छत्तीसगढ़ / सूरजपुर
मातृ-पितृ दिवस पर प्राथमिक शाला उरांवपारा, मदनेश्वरपुर में किया गया भव्य कार्यक्रम
बच्चों ने प्रस्तुत की सांस्कृतिक झलकियां
सूरजपुर/14 फरवरी 2026
रामानुजनागर विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय उरांवपारा, मदनेश्वरपुर में मातृ-पितृ दिवस के अवसर पर बच्चों द्वारा विविध सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं रचनात्मक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं विद्यालय प्रार्थना के साथ हुआ, जिसके पश्चात विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता के सम्मान एवं सेवा का संकल्प लिया।
इस अवसर पर नन्हे विद्यार्थियों ने अपने माता - पिता का आरती तिलक किया, पुष्प वर्षा कर अपने माता पिता आशीर्वाद लिया। बच्चों ने “मेरे माता-पिता”, “माँ का प्यार” एवं “मेरा परिवार” विषयों पर आकर्षक चित्र बनाकर अपनी भावनाओं को रंगों के माध्यम से व्यक्त किया। बच्चों द्वारा तैयार किए गए धन्यवाद कार्ड एवं शुभकामना संदेशों ने उपस्थित अभिभावकों का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने कविता-पाठ, भाषण, समूह गीत एवं प्रेरक नारों के माध्यम से माता-पिता के त्याग, प्रेम, संरक्षण एवं मार्गदर्शन के महत्व को अत्यंत सरल एवं प्रभावी शब्दों में प्रस्तुत किया।
प्रधानपाठक संजय साहू द्वारा माता - पिता के त्याग के बारे मे बच्चों को बताया गया। किस प्रकार माता - पिता अपने बच्चों के लिए सभी खुशियों का बलिदान कर उनका लालन पालन करते है, उन्हें शिक्षा उपलब्ध कराते है, माता - पिता ही उनके प्रथम गुरु होते है,जो उन्हें चलना, बोलना, संस्कार देते है। विद्यार्थियों को सुबह उठकर सर्वप्रथम मातृभूमि को प्रणाम करना चाहिए उसके पश्चात् माता-पिता के चरण छूकर आशीर्वाद लेना चाहिए उसके पश्चात् ही आगे कि दिनचर्या प्रारम्भ करनी चाहिए। माता-पिता का दर्जा भगवान से भी ऊँचा होता है। इसलिए उनके ऋण से किसी जन्म मे मुक्त हो पाना सम्भव नहीं है इसलिए हमेशा उनका आदर करना चाहिए, उनका सत्कार सकना चाहिए, उनके आज्ञा का पालन करना चाहिए। माता-पिता हमारे जीवन के प्रथम गुरु होते हैं और उनके बिना जीवन की कल्पना अधूरी है।
अभिभावकों ने शिक्षकों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को बहुत ही सराहा, निश्चित ही ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों मे अच्छे संस्कार आते हैं। विद्या के मंदिर मे बच्चे सिर्फ किताबी शिक्षा ग्रहण नहीं करते बल्कि संस्कार भी प्राप्त करते है। और ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों को नैतिक संस्कार प्राप्त होते है।अपने उद्बोधन में कहा कि मातृ-पितृ दिवस केवल उत्सव नहीं बल्कि बच्चों में संस्कार, कृतज्ञता एवं पारिवारिक मूल्यों के विकास का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशंसा-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। पूरे आयोजन का उद्देश्य बच्चों में पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक संस्कारों एवं बड़ों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधान पाठक संजय साहू, शिक्षक रामकृपाल साहू, शिक्षिका शोभारानी किसपोट्टा, एनिमा बेक, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
शासकीय महाविद्यालय सिलफिली में युवा उत्सव व वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का हुआ आयोजन
सूरजपुर/14 फरवरी 2026
शासकीय महाविद्यालय सिलफिली में युवा उत्सव व वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य श्री अमित सिंह बनाफर ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री ठाकुर राजवाड़े, सदस्य, महाविद्यालयीन जनभागीदारी समिति, विशिष्ट अतिथि डॉ. रवींद्र तिग्गा, उद्यानिकी कथा वानिकी महाविद्यालय सिलफिली एवं श्री ललित कुमार भगत, कार्यपालन अभियंता विद्युत विभाग के अतिरिक्त श्री शोभनाथ, श्री राजेश कुशवाहा एवं श्री विनोद साहा रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कृति की देवी माँ शारदा के छायाचित्र पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन से किए। इसके साथ ही पुष्पगुच्छ से स्वागत के पश्चात छात्राओं जैतुन निशा तथा नुसरत खातून ने अतिथियों के लिए स्वागत गीत प्रस्तुत किया। छात्राओं जैतून निशा, नुसरत खातून तथा ज्योति राजवाड़े ने छत्तीसगढ़ राजगीत 'अरपा पैरी के धार' के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में एकल नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सुनीता ने तथा दूसरा स्थान विशाखा ने प्राप्त किया। समूह नृत्य प्रतियोगिता में स्वाति मिंज, ज्योति राजवाड़े, रेशमा राजवाड़े, आरती राजवाड़े तथा भारती राजवाड़े के समूह ने बेहतरीन प्रदर्शन कर दर्शकों तथा अतिथियों का मन मोह लिया। वे समूह नृत्य प्रतियोगिता के विजेता रहे। मिर्जावती तथा उसके साथियों ने नशामुक्ति पर आधारित मनमोहक तथा मनोरंजन नाटक प्रस्तुत किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य श्री अमित सिंह बनाफ़र ने महाविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि 2009 ई. से प्रारंभ महाविद्यालय ने कुल 11 छात्र-छात्राओं से अपनी यात्रा प्रारंभ की थी। आज महाविद्यालय में लगभग 300 से अधिक विद्यार्थी अध्यनरत हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं की पढ़ाई लिखाई के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा खेल गतिविधियों के प्रति उनकी रुचि की सराहना की। उन्होंने बताया कि यह महाविद्यालय अन्य महाविद्यालयों की तुलना में अधिक संस्कृत है तथा भविष्य में उसके इसी तरह रहने की अपेक्षा है।
