छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
संरक्षा के 9 सजग प्रहरी संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित
बिलासपुर । संरक्षित रेल परिचालन रेलवे प्रशासन की पहली प्राथमिकता है । संरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने हेतु नियमित रूप से संरक्षा से संबन्धित विभिन्न जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं । साथ ही मंडल क्षेत्राधिकार के अंतर्गत ड्यूटी के दौरान सजगता एवं सतर्कता के साथ उत्कृष्ट संरक्षित कार्य करने वाले संरक्षा प्रहरियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है ।
इसी संदर्भ में विगत दिनों ड्यूटी के दौरान सहायक लोको पायलट कोरबा दिनेश कुमार द्वारा कोथारी रोड स्टेशन पर तथा लोको पायलट कोरबा भूपेन्द्र कुमार गोहिया द्वारा दीपिका सेक्शन में ओएचई मास्ट में तकनीकी गड़बड़ी की पहचान कर गाड़ी को सुरक्षित किया गया तथा इसकी तत्काल सूचना संबंधितों को दिया।
इसी प्रकार विगत दिनों अपनी ड्यूटी के दौरान लोको पायलट बिलासपुर राजेश कुमार जांगड़े एवं सहायक लोको पायलट जयकुमार राज द्वारा गतौरा-जयरामनगर सेक्शन में तथा लोको पायलट बिलासपुर राकेश कुमार नन्दनवार व सहायक लोको पायलट अभिषेक शरण द्वारा जयरामनगर-लटिया सेक्शन में सतर्कता से कार्य करते हुये ट्रैक पर बॉक्स व लकड़ी रखे होने की पहचान कर गाड़ी को नियंत्रित करते हुये कर्मीदलों की सहायता से सेक्शन को क्लियर कराते हुये उत्कृष्ट कार्य किया गया।इसी कड़ी में लोको पायलट बिलासपुर महेश पाण्डेय एवं सहायक लोको पायलट सोनू कुमार द्वारा मुंबई-हावड़ा मेल में कार्य के दौरान सतर्क रहते हुये संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सराहनीय कार्य किया गया । इसी प्रकार वरिष्ठ अनुभाग अभियंता कौशलेन्द्र कुमार द्वारा राबर्टसन-खरसिया-झाराडीह चौथी लाइन सेक्शन में परीक्षण के दौरान दुरंतो एक्सप्रेस में हॉट एक्सल की पहचान कर तत्काल इसकी सूचना सर्वसंबंधितों को देकर गाड़ी की संरक्षा सुनिश्चित की गई ।
इन सभी संरक्षा प्रहरियों की सजगता व सतर्कता भरे कार्य से गाड़ियों की संरक्षित परिचालन सुनिश्चित हुई । इनके इस त्वरित सजगताभरे संरक्षित कार्य के लिए इन्हें प्रशस्ति पत्र व नगद पुरस्कार के लिए वरि.मंडल संरक्षा अधिकारी साकेत रंजन द्वारा अनुशंसा की गई । आज मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में मंडल रेल प्रबंधक राजमल खोईवाल ने इन सभी संरक्षा प्रहरियों को संरक्षा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही इनकी उत्कृष्ट संरक्षित कार्य की प्रशंसा की ।इस अवसर पर सहायक मंडल संरक्षा अधिकारी बी ज्योति प्रकाश भी उपस्थित थे ।
स्थानांतरण नीति लागू होने के बाद अटैचमेंट खत्म, DEO ने जारी किया आदेश...
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ सरकार की साय कैबिनेट द्वारा स्थानांतरण पर लगी रोक हटाने और नई स्थानांतरण नीति लागू करने के बाद राज्यभर में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। 5 जून 2025 से प्रभावी इस नीति के तहत सभी अटैचमेंट (संलग्नीकरण) तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए गए हैं।
राज्य शासन के निर्देशों के पालन में जिला शिक्षा अधिकारी अनिल तिवारी ने बिलासपुर जिले के सभी बीईओ (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) और प्राचार्यों को पत्र जारी कर यह निर्देश दिया है कि जिन शिक्षक या कर्मचारियों को संलग्न व्यवस्था के तहत किसी अन्य कार्यालय या विद्यालय में पदस्थ किया गया है, उन्हें तत्काल मूल पदस्थ संस्था में कार्यमुक्त किया जाए।
बिल्हा, कोटा, तखतपुर और मस्तूरी ब्लॉक को निर्देश
जिन ब्लॉकों में संलग्नीकरण के मामले सामने आए हैं – बिल्हा, कोटा, तखतपुर और मस्तूरी, वहां के बीईओ व प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित कर्मचारियों को बिना देरी किए रिलीव किया जाए और इसकी पालन प्रतिवेदन तत्काल जिला शिक्षा कार्यालय में प्रस्तुत करें।
राज्य शासन की स्थानांतरण नीति के ये हैं मुख्य बिंदु
कंडिका 1.5 और 3.17 के अनुसार, 5 जून 2025 से जिला स्तरीय सभी संलग्न कर्मचारी स्वमेव संलग्नीकरण समाप्त माने जाएंगे।
संलग्न कर्मियों को तत्काल मूल संस्था के लिए कार्यमुक्त करना होगा।
किसी भी स्तर पर अटैचमेंट को जारी रखना राज्य शासन के आदेश का उल्लंघन माना जाएगा।
संयुक्त संचालक का भी निर्देश
संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर द्वारा भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी संस्थाएं संलग्न कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से मुक्त करें ताकि शासन की नीति का पालन सुनिश्चित हो सके।
