छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
बिलासपुर, रायगढ़ व रेलवे ने जीत के साथ खोला खाता
बिलासपुर। पांचवी छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय हाकी चैंपियनशिप का बुधवार को डिप्टी सीएम अरुण साव के हाथों विधिवत शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने की। हालांकि मैच की शुरुआत सुबह सात से प्रारंभ हो गई थी।
प्रतियोगिता का पहला मैच पुरुष वर्ग में बेमेतरा व रायगढ़ के बीच खेला गया। इसमें रायगढ़ ने बेमेतरा को 7-1 गोल से करारी शिकस्त दी। दूसरे मैच में कोरबा व जांजगीर की टीम आमने- सामने थी। यह मैच जांजगीर के पक्ष में रहा। उन्होंने कोरबा को 12-0 गोल से हराया। तीसरे मैच में दक्षिण पूर्व मय रेलवे की टीम ने जशपुर को 8-0 गोल से पराजित किया। चौथा मैच सरगुजा विरुद्ध कबीरधाम के बीच खेला गया। जिसने कबीरधाम ने 6-1 से शानदार विजय दर्ज की। पांचवा मैच रायपुर व दंतेवाड़ा के बीच खेला गया जिसमें रायपुर ने एकतरफा मुकाबले में 17-2 से दंतेवाड़ा को रौंद दिया।
पुरुष वर्ग के बाद महिलाओं का मुकाबला प्रारंभ हुआ। पहला मैच जांजगीर विरुद्ध कोरबा के बीच खेला गया। जिसमें कोरबा की टीम ने दो के मुकाबले तीन गोल से जीत दर्ज की और अंतिम मैच पुरुष वर्ग में महासमुंद विरुद्ध बिलासपुर के बीच खेला गया, जिसमें बिलासपुर ने 6-0 से जीत दर्ज की। कार्यक्रम का संचालन धनीराम यादव ने किया एवं आभार प्रदर्शन रोहित वाजपेई ने किया।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष रामदेव कुमावत ,राजेश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान, सीसीएम एससीआर रेलवे बिलासपुर के नवीन सिंह, सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग ए एक्का, फिरोज अंसारी, अध्यक्ष हाकी छत्तीसगढ़ डा. मनीष श्रीवास्तव महासचिव हाकी छत्तीसगढ़ इंसान अली, रवि पारेख , मंजुला विश्वास, रेखा गुला, पूर्णिमा पिल्ले, सोनू सिंह, सुल्तान , अमिताभ मानिकपुरी, शेख मोइनुद्दीन, ईखलाख अली विशेष रूप से उपस्थित रहें।
घर के बेसमेंट में बना रखी थी फैक्ट्री, 3 सौ लीटर शराब जब्त, पति-पत्नी गिरफ्तार
बिलासपुर,। जिले के रतनपुर क्षेत्र में पति-पत्नी ने अपने घर में कच्ची शराब बनाने की फैक्ट्री खोल कर रखी थी। दोनों थोक के भाव में शराब की बिक्री करते थे और पकड़े न जाएं इसलिए घर के अंदर तलघरनुमा कमरा बनाकर वहां शराब बनाते थे। दोनों के पास से छापेमारी के दौरान 300 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, रतनपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि, ग्राम जाली में पति-पत्नी भारी मात्रा में कच्ची शराब बनाकर बेचते हैं। जिसके बाद पुलिस ने अचानक घर में छापा मारा। घर के अंदर घूसने पर पुलिस को सबकुछ समान्य लग रहा था। लेकिन तभी पुलिस की टीम को नीचे जाने का रास्ता दिखाई दिया, जब पुलिस तलघर में पहुंची, तो उसके होश उड़ गए। तलघर में शराब बनाने की पूरी फैक्ट्री लगी हुई थी।बातचीत के दौरान पुलिस ने बताया कि, रतनपुर क्षेत्र के ग्राम जाली निवासी दीपक कुमार नेताम उर्फ बाबा पिता लखनलाल नेताम और उसकी पत्नी पूजा नेताम भारी मात्रा में शराब बनाते थे। इसको दोनों आसपास के क्षेत्रों में थोक में शराब की बिक्री करते थे। वहीं मौके से पुलिस ने 300 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की है और आरोपी दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया है।