मुख्य अतिथि श्री ठाकुर राजवाड़े ने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम करते रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक समस्याओं के प्रति जागरुक होना भी विद्यार्थियों के लिए जरूरी है। वर्तमान में संयुक्त परिवार टूट रहे हैं और उनके टूटने में मोबाइल की अहम भूमिका है। मोबाइल पर निर्भरता से बच्चों का कैरियर भी प्रभावित हो रहा है इसीलिए उन्हें उससे दूरी बनानी चाहिए अथवा उसका सही उपयोग करना चाहिए। वर्तमान समय में पर्यावरण के प्रदूषित होते चले जाने से विकट परिस्थितियाँ पैदा हो रही हैं इसीलिए सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना चाहिए तथा अधिक से अधिक पेड़ लगाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यार्थियों को स्व की पहचान होनी चाहिए। उसी से उनके जीवन जीवन का समुचित विकास हो सकेगा।
डॉ. रवींद्र तिग्गा ने कृषि कार्यों के द्वारा रोजगार प्राप्त करने के तरीके बताए। उन्होंने बताया कि सिलफिली सब्जी तथा फूलों के उत्पादन के लिए जाना जाता है। यहाँ हम गेंदे तथा गुलाब के अतिरिक्त अनेक दुर्लभ फूलों तथा सब्जियों का उत्पादन के द्वारा आर्थिक लाभ अर्जित कर सकते है। यहाँ ब्रोकली तथा मशरूम की विभिन्न प्रजातियों का उत्पादन हो सकता है। श्री ललित कुमार भगत ने रोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी। श्री विनोद साहा, श्री शोभनाथ, श्री राजेश कुशवाहा तथा श्री राहुल भगत ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।
कार्यक्रम के संचालक सहायक प्राध्यापक डॉ. अजय कुमार तिवारी ने बताया कि लोक संस्कृति का बड़ा महत्त्व है। वर्तमान युवा पीढ़ी जितनी तेज गति से पाश्चात्य सभ्यता से प्रभावित हो रही है। लोक गीत लोक नृत्य तथा लोक परंपराओं का क्षरण निश्चित है इसीलिए महाविद्यालय के अधिकांश कार्यक्रम लोक परंपराओं तथा लोक संस्कृति पर आधारित होते हैं। उन्होंने बताया कि वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में वर्ष भर की सांस्कृतिक-साहित्यिक तथा खेल संबंधी सभी गतिविधियों के लिए छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया जाता है। पुरस्कार वितरण प्रारंभ होने से पूर्व अतिथियों के आग्रह पर श्रेष्ठ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को पुनः प्रस्तुत किया गया। जिसमें स्वाति मिंज ने भरधरी लोक गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैतुन निशा तथा साथियों ने समूह गायन प्रस्तुत किया। इसके पश्चात सुनीता ने एकल नृत्य तथा ज्योति राजवाड़े और उनके साथियों ने समूह नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को आनंद से भर दिया। अंत में भूतपूर्व छात्रा अंसा राजवाड़े ने मनमोहक नृत्य कर महाविद्यालय परिवार के प्रति भूतपूर्व छात्रों के लगाव को व्यक्त किया।
प्रस्तुतियों के पश्चात वर्ष भर की खेल तथा सांस्कृतिक-साहित्यिक गतिविधियों के अतिरिक्त युवा उत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं तथा उपविजेताओं को प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह एवं मेडल से सम्मानित किया गया। इसी क्रम में सत्र 2024-25 में स्रातक कला वाणिज्य तथा विज्ञान संकाय में सर्वश्रेष्ठ प्राप्तांक हेतु क्रमशः वर्षा राजवाड़े, आरती विश्वास तथा निक्की गुप्ता को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी डॉ. अजय कुमार तिवारी ने समस्त अतिथियों, अभिभावकों, भूतपूर्व छात्रों, वर्तमान छात्र-छात्राओं तथा आयोजन में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह को सफलतापूर्वक संपन्न करने में प्राध्यापक वर्ग से श्रीमती प्रेमलता एक्का, श्रीमती शालिनी शांता कुजूर, श्रीमती अंजना, श्री आशीष कौशिक, अतिथि व्याख्याता श्री जफ़ीर, डॉ अरुणा त्रिपाठी, सुश्री करीना राठौर के साथ-साथ श्री बिरेन्द्र प्रसाद सिन्हा, श्री ताराचंद साहू, श्री अशोक राजवाड़े, श्री दिनेश, श्री हेमंत तथा श्री जय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर अभिभावक गण तथा महाविद्यालय के भूतपूर्व छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
ग्राम बैजनाथपुर में नशा मुक्ति का संदेश लेकर राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविर का किया गया शुभारंभ
सूरजपुर/14 फरवरी 2026
राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई शासकीय नवीन महाविद्यालय ओड़गी का विशेष सात दिवसीय शिविर ग्राम बैजनाथपुर में 13 फरवरी को प्रारंभ हुआ इस वर्ष शिविर की थीम "नशा मुक्त" समाज के लिए युवा पर आधारित है।
शिविर के उदघाटन जनपद सदस्य प्रतिनिधि सुश्री नेहा सिंह की मुख्य अतिथि में तथा ग्राम सरपंच दुलार सिंह आगरे की अध्यक्षता में स्वामी विवेकानंद, मां सरस्वती, तथा छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया गया।
महाविद्यालय प्राचार्य व राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी रंजीत कुमार सातपुते ने अपने शुरुआती उदबोधन में शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत की उन्होंने कहा इस शिविर को लगाने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों तथा समाज के व्यक्तियों में जन जागरूकता जगाना है जिसके अंतर्गत समाज में स्वच्छता,स्वास्थ्य,मतदाता जागरूकता,नशा मुक्ति, बाल विवाह, पर्यावरण संरक्षण,प्रकृति प्रेम आदि है।
सुश्री नेहा सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहां की मैं भी अपने अपने विद्यार्थी जीवन में राष्ट्रीय सेवा योजना आयोग इकाई से जुड़ी हुई थी अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना व्यक्ति में आत्म अनुशासन सिखाता है साथ-ही समाज से जुड़ने का मौका प्रदान करता है ग्राम सरपंच आगरे जी ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि स्वयंसेवक हमारे ग्राम आए हैं यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है निश्चित ही स्वयंसेवक सात दिन यहां रहकर ग्राम में अनेक प्रकार की जागरूकता फैलाएंगे शिविर मे विशेष योगदान करने कु. सीता इस शिविर मे अपनी सहभागिता कर रही है।
इस शिविर के आयोजन में विशेष भूमिका निभाने में महाविद्यालय से सहायक प्राध्यापक दिनेश कुमार, डॉ. राहुल साहू, डॉ. अनिल कुमार एवं डॉ. सुजीत कुमार उपस्थित थे।
जिला बाल संरक्षण की टीम द्वारा रोकवाई गई दो नाबालिको का विवाह
सूरजपुर, 09 फरवरी 2026

जिला सूरजपुर में कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देश पर बाल विवाह पर प्रशासन की टीम कड़ी नजर रख रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री शुभम बंसल के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग सूरजपुर को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने को अग्रसर है। जिला बाल संरक्षण श्री अधिकारी मनोज जायसवाल को दो अलग-अलग विकासखण्ड सूरजपुर एवं रामानुजनगर में सूचना प्राप्त हुई कि 16 वर्षीय लड़कियां जो ग्यारहवी में अध्ययनरत हैं उसकी सगाई कर घर वाले विवाह करने वाले है।
सूचना के बाद जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने दोनो का सत्यापन स्कूलों से कराया और दोनो नाबालिकों की उम्र 16 वर्ष पाये जाने पर मौके पर दो टीमे भेजी गई और सगाई के समय ही सभी को समझाईस दी गई।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि छ.ग. शासन ने ग्राम पचांयत के समस्त सचिवों एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के समस्त पर्यवेक्षको को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी बनाया है। सभी की जिम्मेदारी है कि उनके ग्राम पंचायत एवं सेक्टर में बाल विवाह ना हो। एवं बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों के सम्बन्ध में जानकारी दी गई।
बाल विवाह प्रतिशेध अधिनियम 2006 के अन्तर्गत सजा के सम्बन्ध में भी बताया गया दोनो स्थानों में बालिकाओं को आगे की पढ़ाई जारी रखने और शिक्षा से ही सब कुछ प्राप्त होने की समझाईस दी गई। लड़की एवं परिवार वालो ने पहले पढाई फिर विदाई को स्वीकार किया और बालिका की शिक्षा को जारी रखने और उम्र हो जाने पर विवाह करने को तैयार हुए। इस आशय का पंचनामा एवं कथन लेकर विवाह को स्थगित करा दिया गया।
बाल विवाह रोकवाने वालों में जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री मनोज जायसवाल, रामानुजनगर परियोजना अधिकारी सुश्री अनुराधा आर्या, सूरजपुर पर्यवेक्षक श्रीमति दीपा बैरागी, चाईल्ड लाईन से श्री दिनेश यादव, श्रीमती यशोदा गुप्ता, पुलिस विभाग से श्री शिवलोचन पैकरा, श्री रामप्रकाश उपस्थित थे।
शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था द्वारा मेहमान प्रवक्ता हेतु 11 तक आवेदन
सूरजपुर । शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था सूरजपुर के नोडल क्षेत्र के अंतर्गत जिला सूरजपुर में संचालित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में प्रशिक्षण अधिकारी के स्वीकृत पदों के रिक्त पदों के विरुद्ध व्यवसायो/विषयों के लिये प्रशिक्षण सत्र 2025-26 हेतु मेहमान प्रवक्ता (गेस्ट लेक्चर) हेतु निर्धारित प्रारूप में आवेदन आमंत्रित किया गया हैं। जिसमें कोपा (कम्प्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट) हेतु 01 पद, प्लंबर हेतु 01 पद एवं विद्युत कार हेतु 01 पद कुल 03 पद रिक्त हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 11 फरवरी अपरान्ह 5:30 बजे तक है। आवेदको द्वारा स्पीड पोस्ट,पंजीकृत डाक, स्वयं नोडल आईटीआई सूरजपुर में उपस्थित होकर जमा कर सकते है। निर्धारित अंतिम तिथि एवं समय के पश्चात प्राप्त/जमा आवेदनो पर विचार नहीं किया जावेगा। अधिक जानकारी हेतु रोजगार और नियोजन के आगामी अंक शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था सूरजपुर की सूचना पटल (नोटिस बोर्ड) पर देख सकते हैं एवं सूरजपुर के एन.आई.सी. के वेबसाईट Surajpur.nic.in से डाउनलोड कर सकतें हैं।
