छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
बलौदाबाजार हिंसा मामले में 27 लोगों को मिली जमानत
बिलासपुर। बलौदाबाजार हिंसा मामले में हाईकोर्ट ने सतनामी समाज के 27 लोगों की जमानत मंजूरी कर ली है। ये सभी हिंसा और आगजनी के मामले में जेल में बंद थे। वहीं इसी बीच भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। देवेन्द्र यादव आज शाम 5 बजे तक रिहा हो सकते हैं।
बलौदाबाजार में 10 जून 2024 को कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर हिंसा और आगजनी की घटना हुई थी। जिसमें उपद्रवियों ने कलेक्टर और एसपी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया था। वहीं इस हिंसा मामले में पुलिस ने कुल 187 लोगों को गिरफ्तार किया है। हाईकोर्ट ने मामलों की सुनवाई करते हुए 27 और लोगों की जमानत याचिका मंजूर कर ली है।
उल्लेखनीय है कि इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था। यह पूरे देश की पहली ऐसी घटना है जिसमें उपद्रवियों के द्वारा कलेक्टर और एस पी कार्यालय को जला दिया गया था। हिंसा में उपद्रवियों ने 12.5 करोड़ की शासकीय एवं निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। गिरौदपुरी धाम स्थित महकोनी ग्राम के अमरगुफा की घटना के बाद उपजे विवाद के बाद उग्र भीड़ ने 10 जून को बलौदाबाजार शहर और जिला संयुक्त कार्यालय में तोड़फोड़ और आगजनी की थी। जिला प्रशासन के मुख्य कार्यालय- एसपी और कलेक्टर के कार्यालय तक को उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया था। इस आगजनी में दो दमकल की गाड़िया सहित 200 से अधिक वाहन को आग के हवाले कर दिया गया था। वहीं 25 से ज्यादा पुलिस कर्मी घायल हुए थे। इस घटना में 12.53 करोड़ रुपये की संपत्ति के नुकसान का आंकलन किया गया है।
रिटर्निंग ऑफिसर ने नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को सौंपा प्रमाण पत्र
बिलासपुर । त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2025 के तहत पंचायत सदस्यों हेतु प्रथम चरण में मस्तूरी निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 10 से 14 में 17 फरवरी को हुए चुनाव के बाद सारणीकरण एवं परिणाम की घोषणा जिला पंचायत सभाकक्ष के प्रथम तल में की गई। सारणीकरण का कार्य जिला पंचायत के रिटर्निंग ऑफिसर संदीप कुमार अग्रवाल तथा सहायक रिटर्निंग ऑफिसर मनीष साहू एवं श्रीमती शिवानी सिंह की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
जिला पंचायत निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 10 से राजेन्द्र धीवर ने 11103 मत प्राप्त कर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी नंदनी पवन साहू पर 2278 वोटो से जीत दर्ज की, इसी प्रकार क्षेत्र क्रमांक 11 से अरूना चन्द्रप्रकाश सूर्या ने 12946 वोट प्राप्त कर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी अंजली राजू सूर्यवंशी को 5588 वोटो से हराया। क्षेत्र क्रमांक 12 में दामोदर कांत ने 6664 मत प्राप्त कर एस कुमार मनहर से 899 वोटो की बढ़त प्राप्त की। क्षेत्र क्रमांक 13 से सतकली बावरे ने 9580 मत प्राप्त कर निकटतम प्रतिद्वंदी भगवती सुरेश खटकर को 1788 वोटो से हराया। निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 14 से श्रीमती राधा खिलावन पटेल ने 15916 मत प्राप्त कर अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी सोनल मयंक साहू से 7295 वोटो से जीत दर्ज की। जिला पंचायत सदस्य के लिए नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को रिटर्निंग ऑफिसर संदीप कुमार अग्रवाल द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
किसानों की बनेगी डिजिटल फार्मर आईडी, आधार से लिंक होगी कृषि भूमि