नई स्थानांतरण नीति ने वर्षों से जारी अटैचमेंट व्यवस्था पर पूरी तरह से विराम लगा दिया है। बिलासपुर जिले में डीईओ अनिल तिवारी द्वारा जारी निर्देश से यह स्पष्ट हो गया है कि अब सभी कर्मचारियों को अपने मूल कार्यस्थल पर सेवा देना अनिवार्य है। शासन की इस सख्ती से शैक्षणिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
क्लासिक प्लस की प्रीति अध्यक्ष सचिन रेणु कोषाध्यक्ष निशा गुप्ता मनोनीत
बिलासपुर स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहा है स्टेशन पुनर्विकास कार्य
बिलासपुर। बिलासपुर रेलवे स्टेशन, जिसकी स्थापना 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में हुई थी, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का मुख्यालय एवं देश के प्रमुख रेल जंक्शनों में से एक है । यह स्टेशन न केवल यात्री सेवाओं बल्कि रेल परिचालन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । यहां स्थित इलेक्ट्रिक लोकोशेड में बड़ी संख्या में विद्युत इंजनों का रखरखाव एवं संचालन किया जाता है ।
साथ ही, बीसीएन (ब्रॉड गेज कवरड वैगन) डिपो मालगाड़ियों की निरंतर आपूर्ति और प्रबंधन में सहयोग करता है, जबकि कोचिंग डिपो यात्री ट्रेनों के रखरखाव, सफाई एवं तकनीकी तैयारियों की प्रक्रिया को अंजाम देता है । इसके अतिरिक्त, बिलासपुर में स्थित गुड्स शेड आसपास के क्षेत्रों के लिए आवश्यक वस्तुओं जैसे खाद्यान्न, खाद, कपड़े तथा अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के लदान और परिवहन को सुव्यवस्थित करता है । वर्तमान में यहां वंदे भारत ट्रेनों के अनुरक्षण हेतु एक उन्नत मेंटेनेंस डिपो का निर्माण किया जा रहा है, जिससे उच्च गति की ट्रेनों की सेवा एवं संचालन में और अधिक दक्षता सुनिश्चित की जा सकेगी ।
इन सभी सुविधाओं की उपस्थिति बिलासपुर को रेलवे परिचालन का एक सशक्त और रणनीतिक केंद्र बनाती है । वर्तमान में बिलासपुर स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और परिचालनिक आवश्यकताओं से संबंधित कई कार्य प्रगति पर हैं, जिनसे यात्रियों को बेहतर अनुभव और रेलवे को अधिक दक्षता प्राप्त होगी । इसी क्रम में, बिलासपुर रेलवे स्टेशन से कटनी, नागपुर एवं झारसुगुड़ा की तीन प्रमुख दिशाओं में ट्रेनों का नियमित संचालन होता है, जिसके कारण स्टेशन पर क्रॉस मूवमेंट की मात्रा अत्यधिक होती है और यह ट्रेनों की समयबद्धता को प्रभावित करता है ।
वर्तमान में बिलासपुर यार्ड में 25 से अधिक रेल लाइनें विद्यमान हैं, और यात्री तथा माल यातायात को संरक्षित एवं सुचारु रूप से संचालित बनाए रखने हेतु समय-समय पर यार्ड मॉडिफिकेशन आवश्यक होता है । इसी के तहत लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से यार्ड रीमॉडलिंग का कार्य किया जा रहा है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के लिए ईआई पैनल सिस्टम की स्थापना भी की जा रही है । यार्ड की सतत निगरानी कर संरक्षा और तकनीकी पहलुओं, कमियों की पहचान कर उनका समाधान किया जाता है ।
इसी कार्य के अंतर्गत ट्रेन मूवमेंट से संबंधित लगभग 70 पॉइंट्स को दुरुस्त किया जाएगा । यार्ड रीमॉडलिंग कार्य के अंतर्गत स्टेशन यार्ड में कई नई लाइनों का निर्माण, बाईपास कनेक्टिविटी, कोचिंग डिपो से डायरेक्ट मूवमेंट, क्लासिफिकेशन यार्ड एवं बीसीएन डिपो से सुगम संपर्क, साथ ही फ्लाईओवर लाइन जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं ।
इसके अतिरिक्त, मौजूदा लाइनों की रीडिज़ाइनिंग और सिग्नलिंग सिस्टम का उन्नयन किया जा रहा है, जिससे क्रॉस मूवमेंट में कमी आएगी । इन सभी सुधारों के फलस्वरूप ट्रेनों की समयपालन में सुधार के साथ-साथ परिचालन की गति और दक्षता में भी उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित होगी । वर्तमान में बिलासपुर स्टेशन पर 8 प्लेटफार्म कार्यशील हैं । प्लेटफार्म क्रमांक 1 पर प्रतिदिन 8 दैनिक ट्रेनों के साथ-साथ 9 साप्ताहिक, द्विसाप्ताहिक और त्रिसाप्ताहिक ट्रेनों का संचालन होता है ।
लगभग एक डेढ़ वर्ष पूर्व दुर्ग एवं रायपुर से कटनी की ओर जाने वाली कुछ ट्रेनें, जो कि प्लेटफार्म 1 से संचालित होती थी, को उसलापुर स्थानांतरित किया गया था । बिलासपुर स्टेशन पर प्लेटफार्म 1, 2, 3, 4 एवं 5 से थ्रू ट्रेनों का संचालन होता है । क्रॉस लाइन से मेन लाइन पर आने के लिए ट्रेनों को कई पॉइंट और क्रॉसिंग पार करनी पड़ती है, जिसमें समय लगता है । इस दौरान अन्य लाइनों की ट्रेनों को भी मेन लाइन में आने के लिए इंतजार करना पड़ता है, जिससे समयबद्धता प्रभावित होती है । कोचिंग ट्रेनों की लंबाई कम होती है, जबकि मालगाड़ियाँ लंबी होती हैं ।
यार्ड से ट्रेन मूवमेंट प्लान करते समय क्रॉस मूवमेंट, लूप लाइन की लंबाई एवं ट्रेन की लंबाई इन चीजों का ध्यान रखा जाता है । इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्लेटफार्म क्रमांक 1 से डाउन दिशा की ओर, प्लेटफार्म क्रमांक 2 एवं 3 से अप और डाउन दोनों दिशाओं की, और प्लेटफार्म क्रमांक 4 एवं 5 से मुख्यतः अप दिशा की ट्रेनें संचालित की जाती हैं । प्लेटफार्म 6, 7 एवं 8 का उपयोग आमतौर पर यहां से शुरू या समाप्त होने वाली ट्रेनों के लिए किया जाता है ।
यदि एक ही दिशा की एक से अधिक ट्रेनें एक साथ आती हैं तो उन्हें सुचारू संचालन के लिए अलग-अलग प्लेटफार्म पर लिया जाता है । यात्रियों की सुविधा हेतु बिलासपुर स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 1 पर लिफ्ट, एस्केलेटर की व्यवस्था की गई है । प्लेटफार्म नंबर 2/3 एवं 4/5 पर रैम्प की सुविधा है । सभी प्लेटफार्मों पर खानपान के स्टॉल, प्लेटफार्म वेंडिंग एवं आईआरसीटीसी की ई-कैटरिंग की सुविधा उपलब्ध है । इसके अतिरिक्त यात्रियों के सुगम आवागमन को ध्यान में रखते स्टेशन पुनर्विकास में आवश्यक विशेष सुविधाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं।
बिलासपुर स्टेशन का यह पुनर्विकास कार्य लगभग ₹392 करोड़ की अनुमानित लागत से किया जा रहा है । योजना के तहत 31 लिफ्ट एवं 21 एस्केलेटर, जैसी सुविधाएं भी शामिल है । प्लेटफार्म 9 एवं 10 का निर्माण कार्य प्रगति पर है और दो और अतिरिक्त प्लेटफार्म बनाए जाएंगे । इन प्लेटफार्मों के पूर्ण हो जाने के बाद झारसुगुड़ा की ओर से होकर कटनी की तरफ जाने वाली ट्रेनें प्लेटफार्म 9,10 और 11 से होते हुए आरओआर (रेल ओवर रेल) होकर उसलापुर के रास्ते गंतव्य को रवाना होंगी।
यह योजना स्टेशन पर क्रॉस मूवमेंट की समस्याओं को कम करेगी और परिचालन की रफ्तार में उल्लेखनीय सुधार लाएगी । बिलासपुर स्टेशन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का प्रमुख परिचालन केंद्र है। यहाँ हो रहा यह पुनर्विकास कार्य न केवल वर्तमान यात्रीभार को बेहतर ढंग से वहन करेगा, बल्कि भविष्य में बढ़ती भीड़ और यातायात की मांग को ध्यान में रखते हुए, स्टेशन को पूर्ण रूप से भविष्य-उन्मुख बनाएगा । एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से सुसज्जित यह स्टेशन यात्रियों को एक नई और उन्नत रेल यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा ।
एसईसीएल मुख्यालय में प्रोक्योरमेंट पर क्षमता निर्माण कार्यशाला का सफल आयोजन
बिलासपुर । कोल इंडिया लिमिटेड के “मिशन – ब्रांड सीआईएल @50” अभियान के अंतर्गत साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, बिलासपुर में “प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया पर क्षमता विकास कार्यशाला” का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला एसईसीएल के सतर्कता विभाग के तत्वावधान में तथा सामग्री प्रबंधन (एमएम) विभाग द्वारा आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के अधिकारियों को नियमों की विधिक समझ, पारदर्शिता, नैतिक निर्णय लेने की प्रक्रिया तथा नियमों के अनुरूप कार्य प्रणाली की दिशा में प्रशिक्षित करना था। कार्यशाला का विषय था — “कानून की अज्ञानता कोई बहाना नहीं है”।
इस अवसर पर एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन ने कहा कि सभी को नियमों की स्पष्ट जानकारी के साथ आत्मविश्वासपूर्वक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि वे नियमों का पालन करते हुए सजगता और सकारात्मक सोच के साथ कार्य निष्पादन करें।
बैठक में वीसी के माध्यम से जुड़े कोल इंडिया के मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री बी.के. त्रिपाठी ने अपने संदेश में कहा — “सतर्कता आपके द्वारा है, आपके लिए है और आपके साथ है।” उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे सौहार्दपूर्ण और ईमानदार वातावरण में कार्य करते हुए कंपनी के हित में सही निर्णय लें। एसईसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री हिमांशु जैन ने कहा कि सभी अधिकारियों को नियमों की सही जानकारी रखते हुए पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करना चाहिए।
आयोजन में एसईसीएल निदेशक तकनीकी (संचालन सह योजना/परियोजना) श्री एन फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास, निदेशक (वित्त) श्री डी सुनील कुमार एवं विभिन्न विभागाध्यक्षगण भी उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा उपयोगी प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें क्रय प्रक्रिया, संविदा प्रबंधन, नियामकीय स्पष्टता और निर्णय लेने की प्रणाली जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। इसमें सामग्री प्रबंधन, वित्त, खनन, यांत्रिक एवं विद्युत, सुरक्षा सहित अन्य विभागों से बड़ी संख्या में अधिकारियों ने भाग लिया।
सेंट्रल जेल की दीवार फांदकर बंदी फरार, देर रात पुलिस ने दबोचा...