09 फरवरी से सोमवार को लगेगा कलेक्टर जनदर्शन
सूरजपुर 08 फरवरी 2026
कलेक्टर जनदर्शन के समय में संशोधन किया गया है, 09 फरवरी से जनदर्शन मंगलवार की जगह प्रत्येक सोमवार को आयोजित किया जायेगा। इसके साथ ही समय-सीमा, राजस्व, कानून व्यवस्था, सड़क सुरक्षा समिति, NCORD, छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम और दोषमुक्ति प्रकरणों की
समीक्षा/ पास्को अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों के सम्बंध में जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक भी प्रत्येक सोमवार को अपने पूर्व निर्धारित समय से आयोजित की जायेगी।
जिला प्रशासन की आमजन से अपील है कि जनदर्शन के लिए सोमवार को अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें ।
कलेक्टर की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक संपन्न
सूरजपुर, 03 फरवरी 2026
कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन ने आज राजस्व विभाग के कामकाजों की समीक्षा की। उन्होंने अनुविभाग एवं तहसीलवार राजस्व प्रकरणों की गहन समीक्षा की। उन्होंने न्यायालयवार राजस्व प्रकरणों की जानकारी लेते हुए उनके निराकरण के अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी प्रकरण समय-सीमा के भीतर ही निराकृत किये जाये। बैठक में अभिलेख सुधार, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, भू-अर्जन, पट्टा, अभिलेख का दुरुस्तीकरण सहित अन्य राजस्व प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने धान खरीदी के सम्बन्ध में भी जानकारी ली । इसके अलावा एस आई आर के तहत नो मैपिंग मतदाताओं के सम्बन्ध में भी आवश्यक चर्चा की।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री जगन्नाथ वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र शर्मा,डिप्टी कलेक्टर,सर्व एसडीएम व अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।
सूरजपुर में 28 से 30 जनवरी सामान्य भविष्य निधि शिविर का किया जा रहा आयोजन
सूरजपुर/20 जनवरी 2026
महालेखाकार, छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) से संबंधित लंबित एवं जटिल प्रकरणों के निराकरण हेतु सूरजपुर जिले में विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर दिनांक 28, 29 एवं 30 जनवरी 2026 को जनपद पंचायत सूरजपुर के सभाकक्ष में आयोजित होगा।
शिविर में उन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा, जिनका सामान्य भविष्य निधि का अंतिम भुगतान प्रकरण महालेखाकार कार्यालय को प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसके साथ ही ऋणात्मक शेष (नेगेटिव बेलेंस) वाले प्रकरण, ऐसे कर्मचारी जो सेवानिवृत्त अथवा दिवंगत हो चुके हैं, और जिनके जीपीएफ खाते में ऋणात्मक शेष है, तथा वे प्रकरण जिनमें अंतिम भुगतान अब तक प्रस्तुत नहीं हुआ है, शामिल रहेंगे।
इसके अतिरिक्त, उन कर्मचारियों के मिसिंग क्रेडिट से संबंधित प्रकरणों का भी समाधान किया जाएगा, जिनका सामान्य भविष्य निधि अंशदान उनके जीपीएफ खाते में क्रेडिट नहीं हुआ है। सूरजपुर जिले के समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित सामान्य भविष्य निधि के लंबित प्रकरणों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथियों में महालेखाकार रायपुर द्वारा आयोजित इस शिविर में प्रस्तुत करें, ताकि प्रकरणों का शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
26 जनवरी को हर ग्राम में लगेगा ‘उल्लास मेला’, नव साक्षरों को मिलेगा सीखने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर
सूरजपुर/20 जनवरी 2026
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत संचालित उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के प्रत्येक ग्राम में उल्लास मेला आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण, रायपुर द्वारा 12 जनवरी 2026 को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
उल्लास कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के उन व्यस्कों को सशक्त बनाना है, जिन्होंने औपचारिक स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं की है। राज्य में वर्ष 2023 से प्रारंभ इस कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक लगभग 10 लाख नव साक्षर साक्षर हो चुके हैं, जिन्हें एनआईओएस के माध्यम से प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए हैं।
गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाले उल्लास मेले में बुनियादी साक्षरता, संख्याज्ञान, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य साक्षरता एवं जीवन कौशल से संबंधित विभिन्न स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों का निर्माण एवं संचालन नव साक्षर, स्वयंसेवक एवं शिक्षार्थियों द्वारा किया जाएगा, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
निर्देशानुसार मेला ध्वजारोहण कार्यक्रम के पश्चात् आयोजित किया जाएगा। ग्राम प्रभारी द्वारा स्टॉल संचालन की पूर्व तैयारी कराई जाएगी तथा दो दिन पूर्व मेले का डेमो अनिवार्य रूप से किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ उल्लास शपथ के साथ होगा। आवश्यकता अनुसार सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं फूड स्टॉल भी लगाए जा सकेंगे।
उल्लास मेला केवल 26 जनवरी तक सीमित न रहकर आगामी राष्ट्रीय पर्वों, त्योहारों एवं महत्वपूर्ण दिवसों पर भी आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया, टी.वी, रेडियो एवं अन्य माध्यमों से किया जाएगा। आयोजन से संबंधित समस्त जानकारी 10 फरवरी 2026 तक जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण कार्यालय को भेजी जाएगी। उल्लास मेला नव साक्षरों को शिक्षा के साथ-साथ जीवनोपयोगी कौशलों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सूरजपुर जिले को पूर्ण साक्षर करने कलेक्टर ने जारी किए निर्देश
सूरजपुर/20 जनवरी 2026
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप जिले को पूर्ण साक्षर घोषित किए जाने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन की ओर से समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक (समग्र शिक्षा) एवं विकासखंड परियोजना अधिकारी (साक्षरता) को निर्देश जारी किए गए हैं।
यह निर्देश कार्यालय राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर के पत्र के संदर्भ में जारी किए गए हैं। पत्र में उल्लेख किया गया है कि बुनियादी साक्षरता, शिक्षा प्राप्त करने और जीविकोपार्जन का अवसर प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। साक्षरता न केवल व्यक्ति के व्यक्तित्व, नागरिक एवं आर्थिक विकास में सहायक है, बल्कि आजीवन सीखने के नए अवसर भी प्रदान करती है। इसी उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, जिसका लक्ष्य 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे वयस्कों को सशक्त बनाना है, जिन्होंने औपचारिक स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं की है।
पत्र में साक्षरता की स्पष्ट परिभाषा देते हुए बताया गया है कि साक्षरता का आशय केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समझ के साथ गणना करने की क्षमता, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता एवं अन्य महत्वपूर्ण जीवन कौशलों से भी जुड़ा हुआ है। किसी राज्य या जिले में 95 प्रतिशत साक्षरता स्तर प्राप्त होने पर उसे पूर्ण साक्षर के समतुल्य माना जा सकता है। उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक मूल्यांकन परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात गैर-साक्षर व्यक्ति को साक्षर घोषित किया जाएगा।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करते हुए जिले में चिन्हित निरक्षर व्यक्तियों को उल्लास कार्यक्रम से जोड़कर साक्षर घोषित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए तथा की गई कार्यवाही से जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण सूरजपुर को अवगत कराया जाए।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (IICDEM)2026, 21 से 23 जनवरी तक
70 से अधिक देशों के लगभग 100 प्रतिनिधि होंगे शामिल
तीन दिनों में 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें, 36 ब्रेकआउट सत्र प्रस्तावित
सूरजपुर /20 जनवरी 2026
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन पर पहले इंडिया इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IICDEM) 2026 के आयोजन के लिए पूर्णतः तैयार है। तीन दिवसीय यह सम्मेलन, भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (IICDEM) द्वारा 21 जनवरी से आयोजित किया जा रहा है, जो नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में संपन्न होगा।
IICDEM 2026, लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन के क्षेत्र में भारत द्वारा आयोजित अब तक का अपनी तरह का सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन होने जा रहा है। इसमें विश्व के 70 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए लगभग 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की भागीदारी अपेक्षित है। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, भारत में स्थित विदेशी मिशनों तथा निर्वाचन क्षेत्र के अकादमिक एवं व्यावहारिक विशेषज्ञ भी सम्मेलन में सम्मिलित होंगे।