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति लाने की पहल की जा रही है। एग्री स्टेक परियोजना के तहत् जिले के हर किसान की डिजिटल फॉर्मर आईडी (किसान कार्ड) बनाई जा रही है साथ ही कृषि भूमि को आधार से भी लिंक किया जायेगा। राज्य शासन इसके जरिए किसानों को कृषि योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान केडिट कार्ड, उर्वरक अनुदान, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, कृषि यंत्र अनुदान आदि सभी का पारदर्शी रूप से कृषकों को योजना का सीधा लाभ मिलेगा। एग्री स्टेक परियोजना के तहत् सभी किसानों का पंजीयन कर उनका डिजिटल अकाउंट बनाया जायेगा। इसमें किसानों की भूमि, फसल, सब्सिडी पर उपलब्ध कराये जा रहे बीज-खाद, कृषि यंत्र व किसान सम्मान निधि की जानकारी दर्ज की जायेगी।
फॉर्मर आईडी (किसान कार्ड) बनाने चल रहा अभियान-
लोक सेवा केन्द्र (CSC) द्वारा ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर फार्मर आईडी बनाई जायेगी, जिसमें कृषि विभाग से संबंधित ग्राम के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों एवं राजस्व विभाग से पटवारियों की ड्यूटी लगाई गई है। एग्री स्टेक पोर्टल पर कृषक स्वयं पंजीयन कर सकते हैं अथवा अपने निकटतम लोक सेवा केन्द्र (CSC) में जाकर पंजीयन करा सकते हैं। फॉर्मर आईडी बनवाने के लिए किसान को अपने सभी कृषि भूमि का बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका और आधार से लिंक मोबाईल नम्बर (जिसमें आधार सत्यापन ओटीपी प्राप्त होती हो) कि आवश्यकता होगी।
किसान को मिलेगी 11 अंकों की विशिष्ट पहचान-
किसानों को ‘आधार’ आधारित 11 अंकों की एक यूनिक फॉर्मर आईडी (विशिष्ट किसान आईडी) मिलेगी, जिससे किसान डिजिटल रूप से अपनी पहचान प्रमाणित कर सकेंगे। इसकी सहायता से कृषक विवरण, कृषि भू-खण्ड के जी.पी.एस. निर्देशांक, बोई गई फसल के विवरण को डिजिटल रूप से संकलित दिया जा सकेगा।
किसानों को इन कार्यों में होगी आसानी-
कृषि ऋण आवेदन, कृषि योजनाओं का लाभ, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि लाभ, किसान क्रेडिट कार्ड आवेदन। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की आगामी किस्त का हस्तांतरण फार्मर आईडी (किसान कार्ड) के आधार पर किया जाएगा। कृषि विभाग के उप संचालक पी.डी. हथेश्वर ने समस्त किसानों से अपील की है कि वे शीघ्र ही स्वयं अथवा लोक सेवा केन्द्र से एग्री स्टेक पोर्टल पर पंजीयन करावें।
बस्तर-सुकमा में सोलर स्ट्रीट लाइट घोटाला: हाई कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान
बिलासपुर । बस्तर और सुकमा के ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल में ग्रामीण विद्युतीकरण के नाम पर 18 करोड़ रुपये से अधिक के इस घोटाले की खबर मीडिया में प्रकाशित होने के बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने इसे स्वत: संज्ञान में लेते हुए जनहित याचिका (पीआईएल) के रूप में दर्ज करने के निर्देश दिए। यह मामला अब चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच में सुनवाई के अधीन है।
बिना टेंडर 3500 स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं
बस्तर और सुकमा जिले के 190 गांवों में बिना किसी टेंडर और वर्कऑर्डर के 3500 से अधिक सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं। 2021 से 2022 के बीच इस बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया। आश्चर्यजनक रूप से, क्रेडा (छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी) ने भी सभी नियम-कायदों को नजरअंदाज कर दिया।
कोर्ट में हुई सुनवाई, राज्य सरकार से मांगा जवाब
