केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का किया शुभारंभ
विकास से विश्वास तक की यात्रा में अब सहभागी बनेंगे बस्तर और सरगुजा के सुदूर अंचलवासी : केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह
जनसुविधाओं को बढ़ाने तेजी से कार्य कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री श्री साय
प्रथम चरण में बस्तर और सरगुजा अंचल को किया गया शामिल
स्तर और सरगुजा संभाग के 11 जिलों के 250 गांवों तक पहली बार पहुंचेगी यात्री बस सेवा
रायपुर, 04 अक्टूबर 2025

बस्तर से नक्सलवाद जल्द समाप्त होगा और क्षेत्र में शांति स्थापित कर हम विकास के नए आयाम गढ़ेंगे। बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के सुदूर अंचलवासी विकास से विश्वास तक की यात्रा में सहभागी बनकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज बस्तर जिले के जगदलपुर से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ करते हुए यह बातें कहीं। केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने यात्री बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया और क्षेत्रवासियों को इस खास पहल के लिए शुभकामनाएं दी।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए डबल इंजन की सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। लाल आतंक की समाप्ति प्रदेश के सुदूर इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगा। आज प्रारंभ हुई यात्री बस सेवा हमारे नागरिकों के भीतर नई ऊर्जा का संचार करेगी। उन्होंने कहा कि 250 गांव के लोग अब अपने निकटवर्ती शासकीय कार्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों तक आसानी से पहुंच पाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि हमारी सरकार जनसुविधाओं को बढ़ाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का उद्देश्य यात्री बस सुविधा से वंचित गांव में यात्री बस का परिचालन करना है। इससे लोग कम लागत के अपने गंतव्य तक समय पर पहुंच पाएंगे। रोजाना के कामकाज, शासकीय कार्य आदि में भी सहूलियत बढ़ेंगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 की शुरुआत की गई है। यह महत्वाकांक्षी योजना उन गांवों तक बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य रखती है, जहां अब तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इस पहल से ग्रामीणों को सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा का अवसर मिलेगा, जो उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पहले चरण में बस्तर और सरगुजा पर फोकस
योजना के पहले चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग को प्राथमिकता दी गई है। इन क्षेत्रों में कुल 34 मार्गों पर 34 बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इस कदम से 11 जिलों के 250 नए गांव बस सेवा से जुड़ेंगे। यह पहल विशेष रूप से उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी, जहां सड़क संपर्क सीमित है और लोग जिला मुख्यालय या अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करते हैं।
ग्राम पंचायत से जिला मुख्यालय तक कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तक निर्बाध बस कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है। इससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और बाजार जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। योजना के तहत संचालित बसें समय पर और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेंगी, जिससे ग्रामीणों का समय और संसाधन दोनों बचेंगे।
व्याबलिटी गैप फंडिंग से बस संचालकों को सहायता
योजना की दीर्घकालिक सफलता को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने संचालकों को व्याबलिटी गैप फंडिंग प्रदान करने का प्रावधान किया है। यह वित्तीय सहायता बस संचालकों को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाएगी, ताकि वे इन दूरस्थ क्षेत्रों में निरंतर सेवा प्रदान कर सकें। यह कदम न केवल परिवहन सुविधाओं को बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी योगदान देगा।
250 गांवों को पहली बार बस सेवा से जोड़ने की उपलब्धि
इस योजना के तहत लगभग 250 गांव पहली बार बस सेवा से जुड़ रहे हैं। यह ग्रामीण छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, जो सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देगा। ग्रामीणों को अब अपनी जरूरतों के लिए लंबी दूरी तय करने या निजी वाहनों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी।
मुख्यमंत्री का संदेश: समावेशी विकास की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने इस योजना की शुरुआत पर कहा, “हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से न छूटे। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ग्रामीणों के जीवन को आसान बनाने और उन्हें शहरों से जोड़ने का एक प्रयास है। यह योजना न केवल परिवहन की सुविधा देगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी।”
आगे की राह
सरकार ने संकेत दिया है कि योजना के पहले चरण की सफलता के आधार पर इसे अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार दिया जाएगा। यह पहल ग्रामीण छत्तीसगढ़ को सशक्त बनाने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना न केवल परिवहन की दृष्टि से, बल्कि सामाजिक और आर्थिक समानता की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगी।