छत्तीसगढ़ / सुकमा
स्वच्छता ही सेवा, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना व अंगीकार अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ
पीएम आवास योजना (शहरी) अंतर्गत हितग्राहियों का हुआ गृह प्रवेश
सुकमा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को स्वच्छता ही सेवा 2025 अभियान, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना तथा अंगीकार 2025 अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और लोक कल्याण मेला का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेशभर से जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण वर्चुअली जुड़े, जिसमें सुकमा जिले से भी नगर पालिका परिषद् सुकमा सहित स्थानीय प्रतिनिधि व अधिकारी जुड़े थे।
कार्यक्रम के दौरान सुकमा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अंतर्गत हितग्राहियों का गृह प्रवेश हुआ। नगर पालिका परिषद् सुकमा क्षेत्र के 27 हितग्राहियों तथा दोरनापाल क्षेत्र के 14 हितग्राहियों को सांकेतिक गृह प्रवेश की जाबी जनप्रतिनिधियों द्वारा सौंपी गई। इस अवसर पर सभी हितग्राहियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे, नगर पालिका परिषद् सुकमा अध्यक्ष श्री हुंगाराम मरकाम, उपाध्यक्ष श्रीमती भुनेश्वरी यादव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती माड़े बारसे, नगरीय निकाय के पार्षदगण, जनप्रतिनिधि श्री नूपुर वैदिक, श्री संजय सोढ़ी, एसडीएम सुकमा श्री सूरज कश्यप, सीएमओ श्री पी.के. कोराम, नगर पालिका परिषद् के पार्षदगण तथा बड़ी संख्या में नागरिकगण शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और आवासीय सुरक्षा वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है। स्वच्छता ही सेवा अभियान से लोगों में स्वच्छ वातावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, वहीं प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से प्रत्येक परिवार को पक्के घर की सुविधा मिलेगी, जो सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है।
सुकमा जिले में हुए इस वर्चुअल आयोजन से हितग्राहियों में विशेष उत्साह और खुशी का माहौल देखा गया। नागरिकों ने सरकार की योजनाओं के प्रति आभार जताया।
पशुशेड, स्वास्थ्य, पेयजल, पीएम आवास और आजीविका से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
सुकमा। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव और जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर ने बुधवार को छिंदगढ़ विकासखंड का व्यापक दौरा कर ग्रामवासियों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने और शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कुन्दनपाल, कुन्ना, धनीकोड़ता, लखापारा और तराईटिकरा सहित कई ग्रामों का दौरा कर ग्रामवासियों से संवाद किया और योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुँचाने पर विशेष बल दिया।
कुन्दनपाल एवं कुन्ना पंचायत में कलेक्टर श्री ध्रुव ने पात्र हितग्राहियों को पशु शेड निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को शासन की योजनाओं का लाभ शीघ्र प्रदान किया जाए ताकि उनके आजीविका साधन सशक्त बनें। साथ ही, पात्र हितग्राहियों को पशु वितरण के कार्य में प्राथमिकता देने की बात कही। धनीकोड़ता ग्राम में उन्होंने कुपोषित बच्चों की पहचान कर सर्वे करने के निर्देश दिए, जिससे समय पर उपचार और पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा सके। लखापारा प्राथमिक शाला भवन का निरीक्षण करते हुए उन्होंने विद्यालय की आवश्यकताओं और सुविधाओं पर ध्यान देने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया।
तराईटिकरा (कुन्ना) में पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने तत्काल समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। साथ ही सभी ग्राम पंचायतों में इच्छुक युवाओं को चिन्हित कर उन्हें प्लम्बर, जल जीवन मिशन तथा अन्य उपयोगी कार्यों का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए ताकि युवाओं को कौशल विकास का अवसर मिल सके।