पिछली सुनवाई में, राज्य शासन की ओर से महाधिवक्ता कार्यालय के लॉ अधिकारियों ने अदालत को बताया कि नियमानुसार निविदा प्रक्रिया क्रेडा के माध्यम से होनी चाहिए थी, जो पूरी नहीं की गई। अधिकारियों को इस अनियमितता की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने इसे नजरअंदाज किया। भंडार क्रय नियमों का भी उल्लंघन किया गया।
अतिरिक्त महाधिवक्ता राज कुमार गुप्ता ने कोर्ट को सूचित किया कि जब यह मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया, तो 9 अप्रैल 2024 को आदिवासी विकास आयुक्त, रायपुर ने इसकी जांच के आदेश दिए। जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंपी जा चुकी है।
हाई कोर्ट ने मांगा विस्तृत शपथ पत्र
अतिरिक्त महाधिवक्ता के जवाब के बाद, डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह शपथ पत्र के माध्यम से इस पूरे मामले और जांच की विस्तृत जानकारी अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे। मामले की अगली सुनवाई जल्द ही निर्धारित की जाएगी।
स्टेट बार कौंसिल चुनाव का चुनाव 18 जुलाई को, सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में दी जानकारी
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच के समक्ष पीआईएल पर सुनवाई हुई। छत्तीसगढ़ स्टेट बार कौंसिल के सिकरेट्री ने शपथ पत्र पेश करते हुए बताया कि 13 फरवरी को बैठक आयोजित की गई थी। इसमें प्रारंभिक तौर पर संभावित चुनाव कार्यक्रम तैयार किया गया है। 10 मार्च तक मतदाता सूची बनाने का कार्य किया जाएगा। इसके बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। मतदान 18 जुलाई को होगा और मतगणना 7 अगस्त को की जाएगी।
बार कौंसिल ऑफ इंडिया की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने बताया कि स्टेट बार कौंसिल का चुनाव कार्यक्रम पूर्व के नियमों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि 30 जनवरी 2015 की अधिसूचना के अनुसार मतदाता सूची तैयार करने की अवधि में बढ़ोतरी की गई है। पहले 150 दिनों की अवधि तय थी, जिसे अब बढ़ाकर 180 दिन कर दिया गया है। आवश्यक बदलाव के चलते चुनाव प्रक्रिया सितंबर तक पूरी होगी। बार कौंसिल ऑफ इंडिया के अधिवक्ताओं के जवाब के बाद डिवीजन बेंच ने स्टेट बार कौंसिल के अधिवक्ता से पूछा कि नए नियमों के अनुसार चुनाव कार्यक्रम क्यों नहीं बनाया गया।
पांच साल से नहीं हुआ चुनाव, विवाद भी गहराया
छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल का चुनाव फरवरी 2015 में हुआ था। नियमों के अनुसार कार्यकाल फरवरी 2020 में समाप्त हो जाना चाहिए था। लेकिन, कोरोना संक्रमण के चलते बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने दो चरणों में स्टेट बार कौंसिल का कार्यकाल छह-छह महीने के लिए बढ़ाया। कार्यकाल बढ़ाने के बावजूद तय समयावधि में चुनाव नहीं हो सका, जिसके बाद बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने विशेष कमेटी का गठन किया। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के महाधिवक्ता को अध्यक्ष और दो अधिवक्ताओं को कार्यकारी सदस्य के रूप में नामित किया गया।
चुनाव न होने के कारण आ रहीं समस्याएं
चुनाव न होने से कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जैसे नए अधिवक्ताओं का रजिस्ट्रेशन, अधिकारों की रक्षा, कानून सुधारों को बढ़ावा देना, सेमिनार आयोजित करना, पत्रिकाओं का प्रकाशन, कानूनी सहायता, चुनावों के लिए धन प्रबंधन, विश्वविद्यालयों का दौरा, कल्याणकारी योजनाओं का संचालन और विधि पुस्तकालयों की स्थापना।
स्टेट बार कौंसिल चुनाव कार्यक्रम
प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन - 10 अप्रैल
दावा-आपत्ति - 26 अप्रैल तक
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन - 8 मई
अधिसूचना का प्रकाशन - 15 मई
नामांकन पत्र लेने और जमा करने की अंतिम तिथि - 22 मई से 29 मई
नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी - 30 मई से 2 जून
नाम वापसी - 3 जून से 7 जून
उम्मीदवारों की अंतिम सूची - 8 जून
मतदान - 18 जुलाई
मतगणना - 7 अगस्त
गांजा तस्करी में लिप्त GRP आरक्षकों की संपत्ति फ्रीज़, सफेमा कोर्ट ने दी मंजूरी
बिलासपुर । गांजा तस्करी में लिप्त पाए गए जीआरपी के चार आरक्षकों की संपत्ति को पुलिस ने फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सफेमा कोर्ट ने संपत्ति जब्त करने की मंजूरी दे दी है।
एसपी रजनेश सिंह ने बताया कि पुलिस नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी तहत जीआरपी के आरक्षक लक्ष्मण गाईन, मन्नु प्रजापति, संतोष राठौर और सौरभ नागवंशी को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि ये आरक्षक ड्यूटी के दौरान जब्त गांजे को अपने साथियों को सौंप देते थे, जो इसे आगे सप्लाई कर देते थे। इस अवैध कारोबार से तीन आरक्षकों ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित की।
जब्त की गई संपत्ति
लक्ष्मण गाईन और कृष्णा गाईन के नाम पर सिरगिट्टी वार्ड 7 में 1600 वर्गफुट जमीन व मकान (50 लाख रुपये)।
संतोष राठौर के नाम पर कोरबा के ग्राम फरसवानी में 5232 वर्गफुट जमीन (10 लाख रुपये)।
मन्नु प्रजापति के नाम पर ग्राम नगपुरा में 1250 वर्गफुट जमीन (15 लाख रुपये)।
मन्नु प्रजापति और उसकी पत्नी कुसुम प्रजापति के नाम पर सिरगिट्टी में 1428 वर्गफुट जमीन व मकान (40 लाख रुपये)।
मन्नु प्रजापति के नाम पर सिरगिट्टी वार्ड 7 में 1000 वर्गफुट जमीन (10 लाख रुपये)।
जब्त वाहन
लक्ष्मण गाईन की हार्ले डेविडसन बाइक, टाटा सफारी और हुंडई वेन्यू कार।
पुलिस ने अवैध रूप से अर्जित इन संपत्तियों का विवरण सफेमा कोर्ट में पेश किया था, जिसके बाद कोर्ट ने इन्हें जब्त करने का आदेश दिया।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 कलेक्टर-एसपी ने मतदान का लिया जायजा
मस्तूरी जनपद में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न
बिलासपुर, 17 फरवरी 2025/त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के प्रथम चरण में आज मस्तूरी जनपद में मतदान हुआ। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अवनीश शरण और पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने मस्तूरी के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने लावर, परसदावेद, मस्तूरी सहित आधा दर्जन मतदान केंद्र पहुंचकर मतदान और केंद्रों की व्यवस्था को देखा। उन्होंने डीएवी स्कूल परसदा में बनाए गए स्ट्रांग रूम पहुंचकर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, एसडीएम श्री प्रवेश पैकरा, संयुक्त कलेक्टर श्री एसएस दुबे भी मौजूद थे।
कलेक्टर-एसपी ने निरीक्षण के दौरान मतदान शांतिपूर्वक और निष्पक्ष कराने के निर्देश दिए। मतदान दलों से चर्चा कर मतदान प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। मतदाताओं को शांतिपूर्वक कतारबद्ध होकर मतदान करने कहा। मतदान के बाद केंद्र पर ही मतगणना की कार्यवाही की जा रही है।
मतदाताओं में अपना प्रतिनिधि चुनने देखा गया उत्साह
अपना प्रतिनिधि चुनने मतदाताओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। नये मतदाता, बुजुर्ग, दिव्यांग, महिला सहित सभी वर्ग ने लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व में अपनी सहभागिता निभाई। ग्राम पंचायत पंधी की 90 वर्षीय श्रीमती दया बाई श्रीवास ने उम्र के इस पड़ाव में भी अपनी महती जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने बताया कि वे हमेशा मतदान करती है। उन्होेंने सभी से अनिवार्य रूप से मतदान करने की अपील की। इसी प्रकार ग्राम धनिया के 91 वर्षीय श्री कुंज बिहारी साहू ने भी मतदान किया। महिला मतदातओं ने भी बढ़-चढ़कर मतदान किया। ग्राम पंचायत परसदावेद की 70 वर्षीय महिला श्रीमती सत्यभामा, श्रीमती मोना पटेल और श्रीमती दुखनी बाई ने मतदान केन्द्र पहुंचकर मतदान किया। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सबकी भागीदारी जरूरी है। प्रशासन द्वारा मतदान केन्द्र में अच्छा इंजताम किया गया है। मस्तूरी जनपद पंचायत में मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। मतदान केन्द्र पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गई। प्रशासन द्वारा मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की सहूलियत के लिए छाया, पानी सहित अन्य सुविधाएं की गई थी।
हाईकोर्ट ने पदोन्नति नियमों में संशोधन को चुनौती देने वाली याचिका की खारिज
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के 15 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों द्वारा पदोन्नति नियमों में किए गए संशोधन को चुनौती देने वाली याचिका को हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने खारिज कर दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की बेंच ने स्पष्ट किया कि न्यायालय नियुक्ति प्राधिकारी की भूमिका नहीं निभा सकता और न ही संशोधित नियमों को रद्द करने का आधार प्रस्तुत किया गया है।
याचिका का विवरण
याचिकाकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा किए गए 2017 के पदोन्नति नियमों में संशोधन को चुनौती दी थी। उन्होंने 24 फरवरी 2022 को जारी नोटिस, जिसमें सहायक ग्रेड-III के 69 रिक्त पदों पर पदोन्नति हेतु लिखित परीक्षा और कौशल परीक्षा का आयोजन किया गया था, को असंवैधानिक बताया था। उनका तर्क था कि पुराने नियमों के तहत वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति दी जानी चाहिए थी, जबकि नए नियम अधिक कठिनाईपूर्ण हैं।
डिवीजन बेंच का फैसला
डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि न्यायालय नियुक्ति प्राधिकारी की कुर्सी पर बैठकर यह तय नहीं कर सकता कि नियोक्ता के लिए क्या उचित है। साथ ही, यदि कोई नियम या संशोधन आम आदमी की भलाई के लिए बनाया गया है, तो मात्र कठिनाई होने से उसे रद्द नहीं किया जा सकता।
पदोन्नति प्रक्रिया का पालन
हाई कोर्ट में पदस्थ 30 कर्मचारियों ने इस संशोधित प्रक्रिया में भाग लिया, जिनमें से 15 कर्मचारी परीक्षा में उत्तीर्ण हो गए और उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली। कोर्ट ने कहा कि जब याचिकाकर्ताओं ने जानबूझकर चयन प्रक्रिया में भाग लिया, तो वे इसके परिणामों पर प्रश्न नहीं उठा सकते।
संशोधित नियमों का प्रभाव
नए नियमों के तहत सहायक ग्रेड-III के पदों में पदोन्नति के लिए लिखित और कौशल परीक्षा को अनिवार्य किया गया है। 2003 में लागू नियमों के अनुसार, 25% पद वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर भरे जाते थे, जिसे 2015 में संशोधित कर 20% कर दिया गया।
कोर्ट की टिप्पणी
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं में से कुछ को समयमान वेतनमान और पदोन्नति दी गई है, इसलिए यह तर्क देना गलत होगा कि वे 15-20 वर्षों से बिना पदोन्नति के कार्यरत हैं। साथ ही, संशोधित नियमों को संविधान विरोधी बताने का कोई ठोस आधार प्रस्तुत नहीं किया गया।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि समय-समय पर नियमों में किए गए संशोधन आवश्यक होते हैं और अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते : परिवार से मिले 912 गुमशुदा बच्चे, घर में लौटी खुशियां
