छत्तीसगढ़ / गरियाबंद

ग्रामीण डाक सेवक अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

डाकघरों में कामकाज हो रही प्रभावित 

 - राधेश्याम सोनवानी
- रितेश यादव
 
गरियाबंद। गरियाबंद के ग्रामीण डाक सेवक अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं हैं। इनके हड़ताल पर चले जाने से ग्रामीण डाकघरों का कामकाज प्रभावित हो रही है। 
 
संघ के सदस्यों ने बताया कि अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ, संभागीय शाखा रायपुर के बैनरतले हड़ताल की जा रही है। जिसमें संघ की प्रमुख रूप से सात मांगे हैं, जिनमे 8 घंटे का काम पेंशन सहित सभी सरकारी लाभ जोडक़र, दूसरा कमलेश चंद्र कमेटी की सभी सिफारिश को लागू करना, जैसे 12,14, 36, 5 लाख ग्रेच्युटी, 180 दिनों की छुट्टी को आगे बढ़ाना और नगदी भुगतान करना।
 
तीसरी मांग, ग्रामीण डाक सेवक की एसडीबीएस में सेवा निर्वहन लाभ तीन फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी करने और ग्रामीण डाक सेवक को पेंशन प्रदान करने, चौथा- ग्रामीण डाक सेवक के सभी प्रकार की प्रोत्साहन योजना को समाप्त कर जैसे आईपीपीबी,आरपीएलआई, बचत योजना, मनरेगा भुगतान को बंद कर कार्यभार की गणना की जाए।
 
पांचवा- व्यावसायिक लक्ष्यों को पूर्ण करने के लिए ग्रामीण डाक सेवक कर्मचारियों को उनके स्वयं के मोबाइल, फेसबुक, इंस्टाग्राम, सोशल मीडिया का पालन करने के लिए बिना उनकी इच्छा एवं जानकारी के विरुद्ध स्वयं के मोबाइल उपकरणों का उत्पीड़न रोका जाए।
 
छठवा- समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को लागू कर 5 घंटे का टीआरसीए सभी भेदभाव को समाप्त कर नियमित कर्मचारियों के समान वार्षिक वेतन वृद्धि सुनिश्चित की जाए और सातवां- शाखा डाकघरों का कार्य बढ़ाने के लिए सभी शाखा डाकघर को लैपटॉप प्रिंटर और ब्रॉडबैंड नेटवर्क प्रदान किया जाए।

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