कलेक्टर ने एक पेड़ मां के नाम अभियान की अपने घर से की शुरुआत
बिलासपुर ।एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत कलेक्टर अवनीश शरण ने अपनी माता जी के साथ मिलकर कलेक्टर निवास परिसर में नीम का पौधा लगाया। उन्होंने सभी आम और खास लोगों से इस महा अभियान में हिस्सेदारी निभाते हुए अपनी मां के नाम पर पौधा लगाने की अपील की है। जिला पंचायत सीईओ रामप्रसाद चौहान ने भी अपनी आवासीय परिसर स्थित बाड़ी में अमरूद के पौधे लगाए।
कस्टम मिलिंग चावल जमा करने में लापरवाही पर कार्रवाई
बिलासपुर । खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के उठाव पश्चात् कस्टम मिलिंग चावल जमा हेतु जिले के समस्त राईस मिलरों की समीक्षा बैठक कलेक्टर अवनीश शरण की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी।
समीक्षा बैठक में अनुबंधित सभी राईस मिलर्स को निर्धारित समय-सीमा में अनुपातिक चावल भारतीय खाद्य निगम एवं नागरिक आपूर्ति निगम में जमा करने हेतु निर्देशित किया गया एवं ऐसे मिलर्स जिनके द्वारा कस्टम मिलिंग के चावल जमा करने में लापरवाही बरती जा रही है, के विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिये गये थे। उपरोक्त निर्देश के परिपालन में आज जेठू बाबा इण्डस्ट्रीज, बहतराई, बिलासपुर का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण में खाद्य विभाग के सहायक खाद्य अधिकारी अजय मौर्य, खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार एवं धीरेन्द्र कश्यप के द्वारा किया गया। जांच में मिल संचालक द्वारा कस्टम मिलिंग चावल 'जमा करने में उदासीनता बरतना पाया गया। मिल परिसर का भौतिक सत्यापन करने पर धान की मात्रा में अनियमितता किया जाना पाया गया।
जिसमें मिल में संधारित अभिलेख अनुसार 34545 क्विंटल धान उपलब्ध होना चाहिए था, जबकि जॉच में मौके पर 34775 क्विंटल धान उपलब्ध पाया गया।
इस प्रकार मौके पर 230 क्विंटल धान अधिक होना पाया गया, जिसे मौके पर संचालक से जप्त करते हुए स्वयं संचालक की सुपुर्दगी में दिया गया। इस प्रकार मिल संचालक द्वारा 713000 रूपये शासकीय मूल्य के धान के रख-रखाव में अनियमितता किया जाना प्रमाणित होता है।
मिल संचालक का उपरोक्त कृत्य छ०ग० चावल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधान का उल्लंघन है एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत् दण्डनीय हैं। उपरोक्त गड़बड़ी के संबंध में प्रकरण निर्मित कर कलेक्टर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। कलेक्टर बिलासपुर के निर्देशानुसार निर्धारित अवधि में चावल जमा नहीं करने वाले एवं सी०एम०आर० कार्य में लापरवाही बरतने वाले मिलर्स के विरूद्ध आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
छत्तीसगढ़ : वन सेवा भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप, हाईकोर्ट पहुंचे अभ्यर्थी
बिलासपुर | वन सेवा भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में 8 अभ्यर्थियों द्वारा याचिका लगाई है, जिसमें कहा गया है कि फिजिकल टेस्ट में फेल हो चुके लोगों को दोबारा मौका देकर वेटिंग लिस्ट के उम्मीदवारों को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है. यह नियमों और प्रावधानों के खिलाफ है. मामले में जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल ने शासन से जवाब मांगा है और वन सेवा भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है.
