग्रवाल एकता अग्रवाल पूजा मोदी गीता जेठानी प्रज्ञा नायडू अलका गुप्ता प्रीति गुप्ता रूबी साओ
रीएजेंट सप्लाई घोटाला: IAS चंद्रकांत वर्मा से EOW ने की 6 घंटे तक पूछताछ...
रायपुर । रीएजेंट और उपकरणों की सप्लाई की आड़ में हुए 660 करोड़ के महाघोटाले में पहली बार सीजीएमएससी के पूर्व एमडी एवं आईएएस अफसर चंद्रकांत वर्मा से ईओडब्लू की टीम ने पूछताछ की है। कार्पोरेशन में हुए दस्तावेजों की छानबीन गिरफ्तार मोक्षित कार्पोरेशन के एमडी से मिली जानकारी के आधार पर लगभग 6 घंटे तक उन पर कई तरह के सवाल दागे गए हैं। मामले में जल्दी ही ईओडब्लू द्वारा दूसरी बड़ी कार्रवाई किए जाने की संभावना है। इस मामले से जुड़े मोक्षित कार्पोरेशन के एमडी शशांक चोपड़ा जेल में हैं।
सूत्रों के मुताबिक ईओडब्लू की टीम ने काफी दिनों तक चोपड़ा से मिली जानकारी के आधार पर सीजीएमएससी के कार्यालय जाकर दस्तावेजों को खंगालती रही। इस प्रकरण में कई बड़े अधिकारियों की संलिप्तता सामने आ चुकी है। दवा कार्पोरेशन से कुछ महीने पहले हटाई गई एक महिला अधिकारी कई बार ईओडब्लू के चक्कर लगा चुकी है। इस मामले में सीजीएमएससी के तात्कालीन एमडी एवं आईएएस अधिकारी चंद्राकांत वर्मा को तलब किया गया था। दो दिन पहले उन्हें ईओडब्लू के कार्यालय में हुई गड़बड़ी के मामले में लंबी पूछताछ हुई है। स्वास्थ्य विभाग के इस सबसे बड़े घोटाले में दवा कार्पोरेशन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, स्वास्थ्य संचालनालय से जुड़े कई अफसर शामिल हैं।
खराब हो रही दवाओं पर चुप्पी
इस प्रकरण में स्वास्थ्य केंद्रों में सप्लाई किया गया करोड़ों का केमिकल खराब हो चुका है और उतने की एक्सपायर होने की स्थिति में हैं। सप्लाई हुए सीबीसी सहित अन्य मशीनों का उपयोग भी नहीं हो पा रहा है। इन उपकरणों और रीएजेंट के सदुपयोग के दावे वर्तमान अधिकारियों द्वारा किया गया था मगर अब तक इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य केंद्रों तक जरूरी रीएजेंट और दवाओं की सप्लाई अब तक सामान्य नहीं हो पाई है।
न्यायिक रिमांड पर जेल
जनवरी के अंतिम दिन में विभिन्न ठिकानों में छापेमारी के बाद गिरफ्तार मोक्षित कार्पोरेशन के एमडी शशांक चोपड़ा अभी न्यायिक रिमांड पर जेल में हैं। 24 फरवरी को उसकी न्यायिक रिमांड की अवधि बढ़ाई गई थी। उसकी अगली पेशी 9 मार्च को होगी।
नहीं हटे अफसर
सीजीएमएससी में काम कर कुछ अफसरों को ईओडब्लू की जांच का हवाला देकर हटाने की सिफारिश की गई थी। विभागीय सहमति मिलने के बाद भी अब तक वे दवा कार्पोरेशन में अपनी सेवा दे रहे हैं। इन अफसरों की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर नए लोगों को जिम्मेदारी देने के मामले को ऊपरी दबाव के बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इसके अलावा सीजीएमएसी कार्यालय अभी भी कड़ी सुरक्षा में हैं। कार्यालय से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी के अलावा अन्य लोगों की भीतर एंट्री पर मनाही है।
जब सदन में नेता प्रतिपक्ष ने पूछा: दूल्हे के बगैर बारात निकल सकती है क्या?...
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ का मुद्दा उठाया। महंत ने मंत्री से पूछा दूल्हे के बगैर बारात निकल सकती है क्या? बगैर भूमि चयन उद्योग लगाने के प्रस्ताव पर महंत ने सवाल उठाते हुए कहा- भूमि का चयन किया नहीं उद्योग लगाना चाहते हैं।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा- पहले जमीन, बिजली, पानी की व्यवस्था कीजिए फिर विदेश जाइए। हम भी साथ जाएंगे, कोरबा का साथ मिलकर विकास करेंगे। इस पर मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा भूमि चिन्हित कर ली गई है, 1 लाख करोड़ के निवेश का प्रस्ताव मिला है। लैंड बैंक के माध्यम से भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है। नवा रायपुर में भी उद्योगों के लिए भूमि चयनित की गई है।