इसके पश्चात कलेक्टर श्री ध्रुव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छिंदगढ़ का निरीक्षण कर वहाँ पीएम आवास निर्माण, शौचालय निर्माण, मरम्मत, प्लास्टर कार्य सहित अन्य अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन भवन को समय पर पूरा कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से प्रदान करने के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएँ आमजन की प्राथमिक आवश्यकता हैं और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला अस्पताल में निःशुल्क रूट कैनाल की सुविधा उपलब्ध
सुकमा। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन और मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय, सुकमा में दंत चिकित्सा सेवाओं को और सशक्त करते हुए अब आरसीटी (रूट कैनाल ट्रीटमेंट) की निःशुल्क सुविधा शुरू कर दी गई है।
अब तक जिले के मरीजों को दांतों की गंभीर समस्या होने पर जगदलपुर या मलकानगिरी तक जाना पड़ता था, लेकिन अब यह आधुनिक उपचार सुविधा यहीं जिला मुख्यालय सुकमा में उपलब्ध है। डॉ. हर्षिता वर्मा की नियुक्ति के बाद यह सेवा संभव हो पाई है।
प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है ताकि दूरस्थ ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों को भी बेहतर इलाज नजदीक ही मिल सके। इस सकारात्मक पहल से न केवल ग्रामीणों का समय और पैसा बचेगा, बल्कि उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार भी प्राप्त होगा।
जिला प्रशासन की सक्रियता से उल्टी-दस्त की स्थिति पर नियंत्रण
मांगीतोंग गांव में ग्रामीणों को मिला त्वरित उपचार की सुविधा
सुकमा । कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश पर ग्राम पंचायत पाकेला के आश्रित ग्राम मांगीतोंग में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए रविवार को स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को आवश्यक उपचार और जागरूकता प्रदान की। ग्राम में कुल 54 घरों में निवासरत 164 लोगों का मलेरिया सहित विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार किया गया।
स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सा विभाग की टीम ने 40 लोगों में सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण पाए तथा 8 लोगों को दस्त की समस्या से प्रभावित पाया। गंभीर कुपोषण से ग्रसित 1 बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र में उपचार हेतु भेजने निर्देशित किया, वहीं एक गर्भवती महिला का पंजीयन कर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा गया। गांव में स्थित पेयजल स्रोतों में क्लोरीनीकरण कर संक्रमण से बचाव सुनिश्चित किया गया। साथ ही, ग्रामीणों को साफ पानी उबालकर पीने और मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह दी गई। शिविर में निःशुल्क दवाइयाँ वितरित की गईं।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता ग्रामीणों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था है। समय पर शिविर लगाने से स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।
शिविर में एसडीएम छिंदगढ़ विजय प्रताप खेस, सीएमएचओ डॉ. आरके सिंह, तहसीलदार इरशाद अहमद, बीएमओ डॉ. नारंग, सरपंच, वार्ड पंच एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन की जानकारी दी और बताया कि उल्टी-दस्त से ग्रामीण प्रभावित नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शासन-प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ है।
यात्री बसों की हुई कड़ी जाँच, 12 हज़ार का जुर्माना
सुकमा । यात्रियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने बस संचालकों पर सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार जिला परिवहन अधिकारी श्री एस.बी. रावटे के नेतृत्व में बुधवार को जिला मुख्यालय सुकमा में यात्री बसों की व्यापक जाँच की गई।
जाँच के दौरान बसों के फिटनेस, रेट लिस्ट, परमिट, फर्स्ट एड किट और बीमा संबंधी दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई। इस दौरान एक यात्री बस में अनियमितताएँ पाई गईं, जिस पर नियमानुसार जुर्माना लगाकर सुधार के निर्देश दिए गए। सभी प्रकरणों को मिलाकर कुल 12 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
जिला परिवहन अधिकारी श्री रावटे ने बताया कि प्रशासन की यह मुहिम निरंतर जारी रहेगी। यदि यात्रियों द्वारा किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है, तो तत्काल जाँच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। लापरवाह बस संचालकों के खिलाफ लगातार सख्ती बरती जाएगी ताकि आमजन को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध हो सके।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर कलेक्टर ध्रुव सख्त, कोंटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण
सुकमा । कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव बुधवार को अचानक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंटा पहुँचे और संपूर्ण चिकित्सा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी, लैब रूम, ऑपरेशन थिएटर और जनरल वार्ड का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से पोषण पुनर्वास केंद्र व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि वार्डों में स्वच्छता और सफाई सर्वाेच्च प्राथमिकता में हो। स्वास्थ्य केंद्र में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था हो। मौसम को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो। सभी स्वास्थ्यकर्मी मुख्यालय में रहकर नियमित फील्ड विजिट करें।
प्रशासन का यह प्रयास ज़िले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और मरीजों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। निरीक्षण के समय सीएमएचओ डॉ. आरके सिंह, बीएमओ सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित थे।
सुकमा में बाढ़ राहत अभियान : मंत्री केदार कश्यप ने ली बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी, जिले में अलर्ट जारी
सुकमा में राहत और बचाव कार्य तेज़, अब तक 29 लोगों का सफल रेस्क्यू
सुकमा । जिले में लगातार हो रही बारिश और नदियों के उफान के बीच राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जिला कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला चौबीसों घंटे सक्रिय है।
तहसीलदार सुकमा अंबर गुप्ता के मार्गदर्शन में नगरसेना की टीम ने पुलिस लाइन सुकमा के पास एनएच गीदम नाला से भी बड़ी कार्रवाई की। यहां बस से आए करीब 17 यात्रियों को नाव की मदद से सुरक्षित पार कराया गया, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे। जिला प्रशासन ने तत्काल सभी के लिए नाश्ता और पीने के पानी की व्यवस्था भी की। इसी कड़ी में नगरपालिका सुकमा के नयापारा इलाके से भी 11 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। भारी बारिश में फंसे इन लोगों को निकालने के लिए तत्काल अभियान चलाया गया। राहत बचाव कार्य अभी भी जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को छिंदगढ़ तहसील के अंतर्गत अंदुमपाल क्षेत्र में बड़ा रेस्क्यू अभियान चलाया गया। यहां करीब 29 घंटे से गोरली नदी में फंसे 1 ग्रामीण को नगरसेना की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम अंदुमपानी (बेन्द्रापानी) निवासी मुचाकी हिड़मा (पिता केसा), उम्र लगभग 60 वर्ष, कल अचानक नदी में पानी बढ़ने के कारण बीच धारा में एक पेड़ के सहारे फंसे रहे। कठिन परिस्थितियों के बावजूद जिला प्रशासन, नगरसेना और ग्रामीणों की तत्परता से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों और परिजनों के चेहरे पर राहत और खुशी साफ झलक रही थी। इस पूरे अभियान के दौरान छिंदगढ़ तहसीलदार इरशाद अहमद और जनपद सीईओ पी.के. गुप्ता भी मौके पर मौजूद रहे और लगातार राहत कार्यों का संचालन किया।
