छत्तीसगढ़ / रायपुर
कृषि विश्वविद्यालय का दशम् दीक्षांत समारोह 1 फरवरी को
राज्यपाल रमेन डेका की अध्यक्षता में आयोजित होगा दीक्षांत समारोह
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर का दशम् दीक्षांत समारोह कल 1 फरवरी, 2025 को आयोजित किया जाएगा। कृषि महाविद्यालय रायपुर स्थित कृषि मंडपम में प्रातः 11 बजे से आयोजित इस दीक्षांत समारोह में लगभग 4 हजार 191 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की जाएगी। दीक्षांत समारोह राज्यपाल एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति रमेन डेका की अध्यक्षता में आयोजित किया जाएगा। इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एण्ड बायोटेक्नोलॉजी, नई दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. वांगा शिवा रेड्डी दीक्षांत उद्बोधन देंगे। कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल विद्यार्थियों को दीक्षोपदेश देंगे। दीक्षांत समारोह के दौरान मेधावी विद्यार्थियों को 16 स्वर्ण, 18 रजत एवं 24 कांस्य पदक प्रदान किये जाएंगे। इस दौरान भव्य दीक्षांत शोभायात्रा भी निकाली जाएगी।
दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2022-23 एवं 2023-2024 में कृषि विश्वविद्यालय के उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को पदक एवं उपाधियाँ वितरित की जाएँगी। दीक्षांत समारोह में बी.एस.सी. कृषि पाठ्यक्रम के 2 हजार 841, बी.एस.सी. उद्यानिकी पाठ्यक्रम के 17, बी.टेक. कृषि अभियांत्रिकी पाठ्यक्रम के 303 तथा खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के 20 पंजीकृत विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। स्नातकोत्तर स्तर पर 742 एवं पी.एचडी. स्तर पर 268 के पंजीकृत विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। इस अवसर पर विभिन्न पाठ्यक्रमों के मेधावी विद्यार्थियों को 16 स्वर्ण, 18 रजत तथा 4 कांस्य पदक भी प्रदान किये जाएंगे। इसके साथ ही दीक्षांत समारोह में 818 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पी.एच.डी. आनर्स प्रमाण पत्र भी प्रदान किये जाएंगे।
दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए अकादमिक परिधान निर्धारित किया गया है। छात्र कोसे रंग अथवा ऑफ वाईट रंग का कुर्ता तथा सफेद पायजामा पहनेंगे, वहीं छात्राएं कोसे रंग या ऑफ वाईट रंग की साड़ी पहनेंगी। दीक्षांत समारोह के अतिथि कोसे रंग का जैकेट पहनेंगे। दीक्षांत समारोह में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, प्रबध मण्डल, विद्या परिषद तथा प्रशासनिक परिषद के सदस्यों सहित विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों के अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष भी शामिल होंगे।
कांग्रेस पूरी तरह निराश,चुनाव से पहले हार मानी:अरुण साव
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री/नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव ने कहा है कि राज्य के 10 नगर निगमों, 49 नगरपालिकाओं और 114 नगर पंचायतों में जो चुनाव हो रहा है, उसके लिए नामांकन दाखिले का काम मंगलवार को पूर्ण हो चुका है और बुधवार को नामांकन पत्रों की समीक्षा हो रही है। इस बीच अनेक स्थानों पर उन्हें (स्वयं साव को) 2023 के विधानसभा, 2024 के लोकसभा चुनावों और रायपुर दक्षिण उपचुनाव के समय जैसा उत्साह था, वैसा ही उत्साह निकाय चुनावों की नामांकन रैलियों में दिखाई पड़ा है। साव ने कहा कि यह बताता है कि नगरीय निकाय में भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में लहर चल रही है और भाजपा सभी नगरीय निकायों में चुनाव जीतने वाली है। साव बुधवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आहूत पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री साव ने कांग्रेस में मचे अंदरूनी घमासान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस की हालत सबके सामने है।
पिछले 5 दिनों में जो मंजर प्रदेशवासियों ने देखा है, उससे स्पष्ट है कि कांग्रेस पार्टी में कैसी ऊहापोह और आपाधापी मची है, किस तरह से और कैसे प्रत्याशियों का चयन हो रहा है! साव ने कहा कि यह कितनी दुर्भाग्यजनक बात है कि महापौर जैसे पद के लिए कांग्रेस के पास जमीन पर काम करने वाली कोई कांग्रेस नेत्री नहीं मिली! अपने कार्यकर्ताओं की कैसी उपेक्षा और अपमान कांग्रेस पार्टी ने किया है, यह प्रत्याशियों का विश्लेषण करने पर साफ हो जाएगा। कम-से-कम महापौर के पद पर भी संगठन में, जनता के बीच काम करने वाले प्रत्याशी तक कांग्रेस लेकर नहीं आ पाई। साव ने कहा कि कांग्रेस ने रायपुर नगर निगम में 15 साल राज किया। राज्य के अधिकांश नगर निगमों में कांग्रेस का बहुमत था, पर निवर्तमान महापौर, जो नगरीय निकाय के पदाधिकारी हैं, उनको कांग्रेस पार्टी ने छिपा लिया क्योंकि उन्हें पता है जनता में उनके प्रति काफी आक्रोश है। रायपुर में 15 साल में कांग्रेस ने नगर निगम में कैसी दुर्दशा की, कैसे-कैसे बड़े-बड़े घोटाले किए, रायपुर शहर की जनता के सामने है।