धान खरीदी के लिए पंजीयन एवं संशोधन 31 तक
बिलासपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु किसान पंजीयन हेतु दिशा-निर्देश शासन द्वारा जारी किये गये है। निर्देशानुसार एकीकृत किसान पोर्टल में दिनांक 31 अक्टूबर तक पंजीयन एवं पंजीकृत फसल के साथ रकबे में संशोधन की कार्यवाही किया जाना है। किसान द्वारा धान विक्रय के समय धान खरीदी केन्द्र में स्वयं उपस्थित होकर या उनके द्वारा नामांकित नामिनी के द्वारा उपस्थित होकर बायोमेट्रिक आधारित खरीद प्रणाली के माध्यम से धान का विक्रय किया जावेगा, जिसके लिये किसान पंजीयन अविधि के दौरान किसान का एवं उसके नामिनी का आधार नम्बर लिया जावेगा। नामिनी के रूप में किसान के परिवार के नामित सदस्य एवं अन्य करीबी रिश्तेदार को मान्य किया जाएगा।
किसान यदि गत वर्ष पंजीकृत नॉमिनी में परिवर्तन करना चाहता है जो समिति स्तर पर संशोधन किसान द्वारा कराया जावेगा। साथ ही इस वर्ष नवीन पंजीकृत कृषकों से भी नॉमिनी की जानकारी एकत्रित की जावेगी। दिनांक 30 सितम्बर की स्थिति में जिले में 574 नवीन कृषकों द्वारा पंजीयन कराया गया है। पूर्व खरीफ वर्ष के 1,05,558 कृषकों का पंजीकृत रकबा 1,18,136 हेक्टेयर के कैरी फॉरवर्ड की कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है एवं शेष पूर्व वर्ष के पंजीकृत कृषकों के पंजीयन कैरी-फॉरवर्ड प्रक्रियाधीन है। अतः जिले के समस्त ऐसे किसान जिनका इस वर्ष नॉमिनी परिवर्तन, रकबा संशोधन, नवीन पंजीयन सम्बन्धित कार्य कराना है, के द्वारा अपने सम्बन्धित समिति में दिनांक 31 अक्टूबर 2024 के पूर्व उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत करते हुए उपरोक्त कार्यवाही पूर्ण करा सकते है।
सड़कों पर अब कम दिखाई देते हैं जानवर
समवेत प्रयासों से जिले में आवारा पशुओं का हो रहा बेहतर प्रबंधन
बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से आवारा पशुओं के प्रबंधन में काफी हद तक कामयाबी मिली है। सड़कों पर पशुओं का सामूहिक कब्जा अब कम देखने को मिलता है। दुर्घटना भी अब नहीं के बराबर नोट की जा रही है। पशुओं की टैगिंग और गले में रेडियम बेल्ट पहनाए जाने से पशुओं की पहचान आसान हुई है। टैगिंग से पशु मालिक का पता चल जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे के ग्रामों में आयोजित जन चौपाल से मालिकों में जागरूकता आई है। वे अपने पशुओं की ठीक से निगरानी कर रहे हैं। कलेक्टर अवनीश शरण हर रोज इसकी नियमित समीक्षा करते हैं। इसके अलावा राजस्व, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम सड़कों पर पशुओं की निगरानी भी कर रहे हैं। इस बीच जोगीपुर में गो अभ्यारण्य भी तेजी से विकसित हो रहा है। पशुओ के प्रबंधन के लिए 354 वॉलेन्टियर्स भी बनाए गए हैं जो पशु प्रबंधन में मदद कर रहे हैं।
बैगा, बिरहोर आदिवासियों को अब तक 300 जोड़ी बैल वितरित
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बैगा, बिरहोर आदिवासियों को निःशुल्क बैल जोड़ी वितरित किया गया। अब तक 300 आदिवासी किसान परिवारों को बैल जोड़ी बांटा जा चुका है। खेती-किसानी की उन्नति में वे इन बैल जोड़ियों का उपयोग करेंगे। ये वे घूमंतु बैल हैं जिन्हें सड़क से उठाकर मोपका गोठान में रखा गया था। उनके मालिकों को सूचना देने के बावजूद उनके द्वारा नहीं ले जाया गया इसलिए इन बैलों को जब्त कर बैगा आदिवासियों को इन बैलों का वितरण किया गया।
जनचौपाल का सिलसिला लगातार जारी
माननीय उच्च न्यायालय के आदेश एवं मुख्य सचिव के निर्देश पर जिले के प्रमुख नेशनल और स्टेट राजमार्गों में घुमन्तू पशुओं के कारण होने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिले में निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए पशुपालकों को प्रेरित करने एवं उनके व्यवहार में परिवर्तन लाने हेतु जिले के चिन्हांकित क्षेत्रों में जनचौपाल का भी आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग क. 130 अंतर्गत दर्रीघाट वि.खं. मस्तूरी एवं सेंदरी विखं बिल्हा को चिन्हित किया गया है। यहां जनचौपाल का आयोजन कर पशुपालकों को समझाईश देते हुए इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। अब तक 202 जन चौपाल का आयोजन किया गया है। इसी प्रकार अन्य जनचौपाल के लिए तिथियां निर्धारित कर ली गई है।
जनचौपाल के तहत जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पशुपालकों की उपस्थिति में जनचौपाल का आयोजन किया जा रहा है जिसमें पशुपालकों को घुमन्तू पशुओं को सड़क पर छोड़े जाने से होने वाले समस्याओं से अवगत कराने के साथ साथ पशुओं को सड़कों पर नहीं छोड़ने हेतु अपील एवं समझाईश दिया गया, जिससे घुमन्तू पशुओं के कारण सड़कों में होने वाली समस्याओं में कमी आ आई है। इस संबंध में सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों के द्वारा विभागीय योजनाओं के लाभ तथा इससे आवारा पशु नियंत्रण में प्रभावी उपयोग पर जानकारी दी जा रही है, जिसका सकारात्मक प्रभाव ग्रामीणों एवं पशुपालकों पर पड़ा तथा आवारा पशुओं के नियंत्रण के संबंध में ग्रामीणों द्वारा सुझाव भी दिये गये ।
तेजी से आकार ले रहा है जोगीपुर गो अभ्यारण्य
जोगीपुर में डेढ़ सौ एकड़ क्षेत्र में गो अभ्यारण्य तेजी से आकार ले रहा है। कोटा विकासखण्ड के ग्राम जोगीपुर में विशाल गो अभयारण्य विकसित किया जा रहा है। लगभग 154 एकड़ भूमि इसके लिए चिन्हांकित की गई है। जिला मुख्यालय से कोई 30 किमी दूर नदी,नालों,तालाबों और हरियाली से भरपूर यह इलाका अभयारण्य के लिए बेहद अनुकूल जगह है। बीमार, अपाहिज, आवारा एवं सड़कों से हटाये गए जानकारों को यहां पनाह दिया जायेगा। उनकी देखरेख एवं चारा पानी की समुचित व्यवस्था इस अभयारण्य में रहेगी। अभी यहां समतलीकरण कार्य एवं शेड निर्माण किया जा रहा है। मनरेगा, पशुधन विकास सहित विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से इसका विकास किया जायेगा। इसके नजदीक सोलर चालित पम्प एवं बोर की व्यवस्था जल्द ही की जाएगी। चारे की निरंतर उपलब्धता के लिए 24 एकड़ में चारागाह विकसित किया जायेगा।
आवारा मवेशियों में जियो टैगिंग
सड़कों पर घूमने वाले आवारा घूमने वाले मवेशियों की टैगिंग की जा रही है। उन्हें गले में रेडियम बेल्ट भी पहनाए जा रहे हैं। 1207 पशुओं को ईयर टैगिंग और 7284 पशुओं में रेडियम कॉलर बेल्ट लगाया जा चुका है। इस कार्य से पशुओं की पहचान आसान हुई है। टैगिंग से पशु मालिक का पता चल जा रहा है।
प्रयास विद्यालय के छात्रों के प्रदर्शन पर हाईकोर्ट ने जताई चिंता, जांच के निर्देश...
बिलासपुर। रायपुर में हाल ही में प्रयास विद्यालय के छात्रों द्वारा किए गए प्रदर्शन और चक्काजाम को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस मामले को जनहित याचिका के रूप में लिया गया है, और हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा ने छात्रों के सड़क पर उतरने की घटना पर सख्त सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, "बच्चों को सड़क पर उतरने की अनुमति कैसे दी जा रही है?"
जांच और शपथ पत्र का निर्देश
चीफ जस्टिस ने इस घटना की जांच कराने के निर्देश छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्य सचिव को दिए हैं। साथ ही, मामले में अगली सुनवाई तक जांच की रिपोर्ट शपथ पत्र के रूप में प्रस्तुत करने को कहा है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो और बच्चों को सड़क पर उतरने से रोका जा सके।
प्रबंधन पर सवाल
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु शामिल थे, ने छात्रों के सड़क पर उतरने पर स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा, "प्रबंधन क्या कर रहा है, बच्चे सड़क पर कैसे आ रहे हैं?" कोर्ट ने अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को निर्धारित की है।
सरकार की प्रतिक्रिया पर नाराजगी
मामले की सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत और उप महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने कोर्ट को बताया कि छात्रों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों ने संज्ञान में लिया है और उनका समाधान किया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने शासन की प्रतिक्रिया पर नाराजगी जताई और कहा कि सरकारी संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं की कमी क्यों हो रही है?
अभिभावकों से मिलने की सलाह
चीफ जस्टिस ने सुझाव दिया कि अगर संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं की कमी हो रही है या अनियमितता है, तो छात्रों को अपने अभिभावकों के माध्यम से संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए। हाईकोर्ट ने शासन से इस मामले को गंभीरता से लेने का आदेश दिया है, ताकि भविष्य में छात्रों को सड़क पर उतरने की नौबत न आए। अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी, जिसमें मामले की और गहन समीक्षा की जाएगी।
रेलवे ने फिर से रद्द की ट्रेन रद्द, यात्रियों को मिलेगी परेशानी
रेलवे ने फिर से रद्द की ट्रेन रद्द, यात्रियों को मिलेगी परेशानी देखे सुचि :-
बिलासपुर भीषण गर्मी में ट्रेन यात्रियों की मुश्किलें थंबने का नाम नहीं ले रही है रेलवे प्रबंधक ने के द्वार लगातर यात्री ट्रेनों से निरंतर किए जा रहे हैं एक एक बार एफआईआर रेलवे प्रशासन द्वार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से नागपुर रेल मंडल के नेता जी सुभाष चंद्र बोस इतवारी रेलवे स्टेशन में पुलिंग कार्य का हवाला दे 8 मई से 31 मई तक तक छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 22 यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है ।
रद्द होने वाली गाड़ियाँ :-
1. 10 मई 2024 तक डूंगरगढ़ से चलने वाली 08711 डोंगरगढ़ गोंदिया मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
2. 9 मई से 11 मई 2024 तक गोंदिया से चलने वाली 08712 गोंदिया डूंगरगढ़ मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
बिलासपुर में राहुल की चुनावी सभा, देवेंद्र यादव के पक्ष में करेंगे प्रचार
बिलासपुर , कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार को छ्त्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे न्यायधानी बिलासपुर के सकरी में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। बिलासपुर लोकसभा प्रत्याशी देवेंद्र यादव के पक्ष में तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत सकरी सिंचाई कॉलोनी मैदान में सभा लेकर प्रचार करेंगे। इस मौके पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट, पीसीसी चीफ दीपक बैज, पूर्व सीएम भूपेश बघेल सहित प्रदेश कांग्रेस के सीनियर नेता मौजूद रहेंगे। सभा को लेकर सभी तैयारियां कर ली गई हैं।
इससे पहले राहुल गांधी की सभा की तैयारी को लेकर पार्टी के सीनियर नेताओं का बिलासपुर दौरा हो चुका है। कांग्रेस के सचिव और पीसीसी के सह प्रभारी विजय जांगिड़, महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य फूलोदेवी नेताम ने दौरा कर सभा की तैयारियों का जायजा लिया था। राहुल गांधी की सभा में भीड़ जुटाने के लिये पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। करीब 1 लाख भीड़ जुटाने का टारगेट दिया गया है। इस सभा में बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के लोरमी, मुंगेली, तखतपुर, बिल्हा, बिलासपुर, बेलतरा, मस्तूरी और कोटा विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में कांग्रेसी और ग्रामीण पहुंचेंगे।
शांतिपूर्ण निर्वाचन सम्पन्न कराने शहर में सुरक्षाबलों ने किया फ्लैग मार्च
कलेक्टर एवं एसपी भी हुए फ्लैग मार्च में शामिल
बिलासपुर ,शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त निर्वाचन सम्पन्न कराने हेतु आज शहर में सुरक्षाबलों द्वारा फ्लैग मार्च किया गया। फ्लैग मार्च में जवानों के साथ कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अवनीश शरण, एसपी राजनेश सिंह भी साथ-साथ चले। फ्लैग मार्च पुलिस परेड ग्राउण्ड से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। इस फ्लैग मार्च में सुरक्षा बलों की विभिन्न टुकड़ियों के सैकड़ो जवान शामिल हुए।
कलेक्टर ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त निर्वाचन सम्पन्न कराने के लिये आप पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। कलेक्टर ने कहा कि इस फ्लैग मार्च का उद्देश्य 07 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शहरवासियों को अधिक से अधिक संख्या में मतदान हेतु जागरूक करते हुए स्वतंत्र, सुरक्षित और शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शहर के मध्य स्थित घनी आबादी वाले इन इलाकों में पुलिस और प्रशासन का संयुक्त फ्लैग मार्च निर्वाचन के प्रति मतदाताओं के विश्वास को बढ़ाएगा, साथ ही चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए किसी भी प्रकार के असामाजिक तत्वों को सुरक्षा बलों की तैनाती से साफ संदेश देने का प्रयास किया गया है। एसपी श्री राजनेश सिंह ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में सुरक्षाबलों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। निर्वाचन प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए जिले में सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि 07 मई को आयोजित होने वाले लोकसभा निर्वाचन की प्रक्रिया निर्बाध रूप से संपन्न कराई जाएगी।
शहर के इन मार्गो में हुआ फ्लैग मार्च
फ्लैग मार्च पुलिस परेड ग्राउंड से शुरू होकर ईदगाह चौक, सिम्स चौक, सदर बाजार, कोतवाली चौक, हटरी चौक, गांधी चौक, दयालबंद नारियल कोठी, जगमल चौक, गुरूनानक चौक, तोरवा थाना होकर रेलवे स्टेशन इंदिरा चौक, टैगोर चौक, पुराना बस स्टैण्ड, सीएमडी चौक, गायत्री मंदिर, मैग्नेटो मॉल, महिमा तिराहा, भारतीय नगर चौक, तैयबा नगर चौक, मगरपारा चौक, राजीव गांधी चौक, महाराणा प्रताप चौक होते हुए शहर के प्रमुख मार्गो से गुजरा।
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी हुए शामिल
नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, एडिशनल एसपी उमेश कश्यप, सीएसपी आईपीएस पूजा कुमार, बिलासपुर एसडीएम पीयूष तिवारी सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी सहित बड़ी संख्या में जवान उपस्थित रहें।
किसानों का धान बेचने के प्रयास में पकड़ाया व्यापारी, 225 कट्टा अवैध धान जब्त
बिलासपुर । कलेक्टर शरण ने धान खरीदी व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने के सख्त निर्देश खाद्य विभाग को दिए है। निर्देशों का पालन करते हुए खाद्य विभाग की ओर से इस पर पैनी निगाह रखी जा रही है। इसी कड़ी में केंदा सेवा सहकारी समिति में 3 किसानों की पर्ची पर धान बेचने का प्रयासर करते हुए एक व्यापारी से 225 कट्टा अवैध धान जब्त किया गया है।
सिलपहरी के किसान कृपाल सिंह एवं विजय कुमार, इसी प्रकार बरपाली के किसान रामसिंह का धान बेचने 1 दिसम्बर को केंदा समिति से पर्ची काटी गई थी। टोकन के आधार पर तीन किसान से 225 कट्टा धान ड्राईवर पारस जैन, हरिश्चंद्र, सोमदेव प्रजापति एवं अनिल पटेल द्वारा लाया गया था। इस दौरान जांच अधिकारी खाद्य निरीक्षक अब्दुल कादिर खान ने मौके पर पहंुचकर पूछताछ की चारों ड्राईवरों द्वारा इस धान को व्यापारी से लाना स्वीकार किया गया। इन सभी से 225 कट्टा धान जब्त की गई है।
दो ग्रामीणों की जान लेने वाले घायल भालू की मौत
कानन पेंडारी जू में इलाज के दौरान दम तोड़ा
बिलासपुर। मरवाही वन मंडल में दो ग्रामीणों की जान लेने और पांच अन्य को घायल करने वाले भालू की कानन पेंडारी जू में उपचार के दौरान मौत हो गई। रविवार की रात गंभीर रूप से घायल इस भालू को जू में इलाज के लिए लाया गया था, जहां सोमवार रात को उसकी हालत बिगड़ गई और करीब 11 बजे उसकी मौत हो गई।
वन विभाग के अनुसार, भालू की मौत उसके शरीर पर गहरे घावों की वजह से हुई, जो उसे ग्रामीणों द्वारा हमले के दौरान लगे थे। भालू पर चार स्थानों पर टांगी से हमले के निशान पाए गए थे, जो अत्यधिक घातक साबित हुए। जू के वन्य प्राणी चिकित्सक पीके चंदन ने भालू का इलाज किया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका।
रेस्क्यू के बाद उपचार के लिए लाया गया था जू
मरवाही वन मंडल के अधिकारियों ने भालू की आक्रामकता के चलते रेस्क्यू अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। कुछ घंटों की मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने भालू को ट्रैंक्यूलाइजर गन से बेहोश किया और उपचार के लिए कानन पेंडारी जू भेजा। वहां रात 10:30 बजे उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी, लेकिन आधे घंटे के भीतर उसने दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम के बाद होगा अंतिम संस्कार
जू के वन्य प्राणी चिकित्सालय में भालू का पोस्टमार्टम किया जा रहा है, जिसके बाद वन विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। भालू नर था और उसकी उम्र लगभग 9 से 10 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
वन विभाग की पूरी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सके।
शराब घोटाला मामले में त्रिपाठी-ढिल्लन की जमानत याचिका खारिज...
