छत्तीसगढ़ / मुंगेली

राखी के धागे में बंधा विश्वास: छात्राओं ने एसपी को बांधी राखी, ‘पहल अभियान’ से मिली सुरक्षा की सीख

 राखी के धागे में बंधा विश्वास: छात्राओं ने एसपी को बांधी राखी, ‘पहल अभियान’ से मिली सुरक्षा की सीख


मुंगेली। रक्षाबंधन के अवसर पर माइंड्स आई इंटरनेशनल स्कूल की छात्राओं ने पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल को राखी बांधकर उनके प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त किया। इस दौरान स्कूल प्रबंधन ने कोसाबाड़ी की लाली को न्याय दिलाने में उनके संवेदनशील प्रयासों के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और उन्हें संविधान की पुस्तक भेंट की।

राखी बंधवाने के बाद पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने बच्चों को रक्षाबंधन पर्व का महत्व समझाते हुए राजा बलि, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी से जुड़ी कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में पराक्रमी राजा बलि ने अपने तप और दानशीलता से तीनों लोकों पर अधिकार कर लिया था। भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर उनसे तीन पग भूमि दान में मांगी और दो पग में आकाश व धरती नाप ली। तीसरे पग के लिए राजा बलि ने अपना सिर अर्पित कर दिया। उनके समर्पण से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें पाताल लोक का राजा बनाया और उनके साथ रहने का वचन दिया।
भगवान विष्णु के पाताल लोक जाने से देवी लक्ष्मी चिंतित हो गईं। उन्होंने एक साधारण महिला का रूप लेकर राजा बलि के महल में जाकर उन्हें भाई बना लिया और राखी बांधी। भाई बनने के नाते राजा बलि ने उनसे कोई वर मांगने को कहा, तब लक्ष्मी जी ने भगवान विष्णु को वापस वैकुंठ लाने का अनुरोध किया। राजा बलि ने सहर्ष अनुमति दी और तभी से रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, वचन और सुरक्षा का प्रतीक बन गया।

पुलिस अधीक्षक ने बच्चों को समझाया कि जैसे राखी सुरक्षा का वचन है, वैसे ही हर बच्चा अपने परिवार के लिए जिम्मेदारी निभा सकता है। उन्होंने कहा कि स्कूल से घर लौटने के बाद बच्चे दिनभर की सभी बातें अपनी मम्मी को जरूर बताएं, जिससे घर-परिवार में विश्वास और सुरक्षा बनी रहे।

कार्यक्रम में पहल अभियान के अंतर्गत पुलिस बाल मित्र रोशना डेविड ने बच्चों को अपराध संबंधी जानकारी दी और मोबाइल से दूरी बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि अधिकतर अपराध मोबाइल के दुरुपयोग से होते हैं।पहल अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाना है। इस अभियान के तहत बच्चों को मोबाइल से होने वाले अपराधों के बारे में जागरूक किया जाता है, ताकि वे सावधान रहकर सुरक्षित रह सकें।इस अवसर पर महिला आरक्षक बबीता श्रीवास भी उपस्थित रहीं।

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