पिछले 5 साल में प्रदेश के सारे नगरीय निकायों में कांग्रेस के लोगों ने जो दुर्दशा की है, विकास को अवरुद्ध किया है, विकास के लिए राशि नहीं दी, केवल बंदरबाँट और लूट मचाई। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री साव ने आज के कांग्रेस के हालात पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का कोई एमआईसी का मेंबर निर्दलीय चुनाव लड़ रहा है, कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं, बागी होकर चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने जो प्रत्याशी घोषित किए हैं, उसके खिलाफ लगातार नाराजगी के मामले आ रहे हैं। यह बताता है कि कांग्रेस पार्टी चुनाव के मैदान में जाने से पहले हार मान गई है। कांग्रेस नेताओं ने जनता का मूड समझ लिया है। जनता तो पूरी तरह कांग्रेस को सबक सिखाने के मूड में है। साव ने कहा कि एक तरफ 5 साल में विकास को अवरुद्ध किया, जनता को परेशान किया, वहीं दूसरी ओर यही वह कांग्रेस पार्टी है जिसने अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराकर जनता के अधिकारों को छीनने का काम किया था।
लोकतंत्र में मताधिकार सबसे बड़ा अधिकार होता है और जनता को अपना महापौर और अध्यक्ष चुनने का अधिकार होता है। संविधान की मूल भावना के विपरीत जाकर एक तरफ जहाँ जनता के अधिकार को छीनने का काम कांग्रेस पार्टी ने किया, जोड़-तोड़ और खरीद-फरोख्त करके निकायों में अपनी सरकार बना ली और सरकार बनाने के बाद क्या-क्या किया, विकास को अवरुद्ध किया, घोटाले किए, भ्रष्टाचार किया, शहरों की दुर्दशा कर दी। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि कांग्रेस ने भू-माफियाओं को पनपाया, कैसे शहर को दोनों हाथों से लूटने का काम किया, जनता को मूलभूत सुविधाओं से महरूम किया। अब जनता कांग्रेस पार्टी को सबक सिखाने के लिए तैयार बैठी है और इसका संकेत भाजपा की मंगलवार की नामांकन रेलियों में मिला है।
कांग्रेस पार्टी जिस प्रकार से नामांकन रैली नहीं कर पाई, कहीं नामांकन रैली रद्द हुई, यह हालत कांग्रेस पार्टी की बन चुकी है। यह स्पष्ट है कि कांग्रेस पार्टी चुनाव में जाने से पहले हार मान गई है। साव ने कहा कि वहीं दूसरी ओर, पिछले 1 साल में नगरीय निकायों में विकास के प्रदेश की भाजपा सरकार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में काफी काम किए हैं। हमारी सरकार ने मोदी की एक-एक गारंटी पूरी की है, चाहे प्रधानमंत्री आवास हो, महतारी वंदन योजना हो, पं. दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर योजना हो, पीएससी घोटाले की सीबीआई जाँच हो, पीएससी में पारदर्शिता से भर्ती करना हो, रामलला दर्शन योजना हो, मोदी की एक-एक गारंटी का हमने अक्षरश: पालन करने का काम किया है।
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि आज जिस तेजी से प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं, गरीबों के लिए हम नए सर्वे भी करा रहे हैं, सभी पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास देने की हमारी योजना है और इस पर आगे बढ़ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं, शहरों में भी लगातार बन रहे हैं। अपने शासनकाल में गरीबों को आवास से वंचित करने वाली कांग्रेस पार्टी जब गरीबों के हित की बात करती है तो इन पर हँसी आती है। साव ने कहा कि नगरीय निकाय का यह चुनाव प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होने वाला है। नगरीय निकायों में प्रदेश के विकास की छाप दिखती है। हमारी सरकार जहाँ एक तरफ शहरों का सुव्यवस्थित विकास करेगी, हमारे शहर सुंदर बनें, स्वच्छ बनें, सुविधापूर्ण बनें, इसके लिए हमने योजना बनाकर काम करना प्रारंभ कर दिया है और उसे तेज गति से आगे लेकर जाएंगे।
साव ने कहा कि नगर निगम में कांग्रेस ने जो शहरों की दुर्दशा की है, घपले और घोटाले किए हैं, हर एक मामले प्रदेश की जनता के सामने हैं। निकायों में कांग्रेस के घपले-घोटालों पर हम आरोप पत्र लाने वाले हैं, और समय आने पर उसकी जांच करके उस पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। प्रदेश की जनता के साथ अन्याय और अत्याचार किसी कीमत पर हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी प्रतिबद्धता से काम करेगी और इन्हीं सारे मुद्दों को लेकर हमें जनता के बीच जा रहे हैं और जनता का भरपूर आशीर्वाद हमें प्राप्त हो रहा है। पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सरला कोसरिया, प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी एवं प्रदेश प्रवक्ता राजीव चक्रवर्ती उपस्थित थे।
महापौर पद 109, अध्यक्ष पद 816 और पार्षद पद हेतु 10 हजार 776 अभ्यर्थियों ने भरा नामांकन
राज्य के 10 नगर निगम, 49 नगर पालिका परिषद एवं 114 नगर पंचायतों में होगा आम निर्वाचन
