छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
बिलासपुर में सब-इंजीनियर की परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल का भंड़ाफोड़, दो युवतियां गिरफ्तार
बिलासपुर: न्यायधानी के सरकंडा मुक्तिधाम स्थित शिवदुलारे स्वामी आत्मानंद स्कूल में आयोजित पीडब्ल्यूडी सब-इंजीनियर की परीक्षा के दौरान 'मुन्नाभाई स्टाइल' में
हाईटेक नकल का भंड़ाफोड़ हुआ है, जब परीक्षा केंद्र में बैठी युवती को रंगे हाथ पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि ऑटो में बैठी उसकी साथी वॉकी-टॉकी व
वीडियो कॉल के जरिए सवाल-जवाब करवा रही थी, जबकि परीक्षा में बैठी युवती कैमरे द्वारा प्रश्न पत्र दिखा रही थी।
सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल: 'मुन्नी बहनों' की चालाकी बेनकाब
बिलासपुर। लोक निर्माण विभाग की सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में बिलासपुर के एक परीक्षा केंद्र पर हाईटेक नकल का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक छात्रा अंदर परीक्षा दे रही थी और उसकी सहेली बाहर वॉकी-टॉकी से जवाब बता रही थी। लेकिन एनएसयूआई से जुड़े दो छात्रों की सतर्कता ने इस मुन्ना भाई नहीं, मुन्नी बहनों की नकल गैंग का भंडाफोड़ कर दिया।
कैमरे से सवाल भेजे, वॉकी-टॉकी से जवाब
यह घटना सरकंडा स्थित शासकीय रामदुलारे बालक उच्चतर माध्यमिक शाला मुक्तिधाम केंद्र की है। सब इंजीनियर के 113 पदों पर भर्ती के लिए शनिवार को आयोजित परीक्षा में एक छात्रा ने अपने अंतरवस्त्र में कैमरा फिट कर रखा था, जिससे वह प्रश्नों की लाइव तस्वीर बाहर भेज रही थी। वहीं उसकी साथी युवती टेंपो में बैठकर वॉकी-टॉकी से गूगल पर सर्च कर जवाब बता रही थी।
एनएसयूआई नेताओं की सतर्कता से फूटा मामला
एनएसयूआई के छात्र नेता विकास सिंह और मयंक सिंह गौतम को इस हाईटेक नकल की सूचना मिली थी। उन्होंने अपनी संगठन की छात्राओं को मौके पर भेजकर पुष्टि की और फिर खुद पहुंचकर बाहर बैठी युवती को रंगे हाथों पकड़ लिया। पूछताछ में युवती घबराई और सहेली का नाम बताने से इनकार करती रही। परीक्षा खत्म होने के बाद जब अंदर बैठी छात्रा बाहर आई और अपनी सहेली को घिरा देखा तो वह भागने की कोशिश करने लगी, लेकिन पकड़ी गई।
कैमरा, माइक, वॉकी-टॉकी जब्त
छात्र नेताओं की सूचना पर परीक्षा ड्यूटी में लगी महिला शिक्षिकाओं ने तलाशी ली और छात्रा के अंतरवस्त्रों से टेप से चिपका कैमरा और माइक बरामद किया। जवाब भेज रही युवती से वॉकी-टॉकी भी जब्त किया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों छात्राएं अंबिकापुर से आई थीं। नकल करने वाली छात्रा की उत्तरपुस्तिका को विशेष रूप से चिह्नित कर अलग रखा गया है।
एफआईआर की तैयारी, परीक्षा मंडल को सूचना
परीक्षा केंद्राधीक्षक ने घटना की जानकारी व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) और स्थानीय प्रशासन को दे दी है। परीक्षा के बाद मामला एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया में है और तकनीकी उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की भी संभावना है।
एनएसयूआई का दावा – पहले से थी जानकारी
एनएसयूआई के छात्र नेता विकास सिंह ने बताया, "हमें पहले से सूचना मिली थी कि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से नकल करवाई जा रही है। हमारी टीम ने पहले वस्तुस्थिति का निरीक्षण किया और फिर कार्रवाई की। हमारी कोशिश है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता बनी रहे और प्रतिभावान छात्र ठगे न जाएं।”
अब सवाल – कितने केंद्रों पर हुआ ऐसा खेल?
