छत्तीसगढ़ / मुंगेली

पौधों के संरक्षण का संदेश देता आंवला नवमी पर्व सेमरसल में बड़े उमंग से मनाया गया

 
लोरमी - पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आंवला नवमी के दिन आंवला पेड़ की परिक्रमा, पूजन, दीप प्रज्वलन और भोजन प्रसाद ग्रहण करने का विशेष महत्व है। जिसे शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सेमरसल में बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार शाला के प्रधानपाठक आत्माराम कश्यप व शिक्षक राकेश पाण्डेय, राजकुमार कश्यप, उमाशंकर सिंह, पुष्पा चतुर्वेदी तथा प्राथमिक शाला से आरती गुप्ता, ललिता शर्मा, स्वतंत्र ध्रुव ने सर्वप्रथम पूर्व से रोपित पौधों के आसपास की सेवा सुश्रुषा की फिर भोज्य सामग्री तैयार कर पूजन परिक्रमा करके बच्चों के साथ आनंद पूर्वक आंवला नवमी का त्यौहार मनाया। कहते हैं कि सतयुग के आरम्भ दिवस इसी दिन को माना जाता है। यह पर्व पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है। प्रधानमंत्री परमेश्वरी साहू, नन्दनी निषाद, नेहा, राजनंदनी, कोमल, लकेश्वरी, दामिनी, आरती, सोनिया, प्राची, शिवानी, ममता, माही, मुस्कान, किरण, शैलेन्द्र, देवेंद्र, भीगुराज सहित सभी बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिए।

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