इधर, सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने भी कलेक्टर ध्रुव से फोन पर बात कर बाढ़ प्रभावित इलाकों के हालात की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने साफ किया है कि जिला प्रशासन किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। सभी विकासखंडों में राहत शिविर चिन्हांकित किए गए हैं और अधिकारी-कर्मचारी लगातार ड्यूटी पर तैनात हैं। राहत शिविर में रहने-खाने की सम्पूर्ण व्यवस्था की गई है।
नक्सलियों ने शिक्षा दूत लक्ष्मण बारसे की धारदार हथियार से हमला कर हत्या की
सुकमा । छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र के सिलगेर में बुधवार शाम के नक्सलियों ने शिक्षा दूत लक्ष्मण बारसे की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी। मृतक की उम्र लगभग 30 वर्ष बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, लक्ष्मण बारसे मूल रूप से बीजापुर जिले के ग्राम पेगड़ापल्ली का रहने वाला था और वर्तमान में सिलगेर के मंडीमरका में शिक्षा दूत था। नक्सलियों ने उसे पुलिस का मुखबिर बताने का आरोप लगाते हुए मौत के घाट उतार दिया। हमले के दौरान लक्ष्मण के परिजन भी बीच-बचाव के लिए आगे आए, जिन्हें नक्सलियों ने बेरहमी से पीटा।
वन्यजीवों की सुरक्षा में सुकमा जिले की बड़ी पहल
सुकमा । जिले के इतिहास में पहली बार वन विभाग ने वनकर्मियों, संयुक्त वन प्रबंधन समिति एवं जैव विविधता प्रबंधन समिति के सदस्यों के लिए वन्यजीव संरक्षण एवं प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह पहल न केवल वन विभाग की क्षमता वृद्धि बल्कि स्थानीय समुदाय को संरक्षण की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हुई है।
सुकमा एवं दोरनापाल उपमंडल के कर्मचारियों का प्रशिक्षण 23 और 24 अगस्त को जिला मुख्यालय सुकमा में आयोजित हुआ। इसमें राज्य जैव विविधता बोर्ड के सदस्य एवं ख्यातिप्राप्त वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र मिश्रा ने प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया। वहीं 20 और 21 अगस्त को कोन्टा में आयोजित प्रशिक्षण में नोवा नेचर फाउंडेशन के सुराज ने वन्यजीव प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इस प्रशिक्षण की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि पहली बार जेएफएमसी और बीएमसी के सदस्य भी इसमें शामिल हुए। उनकी उपस्थिति से कार्यक्रम केवल वन विभाग तक सीमित न रहकर स्थानीय समुदाय तक पहुंचा, जिससे वन्यजीव संरक्षण के प्रति साझा जिम्मेदारी और जागरूकता का नया अध्याय शुरू हुआ।
वनमंडलाधिकारी सुकमा श्री अक्षय भोसलें ने कहा कि सुकमा जैसे घने वनों वाले जिले में वन्यजीव संरक्षण हमेशा से चुनौती रहा है। यह प्रशिक्षण केवल विभागीय कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय की सहभागिता को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। जैसे-जैसे जिले में सामान्य स्थिति लौट रही है, वन क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ रही है। ऐसे में विभाग और समुदाय का संयुक्त प्रयास भविष्य में दूरगामी परिणाम देगा।
सुकमा का विशाल वन क्षेत्र जैव विविधता से समृद्ध है, जहाँ कई दुर्लभ और महत्वपूर्ण वन्यजीव पाए जाते हैं। विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण के दौरान वनकर्मियों और समितियों को वैज्ञानिक तरीकों, कानूनी प्रावधानों और संरक्षण से जुड़े व्यावहारिक उपायों से अवगत कराया। साथ ही यह भी बताया गया कि वन्यजीव संरक्षण कैसे पर्यावरणीय संतुलन, जल स्रोतों की सुरक्षा और मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व को प्रोत्साहित करता है।
नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत बड़ेसट्टी में स्वास्थ्य व जागरूकता की गूंज