इस मामले ने व्यापमं की परीक्षा प्रणाली और सुरक्षा उपायों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ये भी जांच का विषय है कि क्या यह कोई संगठित गैंग है, और क्या ऐसी तकनीक का इस्तेमाल अन्य केंद्रों पर भी हुआ है।
फिलहाल, छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है और परीक्षा मंडल पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रहा है।
युवती से छेड़छाड़ करने पर हुई जमकर पिटाई, जान बचाकर भागे युवक की अगले दिन जंगल में मिली लाश
बिलासपुर: जिले के सिरगिट्टी नयापारा फदहाखार स्थित जंगल में युवक की संदिग्ध लाश मिली है। पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि युवक किसी युवती
से आए दिन छेड़खानी करता था। इसकी जानकारी होने पर युवती के स्वजन ने शुक्रवार की शाम उसकी पिटाई की।
मारपीट के बीच युवक किसी तरह अपनी जान बचाकर भागा। दूसरे दिन उसकी लाश जंगल में मिली। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया है। संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।सरकंडा सीएसपी निमितेष सिंह ने बताया कि नयापारा गणेश नगर में रहने वाला कैलाश ध्रुव(27) शुक्रवार की शाम घर से गायब था। स्वजन ने इसकी सूचना पुलिस को दी। तब पुलिस की टीम युवक की तलाश कर रही थी। इसी बीच शनिवार की शाम पता चला कि फदहाखार जंगल में एक युवक का शव पड़ा है। तब पुलिस और कैलाश के स्वजन वहां पहुंचे। युवक के शरीर पर चोट के निशान थे।
यह है घटना
पुलिस ने मोहल्ले में पूछताछ की। तब पता चला कि शुक्रवार की शाम कैलाश का मोहल्ले के कुछ लोगों से विवाद हुआ था। इस दौरान लोगों ने कैलाश की जमकर पिटाई की। मारपीट से बचकर कैलाश किसी तरह वहां से भाग निकला।
इधर स्वजन उसकी तलाश कर रहे थे। प्रारंभिक पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। पुलिस की एक टीम तस्दीक करने में लगी है।
जंगल में डबरी के पानी में आधा डूबा था शव
सिरगिट्टी टीआइ किशोर केंवट ने बताया कि युवक का शव जंगल के डबरी में आधा डूबा था। स्वजन की मौजूदगी शव का पंचनामा कराया गया। शव पर चोट के निशान थे। पुलिस को आशंका है कि मारपीट के बाद भागते समय युवक डबरी में गिर गया होगा। इससे उसकी मौत हुई होगी।
साथ ही उन्होंने बताया कि रविवार को शव का पीएम कराया जाएगा। इससे युवक की मौत का कारण स्पष्ट होगा। इधर संदेहियों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। इससे मिली जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुर्गी को बचाने के चक्कर में दो की मौत, कुएं में डूबे दोनों भाई
बिलासपुर। कुएं में गिरने से 2 भाइयों की मौत हो गई। 11 जुलाई की शाम घर की बाड़ी में बने कुएं में एक मुर्गी गिर गई, जिसे निकालने के लिए एक भाई कुएं में उतरा लेकिन वह बेहोश हो गया, और डूबने लगा। जिसे बचाने के लिए उसका भाई भी कुएं में कूद गया। जिससे दोनों की मौत हो गई।
घटना बेलगहना चौकी क्षेत्र की है। पुलिस के मुताबिक, कुएं में जहरीली गैस के रिसाव से दोनों भाइयों की मौत हुई है। SDRF की टीम सुरक्षा उपकरणों के साथ कुएं में उतरी और दोनों का शव बाहर निकाला। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। बेलगहना के करही कछार का रहने वाला दिलीप पटेल (40) खेती-किसानी करता था। अपने घर में मवेशियों के साथ मुर्गियां भी पाल रखा है। 11 जुलाई की शाम करीब चार बजे घर की बाड़ी में कुएं के पास काम कर रहा था। इसी दौरान उसकी एक मुर्गी कुएं में गिर गई।
जिस पर उसने अपने भाई दिनेश पटेल (35) को आवाज लगाया। फिर खुद मुर्गी को निकालने कुएं में उतर गया। दिनेश कुएं के ऊपर खड़ा था। जब दिलीप मुर्गी निकालने के लिए कुएं के अंदर पहुंचा, तब अचानक बेहोश होकर पानी में डूबने लगा। इस दौरान भाई को डूबते देखकर दिनेश उसे बचाने के लिए कुएं में कूद गया। कुछ देर बाद वो भी बेहोश होकर पानी में डूब गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही परिजन पहुंच गए। उन्होंने आसपास के लोगों को बुलाया। जिसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी। टीम ने जांच के बाद सुरक्षा उपकरणों के साथ कुएं में उतरकर दोनों के शव रात 9.30 बजे बाहर निकाला।