बिलासपुर । बिलासपुर केंद्रीय जेल की सुरक्षा व्यवस्था उस वक्त सवालों के घेरे में आ गई, जब चोरी के आरोप में बंद एक कैदी ने 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर जेल से फरार हो गया। हालांकि कुछ घंटों की तलाश के बाद पुलिस ने उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया है।
घटना 8 जून की शाम की है। फरार हुआ कैदी राजा गौड़ उर्फ उत्तम उर्फ फैसल खान गौड़, 3 जून को मनसुख तिरंगा चौक से चोरी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। घटना के वक्त वह बैरक से बाहर टहल रहा था, तभी उसने जेल परिसर में बने एक पोर्च का सहारा लेकर सीधा ऊंची दीवार पर चढ़ाई की और कांटेदार तार फांदते हुए नीचे कूद गया।
जेल प्रशासन में मचा हड़कंप
घटना होते ही जेल में हड़कंप मच गया। वहां तैनात सुरक्षाकर्मी उसे रोकने में नाकाम रहे। तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी गई और जिलेभर की पुलिस टीमों को अलर्ट कर तलाशी अभियान शुरू किया गया। घटना की सूचना सिविल लाइन थाने में दी गई और जेल अधीक्षक ने FIR दर्ज कराई।
रात में हुई गिरफ्तारी
लगातार सर्च ऑपरेशन के बाद देर रात पुलिस ने राजा गौड़ को फिर से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उसने कैसे इतनी ऊंचाई वाली दीवार पार की, इस पर जेल प्रशासन की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी अब जांच के घेरे में है।
अब उठ रहे गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर राज्य की जेल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल में बंद बंदी जेल कर्मियों की आंखों के सामने से फरार हो गया, इससे यह साफ होता है कि या तो सुरक्षा में चूक हुई है या फिर व्यवस्था में भारी खामी है। विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
फिलहाल बंदी की दोबारा गिरफ्तारी ने राहत जरूर दी है, लेकिन जेल की सुरक्षा पर सवाल अब भी बरकरार हैं।
बाउंसर्स ने जबरन होटल में लगाया ताला, पुलिस की तत्परता से टली बड़ी घटना
बिलासपुर । न्यायधानी बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में स्थित होटल मिड टाउन में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब करीब 25 से 30 लोगों की भीड़ ने बाउंसर्स की मदद से जबरन होटल में घुसकर ताला जड़ दिया। इस घटना से इलाके में गैंगवार जैसी स्थिति पैदा हो गई, लेकिन पुलिस की तत्परता और होटल संचालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
वैध एग्रीमेंट के बावजूद होटल में ताला
होटल संचालक अनुराग शर्मा ने बताया कि होटल को 11 महीने के लिए वैध एग्रीमेंट के तहत संचालित किया जा रहा है। घटना के वक्त वे किसी अन्य काम में व्यस्त थे, तभी स्टाफ से सूचना मिली कि कुछ लोग होटल में घुसने की कोशिश कर रहे हैं। जब अनुराग मौके पर पहुंचे तो देखा कि कई लोग होटल के बाहर खड़े हैं और कुछ अंदर घुसकर ताला लगा चुके हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना में शामिल बाउंसर उन्हीं के ससुर द्वारा बुलाए गए थे। अनुराग शर्मा ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी इन्हीं लोगों ने होटल पर हमला किया था, जिसकी शिकायत पहले भी पुलिस से की गई थी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किया हालात काबू
घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। होटल को दोबारा खोला गया और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का आश्वासन दिया। होटल संचालक ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और जांच की जा रही है।
व्यावसायिक विवाद या पारिवारिक तनाव?