सुकमा । छत्तीसगढ़ के प्रथम नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत बड़े सेट्टी ने एक नई मिसाल कायम की। यहाँ कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन में आयोजित ग्रामसभा में पंचायत प्रतिनिधियों, जिला पंचायत पदाधिकारियों और पिरामल फाउंडेशन के सदस्यों ने मिलकर ग्रामीणों से महिला एवं बाल विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर शिविर आयोजित की।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत सेक्टर फूलबगड़ी के बीएमओ डॉ. भीमा बारसे द्वारा बड़े सेट्टी में 19 कुपोषित बच्चों की जांच की गई। स्वास्थ्य सेवाओं की इस पहल को लेकर ग्रामीणों ने संतोष और उत्साह व्यक्त किया।
इसके साथ ही महतारी मेगा हेल्थ कैंप और बाल संदर्भ शिविर का आयोजन भी पंचायत में हुआ। इसमें आसपास के गांवों से आईं महिलाओं, किशोरी बालिकाओं और बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा दवाइयों का वितरण हुआ। इस अवसर पर 77 महिलाओं की स्वास्थ्य जांच इस अवसर पर की गई।
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता पर भी जोर दिया गया। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बालिकाओं और माताओं को “गुड टच, बैड टच”, चाइल्ड हेल्पलाइन और महिला हेल्पलाइन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत बड़े सेट्टी पंचायत की यह पहल स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में ग्रामीणों के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामीण और अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं का सहारा
सुकमा । जरूरत और अभाव से जूझ रही सुकमा जिले की महिलाएं अब महतारी वंदन योजना से सशक्त हो रही हैं। छिंदगढ़ पंचायत के वेकोपारा निवासी श्रीमती सोमलिन पति आनंद ने बताया कि उन्हें हर महीने मिलने वाले एक हजार रुपये ने उनके जीवन की दिशा बदल दी है। इस राशि को वह बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च कर रही हैं।
भावुक होकर उन्होंने कहा कि हम जैसे परिवारों के लिए यह सहायता बहुत बड़ी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जो वादा किया था, उसे पूरा कर रहे हैं। यह योजना हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं।
सोमलिन ने यह भी बताया कि वह बच्चों को समझाती हैं कि यह मदद सरकार की पहल से संभव हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन के लिए आभार जताया।
महिलाओं का कहना है कि इस योजना ने उनमें आत्मविश्वास जगाया है और आगे बढ़ने की राह प्रशस्त की है। सुकमा जिले के नेल्लानार क्षेत्र सहित विभिन्न गांवों में योजना के तहत सर्वे कार्य जारी है, जिससे अधिक जरूरतमंद माताओं को भी इसका लाभ मिल सके।
सुकमा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को बहनों ने बांधी राखी
सुकमा। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर सुकमा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को भाजपा परिवार की बहनों ने राखी बांधकर स्नेह और विश्वास का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान बहनों ने विजय शर्मा को दीर्घायु, सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की शुभकामनाएं दीं। उपमुख्यमंत्री ने भी बहनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राखी का यह बंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, सम्मान और सुरक्षा का वचन भी है।
उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए सरकार पूरी तरह
प्रतिबद्ध है और बहनों के इस स्नेह को वह अपने कार्यों के माध्यम से सार्थक करेंगे। इस दौरान उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं एक-दूसरे को दीं।
मौके पर पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
2 लाख के ईनामी नक्सली सहित 3 नक्सली गिरफ्तार
सुकमा । जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है, इसी तारतम्य में केरलापाल क्षेत्रान्तर्गत गोगुण्डा पहाड़ी में नक्सलियों की उपस्थिति की आसूचना पर थाना केरलापाल से जिला बल, डीआरजी एवं 159 वाहिनी सीआरपीएफ की संयुक्त पार्टी नक्सली गस्त सर्चिंग हेतु ग्राम गोगुण्डा, पोंगाभेजी, सिमेल, खुंडूशपारा व आस-पास क्षेत्र की ओर रवाना हुए थे।