रोजगार कार्यालय कोनी में निःशुल्क प्लेसमेंट कैम्प 16 को
निजी संस्थानों द्वारा 118 पदों पर की जाएगी भर्ती
बिलासपुर । जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र कोनी में 16 जुलाई को सवेरे 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक निःशुल्क प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा है। प्लेसमेंट कैम्प में 4 निजी संस्थानों द्वारा सेल्स डेवलपमेंट मैनेजर, ब्रांच डेवलपमेंट मैनेजर, डेवलपमेंट मैनेजर, बीमा सखी, बीमा अभिकर्ता, लाईफ मित्र, रिलेसनशीप ऑफिसर सहित कुल 118 पदों पर भर्ती की कार्यवाही की जाएगी। इन पदों के लिए आवश्यक योग्यता पदों के अनुसार 12वीं, गेजुएट आदि निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवार अपने दो पासपोर्ट साइज फोटो, आधारकार्ड एवं समस्त शैक्षणिक योग्यता संबंधी अंकसूची एवं प्रमाण पत्र की मूलप्रति व छायाप्रति के साथ इस कैंप में उपस्थित हो सकते है। अधिक जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप के माध्यम से एवं जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र कोनी बिलासपुर से जानकारी प्राप्त कर सकते है।
जिले में अब तक 379.3 मि.मी. बारिश दर्ज
बिलासपुर। बिलासपुर जिले में चालू खरीफ मौसम में अब तक 379.3 मि.मी. बारिश दर्ज की गई है। जो कि पिछले 10 वर्ष के औसत बारिश 289.2 मि.मी. से 90.1 मि.मी. अधिक है। अधीक्षक भू अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे अधिक बारिश 609.6 मि.मी. बेलगहना तहसील में और सबसे कम बारिश 259.4 मि.मी. बोदरी में रिकार्ड की गई है। इसी प्रकार बिल्हा तहसील में 340.5 मि.मी., मस्तूरी में 356.5 मि.मी., तखतपुर में 310.4 मि.मी., कोटा में 294.4 मि.मी., सीपत में 386.8 मि.मी., बेलतरा में 336 मि.मी., रतनपुर में 417.5 मि.मी., सकरी में 416.6 मि.मी. और पचपेड़ी तहसील में 330.8 मि.मी. बारिश रिकार्ड की गई है। जिले की औसत वार्षिक वर्षा 1202.3 मि.मी. है।
सिम्स को शैक्षणिक सत्र 2025 में प्रवेश हेतु मान्यता मिली
बिलासपुर। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग द्वारा सिम्स बिलासपुर की एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम की 150 सीटों पर नवीन सत्र 2025-26 में प्रवेश की मान्यता प्रदान की गई है। एनएमसी की आज दिनांक 11 जुलाई 2025 जारी पत्र अनुसार मान्यता प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर संभाग की सबसे बड़ी उच्च चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा संस्थान है। इसका परिचय यहाँ की बढ़ते प्रतिदिन की ओ.पी.डी.एवं आई.पी.डी.संख्या के साथ सरल सुलभ चिकित्सा सुविधा है। संस्थान ने चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा में समय-समय पर अपने कार्य क्षमता (गंभीर बीमारी- कैंसर, ट्युमर, अस्थिरोग, दंतरोग, नेत्र ट्रांसप्लांट इत्यादि) को प्रदर्शित किया है। इससे जनमानस में संस्थान के प्रति विश्वास बढ़ा है। संस्थान में स्नातक (एम.बी.बी.एस.) पाठ्यक्रम की 150 सीटों एवं स्नातकोत्तर (एम.डी./एम.एस) पाठ्यक्रम की 68 सीटों पर शैक्षणिक कार्य संपादित किये जा रहें है।