इस घटना ने शहर में यह बहस छेड़ दी है कि पारिवारिक तनातनी अब व्यवसायिक स्थलों पर भी असर डाल रही है। होटल व्यवसायियों में इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है, वहीं पुलिस ने कहा है कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि किसी भी पक्ष की ओर से कानून व्यवस्था भंग करने की कोशिश की गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सवाल उठता है कि क्या यह सिर्फ पारिवारिक विवाद है या इसके पीछे किसी बड़े व्यावसायिक षड्यंत्र की योजना थी? जवाब अभी जांच के बाद ही सामने आएगा।
विश्व पर्यावरण दिवस पर संरक्षण का संकल्प
पर्यावरण के रक्षक बने स्काउट्स एवं गाइड्स
बिलासपुर । भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव व राज्य सचिव कैलाश सोनी, जिला मुख्य आयुक्त चंद्रप्रकाश बाजपेयी, जिला शिक्षा अधिकारी पदेन जिला आयुक्त स्काउट डॉ. अनिल कुमार तिवारी के आदेशानुसार एवं राज्य संगठन आयुक्त स्काउट विजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पंडित देवकीनंदन उच्चतर माध्यमिक शाला में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि चन्द्र प्रकाश बाजपेयी जी ने अधिक से अधिक पेड़ लगाना और उसे सुरक्षित रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी/पदेन जिला आयुक्त स्काउट डॉ अनिल कुमार तिवारी जी ने किया व अपने आसपास के वातावरण को साफ रखना एवं प्लास्टिक से उपयोग हो रहे समान कम से कम उपयोग करने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में सहायक राज्य आयुक्त स्काउट भूपेंद्र शर्मा ने भू संरक्षण हेतु वृक्षारोपण करने का सन्देश दिया।। प्रति वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। यह दिवस हमें पर्यावरण की महत्ता का बोध कराता है और यह जागरूकता फैलाता है कि हम सभी को मिलकर अपनी प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1972 में इस दिन की शुरुआत की थी, और तब से यह पूरी दुनिया में मनाया जाता है। पर्यावरण की रक्षा करना स्काउट्स एवं गाइड्स संगठन के मूल कर्तव्यों में शामिल है। स्काउट एवं गाइड प्रकृति प्रेम, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जीवन का हिस्सा मानते हैं। इस अवसर पर विद्यालय में प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना थीम पर स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स एवं रेंजर्स ने पेंटिंग, निबंध, भाषण, रंगोली एवं स्लोगन के प्रतियोगिताओं में भाग लिया एवं पर्यावरण को बचाने के लिए अपने-अपने विचारों को व्यक्त किया। साथ ही सभी प्रतिभागियों को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ बिलासपुर के द्वारा पुरस्कार एवं सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए चित्र कला में प्रथम प्रणव विश्वकर्मा ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, द्वितीय श्वेता कुर्रे बर्जेश मेमोरियल कन्या उच्च. माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर, तृतीय आंचल बारगाह सेजेस महारानी लक्ष्मी बाई कन्या उच्च माध्य वि बिलासपुर, सांत्वना पुरस्कार आलिया प्रवीण एवं सोनम यादव, स्लोगन प्रथम वेदिका बंजारे बृजेश मेमोरियल कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर, द्वितीय अंजलि सेन, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लिगियाडीह, तृतीय-आशिया परवीन बृजेश मेमोरियल कन्या उच्च .माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर, सांत्वना श्वेता कुर्रे एवं प्रणव विश्वकर्मा, भाषण प्रथम मुस्कान मैत्री, द्वितीय अनूप चतुर्वेदी, तृतीय जानवी, एवं निबंध प्रथम दिव्य साहू द्वितीय गीतांजलि पटेल तृतीय वेदिका बंजारे आदि ने भाग लिया। मंच संचालन का कार्य रोवर लीडर डॉ. प्रदीप कुमार निर्णेजक ने किया एवं कार्यक्रम का आभार व्यक्त जिला सचिव सुश्री लता यादव ने किया।
उक्त कार्यक्रम में जिला संगठन आयुक्त स्काउट महेंद्र बाबू टंडन, जिला प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट संतोष त्रिपाठी, जिला प्रशिक्षण आयुक्त गाइड श्रीमती माधुरी यादव, जिला संयुक्त सचिव शत्रुहन सूर्यवंशी, स्काउटर शशांक विश्वकर्मा, सूर्यकांत खूंटे, गाइडर श्रीमती पुष्पा शर्मा, श्रीमती रश्मि तिवारी, सुश्री निधि कश्यप, सुश्री निशा साहू, श्रीमती शोभा जायसवाल, श्रीमती उषा रानी नेताम, कौशिल्या साहू, रोवर-चंद्रशेखर पंकज, प्रिंस मेरसा, कुलभूषण कुर्रे, अनूप चतुर्वेदी, रेंजर स्नेहा यादव,ध्वनि हुमने, मुस्कान मैत्री आदि उपस्थित रहे।
संभागायुक्त ने ली मल्टी सुपर स्पेश्यालिटी प्रबंधन की बैठक
मरीजों की सुविधा के लिए आईपीडी जल्द शुरू करने के निर्देश
बिलासपुर । संभागायुक्त सुनील जैन ने आज कुमार साहब स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी सुपर स्पेश्यालिटी हॉस्पिटल में आईपीडी शुरू करने सहित अन्य अहम मुद्दो पर अस्पताल प्रबंधन की बैठक ली। सभी 8 ऑपरेशन थियेटर जल्द से जल्द फंक्शनल करने कहा। उन्होंने अस्पताल में मरीजों की भर्ती कर इलाज करने की सुविधा (आईपीडी) जल्द शुरू करने कहा। बैठक में बताया गया कि एक माह के भीतर यूरोलॉजी की आईपीडी शुरू कर ली जाएगी। संभागायुक्त ने मेडिकल उपकरण की आपूर्ति में हो रहे विलंब पर भी गहरी नाराजगी जताई। संभागायुक्त कार्यालय में आयोजित इस बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल, डिप्टी कमिश्नर श्रीमती स्मृति तिवारी, सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति, सुपर स्पेश्यालिटी हॉस्पिटल कोनी के चिकित्सा अधीक्षक सह संचालक डॉ. बी.पी. सिंह, डॉक्टर्स सहित निर्माण एजेंसियों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