बिलासपुर। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे सिर्फ रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा ही नहीं, समाज सेवा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रहा है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आरपीएफ ने कई विशेष अभियानों के तहत यात्रियों की मदद, लावारिस सामान की वापसी, गुमशुदा बच्चों को उनके परिवार से मिलाने और अवैध टिकट दलालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।
पार्टी करने जा रही…’, घर से यह बोलकर निकली युवती ने प्रेमी संग की आत्महत्या
बिलासपुर। गुरुवार की शाम घरवालों से पार्टी करने जा रही हूं कहकर निकली युवती की लाश शुक्रवार को क्षत-विक्षत हालत में रेलवे ट्रैक पर मिलने से सनसनी फैल गई है। युवती के शव के पास में ही उसके प्रेमी युवक की भी लाश कई टुकड़ों में मिली है।माना जा रहा कि प्रेमी युगल ने ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली है। यह घटना चकरभाठा थाना क्षेत्र केपरसदा की है। जीआरपी मामले की जांच कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार, सिरगिट्टी क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 10 की रहने वाली 20 साल की तमन्ना मानिकपुरी का मोहल्ले मे रहने वाले 23 साल के सोमनाथ यादव के साथ लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था।हालांकि, इसकी खबर किसी को नहीं थी। 13 फरवरी की शाम युवती अपने घर में यह कहकर निकली कि उसे पार्टी में जाना है। देर शाम तक जब युवती घर नहीं लौटी, तो घरवाले उसकी तलाश में जुट गए। दूसरी ओर सोमनाथ भी घर से गायब था।
अगले दिन रेलवे ट्रैक पर मिली दोनों की लाश
अगले दिन लोगों को सूचना मिली कि चकरभाठा के परसदा रेलवे ट्रैक पर एक युवती और एक युवक की लाश क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ी हुई है। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। चूंकि, मामला रेलवे का था तो मौके पर जीआरपी पहुंची और शव का पंचनामा कर उसे चीरघर भेज दिया।
जांच में पता चला कि लाश सोमनाथ यादव और तमन्ना की है। आशंका जताई जा रही कि दोनों ने ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली है। उनके स्वजन को इसकी जानकारी दी गई। पोस्टमार्टम के बाद शव को स्वजन को सौंप दिया गया है। जीआरपी मामले की जांच कर रही है, अब तक दोनों के आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
घरवाले भी सकते में, किसी को नहीं हो रहा भरोसा
मृतक साेमनाथ मोहल्ले का चर्चित युवक था। मगर, अब तक किसी को इस बात की भनक नहीं लग सकी कि उसका मृतिका के साथ प्रेम संबंध था। साथ ही मोहल्लेवासियों को इस बात का भी भरोसा नहीं हो रहा कि युवक ऐसा कदम भी उठा सकता था। बताया जा रहा कि यदि उसे प्रेम विवाह भी करना होता, तो उसके स्वजन उसका विरोध नहीं करते।
पिता सब्जी व्यापारी और मां निगम सफाईकर्मी
युवती और उसके स्वजन मूल रूप से रायगढ़ जिले के रहने वाले हैं और कुछ समय से सिरगिट्टी में रह रहे हैं। मृतिका के पिता सब्जी बेचने का काम करते हैं। वहीं, उसकी मां निगम के सफाई गाड़ी में काम करती है।
बुआ की हत्या... फिर जेवर बेचकर गर्लफ्रेंड के साथ भागने का था प्लान, नाबालिग गिरफ्तार
बिलासपुर। बिल्हा क्षेत्र के ग्राम पौंसरी में रहने वाली महिला की उसके ही भतीजे ने हत्या कर दी। इसके बाद उसने परिवार को गुमराह किया। इधर, पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपित भाग निकला। सूचना पर पुलिस ने शव का पीएम कराया है। शव मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।आरोपित हत्या के बाद जेवर बेचकर अपनी गर्लफ्रेंड को लेकर भागने योजना बना चुका था।
इससे पहले ही आरोपित को उसके साथियों समेत पकड़ लिया गया है। बिल्हा क्षेत्र के ग्राम पौंसरी में रहने वाले बलदाऊ यादव ने अपनी बहन की हत्या की शिकायत की है।ग्रामीण ने बताया कि उनकी सबसे छोटी बहन जामफूल के पति की मौत हो चुकी है। वह मायके में ही अपने भाई बलदाऊ के घर पर रहती थी। चार महीने पहले भाई बलदाऊ बहन जामफूल और बेटे राजेश को गांव में छोड़कर कमाने के लिए बाहर चला गया।