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग, नई दिल्ली द्वारा इस साल 18 जून 2025 को सिम्स के अधिष्ठाता एवं चिकित्सा अधीक्षक की उपस्थिति में व्यवस्थाओं की समीक्षा उपरांत सत्र 2025 में एम.बी.बी.एस. प्रथम वर्ष में प्रवेश हेतु मान्यता दी गई है। जिन प्रमुख बिन्दुओं पर मान्यता निर्भर हुई है, उनमें सिम्स में 2000 मरीजों की ओ.पी.डी. 85 प्रतिशत भर्ती, आपरेशन की संख्या, शैक्षणिक स्तर, हास्टल सुविधा, जाँच-परीक्षण की सुविधा आदि शामिल हैं। फैकल्टी एवं रेसीडेंट्स की कम संख्या जरूर चिंता का कारण है। जिसकी पूर्ति हेतु राज्य सरकार द्वारा नियमित एवं सिम्स प्रबंधन द्वारा समय-समय पर संविदा आधार पर नियुक्ति की जाती है। शैक्षणिक सत्र 2025 में मान्यता इस अंचल के छात्रों हेतु सौगात है। यह अत्यंत हर्ष का विषय है।
प्रयास विद्यालयों में प्रवेश हेतु प्रतीक्षा सूची जारी
रायपुर के गुढ़ियारी में 15 से शुरू होगा काउंसलिंग
बिलासपुर। मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के तहत प्रयास आवासीय विद्यालयों के सत्र 2025-26 हेतु कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों की वर्गवार प्रतीक्षा सूची जारी कर दी गई है। जिसे विभागीय वेबसाईट https://eklavya.cg.nic.in पर देखा जा सकता हैं। प्रतीक्षा सूची में जिन विद्यार्थियों के नाम हैं, वे अपने समस्त दस्तावेजों के साथ काउंसलिंग हेतु प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय गुढ़ियारी जिला रायपुर में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। अनुसूचित जनजाति एवं विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह बालक हेतु 15 जुलाई एवं बालिका वर्ग हेतु 16 जुलाई, अनुसूचित जाति बालक एवं बालिका हेतु 17 जुलाई, अन्य पिछड़ा वर्ग बालक एवं बालिका हेतु 18 जुलाई, सामान्य एवं अल्पसंख्यक वर्ग बालक एवं बालिका हेतु 18 जुलाई को काउंसलिंग की तिथि निर्धारित की गई है। काउंसलिंग का समय प्रतिदिन सवेरे 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगा।
काउंसलिंग में उपस्थित होने हेतु निर्धारित दस्तावेज-
विद्यार्थी का प्रवेश प्रत्र, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, वर्ष 2024-25 में प्रथम श्रेणी में कक्षा 8वीं उत्तीर्ण होने संबंधी प्रमाण पत्र, नक्सल हिंसा से प्रभावित होने पर संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रमाण पत्र, शाला स्थानांतरण प्रमाण पत्र या शाला छोड़ने का प्रमाण पत्र, विद्यार्थी की मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र, सिकलसेल जांच प्रमाण पत्र एवं विद्यार्थी स्वयं की 2 पासपोर्ट साई फोटो सहित काउंसलिंग में उपस्थित होंगे।
नलकूप खनन पर लगी रोक हटाई गई
बिलासपुर । नलकूप खनन पर जिला प्रशासन द्वारा तीन माह पूर्व लगाई गई रोक हटा ली गई है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने इस आशय का आदेश 8 जुलाई को जारी किया है। गौरतलब है कि भीषण गर्मी एवं जलाभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने गत 7 अप्रैल को जलाभाव क्षेत्र घोषित करते हुए नलकूप खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया था। पेयजल परीक्षण अधिनियम 1986 की धारा 3 के अंतर्गत यह प्रतिबंध लगाया गया था। चूंकि जिले में मानसून सक्रिय होने के बाद लगातार वर्षा हो रही है। वर्तमान में कृषकों द्वारा ग्रीष्मकालीन फसल हेतु उपयोग किये जा रहे मोटर पंपों से सिंचाई बंद करने तथा विगत दिनों से बारिश होने के कारण भूजल स्तर में गिरावट परिलक्षित नहीं हुई है इसलिए नलकूप खनन पर लगे प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से हटा लिया गया है।
कृषि विज्ञान केन्द्र में मासिक कार्यशाला आयोजित
बिलासपुर । कृषि विज्ञान केन्द्र, बिलासपुर में आज बिलासपुर जिले के मैदानी स्तर के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों व ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के साथ केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. अरूण कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में मासिक कार्यशाला सम्पन्न हुई। इस अवसर पर कृषि विभाग के उप संचालक पी.डी. हथेस्वर, उप संचालक उद्यानिकी, बिलासपुर कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. शिल्पा कौशिक, श्रीमती हेमकांति बंजारे, डॉ. अमित शुक्ला, डॉ. एकता ताम्रकार, इंजी. पंकज मिंज, डॉ. निवेदिता पाठक, उक, डॉ. स्वाति शर्मा उपस्थित थे।