बैठक में संभागायुक्त सुनील जैन ने रिक्त पदों पर विज्ञापन जारी कर शीघ्र भर्ती करने कहा। निर्माण एजेंसी केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग को अधूरे कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश दिए। चिकित्सा अधीक्षक ने बाताया कि यूरोलॉजी आईपीडी एक महीने में शुरू कर ली जाएगी। संभागायुक्त ने ब्लड बैंक का काम अब तक अधूरा होने पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने आईपीडी शुरू करने के लिए आवश्यक सेवा गैस मेनीफोल्ड सर्विसेस के लिए एम्स का विजिट करने कहा। इसके लिए चिकित्सा अधीक्षक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की जाएगी। उन्होंने लॉन्ड्री, मार्चूरी भवन, जन उपयोगी भवन, बायोमेडिकल वेस्ट भवन निदान सहित स्टाफ आवास का प्राक्कलन जल्द बनाने के निर्देश सीपीडब्ल्यूडी को दिए। वहीं उपकरण प्रदान करने वाली एजेंसी हाईट्स को बचे हुए उपकरण की आपूर्ति करने कहा। अस्पताल में कैथलैब, डायलिसिस जैसे मशीनों की आपूर्ति अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
निदान-1100 में प्राप्त शिकायतों के निराकरण के लिए नोडल-सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश
सुडा ने सभी नगरीय निकायों को जारी किया परिपत्र, शिकायतों के निराकरण की शासन स्तर पर की जाएगी समीक्षा
बिलासपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने जन शिकायत निवारण प्रणाली (निदान-1100) में प्राप्त शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण के लिए सभी नगरीय निकायों को नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। सुडा ने समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं होने पर नाखुशी जाहिर करते हुए सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी कर नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है।
सुडा ने नगरीय निकायों को जारी परिपत्र में कहा है कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में जन समस्याओं से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए जन शिकायत निवारण प्रणाली 'निदान 1100' का प्रातः छह बजे से रात्रि आठ बजे तक संचालन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य निकाय क्षेत्र में निवासरत नागरिकों की साफ-सफाई, डोर-टू-डोर कचरा प्रबंधन, रोड, नाली, सीवर की सफाई, सेप्टिक टैंक की सफाई, स्ट्रीट लाइट, वाटर सप्लाई, भवन अनुज्ञा एवं अन्य शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करना है।
परिपत्र में कहा गया है कि प्रायः यह देखा जा रहा है कि नागरिकों द्वारा निदान-1100 में दर्ज शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में नहीं किया जा रहा है। जन शिकायत निवारण प्रणाली 'निदान 1100' के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में नहीं होने से आम नागरिकों में निकायों की छवि धूमिल हो रही है। निकायों की खराब ग्रेडिंग शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में नहीं होने का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह स्थिति अत्यंत खेदजनक है। भविष्य में निदान-1100 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा शासन स्तर पर किया जाना है।सुडा ने अपने परिपत्र में निदान-1100 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण के लिए नगर निगमों में मुख्यालय स्तर पर अपर आयुक्त या उप आयुक्त को नोडल अधिकारी तथा स्वास्थ्य अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं जोन कार्यालय स्तर पर जोन आयुक्त को नोडल अधिकारी और स्वास्थ्य अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है। नगर पालिकाओं में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नोडल अधिकारी तथा स्वास्थ्य अधिकारी या सफाई दरोगा या स्वच्छता निरीक्षक को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर पंचायतों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नोडल अधिकारी और सफाई दरोगा या स्वच्छता निरीक्षक को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश सुडा ने दिए हैं।नोडल अधिकारी या सहायक नोडल अधिकारी के स्थानांतरण या अन्य किसी स्थिति में उनके स्थान पर नवपदस्थ अधिकारी/कर्मचारी स्वतः नोडल अधिकारी या सहायक नोडल अधिकारी नामांकित होंगे। सुडा ने परिपत्र में दिए गए निर्देशानुसार सभी निकायों को नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त कर सुडा के राज्य कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा है।
संभागायुक्त ने ली मल्टी सुपर स्पेश्यालिटी प्रबंधन की बैठक
मरीजों की सुविधा के लिए आईपीडी जल्द शुरू करने के निर्देश
