कबीरधाम। दिनांक 17 दिसंबर 2024। कबीरधाम जिले के थाना बोड़ला क्षेत्र में *SBI बैंक* के डॉर्मेंट खातों में संगठित ठगी के दो बड़े मामलों का खुलासा किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर मामले में शामिल बैंक कर्मचारियों समेत *4 आरोपियों* को गिरफ्तार किया है।
*प्रकरण 1: FIR क्रमांक 209/24*
धारा: *IPC 420, 409, 467, 468, 471, 34*
प्रार्थी अशोक हटीला की शिकायत पर दर्ज इस मामले में बैंक कर्मचारी *प्रतीक उइके* ने एक *डॉर्मेंट खाते* के *CIF नंबर* में छेड़छाड़ कर मृतक दीपा अहिरवार के नाम से फर्जी आवेदन तैयार किया। RBI से राशि क्लेम कर, *ATM कार्ड* जारी करवाकर ₹1,46,000 की ठगी की गई।
*आरोपीगण:*
1. *प्रतीक उइके*
2. *संजय प्रकाश जरीके* पिता स्व. बीरसिंह जरीके
3. *निशांत कुमार* पिता अखिलेश झा
4. *सूरज शर्मा* पिता जितेंद्र शर्मा
*प्रकरण 2: FIR क्रमांक 240/24*
धारा: *IPC 420, 409*
महिला मंगली बाई के डॉर्मेंट खाते से ₹82,000 की निकासी की गई। इसके लिए मंगली बाई के नाम पर फर्जी ATM कार्ड बनवाया गया और ₹40,000 नगद निकाले गए, जबकि ₹40,000 फूल सिंह नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कर ग्रीन चैनल के माध्यम से निकाला गया। इसके अलावा छितर सिंह के फिक्स्ड डिपॉजिट की *₹2,40,000* की राशि को मंगली बाई के खाते में ट्रांसफर कर निकाला गया।
*आरोपीगण:*
1. *सूरज शर्मा* पिता जितेंद्र शर्मा
2. *निशांत कुमार* पिता अखिलेश झा
*गिरफ्तार आरोपी:*
मुख्य आरोपी *प्रतीक उइके* को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। आज दिनांक 17 दिसंबर 2024 को आरोपी *संजय प्रकाश जरीके, **सूरज शर्मा, **निशांत कुमार* और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।
इस पूरे मामले की सफलता में *पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (IPS)* के निर्देशन और *अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेंद्र बघेल* एवं *श्री पंकज पटेल* के मार्गदर्शन में *SDOP बोड़ला श्री अखिलेश कौशिक* के नेतृत्व में कार्यवाही की गई। *थाना प्रभारी बोड़ला श्री राजेश चण्ड* और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
*पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (IPS)* ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली का दुरुपयोग कर जनता को ठगने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इस संगठित ठगी का पर्दाफाश हुआ है।
पुलिस प्रशासन आम जनता से अपील करता है कि अपने बैंक खातों की नियमित जांच करें और किसी भी अनियमितता या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।