रायपुर। नगर पालिका आम निर्वाचन 2025 अंतर्गत राज्य के 10 निगमो के महापौर पद हेतु कुल 109 अभ्यर्थियों ने नामांकन जमा किया। इसी तरह नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद हेतु कुल 816 अभ्यर्थियों ने तथा सभी नगरीय निकायों के पार्षद पद हेतु कुल दस हज़ार 776 अभ्यर्थियों ने निर्धारित तिथि 28 जनवरी तक नामांकन दाखिल किया ।
नगरपालिका आम निर्वाचन 2025 अंतर्गत राज्य के 10 नगर निगम, 49 नगर पालिका परिषद एवं 114 नगर पंचायतों के लिए आम निर्वाचन होना है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा गत 20 जनवरी को निर्वाचन की तारीखों की घोषणा की गई थी। 22 जनवरी को निर्वाचन की सूचना के प्रकाशन के साथ ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू की गई और 28 जनवरी 2025 दिन मंगलवार तक नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। अभ्यर्थियों से नाम वापस 31 जनवरी तक ली जा सकती है। निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार करना, प्रकाशन करना और निर्वाचन प्रतिकों का आबंटन के लिए भी 31 जनवरी 2025 की तिथि निर्धारित की गई है। 11 फरवरी को मतदान तथा 15 फरवरी को मतगणना एवं निर्वाचन परिणामों की घोषणा की जायेगी।
छत्तीसगढ़ राज्य के 10 नगरपालिक निगम जहां निर्वाचन होना है उसमें नगरपालिक निगम जगदलपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी, रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, अंबिकापुर एवं चिरमिरी शामिल है।
इसी प्रकार 49 नगर पलिका परिषदों में अध्यक्ष और पार्षदों का निर्वाचन किया जाना है, जिसमें- बीजापुर, किरन्दुल, बड़ी-बचेली, दंतेवाड़ा, सुकमा, कोण्डागांव, कांकेर, नारायणपुर, कवर्धा, पण्डरिया, कुम्हारी अहिवारा, अमलेश्वर, दल्लीराजहरा, बालोद, बेमेतरा, डोंगरगढ़, महासमुंद बागबाहरा, सरायपाली, तिल्दा-नेवरा, गोबरानवापारा, आरंग, अभनपुर, मंदिर हसौद, गरियाबंद, बलौदाबाजार, भाटापारा, सिमगा, तखतपुर, रतनपुर, बोदरी, गौरेला, पेण्ड्रा, मुंगेली लोरमी, खरसिया, जांजगीर-नैला, चांपा, अकलतरा, सक्ती, दीपिका, कटघोरा, बांकी-मोंगरा, बलरामपुर, रामानुजगंज, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़ और जशपुरनगर शामिल हैं।
इसी प्रकार 114 नगर पंचायतों के लिए जहां निर्वाचन होना है, उसमें गीदम, बारसूर, दोरनापाल, बस्तर, फरसगांव, केशकाल, भानुप्रतापपुर, चारामा, पखांजूर, अंतागढ़, बोड़ला, पांडातराई, सहसपुर-लोहारा, पिपरिया, इंदौरी, धमधा, पाटन, उतई, डौंडी, डौंडीलोहारा, चिखलाकसा, गुरूर, अर्जुन्दा, गुण्डरदेही, नवागढ़, साजा, बेरला, थानखम्हरिया शामिल है। इसी प्रकार देवकर, परपोड़ी, दाढ़ी, भिंभौरी, कुसमी, डोंगरगंाव छुरिया, लालबहादुर नगर, गण्डई, छुईखदान, अम्बागढ़ चौकी, कुरूद, मगरलोड, नगरी, भखारा, आमदी, पिथौरा, बसना, तुमगांव, खरोरा, माना कैम्प, कुरा, चन्द्रखुरी, समोदा, राजिम, छुरा, फिगेंश्वर, कोपरा, देवभोग, कसडोल, पलारी, लवन, टुण्डा, रोहांसी, कोटा, बिल्हा, मल्हार, मरवाही, पथरिया शामिल है, जहां निर्वाचन किया जाएगा। सरगांव, बेरला, जरहागांव, धरमजयगढ़, घरघोड़ा, लैलूंगा, किरोड़ीमलनगर, पुसौर, बलौदा, खरौद, शिवरीनाराण, सारागांव, नवागढ़, राहौद, पामगढ़, नरियरा, डभरा, जैजैपुर, नयाबाराद्वार, अड़भार, चन्द्रपुर, पाली, छुरीकला, सीतापुर, लखनपुर, कुसमी, राजपुर, वाड्रफनगर, विश्रामपुर, प्रतापपुर, जरही, भटगांव, पटना, झगराखंड, खोंगापानी, नई लेदरी, जनकपुर, पत्थलगांव, कोतबा, बगीचा और कुनकुरी शामिल है, जहां निर्वाचन किया जाएगा।
इसी प्रकार जिला दुर्ग के नगरपालिक निगम भिलाई के वार्ड क्रमांक 24 एवं वार्ड क्रमांक 35, नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा के वार्ड क्रं. 32 एवं नगरपालिक निगम रिसाली के वार्ड क्रमांक 34 तथा बस्तर संभाग, जिला सुकमा में नगर पंचायत कोन्टा के वार्ड क्रमांक 13 में उप निर्वाचन संपन्न किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ राज्य में कुल 192 नगरीय निकाय है, जिनमें से 19 नगरीय निकायों में वर्ष 2026 में चुनाव होना है, जिसमें 04 नगर निगम-नगरपालिक निगम बीरगांव, नगरपालिक निगम भिलाई, नगरपालिक निगम भिलाई-चरौदा तथा नगरपालिक निगम रिसाली शामिल है। इसी प्रकार 05 नगरपालिका परिषद, जिसमें नगरपालिका परिषद सारंगढ़, नगरपालिका परिषद बैकुंठपुर, नगरपालिका परिषद शिवपुरचरचा, नगरपालिका परिषद जामुल एवं नगरपालिका परिषद खैरागढ़ शामिल है। इसी प्रकार 10 नगर पंचायत जिनमें नगर पंचायत बम्हीनीडीह, नगर पंचायत प्रेमनगर, नगर पंचायत शिवनंदनपुर, नगर पंचायत पलारी, नगर पंचायत मारो, नगर पंचायत घुमका, नगर पंचायत कोंटा, नगर पंचायत नरहरपुर, नगर पंचायत भैरमगढ़ तथा नगर पंचायत भोपालपट्टनम शामिल है, जहां 2026 में निर्वाचन कराया जाएगा।
उत्कृष्ट कार्यों के लिए विद्युतकर्मियों को पुरस्कृत किया सुबोध सिंह ने
राजभवन में मनाया गया 6 राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेश का स्थापना दिवस
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका की अध्यक्षता में बुधवार को राजभवन में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘ के तहत आंध्रप्रदेश, केरल, उत्तरप्रदेश, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा राज्य एवं दादर एवं नगर हवेली व दमन द्वीव का स्थापना दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर इन राज्यों के लोक नृत्यों की प्रस्तुित भी की गई है। साथ ही छत्तीसगढ़ के पंडवानी गायन और सूफी गायन की प्रस्तुति भी दी गई।
राज्यपाल डेका ने इस अवसर पर कहा कि यह कार्यक्रम, भारत में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रहने वाले विविध संस्कृतियों के लोगों के बीच आपसी समझ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर शुरू किया गया है। इसके तहत विभिन्न राज्यों की भाषा, संस्कृति, परंपराओं और प्रथाओं के ज्ञान का आपस में आदान-प्रदान होता है। जिससे भारत की एकता और अखंडता मजबूत होती है।
राज्यपाल डेका ने इस अवसर पर सभी राज्यों की विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश, भारत के सबसे बड़े राज्यों में से एक है। यह भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की जन्मभूमि है। यह हिन्दुओं की प्राचीन सभ्यता का उद्गम स्थल है। भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश सारनाथ में दिया और बौद्ध धर्म की नींव रखी। अभी प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है। यह विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है। महाकुंभ के दौरान करोड़ों श्रद्धालु, साधु-संत और विद्वान एकत्रित होते हैं। यह आयोजन वेदों और पुराणों में वर्णित पवित्रता और मोक्ष का प्रतीक है। उत्तरप्रदेश, की सांस्कृतिक धरोहर, इस राज्य को एक सशक्त राज्य बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है। महाकुंभ जैसे आयोजनों की सफलता यह दर्शाती है कि उत्तरप्रदेश न केवल भारत की आस्था का केंद्र है बल्कि विश्व के मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहा है।
आंध्रप्रदेश ने कृषि, उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन और शैक्षणिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। आंध्रप्रदेश की लगभग 60 प्रतिशत आबादी कृषि और संबंधित गतिविधियों में लगी हुई है। आंध्रप्रदेश, घरेलू पर्यटकों के बीच एक लोकप्रिय गंतव्य है। विशेष रूप से तिरूपति बालाजी मंदिर ,हिंदू पौराणिक कथाओं के सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से एक है।
राज्यपाल ने कहा कि केरल अपनी शैक्षणिक उन्नति, स्वास्थ्य सेवाओं, साहित्य, कला, सांस्कृतिक विरासत और सुंदर समुद्री तटों के लिए पूरे विश्व में एक मिसाल बन चुका है। साक्षरता दर, स्वास्थ्य सूचकांक और लैंगिक समानता में केरल पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। प्राचीन काल में हमारी कई सभ्यताएं मातृप्रधान रही है। लेकिन वर्तमान में मेघालय एक ऐसा राज्य है जहां की मुख्य जनजातियां मातृवंशीय प्रणाली का अनुसरण करती है और यहां विरासत तथा वंश महिलाओं से चलता है। मेघालय के ग्रामीण जीवन में पर्वतीय जीवन शैली के दर्शन होते हैं। पर्यटन की दृष्टि से यह राज्य महत्वपूर्ण है। यहां विश्व में सबसे अधिक वर्षा वाला क्षेत्र मौसिनराम है।
उन्होंने कहा कि मणिपुर शाब्दिक अर्थो में आभूषणों की भूमि है। यहां के लोग संगीत तथा कला में बड़े प्रवीण होने के साथ-साथ सृजनशील होते हैं जो उनकी हथकरघा, दस्तकारी के उत्पादों में झलकती है। मणिपुर देश का आर्किड टोकरी है, यहां आर्किड पुष्प की 500 प्रजातियाँ पाई जाती है। प्राकृतिक छटा से भरपूर यह राज्य पर्यटकों के लिए स्वर्ग हैं। राज्यपाल ने कहा कि त्रिपुरा का उल्लेख महाभारत, पुराणों तथा अशोक के षिलालेख में मिलता है। इस राज्य की अपनी अनोखी जनजातीय संस्कृति है। देवी त्रिपुरा सुंदरी का प्रसिद्ध शक्ति पीठ भक्तो की आस्था का केंद्र है। दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन दीव इन दो केंद्र शासित प्रदेशों के विलय के बाद यहां विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। राज्यपाल डेका ने कहा कि युवाओं को अपने प्रदेशों की सांस्कृतिक धरोहर को सम्मानित एवं संरक्षित करना चाहिए और उस पर गर्व करना चाहिए।
कार्यक्रम में आंघ्र प्रदेश के प्रतिनिधि जी स्वामी, केरल के प्रतिनिधि विनोद पिल्ले, उत्तरप्रदेश के प्रतिनिधि प्रतीक पाण्डेय, त्रिपुरा की प्रतिनिधि संगीता ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। राज्यपाल द्वारा भी इन को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
कार्यक्रम में पद्मश्री से पुरूस्कृत द्वय श्रीमती उषा बारले ने पंडवानी गायन की और मदन चौहान ने सूफी गायन की शानदार प्रस्तुति दी। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ सी.आर. प्रसन्ना, संयुक्त सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, इन सभी राज्यों के छत्तीसगढ़ में निवासरत युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सरस्वती शिशु मंदिर टिकरापारा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस
सरस्वती शिशु मंदिर टिकरापारा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस
सीजीएमएससी रीएजेंट सप्लाई घोटाला : मोक्षित कॉरपोरेशन का डायरेक्टर गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) में हुए बहुचर्चित रीएजेंट सप्लाई घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोक्षित कॉरपोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, चोपड़ा को एक दिन पहले हिरासत में लिया गया था और आज रायपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां ईओडब्ल्यू ने पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की है।
एफआईआर में चौंकाने वाले खुलासे
ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में यह खुलासा हुआ है कि 2021 में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा हमर लैब की स्थापना के लिए आवश्यक उपकरणों और रीएजेंट की आपूर्ति के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक द्वारा उचित आकलन किए बिना ही इन सामग्रियों की खरीदी की गई।
सूत्रों के मुताबिक, आवश्यक उपकरणों और मशीनों की खरीदारी बिना किसी गहन विश्लेषण के कर दी गई। इसमें प्रशासनिक अनुमोदन भी प्राप्त नहीं किया गया, और 411 करोड़ रुपये की खरीदी शासन की जानकारी के बिना कर दी गई।
अनियमितताओं के प्रमुख बिंदु:
रीएजेंट की जरूरत के बिना खरीदी: 300 करोड़ रुपये के रीएजेंट उन स्वास्थ्य केंद्रों में भेज दिए गए, जहां जरूरी सीबीसी मशीनें ही उपलब्ध नहीं थीं।
भंडारण और रखरखाव में लापरवाही: जिन रीएजेंट के लिए विशेष कोल्ड स्टोरेज की आवश्यकता थी, उन्हें बिना उचित भंडारण व्यवस्था के भेज दिया गया।
बजट और प्रशासनिक स्वीकृति के बिना आदेश: पूरी प्रक्रिया में शासन को अंधेरे में रखा गया और 411 करोड़ रुपये की देनदारी सरकार पर डाल दी गई।
निर्विरोध निविदा प्रक्रिया: निविदा प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा को सीमित करने के लिए स्पेसिफिकेशन को विशेष कंपनियों के अनुकूल बनाया गया।
मूल्य वृद्धि का घोटाला: आमतौर पर 8.50 रुपये में मिलने वाली EDTA ट्यूब को 2,352 रुपये प्रति ट्यूब की दर से खरीदा गया।
मोक्षित कॉरपोरेशन और अधिकारियों की मिलीभगत
एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि मोक्षित कॉरपोरेशन ने अन्य फर्मों जैसे सीबी कॉरपोरेशन, रिकार्डस एंड मेडिकेयर सिस्टम और श्री शारदा इंडस्ट्रीज के साथ मिलकर निविदा प्रक्रिया में हेरफेर किया। इसके तहत उपकरणों और रीएजेंट की अत्यधिक कीमत पर खरीदारी की गई, जिससे सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत कार्रवाई
प्रारंभिक जांच के बाद, ईओडब्ल्यू और एसीबी ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम 1988 की धारा 13 (1)(ए) सहपठित धारा 13(2), 7(सी) और भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 120बी के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
आगे की कार्रवाई
ईओडब्ल्यू अब अन्य संबंधित अधिकारियों और कंपनियों के खिलाफ विस्तृत जांच कर रही है। संभावना है कि जल्द ही और गिरफ्तारियां की जाएंगी। इस घोटाले ने छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में गहरे भ्रष्टाचार को उजागर किया है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा के पक्ष में लहर, कांग्रेस में मचा घमासान : अरुण साव
रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव ने कहा है कि राज्य में हो रहे नगरीय निकाय चुनावों के लिए नामांकन दाखिले की प्रक्रिया मंगलवार को पूर्ण हो गई, और बुधवार को नामांकन पत्रों की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि नामांकन रैलियों में 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनावों की तरह ही जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है, जिससे स्पष्ट होता है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में माहौल बना हुआ है और पार्टी सभी निकायों में जीत दर्ज करेगी।
साव भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अंदरूनी कलह चरम पर है और उनके प्रत्याशियों के चयन को लेकर भारी असंतोष है।
कांग्रेस पर कटाक्ष और आंतरिक कलह के आरोप
साव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी में टिकट वितरण को लेकर जबरदस्त खींचतान और अनिश्चितता बनी हुई है। महापौर पद के लिए भी कांग्रेस एक जमीनी कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाने में विफल रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की 15 वर्षों की नगर निगम सरकार ने रायपुर सहित विभिन्न निकायों में भारी भ्रष्टाचार किया, जिससे जनता में गहरा आक्रोश है।
भाजपा की उपलब्धियां और चुनावी रणनीति
साव ने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले एक साल में नगरीय विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विभिन्न योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, पं. दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर योजना और रामलला दर्शन योजना का जिक्र किया और कहा कि इन योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया गया है।
कांग्रेस के भीतर विद्रोह और असंतोष
साव ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई नेता पार्टी द्वारा दिए गए टिकट से नाराज हैं और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव से पहले ही हार मान चुकी है, क्योंकि जनता उनके भ्रष्टाचार और निकायों में किए गए कुप्रबंधन से तंग आ चुकी है।
भाजपा की नामांकन रैलियों में उत्साह
भाजपा नेता ने दावा किया कि मंगलवार को उनकी पार्टी की नामांकन रैलियों में जबरदस्त समर्थन देखने को मिला, जबकि कांग्रेस पार्टी कई जगह नामांकन रैलियां भी नहीं निकाल सकी। उन्होंने कहा कि भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता से कांग्रेस पहले ही बैकफुट पर आ गई है।
भविष्य की रणनीति
साव ने कहा कि भाजपा विकास और पारदर्शिता के आधार पर चुनाव लड़ रही है और जनता को भरोसा है कि पार्टी नगरीय निकायों में सुशासन लेकर आएगी। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने निकायों में विकास की गति को रोककर केवल भ्रष्टाचार और लूट को बढ़ावा दिया है।
पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सरला कोसरिया, प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी एवं प्रदेश प्रवक्ता राजीव चक्रवर्ती भी उपस्थित थे।
ई-केवाईसी नहीं कराने वाले 24 हजार राशन कार्ड धारकों को चावल मिलना बंद
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में ई-केवाईसी नहीं कराने वाले 24,108 राशन कार्ड धारकों को दो माह से चावल मिलना बंद हो गया है। रायपुर खाद्य विभाग ने इतने सदस्यों का नाम राशन कार्ड से हटा दिया है। वहीं, प्रदेश में यह संख्या एक लाख से ज्यादा की बताई जा रही है। नाम काटने की प्रक्रिया अभी जारी है और संख्या लगातार बढ़ रही है।
कार्डों को निरस्त करने की कई वजह सामने आई हैं। इनमें 362 कार्ड के मुखिया की मृत्यु हो चुकी है, वहीं, 2,544 कार्ड को आधार नंबर गलत होने के कारण निरस्त किया गया है। 447 कार्डों के मुखिया के नाम का संशोधन कराया गया है। इसके अलावा भी अन्य कार्ड निरस्त किए जाने के और भी कई कारण सामने आ रहे हैं।
इसलिए कराया जा रहा है सत्यापन
- राजधानी में निरस्त किए गए कार्डों में त्रुटि सुधार, मुखिया की मृत्यु के बाद उसके स्वजन के नाम दर्ज करने के बाद रिस्टोर भी किया जा रहा है। इसके तहत 9,307 नए कार्ड भी बनाए गए हैं।
- खाद्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अभी भी राजधानी में तकरीबन तीन लाख सदस्यों ने ई-केवाईसी और सत्यापन नहीं कराया है। ऐसे राशन कार्ड धारकों को खाद्यान्न आवंटन बंद की प्रक्रिया की जा रही है।
- रायपुर समेत पूरे राज्य में 76 लाख से अधिक राशन कार्डों का सत्यापन किया जाना था, ताकि फर्जी राशन कार्डों और एक ही नाम पर बने कई कार्डों जैसी गड़बड़ियों को दूर किया जा सके।
28 फरवरी है अंतिम तारीख
सत्यापन की प्रक्रिया के लिए कई बार तारीख भी बढ़ाई गई। इस बार अंतिम तारीख 28 फरवरी निर्धारित की गई थी। इस तारीख (राशन कार्ड में केवाईसी अपडेशन) तक सत्यापन न कराने वाले लोगों के नाम अब राशन कार्ड सूची से हटाए जा रहे हैं, और इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया भी शुरू की गई है। साथ ही रिस्टोर करने की भी प्रक्रिया जा रही।
खाद्य शाखा से मिली जानकारी के मुताबिक, बीते वर्ष नवंबर माह में 10,091 कार्ड निरस्त किए गए हैं। इनमें मुखिया की मृत्यु के 174, संशोधन के 146, डिलीट किए गए 1,247 व चार री- स्टोर किए गए हैं।
दिसंबर 2024 में 10,766 कार्ड निरस्त किए गए हैं, जिनमें मृत्यु के 160, संशोधन के 247, निरस्त किए गए 1,010 व री- स्टोर के सात प्रकरण हैं। इसी प्रकार जनवरी 2025 में एक से 15 तारीख तक की स्थिति में मृत्यु के 28, संशोधन के 49, निरस्त के 287 व दो कार्ड री- स्टोर किए गए हैं। इस तरह करीबन ढाई माह में 24,108 कार्ड निरस्त किए गए हैं।
खुले में बिक रहे मांस-मटन पर प्रतिबंध लगाने की मांग
मुख्यमंत्री को जीवजंतु कल्याण बोर्ड के मानद प्रतिनिधि पदम डाकलिया ने लिखा पत्र
रायपुर। राजधानी सहित प्रदेशभर में खुले में बिक रहे मांस, मछली और मुर्गी की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग जीवजंतु कल्याण बोर्ड के मानद प्रतिनिधि और मनोहर गौशाला के खैरागढ़ ट्रस्टी डॉ. अखिल जैन (पदम डाकलिया) ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