इधर छह फरवरी की रात जामफूल गायब हो गई। रिश्तेदारों और आस-पास के गांव में तलाश के बाद बलदाऊ और भतीजे राजेश ने उसकी तलाश की। इसके बाद नौ फरवरी को उन्होंने महिला के गायब होने की शिकायत थाने में की। इस पर पुलिस ने गुम इंसान कायम कर महिला की तलाश शुरू कर दी।
पांच दिन बाद बदबू आने से खुला राज
करीब पांच दिन बाद राजेश ने बताया कि घर पर कोठी की ओर से किसी जानवर के मरने की बदबू आ रही है। साथ ही उसने बताया कि कमरे में ताला लगा है। चाबी जामफूल के पास है। बलदाऊ ने पूरे मामले की जानकारी गांव के सरपंच और पुलिस को दी। इस पर बुधवार को पुलिस की टीम गांव पहुंच गई।
पुलिस ने गांव वालों की मौजूदगी में कमरे का ताला तोड़ा। धान की कोठी में रेत भरी थी। इसे हटाने पर जामफूल का शव मिला। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर राजेश की तलाश की। तब तक वह फरार हो गया था। पुलिस ने गांव में ही घेराबंदी कर आरोपित राजेश को पकड़ लिया।
दोस्तों ने लाश को लगाया था ठिकाने
आरोपित बुआ के जेवर को बेचकर अपनी गर्लफ्रेंड को लेकर भागने की योजना बना चुका था। प्राथमिक पूछताछ में पता चला कि बुआ की हत्या की जानकारी उसने अपने दोस्तों को दी थी। दोस्तों ने ही शव को ठिकाने लगाने में मदद की थी। उसके सहयोगियों को भी पुलिस ने पकड़ लिया है। आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया है।
चावल और रुपये चुराने पर लगाई थी डांट
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि आरोपित राजेश आए दिन नशा करता था। कुछ काम नहीं करने के कारण वह नशा करने के लिए घर के चावल चोरी कर बेच देता था। उसकी बुआ गांव में रोजी मजदूरी करती थी। इससे मिले रुपयों को भी वह चोरी कर लेता था।
भगवान पारदेश्वर का 26 को होगा अद्भुत शृंगार
बिलासपुर । महाशिवरात्रि के दिन कई भव्य आयोजन होने जा रहे हैं, जिनमें मंदिरों और शिवालयों में विशेष साज-सज्जा, पूजन अर्चना, रुद्राभिषेक, महाअभिषेक और शिव बारात जैसे आयोजन प्रमुख होंगे। मसानगंज स्थित शिव मंदिर में शिव की पूजा आराधना की जाएगी। शिवरात्रि महोत्सव, 26 फरवरी के दिन भगवान पारदेश्वर का अद्भुत शृंगार किया जाएगा और भक्तों को अलौकिक दर्शन का सौभाग्य मिलेगा। इस विशेष महोत्सव के दौरान पुष्पहोली का आयोजन किया जाएगा। इस शिवरात्रि पर शहर और आसपास के क्षेत्र में भक्तों को भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत अवसर मिलेगा, जहां उन्हें न केवल धार्मिक अनुभव मिलेगा, बल्कि उनके आस्था और श्रद्धा का भी सम्मान होगा।
बिलासपुर के ज्योतिषाचार्य जागेश्वर अवस्थी ने कहा 31 साल बाद इस दिन बुध, शनि और सूर्य तीनों कुंभ राशि में विराजमान होंगे। ऐसे में बुधादित्य योग, त्रिग्रही योग का निर्माण हो रहा है। जो कई राशियों के लिए शुभ साबित होगा।श्रवण नक्षत्र इस दिन सुबह से लेकर शाम 5.08 बजे तक प्रभावी रहेगा।ा आसपास के लोगों ने पुलिस को दी। इसके बाद खमतराई पुलिस ने पूरे विवाद को शांत करवाया और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
कलेक्टर अवनीश शरण ने पत्नी रूद्राणी के साथ निगम चुनाव में किया मतदान
बिलासपुर। कलेक्टर अवनीश शरण ने पत्नी रूद्राणी के साथ निगम चुनाव में मतदान किया। मिशन स्कूल राजेंद्र नगर स्थित मतदान केन्द्र में लगभग 10 बजे पहुंचकर वोट डाले। सेल्फी जोन में फोटो खिंचाकर सभी को अनिवार्य रूप से मतदान करने का संदेश दिया।
CIMS मेडिकल कॉलेज में महिला चिकित्सक ने HOD पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) बिलासपुर में एक महिला चिकित्सक ने मेडिसिन विभाग के प्रमुख (HOD) पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उन्होंने शिकायत में अनुचित व्यवहार, मानसिक उत्पीड़न और शारीरिक अस्वीकृति का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