बिलासपुर। कथित 2200 करोड़ के शराब घोटाले में आरोपी आबकारी विभाग के निलंबित अफसर अरुणपति त्रिपाठी और त्रिलोक ढिल्लन की जमानत अर्जी को हाईकोर्ट ने एक बार फिर से खारिज कर दिया है।
जस्टिस अरविन्द कुमार वर्मा की कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की है। कोर्ट ने माना, भ्रष्टाचार वास्तव में मानव अधिकारों का उल्लंघन है। भ्रष्ट लोकसेवकों का पता लगाना और ऐसे व्यक्तियों को दंडित करना ही भ्रष्टाचार अधिनियम का मकसद है। उल्लेखनीय है कि, बीते माह हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। उल्लेखनीय है कि, EOW ने शराब घोटाला, नकली होलोग्राम मामले में एफआईआर दर्ज की है। EOW द्वारा गिरफ्तारी के बाद एपी त्रिपाठी और कारोबारी त्रिलोक ढिल्लन ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अलग- अलग अर्जी लगाई थी।
साप्ताहिक जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं
बिलासपुर। कलेक्टर अवनीश शरण ने साप्ताहिक जनदर्शन में दूर-दराज से आये लोगों की समस्याएं सुनी। जनदर्शन में आज मांग और शिकायतों से संबंधित लगभग 80 आवेदन मिले। कलेक्टर ने सभी की समस्याओं को इत्मीनान से सुना और निराकरण योग्य आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदन भेजते हुए जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए।
साप्ताहिक जनदर्शन में मस्तूरी तहसील के ग्राम पंचायत पोड़ी के ग्रामवासी और सरपंच ने आवास योजना में गड़बड़ी करने के संबंध में रोजगार सहायक मन्नू यादव को हटाये जाने की मांग की है। कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत मस्तूरी को पत्र भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शासकीय हाई स्कूल खुरदुर के व्याख्याता श्री किरण कुमार गरघट ने 10 माह से लंबित वेतन दिलाने की गुहार कलेक्टर से लगाई । उन्होंने बताया कि वेतन नहीं मिलने से पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहें है। कलेक्टर ने डीईओ को आवेदन भेजते हुए उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जनपद पंचायत तखपुर के वन प्रबंधन समिति द्वारा पौधारोपण स्थल से बेजा कब्जा हटाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया है। कलेक्टर ने मामले को तखतपुर एसडीएम को सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई करने कहा। ग्राम पंचायत खम्हरिया के सरपंच एवं ग्रामवासियों ने बताया कि वे विगत 6 माह से ट्रांसफार्मर के जल जाने से बिजली की समस्याओं से जूझ रहे है। उन्होंने बताया कि बिजली विभाग को लिखित में जानकारी देने के बाद भी उचित कार्रवाईन नहीं की गई है। कलेक्टर ने आवेदन बिजली विभाग को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।
बिल्हा ब्लॉक के ग्राम पंचायत चोरहा देवरी की संरपंच ने स्कूल में पदस्थ भूपेन्द्र बंजारे का अन्यत्र ट्रांसफर करने की मांग की। बेलतरा तहसील के लखराम गांव निवासी चंडीबाई ने जमीन पर अवैध कब्जा करने की शिकायत की। ग्राम मोहरा निवासी देवी लाल रजक 13 वर्षाे से तेंदूपत्ता कार्यालय वनविभाग के गोदाम में चौकीदार के पद पर कार्य कर रहे है। उन्होंने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि पारिवारिक समस्याओं को देखते हुए उन्हे चौकीदार पद से नहीं निकाला जाए। कलेक्टर ने इस आवेदन को डीएफओ को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
ढाई हजार किलो गांजा जलाया फैक्ट्री में, 83 हजार टेबलेट किए नष्ट
बिलासपुर। रेंज के सभी थानों में जब्त गांजा और नशीले पदार्थों को सोमवार की सुबह मोहतराई स्थित फैक्ट्री में नष्ट कर दिया गया। इस दौरान करीब 2588 किलो गांजा फैक्ट्री भट्ठी में झोंका गया। साथ ही करीब 93 हजार टेबलेट नष्ट किए गए।एएसपी अर्चना झा ने बताया कि जिन मामलों का न्यायालय से निराकरण हो चुका है ऐसे प्रकरण में जब्त नशीले पदार्थों को नष्ट करने रेंज स्तरीय समिति बनाई गई है।
समिति के अध्यक्ष आइजी डा संजीव शुक्ला हैं। इसमें सदस्य के रूप में एसपी रजनेश सिंह, कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी और क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिले के 72 मामलों में जब्त नशीले पदार्थों को नष्ट करने के निर्देश मिले। इसके अलावा कोरबा जिले के 96, जांजगीर-चांपा के 37, मुुुंगेली के 13, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के 35, सारंगढ़ बिलाईगढ़ के 10, सक्ती जिले के 12 मामलों में जब्त नशीले पदार्थों को नष्ट किया जाना था।
समिति ने सोमवार को रेंज के सभी थानों से लाए नशीले पदार्थों को मोहतराई स्थित एक फैक्ट्री में नष्ट कर दिया गया है। इसमें 2588 किलो गांजा, 367 गांजा के पौधे, तीन ग्राम ब्राउन शुगर, 440 ग्राम चरस, चार ग्राम एमडीएमए, एक हजार 271 नग प्रतिबंधित सिरप, 93 हजार 641 नशीले टेबलेट और पांच हजार 638 नशीले इंजेक्शन के एंपुल को नष्ट किया गया है।
सोलर पावर के विस्तार में सबसे बड़ी बाधा बन रही एकमुश्त आने वाली लागत
बिलासपुर। बिजली की बढ़ती खपत और भविष्य में इसकी संभावित कमी को देखते हुए सरकारें सोलर पावर को प्रमोट कर रही हैं। इसके बावजूद घरेलू स्तर पर सोलर पैनल लगाने वालों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो रही। शहरी क्षेत्र में हर साल 40 से 45 लोग ही इसे अपना रहे हैं।
एकमुश्त लागत और त्वरित लाभ न मिलने के कारण लोग सोलर पावर अपनाने में हिचक रहे हैं।स्थानीय लोगों का मानना है कि सोलर पैनल लगाने में एकमुश्त आने वाली लागत सबसे बड़ी बाधा है। एक किलोवाट सोलर पैनल लगाने के लिए लगभग एक लाख रुपये तक का खर्च आता है।
इसमें सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी के बाद भी 80-85 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। यह खर्चा अधिकांश परिवारों के लिए भारी साबित हो रहा। इसी के विपरीत कृषि और कमर्शियल क्षेत्रों में सोलर पावर की डिमांड तेजी से बढ़ी है।
बैटरी रिन्यूअल का खर्च भी चिंता का कारण
स्थानीय निवासी अखिलेश तिवारी ने बताया कि उनके घर पर रूफटाप सोलर पावर लगा हुआ था। लेकिन बैटरी खराब हो जाने के चलते वह लंबे समय तक निष्क्रिय पड़ी रही। वह कहते हैं कि सोलर पावर सिस्टम में बैटरी की नियमित देखभाल और समय-समय पर बैटरी बदलने का खर्च वहन करना पड़ता है। एक नई बैटरी के लिए लगभग 20 से 30 हजार रुपये खर्च करने होते हैं, जो कि सामान्य बिजली बिल के मुकाबले महंगा पड़ता है।
सब्सिडी के बावजूद सोलर पावर महंगा
स्थानीय निवासी रमेश सूर्यकांत कहते हैं कि सरकार सोलर पैनल पर सब्सिडी प्रदान करती है, लेकिन इसके बावजूद लागत बहुत अधिक है। एक किलोवाट सोलर सिस्टम पर 85 हजार रुपये खर्च होते हैं, जबकि औसत घर का बिजली बिल 500 से 1000 रुपये प्रति माह होती है। इस हिसाब से इस निवेश की भरपाई में लगभग 7 से 8 साल का समय लग जाता है।