बिलासपुर । संभागायुक्त सुनील जैन ने आज कुमार साहब स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी सुपर स्पेश्यालिटी हॉस्पिटल में आईपीडी शुरू करने सहित अन्य अहम मुद्दो पर अस्पताल प्रबंधन की बैठक ली। सभी 8 ऑपरेशन थियेटर जल्द से जल्द फंक्शनल करने कहा। उन्होंने अस्पताल में मरीजों की भर्ती कर इलाज करने की सुविधा (आईपीडी) जल्द शुरू करने कहा। बैठक में बताया गया कि एक माह के भीतर यूरोलॉजी की आईपीडी शुरू कर ली जाएगी। संभागायुक्त ने मेडिकल उपकरण की आपूर्ति में हो रहे विलंब पर भी गहरी नाराजगी जताई। संभागायुक्त कार्यालय में आयोजित इस बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल, डिप्टी कमिश्नर श्रीमती स्मृति तिवारी, सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति, सुपर स्पेश्यालिटी हॉस्पिटल कोनी के चिकित्सा अधीक्षक सह संचालक डॉ. बी.पी. सिंह, डॉक्टर्स सहित निर्माण एजेंसियों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
बैठक में संभागायुक्त सुनील जैन ने रिक्त पदों पर विज्ञापन जारी कर शीघ्र भर्ती करने कहा। निर्माण एजेंसी केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग को अधूरे कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश दिए। चिकित्सा अधीक्षक ने बाताया कि यूरोलॉजी आईपीडी एक महीने में शुरू कर ली जाएगी। संभागायुक्त ने ब्लड बैंक का काम अब तक अधूरा होने पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने आईपीडी शुरू करने के लिए आवश्यक सेवा गैस मेनीफोल्ड सर्विसेस के लिए एम्स का विजिट करने कहा। इसके लिए चिकित्सा अधीक्षक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की जाएगी। उन्होंने लॉन्ड्री, मार्चूरी भवन, जन उपयोगी भवन, बायोमेडिकल वेस्ट भवन निदान सहित स्टाफ आवास का प्राक्कलन जल्द बनाने के निर्देश सीपीडब्ल्यूडी को दिए। वहीं उपकरण प्रदान करने वाली एजेंसी हाईट्स को बचे हुए उपकरण की आपूर्ति करने कहा। अस्पताल में कैथलैब, डायलिसिस जैसे मशीनों की आपूर्ति अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
सिम्स में कोविड संक्रमण से निपटने मॉकड्रिल का आयोजन
बिलासपुर। सिम्स चिकित्सालय में कोविड की आपातकालीन स्थिति से निपटने हेतु मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। यह मॉकड्रिल सिम्स के अधिष्ठाता डॉ रमणेश मूर्ति एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ अर्चना सिंह, नोडल अधिकारी डॉ भूपेन्द्र कश्यप के निर्देशन में संपन्न हुआ। केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार ने कोविड संक्रमण को देखते हुए समस्त चिकित्सालय को अलर्ट मोड में रहने के लिए पत्र लिखकर आदेश दिया गया है।
ऐसे मरीज जिन्हें सांस लेने में दिक्कत लंबे समय से खांसी, सर्दी-जुकाम, लूज मोशन, हॉथ-पैर में जकड़न, बुखार सुगंध एवं दुर्गन्ध का महसूस न कर पाने वाले मरीजों को चिकित्सालय में लाए जाने पर त्वरित कार्यवाही करते हुए स्ट्रेचर पर स्टेबलाइज किया गया। ऑक्सीजन मास्क लगाया गया तथा तत्पश्चात उसे वार्ड में सिफ्ट किया गया। मेडिसीन विभाग के चिकित्सक उपस्थित थे। मरीज को बेड पर लेटाने के पश्चात सबसे पाहले उसे वाइटल साइन (ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन के स्तर आदि) की निगरानी की गई उसकी चेतना की स्थिति का मुल्यांकन किया गया। मरीज के नाक एवं गले से सेंपल लेकर वायरोलॉजी विभाग कोविड जांच के लिए भेजा गया। इसके पश्चात आई.वी. लाइन के माध्यम से जीवन रक्षक दवाईयां दी गई।
इस मॉकड्रिल के माध्यम से आपातकालीन स्थितियों में त्वरित और समन्वित चिकित्सीय सेवायें प्रदान करने की तैयारी का मुल्यांकन किया गया। उक्त मॉकड्रिल में सिम्स चिकित्सालय में कार्यरत डॉ सुनील कुमार पेंड्रो, चिकित्सा अधिकारी, डॉ आद्या सिंगरौल, कैजुअल्टी मेडीकल ऑफीसर, श्रीमती स्वाती कुमार, सहायक नर्सिंग अधीक्षक, श्रीमती सरिता बहादुर, नर्सिंग सिस्टर, श्रीमती पुष्पलता शर्मा, श्रीमती कंचन चौबे, कु. शिरोमणी नायक एवं गोल्डन काशी, लैब टेक्निीशियन, वार्ड ब्वाय संजय श्रीवास, मुकेश भोई, मणी श्रीवास, गोविंद एवं सलीम टीम वर्क के साथ कार्य का संपादन हुआ।
शनिचरी बाजार की 12 से अधिक दुकानें जलकर खाक
बिलासपुर । सिटी कोतवाली थाना प्रभारी विवेक पांडेय ने बताया कि मंगलवार और बुधवार की देर रात करीब तीन बजे शनिचरी बाजार के 12 से अधिक दुकानों में आग लग गई। इस घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है।
आग लगने की सूचना मिलने के बाद दमकल वाहनों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। आग पर काबू पाए जाने से पहले एक गोदाम, कपड़ों की दुकान, खाने-पीने की कुछ दुकानों समेत 12 से 15 व्यापारिक प्रतिष्ठान जलकर खाक हो गए।
आग से हुए नुकसान का सही आकलन अभी नहीं हो पाया है। ेपांडेय ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि आग ‘शॉर्ट सर्किट’ की वजह से लगी लेकिन जांच के बाद ही इस संबंध में सटीक जानकारी मिल सकेगी।
युक्तियुक्तकरण के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे शिक्षक
बिलासपुर। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे युक्तियुक्तकरण का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ विद्यालयीन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष समेत 34 शिक्षकों ने युक्तियुक्तकरण में हो रहे काउंसिलिंग में नियमों के उल्लंघन को लेकर हाईकोर्ट में चुनौती दी।
प्रदेश के स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण को लेकर 2 अगस्त 2024 में आदेश जारी हुआ था। प्रदेश भर में शिक्षकों के विरोध के बाद शासन ने इसे अमल नहीं किया था। जिसके बाद 25 अप्रैल को फिर से नया आदेश जारी किया गया था। जारी किए गए नए आदेश की नियमों में कई खामियां गिनाई जा रहीं हैं।
संविधान के अनुच्छेद 309 और भर्ती नियम 2019 का दिया हवाला
उन्होंने कहा कि, नियमों का उल्लंघन कर काउंसलिंग की जा रही है। उन्हें अपील करने का मौका भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 309 और भर्ती नियम 2019 का हवाला देते हुए कहा कि बिना किसी संशोधन के यह आदेश जारी कर दिया गया है, जो विधिसम्मत नहीं है। याचिका में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। साथ ही, याचिकाकर्ताओं ने कलेक्टर को नोडल अधिकारी बनाए जाने पर भी आपत्ति जताई है।
कांग्रेस के पूर्व विधायक तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज
बिलासपुर। कांग्रेस के पूर्व विधायक अरुण तिवारी के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस ने पाकिस्तान के खिलाफ भारत के ऑपरेशन सिन्दूर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर एफआईआर दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक आरोपी पूर्व विधायक ने ऑपरेशन सिन्दूर और प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनकर पोस्ट करते हुए सोशल मीडिया पर कंटेंट पोस्ट किये थे।
इस पोस्ट से आहत पन्ना नगर के रहने वाले रंजीत यादव ने इसकी शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई थी। फिलहाल पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। सम्भावना जताई जा रही है कि पुलिस इस मामले में पूर्व विधायक से पूछताछ कर सकती है। गौरतलब है कि अरुण तिवारी का विवादों से पुराना नाता रहा है।
पिछले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अरुण तिवारी ने पार्टी में टिकट के बदले पैसे लिए जाने का आरोप लगाकर पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी थी। अरुण तिवारी ने बाकायदा इससे जुड़ा ऑडियो भी मीडिया में जारी किया था। बहरहाल इस नए मामले ने उन्हें फिर एक बार सुर्खियों में ला दिया है।
भारत में सबसे ज्यादा धर्मांतरण का खतरा बस्तर में इसलिए जल्द करेंगे यहां पदयात्रा
बिलासपुर। बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेंद्र शास्त्री सोमवार को बिलासपुर पहुंचे जहां उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि भारत में सबसे ज्यादा धर्मांतरण का खतरा बस्तर में है इसलिए वे जल्द ही छत्तीसगढ़ में पदयात्रा करने के लिए आने वाले है। अभी वर्तमान में वे 7 नवंबर से देश की राजधानी नई दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा करने जा रहे है।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि एशिया का सबसे बड़ा छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित है और वे उस चर्च के ठीक सामने जल्द ही कथा करने वाले है। छत्तीसगढ़ की भूमि अद्भुत है क्योंकि यह प्रभु श्रीराम का ननिहाल भी है और यहां आकर वे हमेशा अपने आम को प्रसन्न महसूस करते है।
बस्तर में माओवादियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को साधुवाद देते हुए नक्सलियों से आग्रह किया है कि भारत को भारत रहने दें, मूलधारा में आकर भारत की परंपरा के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें ताकि विदेशी ताकतों से लड़ सकें और भारत को अखंड बनाया जा सके।
अपने ही पति की दूसरी शादी कराने वाली महिला गिरफ्तार… मैरिज ब्यूरो चलाती थी, अपनी कस्टमर से ठगे थे 6 लाख
बिलासपुर। सकरी क्षेत्र में मैरिज ब्यूरो चलाने वाली महिला ने अपने पति की शादी अपने ही कस्टमर से करा दी। इसके 11 महीने बाद पति-पत्नी युवती से छह लाख लेकर भाग निकले। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपी महिला और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया है।
सकरी टीआई प्रदीप आर्य ने बताया कि शिवरीनारायण क्षेत्र में रहने वाली युवती अपनी शादी के लिए योग्य वर की तलाश कर रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान मैरिज ब्यूरो चलाने वाली चित्रा चौधरी से हुई। उसने अपनी शादी के लिए जुलाई 2024 में चित्रा से संपर्क किया। तब चित्रा ने अपने ही पति संजय चौधरी की तस्वीर उसे दिखाई।
मैरिज ब्यूरो वाली की बातों में आकर युवती शादी करने के लिए राजी हो गई। इसके बाद दोनों की शादी धार्मिक स्थल में ले जाकर कराई गई। शादी के बाद संजय युवती को लेकर हरियाणा के हिसार ले गया। वहां पर करीब 11 महीने साथ रहने के बाद उसे अपने पति पर शक हुआ।उसने अपने पति का मोबाइल खंगाला तब पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया। इस बीच चित्रा और उसके पति युवती से छह लाख रुपये लेकर भाग निकले। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर आरोपित चित्रा और उसके पति संजय चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है।