उप संचालक कृषि श्री हथेस्वर ने उपस्थित अधिकारियों से वर्तमान समय में ज्यादा बारिश के कारण उत्पन्न जल भराव की स्थिति की सतत् निरीक्षण कर धान एवं अन्य दलहन तिलहन फसलों पर होने वाले दुष्प्रभावों से बचाव के लिए किसानों को सलाह देने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष अब तक विगत वर्ष की तुलना में बिलासपुर जिले में 28 प्रतिशत ज्यादा वर्षा हुई है, जिससे दलहन एवं तिलहनी फसलों की बोनी का कार्य पिछड़ गया है, विगत 10 दिन से लगातार वर्षा होने के कारण धान के खेतों में भी ज्यादा जलभराव होने के कारण रोपा बहने तथा सब्जी वर्गीय फसलों के सड़ने तथा अनेक रोगों का प्रकोप होने की आशंका है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. त्रिपाठी ने उपस्थित अधिकारियों से आग्रह किया कि धान की सीधी बोनी (उन्नत खुर्रा बोनी) करने वाले किसान वर्षा कम होने तथा उपयुक्त दशा में खरपतवार तथा पोषक तत्वों का प्रबंधन करें।
डी.ए.पी. उर्वरक उपलब्ध न हो पाने की स्थिति में सिंगल सुपर फास्फेट या एन.पी. के. 12:32र:16 उर्वरकों का प्रयोग करें। मस्तूरी विकासखंड में कुल 51 हजार हेक्टेयर धान के क्षेत्रफल में से 37 हजार हे. में उन्नत खुर्रा बोनी तकनीक से धान की बोनी की गई है, जिसमें जमीन में वर्षा जल का अन्तःस्पंदन ज्यादा होगा, मृदा संरचना में सुधार होगा तथा भू-जल स्तर में भी बढ़ोतरी होगी। जिले के कृषि विकास अधिकारियों द्वारा कपास, अरहर एवं धान की खेती में किसानों को आने वाली समस्याओं की जानकारी दी गई। वैज्ञानिक डॉ. अमित शुक्ला ने सब्जी वर्गीय फसलों की खेती में समुचित जल निकास सुनिश्चित करने की सलाह दी तथा खेतों में उंची मेढ़ बनाकर उसमें मिर्च, टमाटर, बैगन फसलों के रोपण की सलाह दी। श्रीमती हेमकांति बंजारे ने धान में खरपतवार नियंत्रण के बारे में जानकारी दी। जैसे पोस्ट इमरजेन्स (बुआई के बाद) फिनाक्सीप्रॉप इथाइल (250 मिली) (मेटसल्फ्यूरान मिथालक्लोडिनोफॉप इथाइल) 8 मिली/एकड़ छिड़काव करने से सकरी व चौड़ी पत्तियों वाले खरपतवारों को नियंत्रित किया जा सकता है। कुछ क्षेत्रों जहां पर मोथा खरपतवार ज्यादा पाया जाता है वहां पर पिनॉक्सीसुलम साइहेलोब्यूटाइल के मिश्रण को 1 ली./एकड़ के दर से छिड़काव करें।
कृषकों को खरपतवार नाशकों के उपयोग के लिए नफ्लेटफेन नोजल का प्रयोग करने की सलाह दी गई। डॉ. स्वाति शर्मा द्वारा धान नर्सरी में लगने वाले तना छेदक के नियंत्रण हेतु क्लोरट्रीनीलीपॉल(0.5उस) या कार्टाफ हाईड्रोक्लोराइड 4G की 1 किग्रा प्रति 100 वर्गमी की दर से भुरकाव करें। सब्जियों में लगने वाले चुसक कीटों के नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोरपीड 200SL 0.5 मिली/लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। डॉ. निवेदिता पाठक द्वारा पोषण वाटिका में बेल वाली अन्य सब्जियों के बीज उपचारित करके लगाने की सलाह के साथ कद्दूवर्गीय सब्जियों के सहारा के लिए खूटा की व्यवस्था करने की सलाह दी। इंजी. पंकज मिंज द्वारा द्वारा खेती में मशीनीकरण हेतु छोटे-छोटे उपकरण जैसे खरपतवार नियंत्रण के लिए पावर वीडर, सब्जी बीज लगाने के लिए हस्त चलित डिबलर उपयोग करने की सलाह दी। अंत में डॉ. निवेदिता पाठक द्वारा धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यशाला को समाप्त किया गया।
शिक्षक ऐसा पढ़ाएं जिसे विद्यार्थी जीवन भर याद रखें : राज्यपाल
राज्यपाल ने डॉ सी वी रमन विश्वविद्यालय का किया औचक निरीक्षण
बिलासपुर। राज्यपाल एवं कुलाधिपति रमेन डेका ने आज बिलासपुर के कोटा स्थित डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान विश्वविद्यालय में नवाचार एवं स्टार्टअप पर जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि प्राध्यापक ऐसा पढ़ाएं की विद्यार्थी जीवन भर याद रखें। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में प्राध्यापक और छात्रों के बीच बेहतर ताल-मेल पर बल दिया साथ ही शैक्षणिक वातावरण पर ध्यान देने कहा। श्री डेका ने प्रशासनिक विभाग एवं विभागाध्यक्षों की बैठक भी ली तथा अध्ययन प्रभाग मे पाठ्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा करते हुए नए कोर्स प्रारंभ करने एवं छात्र संख्या मंे वृद्धि करने हेतु आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान सभी प्राध्यापकों से कहा कि आदर्श शिक्षक वही होता है, जिस विद्यार्थी जीवन भर याद रखें। उनके पढ़ाई पाठ को हमेशा याद रखें और उनके बताएं आदर्श को अपने जीवन में उतारे। उन्होंने कहा कि हमें आदर्श शिक्षक बनना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को पूरी तरह से जल्द ही लागू किया जाए। उन्होंने इस दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने एवं उनके प्लेसमेंट की जानकारी लेते हुए संतुष्टि जाहिर की। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय में भारत सरकार द्वारा स्थापित इनक्यूबेशन सेंटर के बारे में जानकारी ली । उन्होंने इनक्यूबेशन सेंटर में लगाए गए उपकरणों और युवाओं को उद्यमिता के लिए दिए जा रहे प्रशिक्षण के बारे में भी विस्तार से जाना। उन्होंने बताया कि आज के समय में युवा उद्यमियों की आवश्यकता है, तभी हम विकसित भारत 2047 की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकेंगे। उन्होंने लैब, लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की खेल सुविधा के बारे में भी जानकारी ली। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर प्रदीप कुमार घोष ने उन्हें अकादमिक जानकारी प्रदान की।
निरीक्षण के दौरान राज्यपाल की अवर सचिव श्रीमती अर्चना पाण्डेय,संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल एवं विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुल सचिव डॉ अरविंद तिवारी ने विश्वविद्यालय के प्रशासन के बारे में उन्हें अवगत कराया। इस दौरान उन्हें विश्वविद्यालय की विशेषताओं छत्तीसगढ़ी संजोही, छत्तीसगढ़ शोध एवं सृजन पीठ, रेडियो रामन 90.4, इनक्यूबेशन सेंटर, भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र, रवींद्रनाथ टैगोर अंतरराष्ट्रीय कला एवं संस्कृति केंद्र, सहित अन्य विशिष्ट केदो की जानकारी दी गई। राज्यपाल को पुस्तक यात्रा ऑटोमेटेड लाइब्रेरी पौधारोपण आदि की जानकारी भी प्रदान की गई। उल्लेेखनीय है कि प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए सतत् मॉनिटरिंग के निर्देश के पारिपालन में राज्यपाल डेका छत्तीसगढ़ के समस्त विश्वविद्यालयों का औचक निरीक्षण कर रहे है। इसी कड़ी में श्री डेका ने आज डॉ.सीवी रमन यूनिवर्सिटी बिलासपुर का निरीक्षण किया।
नाम के अनुरूप विश्वविद्यालय प्रगति करें : राज्यपाल
राज्यपाल द्वारा अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर का आकस्मिक निरीक्षण
बिलासपुर। राज्यपाल एवं कुलाधिपति रमेन डेका ने आज अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति एवं शैक्षणिक स्टाफ से कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी जी के नाम के अनुरूप विश्वविद्यालय शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों में आगे बढ़े।
राज्यपाल ने कहा कि सहायक प्राध्यापकों को समय पर प्रमोशन देने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रोफेसर के पद पर दस साल का अनुभव होने के बाद छत्तीसगढ़ के प्रोफेसरों को कुलपति बनने का अवसर मिल सके। उन्होंने विश्वविद्यालय में प्राध्यापक और छात्रों के बीच बेहतर ताल-मेल पर बल दिया साथ ही शैक्षणिक वातावरण पर ध्यान देने कहा।
राज्यपाल श्री डेका ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का निरीक्षण किया एवं विभागों की कार्यप्रणाली तथा स्टाफ से संबंधित जानकारी ली। श्री डेका विद्यार्थियों से भी मिले और उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर कुलपति को निराकरण के निर्देश दिए। श्री डेका ने प्रशासनिक विभाग एवं विभागाध्यक्षों की बैठक भी ली तथा अध्ययन प्रभाग मे पाठ्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा करते हुए नए कोर्स प्रारंभ करने एवं छात्र संख्या मंे वृद्धि करने हेतु आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विश्वविद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने तथा प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त किए जाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के संरचना के अनुरूप अध्ययन, अध्यापन की सुविधा सुनिश्चित की जाए तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पालन करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कुलपति प्रोफेसर अरूण दिवाकर नाथ बाजपेयी, राज्यपाल की अवर सचिव श्रीमती अर्चना पाण्डेय,संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल एवं विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। उल्लेेखनीय है कि प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए सतत् मॉनिटरिंग के निर्देश के पारिपालन में राज्यपाल डेका छत्तीसगढ़ के समस्त विश्वविद्यालयों का औचक निरीक्षण कर रहे है। इसी कड़ी में श्री डेका ने आज अटल बिहारी बाजपेयी बिलासपुर का निरीक्षण किया।
पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को सत्यापन कराना अनिवार्य
बिलासपुर। भारत सरकार ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत संचालित पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों का सत्यापन के लिए मोबाईल एप बेनेफिशियरी सत्यापन एप तैयार किया गया है। जिसके माध्यम से प्रथम चरण में केंद्रीय पेंशन योजनाओं जैसे कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगजन पेंशन योजना तथा द्वितीय चरण में राज्य पेंशन योजनाओं जैसे कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, सुखद सहारा पेंशन योजना एवं मुख्यमंत्री पेंशन योजना के हितग्राहियों का उक्त एप के माध्यम से सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन के लिए प्रशिक्षण ग्राम पंचायत सचिव एवं जनपद पंचायत के कर्मचारियों तथा नगरीय निकायों के संबंधित कर्मचारियों को दिया जाएगा। सत्यापन के लिए हितग्राहियों को स्वतः उपस्थित होने के साथ-साथ, आधार कार्ड, बैंक खाता की प्रति एवं मोबाईल नंबर साथ लाना आवश्यक होगा। हितग्राहियों से अपील है कि यथा शीघ्र अपना सत्यापन कार्य पूर्ण करा लें ताकि पेंशन राशि का भुगतान सुगमता से हो सके।
आंगनबाड़ी सहायिका के लिए आवेदन 28 तक
बिलासपुर। एकीकृत बाल विकास परियोजना सरकण्डा अंतर्गत वार्ड क्र. 58 रानी दुर्गावती नगर के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 3 खमतराई में सहायिका के रिक्त पद पर भर्ती हेतु 14 जुलाई से 28 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित किये गये है। आवेदन पंजीकृत डाक अथवा सीधे नियत दिनांक तक एकीकृत बाल विकास परियोजना सरकण्डा में कार्यालयीन समय में जमा किये जा सकते है। इस संबंध में अधिक जानकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय सरकण्डा से प्राप्त किये जा सकते है।
दिव्यांग छात्रों को मिलेगा व्यावसायिक प्रशिक्षण