अभियान के दौरान ग्राम पोंगाभेजी, रबड़ीपारा के जंगल पहाड़ी से 1 ईनामी नक्सली सहित 3 नक्सलियों पोडिय़ाम नंदा पिता देवा (गोगुण्डा पंचायत मिलिशिया कमाण्डर, ईनामी 2 लाख), उम्र लगभग 40 वर्ष निवासी गोगुण्डा डुंगिनपारा थाना केरलापाल, हेमला जोगा पिता स्व. नंदा (गोगुण्डा पंचायत मिलिशिया सदस्य) उम्र लगभग 28 वर्ष निवासी गोगुण्डा इंतापारा थाना केरलापाल एवं हेमला गंगा पिता स्व. गंगा (गोगुण्डा पंचायत मिलिशिया सदस्य) उम्र लगभग 45 वर्ष निवासी गोगुण्डा इंतापारा थाना केरलापाल जिला सुकमा को गिरफ्तार किया गया।
सभी गिरफ्तार नक्सली केरलापाल एरिया कमेटी अन्तर्गत गोगुण्डा पंचायत मिलिशिया सदस्य के रूप में सक्रिय थे। उनके कब्जे से 2 नग टिफिन बम वजनी लगभग 3-3 किग्रा., 3 नग डेटोनेटर, 2 नग जिलेटिन रॉड, कोर्डेक्स वायर लगभग 2 मीटर, इलेक्ट्रिीक वायर लाल काला रंग लगभग 18 मीटर, 2 नग बैटरी बरामद किया गया।
गिरफ्तार नक्सलियों के विरूद्ध थाना केरलापाल में अपराध क्रमांक 19/2025 धारा 4, 5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही उपरांत आज शनिवार को न्यायालय सुकमा के समक्ष पेशकर न्यायिक रिमाण्ड मिलने पर जेल दाखिल किया गया।
सुकमा जिले के 23 संकुल समन्वयकों को नोटिस
सुकमा । सुकमा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार टीएल बैठक में समीक्षा के दौरान शाला त्यागी अप्रवेशी बच्चों को प्रवेश दिलाने में कोताही बरतने वाले संकुल समन्वयकों को नोटिस जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ की प्राथमिकता वाले कार्यक्रम में संकुल समन्वयकों के कोताही बरतने वाले सभी संकुल समन्वयकों को नोटिस जारी किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मनोज कुमार साहू संकुल एलमागुण्डा, सालिक राम बंजारे संकुल गुफडी, रघुवीर नेताम संकुल कस्तरी, दुष्यंत दाउ संकुल लेदा, नरेन्द्र राणा संकुल गुडरा, महादेव बेघेल संकुलसामसट्टी, मानदाता पटेल संकुल मिसमा, रामलाल मरकाम संकुल हमीरगढ़, भीमराज समरथ संकुल बंजेपल्ली, सुरन्द्र प्रताप राज संकुल रामपुरम, देवनाथ कवाची संकुल गोंडेरास, तुलाराम मण्डावी संकुल तालनार, प्रवीण मिश्रा संकुल पेरमारास, रामकुमार वादेकर संकुल किंदरवाडा, पुनित राम सिंन्हा संकुल पेन्टा, हेमन्तदास मानिकपुरी संकुल पोलमपल्ली, रामनारायण दुग्गे संकुल सगुनघाट, लालसिंह नायक संकुल दुब्बाटोटा, महेन्द्र नाग संकुल कुन्ना, दुलेश्वर सिंह कोर्राम संकुल भेज्जी, शेख अब्दुल मतीन संकुल मुलाकिसोली, मंजीत मिंज संकुल पोन्दुम, निखिल चन्द्र सुना संकुल गोंदपल्ली को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गए हैं। समाधानकारक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में प्रशासन के द्वारा एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।
बच्चों ने रैली निकालकर दिया वन्यजीवों के संरक्षण का संदेश
सुकमा । कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन तथा डीएफओ अक्षय भोंसले के मार्गदर्शन में जिले में वन्यप्राणियों के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
वन परिक्षेत्र क्रिस्टाराम में शुक्रवार को विद्यालयीन छात्र-छात्राओं, ग्रामीणजनों एवं जनप्रतिनिधियों के समक्ष वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा वन्यप्राणियों की सुरक्षा, उनके संरक्षण तथा मानव-वन्यप्राणी संघर्ष से बचने के उपायों पर जानकारी दी गई। यह जागरूकता अभियान हाल ही में सुकमा जिले में एक भालू (स्लॉथ बेयर) पर कुछ ग्रामीणों द्वारा की गई क्रूरता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की परिप्रेक्ष्य में आयोजित की गई थी। इस घटना ने वन्यप्राणी संरक्षण के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को उजागर किया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को बताया गया कि वन्यप्राणी हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके साथ मानवीय व्यवहार किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के पश्चात आश्रम परिसर में फलदार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके पश्चात बच्चों के द्वारा गांव में रैली निकालकर और पम्फलेट बांटकर वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। विशेष रूप से यह कार्यक्रम बच्चों में प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता उत्पन्न करने में सफल रहा, जो भविष्य में प्रकृति के सच्चे रक्षक बनेंगे।
