छत्तीसगढ़ / रायपुर

साइबर अपराधियों का नया तरीका: 'जीरो क्लिक हैक' से हो रहा डेटा चोरी, ऐसे बचें!

 

रायपुर। डिजिटल दुनिया में अब कोई भी सुरक्षित नहीं! आजकल साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों का डेटा चुराने का काम कर रहे हैं, और अब एक नया खतरनाक तरीका सामने आया है, जिसे 'जीरो क्लिक हैक' कहा जा रहा है। इस तरीके में यूज़र को किसी भी लिंक पर क्लिक करने की जरूरत नहीं पड़ती, और उनके फोन का डेटा चोरी हो जाता है।

हमारे स्मार्टफोन और लैपटॉप आजकल हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। सोशल मीडिया से लेकर मैसेजिंग ऐप्स तक, हमारी हर गतिविधि डिजिटल होती जा रही है। लेकिन जितना ज्यादा हम इन डिवाइस पर निर्भर होते जा रहे हैं, उतना ही ज्यादा साइबर क्राइम की घटनाएं बढ़ रही हैं। एक ऐसा ही खतरनाक तरीका 'जीरो क्लिक हैक' है, जिसमें साइबर अपराधी बिना किसी लिंक पर क्लिक करवाए ही यूज़र का डेटा चुरा लेते हैं। 

क्या है 'जीरो क्लिक हैक'?

एक प्रमुख अंतराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, साइबर अपराधी इस हैकिंग तकनीक के जरिए इजराइली स्पाइवेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे यूज़र को किसी भी लिंक पर क्लिक करने की जरूरत नहीं पड़ती। यह स्पाइवेयर व्हाट्सऐप, ईमेल और मल्टीमीडिया फाइल्स की कमजोरियों का फायदा उठाता है। जैसे ही यह स्पाइवेयर फोन में इंस्टॉल हो जाता है, हैकर्स यूज़र की निजी जानकारी को चोरी कर लेते हैं।

जीरो क्लिक हैक (Zero-click hack) एक प्रकार का साइबर अटैक है, जिसमें हैकर्स बिना किसी लिंक पर क्लिक कराए आपके डिवाइस (जैसे मोबाइल फोन या कंप्यूटर) में सेंध लगाते हैं और आपका व्यक्तिगत डेटा चुराते हैं। इस प्रकार के अटैक में, यूज़र को किसी लिंक पर क्लिक करने या किसी फाइल को खोलने की ज़रूरत नहीं होती। सिर्फ एक साधारण मैसेज या मल्टीमीडिया फाइल के जरिए आपका डिवाइस हैक हो सकता है।

जीरो क्लिक हैक कैसे काम करता है:

1. स्पाईवेयर का इन्स्टॉल होना : हैकर्स इस तकनीक में स्पाईवेयर या मैलवेयर का इस्तेमाल करते हैं। ये सॉफ़्टवेयर तब आपके डिवाइस में इंस्टॉल हो जाते हैं जब आप एक अनजान संदेश, कॉल, या मल्टीमीडिया फाइल (जैसे इमेज, वीडियो, या ऑडियो) प्राप्त करते हैं। इस प्रक्रिया में यूज़र को किसी लिंक पर क्लिक करने की आवश्यकता नहीं होती। 

2. सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाना : हैकर्स आपके डिवाइस की सॉफ़्टवेयर या ऐप्स की सुरक्षा कमजोरियों का फायदा उठाकर इन स्पाईवेयर को इंस्टॉल कर देते हैं। एक बार स्पाईवेयर इंस्टॉल हो जाने पर, यह आपके डिवाइस की जानकारी चुराता है, जैसे कि संदेश, कॉल लॉग, कैमरा, माइक्रोफोन, गैलरी, इत्यादि।

3. मल्टीमीडिया संदेश : कैसे पहचानें कि आपका फोन हैक हो चुका है? यदि आपका फोन अचानक स्लो हो रहा है, बैटरी जल्दी खत्म हो रही है, या फिर अजनबी नंबरों से लगातार मैसेज आ रहे हैं, तो यह आपके फोन के हैक होने का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, अगर आप अपने फोन पर कोई असामान्य गतिविधि देख रहे हैं जैसे अनचाहे ऐप्स का इंस्टॉल होना या अचानक डेटा उपयोग का बढ़ना, तो आपको तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए।

क्या करें बचने के लिए?

1. फोन और ऐप्स को अपडेट रखें : हमेशा अपने फोन और ऐप्स को अपडेट रखें, ताकि पुराने बग फिक्स हो सकें और नया सिक्योरिटी फीचर जोड़ा जा सके।
   
2. अनवांछित अटैचमेंट्स से दूर रहें : व्हाट्सऐप और ईमेल पर आने वाले अनवांछित अटैचमेंट्स को बिना वेरीफाई किए न खोलें।
   
3. अजनबी नंबरों से सतर्क रहें : अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स और मैसेजेस से बचें। इन्हें अवॉयड करें और इन पर कोई भी कार्रवाई करने से पहले सुनिश्चित करें।

4. अजीब गतिविधि पर ध्यान दें : यदि आपके फोन की बैटरी जल्दी खत्म हो रही हो या डिवाइस में कोई अजीब बदलाव दिखे, तो तुरंत साइबर एक्सपर्ट से सलाह लें।

क्या करें अगर फोन हैक हो जाए?

अगर आपको संदेह हो कि आपका फोन हैक हो गया है, तो सबसे पहले अपने फोन को सिक्योरिटी सॉफ़्टवेयर से स्कैन करें। साथ ही, सभी पासवर्ड्स और सुरक्षा सेटिंग्स को बदलें। अगर समस्या बनी रहती है, तो फोन को फैक्ट्री सेटिंग्स पर रीसेट करने का विचार करें।

आखिरकार ये नया तरीका साइबर अपराधियों को ज्यादा खतरनाक बना रहा है, लेकिन थोड़ी सावधानी और डिजिटल सुरक्षा उपायों के साथ हम इस समस्या से बच सकते हैं। इसलिए, साइबर अपराध से बचाव के लिए डिजिटल सुरक्षा को गंभीरता से लें और इन सावधानियों का पालन करें! जीरो क्लिक हैक एक खतरनाक साइबर अटैक तकनीक है जो यूजर्स के डेटा को बिना उनकी जानकारी के चुरा सकती है। इस प्रकार के हमलों से बचने के लिए सुरक्षा उपायों का पालन करना बेहद जरूरी है। इस प्रकार के खतरों से बचने के लिए हमें लगातार सतर्क रहना चाहिए और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए

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