बिलासपुर। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित शासकीय आश्रयदत्त कर्मशाला तिफरा में 15 से 35 वर्ष आयु के ऐसे दिव्यांग छात्र जो अस्थिबाधित एवं श्रवणबाधित है। ऐसे छात्रांे को आर्मेचर वाईडिंग एवं इलेक्ट्रीकल, सिलाई व कटाई, ब्यूटी पार्लर, कम्प्यूटर, स्क्रीन एवं प्रिंटिंग व्यवसायों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में शामिल होने वाले छात्रों के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता व्यवसाय के अनुसार पाचवीं से दसवीं उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। उक्त प्रशिक्षण 15 जुलाई से प्रारंभ किया जा रहा है।
अग्निवीर वायु सेना भर्ती के लिए 11 से आवेदन
बिलासपुर। भारतीय सेना में अग्निवीर वायु सेना भर्ती के लिए ऑनलाईन आवेदन 11 जुलाई 2025 से प्रारंभ हो रहा है, जिसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 तक निर्धारित है। इच्छुक आवेदक जिनकी आयु सीमा 17.5 से 21 वर्ष है तथा वायु सेना भर्ती हेतु निर्धारित शैक्षणिक अर्हता एवं शारीरिक मापदण्ड पूरी करते हैं वे भारतीय वायु सेना की वेबसाईट https://agnipathvayu.cdac.in में निर्धारित तिथि तक ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन कर सकते है।
बीज एवं खाद वितरण में बिलासपुर जिला अव्वल, 93% से अधिक बीज वितरण पूर्ण
किसानों को समय पर खाद बीज मिल जाने से खेती का काम जोर पकड़ा
बिलासपुर। खरीफ वर्ष 2025 के लिए जिले में किसानों को आवश्यक बीज एवं रासायनिक उर्वरक की उपलब्धता और वितरण की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि बीज वितरण कार्य लगभग पूर्णता की ओर है, जबकि उर्वरक खाद वितरण भी तेजी से चल रही है। किसानों ने समय पर खाद बीज मिलने पर खुशी जताई है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।
खरीफ सीजन 2025 के लिए जिले में अब 21,986 क्विंटल खरीफ फसलों के बीज वितरण का लक्ष्य है जिसके विरुद्ध 19464 क्विंटल बीज का सफल वितरण किया जा चुका है, जो कुल उपलब्ध बीज का 92.77 प्रतिशत होता है। प्रमुख फसल के रूप में सबसे अधिक धान 20,308 क्विंटल का वितरण हुआ है, जो इस फसल के कुल प्राप्त बीज का 93.25ः है। इसके साथ ही मक्का, उड़द, मूँग, सोयाबीन, मूँगफली जैसी फसलों के लिए भी बीज वितरित किया गया है। जिले के 114 कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से यह वितरण कार्य किया गया, जिसमें बेलगहना, मस्तूरी, सीपत, रतनपुर, तखतपुर, कोटा सहित अन्य क्षेत्रों की समितियां भी शामिल हैं। इस दौरान धान के अलावा अन्य फसलों के कुल 179 क्विंटल बीज का भंडारण रहा और 88 क्विंटल बीज वितरण किया गया।
जिले में किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से रासायनिक उर्वरक भी लगातार वितरित किए जा रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब तक जिले में 28,263 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया गया है जिसमें से 22,397 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। यह कुल प्राप्त उर्वरक का 80 प्रतिशत है।
किसानों ने खाद और बीज वितरण समय पर मिलने पर खुशी जताई और कहा कि समय पर खाद बीज मिलने से उनका खेती का काम आसानी से आगे बढ़ रहा है।मस्तूरी विकासखंड के ग्राम जैतपुरी की महिला किसान श्रीमती शीतला बाई केेंवट और किसान बिशालिक यादव ने बताया कि जैतपुरी सहकारी समिति के माध्यम से समय पर बीज और खाद मिल गया है जिससे उनका खेती किसानी का काम आसान हो गया है। किसानों ने इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।
उल्लेखनीय है किसानों को खाद और बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने कलेक्टर संजय अग्रवाल द्वारा रोजाना खाद बीज वितरण की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि किसानों को बिना किसी असुविधा के आवश्यक बीज और उर्वरक समय पर उपलब्ध हो और वितरण में किसी भी तरह की असुविधा न हों। दलदल के कारण यदि बड़ी गाड़ी के पहुंचने में दिक्कत हो रही हो तो ठेला अथवा छोटी गाड़ी में खाद का परिवहन करने के निर्देश दिए हैं।