वनमंडलाधिकारी सुकमा अक्षय भोंसले के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी गोलापल्ली, क्रिस्टाराम, ग्राम क्रिस्टाराम के सरपंच सुन्नम कामा, सेंदूरगुड़ा के सरपंच कुंजाम हुर्रा एवं वन प्रबंधन समिति अध्यक्ष मल्लम बोज्जी एवं वन विभाग के कर्मचारी और ग्रामीण उपस्थित थे।
जिले की शिक्षा व्यवस्था को दुरूस्त करने लगातार निरीक्षण जारी, 5 शिक्षकों को शोकाज नोटिस जारी
सुकमा । जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में डिप्टी कलेक्टर निधि प्रधान द्वारा सुकमा जिले में संचालित सभी शासकीय विद्यालयों और आश्रम शालाओं का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कई शिक्षकों की लापरवाही उजागर हुई, जिसके संबंध में 5 शिक्षकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।
शिक्षकों के ऊपर कार्यवाही :
बालक आश्रम पाकेला में निरीक्षण के दौरान अशोक ठाकुर, सहायक शिक्षक को 23 जुलाई 2025 को विद्यालय परिसर में नशे की हालत में पाया गया। यह कृत्य न केवल छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 23 का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों के शैक्षणिक वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला माना गया है। हाई स्कूल कोर्रा में प्रभारी प्राचार्य बाबूलाल नाग 22 जुलाई 2025 को बिना किसी पूर्व अनुमति के अनुपस्थित पाए गए। संस्था में अवकाश आवेदन भी प्रस्तुत नहीं किया गया था। इससे विद्यालयीन शैक्षणिक गतिविधियाँ बाधित हुईं। शासकीय कन्या आश्रम शाला हिकमीरास में निरीक्षण के दौरान 14 जुलाई 2025 को कुमारी संगीता नाग, सहायक शिक्षक, और आर.के. बिसी, शिक्षक भी बिना किसी सक्षम अनुमति के अनुपस्थित पाए गए। इसी प्रकार, दिलीप सिंह ठाकुर, प्रधान पाठक, शासकीय कन्या आश्रम शाला हिकमीरास 10 से 14 जुलाई 2025 तक लगातार विद्यालय से अनुपस्थित रहे।
अनुशासनहीनता पर कड़ी चेतावनी :
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि शैक्षणिक कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। उपर्युक्त सभी मामलों में शिक्षकों को 2 दिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी, जिसकी समस्त ज़िम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।
प्रधान पाठक की संदिग्ध हालात में मौत, बाथरूम में मिला शव
सुकमा । जिले के कोंटा थाना क्षेत्र में एक प्रधान पाठक की मौत से सनसनी फैल गई है। मृतक शिक्षक चैन सिंह नेताम का शव सोमवार सुबह उनके घर के बाथरूम में फांसी के फंदे से लटका मिला। वे करीगुंडम स्कूल में पदस्थ थे और कोंटा वार्ड-7 में अपने घर में रह रहे थे।
सूचना मिलते ही कोंटा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। परिजनों के अनुसार, चैन सिंह रविवार की रात खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए थे। सुबह काफी देर तक दरवाजा न खोलने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ा, लेकिन वे कमरे में नहीं मिले। बाथरूम में जाकर देखने पर उनका शव फंदे पर लटका मिला।
परिजनों ने बताया कि चैन सिंह पिछले कुछ दिनों से परेशान थे, लेकिन परेशानी की वजह क्या थी, यह अब तक साफ नहीं हो सका है। उनके इस कदम से परिजन और साथी शिक्षक स्तब्ध हैं। पूरे इलाके में शोक की लहर है।
पुलिस जांच में जुटी:
कोंटा पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, लेकिन मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगी।