छत्तीसगढ़ / बस्तर
लिंग आधारित हिंसा समाप्ति हेतु सिदेसर में विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन
उत्तर बस्तर कांकेर 11 दिसंबर 2025
कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा महिला सशक्तिकरण केन्द्र (हब) एवं ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजनांतर्गत लिंग आधारित हिंसा समाप्ति पर 16 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिदेसर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लिंग आधारित हिंसा कारण एवं दुष्प्रभाव तथा इसे समाप्त करने में हमारी भूमिका बारे में जानकारी दी गई। ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजनांतर्गत ‘हर बेटी है खास’ विषय पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बालिकाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उक्त प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को उपलब्ध विशेष अधिकारों पर चर्चा की गई तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं जैसे- महिला हेल्पलाइन 181, सखी वन स्टॉप सेन्टर, सखी निवास, शक्ति सदन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, घरेलू हिंसा, सी बॉक्स पोर्टल, पोक्सो एक्ट, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, बाल विवाह एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। उक्त कार्यक्रम में महिला सशक्तिरण केन्द्र से जेण्डर विशेषज्ञ, वित्तीय साक्षरता समन्वय विशेषज्ञ, प्राचार्य, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
कुटीर उद्योग की स्थापना हेतु बैंकों से ऋण उपलब्ध कराने आवेदन आमंत्रित
उत्तर बस्तर कांकेर 11 दिसंबर 2025
छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योग की स्थापना के लिए बैंको के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया है। कुटीर उद्योग स्थापना के लिए शासन द्वारा 35 प्रतिशत अनुदान का लाभ दिया जाता है।
ग्रामोद्योग जिला पंचायत के सहायक संचालक ने बताया कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को सायकल रिपेयरिंग, मोबाईल रिपेयरिंग, इलेक्टॉ्रनिक रिपेयरिंग ब्यूटी पार्लर, फोटो कॉपी, विडियोग्राफी, मंडप डेकोरेशन, कम्प्यूटर सेंटर होटल इत्यादि के लिये 01 लाख रूपये एवं विनिर्माण क्षेत्र जैसे फेब्रिकेशन, दूध निर्माण, दोना पत्तल निर्माण, मोमबत्ती निर्माण, अगरबत्ती निर्माण, पशु चारा निर्माण, सिलाई कार्य, मसाला निर्माण, दलिया निर्माण, इत्यादि के लिए 03 लाख रूपये तक का ऋण बैंक के माध्यम से प्रदान किया जाता है। इसमें 35 प्रतिशत अनुदान का लाभ दिया जाता है। इस योजना में हितग्राही को परियोजना लागत का 05 प्रतिशत अनुदान स्वयं को लगाना होता है। आवेदक की आयु सीमा 18 वर्ष से 45 वर्ष के बीच होना चाहिए। उन्होंने बताया कि आवेदन के साथ पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र की अकंसूची, ग्राम पंचायत द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र, अनुभव प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, बैंक पासबुक, पैन कार्ड इत्यादि की छायाप्रति एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। आवेदन पत्र सहायक संचालक छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड जिला पंचायत कार्यालय कांकेर में जमा किया जा सकता है।
मानव अधिकार दिवस के अवसर पर प्रधान जिला एंव सत्र न्यायाधीश द्वारा किया गया जिला जेल कांकेर का निरीक्षण
उत्तर बस्तउत्तर बस्तर कांकेर, 11 दिसम्बर 2025
मानवाधिकार दिवस के अवसर पर बुधवार 10 दिसम्बर को जिला जेल कांकेर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री संजीव कुमार टामक के द्वारा जिला जेल कांकेर का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान बंदियों को उनके अधिकार के बारे में जानकारी देते हुए जागरूक किया और बंदियों की मानसिक, शारीरिक स्थिति को ध्यान मे रखते हुए व्यायाम करवाने की बात कही गई। साथ ही जिला जेल का निरीक्षण कर टेक्नॉलोजी की उपयोगिता बढ़ाने की सलाह दी गई जिससे बंदियों की समस्याओं का समाधान जल्द हो सके। इस अवसर पर कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कांकेर श्री भास्कर मिश्र, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शान्ति प्रभु जैन सहित न्यायिक अधिकारी, जिला जेल स्टाफ आदि उपस्थित थे।र कांकेर, 11 दिसम्बर 2025
मानवाधिकार दिवस के अवसर पर बुधवार 10 दिसम्बर को जिला जेल कांकेर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री संजीव कुमार टामक के द्वारा जिला जेल कांकेर का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान बंदियों को उनके अधिकार के बारे में जानकारी देते हुए जागरूक किया और बंदियों की मानसिक, शारीरिक स्थिति को ध्यान मे रखते हुए व्यायाम करवाने की बात कही गई। साथ ही जिला जेल का निरीक्षण कर टेक्नॉलोजी की उपयोगिता बढ़ाने की सलाह दी गई जिससे बंदियों की समस्याओं का समाधान जल्द हो सके। इस अवसर पर कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कांकेर श्री भास्कर मिश्र, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शान्ति प्रभु जैन सहित न्यायिक अधिकारी, जिला जेल स्टाफ आदि उपस्थित थे।
बस्तर ओलम्पिक के शुभारम्भ में शामिल हुईं बॉक्सर मैरी कॉम
आपका मुख्यमंत्री आपके समाज के बीच का है, आपका भाई है....आप आगे बढ़ें, सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है - मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने संभाग स्तरीय बस्तर ओलम्पिक का किया विधिवत शुभारंभ
बस्तर संभाग के सातों जिलों और नुवाबाट के खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्चपास्ट प्रस्तुत कर दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
बस्तर अब शांति, समरसता और समृद्धि की ओर अग्रसर-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
रायपुर, 11 दिसंबर 2025



आपका मुख्यमंत्री आपके समाज के बीच का है, आपका भाई है....आप आगे बढ़ें, सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बस्तर ओलिंपिक 2025 के तहत संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के शुभारंभ के अवसर पर संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज जगदलपुर के स्थानीय इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में संभाग स्तरीय बस्तर ओलिंपिक का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने समूचे बस्तर संभाग के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान बस्तर संभाग के सभी सातों जिलों के खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्चपास्ट प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बस्तर के गांव-गांव तक विकास की धारा पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप बस्तर अब शांति, समरसता और समृद्धि की ओर निरंतर अग्रसर हो रहा है और प्रदेश तथा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर के युवाओं ने बड़ी संख्या में इस महती आयोजन में भाग लेकर इसे सफल और ऐतिहासिक बनाया है। सबसे अधिक हर्ष की बात यह है कि बस्तर ओलम्पिक में नुवाबाट के प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक शामिल होकर इसे एक विशेष आयाम प्रदान किया है। बड़ी संख्या में बेटियों और बहनों की सहभागिता यह प्रमाणित करती है कि बस्तर में महिला सशक्तिकरण नई दिशा ले रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार बस्तर के युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें विकास में सहभागी बनाने के लिए कटिबद्ध है। यही कारण है कि बस्तर के युवा लोकतंत्र में आस्था एवं विश्वास के साथ आगे आ रहे हैं और विकास यात्रा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक खेल प्रतियोगिता के विजेता आने वाले समय में खिलाड़ियों के लिए रोल मॉडल बनेंगे। सरकार बस्तर के युवाओं को बेहतर अवसर एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करेगी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक स्पर्धाओं में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर आने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः तीन-तीन करोड़, दो करोड़ तथा एक करोड़ रुपए की सम्मान निधि प्रदान की जाएगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक न केवल युवाओं को खेल के माध्यम से आगे बढ़ाने की पहल है, बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि बस्तर में खेल अधोसंरचना को और मजबूत किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को उचित मंच मिल सके। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल जितना सिखाता है, उतना ही हार से सीखकर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बस्तर ओलम्पिक युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का सकारात्मक प्रयास है। उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर के अंदरूनी इलाकों के युवाओं को अधिक अवसर देकर उन्हें प्रोत्साहित कर रही है और भविष्य में यह पहल और अधिक सशक्त रूप में जारी रहेगी।
इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप और ओलम्पिक में ब्रॉन्ज मेडल सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक विजेता खिलाड़ी पद्मश्री एम.सी. मेरीकॉम ने भी उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और शुभकामनाएँ दीं।
संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, सुश्री तनुजा सलाम ने स्वागत उद्बोधन में अवगत कराया कि बस्तर ओलम्पिक की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और बस्तर जिले के साथ ही नुवा बाट के करीब तीन हजार पाँच सौ खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह बस्तर के लिए गौरव का क्षण है और बस्तर के उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय अत्यंत सराहनीय है। बस्तर ओलम्पिक में तीन स्तर की प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि गत वर्ष के 1,65,000 प्रतिभागियों की तुलना में इस वर्ष 3,92,000 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 2,27,000 से अधिक महिला प्रतिभागी शामिल हैं - यह बस्तर में परिवर्तन की नई बयार है।
कार्यक्रम की शुरुआत खिलाड़ियों द्वारा मशाल प्रज्ज्वलन और आतिशबाजी के साथ हुई। इसके बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत माता रूकमणी कन्या आश्रम तथा अन्य विद्यालयों की छात्राओं द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस अवसर पर विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, विधायक दंतेवाड़ा श्री चैतराम अटामी, राष्ट्रीय खिलाड़ी किरण पिस्दा एवं खुशबू नाग, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जिलों के नोडल अधिकारी, खेल अधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में खेलप्रेमी व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
पूवर्ती के खिलाड़ी विजय डोडी और ओरछा सलोनी बनीं मशालवाहक
बस्तर ओलम्पिक 2025 की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ आज अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मंत्रीगण तथा बॉक्सर पद्मश्री मेरी कॉम द्वारा किया गया। हजारों दर्शकों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बस्तर ओलम्पिक की मशाल प्रज्ज्वलित की।
इसके बाद यह गौरवशाली मशाल सुकमा जिले के सुदूर अंचल पूवर्ती के प्रतिभावान खिलाड़ी विजय डोडी और नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक की निवासी सलोनी कवाची को सौंपा गया। कबड्डी खिलाड़ी विजय डोडी और खो-खो खिलाड़ी सलोनी कवाची ने पूरे उत्साह, ऊर्जा और गौरव के साथ ग्राउंड की परिक्रमा करते हुए मशाल को मुख्य प्रज्वलन स्थल तक पहुंचाया। यह क्षण सुकमा और नारायणपुर जिलों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और भावनात्मक था - जब माओवाद-प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ हजारों दर्शकों के सामने दौड़ रहे थे। दर्शकों का उत्साह भी इस दौरान चरम पर पहुंच गया।
संभागभर से पहुंचे हजारों खिलाड़ियों और दर्शकों ने इस ऐतिहासिक क्षण का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। बस्तर ओलम्पिक के इस भव्य उद्घाटन ने एक बार फिर सिद्ध किया कि बस्तर की माटी में असीम खेल प्रतिभाएं जन्म ले रही हैं और राज्य सरकार तथा प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से इन प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का दूसरा चरण शुरू, 180 नए गांव जुड़े बस सुविधा से
ग्रामीण परिवहन को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ
बस्तर और सरगुजा में परिवहन क्रांति, ग्रामीण बस योजना का विस्तार
रायपुर, 10 दिसंबर 2025

छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा अंचल के सुदूर वनांचलों में ग्रामीण परिवहन को नई दिशा देने वाली मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने आज एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से योजना के द्वितीय चरण का औपचारिक शुभारंभ किया तथा वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया।
दूसरे चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 10 जिलों के 23 मार्गों पर 24 नई बसों का संचालन प्रारंभ हुआ है, जिससे 180 गांव सीधे बस सुविधा से जुड़ गए हैं।
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में शामिल अनेक ग्रामीण उसी बस में सवार होकर पहुंचे, जिसे योजना के प्रथम चरण में प्रारंभ किया गया था। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से आत्मीय चर्चा करते हुए बताया कि अब दूरस्थ इलाकों से ब्लॉक मुख्यालयों तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी सहज और सुगम हो गया है।
सुकमा–दोरनापाल–कोंटा मार्ग से पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि वे लगभग 110 किलोमीटर की यात्रा बस से कर कार्यक्रम तक पहुंचे, जबकि पूर्व में यह यात्रा बेहद कठिन और समयसाध्य थी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से अलग न रहे। यह योजना न केवल परिवहन सुविधा बढ़ा रही है, बल्कि ग्रामीणों को शहरों और सेवा संस्थानों से जोड़ते हुए सामाजिक एवं आर्थिक समानता को भी मजबूती प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में यह योजना एक मील का पत्थर सिद्ध हो रही है, जिससे लोगों को सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा का अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने योजना से लाभान्वित होने वाले 180 गांवों के सभी ग्रामीणों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेहतर यातायात सुविधाएँ अब उनके जीवन को पहले से अधिक सुगम बनाएंगी और तरक्की के नए मार्ग खोलेंगी।
परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बताया कि जिन दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों तक कभी यातायात की सुविधा नहीं पहुंची थी, वहाँ भी अब बस सेवाएँ प्रारंभ हो रही हैं। यह योजना विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा के जनजातीय बहुल इलाकों के लिए एक वरदान के रूप में उभर रही है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के प्रथम चरण की शुरुआत 04 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह द्वारा की गई थी, जिसके अंतर्गत 250 गांवों को बस सेवाओं से जोड़ा गया था। अब द्वितीय चरण की शुरुआत के साथ इस संख्या में और वृद्धि हुई है तथा 180 गांव और जुड़ गए हैं।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
राज्यपाल ने महेंद्र कर्मा विवि की भूमि को यथावत रखने के दिए निर्देश
बस्तर । राज्यपाल रमेन डेका ने बस्तर स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय की भूमि पर अवैध कब्जा और अन्य निर्माण कार्य किए जाने को गंभीरता से लेते हुए इस पर तत्काल कार्रवाई करने और भूमि को यथावत रखने के निर्देश दिए है।
राज्यपाल डेका ने मंगलवार को लोकभवन में मुख्य सचिव विकास शील से इस संबंध में चर्चा की और स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की जमीन पर कब्जा और अनाधिकृत निर्माण हटाया जाए और भूमि को यथावत विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में सुरक्षित रखा जाए।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय की भूमि पर किसी भी तरह के अतिक्रमण, बाहरी निर्माण या अन्य गतिविधि शिक्षा के अधिकार, संस्थागत विकास और भविष्य की पीढ़ियों के हितों के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्र का यह विश्वविद्यालय अध्ययन, अनुसंधान और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए स्थापित किया गया है। इस पर अतिक्रमण या राजनीतिक-प्रशासनिक हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं होगा।
परीक्षा पे चर्चा 2026 नौवें संस्करण की शुरुआत, 11 जनवरी तक अपलोड कर सकते हैं प्रश्न
देशभर के विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सीधे संवाद करने का एक और सुनहरा अवसर मिल रहा है। प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी परीक्षा पे चर्चा के भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जो इस श्रंखला का 9वाँ संस्करण होगा। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में राज्यों से चयनित बच्चों द्वारा परीक्षा से संबंधित पूछे गए सवालों के जवाब देकर उनका मार्गदर्शन करेंगे और उनके तनाव को कम करने का प्रयास करेंगे।
इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सभी प्रकार के विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 6 से 12 के विद्यार्थी, शिक्षक गण एवं पालकों को पोर्टल में जाकर अपने प्रश्न पूछने का अवसर सुलभ करवाया गया है। इस प्रतियोगिता की शुरुआत 1 दिसंबर को हो चुकी है और सभी हितग्राही अपने सवाल अपलोड करने के लिए 11 जनवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। प्रश्नों को अपलोड करने की सुविधा भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से बनाए गए पोर्टल http://innovateindia1.mygov.in में प्रदान की गयी है। पोर्टल में प्रवेश करने पर प्रतिभागियों को अभी भाग लें-परीक्षा पे चर्चा 2026 का विकल्प मिलेगा, जहां वे पुरस्कारों के बारे में और जरूरी तारीखें जैसी अन्य जानकारी भी देख सकते हैं। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि प्रतिभागी अपने सवाल अधिकतम 500 शब्दों के भीतर बनाकर रखें।
प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए विभिन्न विकल्प उपलब्ध हैं। कक्षा 6-12 के विद्यार्थी स्वयं अपने संसाधन (इंटरनेट, ईमेल आईडी, मोबाइल) से भाग ले सकते हैं। जिन विद्यार्थियों के पास ये सुविधाएँ नहीं हैं वे शिक्षक लॉग इन के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं और शिक्षकों एवं पालकों के लिए भी पृथक लॉग इन विकल्प उपलब्ध करवाए गए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य के प्रदर्शन पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं। गत वर्ष छत्तीसगढ़ को कुल 10.25 लाख प्रश्न पूछने का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरुद्ध राज्य ने शानदार 197ः का लक्ष्य प्राप्त कर पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। समग्र शिक्षा के माध्यम से राज्य के सभी शिक्षकों, कक्षा 6 से 12 के विद्यार्थियों एवं पालकों से पुरजोर अपील की गई है कि वे गत वर्ष की भाँति इस वर्ष भी अपना सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अच्छी गुणवत्ता के प्रश्न अपलोड करें, ताकि उनका चयन मुख्य कार्यक्रम के लिए हो सके। सभी हितग्राहियों से आग्रह किया गया है कि वे 11 जनवरी 2026 की अंतिम तिथि का इन्तजार न करते हुए अभी से अधिक से अधिक स्कूलों से प्रश्नों को अपलोड करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर लें ताकि अंतिम समय में सर्वर संबंधी समस्या का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री श्री साय से क्रेडाई और रियल एस्टेट के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की
जंगल में लावारिस हालत में मिला नवजात
जगदलपुर । जिले में एक बार फिर समाज को झकझोर देने वाली घटना प्रकाश में आई है। इस घटना ने मां की ममता और मां की छवि को धूमिल किया है। कलयुगी मां अपने नवजात बच्चे को जंगल में फेंक दिया था। लेकिन ‘जाको राखे साइयां मार सके न कोय’ को चरितार्थ करती इस घटना में नवजात सुरक्षित है और उसका मेडिकल कॉलेज अस्पताल डिमरापाल में उपचार चल रहा है।
जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर करपावंड थाना क्षेत्र के ग्राम पाथरी (पार्वतीपुर) से जुड़ी यह घटना एक दिसंबर की है। एक निर्दयी मां ने नवजात लड़के को जंगल में फेक दिया था। सुबह जब गांव का एक लड़का जंगल में लकड़ी बीनने गया था तो उसकी नजर झाड़ियों में रोते बच्चे पर पड़ी। उसने तुरंत गांव लौटकर घटना की जानकारी स्वजन को दी और स्वजन भी कुछ गांव वालों के साथ जंगल में पहुंच गए।
जगदलपुर में बनेंगे दो पिंक शौचालय
जगदलपुर । जगदलपुर नगर निगम की मेयर इन काउंसिल बैठक में महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो नए पिंक शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की। इसके लिए संजय मार्केट और शहीद पार्क को उपयुक्त स्थान के रूप में चुना गया है। आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह निर्माण कार्य कार्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के तहत छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेज कार्पोरेशन लिमिटेड करेगा।
महापौर ने कहा कि, महिलाओं के लिए स्वच्छ और सुरक्षित शौचालयों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि निर्माण के लिए राशि स्टेट बेवरेज कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी के माध्यम से प्राप्त होगी,जिसके लिए उन्होंने धन्यवाद प्रकट किया। महापौर ने कहा कि, संजय मार्केट और शहीद पार्क में महिला श्रमिकों, यात्रियों और आम नागरिकों की अधिक आवाजाही को देखते हुए यह निर्णय बेहद उपयोगी सिद्ध होगा। शहरी विकास एवं महिला सुरक्षा के लिए सार्थक कदम है। महापौर ने कहा कि यह पहल न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देगी,बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा,सुविधा और सम्मान को भी मजबूत करेगी। दोनों स्थानों पर निर्माण कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होगा।
संजय मार्केट और शहीद पार्क में बनेगा
नगर निगम ने 2025-26 के लिए पिंक शौचालय निर्माण का प्रस्ताव स्टेट बेवरेज कार्पोरेशन को भेजा है,जिसके अंतर्गत सीएसआर गतिविधियों से संजय मार्केट और शहीद पार्क में महिला-अनुकूल,सुरक्षित एवं स्वच्छ पिंक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। महापौर ने इस स्वीकृति को शहरी स्वच्छता, महिला सम्मान और आधुनिक नगरीय सुविधाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कहा कि निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ कर महिलाओं को बेहतर सार्वजनिक सुविधा प्रदान की जाएगी।
बस्तर ओलम्पिक 2025 : अबूझमाड़ ओरछा की बेटियाँ संभाग स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता में नारायणपुर का करेंगी प्रतिनिधित्व
जिला स्तर पर प्रथम स्थान जीतकर रबिना और टीम ने संभागीय मंच तक बनाई शानदार जगह
बस्तर ओलंपिक ने सुदूर क्षेत्रों की प्रतिभाओं को दिया बड़ा अवसर, खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति जताया आभार
बस्तर, 5 दिसंबर 2025

बस्तर के सुदूर अंचलों में दबी पड़ी खेल प्रतिभाओं को एक मजबूत मंच देने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रारंभ किए गए बस्तर ओलंपिक ने अबूझमाड़ के युवाओं के जीवन में नई उमंग और नई दिशा जगाई है। 2024 में पहली बार आयोजित हुए इस महोत्सव की अभूतपूर्व सफलता के बाद, इस वर्ष पुनः भव्य रूप में बस्तर ओलंपिक 2025 का आयोजन किया जा रहा है। 11 से 13 दिसंबर तक जगदलपुर में होने वाली संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश भर की नजरें अबूझमाड़–ओरछा की बेटियों पर टिकी हैं।

जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रबिना पोटाई के नेतृत्व वाली नारायणपुर की जूनियर खो-खो टीम ने संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई किया है। ओरछा की शांत-पहाड़ी गलियों से निकलकर प्रदेश स्तर के मंच तक पहुंची यह टीम अब अपने जिले के लिए नए कीर्तिमान बनाने को तैयार है।
बस्तर ओलंपिक ने हमें बड़ा मंच दिया, अब संभाग स्तर पर पूरी तैयारी के साथ उतरेंगे — रबिना
अबूझमाड़ ओरछा की रबिना पोटाई ने बताया कि बचपन से ही उसका मन खेल में लगता था। मेरे माता-पिता नहीं और हम लोग 4 भाई-बहन हैं वे हमेशा मेरा हौसला बढ़ाते हैं। पहले हमारे क्षेत्र में न तो अच्छे अभ्यास के साधन थे और न ही बड़े प्रतियोगिताओं का अनुभव मिल पाता था इसलिए हमारी प्रतिभा अक्सर दिख नहीं पाती थी। जब से बस्तर ओलंपिक शुरू हुआ है तब से हमें वह मंच मिला जिसकी हमें वर्षों से आवश्यकता थी। मैंने पिछले साल भी इसमें भाग लिया था और संभाग स्तर तक पहुँचकर दूसरा स्थान प्राप्त किया था। उस अनुभव ने मुझे और मजबूत किया। इस बार हमने और कड़ी मेहनत की है। हमारा एक ही लक्ष्य है कि नारायणपुर जिले को खो-खो में प्रथम स्थान दिलाना है। मैं चाहती हूँ कि मेरा गाँव, मेरा स्कूल और मेरा जिला मुझ पर और मेरे पुरे टीम के ऊपर गर्व महसूस करे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का इस पहल के लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ। यह आयोजन हमें बड़े मंचों तक पहुँचने का मौका दे रहा है और हम सभी अपनी पूरी क्षमता दिखाएँगे।
रबिना के साथ खेलने वाली खिलाड़ी हैं सलोनी कोवाची, सुंदरी पोटाई, रोशनी कुमेटी, सनिता, सरीता मंडावी, शिवानी कचलाम, अंजु रावल, कविता पद्दा, ममता वड्डे, मनिषा पोटाई और सुनिता उसेंडी। इन खिलाड़ियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद अनुशासन और निरंतर अभ्यास से जिला स्तर पर श्रेष्ठता साबित की है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बस्तर ओलंपिक की शुरूआत ने सुदूर व घने जंगलों में रहने वाली पीढ़ियों के नजरिये में बदलाव लाया है। पहले जहां प्रतिभा नजरअंदाज होती थी वहाँ अब संरचित मंच और प्रतिस्पर्धा के अवसर उपलब्ध हैं। रबिना और उनकी टीम की यह उपलब्धि सिर्फ खेल की जीत नहीं है यह सामाजिक बदलाव आत्मविश्वास और मेहनत की जीत भी है।
बस्तर में उल्लास महापरीक्षा की तैयारी जोरों पर
जगदलपुर । जिला पंचायत शिक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान उल्लास साक्षरता महापरीक्षा की तैयारी सहित शिक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक का मुख्य केंद्र आगामी 7 दिसंबर को आयोजित होने वाली महापरीक्षा की तैयारियों पर रहा। बैठक में अवगत कराया गया कि बस्तर जिले में 7 दिसंबर को कुल 36 हजार परीक्षार्थी उल्लास केंद्र के माध्यम से इस महापरीक्षा में सम्मिलित होंगे, जिसके लिए जिलेभर में 771 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। महापरीक्षा के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता से सभी परीक्षार्थियों को उनके परीक्षा केंद्र तक लाने हेतु विशेष प्रयास किए जाएंगे।
बैठक के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति के सभापति श्री बलदेव मंडावी द्वारा सभी उपस्थित सदस्यों को उल्लास शपथ भी दिलाई गई। साथ ही एजेंडावार समीक्षा की गई और निःशुल्क सरस्वती सायकल योजनांतर्गत साइकिल वितरण, शाला प्रबंधन समिति के निर्णयों का क्रियान्वयन, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम का सुचारु संचालन और स्कूल भवन निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। वहीं आश्रम-छात्रावासों के प्रबंधन की समीक्षा कर विशेष रूप से ठंडे मौसम को देखते हुए आश्रम-छात्रावासों में कंबल एवं चादर की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सभी कक्षाओं सहित विशेष तौर पर 10 वीं और 12 वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए परीक्षार्थियों को बेहतर तैयारी करवाने पर जोर दिया गया। बैठक में जिला पंचायत सदस्य श्री वनवासी मौर्य, शकुंतला कश्यप, सुश्री ललिता कश्यप, बिंदु साहू तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री बीआर बघेल, सहायक संचालक आदिवासी विकास सुश्री तनुजा नाग, जिला मिशन समन्वयक श्री अशोक पांडे, जिला नोडल अधिकारी उल्लास महापरीक्षा श्री राकेश खापर्डे और जिले में पदस्थ सभी खंड शिक्षा अधिकारी सहित खंड स्रोत समन्वयक, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी एवं मंडल संयोजक उपस्थित थे।
बस्तर में शांति और विकास की नई इबारत
नक्सल प्रभावित इलाकों में वानिकी कार्य बना रोजगार का नया जरिया
रायपुर, 05 दिसम्बर 2025

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर बस्तर जिले के सुदूर गांव चांदामेटा, मुण्डागढ़, छिन्दगुर और तुलसी डोंगरी जो पहले नक्सल गतिविधियों के गढ़ माने जाते थे, अब शांति और विकास की नई पहचान बन रहे हैं। जहां कभी नक्सलियों की ट्रेनिंग हुआ करती थी, वहीं आज वन विभाग स्थानीय युवाओं को वानिकी कार्यों का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्व-रोजगार दे रहा है।

रोजगार की उपलब्ध से आर्थिक स्थिति भी हो रही है मजबूत
लंबे समय तक नक्सलियों के प्रभाव और कानूनों की गलत व्याख्या के कारण ग्रामीण विकास के रास्ते से भटक गए थे। शासन के प्रति अविश्वास का माहौल बना दिया गया था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। ग्रामीणों ने इन असामाजिक तत्वों की असल मंशा समझ ली है और वे अब भटकने के बजाय विकास में सहभागी के लिए तैयार हैं। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा लगातार संवाद, जागरूकता और विश्वास निर्माण के प्रयासों से ग्रामीणों का नजरिया बदला है। वानिकी कार्यों में स्थानीय लोगों को घर के पास ही रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है तथा सामाजिक रूप से भी वे सशक्त हुए हैं।
बांस वन प्रबंधन से आर्थिक लाभ
मुण्डागढ़ के आसपास स्थित बांस वनों में इस वर्ष वैज्ञानिक तरीके से वन-उपचार किया गया। इस काम में ग्रामीणों को लगभग 20 लाख रुपये का तत्काल रोजगार मिला, जो सीधे उनके बैंक खातों में जमा होगा। अगले तीन वर्षों में लगभग एक करोड़ 37 लाख रुपये के अतिरिक्त रोजगार की संभावना है। इस क्षेत्र से प्राप्त 566 नोशनल टन बांस के उत्पादन का पूरा लाभ वन प्रबंधन समिति के माध्यम से ग्रामीण विकास में ही खर्च किया जाएगा।
क्षेत्रीय वानिकी उपचार बढ़ाएगा रोजगार
छिन्दगुर और चांदामेटा के पहाड़ी क्षेत्रों में प्रवरण सह सुधार कार्य के तहत बीमार, पुराने और मृत वृक्षों को हटाकर जंगल का उपचार किया जा रहा है, इससे ग्रामीणों को 32 लाख रुपये का तत्काल रोजगार मिल रहा है। काष्ठ उत्पादन से प्राप्त आय का 20 प्रतिशत भी गांव की समिति को मिलेगा। अगले छह वर्षों में लगभग 43 लाख रुपये का अतिरिक्त रोजगार इसी उपचार कार्य से मिलेगा। वन विभाग ग्रामीणों की जरूरतों का भी ध्यान रख कर ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरण तथा समिति सदस्यों को टी-शर्ट उपलब्ध कराने जैसी आवश्यकताएं तुरंत पूरी की जा रही हैं।
हिंसा छोड शांति, आजीविका और आत्मनिर्भरता की ओर
वन मंडलाधिकारी श्री उत्तम गुप्ता ने कहा कि जो इलाके पहले भय और हिंसा से पहचाने जाते थे, वे आज शांति, आजीविका और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। वानिकी कार्यों के माध्यम से जल, जंगल और जमीन का संरक्षण करते हुए ग्रामीणों को स्थायी आजीविका दी जा रही है। बस्तर के नक्सल मुक्त गांव यह साबित कर रहे हैं कि जब विश्वास और विकास साथ आते हैं, तब बदलाव होना निश्चित है।
साईगुड़ा सिंचाई योजना के लिए 12.98 करोड़ रुपये स्वीकृत
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के विकासखण्ड-दरभा के साईगुड़ा व्यपवर्तन योजना के कार्यों केे लिए 12 करोड़ 98 लाख 19 हजार रुपये स्वीकृत किये गये है। योजना से 180 हेक्टेयर में खरीफ और 70 हेक्टेयर में रबी की फसलों के लिए सिंचाई सुविधा मिलेगी। योजना के निर्माण कार्यों को पूर्ण कराने के लिए जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग जगदलपुर को प्रशसकीय स्वीकृति दी गई है।
चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ का असर: बस्तर में बारिश के आसार
बस्तर । बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी दिखने लगा है। इसके प्रभाव से बस्तर संभाग में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवात के कारण फिलहाल ठंड बढ़ने की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। पूर्वी और दक्षिणी हवाओं के सक्रिय रहने से प्रदेश में नमी का स्तर भी बढ़ेगा।
मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान 1 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। इसके बाद तापमान में फिर गिरावट दर्ज होगी और शीतलहर का प्रभाव बढ़ सकता है। पिछले 24 घंटों में राज्य का सबसे अधिक तापमान 30.8°C दुर्ग में और सबसे कम 8.0°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।
इधर, स्वास्थ्य विभाग ने तापमान में उतार-चढ़ाव को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि मौसम में अचानक बदलाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर के मामले बढ़ सकते हैं। लोगों से अपील की गई है कि शीतलहर के दौरान अनावश्यक बाहर न निकलें, आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर जाते समय गरम कपड़ों का पूरा उपयोग करें।
बस्तर पंडुम 2026 : उच्चस्तरीय बैठक का हुआ आयोजन
उपमुख्यमंत्री सहित वन मंत्री एवं संस्कृति मंत्री बैठक में हुए शामिल
बस्तर । छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को जीवंत बनाने के लिए ‘बस्तर पंडुम 2026' के आयोजन के लिए शनिवार को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के रायपुर स्थित निवास पर उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल बैठक में शामिल हुए। इस महोत्सव में बस्तर संभाग की अनूठी लोककला, संस्कृति, रीति-रिवाज और पारंपरिक जीवनशैली को मंच देने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर पंडुम का आयोजन न केवल बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का प्रयास है, बल्कि इस क्षेत्र के प्रतिभाशाली कलाकारों को मंच देने और उनकी कला को प्रोत्साहन प्रदान करने का सुनहरा अवसर भी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में इसका सफल आयोजन हेतु सभी विभागों को मिलकर समन्वय के साथ कार्य करना है। वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर पंडुम अपने आप में अनूठा अवसर है जो बस्तर के युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विविधता और उसकी खूबसूरती एक बड़े मंच पर दिखाने का मौका प्रदान करती है।
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बस्तर पंडुम का आयोजन राज्य की संस्कृति का परिचायक है। इसके लिए राज्य शासन के द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां तय समय सीमा में पूर्ण करनी होंगी। 05 जनवरी-05 फरवरी 2026 तक होने वाले ‘बस्तर पंडुम 2026’ में 12 प्रमुख विधाओं में बस्तर के पारंपरिक नृत्य-गीत, रीति-रिवाज, जनजातीय नृत्य, वाद्ययंत्र, शिल्प, पारंपरिक व्यंजन, जनजातीय गीत, वेशभूषा, चित्रकला, आंचलिक साहित्य, जनजातीय नाट्य, जनजातीय आभूषण, पेय पदार्थ एवं वन-औषधी के प्रदर्शन पर आधारित प्रतियोगिताएं होंगी। ये प्रतियोगिताओं क्रमशः जनपद, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित की जाएंगी।
प्रतियोगिता का पहला चरण 05 से 15 जनवरी 2026 तक जनपद स्तर पर होगा, दूसरा चरण 20 से 25 जनवरी 2026 तक जिला स्तर पर और अंतिम चरण 01 से 05 फरवरी 2026 तक संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन होगा। प्रत्येक चरण के विजेताओं को पुरस्कार राशि और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बस्तर पण्डुम में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित किये जाने हेतु जनजातीय बाहुल्य राज्यों के जनप्रतिनिधियों, केन्द्रीय मंत्री, विदेशी राजनयिकों, राजदूतों एवं बस्तर क्षेत्र के स्थानीय विषय विशेषज्ञ, पद्म विभूषित गणमान्य नागरिकों, बस्तर क्षेत्र के विभिन्न कार्य क्षेत्रों उपलब्धि प्राप्त विशिष्ट जनों को बस्तर की विशिष्ट संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए आमंत्रित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बस्तर के समस्त समाज प्रमुख, सिरहा, मांझी, चालकी को भी आमंत्रित करने को कहा।
सभी ने एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करते हुये देश के समस्त राज्यों के कलाकारों को जनजातीय लोक कला नृत्यों के प्रदर्शन एवं प्रस्तुति हेतु आमंत्रित करने के निर्देश दिए। बस्तर पंडुम में संभाग के 07 जिलों के 1885 ग्राम पंचायत, 32 जनपद पंचायत, 08 नगर पालिका, 12 नगर पंचायत तथा 01 नगर निगम क्षेत्र के प्रतिभागी शामिल होंगे। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव, संचालक विवेक आचार्य, बस्तर पंडुम के नोडल अधिकारी युगल किशोर एवं मंत्री राजेश अग्रवाल के ओएसडी जितेंद्र सिंह उपस्थित रहे।