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू एवं डॉ. विवेक जोशी के साथ, 21 जनवरी 2026 को आयोजित उद्घाटन सत्र में प्रतिनिधियों का स्वागत करेंगे तथा सम्मेलन की कार्यवाही का शुभारंभ करेंगे।
तीन दिवसीय कार्यक्रम में निर्वाचन प्रबंधन निकायों (ईएमबीएस)के सामान्य एवं पूर्ण सत्र शामिल होंगे, जिनमें उद्घाटन सत्र, ईएमबी नेताओं का पूर्ण सत्र, ईएमबी कार्य समूह बैठके, साथ ही वैश्विक निर्वाचन संबंधी मुद्दों, आदर्श अंतरराष्ट्रीय निर्वाचन मानकों तथा निर्वाचन प्रक्रियाओं में नवाचार एवं सर्वोत्तम प्रथाओं पर केंद्रित विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे।
सम्मेलन के दौरान कुल 36 विषयगत समूहों द्वारा गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। इन समूहों का नेतृत्व राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) करेंगे तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अकादमिक विशेषज्ञों का सहयोग प्राप्त होगा। इन चर्चाओं में 4 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटीएस), 6 भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएमएस), 12 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयूएस) तथा भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थाओं की भागीदारी भी होगी।
भारत निर्वाचन आयोग विश्वभर के निर्वाचन प्रबंधन निकायों के समक्ष उपस्थित विभिन्न चुनौतियों पर सहयोग एवं विमर्श को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें आयोजित करेगा। इस अवसर पर आयोग द्वारा निर्वाचन संबंधी समस्त जानकारी एवं सेवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल मंच ECINET का औपचारिक शुभारंभ भी किया जाएगा।
सम्मेलन के साथ-साथ एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें भारत में निर्वाचन प्रक्रिया के विशाल स्वरूप एवं जटिलता के साथ-साथ निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन सूची की तैयारी और चुनाव संचालन, इन दोनों प्रमुख स्तंभों को सुदृढ़ करने हेतु हाल में की गई पहलों को प्रदर्शित किया जाएगा।
IICDEM-2026 के प्रथम दिवस पर विश्व के सबसे बड़े चुनाव, लोकसभा चुनाव 2024, की परिकल्पना एवं क्रियान्वयन को रेखांकित करने वाली डॉक्यू-सीरीज़ “इंडिया डिसाइड्स” का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
जन-जन को साक्षर बनाने कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन ने दिलाई शपथ
सूरजपुर/20 जनवरी 2026
जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के मार्गदर्शन में उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत व्यापक स्तर पर अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन ने सभी जिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जन-जन को साक्षर बनाने की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण के दौरान अधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे उल्लास - नव भारत साक्षरता कार्यक्रम से जुड़कर शिक्षार्थियों को शिक्षा प्रदान करेंगे तथा कर्तव्यपूर्ण भाव से इसमें सक्रिय योगदान देंगे। शपथ में यह भी प्रतिज्ञा की गई कि शिक्षार्थियों को साक्षर बनाने हेतु अपने पूर्ण ज्ञान एवं कौशल का उपयोग किया जाएगा और समाज के प्रत्येक वर्ग को साक्षर बनाने के लिए लोगों को निरंतर प्रेरित किया जाएगा।
शपथ में यह संकल्प दोहराया गया कि देश का प्रत्येक नागरिक साक्षर बने, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे और साक्षरता अभियान को जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन ने कहा कि साक्षरता किसी भी समाज के विकास की आधारशिला है। उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे नागरिकों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो अब तक औपचारिक शिक्षा से वंचित रहे हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए जिले को पूर्ण साक्षर बनाने में योगदान दें।
ग्रामीण समन्वय से केशवनगर फीकल स्लज प्रबंधन इकाई का संचालन प्रारंभ
सूरजपुर/20 जनवरी 2026 कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जनपद सूरजपुर की ग्राम पंचायत केशवनगर में निर्मित फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) का नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के समन्वय से सुचारू संचालन प्रारंभ कर दिया गया है। इस पहल के तहत नगर पंचायत विश्रामपुर के डी-स्लज वाहन के माध्यम से ग्राम पंचायत क्षेत्र के सेप्टिक टैंकों की डी - स्लजिंग की जा रही है। एकत्रित मलिय कीचड़ को केशवनगर स्थित एफएसटीपी प्लांट में वैज्ञानिक एवं सुरक्षित उपचार प्रक्रिया से गुजारकर उसका पर्यावरण अनुकूल निपटान किया जा रहा है।
इस व्यवस्था से पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी, मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहेगी, भू-जल प्रदूषण से बचाव होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही यह पहल स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लक्ष्यों की प्राप्ति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। संयंत्र के क्रियाशील होने से जिले में मलिय कीचड़ प्रबंधन को एक नई दिशा मिली है।
इस उद्देश्य से ग्राम पंचायत क्षेत्रों में नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही निकटवर्ती नगरीय निकायों के डी-स्लज वाहन चालकों के मोबाइल नंबर पंचायतों के सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित कराए जा रहे हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर नागरिक आसानी से संपर्क कर सकें।
इस कार्य में नगर पंचायत विश्रामपुर के सीएमओ एवं नगर पालिका सूरजपुर का सक्रिय सहयोग प्राप्त हो रहा है। वर्तमान में जिले की समस्त 6 नगरीय निकायों से उपलब्ध डी-स्लज वाहनों हेतु अनुबंध किया जा चुका है, जिससे जिले में फीकल स्लज प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।
हृदय रोग से पीड़ित बच्ची का सफल निःशुल्क उपचार, सीएमएचओ ने किया गृह भ्रमण
सूरजपुर/20 जनवरी 2026विगत दिवस मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री कपिल देव पैकरा एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) द्वारा विकासखंड प्रेमनगर के ग्राम नवापारा कला में हृदय रोग से पीड़ित बच्ची आल्या, पिता श्री धन साय के निवास पर गृह भ्रमण किया गया। उल्लेखनीय है कि बच्ची का सफल निःशुल्क ऑपरेशन आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) के माध्यम से श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल, रायपुर में कराया गया था।
गृह भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा बच्ची का आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा परिजनों से बच्ची के वर्तमान स्वास्थ्य की जानकारी ली गई। जांच में बच्ची पूर्णतः स्वस्थ पाई गई। उपचार से संतुष्ट परिजनों ने जिला प्रशासन सूरजपुर एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देशानुसार जिले के हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल, रायपुर के सहयोग से निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल से जिले के जरूरतमंद बच्चों को समय पर उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा मिल रही है, जिससे उनके जीवन को नई दिशा मिल रही है।
युवाओं के सपनों को पंख दे रही अरुणोदय कोचिंग
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बच्चों से किया संवाद, बताया सफलता का मार्ग
कहा-लक्ष्य निर्धारित करें, बड़े सपने देखें और उन्हें साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और परिश्रम से जुट जाएं
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन की पहल को सराहा
कलेक्टर को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नवीनतम पुस्तिकें खरीदने के दिए निर्देश
डीएमएफ राशि से शिक्षा क्षेत्र में दिख रहा सकारात्मक बदलाव



मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने सूरजपुर प्रवास के दौरान डीएमएफ फंड से स्थापित अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट में अध्ययनरत विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी तैयारी, अनुभव और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली तथा संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों को नजदीक से देखा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री को बताया गया कि अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट एक पूर्णतः शासकीय एवं निःशुल्क कोचिंग व्यवस्था है, जहां विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विशेषज्ञ मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और शैक्षणिक सहयोग बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराया जाता है। यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आशा का केंद्र बनकर उभरी है।
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि इस कोचिंग संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थियों ने पीएससी, व्यापम, एसएससी, रेलवे, शिक्षक भर्ती सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। इन सफलताओं ने न केवल विद्यार्थियों के जीवन की दिशा बदली है, बल्कि जिले की शैक्षणिक पहचान को भी सशक्त किया है।
विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परिणाम अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट की सुदृढ़ शैक्षणिक योजना, समर्पित शिक्षकों और प्रशासनिक सहयोग का प्रतिफल है। उन्होंने संस्थान को जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए इसकी सराहना की। मुख्यमंत्री ने अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना, संचालन और प्रभावी प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन को विशेष रूप से बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जब प्रशासनिक संकल्प और सामाजिक दायित्व एक साथ जुड़ते हैं, तो ऐसे सकारात्मक और दूरगामी परिणाम सामने आते हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने डीएमएफ फंड की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह फंड खनन से प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास और वहां निवासरत लोगों के कल्याण के लिए प्रारंभ किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खनिज क्षेत्रों के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएमएफ फंड के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से दूरस्थ और पिछड़े अंचलों में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट इसका सशक्त उदाहरण है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को ट्राइबल यूथ हॉस्टल, दिल्ली के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक विद्यार्थी वहां निःशुल्क रहकर उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर प्राप्त होता है।
मुख्यमंत्री ने रायपुर स्थित नालंदा परिसर की सुविधाओं के बारे में बताया कि वहां विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अध्ययन की समृद्ध व्यवस्था उपलब्ध है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक सभी संसाधन एक ही स्थान पर उपलब्ध कराए गए हैं।
नालंदा परिसर की सफलता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 34 स्थानों पर हाईटेक लाइब्रेरी के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरजपुर में भी विद्यार्थियों के लिए आधुनिक लाइब्रेरी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य शासन पीएससी परीक्षा को यूपीएससी की तर्ज पर पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने के लिए सतत कार्य कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज राज्य के कमजोर आर्थिक स्थिति वाले बच्चे भी पीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाएं उत्तीर्ण कर आगे बढ़ रहे हैं, जो शासन की नीतियों, पारदर्शी व्यवस्था और अवसरों की समान उपलब्धता का सकारात्मक परिणाम है।
संवाद के दौरान छात्र देवेंद्र ने अद्यतन पुस्तकों की आवश्यकता का विषय मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत संवेदनशील निर्णय लेते हुए अपने स्वेच्छानुदान से आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराने हेतु कलेक्टर को निर्देशित किया। वहीं पीएससी की तैयारी कर रहीं छात्रा गीता सिंह ने अध्ययन के साथ स्वास्थ्य संतुलन बनाए रखने को लेकर प्रश्न किया।मुख्यमंत्री ने आत्मीय भाव से अपनी दिनचर्या साझा करते हुए समय पर उठने, नियमित योग करने, अपने इष्ट देव का स्मरण करने तथा समय पर भोजन करने की सलाह दी।
अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से अपने पंच, सरपंच, विधायक और सांसद से मुख्यमंत्री बनने तक के जीवन सफर के अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि व्यर्थ की बातों पर ध्यान न दें, लक्ष्य निर्धारित करें, बड़े सपने देखें और उन्हें साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और परिश्रम से जुट जाएं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को देश का भविष्य बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
सूरजपुर में शासकीय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसके लिए अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और सेवाभाव के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिला अधिकारी मैदानी स्तर पर भ्रमण करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करें सभी फील्ड स्तर के अधिकारी अपने मुख्यालय में रहें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कल सूरजपुर जिले में विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों की क्रियान्वयन की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर को चाँदनी बिहारपुर जैसे दूरस्थ अंचलों में बुनियादी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव बना कर भेजने के निर्देश दिए ताकि उन स्थानो पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सके। उन्होंने बैठक में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की समीक्षा में कहा कि किसानों को धान खरीदी केन्द्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। किसानों को धान बेचने किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली बिल योजना के बेहतर क्रियान्वयन, सड़कों का गुणवत्तायुक्त तथा समय-सीमा में पूर्ण करने और स्वास्थ्य अमले को अस्पतालों में सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर कलेक्टर श्री एस.जयवर्धन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत कुमार ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ श्री विजेन्द्र पाटले सभी जिला अधिकारी उपस्थित थे।
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