महिला डॉक्टर का आरोप और फेडरेशन की प्रतिक्रिया
पीड़ित महिला डॉक्टर, जो कि एमडी मेडिसिन द्वितीय वर्ष की पोस्ट ग्रेजुएट रेसिडेंट हैं, ने मेडिसिन विभाग के HOD डॉ. पंकज टेंभूर्निकर के खिलाफ छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने पिछले आठ महीने से लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया।
महिला चिकित्सक ने बताया कि जब वह आपातकालीन ड्यूटी पर थीं, तब डॉ. टेंभूर्निकर ने उनका मोबाइल फोन छीनकर फेंक दिया। इसके अलावा, उन्होंने मौखिक दुर्व्यवहार और अनुचित स्पर्श किए जाने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता ने कहा कि इन घटनाओं के कारण वह गंभीर मानसिक तनाव में हैं और उनका कार्य प्रदर्शन प्रभावित हो रहा है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा और मामले की निष्पक्ष जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की है। फेडरेशन ने यह भी कहा कि यदि त्वरित कार्रवाई नहीं होती है, तो वे कानूनी कदम उठाने को बाध्य होंगे।
CIMS प्रशासन की प्रतिक्रिया और उठाए गए कदम
इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद CIMS प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 6 फरवरी को एक आपात बैठक बुलाई। बैठक में निम्नलिखित निर्णय लिए गए:
डॉ. अमित कुमार ठाकुर को पीजी स्टूडेंट्स का रोस्टर, उपस्थिति, वर्कबुक एवं लॉग बुक का प्रभारी नियुक्त किया गया। सभी पीजी छात्र अब सीधे HOD से संपर्क न करके डॉ. ठाकुर से मार्गदर्शन लेंगे।
डॉ. पंकज टेंभूर्निकर को विश्वविद्यालय की परीक्षाओं से अलग रखा गया है, क्योंकि कुछ पीजी रेसिडेंट उनके रिश्तेदार हैं।
महिला पीजी रेसिडेंट द्वितीय वर्ष को मेडिसिन विभाग के HOD की यूनिट में पोस्टिंग नहीं दी जाएगी।
इस मामले की जांच जारी है और डॉक्टर्स फेडरेशन उचित न्याय की मांग कर रही है।
पहली बार वोट डालने वाले युवा मतदाताओं ने जताई खुशी
बिलासपुर, 11 फरवरी 2025/जिले के डीपी लॉ कॉलेज के मतदान केंद्र क्रमांक 413 में पहली बार मतदान करने आई युवा मतदाता प्रियांशी सिन्हा वोट डालने के लिए उत्सुक थी। प्रियांशी ने लाइन में खड़े होकर वोट डालने के लिए अपनी बारी आने का इंतजार किया। प्रियांशी ने कहा कि वह पहली बार वोट डाल रही है, और बहुत खुश है क्योकि मेरे पास अपना प्रतिनिधि चुनने की निर्णायक शक्ति है। वोट देना हमारा कर्तव्य है और सभी को अपने वोट का प्रयोग सोच समझकर करना चाहिए। इसी तरह छात्रा निधि गुप्ता, समीक्षा भोसले और मानसी यादव ने पहली बार मतदान किया। इसी तरह महामाया टेक्निकल कॉलेज रतनपुर के युवा मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर मतदान में अपनी भागीदारी निभाई।
श्री राम प्रसाद यादव ने सपत्नीक बिलासपुर नगर निगम अंतर्गत मिशन स्कूल स्थित मतदान केंद्र में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया
मतदान को लेकर लोगों में उत्साह,77 वर्षीय बुजुर्ग श्री राम प्रसाद यादव ने सपत्नीक बिलासपुर नगर निगम अंतर्गत मिशन स्कूल स्थित मतदान केंद्र में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, उन्होंने सभी से मतदान करने की अपील की।
श्री अमितेन्द्र किशोर प्रसाद ने नगर निगम चुनाव 2025 में सपत्नीक मतदान किया।
हाईकोर्ट बिलासपुर के जस्टिस श्री अमितेन्द्र किशोर प्रसाद ने नगर निगम चुनाव 2025 में सपत्नीक मतदान किया। उन्होंने स्थानीय केन मेमोरियल इंग्लिश मीडियम हायर सेकन्डरी स्कूल स्थित मतदान केन्द्र में पत्नी श्रीमती सुप्रिया प्रसाद के साथ पहुंचकर अपने मताधिकार का उपयोग किया।