पत्र में उन्होंने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ की बड़ी आबादी शाकाहारी जीवनशैली का पालन करती है। खुले में मांस, मछली और मुर्गी की बिक्री न केवल उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को आहत करती है, बल्कि उनके संवैधानिक अधिकारों का भी उल्लंघन करती है। भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार प्रदान करता है, जिसमें उनकी जीवनशैली और आहार विकल्प का सम्मान भी शामिल है।
उन्होंने प्रदेश में मांस, मछली और मुर्गी की खुली बिक्री पर शीघ्र प्रतिबंध लगाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग मुख्यमंत्री से की है।
छत्तीसगढ़ के प्रथम डीजीपी श्रीमोहन शुक्ला को PHQ में दी गई श्रद्धांजलि
रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रथम पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्रीमोहन शुक्ला का 28 जनवरी को प्रातः निधन हो गया। रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी शुक्ला (आयु 85 वर्ष) ने भोपाल के वैशाली नगर स्थित अपने निवास पर अंतिम सांस ली। शुक्ला का अंतिम संस्कार दोपहर 12 बजे भोपाल में हुआ। इस दौरान परिवारजनों, मित्रों और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
श्रीमोहन शुक्ला छत्तीसगढ़ के प्रथम पुलिस महानिदेशक रहे। वे एक नवंबर 2000 से 26 मई 2001 तक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रहे। इसके बाद उन्होंने 26 मई 2001 से 2 अक्टूबर 2004 तक छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के प्रथम अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दीं। शुक्ला के निधन पर छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर में पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों ने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
रायपुर को एक नयी पहचान दिलाकर स्वच्छ और विकसित राजधानी बनाएंगे: मीनल चौबे
रायपुर। राजधानी रायपुर से भारतीय जनता पार्टी की महापौर प्रत्याशी श्रीमती मीनल चौबे ने आज सुबह प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण के विधायक सुनील सोनी रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव लोकतंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इनमें चुनाव होने जा रहे हैं। बड़े ही सौभाग्य की बात है कि रायपुर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी की महापौर प्रत्याशी श्रीमती मीनल चौबे और 70 वार्डों के पार्षद प्रत्याशी आज नामांकन दाखिल कर रहे हैं सभी को शुभकामनाएं प्रदान करता हूं।
महापौर प्रत्याशी श्रीमती मीनल चौबे को नगर निगम में पार्षद सहित नेता प्रतिपक्ष के रूप में काम करने का लंबा अनुभव है इसका लाभ अवश्य मिलेगा। छत्तीसगढ़ के 10 नगर निगम सहित, नगर पालिका, नगर पंचायत एवं त्रि स्तरीय पंचायतों में भी भारतीय जनता पार्टी को सफलता प्राप्त होगी। त्रि स्तरीय निकाय एवं पंचायत चुनाव के लिए भाजपा पूरी तरह से तैयार है। मोदी जी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा करने के कारण प्रदेश भर में भाजपा के प्रति विश्वास का वातावरण है।
इसी विश्वास की बदौलत हमें इस चुनाव में भी ऐतिहासिक जनादेश मिलेगा। भारतीय जनता पार्टी ने पूरे प्रदेश में चुन-चुन कर कर्मठ एवं योग्य ऊर्जावान प्रत्याशियों को उतारा है। मीनल जी भी अनुभवी और योग्य नेत्री हैं। मीनल चौबे एक बेहतर महापौर रायपुर के लिए साबित होंगी। पंचायत से पार्लियामेंट तक भाजपा प्रत्याशी बड़ी संख्या में चुन कर आयेंगे।सभी प्रत्याशियों को फिर से शुभकामनाएं हैं।
अफ्रीकी कैदी ने रायपुर सेंट्रल जेल में की आत्महत्या, 2021 में ड्रग केस में हुआ था गिरफ्तार
रायपुर: राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां रायपुर सेंट्रल जेल में बंद अफ़्रीकी नागरिक पैट्रिक ने आत्महत्या कर ली है। 2021 में ड्रग केस में गिरफ्तार किए गए इस अफ़्रीकी बंदी ने जेल में खुदकुशी की है, जिससे एक बार फिर रायपुर सेंट्रल जेल विवादों के घेरे में आ गया है।
घटना की सूचना मिलने के बाद गंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। जेल प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों की उपस्थिति में घटना स्थल पर पंचनामा जारी किया गया। यह कार्रवाई जुडिसियल मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में की गई।
अब पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है, और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आत्महत्या का कारण क्या था और इस मामले में जेल प्रशासन की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
प्रकाशचंद चोपड़ा बने पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के सदस्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रख्यात समाजसेवी एवं वरिष्ठ सिविल इंजीनियर प्रकाशचंद चोपड़ा जी को पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर की कार्यपरिषद का सदस्य नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति महोदय के आदेशानुसार की गई है। प्रकाशचंद चोपड़ा एक प्रतिष्ठित समाजसेवी हैं, जिन्होंने विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और सेवा कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है।
वे न केवल अपने परिश्रम और सेवा-भावना के लिए जाने जाते हैं, बल्कि जैन समाज और इंजीनियरिंग समुदाय के लिए भी एक प्रेरणास्रोत हैं। उनकी इस उपलब्धि से संपूर्ण समाज को गौरव की अनुभूति हो रही है। उनकी नियुक्ति से विश्वविद्यालय को निश्चित रूप से उनके अनुभव, कुशल प्रबंधन और सामाजिक सरोकारों का लाभ मिलेगा।
शिक्षा, माजसेवा और प्रशासनिक कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी विश्वविद्यालय की प्रगति में अहम भूमिका निभाएगी। उनके परिवार, मित्रों, सहयोगियों और समाज के अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
रायपुर नगरीय निकाय निर्वाचन के लिए नियुक्त सामान्य प्रेक्षक पहुंची रायपुर
सामान्य प्रेक्षक प्रतिदिन निर्धारित समय पर सिविल लाइन सर्किट हाउस में आमजनों से मिलेंगी
रायपुर। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा रायपुर नगरीय निकाय निर्वाचन के लिए (आई.ए.एस.) इफ्फत आरा, सामान्य प्रेक्षक नियुक्त की गई हैं। आम नागरिक निर्वाचन से संबंधित किसी भी जानकारी या समस्या को प्रेक्षक से साझा कर सकते हैं। सामान्य प्रेक्षक इफ्फत आरा प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक सिविल लाइन, रायपुर स्थित सर्किट हाउस के कक्ष क्रमांक 304 में आमजन से मुलाकात करेंगी। साथ ही, प्रेक्षक से उनके मोबाइल नंबर 9993000787 पर भी संपर्क किया जा सकता है। आज सामान्य प्रेक्षक कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचीं, जहां उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के साथ नामांकन केंद्रों का निरीक्षण किया और तैयारियों की समीक्षा की।
कलेक्टर ने किया मतस्य और पीएचई विभाग का औचक निरीक्षण
कर्मचारियों को समय पर उपस्थिति देने के सख्त निर्देश
रायपुर। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने आज तेलीबांधा स्थित मतस्य विभाग और पंडरी रोड स्थित पीएचई विभाग का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी का अवलोकन किया और अनुपस्थित कर्मचारियों की जानकारी ली।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने निर्देश दिया कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अवकाश पर जाता है, तो उसके अवकाश आवेदन की प्रति उपस्थिति रजिस्टर में अनिवार्य रूप से रखी जाए। उन्होंने विभागों में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था शीघ्र लागू करने के निर्देश भी दिए।
इसके अलावा, डॉ. सिंह ने कार्यालय परिसर को साफ-सुथरा रखने, टेबलों को व्यवस्थित बनाए रखने और प्रत्येक टेबल पर नाम पट्टिका लगाने का निर्देश दिया, ताकि सभी की पहचान स्पष्ट हो सके। उन्होंने सभी कर्मचारियों को सुबह 10 बजे तक कार्यालय पहुंचने और शाम 5:30 बजे से पहले कार्यालय न छोड़ने के सख्त निर्देश दिए, अन्यथा वेतन काटा जायेगा।सुरक्षा नियमों पर जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि सभी कर्मचारी हेलमेट पहनकर कार्यालय आएं और कार से आने वाले सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप भी उपस्थित रहे।
रेडियोडायग्नोसिस विभाग के डॉक्टरों ने दिये व्याख्यान, मिला अवार्ड
रायपुर। चेन्नई में आयोजित रेडियोलॉजी की 23वीं एशियाई महासागरीय कांग्रेस (AOCR 2025) और भारतीय रेडियोलॉजिकल और इमेजिंग एसोसिएशन (आईआरआईए) के 77वें वार्षिक सम्मेलन में पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के रेडियोडायग्नोसिस विभाग के डॉक्टरों एवं रेजिडेंट्स ने हिस्सा लेकर चिकित्सा महाविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया। इंटरनेशनल कांफ्रेंस में विभाग के डॉक्टरों का यह गरिमामय प्रतिनिधित्व डीन डॉ. विवेक चौधरी, अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर और विभागाध्यक्ष डॉ. एसबीएस नेताम के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में दो संकायों, 3 मौखिक शोध पत्रों और 9 पोस्टर प्रस्तुति के साथ हुआ।
रेडियोडायग्नोसिस विभाग के डॉ.(प्रो.) आनंद जायसवाल ने *इनफर्टिलिटी :ओव्यूलेशन और कार्यान्वयन में कलर डॉपलर की भूमिका* पर वैज्ञानिक सत्र में व्याख्यान दिया। आईआरईपी के राष्ट्रीय सीएमई के सफल आयोजन के लिए डॉ. आनंद जायसवाल को पुरुस्कृत किया गया। एशियन ओसियन कांग्रेस ऑफ़ रेडियोलॉजी की इस वर्ष की थीम थी - क्लिनिकल रेडियोलॉजी डिकोडेड - सर्जन की तरह देखें: फिजिशियन की तरह सोचें। इस सम्मेलन में रेडियोलॉजिस्ट और रेसिडेंट्स ने विभिन्न वैज्ञानिक कार्यशालाओं के माध्यम से अपनी अंतर्दृष्टि साझा की।